सािादा की आपा ने उसे एक बहुत सुंदर दुपट्टðð ़ाइर्ा दिया। दुपट्टे के उफपर सुंदर कढथी और शीशे भी लगे हुए थे। रात को खाना खाने के बाद सािादा दुपट्टðा अलग - अलग तरह से ओढ़ कर खेलने लगी। खेलते - खेलते थक गइर् तो वह दुपट्टðा ओढ़े ही सो गइर्। सपने में वह सोचने लगी μ इतना सुंदर दुपट्टðा वैफसे बना होगा? सािादा का दुपट्टðा वैफसे बना होगा? ़ ़❉ तुम भी एक दुपट्टðा या कोइर् थोडा लंबा बिना सिला कपडा लो। उसे अलग - अलग तरह से पहन कर देखो, कितनी तरह से पहन पाए? ❉ क्या किसी ने उसे लुंगी बनाकर या सापफा बनाकर पहना? दुपट्टेð को और वैफसे - वैफसे पहना? ❉ अपने घर में कोइर् छः कपड़े देखो। तुमने कपड़ों में क्या - क्या अंतर पाया μ जैसे छूने में, रंग में, डिशाइन में? ❉ किसी मोटे कपड़े या बोरी को ध्यान से देखो। क्या तुम्हें खड़े और लेटे धागे दिखाइर् दिए? किसी भी कपड़े को नशदीक से देखोगे तो तुम्हें ऐसी ही बनावट दिखाइर् देगी। तुम भी इसी तरह कागश की पिðयों को बुन कर देखो। ❉ कागज.से बुनाइर् 1.दो अलग - अलग रंग के कागश लो। 2.एक कागश पर खड़ी लकीरें खींचो और दूसरे पर लेटी। 3.दोनों कागशों पर खींची गइर् लकीरों को काटो। ध्यान रहे, पिðयाँ अलग न हो जाएँ। 4.दोनों कागशों को एक - दूसरे के उफपर रखकर उनके दो किनारे ;जिन्हें चित्रा में रंग से दिखाया गया हैद्ध आपस में जोड़ दो। 5.अब कटी हुइर् पिðयों को एक - दूसरे के साथ बुनकर मैट बनाओ। 6.इसके किनारे पर एक कागश का बाॅडर्र या टेप चिपका दो, जिससे वह खुले नहीं। ❉ कपड़ े पर छपाइर् तुमने ‘पौधें की परी’ पाठ में कपड़ों पर बने पूफल - पिायों के डिशाइन देखे। कटी हुइर् सब्िशयों की मदद से तुम भी वुफछ डिशाइन बनाओ। गोभी के पूफल या भ्िांडी को बीच से काटो। उन पर गीले रंग लगाकर कागश या कपड़े पर ठप्पे लगाकर अपनी पसंद के डिशाइन बनाओ। बच्चों द्वारा ‘कागश की बुनाइर्’ और ‘कपड़े पर छपाइर्’ करना हमारी पारंपरिक कला को बढ़ावा देगा। इससे बच्चों को अपनी कला दिखाने का मौका भी मिलेगा।

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