;पहला दृश्य कृ कोइर् कमराद्ध ;कमरे के बीच में एक मेश है जिस पर मेशपोश पड़ा है जो कि आगे से ढका है, मेश पर एक रोटी का टुकड़ा है। मेश के नीचे एक तराशू रखा है, पर दिखाइर् नहीं देताद्ध ;म्याउँफ - म्याउँफ की आवाश होती है और दाहिनी तरप.फ से काली बिल्ली और बाइर्ं तरप.फ से सपफद बिल्ली प्रवेश करती है।द्ध.ेकाली बिल्ली: बिल्ली बहन, नमस्ते! सप.फद बिल्ली नमस्ते बहन, नमस्ते!ेः ऽऽ स्थान: खुली जगह या कोइर् बड़ा कमरा। पात्रा: एक बंदर और दो बिल्िलयाँ। सात - आठ बरस का लड़का बंदर और पाँच - छह बरस की लड़कियाँ बिल्ली बन सकती हैं। बंदर के लिए पोशाक: पीला चूड़ीदार पाजामा, वुफतार् और दुप‘ा, जो कमर में पूँछ - सी निकालकर बाँधा जा सकता है। मुँह पर लगाने के लिए बंदर का चेहरा जिसमें आँखों और मुँह की जगह छेद हों। बिल्िलयों के लिए पोशाक: काली सप.ेफद सलवारें, कमीशें, दुपट्टेð जो कमर में पूँछ - सी निकालकर बाँधे जा सकते हैं। मुँह पर लगाने के लिए काली - सप.फद बिल्िलयों के चेहरे जिनमें आँखों और मुँह की जगह बड़े छेदेहों जिनसे देखा - बोला जा सके। सामान: एक मेश, एक बड़ा मेशपोश या बड़ी चादर, डबलरोटी का एक टुकड़ा, एक छोटी तराशू। ऽऽऽऽ 8ण् बंदर - बाँट ऽऽ ;काली बिल्ली लपकती है और रोटी लेकर भागने लगती हैद्ध काली बिल्ली सप.फद बिल्लीेकाली बिल्ली सप.फद बिल्लीेकाली बिल्ली सप.फद बिल्लीेकाली बिल्ली सप.फद बिल्लीेकाली बिल्ली सप.फद बिल्लीेकाली बिल्ली सप.फद बिल्लीेकाली बिल्ली ः अच्छी तो हो?: अच्छी क्या हँू, भूखी हँू!: मैं भी भूखी हँू।: खाने को वुफछ ढूँढ़ रही हँू।: उस खोज में मैं भी निकली हँू।: मुझे महक रोटी की आती।: हाँ, मेरी भी नाक बताती, पास कहीं है।: रखी मेश पर है वो रोटी। तू डर, मैं तो लेने चलीः ठहर, कहाँ भागी जाती है रोटी लेकर, रोटी मेरी।: रोटी तेरी! वैफसे तेरी? रोटी मेरी।: मैं न दिखाती तो तू जाती?: अच्छा, क्या मैं खुद न देखती? क्या मेरी दो आँखें नहीं है? डरती थी उस तक जाने में! जा डरपोक कहीं की, जा भग, रोटी मेरी। सप.ेफद बिल्ली: रोटी, कहे दे रही, मेरी। मैं ले जाने तुझे न दूँगी। काली बिल्ली: देख, राह से मेरी हट जा। ले जाउँफगी, तुझे न दूँगी। सप.ेफद बिल्ली: देखूँ, वैफसे ले जाती है! जो पहले देखे हक उसका है रोटी पर! काली बिल्ली: पहले दौड़े, दौड़ के ले ले पहले उसका हक रोटी पर। रोटी पर पहला हक मेरा। सप.ेफद बिल्ली: मैं कहती हूँ, रोटी मेरी। काली बिल्ली: मैं कहती हूँ, रोटी मेरी। ;दोनों झगड़ती हैं, ‘रोटी मेरी’, ‘रोटी मेरी’ कहकर एक - दूसरे पर गुरार्ती हैंद्ध ;बंदर का प्रवेशद्ध बंदर: क्यों तुम दोनों झगड़ रही हो? तुम कहती हो रोटी मेरी। ;सप.