अध्याय - 2 विश्व जनसंख्या वितरण, घनत्व और वृि किसी देश के निवासी ही उसके वास्तविक ध्न होते हैं। यहीलोग देश के संसाध्नों का उपयोग करते हैं और उसकी नीतियँा निधर्रित करते हैं। अंततः एक देश की पहचान उसके लोगों सेही होती है। यह जानना आवश्यक है कि किसी देश में कितनी स्ित्रायाँऔर पुरुष हैं, प्रतिवषर् कितने बच्चे जन्म लेते हैं, कितने लोगों की मृत्यु होती है और वैफसे? क्या वे नगरों में रहते हैं अथवा गाँवों में?क्या वे पढ़ और लिख सकते हैं तथा वे क्या काम करते हैं? यही वे तथ्य हैं जिनके बारे में हम इस इकाइर् में अध्ययन करेंगे।21वीं शताब्दी के प्रारंभ में विश्व की जनसंख्या 600 करोड़ से अध्िक दजर् की गइर्। यहाँ हम जनसंख्या के वितरणऔर घनत्व के प्रारूपों की विवेचना करेंगे। विश्व की जनसंख्या असमान रूप से वितरित है। एश्िायाकी जनसंख्या के संबंध् में जाॅजर् बी. व्रेफसी की टिप्पणी है कि फ्एश्िाया में बहुत अध्िक स्थानों पर कम लोग और कम स्थानोंजनसंख्या करोड़ मेंपर बहुत अध्िक लोग रहते हैं।य् विश्व के जनसंख्या वितरण प्रारूप के संबंध् में भी यह सत्य है। विश्व में जनसंख्या वितरण के प्रारूप जनसंख्या के वितरण और घनत्व के प्रारूप हमें किसी क्षेत्रा कीजनांकिकीय विशेषताओं को समझने मंे मदद करते हैं। ‘जनसंख्या वितरण’ शब्द का अथर् भूपृष्ठ पर, लोग किस प्रकार वितरित हैंइस बात से लगाया जाता है। मोटे तौर पर विश्व की जनसंख्या का 90 प्रतिशत, इसके 10 प्रतिशत, स्थलभाग में निवास करता है।विश्व के दस सवार्ध्िक आबाद देशों में विश्व की लगभग 60 प्रतिशत जनसंख्या निवास करती है इन दस देशों मेंसे छह एश्िाया में अवस्िथत हैं। एश्िाया के इन छह देशों को पहचानिए। चित्रा 2.1: अत्यध्िक सघन जनसंख्या वाले देश जनसंख्या का घनत्व भूमि की प्रत्येक इकाइर् में उस पर रह रहे लोगों के पोषण की सीमित क्षमता होती है। अतः लोगों की संख्या और भूमि के आकार के बीच अनुपात को समझना आवश्यक है। यही अनुपात जनसंख्या का घनत्व है। यह सामान्यतः प्रति वगर् किलोमीटर रहने वाले व्यक्ितयों के रूप में मापा जाता है। जनसंख्या जनसख्या का घनत्व ंत्र क्षत्रेापफल उदाहरण के लिए ‘क’ प्रदेश का क्षेत्रापफल 100 वगर् कि.मी. है और जनसंख्या 1,50,000 है। जनसंख्या का घनत्व इस प्रकार निकाला जाएगा: 1,50,000 घनत्व त्र100 = 1,500 व्यक्ित/वगर् कि.मीइससे ‘क’ प्रदेश के बारे में आपको क्या पता चलता है? नीचे दिए गए मानचित्रा 2.2 को देख्िाए: क्या आप अवलोकन कर रहे हैं कि वुफछ क्षेत्रा वास्तव में सघन बसे हैं। ये विश्व के सघन आबाद क्षेत्रा हैं जिनमें प्रति वगर् कि.मी. 200 से अध्िक व्यक्ित निवास करते हैं। ये संयुक्तराज्य अमेरिका का उत्तर - पूवीर् भाग, यूरोप का उत्तर - पश्िचमी भाग तथा दक्ष्िाणी, दक्ष्िाणी - पूवीर् और पूवीर् एश्िाया के भाग हंै।