अंश पूँजी के लिए लेखांकन 1 अध्िगम उद्देश्य इस अध्याय को पढ़ने के उपरांतआपः ऽ व्यवसायिक संस्थाओं के निमार्ण केसंयुक्त पूँजी कंपनी की मूलभूत प्रकृतिऔर कंपनी के विभ्िान्न प्रकारों काउसके सदस्यों का दायित्व के आधारपर वणर्न कर सवेंफगे। ऽ कंपनी द्वारा निगर्मित अंशों के प्रकारोंका वणर्न कर सवेंफगे। ऽ सममूल्य पर अंशों के निगर्मन कालेखांकन व्यवहार, अध्िमूल्य तथाबट्टे पर निगर्मन, अध्ि - अभ्िादानसहित लेखांकन व्यवहार कर सवेंफगे। ऽ विभ्िाÂ परिस्िथतियों में अंशों के हरणऔर हरण किये गए अंशों के पुनःनिगर्मन की रूप रेखा का अध्ययनकर सकेंगे। ऽ हरण किये गए अंशों के पुनः निगर्मनपर राश्िा को पूँजी आरक्ष्िात खाते मेंहस्तांतरण और अंश हरण खाता तैयारकर सवेंफगे। एक संगठन का कंपनी प्रारूप संगठन प्रारूप के विकास का तीसरा चरण है। इसकी पूँजी व्यक्ितयों के एक विशाल संख्या द्वारा विनियोजित की जाती है, जो कि इसके अंशधारी कहलाते हैं और कंपनी के वास्तविक स्वामी होते हैं। लेकिन न तो यह संभव है कि वह प्रबन्ध में बने रहें तथा न ही यह आवश्यक है कि वह प्रबंध् को छोड़ दें। इसलिए वे कंपनी के मामलों को निपटाने के लिए अपने प्रतिनििा के रूप में संचालक मंडल को नियुक्त करते हैं। तथ्य यह है कि कंपनी के सभी मामलों को कंपनी अिानियम 1956 के प्रावधानों के अनुसार निपटाया जाता है। एक कंपनी से आश्य है वह कंपनी जो कि कंपनी अिानियम 1956 के अन्तगर्त या किसी अन्य कंपनी अिानियम के अन्तर्गत निगर्मित या पंजीकृत है। चीपफ जस्िटस माशर्ल के अनुसारकंपनी एक अदृश्य, अमूतर् और कृत्रिाम व्यक्ित है जिसका अस्ितत्व केवल कानून की दृष्िट में होता है। कंपनी प्रायः अपनी पूँजी अंशों के रूप में ;जो अंश पूँजी कहलाती हैद्ध और )णपत्रों ;)ण पूँजीद्ध के रूप में एकत्रिात करती है। यह अध्याय कंपनी की अंश पूँजी के लिए लेखांकन व्यवहार की व्याख्या करता है। 1ण्1 कंपनी की विशेषताएं एक कंपनी को एक व्यक्ितयों के संघ के रूप में दशार्या जा सकता है जो कि राश्िा को एकत्रिात करते हैं या पिफर राश्िा को एक सामान्य स्कन्ध के रूप में एक सामान्य उद्देश्य की पूतिर् के लिए उपयोग करतेहैं। यह एक कृत्रिाम व्यक्ित है जिसका इसके सदस्यों से पृथक कानूनी अस्ितत्व होता है और यह अपने हस्ताक्षर के लिए एक विश्िाष्ट सावर्मुद्रा का प्रयोग करती है। इसलिए यह वुफछ विशेषताएं रखती है जो कि इसे अन्य संस्थानों से पृथक करती है। यह निम्न लिख्िात हैः 2 लेखाशास्त्रा - कंपनी खाते एवं वित्तीय विवरणों का विश्लेषण ऽ स्वैच्िछक संस्था: वे व्यक्ित जो कि एक कंपनी का निमार्ण करने के इच्छुक हैं, एक साथ एक व्यवसाय को स्वैच्िछक रूप से बढ़ा सकते हैं। अंतः इसे स्वैच्िछक संस्था के रूप में जाना जाता है। ऽ पृथक वैधानिक अस्ितत्व: एक कंपनी का अलग कानूनी अस्ितत्व होता है जो कि इसका इसकेसदस्यों से भ्िान्न है। यह किसी भी प्रकार की परिसंपिा का क्रय कर सकती है। यह अनुबन्ध कर सकती है और अपने नाम से बैंक खाता भी खोल सकती है। यह अन्य पक्ष पर अभ्िायोग चला सकती है तथा कोइर् भी इस पर अभ्िायोग चला सकता है। ऽ सीमित दायित्व: इसके सदस्यों का दायित्व केवल उनके द्वारा खरीदे गए अंशों के भुगतान ना की गइर् राश्िा तक ही इसके सदस्यों का दायित्व होता है। गारंटी द्वारा सीमित कंपनी की स्िथति में, कंपनी के समापन की दशा में सदस्यों का दायित्व उनके द्वारा दी गइर् गारंटी तक ही सीमित होता है। ऽ स्थायी उत्त्रािाकार: कंपनी एक कृत्रिाम व्यक्ित जो कि कानून द्वारा निमिर्त होने के कारण इसके सदस्यों के परिवतिर्त होने पर भी अस्ितत्व में रहती है। एक कंपनी को केवल कानून द्वारा विघटित किया जा सकता है। कंपनी के सदस्यों की मृत्यु, दिवालियापन होने की स्िथति में भी कंपनी के अस्ितत्व पर कोइर् प्रभाव नहीं पड़ता तथा इसके बावजूद भी कंपनी निरन्तर ियाशील रहती है। ऽ सावर्मुद्रा: कंपनी कृत्रिाम व्यक्ित होने के कारण अपने नाम के हस्ताक्षर नहीं कर सकती। इसलिए प्रत्येक कंपनी को एक सावर्मुद्रा का प्रयोग आवश्यक है जो कि अिाकारित रूप से कंपनी के लिए हस्ताक्षर करती है। कोइर् दस्तावेज यदि इस पर कंपनी की सावर्मुद्रा नहीं है तो कोइर् कंपनी इसके लिए बाध्य नहीं होगी। ऽ अंशों का हस्तांतरण: एक सावर्जनिक लिमिटेड कंपनी के अंश मुक्त रूप से हस्तांतरणीय होते हैं। अंशों के हस्तांतरण के लिए कंपनी की आज्ञा या किसी सदस्य की सलाह की कोइर् आवश्यकता नहीं होती। लेकिन कंपनी के अंतर्नियमों के अंशों को किस प्रकार हस्तांतरित करना है, उसका उल्लेख होता है। 1ण्2 कंपनी के प्रकार कंपनियों का वगीर्करण या तो उनके सदस्यों के दायित्वों के आधार पर और या इसकी सदस्यों की संख्या के आधार पर किया जा सकता है। कंपनी के सदस्यों के दायित्व के आधार पर एक कंपनी को दी गइर् तीन श्रीण्िायों में वण्िार्त किया जा सकता है। ;पद्ध अंशों द्वारा सीमित कंपनी: ऐसी कंपनी में इसके सदस्यों का दायित्व उनके द्वारा लिए गए अंशों की वास्तविक मूल्य तक सीमित होता है। यदि एक सदस्य द्वारा अंशों की पूणर् राश्िा का भुगतान कर दिया गया है तो सदस्य के हिस्से कोइर् दायित्व नहीं होगा। चाहे कंपनी का )ण वुफछ भीहो। उस सदस्य को अपनी निजि परिसंपिा से एक पैसे का भी भुगतान नहीं करना होगा। हालांकि, यदि कोइर् दायित्व शामिल है भी, तो उसे कंपनी के अस्ितत्व के दौरान अथवा समापन पर लागू किया जा सकता है। अंश पूँजी के लिए लेखांकन ;पपद्ध गारन्टी द्वारा सीमित कंपनी: ऐसी कंपनियों में सदस्यों का दायित्व, कंपनी के समापन होने की दशा में उनके अंशदान के अनुपातिक में होता है, जितना ही होगा। अतः इसके सदस्यों का दायित्वइसके समापन की घटना पर ही उत्पÂ होगा। ;पपपद्ध असीमित कंपनी: जब कंपनी के सदस्यों का दायित्व सीमित नहीं होता है, तो यह कंपनीअसीमित कंपनी कहलाती है। जब कंपनी की परिसंपिा इसके द्वारा लिए गए )णों का भुगतानकरने में असमर्थ रहती है, तो इसके सदस्यों की निजी परिसंपिायों को इस उद्देश्य की पूतिर् के लिए प्रयोग में लाया जाता है। दूसरे शब्दों में लेनदार उनके बकाये का दावा कंपनी के सदस्यों पर कर सकते हैं। इस प्रकार की कंपनी भारत में नहीं पाइर् जाती यहां तक की कंपनी अिानियम भी इसकी आज्ञा नहीं देता है। सदस्यों की संख्या के आधार पर एक कंपनी को दो श्रेण्िायों में विभाजित कर सकते हैं। सावर्जनिक कंपनी: सावर्जनिक कंपनी आशय एक ऐसी कंपनी से है जो कि ;अद्ध एक निजी कंपनी नहीं है, ;बद्ध न्यूनतम पूँजी 5 लाख रखती हो या इससे अिाक चुकता पूँजी भी हो सकती है जैसे कि वण्िार्त हो, ;सद्ध एक निजी कंपनी जो कि सहायक कंपनी है और उसकी सूत्राधारी कंपनी निजी कंपनी नहीं है। निजी कंपनी: एक निजी कंपनी वह है जिसकी न्यून्तम प्रदत्त पूँजी एक लाख रुपये या इससे अिाक जैसे कि इसके अंतनिर्यमों में वण्िार्त हो, हो सकती हैः ;अद्ध अंशों के हस्तांतरण पर प्रतिबन्ध होता है। ;बद्ध इसके सदस्यों की संख्या 50 तक सीमित होती है ;इसके कमर्चारियों को छोड़करद्ध ;सद्ध जनता में किसी भी अंश या )णपत्रा का अभ्िादान के लिए आमत्राण निशेध होता है। ;दद्ध सदस्यों, संचालकों तथा सम्बन्िधयों के अतिरिक्त कोइर् आमन्त्राण या जमा स्वीकार करने पर प्रतिबन्ध होता है। 1ण्3 कंपनी की अंश पूँजी कंपनी, कृत्रिाम व्यक्ित होने के कारण अपनी पूँजी को स्वयं उत्पन्न नहीं कर सकती जो कि वुफछ व्यक्ितयों द्वारा एकत्रिात की जाती है। ये व्यक्ित कंपनी के अंशधारी कहलाते हैं तथा इनके द्वारा एकत्रिात राश्िा एक कंपनी की अंशपूँजी कहलाती है। चूंकि कंपनी के अंशधारियों की संख्या बहुत अिाक होती है, इसलिए प्रत्येक के लिए अलग अलग पूँजी खाता नहीं खोला जा सकता। अतः एकत्रिात पूँजी के असंख्य भागों को और उसके अस्ितत्व को एक सामान्य पूँजी खाता, जो कि अंश पूँजी खाता कहलाता है में समायोजित कर दिया जाता है। 1ण्3ण्1 अंशपूँजी का वगीर्करण लेखांकन की दृष्िट से कंपनी की अंश पूँजी को निम्न प्रकार श्रेणीकृत किया जा सकता हैः ऽ अिाकृत पूँजी: अिाकृत पूँजी, कंपनी की अंश पूँजी की राश्िा है जो कि कंपनी के सीमा पाषर्द नियम के द्वारा निगर्मित की जाती है। अध्िक राश्िा कंपनी सीमा पाषर्द नियम में उल्लेख्िात पूँजी से अध्िक रााश्िा को एकत्रिात नहीं कर सकती। यह वास्तविक या पंजीकृत पूँजी भी कहलाती है।अिाकृत पूँजी कंपनी अिानियम की प्रिया के अनुसार कम या ज्यादा भी हो सकती है। यहध्यान देने योग्य है कि कंपनी समस्त अिाकृत पूँजी को जनता में अभ्िादान के लिए एक ही समय में निगर्मित करने के लिए बाध्य नहीं है। यह कंपनी की आवश्यकताओं पर निभर्र करता है, परन्तुकिसी भी स्िथति में यह पूँजी अिाकृत पूँजी से अध्िक नहीं हो सकती। ऽ निगर्मित पूँजी: अिाकृत पूँजी का वह भाग जिसे जनता को अंश अभ्िादान के लिए वास्तविक रूप से प्रस्तावित किया जाता है उसे निगर्मित पूँजी कहते हैं। इसमें वे अंश भी सम्िमलित है जोपरिसंपिा विक्रेताओं प्रतिपफल के बदले निगर्मित किये जाते हैं। अिाकृत पूँजी की वह राश्िा जो कि जनता में अभ्िादान नहीं की गइर् है ‘अनिगर्मित पूँजी’ कहलाती है तथा इसे आगामी तिथ्िा को किसी भी समय जनता में अभ्िादान के लिए निगर्मित किया जा सकता है। ऽ अभ्िादत्त पूँजी: यह निगर्मित पूँजी का वह भाग है जो व्यक्ितयों द्वारा अभ्िादान किये गये अंशों के अंकित मूल्य को दशार्ता है। जब अंशों का जनता द्वारा पूणर् रूप से अभ्िादान होता है तो निगर्मित पूँजी और अभ्िादत्त पूँजी समान होगी। यह ध्यान देने योग्य है कि अंततः, अभ्िादत्त पूँजी और निगर्मित पूँजी समान है क्योंकि यदि अभ्िादान के लिए अंशों की संख्या, निगर्कित संख्या से कम है तो कंपनी केवल उन्ही अंशों का आबंटन करेगी जिनके लिए अभ्िादान प्राप्त हो चुका है। किसी स्िथति में यह अंशों की संख्या, यदि निगर्मित संख्या से ज्यादा है तो आबंटित अंश, निगर्मित अंशों के समान