अध्याय - 7 तृतीयक और चतुथर् ियाकलाप जब आप बीमार पड़ते हैं आप किसी डाॅक्टर को बुलाते हैं अथवा आप पारिवारिक डाॅक्टर के पास जाते हैं। कभी - कभी आपके माता - पिता उपचार के लिए आपको अस्पताल ले जाते हैं। विद्यालय में आपको अध्यापक पढ़ाते हैं। किसी भी विवाद की स्िथति में कानूनी राय वकील से ली जाती है। इसी प्रकार अनेक व्यवसायी होते हैं जो पफीस का भुगतान होने पर अपनी सेवाएँ प्रदान करते हैं। अतः सभी प्रकार की सेवाएँ विश्िाष्ट कलाएँ होती हैं जो भुगतान के बदले प्राप्त होती हैं। स्वास्थ्य, श्िाक्षा, वििा, प्रशासन और मनोरंजन इत्यादि को व्यावसायिक वुफशलता की आवश्यकता है। इन सेवाओं को अन्य सै(ांतिक ज्ञान और ियात्मक प्रश्िाक्षण की आवश्यकता होती है और अभ्यास इन्हें पूणर् व्यावसायिक बनाता है। तृतीयक ियाकलाप सेवा सेक्टर से संबंिात हैं। जनशक्ित सेवा सेक्टर का एकमहत्त्वपूणर् कारक है क्योंकि अिाकांश तृतीयक ियाकलापों का निष्पादन वुफशल श्रमिक व्यावसायिक दृष्िट से प्रश्िाक्ष्िात विशेषज्ञ और परामशर्दाताओं द्वारा होता है। आथ्िार्क विकास की आरंभ्िाक अवस्थाओं में लोगों का एक बड़ा अनुपात प्राथमिक सेक्टर में कायर् करता था। एक विकसित अथर्व्यवस्था में बहुसंख्यक श्रमिक तृतीयक ियाकलापों में रोशगार पाते हैं और अपेक्षावृफत कम संख्या में द्वितीयक सेक्टर में कायर्रत होते हैं। तृतीयक ियाकलापों में उत्पादन और विनिमय दानोंसम्िमलित होते हैं। उत्पादन में सेवाओं की उपलब्धता शामिल होती है जिनका उपभोग किया जाता है। उत्पादन को परोक्ष रूप से पारिश्रमिक और वेतन के रूप में मापा जाता है। विनिमय के अंतगर्त व्यापार, परिवहन और संचार सुविधाएँ सम्िमलित होती हंै जिनका उपयोग दूरी को निष्प्रभाव करने के लिए किया जाता है। इसलिए तृतीयक ियाकलापों में मूतर् वस्तुओं के उत्पादन के बजाय सेवाओं का व्यावसायिक उत्पादन सम्िमलित होता है। वे भौतिक कच्चे माल के प्रक्रमण में प्रत्यक्ष रूप से सम्िमलित नहीं होती। एक नलसाज, बिजली मिस्त्राी, तकनीश्िायन, धोबी, नाइर्, दुकानदार, चालक, कोषपाल, अध्यापक, डाॅक्टर, वकील और प्रकाशक इत्यादि का काम इनका सामान्य उदाहरण हैं। द्वितीयक और तृतीयक ियाकलापों में मुख्य अंतर यह है कि सेवाओं द्वारा उपलब्ध विशेषज्ञता उत्पादन तकनीकों, मशीनरी और पैफक्ट्रीप्रियाओं की अपेक्षा कमिर्यों की विश्िाष्टीकृत वुफशलताओं, अनुभव और ज्ञान पर अत्यिाक निभर्र करती है। तृतीयक ियाकलापों के प्रकार अब तक आप जान गए हैं कि आप व्यापारी की दुकान से पुस्तवेंफ और स्टेशनरी खरीदते हैं, बस अथवा रेल द्वारा यात्रा करते हैं, पत्रा भेजते हैं, दूरभाष पर बातें करते हैं व अध्ययन के लिए अध्यापकों की व रुग्ण होने पर डाॅक्टर की सेवाएँ प्राप्त करते हैं। इस प्रकार व्यापार, परिवहन, संचार और सेवाएँ वुफछ तृतीयक ियाकलाप हैं जिनकी इस सेक्टर में चचार् की गइर् है। चाटर् 7.1 तृतीयक ियाकलापों के वगीर्करण का आधार प्रस्तुत करता है। व्यापार और वाण्िाज्य व्यापार वस्तुतः अन्यत्रा उत्पादित मदों का क्रय और विक्रय है। पुफटकर और थोक व्यापार अथवा वाण्िाज्य की सभी सेवाओं का विश्िाष्ट उद्देश्य लाभ कमाना है। यह सारा काम कस्बों और नगरों में होता है जिन्हें व्यापारिक वेंफद्र कहा जाता है। स्थानीय स्तर पर वस्तु विनिमय से लेकर अंतरार्ष्ट्रीय सोपान पर