14ण् सबसे अच्छा पेड़ तीन भाइर् थे। एक दिन सुबह के समय तीनों नए घरों की तलाश में निकल पड़े। गरम - गरम ध्ूप में वे सड़क पर चलते चले गए। थोड़ी देर में आम का एक बड़ा पेड़ आया। उसके नीचे ठंडी छाँह थी। तीनों हम अचार बनाएँगे। और जब वे पक जाएँगे, तो हम मीठे - मीठे आम खाएँगे। वुफछ आम हम बाद में खाने के लिए सुखाकर रख लेंगे। दूसरे भाइर् ने कहा दृ मैं तो यहीं घर बनाउँफगा। केले के पेड़ से अच्छा क्या होगा, बढि़या केले खाने को मिलेंगे। उनकी सब्शी बनाएँगे। वुफछ केले हम बेच देंगे। उनके पैसे से हम चावल खरीद लेंगे और केले के पत्ते भी काम आएँगे। इसीलिए दूसरे भाइर् ने वहीं अपनी झोपड़ी बना ली। मगर तीसरा भाइर् आगे बढ़ता चला गया। चलते - चलते उसे नारियल का एक पेड़ मिला। पेड़ बड़ा लंबा और पतला था। तीसरे भाइर् ने कहा दृ वैफसी प्यास लगी है! टप... एक नारियल शमीन पर टपक पड़ा। तीसरे भाइर् ने अपना चावूफ निकाला। खर - खर.नारियल की जटाएँ साप.फ हो गइर्ं। पिफर उसने नारियल के छिलके में छोटा - सा छेद किया और उसका ठंडा - मीठा पानी पीया। नारियल के पेड़ की छोटी - सी छाँह! तीसरा भाइर् उसी छाँह में बैठ गया और सोचने लगा दृ आम का पेड़ बहुत बढि़या होता है और आम भी बड़ा अच्छा पफल है। केले का पेड़ बड़े काम का होता है और केला खाने में अच्छा होता है। पेड़ नीम का भी अच्छा है। उसकी दातुन बड़ी अच्छी रहती है। घर में कोइर् बीमार हो, तो लोग नीम की टहनियाँ दरवाशे पर लटका देते हैं। मेरे पास नीम का पेड़ हो, तो मैं उसकी टहनियाँ बेच सकता हँू और पेड़ मुझे ठंडी छाँह भी देगा और अगर कहीं मेरे पास रबड़ का पेड़ होता, तो मैं अपना चावूफ निकाल कर पेड़ की छाल में एक लंबा चीरा लगा देता। चीरे के तले में एक प्याला रख देता। पेड़ के दूध्िया रस को मैं प्याले में भर लेता। रस को पकाकर मैं रबड़ बना लेता। रबड़ मैं बेच देता। रबड़ से लोग गुब्बारे, टायर और तरह - तरह की चीशें बनेा लेते। अच्छे पेड़ों की क्या कमी है! नारियल के पेड़ की ही सोचो। नारियल की जटाओं को काटकर मैं मोटी डोरियाँ बना सकता हूँ और डोरियों से मैं मशबूत चटाइयाँ भी बना सकता हूँ। रस्िसयों और चटाइयों को मैं शहर के बाशार में बेच सकता हूँ। मैं नारियल का पानी पी सकता हूँ। मैं नारियल की गरी खा सकता हूँ और वुफछ गरी सुखाकर मैं खोपरा भी तैयार कर सकता हूँ, खोपरे को पेरकर मैं गोले का तेल निकाल सकता हूँ। गोले का तेल साबुन और कितनी ही चीशें बनाने के काम आता है। नारियल के छिलके को साप.फ करके कटोरे और प्याले बना सकता हूँ। ठीक तो है, मेरे लिए तो यही पेड़ सबसे अच्छा है। मैं तो इसी के नीचे घर बनाउफँगा। इसलिए तीसरे भाइर् ने नारियल के तले अपनी वुफटिया बनाइर् और मशे से रहने लगा। तुम्हारे लिए कौन - सा पेड़ सबसे अच्छा है? जेण् भारतऽ तीनों भाइर् किस मौसम में घर की तलाश में निकले? ऽ तुम्हें कैसे पता चला? ऽ कौन - सा महीना होगा? ऽ घर की तलाश पर निकलने से पहले वे कहाँ रहते होंगे? वैफसे चुनोगी ऽ इन