फद बिल्लीेसेद्ध तुम कहती हो रोटी मेरी। ;काली बिल्ली सेद्ध रोटी किसकी? मैं इसका पैँ गा। चलो कचहरी, मेरे़फसला करूपीछे - पीछे आओ। ;बंदर दोनों से छीनकर रोटी अपने हाथ में लेकर चलता है, दोनों बिल्िलयाँ पीछे - पीछे जाती हैंद्ध ;दूसरा दृश्य कृ बंदर की कचहरीद्ध ;बंदर मेश पर बैठा है। रोटी का टुकड़ा सामने रखा है। दोनों बिल्िलयाँ मेश के सामने इध्र - उध्र खड़ी हैं।द्ध बंदर ;सप.फद बिल्ली सेद्ध:ेबोलो, तुमको क्या कहना है? सप.ेः श्रीमान, पहले मैंने ही रोटी देखी थी,फद बिल्ली इससे रोटी पर पूरा हक मेरा बनता है। बंदर ;काली बिल्ली सेद्ध: बोलो, तुमको क्या कहना है? काली बिल्ली: श्रीमान, पहले मैं झपटी थी रोटी लेने, इससे रोटी पर मेरा हक पूरा बनता है। बंदर ;सप.फद बिल्ली सेद्धःेएक आँख से देखी थी, या दो आँखों से? सप.ेः दो आँखों से, दोनों आँखों से।फद बिल्ली बंदर ;काली बिल्ली सेद्ध: एक टाँग से झपटी थी या दोनों टाँगों से? काली बिल्ली : दो टाँगों से, दोनों टाँगों से। बंदर : तुम दोनों का था गवाह भी? दोनों बिल्िलयाँ : कहीं न कोइर्। कोइर् न कहीं । बंदर : बात बराबर। बात बराबर। मेरा प.ैफसला है कि रोटी तोड़ - तोड़कर तुम्हें बराबर दे दी जाए। मेरे पास ध्रम - काँटा है। ;बंदर मेश के नीचे से तराशू निकालकर लाता है। दो हिस्सों में तोड़कर दोनों पलड़ों पर रखता है और उठाता है। एक पलड़ा नीचे रहता है, दूसरा उफपरद्ध बंदर: यह टुकड़ा वुफछ भारी निकला। इसमें से थोड़ा खाकर हल्का कर दूँ। ;पिफर तराशू उठाता है। अब पहला पलड़ा उफपर है और दूसरा नीचेद्ध बंदर: अब यह टुकड़ा भारी निकला। अब इसको थोड़ा खाकर हल्का कर दूँ। ;पिफर तराशू उठाता है। अब पहला पलड़ा नीचे हो गया और दूसरा उफपरद्ध बंदर: अब यह टुकड़ा भारी निकला। टुकड़े भी कितने खोटे हैं, एक - दूसरे को छोटा दिखलाने में ही लगे हुए हैं। मुँह थक गया बराबर करते - करते और तराशू उठा - उठाकर हाथ थक गया। 67 ;बिल्िलयों को बंदर की चालाकी का पता चल गया। हाथ मलती हुइर् बड़ी उदासी से एक - दूसरे को देखते हुएद्ध सप.ेफद बिल्ली: आप थक गए, अब न उठाएँ और तराशू। काली बिल्ली: बचा - खुचा जो उसको दे दें, हम आपस में बाँट खाएँगी। बंदर: नहीं, नहीं, तुम पिफर झगड़ोगी। मैं झगड़े की जड़ को ही काटे देता हूँ। बचा - खुचा भी खा लेता हूँ। ;इतना कहकर बची - खुची रोटी भी बंदर खा जाता है और तराशू लेकर भाग जाता हैद्ध दोनों बिल्िलयाँ: आपस में झगड़ा कर बैठीं, बुि अपनी खोटी। अब पछताने से क्या होता, बंदर हड़पा रोटी। हरिवंशराय बच्चन लड़ाइर् - झगड़ा ऽ दोनों बिल्िलयों के बीच झगड़े की जड़ क्या थी? ऽ उनके झगड़े का हल वैफसे निकाला गया? ऽ तुम किस - किस के साथ अक्सर झगड़ते हो? ऽ झगड़ते समय तुम क्या - क्या करते हो? ऽ जब तुम किसी से झगड़ते हो तो तुम्हारा प.