मुद्रा विनिमय तक व्यापार के उत्थान ने अनेक वेंफद्रों और संस्थाओं को जन्म दिया है जैसे कि व्यापारिक वेंफद्र अथवा संग्रहण और वितरण ¯बदु। व्यापारिक वेंफद्रों को ग्रामीण और नगरीय विपणन वेंफद्रों में विभक्त किया जा सकता है। ग्रामीण विपणन वेंफद्र निकटवतीर् बस्ितयों का पोषण करते हैं। ये अधर् - नगरीय वेंफद्र होते हैं। ये अत्यंत अल्पविार्त प्रकार के व्यापारिक वेंफद्रों के रूप में सेवा करते हैं। यहाँ व्यक्ितगत और व्यावसायिक सेवाएँ सुविकसित नहीं होतीं। ये स्थानीय संग्रहण और वितरण वेंफद्र होते हैं। इनमें से अिाकांश वेंफद्रों में मंडियाँ ;थोक बाशारद्ध और पुफटकर व्यापार क्षेत्रा भी होते हैं। ये स्वयं में नगरीय वेंफद्र नहीं हैं ¯कतु ग्रामीण लोगों की अिाक माँग वाली वस्तुओं और सेवाओं को उपलब्ध करानेवाले महत्त्वपूणर् वेंफद्र हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में आविाक बाशार: ग्रामीण क्षेत्रों में जहाँ नियमित बाशार नहीं होते विभ्िान्न कालिक अंतरालों पर स्थानीय आविाक बाशार लगाए जाते हैं। ये साप्ताहिक, पाक्ष्िाक बाशार होते हैं जहाँ परिग्रामी क्षेत्रों से लोग आकर समय - समय पर अपनी आवश्यक शरूरतों को पूरा करते हैं। ये बाशार निश्िचत तिथ्िा दिन पर लगते हैं और एक स्थान से दूसरे स्थान पर लगते रहते हैं। दुकानदार इस प्रकार सभी दिन व्यस्त रहते हैं और एक विस्तृत क्षेत्रा को सेवा प्रदान करते हैं। नगरीय बाशार वेंफद्रों में और अिाक विश्िाष्टीकृत नगरीय सेवाएँ मिलती हैं। इनमें न केवल साधारण वस्तुएँ और सेवाएँ बल्िक लोगों द्वारा वांछित अनेक विश्िाष्ट वस्तुएँ व सेवाएँ भी उपलब्ध होती हैं। नगरीय वेंफद्र,इसलिए विनिमिर्त पदाथा±े के साथ - साथ विश्िाष्टीकृत बाशार भी प्रस्तुत करते हैं जैसे श्रम बाशार, आवासन, अधर् - निमिर्त एवं निमिर्त उत्पादों का बाशार। इनमें शैक्ष्िाक संस्थाओं और व्यावसायिकों की सेवाएँ जैसे - अध्यापक, वकील, परामशर्दाता, चिकित्सक, दाँतों का डाॅक्टर और पशु चिकित्सक आदि उपलब्ध होते हैं। चित्रा 7.3: अमेरिका में डिब्बाबंद आहार बाशार पुफटकर व्यापार ये वह व्यापारिक ियाकलाप हंै जो उपभोक्ताओं को वस्तुओं के प्रत्यक्ष विक्रय से संबंिात हंै। अिाकांश पुफटकर व्यापार केवल विक्रय से नियत प्रतिष्ठानों और भंडारों में संपन्न होता है। पेफरी, रेहड़ी, ट्रक, द्वार से द्वार, डाक आदेश, दूरभाष, स्वचालित बिक्री मशीनें तथा इंटरनेट पुफटकर बिक्री के भंडार रहित उदाहरण हैं। तृतीयक और चतुथर् ियाकलाप 57 भंडारों पर और सामग्री पुफटकर व्यापार में वृहत स्तर पर सबसे पहले नवाचार लाने वाले उपभोक्ता सहकारी समुदाय थे। विभागीय भंडार वस्तुओं की खरीद और भडारों के विभ्िान्न अनुभागों में बिक्री के सवर्ेक्षण के लिएविभागीय प्रमुखों को उत्तरदायित्व और प्रािाकार सौंप देते हैं। शृंखला भंडार अत्यिाक मितव्ययता से व्यापारिक माल खरीद पाते हैं, यहाँ तक कि अपने विनिदर्ेश पर सीधे वस्तुओं का विनिमार्ण करा लेते हैं। वे अनेक कायर्कारी कायो± में अत्यिाक वुफशल विशेषज्ञ नियुक्त कर लेते हैं। उनके पास एक भंडार के अनुभव के परिणामों को अनेक भंडारों में लागू करने की योग्यता होती है। थोक व्यापार थोक व्यापार का गठन अनेक बिचैलिए सौदागरों और पूतिर्घरों द्वारा होता है न कि पुफटकर भंडारों द्वारा। शंृखला भंडारों