यह बात बहुत पुरानी है, करीब तीन सौ साल पुरानी! और हाँ, यह किस्सा सच्चा है! अमृता राजस्थान में जोधपुर के पास खेजड़ली गाँव की रहने वाली थी। जानते हो μ उस गाँव का नाम खेजड़ली क्यों था? उसके गाँव में खेजड़ी के बहुत से पेड़ थे। गाँव के सभी लोग पेड़ - पौधों और जानवरों का बहुत ध्यान रखते थे। गाँव में बकरियाँ, हिरन, खरगोश, मोर और न जाने कितने जानवर बिना किसी डर के घूमते थे। गाँव वालों को बुशुगो± की कही बातें आज भी याद थीं। उन का कहना था कि फ्अगर पेड़ हैं, तो हम हैं। पेड़ और जानवर हमारे बिना रह सकते हैं, पर हम उनके बिना नहीं।य् अध्यापक के लिएμबच्चों को भारत के नक्शे में राजस्थान ढूँढ़ने के लिए प्रेरित करें। आस - पास अमृता के दोस्त अमृता सुबह - सुबह उठकर अपने सारे दोस्त - पेड़ों से खुशी से मिलती थी। अमृता के लिए रोश उनमें से एक पेड़ उस दिन के लिए खास होता था। वह उस पेड़ से लिपटकर उसके कान में ध्ीरे - से कहती, फ्दोस्त! तुम सुंदर और ताकतवर हो। तुम ही हो, जो हम सब का ध्यान रखते हो। इसके लिए ध्न्यवाद। मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूँ। तुम अपनी शक्ित मुझे भी दो।य् अमृता की तरह गाँव के दूसरे बच्चों की भी पेड़ों से दोस्ती थी। वे घंटों पेड़ों की छाया में खेलते थे। झ् क्या तुम्हारे घर के आस - पास किसी मैदान या स्वूफल के रास्ते में, कोइर् ऐसी जगह है जहाँ पेड़ लगाए गए हैं? झ्उन्हें वहाँ क्यों लगाया गया है? अमृता की कहानी झ्क्या तुमने किसी को उनकी देखभाल करते देखा है? किसको? झ्क्या उनमें से किसी पेड़ पर पफल लगते हैं? उन्हें कौन खाता है? झ् ललिता को लगता है कि उसके स्वूफल की दीवार के साथ उगे हुए छोटे - छोटे पौध्े और घास किसी ने लगाए नहीं हैं। क्या तुम भी किसी ऐसी जगह के बारे में जानते हो जहाँ घास, छोटे - छोटे पौध्े और पेड़ अपने - आप ही उग गए हों? झ् तुम्हें यह क्यों लगता है कि ये पौध्े अपने - आप उग रहे हैं? पेड़ खतरे में समय बीतता गया। अमृता बड़ी हो गइर्। एक दिन वह अपने पेड़ों से मिल रही थी। तभी उसने देखा कि गाँव में वुफछ अनजान लोग वुफल्हाड़ी लेकर खड़े हैं। पूछने पर पता चला कि वे राजा के आदमी थे। राजा के कहने पर वे लकड़ी के लिए पेड़ काटने आए थे। लकड़ी राजा के महल के लिए चाहिए थी। आस - पास यह सुनते ही अमृता के होश उड़ गए। उन आदमियों ने जिस पेड़ को काटने के लिए चुना, अमृता उस पेड़ से लिपट गइर्। उन लोगों के डराने - धमकाने पर भी वह नहीं हटी। राजा के आदमियों को राजा की बात तो माननी थी, वरना उनकी अपनी जान चली जाती। उनकी वुफल्हाड़ी के एक ही वार से अमृता के पैरों से खून बहने लगा और वह गिर गइर्, लेकिन उसने पेड़ को नहीं छोड़ा। अमृता को देखकर उसकी बेटियों और गाँव के तीन सौ से भी श्यादा लोगों ने पेड़ों से लिपटकर अपनी जान दे दी। जब राजा को इस बात का पता चला, तो उन्हें यह बात समझ नहीं आइर् कि लोग पेड़ों के