10 थप्प रोटी थप्प दाल ;पदार् खुलने पर बच्चे खेलते हए दिखाइर् पड़ते हैं। सब बच्चे हल्ला मचाते, हुँसते हए बड़े उत्साह के साथ खेल रहे हैं। अचानक मुन्नी अपने घर से भागी - भागी वहाँुआती है और नीना को पुकारती है। नीना खेल छोड़कर सामने एक किनारे पर आ जाती है। पीछे बच्चों का खेल चलता रहता है।द्ध मुन्नी - ;पुकारकरद्ध ओ नीना, नीना सुन! नीना - ;पास आते हएुद्ध क्यों, क्या बात है, मुन्नी? मुन्नी - देख नीना, आज मैंने अम्मा से आटा, घी, दाल, दही, साग, चीनी, मक्खन सब चीज़्ों ले ली हंै। चल, रोटी का खेल खेलेंगे। नीना - हाँ, खूब मज़्ाा आएगा। चलो, उन लोगों को भी बुला लें। ;ताली बजाकरद्ध अरे चुन्नू, सुनो, अब इस खेल को खेलते तो बहुत देर हो गइर्। चलो, अब रोटी का खेल खेलंे। सब - हा ँ, हाँ! यह ठीक है। मुन्नी - अच्छा - अच्छा चलो। देख चुन्नू, तू और टिंवूफ, बाशार से साग - सब्शी लाने का काम करना। नीना - नहीं, मुन्नी, इन दोनों से दाल बनवाएँगे। जब इनसे आग तक नहीं जलेगी, तब मशा आएगा। चुन्नू - तो क्या तू समझती है हम आग नहीं जला सकते? चल रे टिंवूफ, आज इन्हें दाल बनाकर दिखा ही देंगे। क्यों? टिंवूफ - हा ँ, हाँ दोस्त। देख लेंगे। मुन्नी - तो सरला, तू क्या करेगी? सरला - भइर्, मैं तो दही का मट्टòा चला दूँगी। मुन्नी - और तरला, तू। तरला - मैं? मैं तेरे संग रोटी बनाउँफगी। नीना - ठीक है, मैं बिल्ली बन जाती हूँ। खूब मशा आएगा! तुम्हारी सारी चीशें खा जाउँफगी। ;मऋा चलाने की हांडी लेकर अभ्िानय के साथ सरला और तरला रंगमंच पर आती हंै। पिफर गगरी उतारने का और रइर् से मट्टòा चलाने का अभ्िानय करती हंै। एक बच्चा रोता हुआ माँ के पास आता है। वह उसे मक्खन देने का अभ्िानय करती है और प्यार से पास में बिठाकर पिफर मऋा चलाने लगती है। मुन्नी दौड़कर आती है। मऋा देखने का अभ्िानय करती है।द्ध मुन्नी - वाह, खूब चलाया मट्टòा, देखँू यह मीठा या खट्टðा। सरला - क्या देखोगी! इस मट्टòे का बढि़या स्वाद, खाकर सब करते हैं याद। ;चुन्नू, टिंवूफ कं ध्े पर बोझ रखे हुए आते हैं।द्ध तरला - यह लो, चुन्नू - टिंवूफ आए, देखें क्या तरकारी लाए। चुन्नू - ;बोझ उतारते हएुद्ध ओहो, पीठ रही है दुख। टिंवूफ - मुझको लगी करारी भूख। मुन्नी - ;मुँह मटकाते हएुद्ध बच्चूजी, भूख लगने से क्या होगा? अब पहले तुम आग जलाओ, और हांडी में दाल पकाओ। चुन्नू - अरे हाँ। चल जल्दी से दाल पकाएँ। बडि़यों का भी स्वाद चखाएँ। ;दोनों आग जलाने, पूँफक मारने और धुएँ की वजह से आए आँसू पोंछने का अभ्िानय करते हैं। पिफर दाल और बड़ी पकाते हैं। कलछी से दाल चलाकर चखते हैं कि उँगली जल जाती है। उँगली जलने के अभ्िानय के साथ - साथ मुन्नी पास आकर इन्हें देखती है।