4ण् मन करता है मन करता है सूरज बनकर आसमान में दौड़ लगाउँफ। मन करता है चंदा बनकर सब तारों पर अकड़ दिखाउँफ। मन करता है बाबा बनकर घर में सब पर धैंस जमाउँफ। मन करता है पापा बनकर मैं भी अपनी मूँछ बढ़ाउँफ। मन करता है तितली बनकर दूर - दूर उड़ता जाउँफ। मन करता है कोयल बनकर मीठे - मीठे बोल सुनाउँफ। मन करता है चिडि़या बनकर चीं - चीं चूँ - चूँ शोर मचाउँफ। मन करता है चखीर् लेकर पीली - लाल पतंग उड़ाउँफ। तुम्हारी बात ऽ तुम पर कौन - कौन धैंस जमाता है? क्यों? ऽ घर में ऽ स्वूफल में ऽ मन करता है चिडि़या बनकर चीं - चीं चूँ - चूँ शोर मचाउँफ तुम्हारा मन कब - कब चिडि़या बन जाने को करता है? ऽ कौन किस पर अकड़ जमाता होगा? ऽ आसमान में ऽ खेल में ऽ जंगल में ऽ स्वूफल में ऽ नदी में ऽ रंगों में ऽ तुमने तरह - तरह की मूँछें देखी होंगी। यहाँ तुम्हारे लिए एक मूँछ बनी है। वुफछ मूँछें तुम भी बनाओ और सभी मूँछों को अपने मन से नाम दो। पता करो ऽ तुम्हारे घर और स्वूफल में किसका क्या करने का मन करता है? लिखो और अपनी सूची अपने साथ्िायों से मिलाकर देखो। चलो, पतंग बनाएँ सामान - तुम्हें चाहिए कोइर् पतला कागश, झाड़ू की तीलियाँ, गोंद, टेप, वैंफची। तरीका - ऽ कागश को चैकोर काटो। ऽ उसमें गोंद या टेप से दो तीलियाँ चिपका लो, जैसा चित्रा में दिखाया गया है। ऽ तीली के निचले हिस्से में पूँछ के लिए एक तिकोना टुकड़ा काटकर चिपका दो। ऽ पतंग तैयार है। सोचो और बताओ ऽ सूरज आसमान में दौड़ क्यों लगाता होगा? ऽ चिडि़याँ शोर क्यों मचाती होंगी? ऽ चंदा तारों पर क्यों अकड़ता होगा? दादा घर में वैफसे धैंस जमाते होंगे? एक मिनट के लिए आँखें बंद करके बिल्वुफल चुपचाप बैठ जाओ। ध्यान से आसपास की आवाशें सुनो। ऽ अब आँखें खोलो। क्या याद है, तुमने किस - किसकी आवाश सुनी थी? नीचे उनके नाम लिखो।

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