वंफपनी के वित्तीय विवरण 3 अध्िगम उद्देश्य इस अध्याय को पढ़ने के उपरांतआपः ऽ वित्तीय विवरणों के उद्देश्यों एवंप्रकृति की व्याख्या कर सकेंगेऋ ऽ आय विवरण के स्वरूप एवं विषय वस्तु का वणर्न कर सकेंगेऋ ऽ तुलन पत्रा के स्वरूप एवं विषय - वस्तु का वणर्न कर सकेंगेऋ ऽ वित्तीय विवरणों के महत्त्व एवं सीमाओं की व्याख्या कर सकेंगेऋ तथा ऽ वित्तीय विवरणों को तैयार कर सकेंगे। यह समझने के बाद कि एक कंपनी वित्त वैफसे अजिर्त करती है, इसअध्याय में हम वित्तीय विवरणों से तात्पयर्, प्रकृति, उद्देश्यों को समझनेके साथ - साथ वित्तीय विवरणों के प्रकार, उसके स्वरूप एवं विषय वस्तु तथा उसके उपयोग एवं सीमाओं के संबंध् में अध्ययन करेंगे।वित्तीय विवरण लेखांकन प्रिया का अंतिम चरण है। इनका निमार्ण समांतर लेखांकन परिकल्पना सि(ांतों, कायर्नीतियों और वैधनिक वातावरण के आधर पर होता है जिसके अंतर्गत व्यावसायिक संगठन अपनी ियाकलापों का प्रचालन करती है। यह विवरण लेखांकन प्रिया के संक्ष्िाप्तकरण का परिणाम है। अतः, ये सूचनाओं के स्रोतहैं जो किसी संगठन की लाभ प्रदता और वित्तीय स्िथति संबंध्ी निष्कषर् निकालने हेतु सहायक होते हैं। इनका व्यवस्िथत ढंग से प्रारूप तैयारकिया जाता है जोकि अंशधरक और उपयोगकत्तार् सरलतापूवर्क समझ सवेंफ और अथर्पूणर् आथ्िार्क निणर्यों में प्रयोग कर सवेंफ। 3.1 वित्तीय विवरणों से अभ्िाप्राय वित्तीय विवरण आधरभूत एवं औपचारिक साध्न होते हैं जिनके माध्यमसे निगम ;कंपनीद्ध प्रबंध् विभ्िान्न बाहृय उपयोगकतार्ओं को वित्तीयसूचनाएं संचारित करता है। वित्तीय विवरण मूलरूप से स्वामी की आवश्यकताओं की ओर निदेश्िात होते हैं और संयोग से अन्य बाहरी पाटिर्यों की आवश्यकताओं को पूरा करते हैं जिनमें निवेशक, कर अध्िकारियों, सरकार तथा कमर्चारी आदि भी सम्िमलित होते हैं। यह समान्यतः कंपनी के ;अद्ध तुलन पत्रा ;बद्ध लाभ व हानि खाते कोप्रदश्िार्त करती है। अब रोकड़ प्रवाह विवरण को भी वित्तीय विवरणों का अनिवायर् भाग समझा जाता है। बाॅक्स 1 जाॅन एन॰ मेयर के शब्दों में, ‘‘वित्तीय विवरण एक उद्यम के खातों के सारांश तुलन पत्रा में परिसंपिायों, दायित्वों तथा निश्िचत तिथ्िायों पर पूँजी की स्िथति को एक विश्िाष्ट अवध्ि के दौरान और संचालन के परिणाम आय विवरण को दशार्ते हैं।’’ स्िमथ एवं एसबनर् वित्तीय विवरणों को इस प्रकार परिभाष्िात करते हैं - वित्तीय लेखांकन के अंतिम उत्पादके रूप में वित्तीय विवरणों को एक व्यावसायिक के लेखे ;खातेद्ध तैयार किये जाते हैं जिसका उद्देश्य उद्यमकी वित्तीय स्िथति तथा उसके हाल ही के कायर्कलापों के परिणाम को प्रकट करना और आय के द्वारा किए गए कायो± का एक विश्लेषण करना होता है। एंथोनी के शब्दों में, वित्तीय विवरण मूलतः वाष्िार्क रूप से प्रस्तुत अंतरिम रिपोटर् तथा एक उद्यम के जीवन के एक खंड का, वुफल मिलाकर थोड़ा बहुत या एैच्िछक लेखांकन अवध्ि - वुफछ हद तक एक वषर् का प्रतिबिंबन होता है। 3.2 वित्तीय विवरणों की प्रकृति परिघटनाओं के तथ्यों का कालक्रमानुसार अभ्िालेखन जो कि एक स्पष्ट निश्िचत अवध्ि के लिए मौदि्रकशब्दावली में व्यक्त किये जाएं वित्तीय विवरणों की आवध्िक तैयारी के लिए आधर होते हैं जोकि एक अवध्िके दौरान प्राप्त किए गए वित्तीय परिणामों को तिथ्िा अनुसार वित्तीय स्िथति को प्रकट करते हैं। अमेरिकन इंस्टीट्यूट आॅपफ सटिर्पफाइड पब्िलक एकाउंटेंटस ;।प्ब्च्।द्ध वित्तीय विवरणों की प्रकृति कोइस प्रकार व्यक्त करता है - वित्तीय विवरणों को एक आवध्िक समीक्षा प्रस्तुत करने के लिए या प्रबंध् द्वारा की गइर् प्रगति की रिपोटर् को दशार्ने के उद्देश्य के लिए किया जाता है तथा ये व्यवसाय में निवेश की स्िथति से संबंध् रखते हैं और समीक्षा अवध्ि के दौरान उपलब्िध् के परिणामों को प्रकट करते हैं। ये अभ्िालिख्िात तथ्यों, लेखांकन सि(ांतों तथा वैयक्ितक निणर्यों के एक समीकरण को प्रतिबिंबित करते हैं।निम्नलिख्िात बिन्दु वित्तीय विवरणों की प्रकृति की व्याख्या करते हैं - 1ण् अभ्िालिख्िात तथ्य - वित्तीय विवरण खाता पुस्तकों में लागत आँकड़ों के रूप में अभ्िालिख्िात तथ्यों के आधर पर तैयार किए जाते हैं। मूल लागत या ऐतिहासिक लागत अभ्िालिख्िात लेन - देनों का आधर होती है। विभ्िान्न खातों की संख्याएं जैसे कि हस्तस्थ रोकड़, बैंकस्थ रोकड़, विविध् देनदार,स्िथर परिसंपिायाँ आदि की संख्याएं खाता पुस्तकों में अभ्िालिख्िात संख्याओं के अनुसार ली जातीहैं। भ्िान्न - भ्िान्न समयों पर भ्िान्न मूल्यों पर क्रय की गइर् परिसंपिायों को उनकी लागत मूल्य को दशार्ते एक साथ रखा जाता है। चूँकि अभ्िालिख्िात तथ्य प्रतिस्थापन लागत पर आधरित नहीं होतेहैं, अतः वित्तीय विवरण संबं( वस्तु की वतर्मान आथ्िार्क स्िथति को नहीं दशार्ते हैं। 2ण् लेखांकन परंपरा - वित्तीय विवरण तैयार करते समय वुफछ निश्िचत लेखांकन परंपराओं का अनुपालन किया जाता है। लागत या बाजार मूल्य पर माल मूल्यांकन की परंपरा जो भी लागू हो, अपनाइर् जाती है। एक परिसंपति को लागत से कम करने हेतु, तुलन पत्रा के लिए, मूल्य”ास को अनुपालित किया जाता है। छोटे मदों जैसे कि पेंसिल, पेन, पोस्टेज स्टैम्प आदि के लेन - देन हेतु द्रव्यात्मकता की परंपरा का अनुपालन किया जाता है। ऐसे मदों को उस वषर् के व्यय के रूप में प्रदश्िार्त किया जाता है जिसमेंवे खरीदी गइर् थी, भले ही वे प्रकृति में परिसंपिायाँ हैं। लेखन सामग्री को लागत पर मूल्यांकित किया जाता है न कि लागत या बाजार मूल्य पर, जो भी न्यूनतम हो के आधर पर। लेखांकन परंपरा केउपयोग से वित्तीय विवरण तुलनात्मक, सरल एवं वास्तविकता पूणर् बन जाते हैं। 3ण् अभ्िाधरणाएँ - वित्तीय विवरणों को वुफछ निश्िचत मूलभूत संकल्पनाओं या पूवार्नुमानों पर तैयार किए जाते हैं जिन्हें अभ्िाधरणाओं के नाम से जानते हैं जैसे सतत् व्यापार, मुद्रा मापन आगम प्राप्ित आदि। सतत् व्यापार अवधरणा के अनुसार ऐसा माना जाता है कि व्यवसाय लंबे समय तक चलेगाऔर समापन पूवार्नुमानित भविष्य में नहीं है। अतः, परिसंपिायाँ ऐतिहासिक लागत आधर पर दशार्यी जाती हैं। मुद्रा मापन अवधरणा के अनुसार मुद्रा का मूल्य विभ्िान्न समयवध्ियों पर समान रहेगा। हालांकि क्रय क्षमता में प्रबल परिवतर्न आया है, और विभ्िान्न समयाविध्यों में क्रय की गइर्ंपरिसंपिायाँ को उनके क्रय - मूल्य पर ही दशार्या जाता है। लाभ व हानि खाता तैयार करते समय आगम को विक्रय के वषर् पर ही दशार्या जाएगा। हालांकि हो सकता है कि विक्रय मूल्य की वसूली एक लम्बी अवध्ि तक होती रहे। इस अवधरणा को आगम प्राप्ित अवधरणा कहते हैं। 4ण् वैयक्ितक निणर्य - कइर् बार संयोगवश वित्तीय विवरणों में प्रस्तुत की गइर् तथ्य एवं संख्याएं व्यक्ितगतराय, अनुमानों तथा निणर्यों पर आधरित होती है। परिसंपिा के मूल्य”ास का निधर्रण स्िथरपरिसंपिायों के आथ्िार्क जीवन की उपयोगिता को ध्यान में रखकर होता है। संदिग्घ ट्टणों के लिए प्रावधन वैयक्ितक अनुमानों एवं निणर्यों पर बनाया जाता है। माल के मूल्यांकन में, लागत या बाजार मूल्य, जो भी न्यूनतम है, अपनाया जाता है। जब किसी माल की लागत या पिफर बाजार मूल्य का निणर्य लेना होता है, तब वुफछ निश्िचत समब(ताओं को आधर बना कर अनेकों वैयक्ितक निणर्य लेने पड़ते हैं। जब वित्तीय विवरणों को तैयार किया जाता है तो व्यक्ितगत राय, निणर्यों तथा अनुमानकिए जाते हैं ताकि परिसंपिायों, देनदारियों आय एवं व्ययों के आध्िक्य की संभावना से बचाव किया जा सके और इसमें रूढि़वाद की परंपरा को ध्यान में रखा जाता है।इस प्रकार से वित्तीय विवरण अभ्िालिख्िात तथ्यों की संक्ष्िाप्त रिपोटर् होते हैं तथा लेखांकन अवधरणा, परंपरा एवं कानून की अपेक्षाओं का अनुपालन करते हुए तैयार किए जाते हैं। 3.3 वित्तीय विवरणांे के उद्देश्य वित्तीय विवरण अंशधरकों और बाहरी पक्षों हेतु किसी संस्था के संदभर् में लाभ प्रदता और वित्तीय स्िथति संबंध्ित सूचनाओं के आधरभूत स्रोत है। यह विवरण एक विश्िाष्ट समयावध्ि के लिए संख्या के प्रचालनपरिणाम उपलब्ध् कराते हैं और व्यवसायिक संगठन के दायित्वों और परिसंपिायों को अवगत कराते हुए निणर्यप्रिया में सहायक होते हैं। अतः वित्तीय विवरणों का प्राथमिक उद्देश्य उपयोगकतार्ओं को निणर्य लेने में सहायता करना है। विश्िाष्ट उद्देश्य इस प्रकार हैंः 1ण् एक व्यवसाय आथ्िार्क संसाध्नों एवं दायित्वों के संदभर् में सूचना उपलब्ध् कराना - इन्हें इसलिए तैयार किया जाता है ताकि एक व्यवसायिक पफमर् के निवेशकों एवं बाहरी पाटिर्यों के लिए उसके आथ्िार्क संसाध्नों एवं दायित्वों के बारे में पयार्प्त, विश्वसनीय तथा आवध्िक सूचना उपलब्ध् कराइर् जा सके। जो कि सूचना प्राप्त करने के संसाध्नों या सक्षमता तथा सीमित आध्िकारिकता वाले होते हैं। 