सहित वुफछ बड़े भंडार विनिमार्ताओं से सीधी खरीद करते हैं। पिफर भीबहुसंख्यक पुफटकर भंडार बिचैलिए ड्डोत से पूतिर् लेते हैं। थोक विव्रेफता प्रायः पुफटकर भंडारों को उधार देते हैं, यहाँ तक कि पुफटकर विवे्रफता अिाकतर थोक विव्रेफता की पूँजी पर ही अपने कायर् का संचालन करते हैं। परिवहन परिवहन एक ऐसी सेवा अथवा सुविधा है जिससे व्यक्ितयों,विनिमिर्त माल तथा संपिा को भौतिक रूप से एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है। यह मनुष्य की गतिशीलता की मूलभूत आवश्यकता को पूरा करने हेतु निमिर्त एक संगठित उद्योग है। आधुनिक समाज वस्तुओं के उत्पादन, वितरण और उपभोग में सहायता देने के लिए तीव्र और सक्षम परिवहन व्यवस्था चाहते हैं। इस जटिल व्यवस्था की प्रत्येक अवस्था में परिवहन द्वारा पदाथर् का मूल्य अत्यध्िक बढ़ जाता है। परिवहन दूरी को किलोमीटर दूरी अथवा मागर् लंबाइर् की वास्तविक दूरी, समय दूरी अथवा एक मागर् पर यात्रा करने में लगने वाले समय, और लागत दूरी अथवा मागर् पर यात्रा के खचर् के रूप में मापा जा सकता है। परिवहन के साध्न के चयन में समय अथवा लागत के संदभर् में एक निणार्यक कारक है। मानचित्रा पर समान समय में पहुँचने वाले स्थानों को मिलाने वाली समकाल रेखाएँ खींची जाती हैं। जाल - तंत्रा और पहुँच जैसे ही परिवहन व्यवस्थाएँ विकसित होती हैं विभ्िान्न स्थान आपस में जुड़कर जाल - तंत्रा की रचना करते हैं। जाल - तंत्रा तथा योजक से मिलकर बनते हैं। दो अथवा अिाक मागा±े का संिा - स्थल, एक उद्गम बिदु, एक गंतव्य बिंदु अथवा मागर् के सहारे कोइर् बड़ा कस्बा नोड होता है। प्रत्येक सड़क जो दो नोडों को जोड़ती है योजक कहलाती है। एक विकसित जाल - तंत्रा में अनेक योजक होते हैं, जिसका अथर् है कि स्थान सुसंब( है। परिवहन को प्रभावित करने वाले कारक परिवहन की माँग जनसंख्या के आकार से प्रभावित होती है। जनसंख्या का आकार जितना बड़ा होगा परिवहन की माँग उतनी ही अिाक होगी। नगरों, कस्बों, गाँवों, औद्योगिक वेंफद्रों और कच्चे माल, उनके मध्य व्यापार के प्रारूप, उनके मध्य भू - दृश्य कीप्रकृति, जलवायु के प्रकार और मागर् की लंबाइर् पर आने वाले व्यवधानों को दूर करने के लिए उपलब्ध निध्ियों ;मुद्राद्ध पर मागर् निभर्र करते हैं। संचार संचार सेवाओं में शब्दों और संदेशों, तथ्यों और विचारों का प्रेषण सम्िमलित है। लेखन के आविष्कार ने संदेशों को संरक्ष्िात किया और संचार को परिवहन के साधनों पर निभर्र करने में सहायता की। ये वास्तव में हाथ, पशुओं, नाव, सड़क, रेल तथा वायु द्वारा परिवहित होते थे। यही कारण है कि परिवहन के सभी रूपों को संचार पथ कहा जाता है। जहाँ परिवहन जाल - तंत्रा सक्षम होता है वहाँ संचार का पैफलाव सरल होता है। मोबाइल दूरभाष और उपग्रहों जैसे वुफछ विकासों ने संचार को परिवहन से मुक्त कर दिया है। पुराने तंत्रों के सस्ता होने के कारण संचार के सभी रूपों का साहचयर् पूणर् रूप से समाप्त नहीं हुआ है। अतः पूरे विश्व में अभी भी विशाल मात्रा में डाक का निपटारन डाकघरों द्वारा हो रहा है। वुफछ संचार सेवाओं की चचार् नीचे की गइर् है: दूरसंचार दूरसंचार का प्रयोग विद्युतीय प्रौद्योगिकी के विकास से जुड़ा है। संदेशों के भेजे जाने की गति के कारण इसने संचार में क्रांति ला दी है। समय सप्ताहों से मिनटों