होंगे। दूसरे शब्दों में, अिा - अभ्िादान के तथ्य, पुस्तकों में नहीं प्रदश्िार्त किए जाते हैं। ऽ मांगी गइर् या याचित पूँजी: अिाकृत पूँजी का वह भाग जो कि अंशों पर मांगी जाती है। कंपनी समस्त राश्िा या अंशों पर अंकित मूल्य के भाग को मांगने का निणर्य ले सकती है। उदाहरण के लिए, यदि आबंटित अंशों का अंकित मूल्य ;वास्तविक मूल्य भी कहलाता हैद्ध 10 रुपये है और कंपनी ने केवल 7 रुपये प्रति अंश मांगा है तो इस स्िथति में मांगी हुइर् या याचित पूँजी केवल 7 रुपये प्रति अंश होगी। शेष 3 रुपये को अंशधारियों से किसी भी समय आवश्यकतानुसार माँग लिया जा सकता है। ऽ प्रदत्त पूँजी: यह मांगी गइर् पूँजी का वह भाग है जो कि अंशधारियों से वास्तव में प्राप्त कर लियागया है। जब अंशधारी समस्त माँग राश्िा का भुगतान कर देते हैं तब माँग पूँजी प्रदत्त पूँजी के समान होगी। यदि कोइर् अंशधारी मांगी गइर् राश्िा का भुगतान नहीं करता है तो यह राश्िा बकाया माँगकहलाती है। इसलिए प्रदत्त पूँजी, मांगी गइर् पूँजी में से बकाया माँग की राश्िा को घटाने पर शेष के समान होगी। ऽ अयाचित पूँजी: अभ्िादत्त पूँजी का वह भाग जो कि अभी तक मांगा जाना बाकी है। जैसे कि पहले बताया जा चुका है, कंपनी यह राश्िा किसी भी समय जब आवश्यकता हो, भविष्य के कोषों ;निध्ियोंद्ध के लिए एकत्रिात कर सकती है। ऽ आरक्ष्िात पूँजी: एक कंपनी द्वारा अयाचित पूँजी का एक भाग जो केवल कंपनी के संमापन की दशा के लिए आरक्ष्िात किया जाता है। इस प्रकार की अयाचित राश्िा कंपनी को ‘आरक्ष्िात पूँजी’ कहलाती है यह कंपनी के समापन पर केवल लेनदारों के लिए उपलब्ध होती है। चित्रा 1.1 अंश पूँजी की श्रेण्िायाँ निम्न उदाहरण लेते हैं जो यह दशार्ता है कि अंश पूँजी को तुलन पत्रा में किस प्रकार दशार्या जाता है। सनराइर्स कंपनी लिमिटेड 40ए00ए000 की पूजी से पंजीकृत है जोकि 10 रु. प्रत्येक के 4ए00ए000 अंशों में विभाजित है। कंपनी 10 रु. प्रत्येक के 2ए00ए000 अंशों को जनता के अभ्िादान के लिए आमंत्रिात करती है जिस पर 2 रु. आवेदन पर 3 रु. आबंटन पर, 3 रु. प्रथम माँग पर तथा शेष अंतिम माँग पर देय है। कंपनी ने 2ए50ए000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त किए। कंपनी ने अंतिम निणर्य लेते हुए 2ए00ए000 अंशों का आबंटन किया 50ए000 अंशों के आवेदन को अस्वीकृत कर दिया। कंपनी ने अंतिम माँग की माँग नहीं की। 2ए000 अंशों पर माँग राश्िा के अतिरिक्त कंपनी से सभी राश्िा प्राप्त कर ली। उपरोक्त राश्िा को कंपनी के अंश जो कि कंपनी की पूँजी के लिए आवेदित किये जाते हैं, उस इकाइर् से संबंध रखते हैं, जिसमें कंपनी की वुफल पूँजी बंटी होती है। इसलिए एक अंश, कंपनी की अंश पूँजी का वह भाग है जो कि 8 कंपनी के स्वामित्व में रूचि रखने के आधार तैयार करता है। व्यक्ित, जो कि अंशों के द्वारा राश्िा का योगदान देते हैं कंपनी के अंशधारी कहलाते हैं।तुलन पत्रा से निम्न प्रकार दशार्या जायेगाः सनराइर्स कंपनी लिमिटेड का तुलन पत्रा अंश पूँजीअध्िक अथवा पंजीकृत अथवा नाममात्रा पूँजी ;रु.द्ध 4ए00ए000 अंश 10 रु 40ए00ए000 निगर्मित पूँजी 2ए00ए000 अंश 10 प्रत्येक 20ए00ए000 अमिदत्त पूँजी 2ए00ए000 अंश 10 रु. प्रत्येक 20ए00ए000 याचित ;माँगीद्ध गइर् पूँजी 2ए00ए000 अंश 10 रु. प्रत्येक, 8 प्रति अंश 16ए00ए000 प्रदत्त पूँजी 2ए00ए000 अंश 10 रु. प्रत्येक 8 रु. प्रति अंश घटाया: बकाया मांग ;2ए000 अंशों पर प्रति अंश की दर सेद्ध 16ए00ए000 6ए000 15ए94ए000 1ण्4 अंशों की श्रेणी एवं प्रकृति अिाकृत पूँजी की राश्िा, अंशों की संख्या के साथ जिसमें की वह विभाजित है, सीमा पाषर्द नियम दशार्ए जाते हैं, लेकिन अंशों की श्रेण्िायाँ जिसमें कि कंपनी की पूँजी विभाजित है, उसके अिाकार एवं कतर्व्यां के साथ, कंपनी के अंतिनर्यमों में निधर्रित होते है। कंपनी अध्िनियम की धारा 86 के अनुसार एक कंपनी दो प्रकार के अंशों का निगर्मन कर सकती हैः ;1द्ध पूवार्िाकारी/अिामान अंश ;2द्ध समता अंश ;सामान्य अंश भी कहलाते हैंद्ध 1ण्4ण्1 अिामान अंश कंपनी अिानियम 1956 की धारा 85 के अन्तर्गत, एक अिामान अंश वह होता है, जो कि दी गइर् शतो± की पूतिर् करता है। ;अद्ध अिामान अंशधारियों को या तो एक निश्िचत राश्िा पर पूवार्िाकार सहित देय लाभांश और या अंशों की वास्तविक मूल्य पर गणना की गइर्। निश्िचत राश्िा जो कि समता अंशधारियों को भुगतान की गइर् लाभांश से पहले देने का अिाकार रखते हैं। ;बद्ध पूँजी के संबंध में यह कंपनी के समापन पर इस अंश की पूँजी वापिस करने का अिाकार समता अंश से पूवर् होना चाहिए। यद्यपि उपरोक्त दो शतो± में, अिामान अंशधारी कंपनी के आध्िक्यों में पूणर् रूप से या किसी सीमा तक भाग लेने का अिाकार रखते हैं जो कि कंपनी के सीमा अंतिनर्यमों में पहले से वण्िार्त होता है। अतः अिामान अंश भागी और गैर - भागी हो सकते हैं। इसी प्रकार यह अंश संचयी और असंचयी भी हो सकते हैं और शोध्य तथा अशोध्य भी हो सकते हैं। 1ण्4ण्2 समता अंश कंपनी अिानियम की 1956 की धरा 85 के अनुसार एक समता अंश, वह अंश है जो अिामान अंश नहीं है। दूसरे शब्दों में वह अंश जो कि लाभांश के भुगतान या पूँजी के पुनः भुगतान के संबंध में कोइर् अिाकार नहीं रखता समता अंश कहलाता है। समता अंशधारी, कंपनी के लाभों में से उनका भाग, अिामान अंशधारकों को लाभांश के अिाकार के पश्चात् लेने के अिाकारी होते हैं। समता अंशों पर लाभांश निश्िचत नहीं है, यह वषर् प्रतिवषर् बदलता रहता है, जो कि उलपब्ध लाभ में से वितरण की राश्िा पर निभर्र करता है। समता अंश पूँजी हो सकती हैः ;1द्ध मतािाकार सहितऋ ;2द्ध मताध्िकार हेतु अंतरीय अध्िकार, लाभंश अथवा निधार्रित की गइर् परिस्िथतियों के अनुसार नियमों पर। स्वयं जांचिये - 1 बताइये कि निम्न में से कौन सा कथन सत्य हैः ;अद्ध एक कंपनी का निमार्ण, भारतीय कंपनी अिानियम 1932 के प्रावधानों के अनुसार होता है। ;बद्ध कंपनी एक कृत्रिाम व्यक्ित है।;सद्ध एक कंपनी के अंशधारी, कंपनी के लिए कायर् करने के लिए उत्तरदायी हैं। ;दद्ध कंपनी का प्रत्येक सदस्य, प्रबंध में भाग लेंने का अिाकारी है। ;चद्ध सामान्यतः कंपनी के अंश हस्तांतरणीय होते हैं ;छद्ध अंश आवेदन खाता एक व्यक्ितगत खाता है। ;नद्ध कंपनी के संचालक को अंशधारी होना आवश्यक है। ;मद्ध आवेदन राश्िा, अंकित मूल्य के 25ः से कम नहीं होनी चाहिये। ;दद्ध याचित पूँजी, प्रपत्रा पूँजी से अिाक हो सकती है। ;पफद्ध पूँजी आरक्ष्िात का निमार्ण, पूँजी लाभों में से किया जाता है।;हद्ध प्रतिभूति अिालाभ खाते को तुलन पत्रा में परिसंपिा पक्ष के दशार्या जाता है। ;लद्ध अंशों का प्रीमियम पर निगर्म पूंजी हानि है। ;वद्ध अंशों के निगर्मन के समय, प्रतिभूति प्रीमियम की अिाकतम राश्िा 10ः होगी। ;जद्ध पूँजी का वह भाग जो कि समापन के समय मांगा गया है, आरक्ष्िात पूँजी कहलाता है। ;झद्ध हरण किये गए अंशों का हानि पर निगर्मन नहीं किया जा सकता। ;डद्ध मूल रूप से बट्टे पर निगर्मित किये गए अंशों को प्रीमियम पर पुनः निगर्मित किया जा सकता है। 1ण्5 अंशों का निगर्मन कंपनी की पूँजी की विशेष्ता यह है कि अंशों की राश्िा को आसान किस्तों पर एकत्रिात किया जा सकताहै जो कि समय के व्यतीत होने के साथ - साथ वित्तीय आवश्यकताओं पर एकत्रिात किया जाता है जिसे आवेदन राश्िा कहते है, तदपश्चात् श्रेणी को आबंटन ;आबंटन राश्िाद्ध कहते हैं और शेष किस्त जो कि प्रथम माँग और इसी प्रकार द्वितीय माँग कहलाती है। अंतिम किस्त के आगे अंतिम माँग का प्रयोग होगा यद्यपि, यह अंशों के आवेदन के समय कंपनी द्वारा पूणर् राश्िा की माँग के अिाकार को रोकने का कोइर् विकल्प नहीं है।अंश निगर्मन की प्रिया के अंतर्गत महत्त्वपूणर् चरण निम्न है। ऽ विवरण - पत्रिाका का निगर्मन: कंपनी सवर्प्रथम जनता में प्रविवरण पत्रा जारी करती है। विवरण - पत्रिाका जनता को एक आमंत्राण होता है कि एक नइर् कंपनी अस्ितत्व में आ चुकी है और इसको व्यवसाय करने के लिए कोषों की आवश्यकता है। यह कंपनी के संबंध में पूणर् जानकारियां रखता है और किस प्रकार से निवेशकतार्ओं से प्राप्त राश्िा का प्रयोग किया जा रहा है। ऽ आवेदन पत्रों की प्राप्ित: जब जनता के विवरण - पत्रिाका को निगर्मित कर दिया जाता है तो भावी निवेशकतार् अंशपूँजी में अभ्िादान के लिए अपेक्षा करते हैं तथा आवेदन के साथ - साथ आवेदन राश्िा को प्रविवरण - पत्रा जारी करने के 120 दिन के भीतर न्यूनतम अभ्िादान ;बाॅक्स 1 में वण्िार्तद्ध प्राप्त करना होगा। यदि कंपनी दी गइर् समयाविा में उपरोक्त राश्िा प्राप्त करने में विपफल/असमथर् रहती है, तो कंपनी को आबंटन की प्रिया को वापिस करना होगा। ऽ अंशों का आबंटन: यदि न्यूनतम अभ्िादान प्राप्त हो चुका है तो एक कंपनी अब कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने के पश्चात् अंशों को आबंटित करने की प्रिया को पूरा कर सकती है। जिन व्यक्ितयों को अंश आबंटित किए जाने हैं उन्हें आबंटन पत्रा भेजा जाता है तथा जिन्हें कोइर् अंश आबंटित नहीं किया जाना उन्हें खेदपत्रा भेजा जाता है। जब आबंटन बनाया जाता है तो कंपनी तथा आवेदनकतार् जो कि कंपनी के अंशधारी है के बीच एक वैध अनुबन्ध का रूप धारण कर लेता है। बॅाक्स 1 न्यूनतम अभ्िादान इससे आशय है, वह न्यूनतम राश्िा जो कि निवेशकों की राय में व्यापारिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आवश्यक हैं, जो कि संबंिात हैंः ऽ किसी भी परिसंपति का क्रय मूल्य, या जो क्रय की जानी है जो कि पूणर् या आंश्िाक रूप से अंशों की प्रिया के दौरान प्राप्त हुइर् है। ऽ कंपनी के द्वारा प्रारंभ्िाक व्ययों को देय होना या अंशों के निगर्मन के संबंध में किसी प्रकार का कमीशन देय। ऽ उपरोक्त दो परिस्िथतियों में कंपनी द्वारा किसी प्रकार की उधार ली गइर् राश्िा का भुगतान। ऽ कायर्शील पूँजीऋ तथा ऽ व्यावसायिक ियाकलापों को पूरा करने के लिए कोइर् अन्य खचर्। यह समरणीय है कि सेबी दिशानिदर्ेश, 2000 ख्6ण्3ण्8ण्1 और 6ण्3ण्8ण्2, के अनुसार न्यूनतम अभ्िादान जारी की गइर् राश्िा का 90ः से कम नहीं होना चाहिये। यदि यह शतर् पूणर् नहीं होती, कपनी आवेदन पर प्राप्त समस्त राश्िा को लौटाने के लिए बाहय होती हैं। अभ्िादत के बन्द होने की तिथ्िा के 8 दिनों के विलम्ब की स्िथति में कंपनी उस राश्िा पर 15ः ब्याज देने के लिए बाध्य होगी ख्73;2द्ध, अंशों को सममूल्य या अिालाभ या बट्टे पर निगर्मित किया जा सकता है। अंशों का सममूल्य पर निगर्मन कहलाता है यदि उनकी निगर्मित राश्िा, दिए गए नियम व शतो± के अनुसार अवास्तविक मूल्य के बराबर हो जब कंपनी द्वारा निगर्मित अंशों का मूल्य वास्तविक राश्िा ;अंकित मूल्यद्ध से अिाक हो तो यह अिामूल्य पर निगर्मन और यदि अंशों का निगर्मन उनकी अंकित मूल्य से कम हो तो यह अंशों का बट्टे पर निगर्मन कहलाता है। इस तथ्य के अनुसार यदि अंशों को सममूल्य, अिालाभ और बट्टे पर निगर्मित किया जाता है तोकंपनी की अंश पूँजी जैसी कि पहले वण्िार्त है, को किस्तों के अंतगर्त प्राप्त किया जाता है जो कि भ्िाÂ - भ्िाÂ स्िथतियों में प्राप्त किया जाता है। 