इर्काइर् आठ मानव कल्याण में जीव विज्ञान अध्याय 8 मानव स्वास्थ्य और रोग अध्याय 9 खाद्य उत्पादन में वृि की कायर्नीति अध्याय 10 मानव कल्याण में सूक्ष्म जीव जीव विज्ञान प्रकृत विज्ञान की सबसे अपरिपक्व औपचारिक विद्या है। जीव विज्ञान की तुलना में भौतिकी तथा रसायन विज्ञान में प्रगति कापफी तीव्र गति से हुइर् हमारी रोजाना की जिंदगी में जीव विज्ञान की अपेक्षा भौतिकी तथा रसायन विज्ञान के उपयोग की स्पष्टता कहीं अध्िक है। यद्यपि बीसवीं तथा 21 वीं शताब्दी ने मानव के अगि्रम कल्याण के लिए विशेषकर स्वास्थ्य के क्षेत्रा में, अथवा कृष्िा में, जीव विज्ञान के ज्ञान की उपयोगिता को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया है। प्रतिजैविकों ;ऐंटिबायोटिकोंद्ध तथा संश्लेष्िात पादप व्युत्पन्न औषध्ियों और निश्चेतक आदि की खोज ने एक ओर तो चिकित्सा व्यवसाय तथा दूसरी ओर मानव स्वास्थ्य के क्षेत्रा में अभूतपूवर् परिवतर्न किए हैं। इन वषो± में मानव की जीवन संभावना में नाटकीय परिवतर्न आए हैं। मानव समुदाय में कृष्िा, खाद्य संसाध्न तथा निदानशास्त्रा ने सामाजिक - सांस्कृतिक परिवतर्न उत्पन्न कर दिए हैं। इस इर्काइर् के निम्न तीन अध्यायों में इसी का संक्ष्िाप्त विवरण प्रस्तुत किया गया है। जीव विज्ञान चित्रा 8ण्9 वैफनेबिनाइड अणु की संरचना चित्रा 8ण्10 वैफनेबिस सैटाइवा ;भाँगद्ध की पिायाँ वैफनाबिनाॅइड्स रसायनों का समूह हैं ;चित्रा 8.9द्ध, जो मुख्यरूप से मस्ितष्क में मौजूद वैफनोबिनाॅइड ग्राहियों से पारस्परिक िया करते हैं। प्राकृतिक वैफनेबिनाॅइड वैफनेबिस सैटाइवा पौधे के पुष्पक्रम ;इंफ्रलोरिसेंसद्ध से प्राप्त किए जाते हैं ;चित्रा 8.10द्ध। भाँग के पूफलों के शीषर्, पिायाँ और राल ;रेसिनद्ध के विभ्िान्न संयोजन मैरिजुआना, हशीश, चरस और गाँजा बनाने के काम आते हैं। आमतौर पर चित्रा 8ण्11ध्तूरा की पुष्पी शाखाअंतःश्वसन और मुँह द्वारा खाए जाने वाले मादक द्रव्य ;ड्रगद्ध शरीर के हृद - वाहिका तंत्रा ;काडिर्यो - वैस्वुफलर सिस्टमद्ध को प्रभावित करते हैं। कोका ऐल्कोलाॅइड या कोकिन कोका पादप ऐरिथ्रोशाइलम कोका से प्राप्त किया जाता है जो कि मूलरूप से दक्ष्िाण अमेरिका का पौधा है। यह तंत्रिाकाप्रेषक ;न्यूरोट्रांसमीटरद्ध डोपेमीन के परिवहन में बाधा डालती है। कोकेन, जिसे आमतौर से कोक या व्रैफक कहा जाता है, प्रायः जोर से साँस द्वारा अंदर खींची जाती है। इसका वेंफद्रीय तंत्रिाका तंत्रा पर जोरदार उद्दीपक ;स्टीमुलेटिंगद्ध असर पड़ता है जिससे सुखाभास ;यूपफोरियाद्ध और उफजार् में वृि की अनुभूति होती है। कोकेन की अत्यध्िक मात्रा से विभ्रम ;हैलुसिनेसनद्ध हो जाता है। अन्य प्रसि( पादप, जिनमें विभ्रम पैदा करने का गुण है, ऐट्रोपफा बेलेडोना और ध्तूरा हैं ;चित्रा 8.11द्ध। आजकल वुफछ ख्िालाड़ी भी वैफनोबिनाॅइडों का दुरुपयोग करते हैं। बबिर्ट्यूरेट, एंपेफटेमीन और बेंजोडायजेपीन जैसे ड्रग और इन जैसे अन्य ड्रग जो अवसाद ;डिप्रेसनद्ध और अनिद्रा ;इनसोम्नीयाद्ध जैसे मानसिक व्याध्ि से ग्रस्त रोगियों की सहायता के लिए सामान्यतया औषध्ियों के रूप में काम में लिए जाते हैं, इनका भी वुफप्रयोग होता है। मापफीर्न एक बहुत

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