2ण् व्यवसाय की अजर्न क्षमता के बारे में सूचना उपलब्ध् कराना - वित्तीय विवरण उपयोगितापूणर् वित्तीय सूचनाएं प्रदान करते हैं जो कि एक व्यावसायिक पफमर् की अजर्न क्षमता के पूवार्नुमान, तुलना तथा पुनमूर्त्यांकन के लिए लाभ कर ढंग से उपयोग में लाइर् जा सकती है। 3ण् रोकड़ प्रवाह के संदभर् मंेसूचना उपलब्ध् कराना - यह एक व्यवसाय के बारे में, उसके निवेशकोंतथा ट्टणदाताओं को उपयोग जानकारी उपलब्ध् कराते हैं ताकि वे राश्िा, समयबं(ता तथा संबंध्ित अनिश्िचतताओं के परिपे्रक्ष्य में रोकड़ प्रवाह का पूवार्नुमान, तुलना, मूल्यांकन तथा सक्षमता को जान सकें। 4ण् प्रबंध् की प्रभावशीलता को आँकलित करने की सूचना - वित्तीय विवरण एक व्यवसाय की प्रबंध् न क्षमता को आंकलित करने के लिए उपयोगी जानकारी देते है कि वे व्यवसाय के संसाध्नों को कितना प्रभावशाली तरीके से उपयोग कर पा रहे हैं। 5ण् समाज को प्रभावित करने वाली व्यावसायिक गतिविध्ियों के संदभर् में सूचना - ये एक व्यावसायिक संगठन से समाज पर प्रभाव डालने वाली गतिविध्ियों के बारे में रिपोटर् देते हैं, जिन्हें निधर्रित एवं वण्िार्तअथवा मापा जा सकता है। जोकि उसके सामाजिक वातावरण के लिए महत्त्वपूणर् होता है। 6ण् लेखांकन नीतियों को प्रकट करना - ये रिपोटर् महत्त्वपूणर् नीतियों एवं अवधरणाओं के संदभर् में जानकारी देती है जिन्हें लेखांकन प्रिया में अनुपालित किया गया होता है और वषर् के दौरान हुए परिवतर्नों की सूचना भी देती हैं ताकि इन विवरणों को बेहतर ढंग से समझा जा सके। 3.4 वित्तीय विवरणों के प्रकार वित्तीय विवरणों में समान्यतः दो प्रकार के विवरण सम्िमलत होते हैंः तुलन पत्रा और लाभ व हानि खाता, जोकि बाहृय प्रतिवेदनों और प्रबंध् की आंतरिक आवश्यकताओं जैसे नियोजन निणर्य प्रिया और नियंत्राण के लिए आवश्यक हैं।दो आधरभूत या मुख्य वित्तीय विवरणों को तुलन पत्रा एवं आय विवरण के नाम से जानते हैं जो बाहरी रिपोटि±ग के लिए अपेक्ष्िात होता है और इसके साथ ही प्रबंध् की आंतरिक आवश्यकताओं जैसे नियोजन, निणर्य लेने तथा नियंत्राण के लिए आवश्यक होते हैं। ये दोनों मूलभूत विवरण सहित अनुसूचियों परिश्िाष्टों,तुलन पत्रा और लाभ व हानि खाते के आँकड़ों के संपूरक हैं। इन दो मूलभूत वित्तीय विवरणों के अतिरिक्त,यहाँ पर यह निध्ियों के संचालन के बारे में तथा कंपनी की वित्तीय स्िथतियों में बदलावों के बारे में जानने की आवश्यकता होती है। इसके लिए, कोष प्रवाह विवरण या रोकड़ प्रवाह विवरण दिशा - निदेर्श देते हैं। तुलन पत्रा - तुलन पत्रा का उद्देश्य परिसंपिायों संसाध्नों और दायित्वों ;संसाध्नों की उत्पति हेतु भारद्ध कोदशार्ना है। अमेरिकन इंस्टीटयूट आॅपफ पब्िलक एकाऊटेंटस के अनुसार तुलन पत्रा खाता पुस्तकों के वास्ितवक रूप से बंद होने पर आगे लाए गए नाम और जमा शेषों के सारांश का विवरण है। तुलन पत्रा निश्िचत तिथ्िापर तैयार किया जाता है और परिसंपित्तयों को दायीं दायित्वों को बायीं ओर दशार्ता है। लाभ व हानि खाता अथवा आय विवरण - लाभ व हानि खाता एक लेखांकन रिपोटर् है जो आगम और व्ययों की मदों को संक्ष्िाप्त रूप में दशार्ता है साथ ही कथ्िात लेखांकन अवध्ि के लिए लाभ/हानि की गणना करता है। यह खाता आगामी समयावध्ि के मध्य स्वामित्व पूँजी में परिवतर्न को भी दशार्ता है। यह खाता तुलन पत्रा के निमार्ण में अत्यंत उपयोगी है अतः संलग्न किया जाता है। आय विवरण व्यवसायिक इकाइर् की अनुलंब तस्वीर प्रस्तुत करता है और दी गइर् समयावध्ि में प्रचालन परिणामों को दशार्ता है। आय विवरण आगम, व्ययों, सकल लाभ प्रचालन लाभ और निवल लाभ अथवा हानि के दृष्िटकोण से व्यवसाय के प्रबंध् की नीतियों, व्ययों, जानकारी दूरदशीर्ता और उत्साह संबंध्ी गुणात्मक व्याख्या प्रदान करता है। आय के लेखांकन संकल्पना के अनुसार, एक समयावध्ि के लिये समाप्य लागत पर वसूल किये गये आगम आध्िक्य को आय ;लाभद्ध और वसूल किये गये आगम पर समााप्य लागत को हानि कहते हैं। अतः एक समयावध्ि पर संबंध्ित समाप्य लागत और प्राप्त लागत के मध्य अन्तर का परिणाम है। यहाँ ध्यान योग्य है कि समान्यतः एक समयावध्ि के लिए आगम और व्ययों के मापन हेतु लेखांकन का उपजिर्न आधर अपनाया जाता है। इसके अतिरिक्त एक अन्य विवरण लाभ व हानि विनियोजन खाता प्रयोग में लाया जाता है जिसमें लाभ संबंध्ी विनियोजनों को अभ्िालेख्िात करते हैं।ः जैसे कि लाभांश हेतु संचय और प्रावधन में हस्तांतरण। स्वयं जाँचिए दृ1 ;कद्धनिम्नलिख्िात कथन ‘सही’ है या ‘ग़लत’ बताएँ 1ण् वित्तीय विवरण लेखांकन प्रिया का अंतिम उत्पाद होते हैं। 2ण् वित्तीय विवरण मूलतः मालिक की आवश्यकताओं की ओर निदिर्ष्ट होते हैं। 3ण् वित्तीय विवरणों में दिए गए सभी तथ्य एवं संख्याएँ वैयक्ितक निणर्यों पर नहीं आधरित होते हैं। 4ण् अभ्िालिख्िात तथ्य प्रतिस्थापन मूल्य/लागत पर आधरित होते हैं। 5ण् सतत् व्यापार अवधरणा मानता है कि उद्यम लंबी अंवध्ि के लिए चालू रहेगा। ;खद्धउपयुक्त शब्दों के साथ रिक्त स्थानों को भरें - 1ण् वित्तीय विवरण दिलचस्पी लेने वाली पाटिर्यों के लिए ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ होते हैं। 2ण् एक कंपनी के मालिक कोऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ कहा जाता है। 3ण् आय मापन हेतु ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ लेखांकन आधर का अनुसरण किया जाता है। 4ण् वह विवरण जो एक कंपनी की परिसंपिायों एवं दायित्वों को दशार्ता है, उसेऋऋऋऋऋऋऋ कहते हैं। 5ण् लाभ व हानि खाते कोऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ विवरण भी कहते हैं। 3ण्5 आय विवरण का स्वरूप एवं प्रारूप आय विवरण को तीन भागों में वगीर्कृत किया जाता हैः ;अद्ध व्यापारिक खाता - सकल लाभ अथवा सकल हानि दशार्ता है, ;बद्ध लाभ व हानि खाता निवल लाभ अथवा निवल हानि दशार्ता है। ;सद्ध लाभ व हानि विनियोजन खाता जो चालू वषर् से संबंध्ित समाप्त विनियोजनों, जो गत वषर् के लाभ अथवा हानि व एक समयावध्ि के अंत में आध्िक्य अथवा कमी को दशार्ता है। इस स्िथति में यह ध्यान योग्य है कि इस विवरण का शीषर्क व्यापारिक शब्द नहीं शामिल करता है परन्तु कंपनी का नाम आवश्यक रूप से दशार्ता है। लाभ व हानि खाते और लाभ व हानि विनियोजन खाते का सरल स्वरूप एवं प्रारूप नीचे दिया गया है। वषार्न्त.............कंपनी लिमिटेड का...............लाभ व हानि खाता व्यय राश्िा ;रु.द्ध आगम राश्िा ;रु.द्ध प्रारंभ्िाक स्टाॅकक्रय गगग घटायाः क्रय वापसी ;गगद्ध आतंरिक ढुलाइर्मजदूरीप्रत्यक्ष व्ययसकल लाभ आ/ले सकल हानि आ/ला वेतन कायार्लय किरायाविज्ञापन बाहृय ढुलाइर्प्रदत्त बट्टा संदिग्ध् ट्टणों के लिएप्रावधनमूल्य हृास - कायार्लय भवन गगग पफनीर्चर गगग कराधन के लिए प्रावधननिवल लाभ आ/ले सामान्य आरक्ष्िात में हस्तांतरित गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग विक्रय गगग घटायाः विक्रय वापसी ;गगद्ध अंतिम स्टाॅक सकल हानि आ/ले ;यदि हो तोद्ध सकल लाभ आ/ला शेष आ/ला ;पूवर्वतीर् वषर् लाभ का शेषद्ध गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग अन्य आरक्ष्िात में हस्तांतरित ;यदि है तोद्ध गगग निवल लाभ आ/ला गगग प्रस्तावित लाभांश गगग ;चालू वषर् के लिएद्ध शेष आ/ले गगग गगग गगग चित्रा 3रू2 कंपनी के लाभ व हानि खाते का प्रारूप आय विवरण का प्रस्तुतिकरण लम्बत रूप में भी विस्तृत आंकड़ों सहित किया जा सकता है। यह प्रारूप अतिरिक्त विश्लेषण और निणर्य प्रिया हेतु आवश्यक आंकड़े प्रदान करने में सहायता देता है। लम्बवत आय विवरण का प्रारूप चित्रा 3.3 में दिखाया गया है। वषार्न्त.......................कंपनी लि॰ के लिए.....................की आय विवरणआगम और व्यय के तत्व राश्िा;रु.द्ध राश्िा ;रु.द्ध विक्रय - नकद विक्रय उधर विक्रय वुफल विक्रयघटाया: विक्रय वापसीनिवल विक्रय ;1द्ध घटाया: बेचे गए माल की लागतप्रारंभ्िाक स्टाॅक ़क्रय ;माल व प्रसंगिक व्ययों सहितद्ध ़ मजदूरी ़विनिमार्ण व्यय ़अव्य प्रत्यक्ष व्यय घटाया - अंतिम स्टाॅक बेचे गए माल की लागत का योग ;2द्ध सकल लाभ - ;3द्ध अथार्त ;1द्ध घटा ;2द्ध घटायाः प्रचालन व्यय ;4द्ध ़प्रशासनिक व्यय ़प्रशासकीय व्यय ़विक्रय व्यय ़वितरण व्यय ़मूल्यहृास प्रचालन लाभ - ;5द्ध ;अथार्त् 3.4द्धजोड़ाः - गैर प्रचालन आय, यदि कोइर् हैजैसे कि कमीशन, परिसंपिायों कीविक्रय पर लाभ, विनियोगों से आय घटायाः गैर प्रचालन व्यय,यदि कोइर् है जैसे कि आग से हानि ब्याज और कर से पूवर् निवल लाभ ;6द्ध घटायाः ब्याज प्रभार ;7द्धट्टणों पर ब्याजट्टणपत्रों पर ब्याज करों से पूवर् निवल लाभ ;8द्ध ;अथार्तद्ध ;6.7द्ध घटायाः करों के लिए प्रावधन ;9द्ध निवल लाभ - ;10द्ध ;अथार्त् 8 - 9द्ध;कर के पश्चात लाभद्ध गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग ;गगद्ध ;गगगद्ध गगगगगगगगग ;गगगद्ध गगग ;गगगद्ध गगग गगग गगग गगग ;गगगद्ध;गगगद्ध गगगगगग गगग गगगगगग गगग ;गगगद्ध गगग चित्रा 3ण्3रू कंपनी के आय विवरण का प्रारूप आय विवरण की तैयारी के लिए निम्नलिख्िात प्रक्रम का अनुकरण करना होता है - 1ण् तलपट के जमा पक्ष की ओर दशार्यी गयीं आगम प्राप्ितयों से संबंध्ित अगि्रम प्राप्त आगम अथवा वसूले गए आगम परन्तु प्राप्त नहीं हुए आदि के उपयुक्त समायोजन करने के पश्चात् आय विवरण के जमा ;पक्षद्ध की ओर सभी प्राप्ितयों का अभ्िालेखन। 