लिए अपनी जान भी दे सकते हैं। वे खुद वहाँ आए और स्वयं लोगों का पेड़ों के प्रति प्यार देखा। झ् तुम्हें याद है न, उस गाँव के बुशुगो± की बातें? झ् अगर पेड़ और जानवर नहीं होंगे, तो क्या हम रहेंगे? इस बारे में कक्षा में चचार् करो। सुरक्ष्िात गाँव राजा पर गाँव वालों की बातों का बहुत गहरा असर पड़ा। उसने आदेश दिया कि इस इलाके में कभी कोइर् पेड़ नहीं काटेगा और न ही कोइर् श्िाकार करेगा। आज, तीन सौ साल बाद भी, यहाँ के लोग जो ‘बिश्नोइर्’ कहलाते हैं, पेड़ों और जानवरों की रक्षा करते हैं। रेगिस्तानअमृता की कहानी में होते हुए भी यह इलाका आज भी हरा - भरा है। जानवर बिना किसी डर के इधर - उधर घूमते हैं। झ्तुमने तीसरी कक्षा में जिस पेड़ से दोस्ती की थी, वह अब वैफसा है? झ्इस साल एक और नए पेड़ से दोस्ती करो। अपने दोस्त पेड़ों को क्या तुमने साल भर में मौसम के साथ, बदलते देखा है? किसी एक पेड़ के बारे में लिखोμ झ्क्या उस पर पूफल आते हैं? झ् पूफल क्या साल भर रहते हैं? झ् पिायाँ किस महीने में झड़ती हैं? आस - पास झ्क्या उस पर पफल लगते हैं? झ्पफल किन - किन महीनों में लगते हैं? झ्क्या तुमने कभी ये पफल खाए हैं? वुफछ दिनों पहले तुमने टी.वी. या अखबार में देखा या पढ़ा होगा कि पि़फल्म एक्टरों के ख्िालाप़फ कानूनी कायर्वाही हुइर् थी। चचार् करो झ् लोग श्िाकार क्यों करते हैं? झ् क्या तुम्हें पता है कि श्िाकार करने पर सशा होती है? श्िाकार करने पर सशा क्यों रखी गइर् है? अपने दादी - दादा से पता करके लिखो किμ झ् उनके बचपन में जितनी तरह के पक्षी दिखाइर् देते थे, क्या उतनी ही तरह के आज भी दिखाइर् देते हैं? झ् कौन - से पक्षी कम हुए हैं? झ् ऐसे कौन - से जंतु एवं पक्षी हैं जो अब उनके आस - पास दिखाइर् नहीं देते? अमृता की कहानी झ् शांति के दादा जी ने बताया कि जब वे छोटे थे तब बहुत - सी चिडि़या, मैना आदि दिखाइर् देती थीं। क्या तुम अंदाशा लगा सकते हो कि इन पक्ष्िायों की संख्या कम क्यों हो गइर् है? कोइर् दो कारण लिखो। अमृता के गाँव में बहुत सारे खेजड़ी के पेड़ थे। तुम्हारे इलाके में कौन - से पेड़ श्यादा पाए जाते हैं? दो के नाम बताओ। झ्अपने बड़ों से पता करो कि क्या इन पेड़ों की कोइर् खास बात है? खेजड़ीμयह पेड़ रेगिस्तानी इलाके में खूब पाया जाता है। इसे श्यादा पानी की शरूरत नहीं होती। इसकी छाल दवा के काम आती है और इसकी लकड़ी को कीड़ा भी नहीं लगता। इस पेड़ की पफलियों की सब्शी बनाइर् जाती है। इसकी पिायाँ वहाँ पर रहने वाले जानवर खाते हैं। और इसकी छाया में तुम जैसे बहुत से बच्चे खेलते भी हैं। अध्यापक के लिएμबच्चों को बड़ों से जानवरों और कीड़े - मकौड़ों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित करें। पयार्वरण में वुफछ बदलावों के कारण पक्ष्िायों की संख्या कम हो रही है। इस पर चचार् करवाएँ।

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