1ण्6 लेखांकन व्यवहार आवेदन पर: विभ्िान्न किस्तों के साथ भुगतान की गइर् राश्िा अंश पूँजी में अभ्िादान को दशार्ती है जो कि अंततः अंश पूँजी खाते में जमा की जायेगी हालांकि सुविधा के लिए प्रत्येक किश्त के लिये अलग खाता खोला जाता है आवेदन के साथ प्राप्त राश्िा को इस उदेश्य के लिए अनिूसूचित बैंक में एक अलग खाता खोलकर जमा की जायेगी। रोजनामचा प्रविष्िट निम्न प्रकार होगीः - बैंक खाता नाम अंश आवेदन खाते से ;μ अंशों पर ऋऋऋऋऋऋऋऋ प्रति अंश आवेदन पर प्राप्त राश्िाद्ध आबंटन पर: जब न्यूनतम अभ्िादान प्राप्त होगा तब वुफछ कानूनी औपचारिकताओं को पूणर् करने के साथ, कंपनी के निदर्ेशक अंशों का आबंटन करेंगे। अंशों का आबंटन, कंपनी और आवेदकों के बीच अनुबंध, जो कि अंशों के आबंटी हैं और अंश धारकों या सदयों की स्िथति को दशार्ता है। बाॅक्स 2 अंशों का आबंटन ;लेखांकन की दृष्िट से लागेद्ध ऽ यह प्रथा है कि वुफछ राश्िा जो कि आबंटन राश्िा कहलाती है अंशों के आंबटियों से आबंटन करने के साथ ही माँग ली जाती है। ऽ आवेदकों से आमंत्राण की स्वीकृति मिलने पर यह राश्िा जो कि आवेदन पर प्राप्त हुइर् है, को उस पूँजी खाते में हस्तांतरण किया जाएगा, क्योंकि अिाकारिक रूप से यह इस राश्िा का भाग होती है। ऽ रदद् किए गए आवेदन पत्रा प्राप्त राश्िा को या तो पूरी तरह आवेदकों को विवरण - पत्रा जारी करने की तिथ्िा से 130 दिनों के भीतर लौटा दिया जाएगा या इस स्िथति में यदि आवेदन से अिाक अंशों पर आवेदन पत्रा प्राप्त किए गए हैं और कम अंशों का आबंटन किया गया है तो आवेदन से अिाक राश्िा को आबंटियों पर आबंटन के देय होने पर समायोजित की जाएगी। ऽ अंश पूँजी के संबंध में बाद वाली 2 चरण अंश आवेदन खाते को बंद करेंगे जो कि एक अस्थायी खाता है। अंशों के आबंटन के संबंध में रोजनामचा प्रविष्िटयाँ निम्न प्रकार होंगीः 1ण् अवेदन पर प्राप्त राश्िा का हस्तांतरण अंश आवेदन खाता नाम अंश पूँजी खाते से ;μ अंशों पर आवेदन राश्िा का अंश पूँजी से हस्तांतरणद्ध 2ण् अस्वीकृत आवेदनों की राश्िी को वापस करने पर अंश आवेदन खाता नाम बैंक खाते से;μअंशों पर अस्वीकृत आवेदनों पर राश्िा की वापसी परद्ध 3ण् आबंटन पर देय राश्िा के लिए अंश आबंटन खाता नाम अंश पूँजी खाते से 4ण् अिाक आवेदन राश्िा के समायोजन के लिए अंश आवेदन पर खाता नाम अंश आबंटन खाते से ;μअेशों पर आवेदन राश्िा को आबंटन देय राश्िा में समायोजनद्ध 5ण् आबंटन राश्िा के प्राप्त होने पर: बैंक खाता नाम अंश आबंटन खाते से ;μअंशों पर - प्रति अंश की दर से प्राप्त आबंटन राश्िाद्ध कभी - कभी कंपनी की पुस्तकों में अंश आवेदन और अंश आबंटन खाता संयुक्त रूप से खोला जाता है जो अंश आवेदन और आबंटन खाता कहलाता है। संयुक्त खाता इस कारण पर आधारित है कि आबंटन बिना आवेदन के असंभव है जबकि आवेदन बिना आबंटन के अथर्विहिन है। अंश पूँजी की इस दो परिस्िथतियों में घनिष्ट अंतर्संबंध है जब खाता संयुक्त रखा जाता है तब रोजनामचा प्रविष्िटयों को निम्न प्रकार प्रलेखन किया जायेगाः 1ण् आवेदन और आबंटन राश्िा प्राप्त हाने पर बैंक खाता नाम अंश आवेदन और आबंटन खाते से ;μअंशों पर ऋऋऋऋऋऋ की दर से प्राप्त आवेदन और आबंटन राश्िाद्ध 2ण् आवेदन और आबंटन राश्िा के हस्तांतरण पर अंश आवेदन और आबंटन खाता नाम अंश पूँजी खाते से ;अंश आवेदन और आबंटन राश्िा का अंश पूँजी खाते में हस्तातरणद्ध 3ण् अस्वीकृत आवेदनों की राश्िा की वापसी पर: अंश आवेदन और आबंटन खाता नाम बैंक खाते से ;μ अंशों के असपफल आवेदकों की आवेदन राश्िा की वापसीद्ध 4ण् शेष आबंटन राश्िा की प्राप्ित पर बैंक खाता नाम अंश आवेदन और आबंटन खाते से ;शेष आबंटन राश्िा की प्राप्ित परद्ध माँग पर: अंशों को पूणर् भुगतान प्राप्त करने में और अंशधारकों से अंशों की पूणर् राश्िा वसूल करने में माँग एक आवश्यक भूमिका निभाती है। आबंटन की पूणर्अवध्ि तक, अंशों के पूणर् रूप से भुगतान ना मांगे जाने की स्िथति में, निदेशक अंशों पर शेष राश्िा को किसी भी समय आवश्यकतानुसार मांगे जाने का निणर्य लेने का अिाकार रखते हैं। यह भी संभव है कि अंशधारियों द्वारा माँग भुगतान का समय अंशों के निगर्मन के समय दिया गया हो या विवरण - पत्रा में इसका उल्लेख किया गया हो। अंशों पर माँग के संबंध में दो महत्वपूणर् बिन्दु है प्रथम कोइर् भी माँग राश्िा अंशों के अंकित मूल्य से 25ः से अिाक नहीं होगी। द्वितीय दो माँग के मध्य में कम से कम एक माह का अंतराल होना चाहिए या जैसा की कंपनी के सीमा अंतनिर्यम में प्रावाधान किया गया हो। जब माँग को किया जाता है और इस पर राश्िा प्राप्त की जाती है। तब रोजनामचा प्रावष्िट निम्न प्रकार होगीः 1ण् माँग राश्िा देय होने पर अंश माँग खाता नाम अंश पूँजी खाते से ;μ अंशों पर ऋऋऋऋऋऋ रु. की दर से माँग राश्िा देयद्ध 2ण् माँग राश्िा प्राप्त हाने पर बैंक खाता नाम अंश माँग खाते से ;माँग राश्िा प्राप्तद्ध प्रथम, द्वितीय अथवा तृतीय शब्दों का प्रयोग अंश माँग खाता में अंश और माँग खाता में अंश, और माँग के मध्य किया जाना आवश्यक है ताकि माँग की श्रेणी की पहचान की जा सके। उदाहरण के लिए प्रथम माँग की स्िथति में अंश प्रथम माँग खाता, द्वितीय माँग की दशा में अंश द्वितीय माँग खाता कहलायगा। यहा ध्यान योग्य है कि शब्द और अंतिम को भी जोड़ा जाता है यदि यह अंतिम माँग है जैसे यदि द्वितीय माँग अंतिम माँग है तो यह द्वितीय और अंतिम माँग कहलाएगी और यदि तृतीय माँग अंतिम माँग है तो इसे तृतीय व अंतिम माँग कहेंगे। यह भी संभव है कि कंपनी आबंटन के बाद संपूणर् शेष राश्िा एक ही माँग में एकत्रिात करे। ऐसी स्िथति में प्रथम माँग ही प्रथम और अंतिम माँग कहलाएगी। बाॅक्स 3 जनता में अभ्िादान के लिए जब अंशों को निगर्मित किया जाता है तो निम्न बातों को ध्यान में रखा जाएगाः 1ण् आवेदन राश्िा, अंशों के अंकित मूल्य का कम से कम 5ः होनी चाहिए। 2ण् माँग को सीमा अंतनिर्यम के प्रावधान के अुनसार ही मांगा जाएगा। 3ण् वहां, जहां पर कोइर् अंतनिर्यम नहीं है तो फ्सारणी - अय् में दिए गए निम्न प्रावधान लागू होंगे। ;अद्ध दो मांगों के मध्य एक महीने का अंतराल होगा। ;बद्ध मांगी गइर् राश्िा अंशों के अंकित मूल्य का 25ः से ज्यादा नहीं होगा। ;सद्ध अंशधारियों को राश्िा के भुगतान के लिए कम से कम 14 दिनों का नोटिस दिया जाना चाहिए और ;दद्ध समान श्रेणी के सभी अंशों पर माँग को एक समान आधार से मांगा जाएगा। टिप्पणी: समता अंश तथा अिामान अंश दोनों के लिए लेखांकन की प्रिया समान है, दोनों में मध्य अन्तर ;भेदद्ध के लिए प्रत्येक किस्त से पहले ‘समता’ और ‘अिामान’ शब्दों का प्रयोग किया जाएगा। उदाहरण 1 मोना अथर् मूवर लिमिटेड ने 100 रुपये वाले 12ए000 अंश निगर्र्मित किए। इन पर देय राश्िायाँ निम्नानुसार हैंः 30 रुपये आवेदन पर, 40 रुपये आबंटन पर, 20 रुपये प्रथम माँग पर और शेष द्वितीय तथा अंतिम माँग पर। 13ए000 अंशों के लिए आवेदन पत्रा स्वीकार किये गए। निदेशकों ने 1ए000 अंशों के लिए आवेदन को अस्वीकार कर दिया तथा उनकी समस्त राश्िा लौटा दी गइर्। सभी अंशों पर आबंटन राश्िा को स्वीकार किया गया और 100 अंशों को छोड़कर सभी देय राश्िा को प्राप्त किया गया। मोना अथर् मूवर लिमिटेड की पुस्तकों में लेन - देन प्रलेख्िात करें। हल: मोना अथर् मूवर लिमिटेड की पुस्तकें रोज़नामचा तिथ्िा विवरण ब.पृ नाम जमा स राश्िा राश्िा ;रु.द्ध ;रु.द्ध बैंक खाता नाम 3ए90ए000 अंश आवेदन खाते से 3ए90ए000 ;13ए000 अंशों पर 30 रु. प्रति अंश आवेदन राश्िा प्राप्त की गइर्द्ध 3ए60ए000 अंश आवेदन खाता नाम अंश पूँजी खाते से 3ए60ए000 ;आवेदन राश्िा को अंश पूँजी में हस्तांतरित करने परद्ध 4ए80ए000 अंश आबंटन खाता नाम अंश पूँजी खाते से 4ए80ए000 ;12ए000 अंशों पर 40 रुपये प्रति अंश आबंटन पर देय राश्िाद्ध 30ए000 अंश आवेदन खाता नाम बैंक खाते से 30ए000 ;1ए000 अंशों पर आवेदन राश्िा रदद् करने परद्ध 4ए80ए000 बेंक खाता नाम अंश आबंटन खाते से 4ए80ए000 ;12ए000 अंशों पर 40 रुपये प्रत्येक आबंटन राश्िा प्राप्त करने परद्ध अंश प्रथम माँग खाता अंश पूँजी खाते से ;प्रथम माँग पर 12ए000 अंशों पर 20 रुपये प्रति अंश देय राश्िाद्ध नाम 2ए40ए000 2ए38ए000 2ए40ए000 बैंक खाता नाम अंश प्रथम माँग खाते से ;100 अंशों को छोड़कर सभी अंशों पर प्रथम माँग राश्िा प्राप्त करने परद्ध 1ए20ए000 2ए38ए000 अंश द्वितीय एवं अंतिम खाता नाम अंश पूँजी खाते से ;12ए000 अंशों पर 10 रु. प्रति अंश द्वितीय एवं अंतिम माँग राश्िा देयद्ध 1ए19ए000 1ए20ए000 बैंक खाता नाम अंश द्वितीय और अंतिम माँग खाते से ;100 अंशों के सिवाय द्वितीय और अंतिम माँग राश्िा प्राप्त हाने परद्ध 1ए19ए000 उदाहरण 2 इर्स्टनर् कंपनी लिमिटेड ने 10 रुपये प्रत्येक की राश्िा के 40ए000 अंश जनता के अंश पूँजी के लिए निगमिर्त किये। इन पर देय राश्िायाँ निम्नानुसार हैं। आवेदन पर 4 रुपये, आबंटन पर 3 रुपये और शेष प्रथम तथा अंतिम माँग पर। 