मंेघट गया है और मोबाइल दूरभाष जैसी नूतन उन्नति ने किसी भी समय कहीं से भी संचार को प्रत्यक्ष और तत्काल बना दिया है। तार प्रेषण, मोसर् वूफट और टैलेक्स अब लगभग भूतकाल की वस्तुएँ बन गइर् हैं। रेडियो और दूरदशर्न भी समाचारों, चित्रों व दूरभाष कालों का पूरे विश्व में विस्तृत श्रोताओं को प्रसारण करते हैं और इसलिए इन्हें जनसंचार माध्यम कहा जाता है। वेविज्ञापन एवं मनोरंजन के लिए महत्त्वपूणर् हैं। समाचार पत्रा विश्व के सभी कोनों से घटनाओं का प्रसारण करने में सक्षम होते हैं। उपग्रह संचार पृथ्वी और अंतरिक्ष से सूचना का प्रसारण करता है। इंटरनेट ने वैश्िवक संचार तंत्रा में वास्तव में व्रफांति ला दी है। सेवाएँ सेवाएँ विभ्िान्न स्तरों पर पाइर् जाती हैं। वुफछ सेवाएँ उद्योगों को चलाती हैं, वुफछ लोगों को और वुफछ उद्योगों और लोगांे दोनों को, उदाहरणतः परिवहन तंत्रा। निम्नस्तरीय सेवाएँ जैस - पंसारी की दुकानें, धोबीघाटऋ उच्चस्तरीय सेवाओं अथवा लेखाकार, परामशर्दाता और काय चिकित्सक जैसी अिाकविश्िाष्टीकृत सेवाओं की अपेक्षा अिाक सामान्य और विस्तृत हैं। सेवाएँ भुगतान कर सकने वाले व्यक्ितगत उपभोक्ताओं को उपलब्ध होती हैं। माली, धोबी और नाइर् मुख्य रूप से शारीरिक श्रम करते हैं। अध्यापक, वकील, चिकित्सक, संगीतकार और अन्य मानसिक श्रम करते हैं। अनेक सेवाएँ अब नियमित हो गइर् हैं। महामागा±े एवं सेतुओं का निमार्ण और अनुरक्षण, अग्िनशमन विभागों का अनुरक्षण और श्िाक्षा की पूतिर् अथवा पयर्वेक्षण और ग्राहक - सेवामहत्त्वपूणर् सेवाओं में से हैं, जिनका पयर्वेक्षण अथवा निष्पादन प्रायः सरकारों अथवा वंफपनियों द्वारा किया जाता है। राज्यऔर संघ विधान ने परिवहन, दूरसंचार, ऊजार् और जलापूतिर् जैसी सेवाओं के विपणन के पयर्वेक्षण और नियंत्राण के लिए निगमों की स्थापना की है। स्वास्थ्य की देखभाल, अभ्िायांत्रिाकी, वििा और प्रबंधन व्यावसायिक सेवाएँ हैं। मनोरंजनात्मक और प्रमोद सेवाओं की स्िथति बाशार पर निभर्र करती है। मल्टीप्लेक्स और रेस्तराओं की स्िथति वेंफद्रीय व्यापार क्षेत्रा ;सी.बी.डी.द्ध के अंदर अथवा निकट हो सकती है जबकि गोल्पफ कोसर् ऐसे स्थान पर बनाया जाएगा जहाँ भूमि की लागत सी.बी.डी. की अपेक्षा कम होगी। दैनिक जीवन में काम को सुविधाजनक बनाने के लिए लोगों को व्यक्ितगत सेवाएँ उपलब्ध कराइर् जाती हैं। कामगार रोशगार की तलाश में ग्रामीण क्षेत्रों से प्रवास करते हैं और अवुफशल होते हैं। वे मोची, गृहपाल, खानसामा और माली जैसी घरेलू सेवाओं के लिए नियुक्त किए जाते हैं और इन्हें कम भुगतान किया जाता है। कमिर्यों का यह वगर् असंगठित है। ऐसा एक उदाहरण मुंबइर् की डब्बावाला सेवा है जो पूरे नगर में लगभग 1,75,000 उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराइर् जाती है। चित्रा 7.4: मुंबइर् में डब्बावाला सेवा तृतीयक ियाकलापों में संलग्न लोग आज अिाकांश लोग सेवाकमीर् हैं। सेवाएँ सभी समाजों में उपलब्ध होती हैं। अध्िक विकसित देशों में कमिर्यों का अिाकतर प्रतिशत इन सेवाओं में लगा है, जबकि अल्पविकसित देशों में 10 प्रतिशत से भी कम लोग इस सेवा क्षेत्रा में लगे हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में 75 प्रतिशत से अिाक कमीर् सेवाओं में संलग्न हैं। इस सेक्टर में रोशगार की प्रवृिा बढ़ रही