तालिका 12.1: प्रदूषण के प्रकार एवं स्रोत प्रदूषण प्रकार सन्िनहित प्रदूषण प्रदूषण के स्रोत वायु प्रदूषण सल्पफर के आॅक्साइड ;ैव्2ए ैव्3द्ध नाइट्रोजन आॅक्साइड, काबर्न मोनोआॅक्साइड, हाइड्रो काबर्न, अमोनिया, सीसा एल्डेहाइड्स एस्बेस्टोश एवं बेरिलियम कोयले, पेट्रोल व डीशल का दहन ;जलनाद्ध, औद्योगिक प्रव्रफम, ठोस कचरा निपटान, वाहित मल ;जल - मलद्ध निपटान आदि जल प्रदूषण बदबू, घुलित एवं निलंबित ठोस कण, अमोनिया तथा यूरिया, नाइट्रेट एवं नाइट्राइट्स, क्लोराइड्स, फ्रलोराइड्स, काबोर्नेट्स, तेल एवं ग्रीस ;चिकनाइर्द्ध, कीटनाशकों एवं पीड़कनाशी के अवशेष, टैंनिन, कोलीपफामर् एम पी एम ;जीवाणु गणनाद्ध, सल्पेफट्स एवं सल्पफाइड्स, भारी धातुएँ जैसे कि सीसा, आसेर्निक, पारा, मैंगनीश आदि रेडियोधमीर् पदाथर् तत्त्व वाहित मल निपटान, नगरीय वाही जल, उद्योगों के विषाक्त वृफष्िात भूमि के उफपर से बहता जल बहिःड्डाव तथा नाभ्िाकीय उफजार् संयंत्रा भू - प्रदूषण मानव एवं पशु मलादि विषाणु तथा जीवाणु तथा रोगवाहक विरलन कीटनाशक एवं उवर्रक अवश्िाष्ट क्षारीयता, फ्रलोराइड्स, रेडियोधमीर् पदाथर्। अनुचित मानव वि्रफयाकलाप, अनुपचारित औद्योगिक अपश्िाष्ट का निपटान, पीड़कनाशी एवं उवर्रकों का उपयोग। ध्वनि प्रदूषण सहन क्षमता से अिाक उफँची ध्वनि का स्तर वायुयान, मोटर - वाहन, रेलगाडि़याँ, औद्योगिक प्रव्रफम तथा विज्ञापन मीडिया उत्पादन प्रवि्रफया में, उद्योग अनेक अवांछित उत्पाद पैदा करते हैं जिनमें औद्योगिक कचरा, प्रदूष्िात अपश्िाष्ट जल, शहरीली गैसें, रासायनिक अवशेष, अनेक भारी धातुएँ, धूल, धुआँ आदि शामिल होता है। अिाकतर औद्योगिक कचरे को बहते जल में अथवा झीलों आदि में विसजिर्त कर दिया जाता है। परिणामस्वरूप विषाक्त रासायनिक तत्व जलाशयों, नदियों तथा अन्य जल भंडारों में पहुँच जाते हैं जो इन जलों में रहने वाली जैव प्रणाली को नष्ट करते हैं। सवार्िाक जल प्रदूषक उद्योग - चमड़ा, लुगदी व कागश, वस्त्रा तथा रसायन हैं। आधुनिक कृष्िा में विभ्िान्न प्रकार के रासायनिक पदाथो± का उपयोग होता है जैसे कि अकाबर्निक उवर्रक, कीटनाशक, खरपतवार नाशक आदि भी प्रदूषण उत्पादन करने वाले घटक हैं। इन रसायनों को नदियों, झीलों तथा तलाबों में बहा दिया जाता है। यह सभी रसायन जल के माध्यम में शमीन में स्रवित होते हुए भू - जल तक पहुँच जाते हैं। उवर्रक धरातलीय जल में नाइट्रेट की मात्रा को बढ़ा देते हैं। भारत में तीथर् यात्राओं, धामिर्क मेले व पयर्टन आदि जैसी सांस्वृफतिक गतिवििायाँ भी जल प्रदूषण का कारण हैं। भारत में, धरातलीय जल के तालिका 12.2: गंगा एवं यमुना नदियों में प्रदूषण के स्रोत नदी एवं राज्य प्रदूष्िात पटरियाँ प्रदूषण की प्रवृफति मुख्य प्रदूषक गंगा ;उत्तर प्रदेश, बिहार व प. बंगालद्ध ;अद्ध कानपुर का अनुप्रवाह ;बद्ध वाराणसी का अनुप्रवाह ;सद्ध पफरक्का बाँध 1.कानपुर जैसे नगरों से औद्योगिक प्रदूषण। 2.नगरीय वेंफद्रों का घरेलू अपश्िाष्ट नदी में लाशों का विसजर्न। कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी, पटना तथा कोलकाता जैसे नगर घरेलू कचरे को नदी में निमुर्क्त करते हैं। यमुना ;दिल्ली एवं उत्तर प्रदेशद्ध ;अद्ध दिल्ली से चंबल के मिलन तक ;बद्ध मथुरा व आगरा 1.हरियाणा व उत्तर प्रदेश द्वारा पानी का सिंचाइर् हेतु निगर्मन। 2.वृफष्िा गतिवििायों के कारण यमुना जल में उच्च स्तर पर सूक्ष्म प्रदूषकों का प्रवाह। 3.दिल्ली का घरेलू एवं औद्योगिक कचरे का नदी में प्रवाहित करना। दिल्ली का अपने घरेलू अपश्िाष्ट को नदी में डालना। 136 भारत: लोग और अथर्व्यवस्था

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