40ए000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त किये गए। कंपनी ने आवेदकों को समस्त आबंटन कर दिया। आबंटन तथा प्रथम और अंतिम माँग पर देय राश्िा को प्राप्त कर लिया गया। हल: इर्स्टनर् कंपनी लिमिटेड की पुस्तकें रोज़नामचा तिथ्िा विवरण ब.पृसं. नाम राश्िा ;रुपयेद्ध जमा राश्िा ;रुपयेद्ध बैंक खाता नाम अंश आवेदन खाते से ;40ए000 अंशों पर 4 रु. प्रति अंश आवेदन राश्िा प्राप्त करने परद्ध 1ए60ए000 1ए60ए000 अंश आवेदन खाता अंश पूँजी खाते से ;आवेदन राश्िा को अंश खाते में हस्तांतरित करने परद्ध नाम 1ए60ए000 1ए20ए000 1ए60ए000 अंश आबंटन खाता नाम अंश पूँजी खाते से ;40ए000 अंशों पर 3 रुपये प्रति अंश आबंटन पर देय राश्िाद्ध 1ए20ए000 1ए20ए000 बैंक खाता नाम अंश आबंटन खाते से ;40ए000 अंशांे पर 3 रुपये प्रति अंश आबंटन की राश्िा प्राप्त हाने पर परद्ध 1ए20ए000 1ए20ए000 अंश प्रथम एवं अंतिम माँग खाता नाम अंश पूँजी खाते से ;40ए000 अंशों पर 3 रुपये प्रत्येक अंश प्रथम एंव अंतिम माँग पर देय राश्िाद्ध 1ए20ए000 1ए20ए000 बैंक खाता नाम अंश प्रथम एवं अंतिम खाते से ;प्रथम और अंतिम माँग पर मांगी गइर् राश्िा की प्राप्ित परद्ध 1ए20ए000 स्वयं करें जनवरी 1ए 2006 को एक लिमिटेड कंपनी को 40ए000 रुपये की अिाकृत पूँजी वाले 10 रुपये प्रत्येक अंश के साथ निगमित ;सम्िमलितद्ध किया गया। कंपनी ने जनता में अभ्िादान के लिए 3ए000 अंशों को निगर्मित किया, जिन पर देय राश्िायां हैंः आवेदन पर 3 रुपये प्रति अंश अंश आबंटन पर 2 रुपये प्रति अंश प्रथम माँग पर ;आबंटन के 1 महीने पश्चात्द्ध 2ण्50 रुपये प्रति अंश द्वितीय और अंतिम माँग पर 2ण्50 रुपये प्रति अंश जनता द्वारा समस्त अंशों का अभ्िादान किया गया तथा आवेदन राश्िा को 15 जनवरी, 2006 को प्राप्त किया गया। संचालकों ने पफरवरी 1ए 2006 को आबंटन किया। आप अंश पूजी के लेन - देन को एक कंपनी की पुस्तकों में किस प्रकार प्रलेख्िात करेंगे यदि समस्त देय राश्िा को प्राप्त कर लिया गया है और कंपनी संयुक्त आवेदन तथा आबंटन के खाते बनाती है। 1ण्6ण्1 बकाया माँग समान्यतः यह पाया गया है कि मांगी गइर् पूँजी का भाग अंशधारियों द्वारा देय तिथ्िा तक चुकाया नहीं जाता। जब कोइर् अंशधारी मांगी गइर् आबंटन की राश्िा या माँग राश्िा का भाग देय तिथ्िा तक नहीं चुका पाता तो इस राश्िा को ध्द्यपि, बकाया माँग कहते हैं। माँग राश्िा, सभी माँग खातों का नाम शेष दशार्ती है तथा इसको चुकता पूँजी में से घटाकर तुलन पत्रा के दायत्िव पक्ष में दशार्या जाता है। जहां एक कंपनी ‘बकाया माँग खाता’ तैयार करती है तो ऐसी स्िथति में अतिरिक्त राजनामचा प्रविष्टी की जाएगी। यद्यपि ऐसा करना आवश्यक नहीं है। बकाया माँग खाता नाम अंश प्रथम माँग खाते से अंश द्वितीय एवं अंतिम माँग खाते से ;बकाया माँग राश्िा को लेखों में ले जाते हुएद्ध कंपनी की सीमा अंतनिर्यम सामान्यतः कंपनी के संचालकों को बकाया माँग राश्िा पर ब्याज की राश्िा के निदिर्ष्ट दर से परिवतर्न करने का अिाकार देते हैं, इस प्रकार की स्िथति में यदि अन्तर्नियम इसका खुलासा नहीं करते तो ‘सारणी - अ’ में दिए गए नियम के अनुसार ब्याज लगाया जाएगा जो कि यह दशार्ता है कि ब्याज दर 5ः से अध्िक नहीं हो सकती है। माँग राश्िा के ब्याज सरिह प्राप्ित पर, ब्याज की राश्िा को ब्याज खाते में जबकि माँग राश्िा को क्रमशः माँग खाते अथवा बकाया माँग खाते में जमा किया जाएगा। जब अंशधारी बकाया माँग राश्िा को ब्याज सहित भुगतान करता है तो इस संबंध में प्रविष्िट निम्न प्रकार से होगी। बैंक खाता नाम बकाया माँग खाते से ब्याज खाते से यदि वुफछ भी वण्िार्त नहीं है, तो यहां माँग पर ब्याज की राश्िा को लेखे में ले जाने तथा उपरोक्त प्रविष्िट करने की आवश्यकता नहीं है। उदाहरण 3 क्रोनिक लिमिटेड ने 10ए000 समता अंश जो कि 10 रुपये प्रत्येक है, निगर्मित किए। इन पर देय राश्िायाँ हैंः आवेदन पर 2ण्50 रुपयेऋ आबंटन पर 3 रुपयेऋ प्रथम माँग पर 2 रुपये तथा शेष अंतिम माँग पर। सभी अंशों पर पूणर् रूप से अभ्िादान स्वीकार किया गया सिवाय एक अंशधारी के जिसने 100 अंशों के लिए आवेदन किया लेकिन अंतिम माँग राश्िा का भुगतान नहीं किया। इस लेन - देन के संदभर् में रोजनामचा प्रविष्िट करें। 16 लेखाशास्त्रा - कंपनी खाते एवं वित्तीय विवरणों का विश्लेषण हल क्रोनिक लिमिटेड रोज़नामचा तिथ्िा विवरण ब.पृस. नाम राश्िा ;रु.द्ध जमा राश्िा ;रु.द्ध बैंक खाता नाम अंश आवेदन खाते से ;10ए000 अंशों पर 2ण्50 रु. प्रति अंश आवेदन राश्िा स्वीकार की गइर्द्ध 25ए000 25ए000 30ए000 25ए000 25ए000 समता अंश आवेदन खाता नाम अंश पूँजी खाते से ;आवेदन राश्िा को अंश पूँजी में हस्तांतरित करने परद्ध समता अंश आबंटन खात नाम अंश पूँजी खाते से ;10ए000 अंशों पर 3 रुपये प्रति अंश आबंटन राश्िा देय होने परद्ध 30ए000 20ए000 30ए000 30ए000 बैंक खाता नाम अंश आबंटन खाते से ;आबंटन राश्िा की प्राप्ित परद्ध अंश प्रथम माँग खाता नाम अंश पूँजी खाते से ;10ए000 अंशों पर 2 रुपये प्रति अंश प्रथम माँग राश्िा देयद्ध 20ए000 20ए000 बैंक खाता नाम अंश प्रथम माँग खाते से ;प्रथम माँग राश्िा की पाप्ित होने परद्ध 20ए000 अंश द्वितीय एवं अंतिम माँग खाता नाम 25ए000 अंश पूँजी खाते से ;अंतिम माँग राश्िा देयद्ध 24ए750 25ए000 बैंक खाता नाम बकाया माँग खाते से नाम 250 अंश द्वितीय एवं अंतिम माँग खाते से ;100 अंशों के सिवाय अंतिम माँग राश्िा की प्राप्ित होने परद्ध 25ए000 1ण्6ण्2 अगि्रम माँग खाता कभी - कभी वुफछ अंशधारी कंपनी के अंशों पर प्राप्त राश्िा का वुफछ भुगतान या समस्त भुगतान, माँग से पूवर् ही कर देते हैं। अंशधारियों से प्राप्त इस राश्िा को अगि्रम माँग राश्िा कहते हैं। अगि्रम माँग राश्िा एक कंपनी के लिए देयधन है और इसे अगि्रम माँग खाते में जमा किया जाता है। प्राप्त राश्िा को माँग राश्िा के देय होने की तिथ्िा के साथ ही समायोजित किया जाता है। कंपनी अिानियम की ‘सारणी संबंध् अ’ में अगि्रम माँग के संबंध में ब्याज की राश्िा पर 6ः की दर से ज्यादा का प्रावधान नहीं दशार्ती। अगि्रम माँग की प्राप्ित पर रोजनामचा प्रविष्िट की जाएगी: बैंक खाता नाम अगि्रम माँग खाते से ;अगि्रम माँग राश्िा की प्राप्ित परद्ध जब वास्तव में माँग राश्िा देय होती है तो अगि्रम माँग राश्िा के सम्बंध में निम्न रोजनामचा प्रविष्िट की जाएगी। अगि्रम माँग खाता नाम संबंिात माँग खाते से ;अगि्रम माँग राश्िा को माँग राश्िा के देय के साथ समायोजित करने परद्ध अगि्रम माँग खाते का शेष कंपनी के तुलन पत्रा के दायित्व पक्ष में अलग मद के रूप में अंश पूँजी के शीषर्क के अंतर्गत दशार्या जाएगा लेकिन चुकता पूँजी की राश्िा में नहीं जोड़ा जाएगा।जैसे कि अगि्रम माँग एक कंपनी के लिए दायित्व है, यह कंपनी का कत्तर्व्य है, कि इस प्रकार की राश्िा की प्रविष्ट पर, प्राप्ित की तिथ्िा से वास्तविक देय तिथ्िा तक ब्याज का भुगतान करे। एक निदिर्ष्ट दर से राश्िा इस संबंध में कंपनी के अन्तनिर्यमों में देय है। यदि अन्तनिर्यमों में इस संबंध में कोइर् प्रावधान नहीं है तो अगि्रम माँग के संबंध में ‘सारणी अ’ लागू होगी जो कि यह दशार्ती है कि ब्याज की दर 6ः प्रतिवषर् से ज्यादा नहीं होगी। अगि्रम माँग के संबंध में ब्याज की राश्िा का लेखांकन व्यवहार होगाः 1ण् ब्याज की राश्िा की प्राप्ित पर अगि्रम माँग ब्याज खाता नाम बैंक खाते से ;अगि्रम माँग पर प्राप्त ब्याज के भुगतान परद्ध अथवा 2ण् ब्याज देय होने पर अगि्रम माँग पर ब्याज खाता नाम विविध अंशधारियों के खाते से ;अगि्रम माँग पर ब्याजद्ध उदाहरण 4 कोनिका लिमिटेड 2ए00ए000 रुपये की अिाकृत समता पूँजी जो कि 2ए000 अंशों 100 रुपये प्रत्येक में विभाजित है साथ पूँजीकृत है, ने अभ्िादान के लिए 1ए000 अंश निगर्मित किये जिन पर 25 रुपये आवेदन राश्िाऋ 20 रुपये प्रथम माँग पर और शेष आवश्यकतानुसार मांगे जाने पर। 1ए000 अंशों के लिए आवेदन स्वीकार किये गए और आबंटन किया गया। आबंटन की राश्िा पूणर् रूप से स्वीकार की गइर्, लेकिन जब प्रथम माँग राश्िा मांगी गइर् तो एक अंशधारी जिसने 100 शयरों के लिए आवेदन किया था, माँग राश्िा चुकाने में असमथर् था तथा एक अन्य अंशधारी ने 50 अंशों के लिए सम्पूणर् राश्िा का भुगतान कर दिया। कंपनी ने कोइर् अन्य माँग नहीं थी। कंपनी के पुस्तकों में अंश पूँजी के लेन देन से संबंिात आवश्यक रोजनामचा प्रविष्िटयां करे। हल: कोनिका लिमिटेड की पुस्तकें रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृस. नाम राश्िा ;रु.द्ध जमा राश्िा ;रु.द्ध बैंक खाता समता अंश आवेदन खाते से ;1ए000 अंशों पर पर 25 रु. प्रति अंश आवेदन राश्िा प्राप्ित परद्ध नाम 25ए000 25ए000 30ए000 30ए000 20ए000 25ए000 25ए000 30ए000 30ए000 20ए000 समता अंश आवेदन खाता अंश पूँजी खाते से ;आवेदन राश्िा को अंश पूँजी में हस्तांतरित करने परद्ध नाम समता अंश आबंटन खाता समता अंश पूँजी खाते से ;1ए000 अंशों पर 30 रुपये प्रति अंश आबंटन राश्िा देयद्ध नाम बैंक खाता समता अंश आबंटन खाते से ;आबंटन राश्िा की प्राप्ित परद्ध नाम समता अंश प्रथम माँग खाता समता अंश पूँजी खाते से ;1000 अंशों पर 20 रुपये प्रति अंश प्रथम माँग देयद्ध नाम बैंक खाता बकाया माँग खाते से समता अंश प्रथम माँग खाता अगि्रम माँग खाते से ;900 अंशों पर प्रथम माँग राश्िा की प्राप्ित तथा 50 अंशों पर अगि्रम माँग राश्िा 25 रुपये प्रति अंशद्ध नाम नाम 19ए250 2ए000 20ए000 1ए250 व्यवहार में समस्त प्राप्त राश्िा को रोकड़ बही में प्रलेख्िात किया जाएगा, रोजनामचों में नहीं ;देखें उदाहरण 5द्ध। उदाहरण 5 यूनीक पिक्चसर् लिमिटेड का पंजीकरण 5ए00ए000 रुपये की अिाकृत पूँजी जिसे 20ए000 से किया गया जिसे 5ः अध्िमान अंश 10 रुपये प्रत्येक अंश तथा 30ए000 समता अंश, 10 रुपये प्रत्येक अंश में बांटा गया। कंपनी ने 10ए000 पूवर्िाकारी तथा 15ए000 समता अंशों को अभ्िादान प्राप्ित हेतु जनता में निगर्मन किया। अंशों पर देय राश्िा निम्न प्रकार हैः समता अंश ;राश्िा रुपयेद्ध अध्िमान अंश ;रुपयेद्ध आवेदन 2 2 आबंटन 3 3 प्रथम माँग 2ण्50 2ण्50 द्वितीय और अंतिम माँग 2ण्50 2ण्50 सभी अंशों पर पूणर् रूप से अभ्िादान स्वीकार किया गया। द्वितीय और अंतिम माँग 100 समता अंशों तथा 200 उपरोक्त लेनदेन को रोजनामचा में प्रलेख्िात साथ ही रोकड़ पुस्तक और तुलन पत्रा भी तैयार करें। 