है जबकि प्राथमिक और द्वितीयक ियाकलापों में यह अपरिवतिर्त है अथवा घट रही है। वुफछ चयनित उदाहरण पयर्टन पयर्टन एक यात्रा है जो व्यापार की बजाय प्रमोद के उद्देश्यों के लिए की जाती है। वुफल पंजीवृफत रोशगारों तथा वुफल राजस्व ;सकल घरेलू उत्पाद का 40 प्रतिशतद्ध की दृष्िट से यह विश्व का अकेला सबसे बड़ा ;25 करोड़द्ध तृतीयक ियाकलाप बन गया है। इनके अतिरिक्त पयर्टकों के आवास, भोजन, परिवहन, मनोरंजन तथा विशेष दुकानों जैसी सेवा उपलब्ध कराने के लिए अनेक स्थानीय व्यक्ितयों को नियुक्त किया जाता है। पयर्टन अवसंरचना उद्योगों, पुफटकर व्यापार तथा श्िाल्प उद्योगों ;स्मारिकाद्ध को पोष्िात करता है। वुफछ प्रदेशों में पयर्टन )तुनिष्ठ होता है क्योंकि अवकाश की अविा अनुवूफल मौसमी दशाओं पर निभर्र करती है, विंफतु कइर् प्रदेश वषर्पय±त पयर्टकों को आकष्िार्त करते हैं। गतिवििायों के कारण ऐतिहासिक नगर भी पयर्टकों को आकष्िार्त करते हैं। पयर्टन को प्रभावित करने वाले कारक माँँग: विगत शताब्दी से अवकाश के लिए माग तीव्रता से बढ़ी है। जीवन स्तर में सुधार तथा बढ़े हुए पुफरसत के समय के कारण अिाक लोग विश्राम के लिए अवकाश पर जाते हैं। परिवहन: परिवहन सुविधाओं में सुधार के साथ पयर्टन क्षेत्रों का आरंभ हुआ है। बेहतर सड़क प्रणालियों में कार द्वारा यात्रा सुगम होती है। हाल के वषा±े में वायु परिवहन का विस्तारअध्िक महत्त्वपूणर् रहा। उदाहरणतः वायु - यात्रा द्वारा वुफछ ही घंटों में अपने घरों से विश्व में कहीं भी जाया जा सकता है। पैकेज अवकाश के प्रारंभ ने लागत घटा दी है। पयर्टन आकषर्ण जलवायु: ठंडे प्रदेशों के अिाकांश लोग पुलिन विश्राम केलिए ऊष्ण व धूपदार मौसम की अपेक्षा करते हैं। दक्ष्िाणी यूरोप और भूमध्यसागरीय क्षेें पयर्टन के महत्त्व का यह त्रों मएक मुख्य कारण है। अवकाश के शीषर् मौसम में यूरोप के अन्य भागों की अपेक्षा भूमध्यसागरीय जलवायु में लगभगसतत ऊँचा तापमान, धूप की लंबी अविा और निम्न वषार् की दशाएँ होती हैं। शीतकालीन अवकाश का आनंद लेने वाले लोगों की विश्िाष्ट जलवायवी शरूरतें होती हैं, जसैे या तो ऊअपनी गृह - क्षेत्रों की तुलनामेंँचे तापमान अथवा स्कींग के चित्रा 7.5: स्िवटजरलैंड में बपर्फ से ढकी पवर्त चोटी पर स्कींग़करते पयर्टक पयर्टक प्रदेश भूमध्यसागरीय तट के चारों ओर कोष्ण स्थान तथा भारत का पश्िचमी तट विश्व के लोकपि्रय पयर्टक गंतव्य स्थानों में से हैं। अन्य में शीतकालीन खेल प्रदेश, जो मुख्यतः पवर्तीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं, मनोहारी दृश्यभूमियाँ तथा यत्रा - तत्रा पैफले राष्ट्रीयउद्यान सम्िमलित हैं। स्मारकों, विरासत स्थलों और सांस्कृतिक लिए अनुवूफल हिमावरण। भू - दृश्य: कइर् लोग आकष्िार्त करने वाले पयार्वरण में अवकाश बिताना पसंद करते हैं, जिसका प्रायः अथर् होता है पवर्त, झीलें, दशर्नीय समुद्री तट और मनुष्य द्वारा पूणर् रूप से अपरिवतिर्त भू - दृश्य। इतिहास एवं कला: किसी क्षेत्रा के इतिहास और कला में संभावित आकषर्ण होता है। लोग प्राचीन और सुंदर नगरों, पुरातत्व के स्थानों पर जाते हैं और किलों, महलों और गिरिजाघरों को देखकर आनंद उठाते हैं।