उत्तरी और दक्ष्िाणी ध््रुवों के निकट, ऊष्ण और शीत मरुस्थल और विषुवत रेखा के निकट उच्च वषार् के अन्य क्षेत्रों में जनसंख्या का घनत्व अत्यंत कम है। ये विश्व के विरल जनसंख्या वाले प्रदेश हैं जहाँ प्रति वगर् कि.मी. एक व्यक्ित से भी कम लोग रहते हैं। इन दो प्रकार के क्षेत्रों के बीच मध्यम घनत्व के क्षेत्रा हैं। इनमें जनसंख्या घनत्व 11 से 50 व्यक्ित प्रति वगर् कि.मी. पाए जाते हैं। एश्िाया में पश्िचमी चीन, दक्ष्िाणी भारत तथा यूरोप में नावेर् और स्वीडन ऐसे क्षेत्रों के वुफछ उदाहरण हैं। चित्रा 2.2 को देख्िाए और वुफछ ऐसे अन्य क्षेत्रों को पहचानिए। जनसंख्या वितरण को प्रभावित करने वाले कारक ;प्द्ध भौगोलिक कारक ;पद्ध जल की उपलब्ध्ता: जल जीवन का सवार्ध्िकमहत्त्वपूणर् कारक है। अतः लोग उन क्षेत्रों में बसने को प्राथमिकता देते हैं जहाँ जल आसानी से उपलब्ध् होता है। जल का उपयोग पीने, नहाने और भोजन बनाने के साथ - साथ पशुओं, पफसलों, उद्योगों तथा नौसंचालन में किया जाता है। यही कारण है कि नदी - घाटियाँ विश्व के सबसे सघन बसे हुए क्षेत्रा हैं। ;पपद्ध भू - आकृति: लोग समतल मैदानों और मंद ढालों पर बसने को वरीयता देते हैं इसका कारण यह है कि ऐसे क्षेत्रा पफसलों के उत्पादन, सड़क निमार्ण और उद्योगों के लिए अनुवूफल होेते हैं। पवर्तीय और पहाड़ी क्षेत्रा परिवहन - तंत्रा के विकास में अवरोध्क हैं, इसलिए प्रारंभ में वृफष्िागत और औद्योगिक विकास के लिए अनुवूफल नहीं होते। अतः इन क्षेत्रों में कम जनसंख्या पाइर् जाती है। गंगा का मैदान विश्व के सवार्ध्िक सघन जनसंख्या वाले क्षेत्रों में से एक है जबकि हिमालय के पवर्तीय भाग विरल जनसंख्या वाले क्षेत्रा हैं। ;पपपद्ध जलवायु: अति ऊष्ण अथवा ठंडे मरुस्थलों की विषम जलवायु मानव बसाव के लिए असुविधजनक होती है। सुविधजनक जलवायु वाले क्षेत्रा जिनमें अध्िक मौसमी परिवतर्न नहीं होते, अध्िक लोगों को आवृफष्ट करते हैं। अध्िक वषार् अथवा विषम और रुक्ष जलवायु के क्षेत्रों में कम जनसंख्या पाइर् जाती है। भूमध्य सागरीय प्रदेश सुखद जलवायु के कारण इतिहास के आरंभ्िाक कालोें से बसे हुए हैं। ;पअद्ध मृदाएँ: उपजाऊ मृदाएँ वृफष्िा तथा इनसे सियाओं के लिए महत्त्वपूणर् हैं इसलिए उपजाऊ दोमट ंबंध्ितरोशगार उत्पन्न करते हैं। अतः वुफशल एवं अध्र् - वुफशल कमीर् इन क्षेत्रों में पहँुचते हैं और जनसंख्या को सघन बना देते हैं। अप्रफीका की कटंगा, शंाबिया ताँबा पेटी इसका एक अच्छा उदाहरण है। ;पपद्ध नगरीकरण: नगर रोजगार के बेहतर अवसर, शैक्षण्िाक व चिकित्सा संबंध्ी सुविधएँ तथा परिवहन और संचार के बेहतर साध्न प्रस्तुत करते हैं। अच्छी नागरिक सुविधाएँ तथा नगरीय जीवन के आकषर्ण लोगों को नगरों की ओर खींचते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से नगरीय क्षेत्रों में प्रवास होता है और नगर आकार में बढ़ जाते हैं। विश्व के विराट नगर प्रतिवषर् बड़ी संख्या में प्रवासियों को निरंतर आकष्िार्त करते हैं। पिफर भी नगरीय जीवन अत्यंत कष्टदायक हो सकता है..