एक बूढ़ा आदमी बाहर निकला। वह साँप के काटने का मंत्रा जानता था। नाना ने उससे कहा दृ इस बच्चे को साँप ने काट लिया है। इसकी झाड़ - पूँफक कर दो। बूढ़ा मुझे झांेपड़ी में ले गया। उसने मेरी उँगली देखी और बोला दृ चुपचाप बैठो। हिलना - डुलना मत। पिफर पीतल के बतर्न में पानी लाया और मेरे सामने बैठकर म्ंात्रा पढ़ने लगा। मैं चाहता तो बहुत था कि उस बूढ़े को बता दूँ कि मुझे साँप ने नहीं, बरर् ने काटा है। पर मेरे नाना मुझे कसकर पकड़े रहे और मुझे बोलने ही नहीं दिया। जैसे ही मैं कुछ कहने को मुँह खोलता, वह डाचुप! डर के मारे मैं चुप हो जाता। हमारे पीछे - पीछे हमारी नानी भी कइर् लोगों के साथ वहाँ आ पहँुची। सब लोग उदास खड़े देखते रहे। तब तक मेरी उँगली का ददर् जा चुका था। पिफर भी मुझे वहाँ शबरदस्ती बैठकर झाड़ - पूँफक करवानी पड़ रही थी। वुफछ मिनट बाद बूढ़ा आदमी उठा। उसने उसी बतर्न के पानी से मेरी उँगली धेइर् और मुझे पिलाया भी। उसने मुझे बोलने से मना कर दिया ताकि दवा का पूरा असर हो। पिफर वह नाना से बोला दृ जय हो भगवान की! अब बच्चा खतरे से बाहर है। अच्छा हुआ, आप समय रहते मेरे पास ले आए। बड़े शहरीले साँप ने काटा था। सब लोगों ने बूढ़े को उसके अद्भुत इलाज के लिए बहुत - बहुत धन्यवाद दिया। घर लौटने के बाद नाना ने उसके लिए बहुत - सी चीशें भेंट में भेजीं। शंकर ँटकर कहते दृ कहानी की बात ऽ नाना मुझे झाड़ - पूँफक वाले आदमी के पास क्यों ले गए? ऽ मैं बूढ़े आदमी को क्या बताना चाहता था? ऽ जब साँप नारियल के खोल में घुस गया तो मैंने क्या किया था? मैंने ऐसा क्यों किया होगा? ऽ क्या बूढ़े आदमी ने सचमुच मेरा इलाज कर दिया था? तुम ऐसा क्यों सोचते हो? ऽ मुझे असल में साँप ने नहीं काटा था। पिफर मैंने अपनी कहानी का नाम जब मुझको साँप ने काटा क्यों रखा है? तुम इससे भी अच्छा कोइर् नाम सोचकर बताओ। उइर् माँ कहानी में लड़के को बरर् काट लेती है। बरर् का डंक होता है। वुफछ और कीड़ों ;जंतुओंद्ध का नाम लिखो जो डंक मारते हैं। तुम्हारी बात ऽ मैं बूढ़े को वुफछ बताना चाहता था पर बता नहीं सका। क्या तुम्हारे साथ भी कभी ऐसा हुआ है? ऽ क्या तुमने कभी साँप देखा है? तुमने साँप कहँा देखा? उसे देखकर तुम्हें वैफसा लगा? ऽ अपने घर पर पूछो कि अगर किसी को साँप काट ले तो वे क्या करेंगे? अब क्या करें? ऽ तुम क्या करोगी अगर तुम्हें या तुम्हारे आसपास: ऽ किसी को बरर् काट ले? ऽ किसी को चोट लग जाए? ऽ किसी की आँख में वुफछ पड़ जाए? ऽ किसी की नाक से खून बहने लगे? कक्षा में इन पर बातचीत करो। हो सके तो किसी नसर् या डाॅक्टर को कक्षा में आमंत्रिात कर बात करो। शरा सोचो तो ऽ नारियल के खोल जैसी और कौन.सी चीशों में साँप छिप सकता था? ऽ वह खोल अहाते में वैफसे पहुँचा होगा? घर के हिस्से नीचे वुफछ शब्द दिए गए हैं। उन शब्दों में से वुफछ शब्द घर से स्ंाबंिात हैं। उन पर घेरा लगाओ। अहाता आँगन बरामदा शीना अटारी आला घेर सीढ़ी छत सड़क रसोइर् छज्जा दालान अस्तबल रहट नहर पुलिया जोहड़ डाकघर टाँड कमरा मँुडेर नीचे लिखे वाक्यों का मतलब बताओ - ऽ साँप पास की झाड़ी में गायब हो गया। ऽ वह चट मुझे गोद में उठाकर भागे। ऽ अब बच्चा खतरे से बाहर है। ऽ नाना ने उसके लिए बहुत - सी चीशें भेंट में भेजीं। ऽ अलग - अलग निशानों से पता चलता है कि बात वैफसे कही गइर् होगी। अब नीचे लिखे वाक्यों में सही निशान लगाओ। अब इन्हें बोलकर देखो। ऽ नानी चीख उठी साँप ऽ चुपचाप बैठो हिलना - डुलना मत ऽ साँप ध्ीरे - ध्ीरे रेंग रहा था ऽ तुम्हें यह कहानी वैफसी लगी ऽ क्या तुम बाशार चलोगी ऽ अहा कितनी मीठी है क्या कहोगे तुम लड़के को क्या कहोगे? कारण देकर बताओ। निडर, नादान, होश्िायार, शरारती, डरपोक, शमीर्ला ;याद मेंसाँप लेकरभागारखो वहखोल दो - दो बार साँप ध्ीरे - ध्ीरे रेंग रहा था। यहाँ ध्ीरे शब्द का दो बार इस्तेमाल किया गया है। ऐसे ही और वुफछ शब्द लिखो और उनसे वाक्य बनाओ। चलते - चलते पीछे - पीछे क्या तुम जानते हो? ऽ साँप अपना भोजन चबाते नहीं हैं। वे भोजन साबुत निगलते हैं। ऽ साँप कभी बढ़ना बंद नहीं करते। ऽ साँप नाक से नहीं सूँघते। सूँघने के लिए साँप जीभ का इस्तेमाल करते हैं। ऽ साँप के कान नहीं होते। इसलिए साँप बीन की ध्ुन सुनकर नहीं नाच सकता। वास्तव में वह बीन बजाने वाले सपेरे से डरकर अपना पफन पैफला लेता है और लोग समझते हैं वह झूम रहा है। ऽ साँप दूध् नहीं पीते। वुफछ सँपेरे साँप को शबरदस्ती दूध् पिलाते हैं पर इससे साँप मर भी सकता है। ऽ भारत में लगभग 50 तरह के साँप शहरीले हैं पर सिप.र्फ 4 साँपों के शहर से आदमी को खतरा होता है।

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