20 लेखाशास्त्रा - कंपनी खाते एवं वित्तीय विवरणों का विश्लेषण हल: यूनीक पिक्चसर् लिमिटेड की पुस्तकें रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृसं. नाम राश्िा ;रु.द्ध जमा राश्िा ;रु.द्ध समता अंश आवेदन खाता नाम 5ः अध्िमान अंश आवेदन खाता नाम समता अंश आवेदन खाते से 5ः अध्िमान अंश पूँजी खाते से ;आवेदन राश्िा के हस्तांतरण परद्ध 30ए000 20ए000 45ए000 30ए000 20ए000 समता अंश आबंटन खाता नाम 5ः अध्िमान अंश आबंटन खाता नाम 30ए000 समता अंश पूँजी खाते से 45ए000 5ः अध्िमान अंश पूँजी खाते से ;आवेदन राश्िा को अंश पूँजी में हस्तांतरित करने परद्ध 37ए500 30ए000 समता अंश प्रथम माँग खाता नाम 5ः अध्िमान प्रथम माँग खाता नाम 25ए000 समता अंश पूँजी खाते से 37ए000 5ः अध्िमान अंश पूँजी खाता ;प्रथम माँग राश्िा देयद्ध 750 25ए000 बकाया माँग खाता नाम समता अंश द्वितीय एंव अंतिम माँग खाते से 250 5ः अध्िमान अंश हितिय एवं अंतिम माँग खाते से ;बकाया माँग के लिएद्ध 500 रोकड़ पुस्तक ;बैंक संतभद्ध नाम जमा तिथ्िा विवरण ब.पृसं राश्िा ;रु.द्ध तिथ्िा विवरण ब.पृसं. राश्िा ;रु.द्ध समता अंश आवेदन 5ः पूवर्िाकारी अंशआवेदन समता अंश आबंटन 5ः पूवर्िाकारी अंशआबंटन 30ए000 20ए000 45ए000 30ए000 शेष आ/ले 2ए49ए250 सकता अंश प्रथम माँग 5ः अध्िमान अंश प्रथम माँगसमता अंश द्वितीय एंवअंतिम माँग 5ः अध्िमान अंश द्वितीय एंव अंतिम माँग 37ए500 25ए000 37ए250 24ए500 2ए49ए250 2ए49ए250 यूनीक पिक्चसर् लिमिटेड का तुलन पत्रा दायित्व राश्िा ;रु.द्ध परिसंम्पिायां राश्िा ;रु.द्ध अिाकृत पूँजी 30ए000 समता अंश 10 रुपये प्रत्येक 20ए000ए 5ः अध्िमान अंश 10 रुपये प्रत्येक निगर्मित पूँजी 15ए000 समता अंश 10 रुपये प्रत्येक 10ए000ए 5ः अध्िमान अंश 10 रुपये प्रत्येक चुकता पूँजी 15ए000य समता अंश 10 रुपये प्रत्येक 10ए000ए 5ः अध्िमान अंश 10 रुपये प्रत्येक घ टाओ: माँग ;बकायाद्ध समता अंश 250 अध्िमान अंश 500 3ए00ए000 2ए00ए000 1ए50ए000 1ए00ए000 1ए50ए000 1ए00ए000 2ए50ए000 750 5ए00ए000 2ए50ए000 2ए49ए250 बैंक 2ए49ए250 2ए49ए250 2ए49ए250 उदाहरण 6 रोहित एन्ड कंपनी ने 30ए000 अंश 10 रुपये प्रत्येक अंश निगर्मित किये जिस पर 3 रुपये आवेदन परऋ 3 रुपये आबंटन और 2 रुपये प्रथम माँग 2 महीने के पश्चात् देय है। आबंटन राश्िा को छोड़कर सभी देय राश्िाप्राप्त हुइर् लेकिन प्रथम माँग पर एक अंशधारी जिसके पास 400 अंश थे प्रथम माँग राश्िा का भुगतान नहींकिया और एक अन्य अंशधारी जिसके पास 300 अंश थे, ने द्वितीय और अंतिम माँग जो कि 2 रुपये हैअभी मांगी नहीं गइर् का भुगतान कर दिया।कंपनी की पुस्तकों में आवश्यक रोजनामचा प्रविष्िटयाँ करें। हल रोहित एन्ड कंपनी की पुस्तकें रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृसं. नाम राश्िा;रु.द्ध जमा राश्िा;रु.द्ध बैंक खाता नाम अंश आवेदन खाते से;30ए000 अंशों पर पर 3 रु. प्रति आवेदन राश्िाकी प्राप्ित परद्ध 90ए000 90ए000 90ए000 90ए000 90ए000 अंश आवेदन खाता नाम अंश पूँजी खाते से;आवेदन राश्िा को अंश पूँजी में हस्तांतरित करने परद्ध अंश आबंटन खाता नाम अंश पूँजी खाते से;30ए000 अंशों पर 3 रुपये प्रति अंश आबंटन राश्िा देय होने परद्ध 90ए000 60ए000 90ए000 90ए000 बैंक खाता नाम अंश आबंटन खाते से;आबंटन राश्िा की प्राप्ित होने परद्ध अंश प्रथम माँग खाता नाम अंश पूँजी खाते से;30ए000 अंशों पर 2 रुपये प्रति अंश प्रथम माँगराश्िा देय होने परद्ध 59ए800 60ए000 बैंक खाता नाम बकाया माँग खाता नाम 800 अंश प्रथम माँग खाते से 60ए000 अगि्रम माँग खाते से;300 अंशों पर 2 रुपये प्रत्येक अगि्रम प्राप्ित तथा 400 अंशों पर 2 रुपये प्रत्येक प्रथम माँग राश्िा प्राप्तनहीं होने परद्ध 600 स्वयं करें 1ण् एक कंपनी ने 20ए000 समता अंश 10 रुपये प्रत्येक जो कि 3 रुपये आवेदनऋ 3 रुपये आबंटनऋ 2 रुपये प्रथम माँग और 2 रुपये द्वितीय माँग और अंतिम माँग पर देय है, का निगर्मन किया। आबंटन राश्िा को मइर् 1ए 2005 या उससे पहले भुगतान किया जा सकता है। प्रथम माँग, अगस्त 1ए 2005 या उससे पहले और द्वितीय और अंतिम माँग अक्तूबर 1ए 2005 या उससे पहले भुगतान की जा सकती है। ‘एक्स’ जिसको 1ए000 अंश आबंटित किए गए, ने आबंटन तथा माँग राश्िा का भुगतान नहीं कियाऋ ‘वाइर्’ जिसको 600 अंश आबंटित किए गए थे, ने दोनों माँग राश्िा का भुगतान नहीं किया और ‘जेड’ जिसके पास 400 अंश थे, ने अंतिम माँग का भुगतान नहीं किया। रोजनामचा प्रविष्िटयाँ कीजिए तथा दिसम्बर 31ए 2005 पर कंपनी का तुलन पत्रा तैयार करें। 2ण् अल्पफा कंपनी लिमिटेड ने 10 रुपये प्रत्येक के 10ए000 अंश, निगर्मित किए। इन पर देय राश्िायां इस प्रकार हैं। 3 रुपये आवेदन परऋ 2 रुपये आबंटन पर और शेष दो समान किश्तों पर देय है। आबंटन की राश्िा माचर्, 30ए 2006 या उससे पहलेऋ और अंतिम माँग राश्िा अगस्त 31 या उससे पहले देय है। मिस्टर ‘अ’ जिनको 600 अंशों का आबंटन किया गया थाऋ ने अंशों के अंकित मूल्य का सभी शेष आबंटन के समय ही कर दिया। कंपनी की पुस्तकों में रोजनामचा प्रविष्िटयाँ प्रलेख्िात करें और इस तिथ्िा पर कंपनी का स्िथति विवरण भी तैयार करें। 1ण्6ण्3 अिा - अभ्िादान वुफछ स्िथतियों में जब कंपनी का जनता में निगर्मित अंशों से अिाक अंशों के लिए आवेदन पत्रा आ जातेहैंऋ तो ऐसा अक्सर अंशों के अच्छे प्रबन्ध के निगर्मन द्वारा तथा कंपनी की मजबूत/सुदृड़ वित्तीय स्िथति के कारण होता है, अिा - अभदान कहलाता है। इस प्रकार की स्िथति में संचालकों के पास इसके व्यवहार के लिए तीन विकल्प मौजूद हैः ;1द्ध वुफछ आवेदनों को पूणर् रूप से स्वीकार करके तथा शेष को पूणर् रूप से मना कर दिया जाता हैऋ ;2द्ध सभी आवेदकों के अंशों का आबंटन आनुपातिक या समानुपात के रूप में किया जा सकता हैऋ तथा ;3द्ध उपरोक्त दोनों वििायों को संयुक्त रूप से लागू कर सकते हैं, जो कि व्यवहार में सबसे सामान्य वििा है। अध्ि - अभ्िादान की समस्यों का अन्ततः समाधन अंशों के आबंटन द्वारा किया जाता है। अतः लेखांकन के दृष्िटकोण से अध्ि - अभ्िादान की स्िथति को आवेदन और आबंटन के संपूणर् ढांचे के अन्दर रखा जाता है। अथार्त आवेदन राश्िा की प्राप्ित आबंटन पर देय राश्िा और अंशधरकों से प्राप्ित तथा यहि प्रविष्िटयों के प्रतिरूप से प्रतिबिंबित है। प्रथम विकल्प: जब संचालक वुफछ आवेदन को पूणर् रूप से स्वीकार करते हैं तथा अन्य को पूणर् रूप से रदद् कर देते हैं, तो रदद् आवेदन से प्राप्त राश्िा को पूणर् रूप से लौटा दिया जाता है। उदाहरण के लिए, एक कंपनी ने 20ए000 अंशों को आमन्त्राण किया तथा 25ए000 अंशों के लिए आवेदन स्वीकार किये। संचालकों ने 5ए000 अंशों के लिए किए गए आवेदन को बिल्वुफल रदद् कर दिया जो कि आवश्यक संख्या से अिाक थे और आवेदन राश्िा को पूणर् रूप से वापिस कर दिया गया। इस स्िथति में आवेदन और आबंटन पर रोजनामचा प्रविष्िट की जाएगीः आवेदन और आबंटन पर वैकल्िपक तौर पर रोजनामचा प्रविष्िट निम्न प्रकार से की जाएगीः - 1ण् बैंक खाता नाम अंश आवेदन खाते से ;25ए000 अंशों पर आवेदन राश्िा की प्राप्ित परद्ध 2ण् अंश आवेदन खाता नाम अंश पूँजी खाते से बैंक खाते से ;25ए000 अंशों पर आबंटन राश्िा के हस्तांतरण तथा रदद् किए गए अंशों को अंश पूँजी के हस्तांतरण करने परद्ध 3ण् अंश आबंटन खाता नाम अंश पूँजी खाते से ;आबंटन राश्िा के देय होने परद्ध 4ण् बैंक खाता नाम अंश आबंटन खाते से ;आबंटन राश्िा के प्राप्त होने परद्ध दूसरा विकल्प: जब संचालक सभी आवेदकों को अनुपातिक आबंटन करते हैं ;प्रो - राटा आबंटन कहलाता हैद्ध आवेदन से प्राप्त अिाक राश्िा की प्राप्ित सामान्यतः देय आबंटन राश्िा के साथ समायोजित कर दी जाती है। ऐसी स्िथति में यद्यपि अंशों पर देय आबंटन राश्िा से अिाक राश्िा की प्राप्ित को या तो वापिस कर दिया जाएगा या अगि्रम माँग में जमा कर दिया जाएगा। उदाहरण के लिए, 20ए000 अंशों के लिए आमन्त्राण किऐ और 25ए000 अंशों के लिए आवेदन आने की स्िथति में यह निणर्य लिया गया कि आवेदकों को अंशों का आबंटन 4 रू 5 के अनुपात में किया जाए। यह प्रो - राटा आबंटन की स्िथति कहलाती है और 5ए000 अंशों पर प्राप्त अिाक राश्िा को 20ए000 अंशों पर देय आबंटन की राश्िा के साथ समायोजित किया जाएगा। इस स्िथति में आवेदन और आबंटन की रोजनामचा प्रविष्िट इस प्रकार होगीः 1ण् बैंक खाता नाम अंश आवेदन खाते से ;25ए000 अंशों पर μ रुपये प्रति आवेदन राश्िा की प्राप्ित होने परद्ध 2ण् अंश आवेदन खाता नाम अंश पूँजी खाते से अंश आवेदन खाता ;आवेदन राश्िा को अंश पूँजी खाते में हस्तांतरित करने पर तथा अिाक आवेदन राश्िा को अंश आबंटन में जमा करने परद्ध 3ण् अंश आबंटन खाता नाम अंश पूँजी खाते से ;25ए000 अंशों पर आबंटन राश्िा के देय होने परद्ध 4ण् बैंक खाता अंश आबंटन खाते से ;पहले से प्राप्त राश्िा को समायोजित करने तथा आबंटन राश्िा की प्राप्ित परद्ध तीसरा विकल्पः जब वुफछ अंशों पर किए गए आवेदन को रदद् किया जाता है और शेष अंशों के लिए अनुपातिक आबंटन किया जाता है, तो रदद् किए गए आवेदनों की पूणर् राश्िा को प्राप्ित होने पर जिन आवेदकों को अनुपातिक आबंटन किया गया है, को आबंटन राश्िा देय होने के साथ समायोजित किया जाएगा। उदाहरण के लिए, एक कंपनी 10ए000 अंशों के आवेदन के लिए आमन्त्राण देती है और 15ए000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त किए गए। संचालकों ने 2ए500 अंशों के लिए किए गए आवेदनों को रदद् कर दिया और 10ए000 अंशों के लिए अनुपातिक आबंटन लागू किया। जिससे कि शेष 15ए500 अंशों के लिए प्रत्येक पांच अंशों के आवेदन के लिए चार अंशों को लागू किया गया। इस स्िथति में 2ए500 अंशों के लिए आवेदन को रदद् किया गया और प्राप्त राश्िा को पूणर् रूप से लौटा दिया गया, और शेष बचे 2ए500 अंशों ;12ए500 दृ 10ए000द्ध को 10ए000 अंशों के लिए देय आबंटन राश्िा के साथ समायोजिक किया जाएगा और आबंटन की रोजनामचा प्रविष्ित्यां इस प्रकार होंगी। 