द्ध मुन्नी - टिंवूफ ने पकाइर् बडि़या,ँचुन्नू ने पकाइर् दाल, टिंवूफ की बडि़याँ जल गईं, चुन्नू का बुरा हाल। ;तरला तथा अन्य सहेलियाँ एक ओर से आती हैं। हाथ कमर पर इस प्रकार रखा है जैसे हाथ में डलिया हो। आकर बैठ जाती हैं। पिफर गाकर रोटी पकाने का अभ्िानय करती हैं।द्ध लड़कियाँ - थप्प रोटी थप्प दाल, खाने वाले हो तैयार। ;ये पंक्ितयाँ दो बार गाइर् जाने के बाद चुन्नू और टिंवूफ के दोस्त एक पंक्ित में एक के पीछे एक कदम बढ़ु़ाते हए बडी शान के साथ आकर एक ओर बैठ जाते हंै। पिफर लड़कियों की ओर हाथ पैफलाकर माँगते हए गाकर दो बार कहते हैं।द्धुचुन्नू - लाओ रोटी लाओ दाल, लाओ खूब उड़ाएँ माल। ;मुन्नी और तरला की सहेलियाँ रोटी की डलिया उठाने का अभ्िानय करती हुइर् एक पंक्ित में लड़कों के पास आकर उन्हें रोटी देने के अंदाश में दो बार गाकर कहती हैं।द्ध मुन्नी आदि - ले लो रोटी ले लो दाल, चखकर हमें बताओ हाल। चुन्नू आदि - ;चिढ़ाकरद्ध ख‘ा ;पर जैसे ही मुन्नी गुस्से से उनकी ओर देखती है तो कहते हैंद्ध नहीं, नहीं मीठा। ख‘ा नहीं, नहीं, मीठा। ;खाने का अभ्िानय करते हुएद्ध ख‘ा, मीठा, ख‘ा मीठा, ख‘ा, मीठा, ख‘ा, मीठा। ;वुफछ रफककरद्ध सब बच्चे - आधी खाएँ आधी रखें, अब सो जाएँ, उठकर चखें। ;सब बच्चे सो जाते हैं। अचानक बिल्ली की म्याउँफ सुनाइर् पड़ती है। बिल्ली का प्रवेश। वह चारों ओर देखती है तो होंठों पर जीभ को पेफरकर बड़ी खुश होकर कहती है।द्ध बिल्ली - ओहो! मक्खन कितना सारा, झट से चटकर करूँ किनारा। ;आगे बढ़ कर उफपर उछलती है, छींके पर से वुफछ चीश लेने का अभ्िानय करती है।द्ध है छींके पर यह क्या रखा, आन रही क्या, अगर न चखा। ;हाथ बढ़ाकर रोटी निकालते हएद्धुरोटी वैफसी गरम - गरम है, घी से चुपड़ी नरम - नरम है। ;खाते हुएद्ध मक्खन रोटी चावल दाल,जी भर खाया कित्ता माल। और देखो वहμ मुन्नी, चुन्नू, टिंवूफ सारे, खरार्टे भर रहे बेचारे। अब चुपके से सरपट जाउँफ। आलसियों को सबक सिखाउँफ। म्याउँफ, म्याउँफ, म्याउँफ, म्याउँफ। ;बिल्ली जाती है। अँगड़ाइर् लेकर सरला उठती है और मक्खन के बतर्न को खाली देखकर आश्चयर् से चिल्लाती हइर् कहती है।द्धुसरला - ओ रे चुन्नूू, टिंवूफ भाइर्, कहाँ है मक्खन और मलाइर्? मुन्नी - ;चैंककर उठते हुएद्ध अरे ज़्ारा छींके तक जाना, और रोटी का पता लगाना। हाय रे! ना रोटी, ना दूध् मलाइर्, लगता है बिल्ली ने खाइर्। एक बच्चा - बिल्ली आइर् आध्ी रात, खा गइर् रोटी, खा गइर् भात। दूसरा बच्चा - क्या कहा, बिल्ली आइर् आध्ी रात, खा गइर् रोटी, खा गइर् भात? टिंवूफ - चलो बिल्ली की ढूँढ़ मचाएँ पिफर चोरी का मज़्ाा चखाएँ। सब बच्चे - ठीक - ठीक। ;बच्चे मिलकर बिल्ली को ढूँढ़ने जाते हैं। वुफछ बच्चे अंदर जाते हैं, बाहर आते हैं। वुफछ रंगमंच पर सामने की ओर देखते हैं, कभी बैठकर नीचे झुककर देखते हैं। और नहीं मिलने का हाव - भाव प्रकट करते जाते हैं। तभी तरला - सरला चीखकर कहती हैं।