आओ, वुफछ बच्चों से मिलें और देखें, वैफसे - वैफसे ये बच्चे स्वूफल पहुँचते हैं। करके देखो चित्रा 1 और 2 को देखो। बच्चे वुफँए से बाल्टी खींच रहे हैं। क्या दोनों चित्रों में अंतर बता सकते हो? इन दोनों में से किस तरह से खींचना आसान होगाμपुली ;घ्िारनीद्ध के साथ या बिना पुली के? सीमेंट का पुल हमें भी कइर् बार कइर् जगह पानी पार करना पड़ता है। तब हम भी पुल से जाते हैं। ये सीमेंट, ईंटों और लोहे के सरियों से बने होते हैं। देखो, पुल पर चढ़ने - उतरने के लिए सीढि़याँ भी हैं। झ् यह पुल बाँस के बने पुल से किस तरह अलग है? झ् अंदाशा लगाओ, इस पुल को एक समय पर कितने लोग पार कर सकते हैं? तुमने देखा वैफसे बच्चे अलग - अलग पुलों की मदद से ऊबड़ - खाबड़ रास्ते और नदियों को पार करके स्वूफल पहुँचते हैं। झ् अगर तुम्हें मौका मिले, तो तुम कौन - से पुल से जाना चाहोगे? क्यों? झ् स्वूफल जाने के लिए क्या तुम भी कोइर् पुल पार करते हो? वह पुल वैफसा दिखाइर् देता है? झ् अपने दादा - दादी से पता करो कि उनके बचपन के समय में पुल वैफसे होते थे? अपने आस - पास किसी पुल या पुलिया को देखो और उसके बारे में वुफछ बातें पता करोμ झ् वह कहाँ बना हैμपानी पर, सड़क पर, पहाड़ों के बीच या कहीं और? झ् पुल को कौन - कौन पार करता है? लोग ही जाते हैं या जानवर और गाडि़याँ भी? झ् क्या वह पुल पुराना - सा लगता है या नया? झ् पता करो कि वह पुल किन - किन चीशों से बना है? उन चीशों की सूची बनाओ। झ् उस पुल का चित्रा काॅपी में बनाओ। पुल पर चलती ट्रेन, गाडि़याँ, जानवर और लोग दिखाना मत भूलना। झ् सोचो, अगर वह पुल नहीं होता, तो क्या - क्या परेशानियाँ होतीं? वुफछ अन्य तरीके देखें, जिनसे बच्चे स्वूफल पहुँचते हैं। झ् क्या तुमने किसी और तरह की नाव देखी है? झ् पानी पार करने के और क्या तरीके हो सकते हैं? झ् क्या तुम भी कभी उफँट - गाड़ी या ताँगे पर बैठे हो? कहाँ? खुद चढ़े थे या किसी ने बिठाया था? झ् तुम्हें उस गाड़ी पर बैठकर वैफसा लगा? अपना अनुभव कक्षा में बताओ। झ् क्या तुम्हारे यहाँ भी बैलगाडि़याँ होती हैं? झ् क्या उसमें छत होती है? झ् उसके पहिये वैफसे होते हैं? झ् बैलगाड़ी का चित्रा काॅपी में बनाओ। साइकिल की सवारी हम लंबे रास्तों पर साइकिल चलाकर स्वूफल जाते हैं। पहले तो, स्वूफल दूर होने के कारण कइर् लड़कियाँ स्वूफल जा ही नहीं पाती थीं, पर अब सात - आठ लड़कियों की टोली मुश्िकल रास्तों को भी पार कर जाती है। झ् तुम्हारे स्वूफल में कितने बच्चे साइकिल से आते हैं? झ् क्या तुम्हें साइकिल चलानी आती है? यदि हाँ, तो किससे सीखी? झ् क्या तुम्हारे इलाके में भी इस तरह