संस्कृति और अथर्व्यवस्था: मानवजातीय और स्थानीयरीतियों को पसंद करने वालों को पयर्टन लुभाता है। यदि कोइर्प्रदेश पयर्टकों की शरूरतों को सस्ते दाम में पूरा करता है तोवह अत्यंत लोकपि्रय हो जाता है। ‘घरों में रुकना’ एक लाभदायक व्यापार बन कर उभरा है जैसे कि गोवा में हेरीटेशहोम्स तथा कनार्टक में मैडीकेरे और वूफगर्। भारत में समुद्रपार रोगियों के लिए स्वास्थ्य सेवाएँ 2005 इर्. में संयुक्त राज्य अमेरिका से उपचार के लिए55,000 रोगी भारत आए। संयुक्त राज्य स्वास्थ्य सेवा तंत्रा केअंतगर्त प्रतिवषर् होने वाले लाखों शल्यकमा±े की तुलना में यहसंख्या बहुत कम है। भारत विश्व में चिकित्सा पयर्टन मेंअग्रणी देश बन कर उभरा है। महानगरों में अवस्िथतविश्वस्तरीय अस्पताल संपूणर् विश्व के रोगियों का उपचारकरते हैं। भारत, थाइर्लैंड, सिंगापुर और मलेश्िाया जैसेविकासशील देशों को चिकित्सा पयर्टन से अनेक लाभ प्राप्तहोते हैं। चिकित्सा पयर्टन के अतिरिक्त चिकित्सा परीक्षणोंऔर आँकडे़ के निवर्चन के बाह्यड्डोतन के प्रति भी झुकावपाया जाता है। भारत, स्िवटशरलैंड और आस्ट्रेलिया केअस्पताल विकिरण बिंबों के अध्ययन से लेकर चुंबकीयअनुनाद बिंबों के निवर्चन और पराश्राव्य परीक्षणों तक कीविश्िाष्ट चिकित्सा सुविधाओं को उपलब्ध करा रहे हैं।बाह्यड्डोतन में, यदि यह गुणवत्ता में सुधार करने अथवाविश्िाष्ट सेवाएँ उपलब्ध कराने पर वेंफदि्रत है, तो बाह्यड्डोतनरोगियों के लिए अत्यिाक लाभ होता है। चिकित्सा पयर्टन जब चिकित्सा उपचार को अंतरार्ष्ट्रीय पयर्टन गतिवििा से संब( कर दिया जाता है तो इसे सामान्यतः चिकित्सा पयर्टन कहा जाता है। चतुथर् ियाकलाप कोपनहैगन और न्यूयावर्फ में एक बहुराष्ट्रीय वंफपनी के मुख्य कायर्कारी अिाकारी तथा चिकित्सकीय प्रतिलेखक ;मेडिकल ट्रांसिप्शनिस्टद्ध के बीच क्या समानता है? ये सभी लोग सेवा सेक्टर के उस प्रभाग में कायर् करते हैं जो ज्ञानोन्मुखी है। इस सेक्टर को चतुथर् और पंचम ियाकलापों में विभक्त किया जा सकता है। चतुथर् ियाकलापों में से वुफछ निम्नलिख्िात हैं: सूचना का संग्रहण, उत्पादन और प्रकीणर्न अथवा सूचना का उत्पादन भी। चतुथर् ियाकलाप अनुसंधान और विकास पर वेंफदि्रतहोते हैं और विश्िाष्टीकृत ज्ञान प्रौद्योगिक वुफशलता और प्रशासकीय सामथ्यर् से संब( सेवाओं के उन्नत नमूने के रूप में देखे जाते हैं। चतुथर् सेक्टर आथ्िार्क वृि के आधार के रूप में तृतीयक सेक्टर के साथ चतुथर् सेक्टर ने सभी प्राथमिक व द्वितीयक से रोशगारों को प्रतिस्थापित कर दिया है। विकसित अथर्व्यवस्थाओं में आधे से अिाक कमीर् ज्ञान के इस क्षेत्रा में कायर्रत हैं तथा पारस्परिक कोष ;म्यूचुअलपंफडद्ध प्रबंधकों से लेकर कर परामशर्दाताओं, साॅफ्रटवेयर सेवाओं की माँग में अति उच्च वृि हुइर् है। कायार्लय भवनों, प्रारंभ्िाक विद्यालयों, विश्वविद्यालयी कक्षाओं, अस्पतालों व डाॅक्टरों के कायार्लयों, रंगमचों, लेखाकायर् और दलाली की पफमा±े में काम करने वाले कमर्चारी इस वगर् की सेवाओं से संबंध रखते हैं। वुफछ तृतीयक ियाओं की भाँति चतुथर् ियाकलापों को भी बाह्यड्डोतन के माध्यम से किया जा सकता है। ये सेवाएँ संसाधनों से बँधी हुइर् पयार्वरण से प्रभावित तथा अनिवायर् रूप से बाशार द्वारा स्थानीकृत नहीं हैं। पंचम ियाकलाप उच्चतम स्तर के निणर्य लेने तथा नीतियों का निमार्ण करने वाले पंचम ियाकलापों को निभाते हैं। इनमें और ज्ञान आधारित उद्योगों, जो सामान्यतः चतुथर् सेक्टर से