नगरीय जीवन के वुफछ कष्टदायक पक्षों को सोचिए। ;पपपद्ध औद्योगीकरण: औद्योगिक पेटियाँ रोजगार के अवसर उपलब्ध कराती हैं और बड़ी संख्या में लोगों को आकष्िार्त करती हैं। इनमें केवल कारखानों के श्रमिक ही नहीं होते बल्िक परिवहन परिचालक, दुकानदार, बैंककमीर्, डाॅक्टर, अध्यापक तथा अन्य सेवाएँ उपलब्ध् कराने वाले भी होते हैं। जापान का कोबे - ओसाका प्रदेश अनेक उद्योगों की उपस्िथति के कारण सघन बसा हुआ है। प्प्प्ण् सामाजिक एवं सांस्वृफतिक कारक वुफछ स्थान धमिर्क अथवा सांस्वृफतिक महत्त्व के कारण अिाक लोगों को आकष्िार्त करते हैं। ठीक इसी प्रकार लोग उन क्षेत्रों को छोड़कर चले जाते हैं जहाँ सामाजिक और राजनीतिक अशंाति होती है। कइर् बार सरकारें लोगों को विरल जनसंख्या वाले क्षेत्रों मिट्टðी वाले प्रदेशों में अध्िक लोग निवास करते हैं क्योंकि ये मृदाएँ गहन वृफष्िा का आधर बन सकती हैं। क्या आप भारत में उन क्षेत्रों के नाम बता सकते हैं जहाँकम उपजाऊ मृदा के कारण विरल जनसंख्या पाइर् जाती है? ;प्प्द्ध आथ्िार्क कारक ;पद्ध खनिज: खनिज निक्षेपों से युक्त क्षेत्रा उद्योगों को आवृफष्ट करते हैं। खनन और औद्योगिक गतिविध्ियाँ 10 मानव भूगोल के मूल सि(ांत में बसने अथवा भीड़ - भाड़ वाले स्थानों से चले जाने के लिए प्रोत्साहन देती हैं। क्या आप अपने प्रदेश से ऐसे वुफछ उदाहरणों को सोच सकते हैं? जनसंख्या वृि जनसंख्या वृि अथवा जनसंख्या परिवतर्न का अभ्िाप्राय किसी क्षेत्रा में समय की किसी निश्िचत अवध्ि के दौरान बसे हुए लोगों की संख्या में परिवतर्न से है। यह परिवतर्न ध्नात्मक भी हो सकता है और )णात्मक भी। इसे निरपेक्ष संख्या अथवा प्रतिशत के रूप में अभ्िाव्यक्त किया जा सकता है। जनसंख्या परिवतर्न किसी क्षेत्रा की अथ्िार्क प्रगति, सामाजिक उत्थान, ऐतिहासिक और सांस्वृफतिकपृष्ठभूमि का महत्त्वपूणर् सूचक होता है। जनसंख्या भूगोल की वुफछ आधरभूत संकल्पनाएँ जनसंख्या की वृि: समय के दो अंतरालों के बीच एक क्षेत्रा विशेष में होने वाली जनसंख्या में परिवतर्न को जनसंख्या की वृि कहा जाता है। उदाहरण के लिए यदि हम भारत की 1991 की जनसंख्याा ;84.6 करोड़द्ध मृत्यु दर जनसंख्या परिवतर्न में सिय भूमिका निभाती है। जनसंख्या वृि केवल बढ़ती हुइर् जन्म दर से नहीं होती अपितु घटती हुइर् मृत्यु दर से भी होती है। अशोध्ित मृत्यु दर किसी क्षेत्रा में मृत्यु दर को मापने की एक सरल वििा है। अशोध्ित मृत्यु दर को किसी क्षेत्रा विशेष में किसी वषर् के दौरान प्रति हशार जनसंख्या के पीछे मृतकों की