2ण् तलपट के नाम पक्ष की ओर दशार्ये गये आगम खचो± को बकाया पूवर्दत्त व्यय, ”ास संदिग्ध् )णों के लिये प्रावधन, कराधन आदि समायोजनों के पश्चात् आय विवरण के नाम पक्ष की ओर अभ्िालेखन। 3ण् आय विवरण के जमा पक्ष की ओर प्रदाश्िार्त गैर - संचालन आय एवं लाभों का अभ्िालेखन। 4ण् आय विवरण के नाम पक्ष की ओर प्रदश्िार्त सभी गैर - प्रचालन हानियों का अभ्िालेखन। 5ण् जमा मदों के योग तथा नाम मदों के योग के बीच अंतर को ज्ञात करना। 6ण् यदि जमा मदों की अपेक्षा नाम मद कम है तो इसे निवल लाभ तथा इसके विपरीत को हानि कहते हैं। 7ण् भारत में कंपनियों के वित्तीय विवरण तैयार करने के लिए लेखांकन वषर् 1 अप्रैल से माचर् 31 ;ठीकभारत सरकार के वित्त वषर् की भांतिद्ध तक होता है। यह ध्यानयोग्य है कि कंपनी अध्िनियम में लाभ व हानि खाते के लिये कोइर् प्रारूप निधर्रित नहीं है। हालांकि अध्िनियम की अनुसूची टप् भाग प्प् लाभ व हानि खाते हेतु विस्तृत आवश्यकताओं की जानकारी देता है और स्पष्ट बताता है कि इस खाते का निमार्ण निधर्रित समयावध्ि पर कंपनी के ियाकलापों के स्पष्ट प्रकटीकरण के लिए किया जाना चाहिये और प्रत्येक वस्तुपरक मद को प्रकट किया जाना चाहिये। 3.6 तुलन पत्रा का प्रारूप और स्वरूप तुलन पत्रा प्रायः क्षैतिज ;ज् पफामर्द्ध प्रारूप में तैयार किया जाता है जिसमें परिसंपिायों को दायीं ओर पूँजी एवंदेयताओं को बायीं ओर दशार्या जाता है। कंपनियों की स्िथति में स्थायित्व आधर पर परिसंपिायों और दायित्वोंको व्यवस्िथत किया जाता है। इसी कारण समस्त स्थायी दीघर्कालीन परिसंपिायाँ और पूँजी एवं देयताओं को प्रारंभ्िाक शेष पर दशार्या जाता है और तरल परिसंपिायों और देयताओं को पंजीकृत कंपनियों के लिए यहआवश्यक है कि वे तुलन पत्रा में परिसंपिायों एवं देयताओं के अभ्िालेखन के लिए कंपनी अध्िनियम की अनुसूची टप् भाग 1 का अनुसरण करें। कंपनी अध्िनियम के अनुच्छेद 211;पद्ध के अनुसार तुलन पत्रा का निमार्ण निधर्रित प्रारूप में समान्य निदेर्शों के तहत अंत में दिये जाने वाले टिप्पणी सहित शीषोर्ं का अनुसरण करतेहुए किया जाना चाहिए ताकि तुलन पत्रा यथातथ्य एवं न्यायसंगत वित्तीय स्िथति दशार् सके। यह प्रारूप बैंकिंग और बीमा कंपनियों पर लागू नहीं होता है। यह कंपनियाँ अपने विधन द्वारा निधर्रित प्रारूपों का अनुसरण करती हैं। कंपनी अध्िनियम को अनुसूची टप् भाग 1 के अनुसार तुलन पत्रा का निधर्रित प्रारूप अध्याय 1 के परिश्िाष्ट में दिया गया है। यह ध्यान योग्य है कि कंपनी का तुलन पत्रा क्षैतिज अथवा लम्बवत प्रारूप से तैयार किया जा सकता है जैसा कि नीचे दशार्या गया है। तुलन पत्रा का क्षैतिज प्रारूप दिनांक.............पर.............;कंपनी का नामद्ध का तुलन पत्रा ;1द्ध ;2द्ध ;3द्ध ;4द्ध ;5द्ध ;6द्ध पूवर्वतीर् दायित्व चालू पूवर्वतीर् परिसंपिायाँ चालू/वषर् वषर् के वषर् के वषर् के ;रु.द्ध के लिए लिए लिए लिए आंकड़े आंकड़े आंकड़े आंकड़े ;रु.द्ध ;रु.द्ध ;रु.द्ध ;रु.द्ध अंश पूँजीμअध्िकृतः अध्िमान समता निगर्मितμ अध्िमान समता घटायाः बकाया मांग जोड़ाः जब्त अंश आरक्ष्िात एवं अध्िशेषμ पूँजी आरक्ष्िात पूँजी मोचन आरक्ष्िात अंश प्रीमियम अन्य आरक्ष्िात लाभ व हानि खाता सुरक्ष्िात )णःट्टणपत्रा बैंक से ट्टण और अगि्रम राश्िा नियंत्रिात कंपनियों से अन्य ट्टण एवं अगि्रम राश्िा स्िथर परिसंपिायाँμ ख्याति भूमि भवन गृह परिसर रेल साइडिंग प्लांट एवं मशीनरी पफनीर्चर एकस्व एवं व्यापार चिंह पशुध्न वाहन निवेशμ सरकारी या न्यास प्रत्याभूति अंश, ट्टणपत्रा बांडस ;बंध् - पत्राद्ध चालू परिसंपतियाँ,ट्टण एवं अगि्रमμ ;कद्ध चालू परिसंपिायाँμ प्रोद्भूत ब्याज स्टोसर् एवं स्पेयर पाट्र्स खुले औजार विक्रय माल चालू काम विविध् देनदार रोकड़ एवं बैंक शेष;खद्ध ट्टण एवं अगि्रमμ नियंत्रिात कंपनियों हेतुअगि्रम एवं ट्टण प्राप्य विपत्रा अगि्रम भुगतान असुरक्ष्िात ट्टणμ मियादी जमा नियंत्रिात कंपनियों से )ण और अगि्रम राश्िाअल्पावध्ि ट्टण एवं अगि्रम राश्िाअन्य ट्टण एवं अगि्रम राश्िा चालू दायित्व एवं प्रावधनः क. चालू दायित्वः प्राप्ितयाँ विविध् लेनदार बकाया व्यय ख. प्रावधनः कराधन के लिए लाभांश के लिए प्रासंगिकताओं के लिए भविष्य निध्ि योजनाओं के लिए बीमा, पेंशन तथा अन्य ठीक इसी प्रकार के लाभों के लिए विविध् व्यय प्रारंभ्िाक व्ययअंशों एवं ट्टणपत्रों के निगर्म पर छूट अन्य अस्थगित व्यय लाभ व हानि खाता ;नाम शेष, यदि कोइर् हैद्ध एक तुलन पत्रा को संक्षेप प्रपत्रा में भी प्रस्तुत किया जा सकता है, जिसे नीचे दशार्या गया है - संक्ष्िाप्त तुलन पत्रा दायित्व राश्िा ;रु.द्ध परिसंपिायाँ राश्िा ;रु.द्ध 1. अंश पूँजी 2. आरक्ष्िात एवं अध्िशेष 3. रक्ष्िात ट्टण 4. अरक्ष्िात )ण5. चालू दायित्व एवं प्रावधन;कद्ध चालू परिसंपिायाँ;खद्ध प्रावधन 1. स्िथर परिसंपिायाँ 2. निवेश 3. चालू परिसंपिायाँट्टण और अगि्रम राश्िा;कद्ध चालू परिसंपिायाँ ;खद्ध ट्टण एवं अगि्रम 4. विविध् खचर् 5. लाभ व हानि खाता ;नाम शेष, यदि कोइर् हैद्ध तुलन पत्रा का लम्बवत प्रारूप ...................का..................;तिथ्िाद्ध को तुलन पत्रा अनुसूची सं. चालू वषर् के अंत में आंकड़े गत वित्तीय वषर् के अंत में आंकड़े प्ण् निध्ि का स्रोत 1. अंशधरक निध्ि;कद्ध अंश पूँजी;खद्ध आरक्ष्िात एवं अध्िशेष निवल संपिा या अंश धरक निध्ि 2.ट्टण निध्िः;कद्ध रक्ष्िात ट्टण;खद्ध असुरक्ष्िात ट्टण योग ;पूँजी नियोजितद्ध प्प्निध्ियों का उपयोग 1.स्िथर परिसंपिायाँः;कद्ध सकल खंड;खद्ध घटाया - मूल्य”ास ;गद्ध निवल खंड;घद्ध पूँजी चालू काम 2.निवेशः 3.चालू परिसंपिायाँ तथा ट्टणऔर अगि्रम राश्िाः;कद्ध माल सूची;खद्ध विविध् देनदार;गद्ध रोकड़ व बैंक शेष;घद्ध अन्य चालू परिसपंिायाँ;चद्ध ट्टण एवं अगि्रम राश्िाघटायाः चालू दायित्व एवं प्रावधन;कद्ध चालू दायित्व;खद्ध प्रावधन निवल चालू परिसंपिायाँ 4;कद्ध पुफटकर खचर् जिन्हे अपलिख्िात अथवासमायोजित नहीं किया गया है।;खद्ध लाभ व हानि खाता ;नाम शेष, यदि है तोद्धयोग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग ;गगगद्ध गगग ;गगगद्ध गगग गगग गगग गगग गगगग गगगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग गगग ;गगगद्ध ;गगगद्ध गगग ;गगगद्ध ;गगगद्ध गगग गगग गगग गगग गगगगगग गगगग गगगग अनुसूचियाँ, लेखांकन नीतियाँ तथा अन्य व्याख्यात्मक सूचनाएँ आदि तुलन पत्रा का एक भाग है। अनुसूची टप् के भाग प् के अन्तगर्त अपेक्ष्िात सभी सूचनाएँ अनुसूची में समाहित होती है जिसके अंतगर्त निवेश, स्िथरपरिसंपिायाँ, लेनदार, उधर आदि आते हैं। 3.6.1 दायित्व पक्ष 1ण् अंश पूँजीः तुलनपत्रा में दायित्व पक्ष का यह सबसे पहला मद तथा यह अध्िकृत पूँजी, निगर्मित पूँजी, चुकता पूँजी को प्रत्येक प्रकार के अंशों के लिए उनकी संख्या और राश्िा के साथ प्रदश्िार्त कियाजाता है। इसके साथ साथ अदत्त माँग और जब्त अंशों को विवरण भी होता है जिसके संबंध् में अध्याय 1 में बताया जा चुका है। 2ण् आरक्ष्िात एवं अध्िशेषः इस मद के अंतगर्त विभ्िान्न आरक्ष्िात निध्ियाँ होती है जैसे कि पूँजी आरक्ष्िात, पूँजी मोचन आरक्ष्िात, अंश प्रीमियम खाते का शेष, समान्य आरक्ष्िात लाभ व हानि खातेका जमा शेष अन्य आरक्ष्िात प्रत्येक की प्रकृति और राश्िा बताते हुए जिसमें चालू वषर् में जमा शेष साम्िमलत है। 3ण् रक्ष्िात ट्टण: दीघर् कालीन )ण, जिन्हे किसी )णभार पर लिया जाता है, इस वगर् में सम्िमलत होते हैं। )णपत्रा और रक्ष्िात )ण, बैंकों से अगि्रम ध्नराश्िा आय इस वगर् में आते हैं। और इस शीषर्क के अंतगर्त पृथ्क रूप से दिखाए जाते हैं। 4ण् अरक्ष्िात ट्टणः जिन ट्टणों एवं उधरों को बिना किसी )णभार के लिया जाता है उन्हें इस शीषर्क के अंतगर्त प्रदश्िार्त किया जाता है इस मद के अन्तगर्त आवध्िक जमा, तथा नियंत्रिात कंपनियों सेट्टण एवं उधर, अन्य स्रोतों से प्राप्त ट्टणों एवं उधर को सम्िमलित किया जाता है। बैंक तथा अन्यसे प्राप्त ट्टणों को भी इस श्रेणी में शामिल किया जाता है। 