हु - तू - तू, हु - तू - तू, हु - तू - तू, हु - तू - तू ...! आउट, आउट, ;पाले के एक तरपफ खड़ी सभी लड़कियाँ जोर से चिल्लाईंद्ध। हु - तू - तू, हु - तू - तू, हु - तू - तू ... ;इध्र से पकड़ोद्ध। हु - तू - तू, हु - तू - तू ... ;पैर से पकड़ो, पैर से, पैर से, इसका पैर पकड़ लोद्ध। हु - तू - तू, हु - तू - तू ... ;वसुध! इध्र आ जा, इध्र से पकड़ नद्ध। अरे, श्यामला का हाथ लाइन को न छुए। हाथ पकड़ लो उसका। हु - तू - तू, हु - तू - तू। छू ली, छू ली। ओह! आउट, आ{{{{, उउउउउउ टटटटट। सब आउट। हो हो हो तुम्हारी तो पूरी टीम आउट हो गइर् है। आस - पास क्या कर रही हैं ये लड़कियाँ? ‘आउट - आउट’ की आवाशें आ रही हैं, तो मतलब साप़फ है, कि कोइर् खेल खेला जा रहा है। तुम इस खेल को किस नाम से जानती हो? चेडुगुडु, हु - तू - तू, हा - डू - डू, छू किट - किट, कबंी या वुफछ और? श्यामला को जब छह लड़कियों ने घेर कर पकड़ लिया, तो सबको लगा, वह तो आउट हो गइर्। किसी ने उसके पैर दबोचे, किसी ने हाथ, तो किसी ने कमर। पर श्यामला कहाँ छोड़ने वाली थी? घ्िासट - घ्िासट कर उसने बीच की लाइन छू ही ली। श्यामला ने जब बीच की लाइन छुइर्, तो दूसरे पाले की सारी लड़कियों ने उसको पकड़ा हुआ था। इसलिए वे सारी आउट हो गईं, परंतु रोशी बहस करने लगी। उसका कहना था कि श्यामला की तो साँस टूट गइर् थी, इसलिए उनकी टीम आउट नहीं थी। श्यामला तो अड़ गइर् कि उसकी साँस नहीं टूटी थी। उसने यह भी पूछा कि अगर अध्यापक के लिएμइस खेल से बच्चों का ध्यान इस ओर खींचें कि खेल की तरह ही जीवन में भी हम नियम बनाते हैं, ताकि सभी काम सही ढंग से हों। हमारे आपस में मतभेद और झगड़े भी होते हैं और हम इन्हें सुलझाते भी हैं। हु तू तू, हु तू तू साँस टूट ही गइर् थी, तो सब उसको इतनी देर तक दबोचे क्यों रहीं। काप़फी बहस हुइर्, पर अंत में श्यामला की ही जीत हुइर्। झ् तुम्हारे यहाँ कबंी की एक टीम में कितने ख्िालाड़ी होते हैं? झ् श्यामला ने जब बीच की लाइन छुइर्, तो कितनी लड़कियाँ आउट हुइर् थीं? झ् क्या तुम्हारे पास खेलों के झगड़े निपटाने के तरीके हैं? कबड्डी का खेल तो ऐसा ही है, कबंी का खेल! है न? खींचा - तानी, शोर - झप‘ा, दम लगाना, चीखना - चिल्लाना, मि‘ी में घ्िासट जाना। है तो, हो - हल्ले वाला खेल, पर इसमें बहुत सारे नियम भी हैं। मशा भी खूब आता है। कसरत भी पूरी हो जाती है। साँस रोक कर कबंी - कबंी बोलो और भागो - दौड़ो। साथ में दूसरे पाले के लोगों को छूने की कोश्िाश भी करो। जितनी देर साँस रोक लोगे, उतनी देर दूसरे पाले में अपना कमाल दिखा पाओगे। कबंी के खेल में शरीर और दिमाग दोनों को ही चलाना पड़ता है। खींचने या रोकने में ताकत लगाओ और साथ ही सोचो कि दूसरी टीम के पाले में किधर से घुसें। कौन है, जिसको जल्दी से छूकर अपने पाले में लौट आएँ। अगर पकड़े गए, तो बीच की लाइन तक वैफसे पहुँचें? अध्यापक के लिएμकइर् बार बच्चों को खेलों में लिंग, जाति और वगर् के आधर पर भेदभाव दिखाइर् देते 79 हैं। इस पर चचार् करवा सकते हैं। आस - पास अगली बार जब भी कबंी खेलो, तब ध्यान देना कि आँख, हाथ और पैर का कितना शबरदस्त तालमेल रखना होता है। झ् श्यामला ने पूरी टीम को एक बार में ही आउट कर दिया। इसका चित्रा काॅपी में बनाकर दिखाओ। झ् ‘आउट’ होना क्या होता है? कबंी में कब - कब ‘आउट’ होते हैं? झ् कइर् खेलों में ख्िालाड़ी को छूना बहुत शरूरी होता है, जैसेμखो - खो के खेल में। छूने से आउट होते हैं, और छूने से ही बारी भी आती है। ऐसे और खेलों के नाम बताओ, जिनमें ख्िालाड़ी को छूना बहुत शरूरी होता है। झ् कबंी में श्यामला के बीच की लाइन छूने से सब आउट हो गए थे। ऐसे कौन - कौन से खेल हैं, जिनमें बीच की लाइन का महत्त्व होता है? झ् ऐसे कौन - से खेल हैं, जिनमें ख्िालाड़ी के अलावा रंगों या चीशों को छूते हैं? अध्यापक के लिएμबाॅक्स