जुड़ी होती हैं, में सूक्ष्म अंतर होता है। पंचम ियाकलाप वे सेवाएँ हैं जो नवीन एवं वतर्मान विचारों की रचना, उनके पुनगर्ठन और व्याख्याऋ आँकड़ों की व्याख्या और प्रयोग तथा नइर् प्रौद्योगिकी के मूल्यांकन पर वेंफदि्रत होती हैं। प्रायः ‘स्वणर् काॅलर’ कहे जाने वाले ये व्यवसाय तृतीयक सेक्टर का एक और उप - विभाग हैं जो वरिष्ठ व्यावसायिक कायर्कारियों, सरकारी अिाकारियों,अनुसंधान वैज्ञानिकों, वित्त एवं वििा परामशर्दाताओं इत्यादि की विशेष और उच्च वेतन वाली वुफशलताओं का प्रतिनििात्व करते हैं। उन्नत अथर्व्यवस्थाओं की संरचनामें उनका महत्त्व उनकी संख्या से कहीं अिाक होता है। बाह्यड्डोतन के परिणामस्वरूप भारत चीन, पूवीर् यूरोप,इड्डायल, पिफलीपींस और कोस्टारिका में बड़ी संख्या में काल सेंटरखुले हैं। इससे इन देशों में नए काम उत्पन्न हुए हैं। बाह्यड्डोतन उन देशों में आ रहा है जहाँ सस्ता और वुफशल श्रम उपलब्ध है। येउत्प्रवास वाले देश भी हंै। बाह्यड्डोतन के द्वारा काम उपलब्ध होनेपर इन देशों से प्रवास कम हो सकता है। बाह्यड्डोतन वाले देश अपने यहाँ काम तलाश कर रहे युवकों का प्रतिरोध झेल रहे हैं।बाह्यड्डोतन के बने रहने का मुख्य कारण तुलनात्मक लाभ है।पंचक सेवाओं की नवीन प्रवृिायों में ज्ञान प्रक्रमण बाह्यड्डोतन ;केपी.ओ.द्ध और ‘होम शोरिंग’ है, जो बाह्यड्डोतन का विकल्प है। ज्ञानप्रकरण बाह्यड्डोतन उद्योग व्यवसाय प्रक्रमण बाह्यड्डोतन ;बी.पीओ.द्ध से भ्िान्न है क्योंकि इसमें उच्च वुफशलकमीर् सम्िमलित होते हैं।यह सूचना प्रेरित ज्ञान की बाह्यड्डोतन है। ज्ञान प्रकरण बाह्यड्डोतन वंफपनियों को अतिरिक्त व्यावसायिक अवसरों को उत्पन्न करने मेंसक्षम बनाता है। ज्ञान प्रकरण बाह्यड्डोतन के उदाहरणों में अनुसंधान और विकास ियाएँ, इर्. लनि±ग, व्यवसाय अनुसंधान, बौिक संपदा, अनुसंधान, कानूनी व्यवसाय और बैंविंफग सेक्टर आते हैं। बाह्यड्डोतन बाह्यड्डोतन अथवा ठेका देना दक्षता को सुधारने और लागतों को घटाने के लिए किसी बाहरी अभ्िाकरण कोकाम सौंपना है। जब बाह्यड्डोतन में कायर् समुद्रपार के स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया जाता है तो इसको अपतरन ;आपफशोरिंगद्ध कहा जाता है, यद्यपि दोनोंअपतरन और बाह्यड्डोतन का प्रयोग इकट्टòा किया जाताहै। जिन व्यापारिक ियाकलापों को बाह्यड्डोतन किया जाता है उनमें सूचना प्रौद्योगिकी, मानव संसाधन, ग्राहक सहायता और काल सेंटर सेवाएँ और कइर् बार विनिमार्ण तथा अभ्िायांत्रिाकी भी सम्िमलित की जाती हैं। आँकड़ा प्रक्रमण सूचना प्रौद्योगिकी से संबंध्ित एक सेवा है जिसे आसानी से एश्िायाइर्, पूवीर् यूरोपीयऔर अÚीकी देशों में ियान्िवत किया जा सकता है। इन देशों में विकसित देशों की अपेक्षा कम पारिश्रमिक पर अंग्रेशी भाषा में अच्छी निपुणता वाले सूचना प्रौद्योगिकी में वुफशल कमर्चारी उपलब्ध हो जाता है। अतः हैदराबाद अथवा मनीला में स्थापित एक वंफपनी भौगोलिक सूचना तंत्रा की तकनीक पर आधारित परियोजना पर संयुक्त राज्य अमेरिका अथवा जापान जैसे देशों के लिए काम करती है। श्रम संबंधी काया±े को समुद्रपार ियान्िवत करने से, चाहे वह भारत, चीन और यहाँ तक कि अÚीका का कमसघन जनसंख्या वाला देश बोत्सवाना हो, ऊपरी लागत बहुत कम होती है, जिससे यह सेवा लाभदायक हो जाती है। ियाकलाप प्रत्येक रंग - नाम के समक्ष कायर् की प्रवृिा का वणर्न कीजिए लाल ? स्वणर् ? श्वेत ? धूसर ? नीला ? गुलाबी ? अंकीय विभाजक सूचना और संचार प्रौद्योगिकी पर आधारित विकास से मिलने वाले अवसरों का वितरण पूरे ग्लोब पर असमान रूप से वितरित है। देशों में विस्तृत आथ्िार्क राजनीतिक और सामाजिक भ्िान्नताएँ पाइर् जाती हैं। निणार्यक कारक यह है कि कोइर् देश कितनी शीघ्रता से अपने नागरिकों को सूचना और संचार प्रौद्योगिकी तक पहुँच और उसके लाभ उपलब्ध करा सकता है। विकसित देश, सामान्य रूप से, इस दिशा में आगे बढ़ गए हैं जबकि विकासशील देश पिछड़ गए हैं और इसी को अंकीय विभाजक कहा जाता है। इसी प्रकार देशों के भीतर अंकीय विभाजक विद्यमान है। उदाहरणतः भारत अथवा रूस जैसे विशाल देश में यह अवश्यंभावी है कि महानगरीय वेंफद्रों जैसे निश्िचत क्षेत्रों में परििास्थ ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में अंकीय विश्व के साथ बेहतर संबंध् तथा पहुँैच पाइर् जाती ह। अभ्यास 1ण् नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए: ;पद्ध निम्नलिख्िात में से कौन - सा एक तृतीयक ियाकलाप है? ;कद्धखेती ;खद्धबनाइुर् ;गद्ध व्यापार ;घद्ध आखेट ;पपद्ध निम्नलिख्िात ियाकलापों में से कौन - सा एक द्वितीयक सेक्टर का ियाकलाप नहीं है? ;कद्ध इस्पात प्रगलन ;खद्ध वस्त्रा निमार्ण ;गद्ध मछली पकड़ना ;घद्ध टोकरी बुनना ;पपपद्ध निम्नलिख्िात में से कौन - सा एक सेक्टर दिल्ली, मुंबइर्, चेन्नइर् और कोलकाता में सवार्िाक रोशगार प्रदान करता है? ;कद्ध प्राथमिक ;खद्ध द्वितीयक ;गद्ध पयर्टन ;घद्ध सेवा ;पअद्ध वे काम जिनमें उच्च परिमाण और स्तर वाले अन्वेषण सम्िमलित होते हैं, कहलाते हंै: ;कद्ध द्वितीयक ियाकलाप ;खद्ध पंचम ियाकलाप ;गद्ध चतुथर् ियाकलाप ;घद्ध प्राथमिक ियाकलाप ;अद्ध निम्नलिख्िात में से कौन - सा ियाकलाप चतुथर् सेक्टर से संबंिात है? ;कद्ध संगणक विनिमार्ण ;खद्ध विश्वविद्यालयी अध्यापन ;गद्ध कागश और कच्ची लुगदी निमार्ण ;घद्ध पुस्तकों का मुद्रण ;अपद्ध निम्नलिख्िात कथनों में से कौन - सा एक सत्य नहीं है? ;कद्ध बाह्यड्डोतन दक्षता को बढ़ाता है और लागतों को घटाता है। ;खद्ध कभी - कभार अभ्िायांत्रिाकी और विनिमार्ण काया±े की भी बाह्यड्डोतन की जा सकती है। ;गद्ध बी.पी.ओश के पास के.पी.ओशकी तुलना में बेहतर व्यावसायिक अवसर हेाते हैं। ;घद्ध कामों के बाह्यड्डोतन करने वाले देशों में काम की तलाश करने वालों में असंतोष पाया जाता है। 2ण् निम्नलिख्िात प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए: ;पद्ध पुफटकर व्यापार सेवा को स्पष्ट कीजिए। ;पपद्ध चतुथर् सेवाओं का वणर्न कीजिए। ;पपपद्ध विश्व में चिकित्सा पयर्टन के क्षेत्रा में तेशी से उभरते हुए देशों के नाम लिख्िाए। ;पअद्ध अंकीय विभाजक क्या है? 3ण् निम्नलिख्िात प्रश्नों के उत्तर 150 शब्दों से अिाक में न दें: ;पद्ध आधुनिक आथ्िार्क विकास में सेवा सेक्टर की साथर्कता और वृि की चचार् कीजिए। ;पपद्ध परिवहन और संचार सेवाओं की साथर्कता को विस्तारपूवर्क स्पष्ट कीजिए। ;पद्ध यदि गम्य है तो निकटतम बी.पी.ओशमें जाएँ और उसकी गतिवििायों का वणर्न करें। ;पपद्ध यात्रा अभ्िाकतार् से अपने विदेश जाने हेतु अनिवायर् दस्तावेशों का पता लगाएँ।

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