5ण् चालू दायित्व एवं प्रावधनः ऐसे दायित्व जो कि एक वषर् की अवध्ि में परिपक्व होते हैं। इनके अंतगर्त प्राप्ितयाँ विविध् देनदार, अगि्रम भुगतान तथा असमाप्त तथा अन्य दायित्व शामिल हैं। आगम लाभ में से एक हिस्सा जिसका प्रयोग विश्िाष्ट दायित्वों के एक वषर् की अवध्ि के अन्दर भुगतान हेतु किया जाता है, प्रावधन कहलाते है। इससे काराधन हेतु प्रावधन, प्रस्तावित लाभांश, भविष्य निध्ि हेतु प्रावधन, बीमा हेतु प्रावधन, आदि शामिल हैं। 3.6.2 परिसंपिायाँ पक्ष प्ण् स्िथर परिसंपिायाँμ स्िथर परिसंपिायों पर अजिर्त खचर् जिसमें ख्याति, भूमि, भवन, पटटा, प्लाॅट व मशीनरी, रेल साइडिंग, पफनीर्चर और पिफटिंग एकस्व, पशुध्न, वाहन आदि, शामिल हैं, पृथक रूप सेदशार्ये जाते हैं। इन परिसंपिायों को उपयुक्त तिथ्िा तक लागत में से ”ास घटा कर दशार्या जाता है। 2ण् निवेशμ इस शीषर् के अंतगर्त विभ्िान्न निवेशों, जैसे कि सरकारी प्रत्याभूतों या न्यास प्रतिभूतियों मेंनिवेश तथा अंश, ट्टणपत्रा, बंध्पत्रा तथा अचल परिसंपतियाँ आदि में किया गया निवेश आता है। इन्हें तुलनपत्रा में अलग दशार्या जाता है। 3ण् चालू परिसंपिायाँ )ण एवं अगि्रम राश्िाμ चालू परिसंपिायाँ जिसमें निवेश पर प्रोदभूत ब्याज, मालसूची, विविध् देनदार, प्राप्य विपत्रा, रोकड़ और बैंक शेष और अन्य अगि्रम ध्नराश्िा जैसे पूवर्दत्त व्यय आदि शामिल हैं। 4ण् पफूटकर खचेर्μ वे खचेर् जो पूणर्तः अपलिख्िात नहीं किये गए है, उनका शेष इस शीषर्क के अंदर दशार्या जाता है। इनमें प्रारंभ्िाक व्यय विज्ञापन व्यय, )णपत्रों और अंशों के निगर्म पर बट्टा, अंश निगर्म व्यय आदि शामिल है। 5ण् लाभ व हानि खाताμ जब लाभ व हानि खाता नाम शेष दशार्ता है अथार्त हानि जिसका समायोजनसमान्य आरक्ष्िात पर नहीं किया जा सकता, तो इसे परिसंपिा पक्ष की ओर अंतिम मद के रूप में दिखाते है। स्वयं जाँचियेदृ2 ;कद्ध आरक्ष्िात और आध्िशेष शीषर् के अंतगर्त कौन सी मदें आती हैं। ;खद्ध पुफटकर खचो± शीषर् के अंतगर्त कौन सी मदें आती हैं। ;गद्ध निम्नलिख्िात में मिलान करें। 1ण् सकल लाभ ;पद्ध वित्तीय विवरण पर व्याख्यात्मक टिप्पणी ; द्ध 2ण् प्रचालन लाभ ;पपद्ध कंपनी द्वारा प्राप्य राश्िा ; द्ध 3ण् विविध् देनदार ;पपपद्ध कंपनी द्वारा देय राश्िा ; द्ध 4ण् विविध् लेनदार ;पअद्ध विक्रय - बेचे गये माल की लागत ; द्ध 5ण् अनुसूचियाँ ;अद्ध सकल लाभ - प्रचालन व्यय ; द्ध 6ण् निवल लाभ ;अपद्ध प्रचालन लाभ - ब्याज और कर ; द्ध प्रदशर् . प् एश्िायन पेन्टस ;इंडियाद्ध लि31ए माचर् 2005 को तुलन पत्रा ;रु. मिलियन मेंद्ध अनुसूचीयाँ 31ण्3ण्2005 को 31ण्3ण्2004 को विनियोजित निध्िअंश धरक निध्िअंश पूँजीआरक्ष्िात और अध्िशेष )ण निध्िरक्ष्िात )णअरक्ष्िात )ण स्थगित कर दायित्व ;निवलद्ध;देखें अनुसूचीय टिप्पणी ठ.27द्ध योग निध्ि का उपयोगस्थायी परिसंपिासकल खंडघटायाः मूल्यहृास परिशोध्न, हानिकरण निवल लाभजोड़ाः पूँजी कायर् प्रगति पर निवेश चालू परिसंपिायाँ )ण और अगि्रमनिवेश पर प्रोदभूत ब्याजमाल सूचीविविध् देनदाररोकड़ और बैंक शेषअन्य प्राप्त)ण और अगि्रम घटायाः चालू परिसंपिायाँ और प्रावधनचालू दायित्वप्रावधन निवल चालू परिसंपिायाँ योग । ठ ब्क्म् थ्ळड 959ण्20 4ए763ण्00 5ए722ण्20 838ण्77 305ण्38 959ण्204ए356ण्21 283ण्65 555ण्12 5ए315ण्41229ण्23475ण्50 7ए127ण्04 4ए014ण्73 704ण्73486ण्56 6ए866ण्35 6ए506ण्70 3ए195ण्09 2ए584ण्27 1ण्086ण्99 6ए511ण्933ए106ण्49 3ए112ण्31 82ण्78 3ए405ण्4438ण्89 0ण्03 3ए307ण्89 1ए489ण्63 210ण्42 190ण्12 727ण्25 3ए444ण्332ए424ण्840ण्832ए114ण्901ए379ण्20245ण्5381ण्45787ण्88 5ए925ण्34 3ए721ण्32 1ए117ण्03 4ए609ण्79 3ए087ण्23885ण्03 4ए838ण्35 3ए972ण्26637ण्53 6ए866ण्35 6ए506ण्70 क्रमगत एश्िायन पेन्टस ;इंडियाद्ध लिवषर्ान्त 31ए 2005 को लाभ व हानि खाता ;त्ेण् प्द डपससपवदेद्ध अनुसूचीयाँ 2004.2005 को 2003.2004 को आय विक्रय और प्रचालन आय ;बटटे से निवलद्ध भ् घटाया - उत्पाद कर विक्रय और प्रचालन आय ;बटटे और उत्पाद कर से निवलद्धअन्य आय खचर् उपयोग किया गया माल श्र 22ए553ण्86 3ए138ण्71 19ए531ण्92 2ए565ण्46 19ए415ण्15 316ण्14 16ए966ण्46 216ण्77 19ए731ण्29 17ए183ण्23 11ए154ण्04 9ए441ण्50 कमर्चारी क्षतिपूतिर् और लाभ ज्ञ विनिमार्ण प्रशासिनिक, विक्रय 1ए179ण्30 1ए015ण्56 और वितरण व्यय स् ब्याज, मूल्यहृास विश्िाष्ट 4ए144ण्05 3ए814ण्02 16ए477ण्39 14ए271ण्08 मदे, और कर से पूवर् लाभ 3ए253ण्90 2ए912ण्15 घटायाः ब्याज ;अनुसूची ड, टिप्पणी ठ.17द्धघटायाः मूल्यहृास/परिशोध्न 27ण्54 52ण्65 ;अनुसूची ड, टिप्पणी ठ.19द्ध क् 476ण्05 480ण्10 कर और विश्िाष्ट मदों से पूवर् लाभ 2ए750ण्31 2ए379ण्40 घटायाः विश्िाष्ट मदें ;अनुसूची ड, टिप्पणी ठ.23द्ध 42ण्31 कर से पूवर् लाभ घटायाः चालू कर हेतु प्रावधनघटायाः स्थगित कर दायित्व हेतु प्रावधन 68ण्06 2ए708ण्00 2ए311ण्34 988ण्00 880ण्00 ;अनुसूची ड, टिप्पणी ठ.27द्ध ;18ण्16द्ध ;44ण्46द्ध कर और पूवर् अवध्िमदों के पश्चात लाभ 1ए738ण्16 1ए475ण्80 जोड़ा ;घटायाद्ध पूवर् अवध्ि मदें कर के पश्चात लाभ जोड़ा आगे लाया गया लाभ व हानिखाते का शेषपेनटासिया इंवेस्टमेन्ट लि. का सविलय जोड़ाः जोड़ा गत वषर् से आगे लाीया गया लाभ वितरण के लिए लाभ उपरोक्त लाभ का वितरण ;3ण्34द्ध 2ण्07 1ए734ण्82 1ए477ण्87 कृ 820ण्00 8ण्40 720ण्00 2ए554ण्82 2ए206ण्27 लाभांशः समता अंश अंतरिम 383ण्69 335ण्73 अंतिम 527ण्56 479ण्60 लाभांश पर कर 125ण्36 104ण्47 समान्य आरक्ष्िात में हस्तांतरण 518ण्21 466ण्47 तुलन पत्रा में लाया गया शेष प्रति अंश अजर्न ;रु.द्धआधरमूत और मन्दअनुसूची ड, टिप्पणी ठ.30द्ध ड 1ए000ण्00 820ण्00 2ए554ण्82 2ए206ण्27 18ण्53 16ण्12 3ण्7 वुफछ विश्िाष्ट मदें कंपनी के वित्तीय विवरणों से संबंध्ित वुफछ ऐसी मदें होती हैं जिनके अंतिम खाते तैयार करते समय सही व्यवहार सुनिश्िचत करना आवश्यक होता है। ऐसी वुफछ मदों को पिछले अध्याओं में स्पष्ट किया जा चुका है जैसे कि अंश पूँजी, अंशों के निगर्म पर बट्टा प्रतिभूति प्रीमियम, बकाया मांग, अगि्रम मांग, जब्त अंश)णपत्रों के निगर्म पर बट्टा ;अथवा हानिद्ध आदि। वुफछ अन्य विश्िाष्ट मदों की प्रकृति और व्यवहार की व्याख्या नीचे की गइर् है। ;अद्ध प्रारंभ्िाक व्यय - यह व्यय कंपनी के स्थापना के समय किये जाते हैं। जैसे कि विविध् प्रपत्रों की छपाइर् की लागत ऐसे दस्तावेज़ों को तैयार करने के लिए वकील को दी गइर् पफीस स्टाम्प शुल्क पंजीकरण और नत्थीकरण व्यय आदि। इन मदों पर किये गये व्यय प्रारंभ्िाक व्यय शीषर्क के अंतगर्त लिखे जाते हैं। वाष्िार्क अपलिख्िात राश्िा को लाभ व हानि खाते के नाम पक्ष की ओर लिखा जाताहै और शेष राश्िा तुलन पत्रा की परिसंपिा पक्ष की ओर विविध् व्यय शीषर्क के अंतगर्त दशार्या जाता है। ;बद्ध अंशों और )णपत्रों के निगर्म पर व्यय - जब अंश और )णपत्रा सावर्जनिक रूप से निगर्मित किये जाते हैं तब कंपनी द्वारा विवरण पत्रिाका के निमार्ण एवं पि्रंटिग, निगर्म पर विज्ञापन, श्रेष्ठी बैंकरशुल्क, दलाली आदि के लिए व्यय उठाने पड़ते हैं। ऐसे व्ययों को पूँजीकृत एवं 3 से 5 वषोर्ं तक अपलिख्िात किया जाता है और प्रारंभ्िाक व्ययों की भांति व्यवहार और प्रस्तुत किया जाता है। )णपत्रों पर ब्याज - )णपत्रों पर देय ब्याज )णपत्रों के साथ बराबर लिखा गया होता है जिसका भुगतान अध्र्वाष्िार्क आधर पर होता है - सितंबर 30 और माचर् 31 ;अथवा जून 30 और दिसंबर 31द्ध। )णपत्रों पर ब्याज की अध्र्वाष्िार्क भुगतान राश्िा तुलन पत्रा पर दशार्यी जाती है। इससे आशय है कि शेष आध्े वषर् के लिए प्रावधन उस स्िथति में भी तैयार किया जाना चाहिए यदि समायोजनों में विशेष रूप से उल्लेख्िात है। अथवा नहीं। दूसरे शब्दों में संपूणर् वषर् के )णपत्रा ब्याज को लाभ व हानि खाते पर प्रभारित किया जाता है और न भुगतान किया हुआ ब्याज, यदि है तो, तुलन पत्रा के दायित्व पक्ष की ओर बकाया ब्याज के रूप में दशार्या जाता है। ;दद्ध कर के लिए प्रावधन - इससे आशय आयकर के प्रावधान से है ;निगम करद्ध जोकि लाभ पर प्रभार है और लाभ व हानि खाते को नाम और कर हेतु प्रावधन खाते को जमा कर तुलन पत्रा के दायित्व पक्ष की ओर चालू देयताओं और प्रावधान शीषर्क के अंतर्गत दशार्या जाता है। ;घद्ध लाभांश - लाभांश लाभों का वह भाग है जो अंशधरियों में बाँटा जाता है। एक लेखांकन वषर् केलिए लाभांश कंपनी की वाष्िार्क समान्य गोष्ठी में वाष्िार्क रिपोटर् की स्वीकृति के समय घोषत किया जाता है और लाभ व हानि खाते ;नाम पक्ष परद्ध के विनियोजन भाग और तुलन पत्रा के दायित्व पत्रा