में दिया गया यह वि्रफयाकलाप किसी बड़े या श्िाक्षक की निगरानी में ही करें। हु तू तू, हु तू तू क्या तुम कबंी खेलते हो? क्या तुम्हारे स्वूफल में क्या तुम्हारे यहाँ लड़कियाँ कबîीóलड़कियों की कबंी की टीम है? या कोइर् और बाहर खेले जाने वाले अच्छा, एक बात बताओ। क्या तुम्हारी दादी और खेल खेलती हैं? क्या वुफछ लड़कियाँ नानी कबंी खेलतीं थीं? आज घर जाकर पता करना। नहीं खेलती? वे क्यों नहीं खेलतीं μ चचार् करो। आस - पास तीनों ही बहनें कापफी छोटी थीं, जब उनके पिता की मृत्यु हो गइर्। उनकी माँ औऱमामाओं ने तीनों को पाला। दोनों मामा खो - खो और कबंी खेला करते थे। उन्हीं से ही यह शौक इन बहनों में भी आया। ज्वाला और लीला बताती हैं, फ्आज से करीब पचास साल पहले, जब हमने कबंी खेलना शुरू किया था, तो लड़कियों के पास कबंी खेलने के मौके नहीं थे। माता - पिता भी मदद नहीं करते थे, लेकिन हम सोचते थे कि लड़कियों को कबंी शरूर खेलना चाहिए। माँ और मामाओं ने हमें कभी नहीं रोका। हम तीनों ने कबंी खेलना सीखा और अपने मोहल्ले की वुफछ लड़कियों को भी खेल में शामिल किया। हमने कबंी का एक क्लब बनाया, जो आज, इतने सालों बाद भी चल रहा है।य् याद आए वे दिन ! लीला और हीरा अपने मैचों के बारे में बड़े जोश से बताती हैं। कइर् मैच तो वे बिलवुफल हारते - हारते जीतीं, क्योंकि उन्होंने तो मन में ठान ही लिया था कि कभी हार नहीं माननी है। उन मैचों के दौरान कइर् बड़ी मशेदार घटनाएँ भी हुईं। एक बार वे दूसरे शहर में एक बड़ा मैच खेलने गईं थीं। फ्मैच शाम को 6.30 बजे शुरू होना था। हम 3 से 6 की पिक्चर देखने चले गए। हमने सोचा कि मैच के समय तक तो वापिस पहुँच ही जाएँगे। पिक्चर शुरू हुइर् ही थी कि हाॅल में हल्ला मचने लगा। पता चला कि हमारे मामा हमें ढूँढ़ रहे थे। उनके हाथ में एक टाॅचर् थी। वे एक - एक करके सब के चेहरों पर रोशनी डालकर पहचानने की कोश्िाश कर रहे थे। मामा ने वहीं हाॅल में ही हमें खूब शोर से डाँट लगाइर्।य् उनके जीवन में कबंी को लेकर कइर् कठिनाइयाँ आईं, परंतु कबंी का मशा कभी कम नहीं हुआ। सबसे छोटी बहन हीरा तो कबंी की कोच भी बनी। ये बहनें अध्यापक के लिएμइन उदाहरणों के द्वारा कक्षा में बच्चों का ध्यान इस ओर दिलाएँ कि कइर् बार लड़कियों को खेलने के मौके लड़कों के बराबर नहीं मिलते। इस पर चचार् करवाइर् जा सकती है। माँ के भाइर् को मामा कहते हैं। बच्चों से पता करें कि वे अपनी माँ के भाइर् को क्या कहते हैं। हु तू तू, हु तू तू चाहती हैं कि तुम जैसे स्वूफल के बच्चे अपनी पसंद के खेल खेलें, और कबंी तो खेलें ही। झ् क्या तुमने किसी कोच से कोइर् खेल सीखा है? कौन - सा? झ् क्या तुम किसी को जानते हो, जिसने किसी कोच से कोइर् खेल सीखा हो? चचार् करो झ् कोच वैफसे सिखाते हैं? कोच किस प्रकार अभ्यास करवाते हैं? ख्िालाडि़यों को कितनी मेहनत करनी पड़ती है? झ् क्या तुमने कभी अपनी पसंद के खेल के लिए क्लब बनाने के बारे में सोचा है? झ् मान लो, 15 बच्चों को दो टीमों में बँट कर खो - खो खेलना है। दोनों टीमों में सात - सात ख्िालाड़ी होंगे। एक ख्िालाड़ी बच जाएगा, नहीं तो टीमें बराबर नहीं हो पाएँगी। ऐसा होने पर तुम क्या करते हो? क्या तुम कभी बीच का बिच्छू बने हो? उसके बारे में बताओ। झ् हर खेल में वुफछ नियम होते हैं। वह खेल उन नियमों के अनुसार ही खेला जाता है। अगर उन नियमों में वुफछ बदलाव कर दिया जाए, तो देखें खेल में क्या बदलाव आता है। जैसेμवि्रफकेट में विकेट पर से गुल्िलयों के गिरने पर बल्लेबाश आउट हो जाता है। सोचो, अगर नियम हो कि एक ही बार में तीनों विकेटें गिर जाएँ, तो पूरी टीम ही आउट हो जाएगी। क्या खेल में मशा आएगा? झ् इस नियम के अनुसार खेलकर देखो। वुफछ अलग - अलग खेलों के नियम तुम भी बनाओ और खेल कर देखो।

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