संख्या के रूप में अभ्िाव्यक्त किया जाता है। अशोध्ित मृत्यु दर की गणना इस प्रकार की जाती है: किसी वषर् विशष ेृमतकों की संख्या मेंअशोिृ´1000त्रध्त मत्युदरको 2001 की जनसंख्या ;102.70 करोड़द्ध में से घटाएँ तब हमें जनसंख्या की वृि ;18.07 करोड़द्ध की वास्तविक संख्या का पता चलेगा। जनसंख्या की वृि दर: यह जनसंख्या में परिवतर्न है जो प्रतिशत में व्यक्त किया जाता है। उस वषर्वेंफ मध्य मे अनमुानित जनसंख्या मोटे तौर पर मृत्यु दर किसी क्षेत्रा की जनांकिकीय संरचना, सामाजिक उन्नति और आथ्िार्क विकास के स्तर द्वारा जनसंख्या की प्रावृफतिक वृि: किसी क्षेत्रा विशेष में दो समय अंतरालों में जन्म और मृत्यु के अंतर से बढ़ने वाली जनसंख्या को उस क्षेत्रा की प्रावृफतिक वृि कहते हैं। प्रावृफतिक वृि = जन्म μ मृत्यु जनसंख्या की वास्तविक वृि: यह वृि तब होती है जब वास्तविक वृि = जन्म μ मृत्यु $ आप्रवास μ उत्प्रवास जनसंख्या की ध्नात्मक वृि: यह तब होती है जब दो समय अंतरालों के बीच जन्म दर, मृत्यु दर से अिाक हो या जब अन्य देशों से लोग स्थायी रूप से उस देश में प्रवास कर जाएँ। जनसंख्या की )णात्मक वृि: यदि दो समय अंतराल के बीच जनसंख्या कम हो जाए तो उसे प्रभावित होती है। प्रवास जन्म और मृत्यु के अतिरिक्त एक और घटक है जिससे जनसंख्या का आकार परिवतिर्त होता है। जब लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाते हैं तो वह स्थान जहाँ से लोग गमन करते हैं उद्गम स्थान कहलाता है और जिस स्थान में आगमन करते हैं वह गंतव्य स्थान कहलाता है। उद्गम स्थान जनसंख्या में कमी को दशार्ता है जबकि गंतव्य स्थान पर जनसंख्या बढ़ जाती है। प्रवास को मनुष्य और संसाधन के बीच बेहतर संतुलन प्राप्त करने की दिशा में एक स्वतःस्पूफतर् जनसंख्या की )णात्मक वृि कहते हैं। यह तब होती है जब जन्म दर मृत्यु दर से कम हो जाए अथवा लोग अन्य देशों में प्रवास कर जाएँ। जनसंख्या परिवतर्न के घटक जनसंख्या परिवतर्न के तीन घटक हैं - जन्म, मृत्यु और प्रवास। अशोध्ित जन्म दर ;ब्ठत्द्ध को प्रति हज़ार स्ित्रायों द्वारा जन्म दिए जीवित बच्चों के रूप में व्यक्त किया जाता है। इसकी गणना इस प्रकार की जाती है: किसी वषर्विशेष मंे जीवित जन्म अशोि ध्त जन्म दर त्र´1000किसी क्षत्रेा विशष्ेा में वषर्ेंवफ मध्य जनसख्या प्रयास के रूप में निरूपित किया जा सकता है। प्रवास स्थायी, अस्थायी अथवा मौसमी हो सकता है। यह गाँव से गाँव, गाँव से नगर, नगर से नगर तथा नगर से गाँव की ओर हो सकता है। क्या आप महसूस करते हैं कि एक ही व्यक्ित दोनों एक आप्रवासी और एक उत्प्रवासी हो सकता है? आप्रवास - प्रवासी जो किसी नए स्थान पर जाते हैं, आप्रवासी कहलाते हैं। उत्प्रवास - प्रवासी जो एक स्थान से बाहर चले जाते हैं, उत्प्रवासी कहलाते हैं। लोग