किसी जंगल में एक छोटा बाघ खेल रहा था। खेलते - खेलते वह जंगल के पास वाली सड़क पर निकल आया। सड़क पर एक बस खड़ी थी। छोटे बाघ ने देखा कि बस का दरवाज़्ाा खुला है। बाघ अपने अगले पंजे बस की सीढ़ी पर रखकर बस के भीतर देखने लगा। ़उसने देखा कि बस के भीतर आगे की तरपफ से घरर् - घरर् की आवाज आ रही है और उसके पास एक आदमी बैठा़70 है। छोटे बाघ ने यह भी देखा कि उस आदमी के सामने एक दीवार - सी है। लेकिन यह दीवार वुफछ अजीब थी। इस दीवार में से बाहर की हर चीज़्ा साप्.ाफ - साप्.ाफ दिखाइर् दे रही थी। बाघ ने अपना सिर दाहिनी तरप्.ाफ मोड़ा। उसने देखा कि बस में कइर् लोग बैठे हैं। आगे वाली सीट पर दो छोटी लड़कियाँ बैठी थीं। अचानक छोटे बाघ को लगा कि लोग उससे डर रहे हैं और उसे भगाना चाहते हैं। तभी सामने की सीट पर बैठा आदमी उठा और अपनी दाहिनी ओर वाला दरवाजा खोलकऱबाहर वूफद गया। बस के बाकी लोग भी तेज़्ाी से पीछे वाले दरवाजे की़तरप्.ाफ भागने लगे। लोगों को भागते देखकर छोटा बाघ वुफछ घबराया। वह सीढ़ी से उतरा और बस के नीचे घुस गया। नीचे पहवह बस के आगे वाले पहिए के पास जाकर दुबक गया। लेकिन वहाँ उसे अच्छा नहीं लगा। वह पिफर से बस के भीतर जाना चाहता था। थोड़ी देर बाद वह बाहर निकला और बस की सीढ़ी पर पंजे रखकर भीतर चला गया। वह सामने वाली सीट पर बैठकर बाहर देखने लगा। ँुचकर 71 सामने से एक बस आ रही थी। उसमें बहुत सारे लोग बैठे थे। उन्हेें देखकर छोटा बाघ सोचने लगा कि उसकी बस के लोग क्यों ऐसा क्यों? ऽ बस के नीचे पहुँचकर छोटे बाघ को अच्छा क्यों नहीं लगा? ऽ क्या तुमने कभी किसी बस या जीप से नीचे झाँककर देखा है? तुम्हें वहाँ क्या दिखाइर् दिया? ऽ बस के अगले हिस्से से घरर् - घरर् की आवाज़्ा क्यों आ रही थी? ऽ बस में श्यादातर लोग दायीं तरप़्ाफ क्यों बैठे थे? ऽ बस में इतने सारे लोग बैठे थे पर बाघ का ध्यान दो छोटी लड़कियों पर ही गया। क्यों ? तो क्या होता अगर बाघ बस की छत पर चढ़ जाता तो ऽ उसे दुनिया वैफसी दिखाइर् देती? ऽ आसपास के लोग क्या करते? करके बताओ बाघ दुबक कर बैठ गया था। करके बताओ, नीचे लिखे काम वह कैसे करेगा? क्या समझे? सामने की सीट पर बैठा आदमी उठा और अपनी दाहिनी ओर वाला दरवाज़्ाा खोलकर बाहर वूफद गया। ऽ यह व्यक्ित कौन था? ऽ बस में कितने दरवाज़्ो थे? ऽ आगे क्या हुआ होगा? कहानी सुनाओ। डर - निडर ;कद्ध बस में बैठे लोग बाघ के बच्चे से डर रहे थे। बाघ भी उन लोगों से डर रहा था। सोचो, इन्हें वैफसा लगता होगा जब कोइर् इनसे डर जाता है - ऽ छिपकली ऽ वुफत्ता ऽ चूहा ऽ साँप ;खद्ध बाघ डरकर बस के नीचे दुबक गया। तुम डर लगने पर क्या करते हो? कहाँ दुबकते हो? ;गद्ध बाघ से सब डरते हैं, पर इस कहानी में लोग बाघ के बच्चे से भी डर गए? ऐसा क्यों हुआ? अनोखी दीवार बस के सामने वाली दीवार अलग तरह की थी। उसके आर - पार देखा जा सकता था। ऽ वह दीवार क्या थी? ऽ किन - किन चीजों के आर - पार देखा जा सकता है?