की ओर चालू देयताओं और प्रावधान शीषर्क के अंतगर्न दशार्या जाता है। कभी - कभी कंपनियाँ लेखांकन वषर् के दौरान लाभों के पूवर्ानुमान के आधर पर लाभंाश घोष्िात और भुगतान करती है। इसे अंतरिम लाभांश कहते हैं। चूँकि भुगतान हो चुका होता है इस राश्िा को लाभ व हानि खाते ;नाम पक्ष मेंद्ध के विनियोजन भाग की तरह दशार्या जाता है। ऐसी स्िथति में अंतरिम लाभांश के अतिरिक्त घोष्िात लाभांश जोकि वाष्िार्क रिपोटर् को प्रस्तुत करते समय करे, अंतरिम लाभांश कहते हैं तथा इसका व्यवहार प्रस्तावित लाभांश की तरह ही किया जाता है यहाँ ध्यान योग्य है कि बकाया माँग पर को लाभांश देय होता है। लाभांश की कोइर् राश्िा अंतरिम अथवा अंतिम जो कि अस्वामित्व है को चालू देयताओं शीषर्क के अंतगर्त अस्वामित्व लाभांश के रूप में दशार्या जाताहै। इस स्िथति में एक अन्य महत्त्वपूणर् पक्ष लाभांश कर का भुगतान है। चूँकि लाभांश अंशधरियों के लिए कर मुक्त राश्िा है कंपनी को निधर्रित दर लाभांश पर कर का भुगतान करना होता है जिसे निगम लाभांश कर कहते हैं। तथा इसके लिए प्रावधन तैयार किया जाता है। इस राश्िा को लाभ व हानि खाते के नाम पक्ष की और विनियोजन भाग पर तुलन पत्रा पर चालू देयताओं और प्रावधन शीषर्क के अंतगर्त दशार्या जाता है। ;पफद्ध संचय में हस्तांतरणμस्िथर रूप से कंपनियाँ लाभों का एक भाग आरक्ष्िात करती हैं। समान्य आरक्षण और अन्य विश्िाष्ट आरक्षण में हस्तांतरित राश्िा को लाभ व हानि खाते के विनियोजन भाग में और तुलन पत्रा में संचय और आध्िक्य शीषर्क के अंतगर्त दशार्या जाता है। उदाहरण 1 बिग एंड कं॰ एक प्राध्िकृत पूँजी 5ए00ए000 रु. की कंपनी है जो 5ए000 इक्िवटी अंश में 100 रु. प्रति अंश के साथ विभाजित है। 31ण्12ण्2005 को 2ए500 अंशों का पूणर्तः आहुत कर लिया गया। दिनांक 31ण्12ण्2005 के अनुसार कंपनी के बही खाते से शेष निष्कषर् निम्नवत् है - ;रु.द्ध ;रु.द्ध स्टाॅक 50ए000 विज्ञापन 3ए800 विक्रय 4ए25ए000 बोनस 10ए500 क्रय 3ए00ए000 देनदार 38ए700 मजदूरी ;उत्पादनद्धप्रदत्त बट्टा 70ए000 4ए200 लेनदार संयंत्रा व मशीनरी 35ए200 80ए500 प्राप्त बट्टा 3ए150 पफनीर्चर 17ए100 31ण्3ण्2006 तक बीमा भुगतान 6ए720 रोकड़ व बैंक 1ए34ए700 वेतन किराया सामान्य व्यय 18ए500 6ए000 8ए950 सामान्य आरक्ष्िातप्रबंध् निदेशक से ट्टणडूबत ट्टण 25ए000 15ए700 3ए200 लाभ व हानि खाता 6ए220 ;जमा शेषद्ध बकाया माँग 5ए000 छपाइर् और लेखन सामग्री 2ए400 वषार्न्त दिसंबर 31ए 2005 के लिये व्यापारिक एवं लाभ व हानि खाता तथा उसी तिथ्िा के लिए कंपनी का तुलन पत्रा तैयार करें। निम्नलिख्िात अतिरिक्त जानकारी नीचे दी जा रही है - ;1द्ध अंतिम स्टाॅक 91500 रु.;2द्ध सयंत्रा एवं पफनीर्चर पर मूल्य”ास को क्रमशः 15ः तथा 10ः बदल कर किया गया। ;3द्ध बकाया दायित्वः - मजदूरी 5ए200 रु.ए वेतन 1ए200 रु. तथा किराया 6ए000 रु.;4द्ध लाभांश 5ः की दर से अंश पूँजी पर प्रावधन किया गया है। हल बिग एंड कं॰ लि॰ व्यापारिक एवं लाभ व हानि खाता वषार्न्त 31 दिसंबर 2005 के लिए 31 दिसंबर 2005 पर तुलन पत्रा व्यय/हानियाँ राश्िा;रु.द्ध आगम/अध्िलाभ राश्िा;रु.द्ध प्ररांभ्िाक स्टाॅकक्रय मजदूरी 70ए000 जोड़ाः बकाया मजदूरी 5ए200 सकल लाभ आ/ले वेतन 18ए500 50ए000 3ए00ए000 75ए200 91ए300 बिक्री अंतिम स्टाॅक 4ए25ए000 91ए500 5ए16ए500 5ए16ए500 जोड़ाः बकाया 1ए200 19ए700 सकल लाभ आ/ला 91ए300 प्रदत्त् बटटा बीमा 6ए720 घटायाः पूवर्दत्त बीमा ;1ए680द्ध 4ए200 प्राप्य छूट 3ए150 किराया 6ए000 5ए040 जोड़ाः बकाया किराया 600 6ए600 समान्य व्यय 8ए950 छपाइर् और लेखन सामग्री 2ए400 विज्ञापन 3ए800 बोनस 10ए500 डूबत ट्टण मूल्य”ास: सयंत्रा एवं मशीनरी 12ए075 पफनीर्चर 1ए710 3ए200 13ए785 निवल लाभ आ/ले प्रस्तावित लाभांश 5ः की दर से 2ए45ए000 रु. पर ;बकाया मांग को छोड़ करद्धशेष आ/ले 16ए275 वषर् के लिए निवल लाभआ/ला शेषआ/ला शेष 94ए450 94ए450 12ए250 10ए245 16ए2756ए220 22ए495 22ए495 दायित्व ;रु.द्ध परिसंपिायाँ ;रु.द्ध अंश पूँजीअध्िकृत - 5ए000 अंश प्रत्येक अंश 100 रुनिगर्मित एवं अभ्िादत्त - 100 रु. के 2ए500 अंश पूणर्तः मांगी पूंजी 2ए50ए000 घटाया - बकाया मांग ;5ए000द्ध आरक्ष्िात और अध्िशेष सामान्य आरक्ष्िात लाभ व हानि खाता सुरक्ष्िात ट्टणअसुरक्ष्िात ट्टणप्रबंध् निदेशक से ट्टण ;क्रल्ियत अरक्ष्िातद्ध चालू दायित्व व प्रावधन ;कद्ध चालू दायित्व लेनदार बकाया खचेर् ;मजदूरी, वेतन व किरायाद्ध ;खद्ध प्रावधन प्रस्तावित लाभांश 5ए00ए000 2ए45ए000 2ए45ए000 25ए000 10ए245 शून्य 15ए700 35ए2007ए000 12ए250 स्थायी परिसंपिायाँ संयंत्रा और मशीनरी 80ए500 घटायाः मूल्य”ास ;12ए075द्धपफनीर्चर 17ए100 घटयाः मूलह्यास ;1ए710द्ध निवेश चालू परिसंपिायाँट्टण और उधर;अद्ध चालू परिसंपिायाँः स्टाॅक ;लागत परद्ध देनदार रोकड़ और बैंक शेष;खद्ध ट्टण व अगि्रम:पूवर्दत्त बीमा पूफटकर खचर् ;जिन्हें समायोजित नहीं किया गया हैद्ध लाभ व हानि खाता ;नामद्ध 68ए425 15ए390 शून्य 91ए50038ए7001ए34ए700 1ए680 शून्य 3ए50ए395 3ए50ए395 उदाहरण 2 निचे दिया गया तुलन पत्रा 30 जून 2006 को वैभती क. लि. का है ;रु.द्ध ;रु.द्ध स्टाॅक 30 जून 2005 को विक्रय क्रय मजदूरी बट्टा पफनीर्चर व पिफटिंग्स वेतन किराया विविध् व्यय 30 जून 2005 को लाभ व हानि विनियोग खाता लाभांश प्रदत्त अंश पूँजी देनदार एवं लेनदार संयंत्रा व मशीनरी रोकड़ व बैंक शेष समान्य आरक्ष्िात एकस्व व व्यापार चिन्ह 75ए000 दृ 2ए45ए000 50ए000 दृ 17ए000 7500 4ए950 7ए050 दृ 9ए000 दृ 37ए500 29ए000 16ए703 दृ 4ए830 3ए50ए000 दृ दृ 5ए000 दृ दृ दृ दृ 15ए030 1ए00ए000 17ए500 दृ दृ 16003 दृ 5ए03ए533 5ए03ए533 वषर्ान्त 30 जून 2006 के लिए व्यापारिक खाता, लाभ व हानि खाता, लाभ व हानि विनियोग खाता तथा इसी तिथ्िा पर तुलन पत्रा तैयार कीजिए। निम्नलिख्िात समायोजन को ध्यान में रखेंः 1ण् 30 जून 2006 को स्टाॅक को 82ए000 रु. पर मूल्यांकित किया गया। 2ण् स्िथर परिसंपिायों पर मूल्य”ास 10ः की दर से लगाया गया 3ण् निवल लाभ के / 50ः दर से आयकर का प्रावधन बनाएं। 176 लेखाशास्त्रा - कंपनी खाते एवं वित्तीय विवरणों का विश्लेषण हल वैभवी कं॰ लिमिटेड वषार्न्त 30 जून 2006 को लाभ व हानि खाता व्यय/हानियाँ राश्िा;रु.द्ध आगम/अध्िलाभ राश्िा;रु.द्ध प्रारंभ्िाक स्टाॅकक्रय मजदूरीसकल लाभ आ/ले 75ए000 2ए45ए000 50ए000 62ए000 विक्रय अंतिम स्टाॅक 3ए50ए000 82ए000 4ए32ए000 4ए32ए000 वेतन किरायाविविध् व्ययमूलय ”ासμसंयंत्रा और मशीनरीएकस्व एवं व्यापार चिन्हपफनीर्चर और पिफटिंग्सआयकर के लिये प्रावधननिवल लाभ आ/ले 7ए500 4ए950 7ए050 2ए900 483 1ए700 21ए209 21ए208 सकल लाभ आ/लाबट्टा 62ए000 5ए000 67ए000 67ए000 लाभांश का भुगतानशेष आ/ले 9ए000 27ए238 शेष आ/लाचालू वषर् के लिए निवल लाभ 15ए030 21ए208 36ए238 36ए238 30 जून 2006 को वैभवी कं॰ लि॰ का तुलन पत्रा दायित्व ;रु.द्ध परिसंपिायाँ ;रु.द्ध अंश पूँजीअध्िकृत.............. अंश रु. .............. प्रत्येक निगर्मित .............. अंश रु. .............. प्रत्येक 1ए00ए000 स्थायी परिसंपिायाँसंयंत्रा व मशीनरीघटायाः मूल्यहृासपफनीर्चर और पिफटिंग्सघटायाः मूल्यहृासएकस्व एवं व्यापार ध्िलघटायाः मूल्यहृास 29ए000 ;2ए900द्ध 17ए000 ;1ए700द्ध 4ए830 ;483द्ध 26ए100 15ए300 4ए347 आरक्ष्िात और अध्िशेष सामान्य आरक्ष्िात लाभ व हानि खाता चालू दायित्व एवं प्रावधन लेनदार कराधन के लिए प्रावधन 16ए003 27ए238 17ए500 21ए209 चालू परिसंपिायाँ स्टाॅक देनदार बैंकस्थ रोकड़ 82ए000 37ए500 16ए703 1ए81ए950 1ए81ए950 नीचे दिया गया उदाहरण 3 कंपनियों के संदभर् में लाभ व हानि खाता और तुलन - पत्रा के निमार्ण प्रिया की व्याख्या करता है। उदाहरण 3 महावीर मैन्यूपफैक्चरिंग कं॰ लिमिटेड 25ए00ए000 रु. की पूँजी के साथ पंजीकृत है जो 10 रु. प्राप्ित माचर् 31ए 2006 को कंपनी की पुस्तकों के अनुसार खाता शेष इस प्रकार थे। विवरण राश्िा ;रु.द्ध विवरण राश्िा ;रु.द्ध संयंत्रा व मशीनरी 9ए00ए000 माल भाड़ा 42ए750 स्टाॅक ;142005द्ध को 2ए87ए500 ख्याति 1ए90ए250 पिफक्सचर 18ए000 मजदूरी 1ए77ए000 विविध् देनदार 3ए47ए500 हस्तस्थ रोकड़ 15ए875 भवन 6ए00ए000 बैंकस्थ रोकड़ 85ए750 क्रय 3ए62ए500 निदेशक पफीस ;शुल्कद्ध 10ए350 अंतरिम लाभांश का भुगतान 28ए750 डूबत ट्टण 9ए275 सामान्य व्यय 30ए250 वेतन 48ए250 ट्टणपत्रा ब्याज 22250 6ः ट्टणपत्रा 7ए50ए000 देय विपत्रा 45ए000 विक्रय 10ए87ए500 सामान्य आरक्ष्िात 66250 संदिग्ध् ट्टणों हेतु प्रावधन 4ः सरकारी 1ए50ए000 लाभ व हानि खाता ;जमाद्ध 86ए250 बंध्पत्रा 10ए000 अंश पूँजी 12ए50ए000 विविध् लेनदार 80ए000 बकाया मांग 38ए750 प्रारंभ्िाक व्यय 10ए000 31 माचर् 2006 को स्टाॅक को 2ए02ए500 रु. पर मूल्यांकित किया गया। निम्नलिख्िात समायोजन किये जाने हैं - 1ण् संयंत्रा एवं मशीनरी पर 10ः तथा पिफक्सचर पर 5ः की दर से मूल्य”ास लगाया गया। 