बेहतर आथ्िार्क और सामाजिक जीवन के लिए प्रवास करते हैं। प्रवास को प्रभावित करने वाले कारकों के दो समूह हैं। प्रतिकषर् कारक बेरोशगारी, रहन - सहन की निम्न दशाएँ, राजनीतिक उपद्रव, प्रतिवूफल जलवायु, प्रावृफतिक विपदाएँ, महामारियाँ तथा सामाजिक - आथ्िार्क पिछडे़पन जैसे कारण उद्गम स्थान को कम आकष्िार्त बनाते हैं। अपकषर् कारक काम के बेहतर अवसर और रहन - सहनकी अच्छी दशाएँ, शांति व स्थायित्व, जीवन व संपिा की सुरक्षा तथा अनुवूफल जलवायु जैसे कारण गंतव्य स्थान को उद्गम स्थान की अपेक्षा अध्िक आवफषर्क बनाते हैं। जनसंख्या वृि की प्रवृिायाँ पृथ्वी पर जनसंख्या 600 करोड़ से भी अध्िक है। इस आकार पर 80 लाख। इर्सा की पहली शताब्दी में जनसंख्या 30 करोड़ से कम थी। सोलहवीं और सत्राहवीं शताब्दी में बढ़ते विश्व व्यापार ने जनसंख्या की तीव्र वृि के लिए मंच तैयार किया। 1750 इर्. के आस - पास जब औद्योगिक क्रांति का उदय हुआ, विश्व की जनसंख्या 55 करोड़ थी। अठारहवीं शताब्दी में औद्योगिक क्रां्ति के पश्चात विश्व जनसंख्या में विस्पफोटक वृि हुइर् अब तक प्राप्त प्रौद्योगिकी प्रगति ने जन्म दर को घटाने में सहायता की तथा त्वरित जनसंख्या वृि के लिए मंच प्रदान किया। विज्ञान व प्रौद्योगिकी ने किस प्रकार जनसंख्या वृि मंे सहायता की? मानवीय और प्राणी ऊजार् के स्थान पर भाप इंजनप्रतिस्थापित हो गया जिसने पवन और जल के लिएचने में जनसंख्या को शताब्िदयाँ लगी हैं। आरतक पहुँमें विश्व की जनसंख्या ध्ीरे - ध्ीरे बढ़ी। विगत वुफछ सौ वषो± के यांत्रिाक ऊजार् उपलब्ध् कराइर् इससे वृफष्िागत और औद्योगिकउत्पादन में वृि हुइर्। ंभ्िाक कालों दौरान ही जनसंख्या आश्चयर्जनक दर से बढ़ी है। महामारियों व अन्य संक्रामक रोगों के विरु(टीकाकरण, चिकित्सा सुविधओं में सुधर तथा स्वच्छताचित्रा 2.3 जनसंख्या वृि की कहानी बताता है। ने पूरे विश्व में मृत्यु दरों को तीव्रता से घटाने मेंलगभग 8000 से 12000 वषर् पूवर् वृफष्िा के उद्भव व आरंभ योगदान दिया। के पश्चात् जनसंख्या का आकार बहुत छोटा था - मोटे तौर 12 मानव भूगोल के मूल सि(ांत क्या आप जानते हैं विगत 500 वषो± में मानव जनसंख्या 10 गुना से अध्िक बढ़ी है। अकेले 20वीं शताब्दी में जनसंख्या 4 गुना बढ़ी है। प्रतिवषर् लगभग 8 करोड़ लोग पहले की जनसंख्या में जुड़ जाते हैं। विश्व जनसंख्या के दो गुना होने की अवध्ि मानव जनसंख्या को प्रारंभ्िाक एक करोड़ होने में 10 लाख से भी अध्िक वषर् लग गए। विंफतु इसे 5 अरब से 6 अरब होने में मात्रा 12 वषर् लगे। तालिका 2.1 को ध्यानपूवर्क देखें जो यह दशार्ती है कि विश्व जनसंख्या के दो गुना होने की अवध्ि तेजी से घट रही है। विभ्िान्न प्रदेशोें में उनकी जनसंख्या के दो गुना होने में अत्यध्िक भ्िान्नताएँ पाइर् जाती हैं। तालिका 2.2 दशार्ती