1ण् बैंक खाता नाम अंश आवेदन खाते से;15ए000 अंशों पर प्राप्त μ रुपये प्रति अंश,आवेदन राश्िा की प्राप्ित परद्ध 2ण् अंश आवेदन खाता नाम अंश पूँजी खाते सेअंश आबंटन खाते सेबैंक खाते से;आवेदन राश्िा को अंश पूँजी खाते के हस्तांतरितकरने और आवेदन से अिाक प्राप्त राश्िा को अंशोंके आबंटन के समय अनुपातिक आबंटन पर अंशआबंटन, खाते में जमा करने परद्ध 3ण् अंश आबंटन खाता नाम अंश पूँजी खाते से;10ए000 अंशों के लिए ऋ रुपये प्रति अंश आबंटन देयद्ध 4ण् बैंक खाता नाम अंश आबंटन खाते से;आवेदन द्वारा पहले से प्राप्त राश्िा को, आबंटनराश्िा के साथ समायोजित करने परद्ध उदाहरण 7 जनता पेपसर् लिमिटेड ने 25 रु. प्रत्येक वाले 1ए00ए000 समता अंशों को जारी करने का आमन्त्राण दिया जिन पर देय राश्िा इस प्रकार थीः आवेदन पर 5 रुपये प्रति अंश आबंटन पर 7ण्50 रुपये प्रति अंश प्रथम माँग पर 7ण्50 रुपये प्रति अंश ;आबंटन के दो महीने बाद देयद्ध द्वितीय और अंतिम माँग पर 5 रुपये प्रति अंश ;दो महीने बाद देयद्ध जनवरी 1ए 2006 को 4ए00ए000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त किये गए और पफरवरी 1ए 2006 को आबंटन किया गया। निम्न परिस्िथतियों के अंश पूजी के लेन - देन के संबंध में रोजनामचा प्रविष्िटयां करें। 1ण् संचालकों ने वुफछ चुने हुए आवेदकों को 1ए00ए000 अंशों का आबंटन करने का निणर्य लिया तथा 3ए00ए000 अंशों को पूणर् रूप से रदद् किया गया। 2ण् संचालकों द्वारा प्रत्येक आवेदनकतार् को आवेदन किए गए अंशों का 25 प्रतिशत अनुपातिक आबंटन किया जाएऋ आवेदन राश्िा के शेष आबंटन के साथ समायोजित किया जाएऋ और तत्पश्चात् बचे हुए आवेदनों की राश्िा को वापिस कर दिया जाए। 3ण् संचालकों द्वारा 2ए00ए000 अंशों के लिए किये गए आवेदनों को बिल्वुफल रदद् कर दिया। 80ए000 अंशों के लिए पूणर् आवेदन के सिवाय 20ए000 अंशों पर अनुपातिक आबंटन किया गया और आवेदन से अिाक प्राप्त राश्िा को आबंटन के साथ समायोजित किया गया तथा माँग को बनाया गया। हल जनता पेपसर् लिमिटेड की पुस्तकें रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृस. नाम राश्िा ;रु.द्ध जमा राश्िा ;रु.द्ध 2006 जनवरी 1 बैंक खाता नाम समता अंश आवेदन खाते से ;4ए00ए000 अंशों पर पर 5 रु. प्रति आवेदन राश्िा की प्राप्ित परद्ध 2ए00ए000 2ए00ए000 पफरवरी 1 समता अंश आवेदन खाता नाम समता अंश पूँजी खाता बैंक खाते से ;1ए00ए000 अंशों पर प्राप्त आवेदन राश्िा को अंश पूँजी खाते में हस्तांतरण तथा रदद् किये गए आवेदनों की राश्िा को वापिस करने परद्ध 20ए00ए000 7ए50ए000 5ए00ए000 15ए00ए000 पफरवरी 1 समता अंश आबंटन खात नाम समता अंश पूँजी खाते से ;1ए00ए000 अंशों पर 7ण्50 रुपये प्रति अंश आबंटन राश्िा के देय होने परद्ध 7ए50ए000 7ए50ए000 7ए50ए000 7ए50ए000 बैंक खाता नाम समता अंश आबंटन खाते से ;आबंटन राश्िा की प्राप्ित परद्ध अप्रैल 1 समता अंश प्रथम माँग खाता नाम अंश पूँजी खाता ;1ए00ए000 अंशों पर 7ण्50 प्रति अंश प्रथम माँग के देय होने परद्ध 5ए00ए000 7ए50ए000 जून 1 समता अंश द्वितीय एवं अंतिम माँग खाता नाम समता अंश पूँजी खाते से ;अंतिम माँग के 1ए00ए000 अंशों पर 5 रुपये प्रति अंश देय होने परद्ध 5ए00ए000 5ए00ए000 5ए00ए000 जून 1 बंेक खाता नाम समता अंश द्वितीय एवं अंतिम माँग खाते से ;अंतिम माँग की प्राप्ित परद्ध दूसरा विकल्प तिथ्िा विवरण ब.पृसं. नाम राश्िा ;रु.द्ध जमा राश्िा ;रु.द्ध 2006 पफरवरी 1 बैंक खाता नाम समता अंश आवेदन खाते से ;4ए00ए000 अंशों पर 5 रुपये प्रति अंश आवेदन राश्िा की प्राप्ित परद्ध 20ए00ए000 20ए00ए000 पफरवरी 1 समता अंश आवेदन खाता नाम समता अंश पूँजी खाते से समता अंश आबंटन खाते से बैंक खाते से ;अंशों के आबंटन पर आवेदन राश्िा को अंश पूँजी के हस्तांतरित करने तथा आवेदन से अिाक राश्िा कोआबंटन खाते में जमा करने और अस्िवकृत अंशों की राश्िा को लौटाने पर।द्ध 20ए00ए000 7ए50ए000 5ए00ए000 7ए50ए000 7ए50ए000 पफरवरी 1 समता अंश आबंटन खाता नाम समता अंश पूँजी खाते से ;1ए00ए000 अंशों पर 7ण्50 प्रति अंश आबंटन राश्िा के देय होने परद्ध 7ए50ए000 7ए50ए000 पफरवरी 1 बैंक खाता नाम समता अंश आबंटन खाते से ;1ए00ए000 अंशों पर 7ण्50 प्रति अंश आबंटन राश्िा राश्िा की प्राप्ित परद्ध 7ए50ए000 टिप्पणी: दो माँग से सम्बंिात प्रविष्िटयां पिछली वििा के समान ही होगी। तीसरा विकल्प तिथ्िा विवरण ब.पृसं. नाम राश्िा ;रुपयेद्ध जमा राश्िा ;रुपयेद्ध 2006 जनवरी 1 बैंक खाता नाम समता अंश आवेदन खाते से ;4ए00ए000 अंशों पर 5 रुपये प्रति अंश आवेदन राश्िा की प्राप्ित परद्ध 20ए00ए000 20ए00ए000 20ए00ए000 पफरवरी 1 समता अंश आवेदन खाता नाम समता अंश पूँजी खाते से 5ए00ए000 समता अंश आबंटन खाते से 1ए50ए000 अगि्रम माँग खाते से 2ए50ए000 बैंक खाते से ;आवेदन राश्िा को अंश पूँजी खाते में हस्तांतरित करने तथा आवेदन से अिाक राश्िा को आबंटन खाते में जमा करने तथा रदद् किए गए आवेदनों की राश्िा लौटाने परद्ध 11ए00ए000 पफरवरी 1 पफरवरी 1 अप्रैल 1 समता अंश आबंटन खाता नाम समता अंश पूँजी खाते से ;1ए00ए000 अंशों पर 7ण्50 प्रति अंश आबंटन राश्िा के देय होने परद्ध 7ए50ए000 6ए00ए000 7ए50ए000 7ए50ए000 6ए00ए000 बैंक खाता नाम अंश आबंटन खाते से ;आबंटन राश्िा की प्राप्ित परद्ध समता अंश प्रथम माँग खाता नाम अप्रैल 1 समता अंश पूँजी खाते से ;1ए00ए000 अंशों पर 7ण्50 प्रति अंश प्रथम मांग के देय होने परद्ध 6ए00ए000 7ए50ए000 बैंक खाता नाम अगि्रम माँग खाता नाम 1ए50ए000 जून 1 समता अंश प्रथम माँग खाते से ;अगि्रम माँग राश्िा को प्रथम माँग के साथ समायोजित करने और शेष राश्िा को माँग की प्राप्ित हाने परद्ध 5ए00ए000 7ए50ए000 समता अंश द्वितीय और अंतिम खाता नाम जून 1 अंश पूँजी खाते से ;अंतिम माँग के 1ए00ए000 अंशों, 5 रुपये प्रति अंश देय होने परद्ध 4ए00ए000 5ए00ए000 बैंक खाता नाम अगि्रम माँग खाते से नाम 1ए00ए000 समता अंश द्वितीय और अंतिम माँग खाते से ;अगि्रम माँग राश्िा को द्वितीय एवं अंतिम माँग में समायोजित करने तथा शेष राश्िा को माँग की प्राप्ित होने परद्ध 5ए00ए000 टिप्पणीः यथानुपात आबंटन के परिणामस्वरूप अिाक आवेदन राश्िा के शेष को, आबंटित अंशों के संबंध में आबंटन राश्िा, और दोनों माँग राश्िायों के साथ रदद् किए आवेदनों को लौटा दी गइर् राश्िा की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उपरोक्त रोजनामचा प्रविष्िट 3 प्रयार्प्त हैं। लेखाशास्त्रा - कंपनी खाते एवं वित्तीय विवरणों का विश्लेषण कायार्त्मक टिप्पणी: ;रु.द्ध ;रु.द्ध अिाक आवेदन राश्िा 15ए00ए000 घटाया हस्तांतरण: अंश आबंटन μ 20ए000 अंश 7ण्50 रुपये प्रत्येक ;1ए50ए000द्ध अंश माँग μ 20ए000 अंश 12ण्50 प्रत्येक ;2ए50ए000द्ध ;4ए00ए0001द्ध लौटाइर् गइर् राश्िा ;रदद् किए गए 11ए00ए000 आवेदन सहितद्ध 1ण्6ण्4 अंशों का न्यून अभ्िादान न्यून अभ्िादान एक ऐसी स्िथति है जब अभ्िादान के लिए आमन्ित्रात किये गए अंशों से कम अंशों पर आवेदन प्राप्त होते हैं। उदाहरण के लिए, एक कंपनी ने जनता में अभ्िादान के लिए 2ए00ए000 अंशों का आमन्त्राण दिया लेकिन केवल 1ए90ए000 अंशों के लिए आवेदन निश्िचत किया जाएगा और सभी प्रविष्िटयां इसके अनुसार की जाएंगी। यद्यपि, जैसे कि पहले बताया गया है, यह निश्िचत कर लेना आवश्यक है कि कंपनी ने कम से कम अभ्िादान ;आमन्ित्रात अंशों का 90 प्रतिशत से कम नहीं, अन्यथा अंश निगर्मन की प्रिया आगे नहीं जारी रहेगी और कंपनी को अभ्िादान पर प्राप्त समस्त राश्िा को वापिस लौटाना होगाद्ध प्राप्त कर लिये हैं। 