2ण् अंतरिम लाभांश 5ः की दर से दिया गया। 3ण् प्रारंभ्िाक व्ययों को 25ः बट्टे खाते में डाला गया। 4ण् विविध् देनदारों के लिए 8ए215 रु. का प्रावधन किया गया है। 5ण् 20ए000 रु. की राश्िा सामान्य आरक्ष्िात में हस्तांतरित किया गया। 6ण् 6ए500 रु. की सीमा तक आयकर के लिए प्रावधन किया गया।आप को लाभ व हानि खाता, लाभ व हानि विनियोजन खाता तथा तुलन पत्रा वषांन्त 31 माचर् 2006 के लिये तैयार करें। हल महावीर मैन्यूपफैक्चरिंग क. लि॰ लाभ व हानि खाता वषर्ान्त 31 माचर् 2006 को नाम जमा व्यय/हानियाँ राश्िा;रु.द्ध आगम/अध्िलाभ राश्िा;रु.द्ध स्टाॅक ;अप्रेल 1ए 05 को द्धक्रय मजदूरीमालभाड़ासकल लाभ आ/ले वेतन 2ए87ए500 3ए62ए500 1ए77ए000 42ए750 4ए20ए250 विक्रय अंतिम स्टाॅक सकल लाभ आ/ले 10ए87ए500 2ए02ए500 12ए90ए000 12ए90ए000 48ए250 4ए20ए250 सामान्य व्ययट्टणपत्रा ब्याज का भुगतान 22ए250 30ए250 ब्याज 6ए000 जोड़ाः बकाया 22ए750 45ए000 निदेशक पफीस 10ए350 प्रारंभ्िाक व्यय ;25ःद्ध मूल्यहृासः संयंत्रा एवं मशीनरी / 10ः 90ए000 2ए500 पिफक्सचर / 5ः 900 डूबत ट्टण 9ए275 जोड़ाः संदिग्ध् )णोंके प्रावधन 8ए125 17ए400 90ए900 घटायाः वतर्मान प्रावधन ;10ए000द्ध 7ए400 काराधन के लिये प्रावधन 65ए500 निवल आ/ले 1ए26ए100 4ए26ए250 4ए26ए250 कंपनी के वित्तीय विवरण 179 लाभ व हानि विनियोग खाता नाम जमा रु रु सामान्य आरक्ष्िात 20ए000 शेष आ/ला 86ए250 अंतरिम लाभांश 28ए750 चालू वषर् के लिए 1ए26ए100 प्रस्तावित लाभांश 60ए562 निवल लाभ शेष आ/ले 1ए03ए038 2ए12ए350 2ए12ए350 सूचना: 1ण् 7ए50ए000 रु. के ट्टणपत्रों पर 6ः की दर से ब्याज 45ए000 रु. आया जो कि पहले ही 2ए250 रुप्रदत्त किया गया। शेष 22ए750 रु. को बकाये के रूप में माना गया। 2ण् चुकता अंश पूँजी 12ए50ए000 दृ 38750 रु. ;बकाया माँगद्धत्र 12ए11ए250 रु. है जिस पर 5ः की दर से अंतिम लाभ 60ए562ण्50 रु. होता है। महावीर मैन्यूपफैक्चरिंग कं॰ लि॰ का तुलन पत्रा वषार्न्त 31 माचर् 2006 को दायित्व ;रु.द्ध परिसंपिायाँ ;रु.द्ध अंश पूँजीः स्िथर परिसंपिायाँμ अध्िकृत ख्याति 1ए90ए250 10 रु. प्रत्येक के भवन 6ए00ए000 2ए50ए000 अंश निगर्मित अभ्िादत्त एवं चुकता पूँजीः 10 रु. प्रत्येक के 25ए00ए000 संयंत्रा एवं मशीनरी 9ए00ए000 घटाया - मूल्य”ास ;90ए000द्ध 1ए25ए000 अंश निगर्मित 12ए50ए000 घटायाः बकाया मंाग ;38ए750द्ध पिफक्सचर 18ए000 घटायाः मूल्य”ास ;900द्ध 8ए10ए000 आरक्ष्िात एवं अध्िशेषः 12ए11ए250 निवेशμ 17ए100 सामान्य आरक्ष्िात 66ए250 जोड़ाः लाभ व हानि खाते से हस्तांतरण 20ए000 4ः सरकारी बांड ;बंध् पत्राद्ध 1ए50ए000 86ए250 लाभ व हानि खाते का शेष 1ए03ए038 सुरक्ष्िात ट्टण 6ः ट्टण पत्रा सुरक्ष्िात ट्टण चालू दायित्व एवं प्रावधन ;कद्ध चालू दायित्व देय विपत्रा विविध् लेनदारट्टणपत्रा ब्याज ;खद्ध प्रावधन आयकर के लिए प्रावधन अंतिम प्रस्तावित लाभांश 45ए000 शून्य 45ए00080ए00022ए750 65ए50060ए562 चालू परिसंपिायाँ, ट्टणतथा अगि्रम राश्िा;कद्ध चालू परिसंपिायाँ बंध् पत्रा पर ब्याज व्यापार में स्टाॅक विविध् देनदार घटायाः संदिग्ध् )णों के लिये प्रावधनहस्तस्थ रोकड़ बैंकस्थ रोकड़ ;खद्ध )ण एवं अगि्रमः पुफटकर खचेर्ः प्रारंभ्िाक व्यय घटाया: अपलिख्िात 3ए47ए500 ;8ए125द्ध 10ए000 2ए500 6ए000 2ए02ए500 3ए39ए375 15ए875 85ए750 85ए750 7ए500 24ए24ए350 24ए24ए350 प्रदशर् 2 वषार्न्त माचर् 31ए 2006 को ग्रासिम इण्डस्ट्रीस लिमिटिड का तुलन पत्रा और लाभ व हानि खाता नीचे दिया गया है ग्रासिम इण्डस्ट्रीस लिमिटेड वषार्न्त माचर् 31ए 2006 को तुलन पत्रा विवरण अनुसूची सं. रु.करोड़ में गत वषर् रु. करोड़ में चालू वषर् निध्ि का स्रोतअंश धरक निध्िअंश पूँजीअंश पूँजी अध्िशेषआरक्ष्िात एवं अध्िशेष )ण निध्िरक्ष्िात )णरक्ष्िात )णदस्तावेज़ी बिलों का बैंक से बटटा स्थगित कर दायित्व योग निध्ियों का उपयोगस्िथर परिसंपिासकल खंडघटायाः मूल्य ”ास निवल खंडपूँजी चालू कायर् निष्पादन हेतु स्िथर परिसंपिानिवेश चालू परिसंपिा )ण व उधरनिवेश पर प्रोदभूत ब्याजमाल सूचीविविध् देरदाररोकड़ बैंक शेष)ण व अगि्रम घटायाः निवल दायित्व व प्रावधनदायित्व प्रावधन शु( चाूल परिसंपिा योग लेखांकन नीतियाँ और खातों पर टिप्पणी 1 । 1 ठ 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11 12 13 22 - 23 91ण्67 0ण्02 4ए890ण्39 4ए982ण्08 1ए979ण्67 584ण्38 91ण्67 0ण्02 4ए236ण्66 1ए331ण्08 586ण्27 62ण्32 4ए328ण्35 1ए439ण्02 535ण्79 33ण्53 6ए114ण्12 3ए109ण्49 2008ण्34 599ण्50 7546ण्13 6ए936ण्19 3ए298ण्27 12ण्76 3ए481ण्71 753ण्39 5ए897ण्04 2ए848ण्17 3ए004ण्63 293ण्64 3ए048ण्87 145ण्94 1ण्46 750ण्73 413ण्45 155ण्58 705ण्54 3ए194ण्81 13ण्73 2ए982ण्02 1ण्09 678ण्59 522ण्01 86ण्70 565ण्54 2ए026ण्76 8ए044ण्49 969ण्15 304ण्22 827ण्89 280ण्41 1ए273ण्37 1ए108ण्30 745ण्63 7ए546ण्13 6ए936ण्19 प्रदशर् 3 ग्ररासिम इंडस्ट्रीज़ लिमिटिड वषार्न्त माचर् 31ए 2006 को लाभ व हानि खाता विवरण अनुसूची रु. करोड़ मेंगत वषर् रु. करोड़ मेंचालू वषर् आयसकल विक्रयघटाया उत्पाद शूल्क निवल विक्रयब्याज और लाभांश आयअन्य आयस्टाॅक में वृि/कमी खचर्कच्चे माल का उपयोगविनिमार्ण व्ययपुराने व अन्य सामान का क्रयकमर्चारी हेतु भुगतान का प्रावधनविक्रय वितरण प्रशासकीय वअन्य व्ययब्याजमूल्य ”ास और परिशोध्न;अनुसूची 6 की टिप्पणी अद्ध कर पूवर् लाभ व विश्िाष्ट मदेंविक्रय कर )ण के पूवर् भुगतान पर अध्िशेषनिवेश और )ण के मूल्य में कमी कर पूवर् लाभचालू कर पर प्रावधनआस्थगित कर कर के बाद लाभ)णपत्रा शोध्न आरक्ष्िात ;जिसकी आवश्यकता नहीं हैद्धनिवेश भत्ता आरक्ष्िात ;जिसकी आवश्यकता नहीं हैद्धगत वषर् का शेष जिसे आगे लाया गया है। विनियोग हेतु लाभ विनियोगःप्रस्तावित लाभांशनिगम लाभांश करसामान्य आरक्ष्िाततुलन पत्रा हेतु शेष प्रति अंश अजर्न का आधर और मन्दीलेखांकन नीतियाँ और खातों पर टिप्पणी 14 15 16 17 18 19 20 21 22 - 23 7ए607ण्20 986ण्69 6ए620ण्51 67ण्53 136ण्71 ;43ण्48द्ध 7ए201ण्06 971ण्80 6ए229ण्26 114ण्75 72ण्44 100ण्67 6ए781ण्27 6ए517ण्12 1ए822ण्69 1ए580ण्34 240ण्15 407ण्64 1ए139ण्59 97ण्32 291ण्64 1ए873ण्05 1ए498ण्77 49ण्02 373ण्13 938ण्46 138ण्76 284ण्57 5ए579ण्37 5ए155ण्76 1ए201ण्90 4ण्13 1ए361ण्36 34ण्35 ;92ण्00द्ध 1ए206ण्03 ;369ण्82द्ध 27ण्00 1ए303ण्71 ;451ण्00द्ध 33ण्00 863ण्21 8ण्62 0ण्25 815ण्35 885ण्71 6ण्86 0ण्16 790ण्20 1ए687ण्43 1ए682ण्93 183ण्35 25ण्71 600ण्00 878ण्37 146ण्68 20ण्90 700ण्00 815ण्35 1ए687ण्43 1ए682ण्93 94ण्14 96ण्60 3.8 वित्तीय विवरणों की उपयोगिता एवं महत्त्व वित्तीय विवरणों के उपयोगकतार्ओं में प्रबंध्, निवेशक, अंशधरक लेनदार, सरकार, बैंकर, कमर्चारी और लोक जन सम्िमलत हैं। वित्तीय विवरण इन सभी पक्षों को प्रबंध् के निष्पादन संबंध्ी आवश्यक सूचनाएँ उपलब्ध्कराते हैं और उपयुक्त आथ्िार्क निणर्य लेने में सहायक होते हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि वित्तीय विवरण वाष्िार्क रिपोटर् का अनिवायर् भाग है जिसमें संचालक रिपोटर्, अंकेक्षक रिपोटर्, निगर्मन अध्िशासन रिपोटर् तथाप्रबंध् व्याख्या और विश्लेषण शामिल हैं। वित्तीय वितरणों की उपयोगिताओं एवं महत्त्व को नीचे प्रस्तुत किया गया है। 1ण् प्रबंध्कों की संरक्षणता पर रिपोटर् - वित्तीय विवरण अंश धरकों के लिए प्रबंध्कों की कायर्दक्षताकी रिपोटर् करते हैं। वित्तीय विवरणों की सहायता से प्रबंध्न की कायर्दक्षता या निष्पादन तथा स्वामित्व की अपेक्षाओं के बीच अंतर को समझा जा सकता है। 2ण् वित्त नीतियों के लिए आधर - वित्तीय नीतियाँ, विशेष रूप से सरकार की कराधन नीतियाँ निगर्मितऔद्योगिक संस्थान की कायर्दक्षता या निष्पादन से संबं( होती हैं। इस तरह से, वित्तीय विवरण औद्योगिक कराधन तथा सरकार की अन्य आथ्िार्क नीतियों के लिए निविष्िट या निवेश प्रदान करते हैं। 3ण् ट्टणों की स्वीकृत के लिए आधर - निगर्मित संस्थानों को बैंकों तथा अन्य वित्तीय संस्थानों से विभ्िान्न उद्देश्यों हेतु ट्टण उठाने पड़ते हैं। ट्टणदाता संस्थान निगमों के वित्तीय निष्पादनों केआधर पर ट्टण स्वीकृत करते हैं। अतः, वित्तीय विवरण ट्टणों के स्वीकार के लिए आधर होते हैं। 