है कि विकसित देश विकासशील देशों की तुलना में अपनी जनसंख्या दो गुना करने में अध्िक समय ले रहे हैं। जनसंख्या की अिाकतर वृि विकासशील विश्व में हो रही है जहाँ जनसंख्या विस्पफोट हो रहा है। ऐसा क्यों है? तालिका 2.1: विश्व जनसंख्या के दो गुना होने की अवध्ि काल जनसंख्या अवध्ि जिसमें जनसंख्या दो गुना हुइर् 10, 000 इर्॰ पू॰ 1650 इर्॰ 1850 इर्॰ 1930 इर्॰ 1975 इर्॰ 2012 इर्॰ 50 लाख 50 करोड़ 100 करोड़ 200 करोड़ 400 करोड़ 800 करोड़ प्रक्षेपित संख्या 1500 वषर् 200 वषर् 80 वषर् 45 वषर् 37 वषर् चित्रा 2.4: जनसंख्या दो गुना होने की अवध्ि लाइबेरिया 8.2 लैटविया μ1.5 सोमालिया 4.2 एस्टोनिया μ1.2 यमन 3.7 रूस, युवे्रफन, अल्बानिया μ0.6 सऊदी अरब 3.4 बुल्गारिया, व्रफोश्िाया, ओमान 3.3 स्लोवानिया, चेक गणराज्य, जमर्नी, पुतर्गाल μ0.1 स्पेन, इटली, डेनमावर्फ 0 तालिका 2.3: जनसंख्या वृि ;1990 - 95 पर 2004 - 05 कीद्ध जनसंख्या परिवतर्न के स्थानिक प्रारूप विश्व के विभ्िान्न भागों में जनसंख्या वृि की तुलना की जा सकती है। विकसित देशों मंे विकासशील देशों की तुलना में जनसंख्या वृि कम है। जनसंख्या वृि और आथ्िार्क विकास में )णात्मक सह - संबंध् पाया जाता है। यद्यपि जनसंख्या परिवतर्न की वाष्िार्क दर ;1.4 प्रतिशतद्ध निम्न प्रतीत होती है ;तालिका 2.3द्ध, वास्तव में ऐसा नहीं है। इसका कारण है: ऽ जब एक निम्न वाष्िार्क दर अत्यंत बड़ी जनसंख्या पर लागू होती है तो इससे जनसंख्या में विशाल परिवतर्न होगा। ऽ यद्यपि वृि दर निरंतर घटती रहे तो भी वुफल जनसंख्या प्रतिवषर् बढ़ती है। प्रसव के दौरान, मृत्यु दर की भाँति, श्िाशु मृत्यु दर में भी वृि हुइर् हो सकती है। प्रदेश वृि दर 1990 - 95 2004 - 05 ;अनुमानितद्ध विश्व 1.6 1.4 अप्रफीका 2.4 2.6 यूरोप 0.2 0.0 उत्तर व मध्य अमेरिका 1.4 1.1 दक्ष्िाण अमेरिका 1.7 1.4 एश्िाया 1.6 1.4 ओशनिया 1.5 1.3 ;आस्ट्रेलिया, न्यूशीलैंड और पिफजीद्ध 14 मानव भूगोल के मूल सि(ांत जनसंख्या परिवतर्न का प्रभाव एक विकासशील अथर्व्यवस्था में जनसंख्या की अल्प वृि अपेक्ष्िात है। पिफर भी एक निश्िचत स्तर के बाद जनसंख्या वृि समस्याओं को उत्पन्न करती है। इनमें से संसाध्नों का ”ास सवार्ध्िक गंभीर है। जनसंख्या का ”ास भी चिंता का विषय है। यह इंगित करता है कि वे संसाध्न जो पहले जनसंख्या का पोषण करते थे अब उस जनसंख्या के पोषण में सक्षम नहीं रहे। एड्स/एच.आइर्.वी. ;एक्वायडर् इम्यून डेप्िाफसिएंसी सिंड्रोमद्धजैसी घातक महामारियों ने अÚीका, स्वतंत्रा राष्ट्रों के राष्ट्रमंडल ;सी.आइर्.एस.द्ध के वुफछ भागों और एश्िाया में मृत्यु दर बढ़ा दी है और औसत जीवन - प्रत्याशा घटा दी है। इससे जनसंख्या वृि ध्ीमी हुइर् है। दो गुना होने की कहानी..