1ण्6ण्5 अंशों का अिा - मूल्य पर निगर्मन वििाय रूप से सुदृढ़ और अच्छे प्रबंधकीय नियन्त्राण वाली कंपनियों के लिए यह सामान्य है कि वह अपने अंशों का प्रीमियम पर निगर्मन करे, जैसे कि अंशों के समता मूल्य से अिाक मूल्य पर। जब 100 रुपये की राश्िा के अंश को 105 रुपये में निगर्मित किया जाता है, तो यह 5ः प्रीमियम पर निगर्मित कहलाता है। जब अंशों का अिालाभ पर निगर्मन किया जाता है तो तकनीकी रूप से अिालाभ की राश्िा को निगर्मन के किसी भी समय मांगा जा सकता है। यद्यपि, सामान्यतः अिालाभ की राश्िा को आबंटन के समय मांगा जा सकता है लेकिन कभी - कभी माँग पर भी मांगा जा सकता है। अिालाभ राश्िा को एक अलग खाते मेंजो कि फ्प्रतिभूति अिालाभ खाताय् कहलाता है, में जमा किया जाएगा और कंपनी के स्िथति विवरण में दायित्व पक्ष की और फ्आरक्ष्िात और आिाक्यय् शीषर्क के अंतगर्त दशार्या जाएगा। कंपनी अिानियम 1956 की धारा 78 के अनुसार इसका प्रयोग निम्न चार उद्देश्य की पूतिर् के लिए किया जाता है। ;अद्ध पूणर् भुगतान बोनस अंश के निगर्मन पर जो कि इस संदभर् में जारी न की गइर् अंश पूँजी से ज्यादा न होऋ ;बद्ध कंपनी के प्रारंभ्िाक व्ययों को अपलिख्िात करनाऋ ;सद्ध कंपनी के व्ययों को अपलिख्िात करना, या कमीशन का भुगतान, या अंशों पर बट्टा प्रदान याट्टण पत्रों पर किसी प्रकार के बट्टे को अपलिख्िात करनाऋ और ;दद्ध अध्िमान अंशों के मोचन पर अिामूल्य का भुगतान और कंपनी के )णपत्रों के मोचन पर अिामूल्य का भुगतान करना। अिामूल्य पर निगर्मित अंशों के संबंध् में रोजनामचा प्रविष्िटयां इस प्रकार होंगीऋ 1ण् आवेदन राश्िा के साथ अिामूल्य मांगे जाने पर ;अद्ध बैंक खाता नाम अंश पूँजी खाते से प्रतिभूति प्रीमियम खाते से ;आवेदन राश्िा की अंश पूँजी तथा प्रतिभूति प्रीमियम खाते में हस्तांतरित करने परद्ध 2ण् जब अिामूल्य को आबंटन राश्िा के साथ मांगा जाता है ;अद्ध अंश आबंटन खाता नाम अंश पूँजी खाते से प्रतिभूति प्रीमियम खाते से ;अंशों पर μ रुपये प्रति अंश प्रीमियम सहित आबंटन राश्िा के देय होने परद्ध ;अद्ध बैंक खाता नाम अंश आबंटन खाते से ;प्रीमियम सहित आवेदन राश्िा की प्राप्ित होने परद्ध उदाहरण 8 ज्यूपीटर कंपनी लिमिटेड ने 10 रुपये प्रत्येक वाले 35ए000 अंश 2 रुपये अिालाभ पर जारी किए जिन पर देय राश्िायाँ निम्नवत हैंः आवेदन पर 3 रुपये आबंटन पर 5 रुपये ;अिालाभ सहितद्ध शेष प्रथम एवं द्वितीय माँग पर अंशों का पूणर् रूप से अभ्िादान किया तथा समस्त राश्िा को प्राप्त किया गया। कंपनी की पुस्तकों में रोजनामचा प्रविष्िटयाँ करें।ः 32 लेखाशास्त्रा - कंपनी खाते एवं वित्तीय विवरणों का विश्लेषण हल: ज्यूपीटर लिमिटेड कंपनी की पुस्तकें रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृ नाम जमा स राश्िा राश्िा ;रु.द्ध ;रु.द्ध बैंक खाता नाम 1ए05ए000 समता अंश आवेदन खाते से 1ए05ए000 ;35ए000 अंशों पर पर 3 रु. प्रति अंश आवेदन राश्िा की प्राप्ित परद्ध 1ए05ए000 समता अंश आवेदन खाता नाम अंश पूँजी खाते से 1ए05ए000 ;आबंटन पर आवेदन राश्िा के अंश पूँजी खाते में हस्तांतरित करने परद्ध 1ए75ए000 समता अंश आबंटन खाता नाम समता अंश पूँजी खाते से 1ए05ए000 प्रतिभूति प्रीमियम खाते से 70ए000 ;35ए000 अंशों पर 5 रुपये प्रति अंश अिालाभ सहित आबंटन राश्िा के देय हाने परद्ध 1ए75ए000 बैंक खाता नाम समता अंश आबंटन खाते से 1ए75ए000 ;अिालाभ सहित आबंटन राश्िा की प्राप्ित परद्ध 1ए40ए000 समता अंश प्रथम एवं अंतिम माँग खाता नाम अंश पूँजी खाते से 1ए40ए000 ;35ए000 अंशों पर 4 रुपये प्रति अंश प्रथम एवं अंतिम माँग देय होने परद्ध 1ए40ए000 बैंक खाता नाम समता अंश प्रथम एवं अंतिम मांग खाते से 1ए40ए000 ;प्रथम एवं अंतिम माँग राश्िा की प्राप्ित परद्ध 1ण्6ण्6 अंशों का बट्टे पर निगर्मन वुफछ स्िथतियां ऐसी होती हैं जब कंपनी के अंशों को बट्टे पर निगर्मित किया जाता है, जैसा कि अवास्तविक या अंशों के समता मूल्य से कम की राश्िा पर, अवास्तविक कीमत और निगर्मित कीमत के मध्य अन्तर, अंशों पर बट्टे की राश्िा को दशार्ता है। उदाहरण के लिए, जब 100 रुपये की कीमत का कोइर् अंश 98 रुपये में जारी किया जाता है तो यह अंशों का 2 प्रतिशत बट्टे पर निगर्मन कहलाएगा। एक सामान्य नियम के अनुसार, एक कंपनी अपने अंशों को बट्टे पर निगर्मित नहीं कर सकती है। ऐसा केवल हरण किए गए अंशों के पुनः निगर्मन ;जो कि आगामी में आगे बताया जाएगाद्ध और कंपनी अिानियम 1956 की धारा 79 के अंतगर्त, कर सकती है। एक कंपनी निम्न स्िथतियों को पूणर् करते हुए अंशों का बट्टे पर निगर्मन कर सकती हैंः;अद्ध अंशों का बट्टे पर निगर्मन कंपनी की सामान्य सभा में एक विधान द्वारा अिाकृत होने की दशा में और कंपनी कानून बोडर् जो कि अब केन्द्रीय सरकार है द्वारा अनुमोदित होने पर ही किया जा सकता है। ;बद्ध एक संकल्प में बट्टे की अिाकतम दर वण्िार्त होनी चाहिए तथा यह दर अंशों के अंकित मूल्य के 10ः से अिाक नहीं हो सकती है। बट्टे की दर 10ः से अिाक हो सकती है यदि सरकार विशेष परिस्िथतियों में इस प्रतिशत में वृि करने पर सहमत हो। ;सद्ध कंपनी को निगर्म की तिथ्िा पर व्यवसाय प्रारंभ करने की अनुमति प्राप्त हुए कम से कम एक वषर् हो चुका है। ;दद्ध केवल उसी प्रकार के अंश बट्टे पर निगर्मित किए जा सकते हैं, जिनका निगर्मन पहले भी हो चुका है। ;घद्ध सरकार से अनुमति मिलने के दो महीने के भीतर या बढ़ाया हुआ समय जैसे कि सरकार से अनुमति प्राप्त होने के भीतर इनका निगर्मन हो जाना चाहिए।;घद्ध विवरण - पत्रा जारी करने की तिथ्िा को बट्टे की शेष राश्िा का स्पष्ट रूप से उल्लेख करना अनिवायर् है। पुस्तकों में आबंटन का बट्टे पर निगर्मन होगा, तो बट्टे की राश्िा को पुस्तकों में आबंटन के समय, बट्टे पर अंशों का निगर्मन खाता नाम करके ले जाया जाएगा। इस उद्देश्य के लिए रोजनामचा प्रविष्िट निम्न प्रकार से की जाएगीः अंश आबंटन खाता नाम अंशों का बट्टे पर निगर्मन खाता नाम अंश पूँजी खाते से ;μ अंशों का आबंटन पर राश्िा μ रुपये प्रति अंश देय तथा निगर्मन पर बट्टे की खतौनी परद्ध ‘बट्टे पर अंशों का निगर्मन खाता’ नाम शेष रखता है जो कि कंपनी को हानि दशार्ता है और यह कंपनीकी तुलन पत्रा में परिसंपिा पक्ष की और ‘विविध व्यय’ शीषर्क के अंतगर्त दिखाया जाएगा। इसको प्रतिभूति प्रीमियम खाते में से, यदि कोइर् हो तो प्रभारित करने के कारण अपलिख्िात किया जाएगा, तथा इसकी अनुपस्िथति में ;5 या 10 वषोर्ं तकद्ध इसको लाभ व हानि खाते में प्रभारित किया जाएगा। उदाहरण 9 पफाइर्न आर्ट लिमिटेड ने 10 रु. प्रति अंश के 10ए000 अंशों का 10ः बट्टे पर जनता के लिए निगर्मित किये जिनको 4 रु. आवेदन पत्रा, 3 रु. आबंटन पर, 2 रु. प्रथम और अंतिम माँग पर देय हैं। निगर्मन पर पूणर् अभ्िादान प्राप्त हुआ और सभी राश्िा प्राप्त कर ली गइर्। कंपनी की पुस्तकों में उपयुर्क्त की रोजनामचा प्रविष्िटयाँ करें। हल पफाइर्न आटर् लिमिटेड कंपनी की पुस्तकें रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृसं. नाम राश्िा ;रु.द्ध जमा राश्िा ;रु.द्ध बैंक खाता अंश आवेदन खाते से ;10ए000 अंशों पर पर 4 रु. प्रति अंश आवेदन राश्िाद्ध नाम 40ए000 40ए000 30ए000 10ए000 30ए000 20ए000 20ए000 40ए000 40ए000 40ए000 30ए000 20ए000 20ए000 अंश आवेदन खाता अंश पूँजी खाते से ;आवेदन राश्िा का अंश पूँजी में हस्तांतरणद्ध नाम अंश आबंटन खाता अंशों के निगर्मन पर बट्टा खाता अंश पूँजी खाते से ;10ए000 अंशों पर 3 रु. प्रति अंश की दर से आबंटन राश्िा देय तथा 1 रु. प्रति अंश बट्टे की राश्िाद्ध नाम नाम बैंक खाता अंश आबंटन खाते से ;10ए000 अंशों पर आबंटन राश्िा प्राप्तद्ध नाम अंश प्रथम एवं अंतिम माँग खाता अंश पूँजी खाते से ;10ए000 अंशों पर अंतिम माँग 2 रु. प्रति अंश देयद्ध नाम बैंक खाता अंश प्रथम एवं अंतिम माँग खाते से ;10ए000 अंशों पर अंतिम माँग राश्िा प्राप्तद्ध नाम 1ण्6ण्7 रोकड़ के अतिरिक्त प्रतिपफल में अंशों का निगर्मन जहाँ कंपनी उन विक्रेताओं, जिनसे उसने परिसंपिायों क्रय की है, के साथ समझौता करती है कि तो भुगतानके रुप में कंपनी के पूणर् प्रदत्त अंश लेने के लिए सहमत होते हैं। सामान्यतः, इन अंशों के निगर्मन के लिए किसी प्रकार का रोकड़ नहीं लिया जाता। इन अंशों को सममूल्य परऋ अिालाभ पर या बट्टे पर भी निगर्मित मूल्य जिस पर यह निगर्मित किए जाएंगे और विक्रेताओं को दिये राश्िा पर निभर्र करती है। इसलिए विक्रेताओं को निगर्मित अंशों की संख्या की गणना इस प्रकार की जाएगी: देय राश्िा त्रनिगर्मन किये गये अंशों की संख्या निगर्मन मूल्य उदारण के लिए, राहुल लिमिटेड ने होंडा लिमिटेड से 5ए40ए000 रु. में भवन का क्रय किया और इसका भुगतान 100 रु. प्रत्येक के अंशों को निगर्मित करके किया जायेगा। विभ्िान्न स्िथतयों में निगर्मन किये गये अंशों की संख्या निम्न प्रकार ज्ञात होगीः ;अद्ध जब अंशों को सममूल्य पर निगर्मित किया जाता है जो कि 100 रु. है देय राश्िा त्रनिगर्मन किए गये अंशों की संख्या निगर्मन मूल्य 5ए40ए000 रुत्र100 रुत्र 5ए400 अंश ;बद्ध जब अशों को 10ः बट्टे पर निगर्मित किया जाता है जो कि 90 रु.;100 रु.दृ 10रु.द्ध देय राश्िा त्रनिगर्मन किए गये अंशों की संख्या निगर्मन मूल्य 5ए40ए000 रुत्र90 रुत्र 6ए000 अंश ;सद्ध जब अशों को 20ः अिामूल्य पर निगर्मित किया जाता है जोकि 120 रु.;100 ़ 20द्ध देय राश्िा त्रनिगर्मन किए गये अंशों की संख्या निगर्मन मूल्य 5ए40ए000 रुत्र120 रुत्र 4ए500 अंश रोकड़ प्रतिपफल अतिरिक्त अंशों के निगर्मन की उपयर्ुक्त स्िथति में रोजनमाचा प्रविष्िटयों का अभ्िालेखन इस प्रकार होगाः राहुल लिमिटेड कंपनी की पुस्तकें रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृ नाम जमा सं. राश्िा राश्िा ;रु.द्ध ;रु.द्ध भवन खाता नाम 5ए40ए000 होंडा लिमिटेड खाते से 5ए40ए000 ;भवन का क्रयद्ध 5ए40ए000 ;ंद्ध जब अंशों का निगर्मन सम मूल्य पर किया जाता है नाम होंडा लिमिटेड अंश पूँजी खाते से 5ए40ए000 ;5ए400 अंशों का सममूल्य पर निगर्मनद्ध 5ए40ए000 ;इद्ध जब अंशों का निगर्मन 10ः बट्टे पर किया जाता है नाम निगर्मित अंशों पर बट्टा नाम 60ए000 अंश पूँजी खाते से 6ए00ए000 ;6ए000 अंशों पर 90 रु. प्रति अंश पर निगर्मनद्ध 5ए40ए000 ;बद्ध होंडा लिमिटेड खाता नाम अंश पूँजी खाता 4ए50ए000 प्रतिभूति अिामूल्य खाते से 90ए000 ;4ए500 अंशों का 120 रु. प्रति अंश पर निगर्मनद्ध उदाहरण 10 जिन्दल एंण्ड कंपनी ने हाइर् - लाइर्पफ मशीन लिमिटेड से 3ए80ए000 रु. में एक मशीन का क्रय किया। क्रय समझोते के अनुसार 20ए000 रु. का नकद भुगतान और शेष राश्िा 100 रु. प्रत्येक के अंशों का निगर्मन करके किया जायेगा। क्या प्रविष्िट की जायेगी यदि अंशों का निगर्मन: ;अद्ध सममूल्य पर ;बद्ध 10ः बट्टे पर ;सद्ध 20ः अिामूल्य पर हल अंशों की संख्या की गणना इस प्रकार होगी: ;पद्ध जब अंशों का निगर्मन सममूल्य पर हो 3ए60ए000 रुत्र 3ए600 रु100 रु;पपद्ध जब अंशों का निगर्मन बट्टे पर हो 3ए60ए000 रुत्र 4ए000 अंश 90 रु;पपपद्ध जब अंशों का निगर्मन अिामूल्य पर हो 3ए60ए000 रुत्र 3ए000 अंश 120 रुजिन्दल एण्ड लिमिटेड कंपनी की पुस्तकें रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृस. नाम राश्िा ;रु.