4ण् प्रत्याश्िात निवेशकों के लिए आधर - निवेशकों में दीघर्कालिक और अल्पकालिक दोनों प्रकार के निवेशक होते हैं। उनके निवेश के निणर्य में प्रमुख ध्यान देने योग्य बात अपने निवेश के लिएन्यायोचित लाभ के साथ सुरक्षा एवं तरलता होती है। वित्तीय विवरण निवेशकों को दीघर्कालिक एवंअल्पकालिक ट्टण शोध्न क्षमता आकलन के साथ - साथ कारोबार की लाभदायकता को भी आँकने में सहायता देते हैं। 5ण् पहले से ही किए निवेश के मूल्य हेतु दिशा निदेर्शक - कंपनी के अंश धरक अपने किए गए निवेश की स्िथति सुरक्षा तथा वापसी के बारे में जानने को उत्सुक रहते हैं। इसके साथ ही वे इस संदभर् में भी जानकारी पाना चाहते हैं कि वे व्यसाय में निवेश को अनुवरत या सतत् रखें या उसे समाप्तकर दें। इस तरह के महत्त्वपूणर् निणर्यों को लेने में वित्तीय विवरण अंश धरकों को जानकारी प्रदान करते हैं। 6ण् व्यापार संगठनों को अपने सदस्यों की सहायता में सहायकμ व्यापार संगठन इस उद्देश्य के लिएवित्तीय विवरणों का विश्लेषण कर सकते हैं कि वे अपने सदस्य को सेवा और संरक्षा प्रदान कर सकें। वे एक मानक अनुपात विकसित कर सकते हैं और खातों के लिए एकरूपी व्यवस्था निमिर्त कर सकते हैं। 7ण् प्रतिभूति बाजारों की सहायता - वित्तीय विवरण प्रतिभूति बाज़ार को वित्तीय निष्पादनों के रिपोटर् में पारदश्िार्ता की सीमा को समझने में सहायता करते हैं तथा उन्हें इस योग्य बनाते हैं कि वे निवेशक के हितों की रक्षा के लिए अपेक्ष्िात सूचनाओं के लिए मांग कर सकें। वित्तीय विवरण अंश दलालोंको इस योग्य बनाते हैं कि विभ्िान्न सम्ब(ताओं से वित्तीय स्िथति को निणीर्त कर सकें तथा मूल्य उ(त करने के बारे में निणर्य ले सकें। 3ण्9 वित्तीय विवरणों की सीमाएँ यद्यपि वित्तीय विवरणों को उपयोगकतार्ओं की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए अत्यध्िक ध्यान रखकर तैयार किया जाता है, तथापि वे निम्नलिख्िात सीमाओं को भुगतते हैं - 1ण् वतर्मान स्िथति को प्रतिबिंबित नहीं करता - वित्तीय विवरणों को ऐतिहासिक लागत के आधर परतैयार किया जाता है। चूंकि ध्न की क्रय शक्ित बदलती रहती है। अतः वित्तीय विवरण में दशार्यीगइर् परिसंपिायाँ एवं दायित्व ;देयताओंद्ध का मूल्य चालू या वतर्मान बाजार स्िथति को नहीं दशार्ते हैं। 2ण् परिसंपिायाँ वसूल नहीं पाइर् जा सकतीं - लेखांकन को विशेष रूढि़यों के आधर पर किया जाताहै। वुफछेक परिसपंिायाँ संभवतः कथ्िात मूल्य पर वसूल नहीं पाइर् जा सकती, अगर कंपनी परपरिसमापन का जोर डाला जाए। तुलन पत्रा में दशार्इर् गइर् परिसंपिायाँ केवल असमाप्त या परिशोध् न लागत प्रदश्िार्त करती हैं। 3ण् पक्षपाती - वित्तीय विवरण अभ्िालिख्िात तथ्यों, संकल्पनाओं तथा प्रयुक्त परम्पराओं का परिणाम होते हैं और मूल्य निणर्य लेखाकार या लेखापाल के द्वारा विभ्िान्न स्िथतियों में किया गया होता है। अतैव, परिणाम में पक्षपात या एकांगता देखी जा सकती है। 4ण् समुच्िचत सूचना - वित्तीय विवरण समुच्िचत या वुफल सूचना दशार्ते हैं न कि विश्िाष्ट सूचना। अतैव, वे शायद उपयोगकतार् को निणर्य लेने में तब तक संतुष्ट नहीं कर सकते जब तक कि उनके अनुवूफल बदलाव न हों। 5ण् अनिवायर् सूचना का आभाव - वित्तीय विवरण या तुलन पत्रा बाजार से संबंध्ित हानि, समझौते के उल्लंघन के बारे में सूचना या जानाकारी नहीं उद्घाटित करते हैं। जो कि उद्यम की अनिवायर् मूल्यपात को नहीं दशार्ते हैं। 6ण् गुणवत्तापूणर् या गुणात्मक सूचना की कमी - वित्तीय विवरणों में केवल आथ्िार्क जानकारी समाहितहोती है न कि औद्योगिक संबधें, औद्योगिक वातावरण, श्रम संबंधें, कायर् एवं श्रम की गुणवत्ता आदि जैसी गुणात्मक जानकारियाँ नहीं होती हैं। 7ण् ये केवल अंतरिम रिपोटे± होती हैंः वित्तीय विवरण जैसे - लाभ व हानि खाता केवल अंतरिम लाभों को दशार्ते हैं न कि अंतिम लाभों को। अंतिम लाभ केवल तभी जाने जा सकते हैं जब उद्यम कापरिसमापन हो, परिसंपिायाँ बिकें और दायित्व चुकाइर् गइर् हों। इस अध्याय में प्रयुक्त शब्द 1ण् वित्तीय विवरण 9ण् अभ्िाधरणा 2ण् लाभ व हानि खाता 10ण् संचालन लाभ 3ण् तुलनपत्रा 11ण् गैर - संचालन आय 4ण् आय की लेंखाकन अवधरण 12ण् निध्ियों का स्रोत 5ण् बेचे गये माल की लागत 13ण् निध्ियों का उपयोग 6ण् स्थायी क्रम 14ण् अंतरिम लाभांश 7ण् द्रवता क्रम 15ण् अंश पूँजी 8ण् प्रारंभ्िाक व्यय सारांश वित्तीय विवरण लेखांकन प्रिया का अंतिम उत्पाद होते हैं जो एक विशेष तिथ्िा पर विशेष अवध्ि के लिए औरवित्तीय स्िथति को प्रकट करते हैं। प्रत्येक निगर्मित संस्थान द्वारा वित्तीय विवरण तैयार करने एवं प्रकाश्िात करने का सामान्य उद्देश्य उसमें रूचि रखने वाली पाटिर्यों के लाभ के लिए होता है। इन विवरणों के अन्तगर्त आय विवरण तथा तुलन पत्रा शामिल होते हैं। इन विवरणों का आधरभूत उद्देश्य प्रबंध्कों द्वारा निणर्य लेने के लिए जानकारी उपलब्ध् कराने के साथ - साथ बाहरी लोगों को भी जानकारी उपलब्ध् कराना है जो कि निगर्म के काम - काज में रूचि रखते हैं। तुलनपत्रा में वे सभी परिसंपिायाँ दशार्इर् जाती हैं जो एक कारोबार के स्वामित्व में होती है इसके साथ ही सभी दायित्वों या दायित्व जो लेनदार या देनदार को देय होती हैं तथा एक विशेष तिथ्िा पर स्वामियों के दावे शामिलहोते हैं। यह एक विश्िाष्ट महत्त्वपूणर् विवरण होता है जो एक निगम की सुदृढ़ता या स्िथति अथवा वित्तीय स्िथति को चित्रिात करते हैं। ये एक पफमर् के संसाध्नों एवं देनदारियों तथा पफमर् की तरलता एवं समाधन के मापदंड़ों का संक्ष्िाप्त सारांश होता है। तुलनपत्रा को तरलता क्रम में या स्थाइर् क्रम में प्रस्तुत कर सकते हैं। हालांकि, कंपनीअध्िनियम के अंतगर्त स्थायित्व कंपनियाँ अपने वित्तीय विवरणों को स्थाइर् क्रम में वगीर्कृत उपयुक्त शीषर् केअन्तगर्त रखते हैं। तुलन पत्रा को चालू कारोबार तथा प्रोद्भवन के आधर पर तैयार किया जाता है। वित्तीय विवरण प्रायः 1 अप्रैल से शुरू होकर माचर् 31 समापन वषर् तक की अवध्ि के लिए तैयार किए जाते हैं। आय विवरण या लाभ व हानि खाता उपयुक्त अवध्ि के लिए एक निगर्म के संचालनात्मक परिणामों को निधर्रित करने के लिए होता है। यह अजिर्त आगम का तथा अजिर्त राजस्व में होने वाले व्ययों का विवरण होता है यह एक व्यवसाय के संचालन की निष्पादन रिपोटर् है जो आय, व्ययों, लाभ व हानि को दो तुलन पत्रा के वषो± के बीच के बदलाव को दशार्ता है। वित्तीय विवरणों का महत्त्व वित्तीय विवरण के उपयोगकतार्ओं के अन्तगर्त अंश धरक निवेशक, लेनदार, ट्टण दाता,उपभोक्ता, प्रबंध्न तथा सरकार, आदि शामिल है। वित्तीय विवरण सभी उपभोगकतार्ओं को निणर्य लेने की प्रिया में सहायता करते हैं। ये इन सदस्यों को सामान्य उद्देश्यों की आवश्यकता के लिए आँकड़ें उपलब्ध् कराते हैं। वित्तीय विवरणों की सीमाएँ वित्तीय विवरण सीमाओं से मुक्त नहीं होते हैं। यह केवल समुच्िचत जानकारीयाँ हैं ताकि उपयोगकतार् की सामान्य आवश्यकताओं की तुष्िट हो लेकिन विश्िाष्ट आवश्यकताओं की तुष्िट नहीं होती है। ये तकनीकी विवरण हैं जो केवल लेखांकन ज्ञान रखने वाले व्यक्ितयों द्वारा ही समझ जाते हैं। ये ऐतिहासिक जानकारी प्रतिवतिर्त करते हैं न कि वतर्मान स्िथति को, जो कि किसी भी निणर्य लेने की प्रिया के लिए आवश्यक होते हैं। इसके अतिरिक्त, कोइर् व्यक्ित संगठन के निष्पादन के बारे में मात्रात्मक बदलावों के बारे में अनुमान लगा सकता है न कि गुणात्मक बदलावों के बारे में, जैसे कि श्रमिक संबंध् कायर् की गुणता, कमर्चारी संतुष्िट आदि।वित्तीय विवरण न तो परिपूणर् होते हैं और न ही परिनिवल होते हैं चूंकि आय एवं व्यय प्रथक होते हैं तथा स्वीकृतसंकल्पना की बजाय सवोर्त्तम निणर्य का उपयोग करते हैं। अतैवऋ किसी भी निणर्य लेने से पहले इन विवरणों का उचित विश्लेषण करने की आवश्यकता होती है। अभ्यास लध्ु उत्तरीय प्रश्न 1ण् वित्तीय विवरण की प्रकृति की व्याख्या कीजिए? 2ण् वित्तीय विवरण के महत्त्व के बारे में विस्तृत व्याख्या कीजिए। 3ण् वित्तीय विवरण की सीमाओं का वणर्न कीजिए। 4ण् आय विवरण का प्रारूप बनाइए तथा इसके तत्वों का वणर्न कीजिए। 5ण् तुलनपत्रा का प्रारूप तैयार कीजिए तथा तुलनपत्रा के विभ्िान्न तत्वों की व्याख्या कीजिए। दीध्र् उत्तरीय प्रश्न 1ण् व्याख्या कीजिए कि विभ्िान्न पाटिर्यों के लिए वित्तीय विवरण वैफसे उपयोगी होते हैं जो कि एक निगर्मित संस्थान के कारोबार में रूचि रखते हैं। 2ण् परिचचार् कीजिए कि - वित्तीय विवरण अभ्िालिख्िात तथ्यों लेखांकन परंपराओं ;रूढि़योंद्ध तथा वैयक्ितक निणर्यों का समिश्रण होता है। 3ण् आय विवरण तथा तुलन पत्रा को तैयार करने की प्रिया की व्याख्या कीजिए। संख्यात्मक प्रश्न 1.