मौकों पर तुम किस पेड़ के पत्ते का इस्तेमाल करोगी - ऽ मेहमान को खाना ख्िालाने के लिए ऽ बारिश में भीगते समय छाते की तरह ऽ सीटी बजाने के लिए ऽ रंग बनाने के लिए ऽ गमीर् से परेशान होकर पंखा करने के लिए क्या लगाओगी? तुम्हें अगर पेड़ लगाना हो तो तुम कौन - सा पेड़ लगाओगी? तुम वही पेड़ क्यों लगाना चाहोगी? मैं अपने बगीचे में का पेड़ लगाउँफगी क्योंकि पहचानो और मिलाओ यहाँ वुफछ पिायों के बारे में वुफछ वाक्य दिए गए हैं। वाक्यों को सही चित्रा से मिलाओ। पत्ती पहचान पा रही हो तो उसका नाम भी लिख दो। ऽ लंबी पतली पत्ती जो आगे से नुकीली है। ऽ नीचे से गोल आगे जाकर नुकीली हो जाती है। ऽ जिसके किनारे लहरदार हैं। ऽ गोल पत्ती रबड़ के पेड़ की छाल पर चीरा लगाने से दूध्िया रस निकलता है।पता करो किन पेड़ों या पौधें के पत्ते को तोड़ने पर दूध्िया रसनिकलता है। अब पत्तों को सुखाकर चिपकाओ। ऽ जिनसे दूध्िया रस निकलता हो। ऽ जो चिकनी होती हों। ऽ जिन पिायों की नसें उभरी हुइर् होती हैं। वैफसे पड़े नाम? हम दाँतों को मंजन से माँजते हैं। इसीलिए मंजन को मंजन कहते हैं। अब सोचो और लिखो इनके नाम ये क्यों हैं? दातुन ................................................................................................छलनी ...............................................................................................मथनी ...............................................................................................इनमें से कौन - सी चीश किससे बनी है? तुलना करो सही जगह पर ;9द्ध का निशान लगाओ। नारियल आम केला सबसे घना सबसे उँफचा चढ़ने में सबसे आसान सबसे मोटा तना सबसे बड़े पत्ते सबसे मीठा पफल पफल खाना सबसे आसान कुछ और पफलों के नाम लिखो। गुठली वाले बिना गुठली वाले ............................................................................................................................ ............................................................................................................................ बताओ ऽ किन पफलों को छिलके के साथ नहीं खा सकते? ऽ कौन - से पफल हर मौसम में मिलते हैं? शरूरी सामान: रंग - बिरंगी पेंसिल, शापर्नर ;छीलनीद्ध, काडर्शीट या पोस्टकाडर्, गांेद और स्केच पैनअपने आसपास के पेड़ - पौधें से छोटी - छोटी पूफल - पत्ितयाँ इकटठी करो। इन्हें किसी मोटी किताब में अलग - अलग पन्नों के बीच दबाकर रख दो। एक - दो दिन बाद जब वे लगभग सूख जाएँ तो उन्हें मनचाहे कागश या काडर् बनाकर उस पर चिपका दो। चिपकाने के लिए सादा पोस्टकाडर् भी ले सकते हो। स्केच पेन से जो भी संदेश तुम लिखना चाहती हो, लिख दो। ऐसे ही सुंदर - सुंदर काडर् बनाकर अलग - अलग अवसरों पर अपने संगी - साथ्िायों को भेजो। क्क्ऽ ऽमुखौटे बनाए जा सकते हैं। इन मुखौटों को पहनाकर उनसे अभ्िानय करवाएँ। ऽ 132

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