इसमें 36 वषर् लगेंगे भारत की वाष्िार्क जनसंख्या वृि दर 1.9 प्रतिशत है। इस दर पर भारत की एक अरब जनसंख्या 36 वषो± में दो गुनी हो जाएगी। वुफछ विकसित राष्ट्रों को अपनी जनसंख्या दोगुनी करने में 318 वषर् लगेंगे जबकि वुफछ देशों में अभी भी दोगुनी होने के लक्षण दिखाइर् नहीं दे रहे। जनांकिकीय संक्रमण जनांकिकीय संक्रमण सि(ांत का उपयोग किसी क्षेत्रा की जनसंख्या के वणर्न तथा भविष्य की जनसंख्या के पूवार्नुमान के लिए किया जा सकता है। यह सि(ांत हमें बताता है कि जैसे ही समाज ग्रामीण, खेतिहर और अश्िाक्ष्िात अवस्था से उन्नति करके नगरीय औद्योगिक और साक्षर बनता है तो किसी प्रदेश की जनसंख्या उच्च जन्म और उच्च मृत्यु से निम्न जन्म व निम्न मृत्यु में परिवतिर्त होती है। ये परिवतर्न अवस्थाओं में होते हैं जिन्हें सामूहिक रूप से जनांकिकीय चक्र के रूप में जाना जाता है। जनांकिकीय संक्रमण चित्रा 2.5 जनांकिकीय संक्रमण सि(ांत के तीन अवस्थाओं वाले माॅडल की व्याख्या करता है: 35 15 वतर्मान विश्व के उदाहरण अशोध्ित जन्म दर/अशोध्ित मृत्यु दरउच्च उतार - चढ़ाव अवस्था अवस्था अवस्था प् प्प् प्प्प् चित्रा 2.5: जनांकिकीय संक्रमण सि(ांत प्रथम अवस्था में उच्च प्रजननशीलता व उच्च मत्यर्ता होती है क्योंकि लोग महामारियों और भोजन की अनिश्िचत आपूतिर् से होने वाली मृत्युओं की क्षतिपूतिर् अध्िक पुनरुत्पादन से करते हैं। जनसंख्या वृि ध्ीमी होती है और अध्िकांश लोगखेती में कायर्रत होते हैं। जहाँ बडे़ परिवारों को परिसंपिा माना जाता है। जीवन - प्रत्याशा निम्न होती है, अध्िकांश लोग अश्िाक्ष्िात होते हैं और उनके प्रौद्योगिकी स्तर निम्न होते हैं। 200 वषर् पूवर् विश्व के सभी देश इसी अवस्था में थे। द्वितीय अवस्था के प्रारंभ में प्रजननशीलता उँची बनी रहती है विंफतु यह समय के साथ घटती जाती है। यह अवस्था घटी हुइर् मृत्यु दर के साथ आती है। स्वास्थ्य संबंधी दशाओं व स्वच्छता में सुधर के साथ मत्यर्ता में कमी आती है। इस अंतर के कारण, जनसंख्या में होने वाला शु( योग उच्च होता है। अंतिम अवस्था में प्रजननशीलता और मत्यर्ता दोनों अिाक घट जाती है। जनसंख्या या तो स्िथर हो जाती है या मंद गति से बढ़ती है। जनसंख्या नगरीय और श्िाक्ष्िात हो जाती है तथा उसके पास तकनीकी ज्ञान होता है। ऐसी जनसंख्या विचारपूवर्क परिवार के आकार को नियंत्रिात करती है। इससे प्रदश्िार्त होता है कि मनुष्य जाति अत्यिाक नम्य है और अपनी प्रजननशीलता को समायोजित करने की योग्यता रखती है। वतर्मान में विभ्िान्न देश जनांकिकीय संक्रमण की विभ्िान्न अवस्थाओं में हैं। 