तालिका 4.3: भारत - दस लाखी नगरों/नगरीय संवुफलों की जनसंख्या, 2001 कोटि नगरीय संवुफल/ नगरों का नाम जनसंख्या ;दस लाख मेंद्ध कोटि नगरीय संवुफल/ नगरों का नाम जनसंख्या ;दस लाख मेंद्ध 1ण् 2ण् 3ण् 4ण् 5ण् 6ण् 7ण् 8ण् 9ण् 10ण् 11ण् 12ण् 13ण् 14ण् 15ण् 16ण् 17ण् 18ण् बृहन मुंबइर् कोलकाता दिल्ली चेन्नइर् बँगलौर हैदराबाद अहमदाबाद पुणे सूरत कानपुर जयपुर लखनउफ नागपुर पटना इंदौर वडोदरा भोपाल कोयंबटूर 16ण्37 13ण्22 12ण्79 6ण्42 5ण्69 5ण्53 4ण्52 3ण्76 2ण्81 2ण्69 2ण्32 2ण्27 2ण्12 1ण्71 1ण्64 1ण्49 1ण्45 1ण्45 19ण् 20ण् 21ण् 22ण् 23ण् 24ण् 25ण् 26ण् 27ण् 28ण् 29ण् 30ण् 31ण् 32ण् 33ण् 34ण् 35ण् लुिायाना कोच्िच विशाखापट्नम आगरा वाराणसी मदुरइर् मेरठ नासिक जबलपुर जमशेदपुर आसनसोल धनबाद पफरीदाबाद इलाहाबाद अमृतसर विजयवाड़ा राजकोट 1ण्39 1ण्36 1ण्33 1ण्32 1ण्21 1ण्19 1ण्17 1ण्15 1ण्12 1ण्10 1ण्09 1ण्06 1ण्05 1ण्05 1ण्01 1ण्01 1ण्00 वुफल 107ण्88 भारत की जनगणना, 2011 के लिए परिश्िाष्ट पृú संú - 161 देखें नगरीय संवुफलों/नगरों की राज्यानुसार सूची बनाये और नगरों के इस वगर् के अंतगर्त राज्यानुसार जनसंख्या को देखें।शैक्ष्िाक नगर मुख्य परिसर नगरों में से वुफछ नगर श्िाक्षा वेंफद्रों के रूप में विकसित हुए जैसे रुड़की, वाराणसी, अलीगढ़, पिलानी, इलाहाबाद। पयर्टन नगर नैनीताल, मसूरी, श्िामला, पचमढ़ी, जोधपुर, जैसलमेर, उडगमंडलम ;उफटीद्ध, माउंट आबू वुफछ पयर्टन गंतव्य स्थान हैं। नगर अपने प्रकायो± में स्िथर नहीं है उनके गतिशील स्वभाव के कारण प्रकायो± में परिवतर्न हो जाता है। विशेषीवृफत नगर भी महानगर बनने पर बहुप्रकायार्त्मक बन जाते हैं जिनमें उद्योग व्यवसाय, प्रशासन, परिवहन इत्यादि महत्त्वपूणर् हो जाते हैं। प्रकायर् इतने अंतग्र±थ्िात हो जाते हैं कि नगर को किसी विशेष प्रकायर् वगर् में वगीर्वृफत नहीं किया जा सकता। 38 भारत: लोग और अथर्व्यवस्था

RELOAD if chapter isn't visible.