निम्नलिख्िात शेष 30 जून 2006 को माडनर् मैन्यूपफैक्चरिंग कं॰ लिमिटेड के तलपट से प्राप्त किये गये हैं। विवरण राश्िा रु विवरण राश्िा रु. स्टाॅक 30 जून 2005 को विक्रय क्रय उत्पादक मजदूरी बट्टा ;नामद्ध बट्टा ;जमाद्ध वेतन किराया सामान्य व्यय लाभ व हानि खाता 30 जून 2005 ;जमाद्ध 7ए500 35ए000 24ए500 5ए000 700 500 750 495 1ए705 1ए503 प्रदत्त लाभांश अगस्त 2005 को प्रदत्त अंतरिम लाभांश पफरवरी 2006 को पूँजी - रु.10ए000 1 रु. प्रति अंश देनदार लेनदार संयंत्रा एवं मशीनरी रोकड़ बैंकस्थ रिजर्वप्रबंध् निदेशक को ट्टण डूबत ट्टण 500 400 10ए000 3ए750 1ए750 2ए900 1ए620 1ए550 325 158 30 जून 2006 को स्टाॅक 8ए200 रु. है। व्यापारिक 30 जून, 2006 पर व्यापारिक खाता तथा लाभ व हानि खाता तथा इसी तिथ्िा पर तुलन पत्रा भी तैयार करें। इसके साथ ही आपको निम्नलिख्िात के संबंध् में प्रावधन तैयार करें - ;पद्ध मशीनरी में 10ः वाष्िार्क की दर से मूल्य”ासऋ ;पपद्ध देनदारों पर छूट के लिए 5ः की दर से आरक्ष्िातऋ ;पपपद्ध 30 जून पर एक माह का किराया 45 रु. बकायाऋ और ;पअद्ध 6 माह का बीमा तथा सामान्य खचो± सहित 75 रु. असमाप्त थे। ;उत्तरः सकल लाभ 6ए200 रु.ए निवल लाभ 2ए444ण्50 तुलन पत्रा योग 16ए392ण्50 रु.द्ध 2ण् निम्नलिख्िात तलपट जून 30ए 2005 को अल्पफा क. लिमिटिड का है 29ए000 विवरण राश्िा रु ब्यौरा राश्िा रु. भूमि व भवन संयंत्रा व मशीनरी पफनीर्चर एवं पिफटिंग्स ख्याति विविध् देनदार प्राप्य विपत्रा निवेश ;5ः सरकारी प्रतिभूतिद्ध हस्तस्थ रोकड़ बैंकस्थ रोकड़ प्रारंभ्िाक व्यय 3ए00ए000 4ए50ए000 40ए000 60ए000 60ए000 26ए000 30ए000 2ए000 55ए000 विविध् लेनदार देय विपत्रा सामान्य आरक्ष्िात लाभ व हानि खाता 1ण्7ण्04 को विक्रय वापसी समता अंश पूँजी 8ः अध्िमान अंश पूँजी 40ए000 20ए000 2ए00ए000 90ए000 6ए25ए000 15ए000 5ए00ए000 2ए00ए000 क्रय 4ए00ए000 विक्रय वापसी 10ए000 स्टाॅक - 1ण्7ण्04 को 50ए000 मजदूरी 47ए000 वेतन 55ए000 किराया, दर, कर 9ए000 आंतरिक ढुलाइर् 6ए500 कानूनी प्रभार 2ए500 व्यापार व्यय 23ए000 16ए90ए000 16ए90ए000 निम्नलिख्िात विवरणों को ध्यान में रखते हुए कंपनी का लाभ व हानि खाता तथा तुलनपत्रा तैयार करें - ;कद्ध भूमि एवं भवन, मशीनरी तथा पफनीर्चर एवं पिफटिंग्स की वास्तविक लागत क्रमशः 2ए50ए000 रु.ए 6ए00ए000 रु. तथा 60ए000 रु. थी। वषर् के दौरान परिवध्र्न हुआः भवन 50ए000 रु. तथा संयंत्रा 20ए000 रु.। ;खद्ध संयंत्रा व मशीनरी तथा पफनीर्चर पिफटिंग्स पर वास्तविक लागत पर 10ः की दर से मूल्य”ास। ;गद्ध विविध् देनदारों की बकाया 10ए000 रु. है जो छह माह से अध्िक हो चुके हैं और इसमें 50ए000 रुको संदिग्ध् माना गया है शेष परिशु( माना गया है। ;घद्ध निदेशक निवल लाभ में किसी प्रकार के कमीशन को प्रभारित करने से पूवर् 1 प्रतिशत कमीशन के लिएअध्िकृत है। ;चद्ध 30 जून, 2005 को स्टाॅक 1ए30ए000 रु. है। ;छद्ध आय कर के लिए 34ए000 रु. उपलब्ध् कराए गए हैं।;उत्तर: सकल उत्पाद 2ए21ए500 रु., निवल लाभ 25ए443 रु.ए तुलनपत्रा का योग 11ए10ए500 रु.द्ध 3ण् 31 दिसम्बर 2005 पर तैयार की गइर् परशुराम पफलोर मिल्स लि. की खाता पुस्तकों पर निम्न शेष प्रदश्िार्त हुआ। लाभ व हानि खाता ;जमाद्ध 15ए000 कराधन प्रावधन 8ए500 विवरण राश्िा रु विवरण राश्िा रु गेहूँ का स्टाॅक आटे का स्टाॅक गेहूँ खरीद विनिमार्ण व्यय आटे की बिक्री वेतन व मजदूरी स्थापना ब्याज ;जमाद्ध किराया प्राप्त 9ए500 16ए000 4ए05ए000 90ए000 5ए55ए000 13ए000 4ए700 500 800 पफनीर्चर वाहन स्टोर व अतिरिक्त पुजेर् अगि्रम देनदार निवेश अंश पूँजी पेंशन निध्ि लाभांश समकारी निध्ि 5ए100 5ए100 18ए300 24ए500 51ए700 4ए000 72ए000 23ए000 10ए000 निदेशक शुल्क 1ए200 अदावी लाभांश 9ए00 2004 के लिए लाभांश 9ए000 डिपोजिट ;जमाद्ध 1ए600 भूमि 12ए000 व्यापारिक लेनदार 1ए24ए000 भवन 50ए500 हस्तस्थ रोकड़ 1ए200 संयंत्रा व मशीनरी 50ए500 बैंकस्थ रोकड़ 40ए000 वषर् हेतु कंपनी के व्यापार तथा लाभ व हानि खाता तैयार कीजिए तथा 31 दिसंबर 2005 के लिए खाते में निम्नलिख्िात समायोजनों को लेते हुए तुलनपत्रा भी तैयार कीजिए - ;कद्ध 31 दिसंबर 2005 को स्टाॅक थेः 14ए900 रु. की लागत पर गेहूँऋ बाजार मूल्य पर गेहूँ 21ए700 रु;खद्ध बकाया व्ययः निमार्ण व्यय 23ए500 रु.य और वेतन तथा मजदूरी 1ए200 रु.य ;गद्ध मूल्य”ास भवन पर 2ःए संयंत्रा व मशीनरी पर 10ःय पफनीर्चर पर 10ःय वाहन पर 20ःय ;घद्ध सरकारी प्रतिभूतियों पर प्रोद्भूत ब्याज, 100 रु.य ;चद्ध 8ए000 रु. का एक कर प्रावधन आवश्यक माना गया हैय ;छद्ध निदेशकों ने 20ः का लाभांश प्रस्तावित कियाय ;जद्ध 10ध्.रु. प्रति अंश के हिसाब से 12ए000 समता अंशों की प्राध्िकृत पूँजी सन्िनहित बनी हुइर् है, जिनमें से 7ए200 अंशों का निगर्मित किया गया तथा पूणर्तः चुकता किया गया। ;उत्तर: सकल लाभ 47ए600 रु.य निवललाभ 21ए810 रु.ए लाभ व हानि विनियोग शेष 13ए410 रु.य तुलनपत्रा का योग 2ए92ए010 रु.द्ध 4ण् बंग विकास लिमिटेड के लिए एक अनुभवहीन लेखाकार ने वषर् की समाप्ित 31ण्12ण्2005 के लिए निम्नलिख्िात शेष परीक्षण पत्रा तैयार किया है। 31ण्12ण्2005 को हस्तस्थ रोकड़ 750 रु. थी। विवरण राश्िा ;रु.द्ध विवरण राश्िा ;रु.द्ध मशीनरी पर मूल्य”ास 33ए000 10 रु. प्रति अंश से 60ए000 6ए00ए000 बकाया माँग 7ए500 शेयरों की अध्िकृत पूँजी भूमि व भवन 3ए00ए000 अभ्िादत्त पूँजी 4ए00ए000 मशीनरी 2ए97ए000 6ः ट्टणपत्रा 3ए00ए000 प्रदत्त अंतरिम लाभांश 37ए500 लाभ व हानि खाता ;जमाद्ध 13ए625 1ण्1ण्2005 का स्टाॅक 75ए000 विविध् देनदार 87ए000 विविध् लेनदार 40ए000 विक्रय 4ए15ए000 पफनीर्चर 7ए200 देयविपत्रा 38ए000 निक्षेप निध्ि 75ए000 बैंक शेष 39ए900 प्रारंभ्िाक व्यय 5ए000 क्रय 1ए85ए000 संध्िग्ध् )णों हेतु प्रावधन 4ए375 निवेश 75ए000 वेतन व मजदूरी 99ए300 मरम्मत 4ए300 ईंध्न 2ए500 दरों व कर 1ए800 यात्रा व्यय 2ए000 बट्टा 6ए400 निदेशक शुल्क 5ए700 डूबत ट्टण 2ए100 ट्टणपत्रा ब्याज 9ए000 ढुलाइर् 1ए800 माल भाड़ा 8ए900 विविध् व्यय 2ए350 सावर्जनिक जमा 10ए000 12ए95ए625 12ए95ए625 त्राृटियाँ ज्ञात होने पर एवं निम्नलिख्िात समायोजनों के पश्चात् व्यापारिक तथा लाभ व हानि खाता तथा निधर्रित प्रपत्रा पर तुलन पत्रा तैयार करें। समायोजनः ;पद्ध स्टाॅक 31ण्12ण्2005 पर 95ए000 रु. तथा ;पपद्ध प्रारंभ्िाक व्ययों को बट्टे खाते में डालें। सूचना - परिशोध्ित शेष तलपट पत्रा बनाने की आवश्यकता नहीं है। ;उत्तर: सकल लाभ - रु.2ए36ए800 निवल लाभ, 56ए850 रु.य लाभ व हानि विनियोग खाता का शेष, 32ए925 रुतुलनपत्रा योग रु.8ए97ए475य तलपट में अंतर 750 रु. का अंतर। 5ण् सिल्वर ओर कं॰ लिमिटेड की स्थापना 1 अप्रैल 2005 को रु.10 के अंश से 6ए00ए000 रु. की अध्िकृत पूँजी के साथ की गइर्। इनमें से 52ए000 रु. अंश निगर्मित तथा अभ्िादत्त किए गए लेकिन 100 अंशो पर 2ण्50 रु. की दर से आइर् थी। निम्नलिख्िात शेष परीक्षण पत्रा 31 माचर्, 2006 को यथानुसार था। इसके लिए व्यापार तथा लाभ व हानि खाता तथा तुलनपत्रा तैयार कीजिए - विवरण राश्िा ;रु.द्ध विवरण राश्िा ;रु.द्ध बैंकस्थ रोकड़ अंश पूँजी संयंत्रा चांदी की बिक्री खदान प्रवर्तन व्यय 31ण्12ण्2005 तक सावध्ि जमा पर ब्याज निवेश पर लाभांश स्वत्व शुल्क भुगतान रेलवे ट्रेक तथा डिब्बे खदानों की मजदूरी 1ए05ए500 5ए19ए750 40ए000 1ए79ए500 2ए20ए000 6ए000 3ए900 3ए200 10ए000 17ए000 74ए220 विज्ञापन संयंत्रा पर ढुलाइर् पफनीर्चर एवं भवन प्रशासकीय खचर् प्लांट ;संयंत्राद्ध की मरम्मत कोयला एवं तेल रोकड़ निवेश - टिन खदानों के अंश उपरोक्त पर दलाली 6ः पर सिंडीकेट बैंक में सावध्ि जमा 5ए000 1ए800 20ए900 28ए000 900 6ए500 530 80ए000 1ए000 89ए000 ;पद्ध मूल्य”ासμ संयंत्रा व रेलवे पर 10ः पफनीर्चर व भवन पर 5ः ;पपद्ध प्रोत्साहन राश्िा का तिहाइर् हिस्सा बट्टे में डालें ;पपपद्ध 31 माचर्, 2006 पर सिल्वर ओर का मूल्य 15ए000 रु.य निवेशकों ने 20 दिसंबर 2006 को 100 अंशों को जब्त किए जिने पर 7ए50 रु. प्रति अंश प्राप्त किया गया। ;उत्तर: सकल लाभ 69ए390 रु. निवल लाभ 70ए398 रुय तुलनपत्रा योग 5ए89ए140 रु.द्ध स्वयं जाँचिये हेतु जाँच सूची स्वंय जाँचियेदृ1 ;कद्ध ;पद्ध सत्य ;पपद्ध सत्य ;पपपद्ध असत्य ;पअद्ध सत्य ;अद्ध सत्य ;खद्ध ;पद्ध आधरभूत स्रोत ;पपद्ध अंशधरक ;पपपद्ध प्रोदभूत ;पअद्ध तुलन पत्रा ;अद्ध आय स्वयं जाँचियेदृ2 ;कद्ध पूँजी आरिक्षत, पूँजी शोध्न आरक्ष्िात, प्रतिभूति प्रीमियम खाते का शेष, सामान्य आरक्ष्िात, लाभ व हानि खाते का जमा शेष ;खद्ध प्रारंभ्िाक व्यय विज्ञापन खचर्, अंशों और )णपत्रों के निगर्म पर बटटा, अंश निगर्म व्यय ;गद्ध 1ण् ;पअद्ध 2ण् ;अद्ध 3ण् ;पपद्ध 4ण् ;पपपद्ध 5ण् ;पद्ध 6ण् ;अपद्ध

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