15जनसंख्या नियंत्राण के उपाय परिवार नियोजन का काम बच्चों के जन्म को रोकना अथवा उसमें अंतराल रखना है। परिवार नियोजन सुविधएँ जनसंख्या वृि को सीमित करने और महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर करने में मुख्य भूमिका निभाती है। प्रचार, गभर् - निरोधक की सुगम उपलब्ध्ता बडे़ परिवारों के लिए कर - निरुत्साहक उपाय वुफछ ऐसे प्रावधन हैं जो जनसंख्या नियंत्राण में सहायक हो सकते हैं। थाॅमस माल्थस ने अपने सि(ांत ;1993द्ध में कहा था कि लोगों की संख्या खाद्य आपूतिर् की अपेक्षा अध्िक तेजी से बढे़गी। जनसंख्या में वृि का परिणाम अकाल, बीमारी तथा यु( द्वारा इसमें अचानक गिरावट के रूप में सामने आएगा। अभ्यास 1ण् नीचे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए: ;पद्ध निम्नलिख्िात में से किस महाद्वीप में जनसंख्या वृि सवार्ध्िक है? ;कद्ध अप्र;खद्ध एश्िायाफीका ;गद्ध दक्ष्िाण अमेरिका ;घद्ध उत्तर अमेरिका ;पपद्ध निम्नलिख्िात में से कौन - सा एक विरल जनसंख्या वाला क्षेत्रा नहीं है? ;कद्ध अटाकामा ;खद्ध भूमध्यरेखीय प्रदेश ;गद्ध दक्ष्िाण - पूवीर् एश्िाया ;घद्ध ध््रुवीय प्रदेश ;पपपद्ध निम्नलिख्िात में से कौन - सा एक प्रतिकषर् कारक नहीं है? ;कद्ध जलाभाव ;खद्ध बेरोशगारी ;गद्ध चिकित्सा/शैक्षण्िाक सुविधएँ ;घद्ध महामारियाँ ;पअद्ध निम्नलिख्िात में से कौन - सा एक तथ्य सही नहीं है? ;कद्ध विगत 500 वषो± में मानव जनसंख्या 10 गुणा से अध्िक बढ़ी है। ;खद्ध विश्व जनसंख्या में प्रतिवषर् 8 करोेड़ लोग जुड़ जाते हैं। ;गद्ध 5 अरब से 6 अरब तक बढ़ने में जनसंख्या को 100 वषर् लगे। ;घद्ध जनांकिकीय संक्रमण की प्रथम अवस्था में जनसंख्या वृि उच्च होती है। 2ण् निम्नलिख्िात प्रश्नों के उत्तर लगभग 30 शब्दों में दीजिए: ;पद्ध जनसंख्या के वितरण को प्रभावित करने वाले तीन भौगोलिक कारकों का उल्लेख कीजिए। ;पपद्ध विश्व में उच्च जनसंख्या घनत्व वाले अनेक क्षेत्रा हैं। ऐसा क्यों होता है? ;पपपद्ध जनसंख्या परिवतर्न के तीन घटक कौन - से हैं? 3ण् अंतर स्पष्ट कीजिए: ;पद्ध जन्म दर और मृत्यु दर ;पपद्ध प्रवास के प्रतिकषर् कारक और अपकषर् कारक 4ण् निम्नलिख्िात प्रश्नों के उत्तर लगभग 150 शब्दों में दीजिए: ;पद्ध विश्व में जनसंख्या के वितरण और घनत्व को प्रभावित करने वाले कारकों की विवेचना कीजिए। ;पपद्ध जनांकिकीय संक्रमण की तीन अवस्थाओं की विवेचना कीजिए। 16 मानव भूगोल के मूल सि(ांत विश्व के रूपरेखा मानचित्रा पर निम्नलिख्िात को दशार्इए व उनके नाम लिख्िाएः ;पद्ध यूरोप और एश्िाया के )णात्मक जनसंख्या वृि दर वाले देश। ;पपद्ध तीन प्रतिशत से अध्िक जनसंख्या वृि दर वाले अप्रफीकी देश ;आप परिश्िाष्ट 1 का हवाला दे सकते हैं।द्ध ;पद्ध क्या आपके परिवार में कोइर् प्रवासी है? उसके गंतव्य स्थान के बारे मंे लिख्िाए। उसके प्रवास के क्या कारण थे? ;पपद्ध अपने राज्य के जनसंख्या वितरण और घनत्व पर एक संक्ष्िाप्त रिपोटर् ;प्रतिवेदनद्ध लिख्िाए।

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