की गाड़ी होती है? झ् तुम्हारे यहाँ इसे क्या कहते हैं? झ् तुम ऐसी गाड़ी में बैठना पसंद करोगे? क्यों? झ् क्या तुम बता सकते हो, इसे ‘जुगाड़’ क्यों कहते हैं? झ् जुगाड़ पुराने बचे सामान के इस्तेमाल से बनता है। तुम भी वुफछ चीशों के जुगाड़ से कोइर् नइर् चीश बनाओ। सोचो क्या ऐसी कोइर् जगह है, जहाँ इनमें से कोइर् भी गाड़ी नहीं पहुँच सकती? हाँ, ऐसी जगहें भी हैं! झ् क्या तुम कभी घने जंगल या ऐसी किसी जगह से गुशरे हो? कहाँ? झ् अपने अनुभवांे के बारे में काॅपी में लिखो। झ् क्या तुम वुफछ पक्ष्िायों को उनकी आवाशों से पहचान सकते हो? कितनों की आवाश खुद निकाल सकते हो? आवाश निकालो। उत्तर की पहाडि़याँ झ् क्या ऐसी जगहों पर हमेशा ही बप़्ार्फ रहती है? क्यों? चाहे घने जंगल हों, खेत हों, पहाड़ हों या पिफर दूर - दूर तक पैफली बपर्फ। हम बच्चे़स्वूफल पहुँच ही जाते हैं। झ् क्या स्वूफल पहुँचने में तुम्हें भी कोइर् परेशानी होती है? झ्तुम्हें किस महीने में स्वूफल जाना सबसे अच्छा लगता है? क्यों? तो फिर मेरी चाल देखना ! झ्मैदान में या स्वूफल में किसी खुली जगह पर सब बच्चे इकऋे हो जाओ। अब नीचे दी गइर् स्िथतियों में तुम वैफसे चलोगे, करके दिखाओ। झ् अगर शमीन एकदम गुलाब की पंखुडि़यों जैसी हो। झ् अगर शमीन काँटों - भरे मैदान में बदल गइर् हो और आस - पास उफँची - उफँची घास हो। झ् अगर शमीन ठंडी - ठंडी बप़्ार्फ से ढँक गइर् हो। क्या हर बार तुम्हारी चाल बदली? बच्चे की कलम से सशा! नहींटेस्ट में प़ेफल हो गए, तो तीस डंडे। टेस्ट में मस्ती की, तो 15 डंडे। अगर होमववर्फ नहीं किया, तो 8 डंडे। नाखून, दाँत, ड्रेस साप़फ - सुथरे न हों, तो 30 दंड - बैठक। अगर टीचर क्लास में न होने पर मस्ती करोगे, तो 2 घंटे एक पैर के बल पर खड़े रहना। अगर आधी छु‘ी के बाद समय पर क्लास में नहीं पहुँचे, तो 1 घंटे तक दोनों हाथों को उफपर करके बैंच पर खड़ा होना पड़ेगा। μसागर मिश्रा, कक्षा 5 चकमक, अगस्त 2006 देवास, मध्य प्रदेश बताओ झ् क्या तुम्हारे स्कूल में भी सशा मिलती हैं? किस तरह की सशा मिलती है? झ् तुम क्या सोचते हो स्वूफल में सशा होनी चाहिए? झ् क्या सशा देना ही गलत काम के सुधर का तरीका है? स्वूफल के लिए ऐसे नियम बनाओ, जिससे बिना सशा के स्वूफल में सुधर हो। झ् अपने ‘सपनों के स्वूफल’ का चित्रा काॅपी में बनाओ। अध्यापक के लिएμपाठ में इस तरह का संदभर् देने का उद्देश्य स्वूफलों में सशा देने की प्रवृिा को रोकना है। कक्षा में इस मुद्दे पर संवेदनशीलता से बातचीत करें। बच्चों को आत्म - अनुशासन के लिए प्रोत्साहित करें।

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