ैफसला कौन करवाता है? जूले लेह में लोग एक - दूसरे से मिलने पर एक - दूसरे को जूले कहते हैं। मिलने पर दोनों बिल्िलयाँ एक - दूसरे को नमस्ते कहती हैं। ऽ तुम इन लोगों से मिलने पर क्या कहती हो? ऽ तुम्हारी सहेली/दोस्त ऽ तुम्हारे श्िाक्षक ऽ तुम्हारी दादी/नानी ऽ तुम्हारे बड़े भाइर्/बहन ऽ अब पता लगाओ तुम्हारे साथी कक्षा में कितने अलग - अलग तरीकों से नमस्ते कहते हैं? तुम्हें क्या लगता है ऽ अगर बंदर बीच में नहीं आता तो तुम्हारी राय में रोटी किस बिल्ली को मिलनी चाहिए थी? ऽ बंदर ने बिल्िलयों से यह सवाल क्यों पूछा होगा कि उन्होंने रोटी ऽ एक आँख से देखी थी या दोनों आँखों से? ऽ एक टाँग से झपटी थी या दोनों टाँगों से? बंदर - बाँट ऽ कहानी का शीषर्क बंदर - बाँट क्यों है? ऽ तुम नाटक को क्या नाम देना चाहोगी? ऽ जो शीषर्क तुमने दिया, उसे सोचने का कारण बताओ। माप - तोल ऽ बंदर ने रोटी बराबर बाँटने के लिए तराशू का इस्तेमाल किया। तराशू का इस्तेमाल चीशों को तोलने के लिए करते हैं। नीचे दी गइर् चीशों में से किन चीशों को तोलकर खरीदा जाता है? ऽ तोलते वक्त एक पलड़े में तोली जाने वाली चीश रखी जाती है और दूसरे में तोलने के लिए बाट। बाट किस धतु या चीश का बना होता है? ऽ बाट तोली जाने वाली चीश का वशन बताता है। वशन किलोग्राम या ग्राम में बताया जाता है। पता करो बाशार में कितने किलोग्राम या ग्राम के ब‘े मिलते हैं। ;पफलवाले, सब्शीवाले या परचून की दुकान से पता कर सकते हो।द्ध वाह! क्या खुशबू है! बिल्िलयों को रोटी की महक आ रही थी। ऽ तुम्हें किन - किन चीशों के पकने की महक अच्छी लगती है? ऽ और किन - किन चीशों की महक आती है जो खाने से जुड़ी नहीं हैं। जैसेकृ साबुन की सुगंध्, जूते की पाॅलिश की गंध् आदि। आगे - पीछे मुझे महक रोटी की आती। इस वाक्य को इस तरह भी लिख सकते हैं - मुझे रोटी की महक आती। तुम भी इसी तरह नीचे दिए वाक्यों के शब्दों को आगे - पीछे करके लिखो - ऽ उसी खोज में मैं भी निकली। मैं भी ऽ रखी मेश पर है वो रोटी। वो रोटी ऽ डरती थी उस तक जाने में। ऽ मैं ले जाने तुझे न दूँगी। ऽ जो पहले देखे हक उसका है रोटी पर। अगले दिन दोनों बिल्िलयों को एक तरबूश मिला। दोनों सोचने लगीं, इस तरबूश को वैफसे बाँटा जाए कि तभी पिफर से बंदर आ गया। आगे क्या हुआ होगा? क‘ो बिल्ली बगीचे में अपने भाइर् - बहनों के साथ खेल रही थी। इतने में बंदर ने उसकी तस्वीर खींच ली। तस्वीर देखकर बताओ इनमें से क‘ोे बिल्ली कौन - सी है? मुखौटे ऽ बच्चों से ऐसा ही मुखौटा बनाने के लिए कहें। इसी प्रकार से अन्य जानवरों के मुखौटे बनाए जा सकते हैं। इन मुखौटों को पहनाकर उनसे अभ्िानय करवाएँ।

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