मैं हूँ बसवा। मैं कनार्टक के बेलवनिका गाँव में रहता हूँ। मेरे अप्पा किसान हैं। जुलाइर् का महीना है। हर बार की तरह इस बार भी, अप्पा प्याश की प़फसल उगाने की तैयारी में हैं। खेती करने के लिए अप्पा को कितने सारे काम करने पड़ते हैं। जब शरूरत पड़ती है, तो अप्पा मुझे अपने साथ खेत में ले जाते हैं। पिछले वुफछ दिनों में अप्पा ने ‘खुँटी’ की मदद से खेत की मि‘ी को नरम किया है। पता करो झ् बसवा के इलाके में तो ‘खुँटी’ से खेत की मि‘ी को नरम करते हैं। तुम्हारे इलाके में इसे क्या कहते हैं? अध्यापक के लिएμइस पाठ में प्याश की प़फसल का एक उदाहरण मात्रा लिया है। अपने इलाके की या आस - पास की किसी एक प़फसल को उगाने में किए गए कायो± पर भी चचार् करवाइर् जा सकती है। बच्चों से नक्शे में कनार्टक देखने को कहें। आस - पास झ् किसी किसान या अपने बड़ों से पूछो कि उनके इलाके में खेतों में क्या - क्या उगाया जाता है? खेती का हुनर अप्पा इस बार भी खेत में प्याश के बीज बोएँगे। बैल ‘वूफरिगे’ को खींचते जाएँगे और अप्पा पीछे - पीछे बीज डालते जाएँगे। अप्पा को इस तरह वूफरिगे में बीज डालते देख मेरा भी ऐसा करने को मन करता है, पर शायद मैं इसके लिए अभी छोटा हूँ। अप्पा मुझे बीज नहीं डालने देते, कहीं मेरे हाथों से श्यादा बीज न गिर जाएँ। थोड़े - थोड़े बीज गिराना बहुत मुश्िकल है। पता नहीं मैं कब कर पाउफँगा। प्याज़ की फ़सल बीज बोए लगभग बीस दिन हो गए हैं। प्याश के छोटे - छोटे पौध्े निकल आए हैं। साथ ही निकल आइर् हैंμखरपतवार। तुम जानते हो न खरपतवार? तुमने किसी खेत या बगीचे में देखा ही होगा कि बसवा का खेत वुफछ पौध्े बिना बोए अपने आप ही उग आते हैं। वह ही होती हैμखरपतवार! अप्पा कहते हैं कि इसे निकालना बहुत शरूरी है। नहीं तो सारा खाद - पानी खरपतवार ही ले लेगी और प्याश की प़फसल कम हो जाएगी। मैं भी खरपतवार निकालने में अप्पा, अम्मा और काका की मदद करूँगा। प्याज़ के खेत में हर रोश पौधें को बढ़ता देख मुझे बहुत खुशी होती है। अब तो ये पौध्े खूब बड़े हो गए हैं। मेरे घुटनों तक उफँचे - उफँचे! पत्ते भी पीले होकर सूख गए हैं। अब प्याश निकालने के लिए बिलवुफल तैयार हैं। अब शायद मैं वुफछ दिन स्वूफल नहीं जा सवूफँगा। जानते हो क्यों? अब प्याश के तैयार पौधें को निकालना है। प्याश की प़फसल में यह काम सबसे अिाक शरूरी है। अप्पा, अम्मा, काका, छोटी माँ और मैंμसभी जुटकर यह काम करेंगे। समय से प्याश नहीं निकाले, तो सारे प्याश शमीन के नीचे ही सड़ जाएँगे। पिफर तो सारी मेहनत बेकार हो जाएगी। झ् क्या तुम भी बसवा की तरह किसी काम में अपने घर के बड़ों की मदद करते हो? किस काम में? आस - पास झ् वह काम करना तुम्हें वैफसा लगता है? प्याज़ की फ़सल अरे वाह! इस बार तो बहुत मोटे - मोटे प्याश निकले हैं। घर में सभी बहुत खुश हैं। अम्मा और छोटी माँ ने ‘इलिगे’ की मदद से प्याश को पौध्े से अलग कर लिया है। हाथों को इलिगे पर ध्यान से चलाना होता है, नहीं तो हाथ कटने का डर रहता है। अप्पा और काका ने मिलकर प्याश को बड़ी - बड़ी बोरियों में भर कर बाँध् दिया है। अब अप्पा इन्हें मंडी में बेचने के लिए ट्रक में लेकर जाएँगे। प्रश्नों के उत्तर काॅपी में लिखो झ् बसवा वुफछ दिन तक स्वूफल क्यों नहीं जा सका? झ् क्या तुम्हारे घर के आस - पास कोइर् खेत है? वहाँ क्या - क्या उगाया जाता है? बसवा का खेत झ् बसवा के अप्पा, मंडी में प्याश बेचने के लिए ट्रक में जाते हैं। सोचो, जिन जगहों पर पक्की सड़क नहीं होती, वहाँ पफल - सब्िशयों को वैफसे ले जाया जाता होगा? झ् कौन - कौन सी गाडि़यों में पफल और सब्िशयाँ ले जाइर् जाती हैं? किसी एक गाड़ी का चित्रा काॅपी में बनाओ। पता करो और लिखो झ् यहाँ वुफछ ऐसे औशारों के चित्रा बने हैं, जिनके नाम इस पाठ में आए हैं। इनके नाम लिखो। यह भी लिखो कि तुम्हारे इलाके में इन्हें क्या कहते हैं? ये किस काम आते हैं? नाम ;पाठ मेंद्ध तुम्हारे इलाके में नाम काम नाम ;पाठ मेंद्ध तुम्हारे इलाके में नाम काम आस - पास झ् प़फसल उगाने के लिए कइर् तरह के काम करने होते हैं। इन चित्रों को देखो और उन पर सही व्रफम लिखो। झ् अपने इलाके में उगाइर् जाने वाली किसी प़फसल के बारे में पता करो। वह वैफसे उगाइर् जाती है? व्रफम से काॅपी में चित्रा बनाओ।

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