द्ध तरला - सरला - यह लो, मिल गइर् बिल्ली, मिल गया चोर। ;बिल्ली घबराइर् हइर् सी रंगमंच पर आ जाती है। सब उसे पकडु ़ते हैं।द्ध सब - करो पिटाइर् इसकी जोर।़;हँसकर मारने का अभ्िानय करते हुएद्ध बोल, अब खाएगी मेरी रोटी अब खाएगी मेरी दाल? बिल्ली - हाँ खाउँफगी सौ - सौ बार जो सोओगे टाँग पसार। ;यह कहकर बिल्ली भागने का प्रयत्न करती है। पर सब बच्चे उसे घेर लेते हैं। तीन - चार बार ऐसा करने के बाद बिल्ली घेरा छोड़कर भाग जाती है, और सारे बच्चे ‘पकड़़ुो पकडोे’ का शोर मचाते हए उसके पीछे - पीछे भागते हैं।द्ध ;पदार् गिरता है।द्ध रेखा जैन कोइर् और शीषर्क नाटक का नाम थप्प रोटी थप्प दाल क्यों है? तुम इसे क्या शीषर्क देना चाहोगे? ;कद्ध ;खद्ध आवाश वाले शब्द थप्प रोटी थप्प दाल ‘थप्प’ शब्द से लगता है किसी तरह की आवाज़़़्ा है। आवाज का मजा देने वाले और भी बहुत से शब्द हैं जैसे - टप, खट। ऐसे ही वुफछ शब्द तुम भी लिखो। कौन - कौन से खेल इस नाटक में बच्चे रोटी बनाने का खेल खेलते हैं। तुम अपने साथ्िायों के साथ कौन - कौन से खेल खेलती हो, उनके नाम लिखो। ................... ................... ................... ................... ................... ................... ................... ................... सोचकर बताओ ;कद्ध नीना चुन्नू और ¯टवूफ से ही दाल क्यों बनवाना चाहती होगी? ;खद्ध बच्चों ने खाने - पीने की चीजें छींके में क्यों रखीं?़;गद्ध चुन्नू ने दाल को पहले खट्टðा पिफर मीठा क्यों बताया? मट्टòा बनाएँ ;कद्ध सरला ने कहा - मैं दही का मट्टòा चला दूँगी। दही का मट्टòा चलाने का मतलब है - μ दही बिलोना μ दही से लस्सी या छाछ बनाना सरला को इस काम के लिए किन - किन चीज़्ाांे की ज़्ारूरत होगी, उनके नाम लिखो। ;खद्ध बिलोना, घोलना, पेंफटना इन तीनों कामों में क्या पफवर्फ ह़ै? बातचीत करो और पता लगाओ। ;गद्ध किन्हीं दो - दो चीज़्ाों के नाम बताओ जिन्हें बिलोते, घोलते और पेंफटते हैं। बिलोते हैं घोलते हैं पेंफटते हैं ;घद्ध सरला ने रइर् से मट्टòा बिलोया। रइर् को मथनी भी कहते हैं। रसोइर् के दूसरे बतर्नों को तुम्हारे घर की भाषा में क्या कहते हैं? कक्षा में इस पर बातचीत करो और एक सूची बनाओ। आओ तुकबंदी करें नाटक में बच्चों ने अपनी बात को कइर् बार कविता की तरह कहा है जैसेμ टिंवूफ ने पकाइर् बडि़याँ, चुन्नू ने पकाइर् दाल टिंवूफ की बडि़याँ जल गईं, चुन्नू का बुरा हाल अब तुम भी नीचे लिखी पंक्ितयों में वुुुफछ जोड़ो μ घंटी बोली टन - टन - टन कहाँ चले भइर् कहाँ चले रेल चली भइर् रेल चली कल की छुट्टðी परसों इतवार रोटी दाल पकाएँगे

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