़ऽ किन - किन चीज़्ाों के आर - पार नहीं देखा जा सकता? 74 तेंदुए की खबर मंुबइर्, 12 माचर् मंगलवार की सुबह तेंदुए का एक बच्चा बस में पहुँच गया। इससे पहले कि तेंदुए का बच्चा बस में चढ़ता चालक डरकर भाग गया। देखते ही देखते लोगों की अच्छी खासी भीड़ जमा हो गइर्। इनमें से वुफछ लोग तो अपने बचाव के लिए वुफल्हाड़ी और लाठी भी लेकर आए थे। भीड़ और शोरगुल से घबराकर चार महीने का वह तेंदुए का बच्चा बस के नीचे छुप गया। 9.00 बजे जाकर पुलिस, पफायरμबि्रगेड और बोरीवली पावर्फ के जानवरों के डाॅक्टर, डाॅ. रणध्ीर बरह‘े उस जगह पहँुचे। सभी ने मिलकर उसे बाहर निकालने की बहुत कोश्िाश की पर वह टस से मस न हुआ। हारकर डा. बरह‘े ने बेहोशी की दवा की सुइर् तैयार की और एक लंबे पाइप से पूँफककर तेंदुए के बच्चे को लगाइर्। बेहोश होने के बाद उसे बोरे में लपेटकर जीप में बोरीवली पावर्फ ले जाया गया। आँख खुलने पर उसने अपने आप को एक पिंजरे में पाया। खबर की बात ;कद्ध क्या तुम बता सकते हो कि ऽ यह घटना किस जगह घटी? ऽ घटना किस दिन घटी? ऽ उस दिन क्या तारीख थी? ;खद्ध तुमने तेंदुए के बच्चे की यह खबर पढ़ी। तुम्हारे घर आस - पड़ोस या स्वूफल में आनेवाले वुफछ अखबारों के नाम पता करो और लिखो। बस तक कैसे पहँुचा? ऽ तुम्हारे विचार से यह तेंदुए का बच्चा बस के पास कहाँ से पहऽ वुफछ लोग लाठी और वुफल्हाडलेकर क्यों पहुँच गए थे? तुम होते तो क्या करते? अखबारों के लिए ;कद्ध क्या तुम अपनी कक्षा या घर की किसी घटना को एक खबर की तरह समाचार पत्रा के लिए लिख सकते हो। जगह, दिन, तारीख, लिखना मत भूलना। यह घटना वुफछ भी हो सकती है जैसेμ ऽ किसने किससे की लड़ाइर् ऽ खोज - खोज कर मैं तो हारी, चीज हो गइर् गुम़ऽ घर में शादी, वाह भाइर् वाह! ऽ कौन हारा कौन जीता! ;खद्ध यहाँ नीचे बाघ का चित्रा दिया गया है। तुम भी अपनी पसंद का कोइर् जानवर बनाकर उनमें इसी तरह के डिशाइन बनाओ और रंग भरो। ऽ चित्रा के बारे में बच्चों से बातचीत करें। उन्हें बताएँ कि यह चित्रा मध्यप्रदेश की गोंडी शैली में बना है। 78 बाघ का बच्चा रस्ता पक्का हो या कच्चा, कभी उछलता कभी वूफदता, ध्ूम मचाता बाघ का बच्चा। लहराता है बाघ का बच्चा। पंजे अपने कहीं अड़ाता, सुस्ताता है बाघ का बच्चा। माँ जब चलती वह चल पडकभी कहीं वह गिरता पडचलता जाता बाघ का बच्चा। ा बहादुर बाघ का बच्चा। घबराता ना बाघ का बच्चा। घूम - घूम कर दूर - दूर तक, पेट पीठ पर भूरी काली, धरी - धरी बड़ी निराली। चलता आता चलता आता, गुरार्ता है बाघ का बच्चा।

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