द्ध जमा राश्िा ;रु.द्ध ;ंद्ध मशीन खाता नाम बैंक खाता हाइर् लाइर्पफ मशीन लिमिटेड से ;मश्ीन का क्रय और 20ए000 रु. का रोकड़ भुगतान, शेष का भुगतान अंशों की निगर्मन द्वाराद्ध 3ए80ए000 20ए000 3ए60ए000 जब अंशों को सममूल्य पर निगर्मित किया जाता है हाइर् लाइर्पफ मश्ीन लिमिटेड नाम 3ए60ए000 ;इद्ध अंश पूँजी खाते से ;3ए600 अंशों का प्रत्येक 100 रु. पर निगर्मनद्ध 3ए60ए000 जब अंशों का निगर्मन बट्टे पर किया जाता है हाइर् लाइर्पफ मश्ीन लिमिटेड नाम 3ए60ए000 निगर्मित अंशों पर बट्टा नाम 40ए000 ;बद्ध अंश पूँजी खाते से ;4ए000 अंशों पर 90 रु. प्रति अंश पर निगर्मनद्ध 4ए00ए000 जब अंशों को अिामूल्य पर निगर्मित किया जाता है हाइर् लाइर्पफ मश्ीन लिमिटेड नाम 3ए60ए000 अंश पूँजी खाते से 3ए00ए000 प्रतिभूति अिामूलय खाते से ;3ए000 अंशों का 120 रु. प्रति अंश पर निगर्मनद्ध 60ए000 स्वयं जांचिये - 2 सही उत्तर का चुनाव करें ;अद्ध समता अंशधारी हैंः ;पद्ध कंपनी के लेनदार। ;पपद्ध कंपनी के स्वामी। ;पपपद्ध कंपनी के ग्राहक। ;बद्धअवास्तविक अंश पूँजी हैः ;पद्ध कंपनी द्वारा निगर्मित किया गया अिाकृत पूँजी का भाग हैः ;पपद्ध पूँजी की राश्िा जो कि प्रस्तावित अंशधारियों द्वारा वास्तव में आवेदित की गइर् है। ;पपपद्ध अंश पूँजी की यह अिाकतम राश्िा जो कि एक कंपनी द्वारा निगर्मन करने के लिए अिाकृत है। ;सद्धसारणी ‘अ’ के अनुसार बकाया माँग पर ब्याज को प्रभार किया जाएगाः ;पद्ध 5ः ;पपद्ध 6ः ;पपपद्ध 8ः ;पअद्ध 11ः ;दद्धसंचालकों द्वारा वास्तव में मांगी गइर् राश्िा से पूवर्, अंशधारियों से प्राप्त अगि्रम राश्िा कोः ;पद्ध अगि्रम माँग खाते के नाम पक्ष में दशार्या जाता है। ;पपद्ध अगि्रम माँग खाते के जमा पक्ष में दशार्या जाता है। ;पपपद्ध माँग खाते के नाम पक्ष में दशार्या जाता है। ;यद्ध अंशों का हरण किया जा सकता हैंः ;पद्ध माँग राश्िा के भुगतान न करने पर ;पपद्ध सभा में उपस्िथत न होने की स्िथति में ;पपपद्ध बैंक )ण में भुगतान की असमर्थता में ;पअद्ध प्रतिभूति के रूप में अंशों के बन्धक होने पर ;रद्ध हरण किए गए अंशों को पुन निगर्मित करने के पश्चात् अंश हरण खाते के शेष को हस्तांतरित किया जाएगाः ;पद्ध सामान्य आरक्ष्िात ;रिजर्वद्ध में ;पपद्ध पूँजी शोधन आरक्ष्िात ;रिजर्वद्ध में ;पपपद्ध पूँजी आरक्ष्िात ;रिजर्वद्ध में ;पअद्ध आगम आरक्ष्िात ;रिजर्वद्ध में 1ण्7 अंशों का हरण ऐसा हो सकता है कि वुफछ अंश धारक एक या अिाक किश्तों अथार्त आबंटन राश्िा या माँग राश्िा का भुगतान करने में असपफल रहें। इस परिस्िथति में कंपनी अंतनिर्यमा में उल्लेख्िात प्रावधान के अनुसार इन अंशों का हरण जैसे कि आबंटन को रदद् करके और प्राप्त राश्िा को जब्त करके, कर सकती है। सामान्यतः यह प्रावधान सारणी अ के नियम 29 से 35 पर आधारित होते हैं जो कि निदेशकों को माँग राश्िा का भुगतान न होने पर अंशों को हरण करने का अिाकार देते हैं इस उद्देश्य के लिए इस संबंध में दी गइर् प्रिया का बड़ी सख्ती से पालन करना होगा। जब अंशों का हरण किया जाता है तो हरण से संबंिात सभी प्रविष्िटयां, अिालाभ के अतिरिक्त, जो कि लेखों में पहले से ही प्रलेख्िात की जा चुकी हैं, की विपरीत प्रविष्टी की जाएगी। इसके अनुसार अंश पूँजी खाते को हरण किये गए अंशों के संबंध में मांगी गइर् राश्िा से नाम किया जाएगा और जमा करेंगे ;1द्ध इस संबंध के भुगतान किया गया माँग खाता या बकाया माँग खाता, न भुगतान की गइर् राश्िा जैसे भी स्िथति हो से, और ;2द्ध अंश हरण खाते में पहले से प्राप्त राश्िा से। अतः रोजनामचा प्रविष्िट इस प्रकार होगी: अंश पूँजी खाता नाम अंश हरण खाते से अंश आबंटन खाते से अंश माँग खाते से ;व्यक्ितगतद्ध ;......... अंशों का हरण, आबंटन और माँग राश्िा के प्राप्त नहीं होने परद्ध टिप्पणीः यदि कंपनी द्वारा माँग की बकाया राश्िा का खाता रखा जा रहा है तो उपयुर्क्त प्रविष्िट से अंश आबंटन और/या फ्अंश माँग या मांगेंय् खाता के बजाय माँग की बकाया राश्िा का खाता जमा होगा। अंश हरण खाते का शेष अंशों के पुननिगर्मित करने तक तुलन पत्रा के दायित्व पक्ष में फ्अंश पूँजी के शीषर्क के अंतगर्त वुफल चुकता पूँजी के अतिरिक्त दशार्यी जाएगी। उदाहरण 11 होंडा लिमिटेड ने 100 रु. प्रत्येक के 10ए000 समता अंशों का निगर्मन किया। जो इस प्रकार देय थेः आवेदन पर 25 रु.ऋ आबंटन पर 30 रु.ऋ प्रथम माँग पर 20 रु. और द्वितीय और अंतिम माँग पर 30 रु.। 10ए000 अंशों के लिए आवेदन और आबंटन हुआ। सुपि्रया द्वारा 300 अंशों पर देय दोनों मांगों को छोड़कर सभी देय राश्िा प्राप्त हुइर्। इन अंशों का हरण किया गया। आवश्यक रोजनामचा प्रविष्िटयाँ करें। 40 लेखाशास्त्रा - कंपनी खाते एवं वित्तीय विवरणों का विश्लेषण हल: होण्डा लिमिटेड की पुस्तकें रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृसं. नाम राश्िा ;रुपयेद्ध जमा राश्िा ;रुपयेद्ध बैंक खाता नाम अंश आवेदन खाते से;10ए000 अंशों पर पर 25 रु. प्रति अंश की दरपर आवेदन राश्िाद्ध 2ए00ए000 2ए00ए000 3ए00ए000 2ए00ए000 2ए00ए000 अंश आवेदन खाता नाम अंश पूँजी खाते से;आवेदन राश्िा को अंश पूँजी में हस्तांतरितद्ध अंश आबंटन खाता नाम अंश पूँजी खाते से;10ए000 अंशों पर 30 रु. प्रति अंश की दर सेआबंटन राश्िा देयद्ध 3ए00ए000 3ए00ए000 बैंक खाता नाम अंश आबंटन खाते से;10ए000 अंशों पर 30 रु. प्रति अंश के दर से प्राप्तआबंटन राश्िाद्ध 2ए00ए000 3ए00ए000 अंश प्रथम माँग खाता नाम अंश पूँजी खाते से;10ए000 अंशों पर 20 रु. प्रति अंश की दर सेप्रथम माँग राश्िा देयद्ध 1ए94ए000 3ए00ए000 2ए00ए000 1ए94ए000 बैंक खाता नाम अंश प्रथम माँग खाते से;300 अंशों पर छोड़कर प्रथम माँग राश्िा प्राप्त होने परद्ध अंश द्विततीय और अंतिम माँग खाता नाम अंश पूँजी खाते से;द्वितीय और अंतिम माँग राश्िा 10ए000 अंशों पर 30 रु. प्रति अंश की दर से देय होने परद्ध 2ए91ए000 3ए00ए000 बैंक खाता नाम अंश द्वितीय और अंतिम माँग खाते से;300 अंशों के अतिरिक्त द्वितीय और अंतिम मांगराश्िा के प्राप्त होने परद्ध 30ए000 2ए91ए000 अंश पूँजी खाता नाम अंश प्रथम माँग खाते से 6ए000 अंश द्वितीय और अंतिम माँग खाते से 9ए000 अंश हरण खाते से;300 अंशों को हरण करने परद्ध 15ए000 अिामूल्य पर निगर्मित अंशों का हरण: जब अंशों को अिालाभ पर निगर्मित किया जाता है और अिालाभराश्िा को पूणर् रूप से वसूली कर ली जाती है, तथा बाद में वुफछ अंशों का मांगी गइर् राश्िा के भुगतान नहोने के कारण हरण कर लिया जाता है तो जब्त अंशों का लेखांकन व्यवहार, सममूल्य पर निगर्मित अंशों कीतरह ही होगा। इस संदभर् में महत्त्वपूणर् बात यह है कि अंश अिालाभ खाते को, हरण के समय नाम नहींकिया जाएगा, यदि हरण किये गए अंशों के संबंध में अिालाभ को प्राप्त कर लिया गया है।इस स्िथति में यदि अिालाभ राश्िा को आंश्िाक या पूणर् रूप से प्राप्त नहीं किया गया है तो हरण किएगए अंशों के संबंध में, अंश अिालाभ खाते को भी अप्राप्त अिालाभ राश्िा और अंश पूँजी खाते को अंशोंके हरण के समय नाम किया जाएगा। आमतौर पर यह स्िथति आबंटन के समय देय राश्िा के प्राप्त न होनेपर उत्पन्न होती है। अतः हरण किये गए अंशों को अिालाभ पर निगर्मितऋ जिन पर अिालाभ पूणर् रूप सेप्राप्त नहीं हुआ है को प्रलेख्िात करने के लिए रोजनामचा प्रविष्िट होगीःअंश पूँजी खाता नाम प्रतिभूति अिामूल्य खाता नाम अंश हरण खाते से अंश आबंटन खाते से और/या अंश माँग खाते से ;व्यक्ितगतद्ध ;...... आबंटन और माँग राश्िा का भुगतान न होने पर अंशों का हरणद्ध टिप्पणीः - जहां बकाया माँग खाता बनाया जाता है तो, बकाया माँग खाते को जमा करेंगेऋ अंश आबंटन या/अंश माँग या/माँग खाते को नहीं। उदाहरण 12 सुशील, जिसके पास 120 रु. ;अंश मूल्य 100 रु.द्ध प्रत्येक के 1000 अंश हैंऋ ने द्वितीय एवं अंतिम माँग,जो कि 20 रु. प्रति अंश है, का भुगतान नहीं किया । कंपनी द्वारा इन अंशों का हरण कर लिया गया। आवश्यकरोजनामचा पविष्टयाँ करें। तिथ्िा विवरण ब.पृसं. नाम राश्िा ;रुपयेद्ध जमा राश्िा ;रुपयेद्ध अंश पूंजी खाता द्वितीय एवं अंतिम माँग खाते से अंश हरण खाते से ;द्वितीय एवं अंतिम माँग का भुगतान न होने पर 1000 अंशों का हरणद्ध नाम 1,00,000 20,000 80,000 उदाहरण 13 सुनयना, जिसके पास 10 रु. प्रत्येक के 500 अंश हैं उसने आबंटन राश्िा 4 रु. प्रति अंश ;2 रु. अिामूल्य सहितद्ध और 3 रु. की प्रथम और अंतिम माँग राश्िा का भुगतान नहीं किया। उसके अंशों को प्रथम और अंतिम माँग के बाद हरण कर लिया गया। अंशों का हरण करने की रोजनामचा प्रविष्िट करें। हल तिथ्िा विवरण ब.पृसं. नाम राश्िा ;रु.द्ध जमा राश्िा ;रु.द्ध अंश पूँजी खाता नाम प्रतिभूति अिामूल्य खाता नाम अंश आबंटन खाते से अंश प्रथम और अंतिम माँग खाते से अंश हरण खाते से ;500 अंशों का प्रथम और अंतिम माँग का भुगतान न करने पर हरणद्ध 5ए000 1ए000 2ए000 1ए500 2ए500 बटटे पर निगर्मित अंशों का हरण: जब हरण किये गए अंशों को वास्तव में बटटे पर निगर्मित किया जाता है, तो इन अंशों पर लागू बट्टे की राश्िा को रदद् या अपलिख्िात किया जाएगा। इस लिए हरण के समय अंशों पर बट्टे खाते को जमा करेंगे। बट्टे पर निगर्मित अंश खाताऋ अंश पूँजी खाते के पूवर् भाग के शेष से संबंध रखता है। अंतः हरण की रोजनामचा प्रविष्िट अभ्िालेख्िात होगीः अंश पूँजी खाता नाम अंश हरण खाते से अंश के निगर्मन पर व्यय खाते से अंश आबंटन खाते से अंश माँग खाते से अथवा माँग बकाया राश्िा के खाते से ;...... अंशों का हरण, आबंटन और माँग की राश्िा का भुगतान न करने परद्ध उदाहरण 14 मदान लिमिटेड ने 100 रु. प्रत्येक वाले 20ए000 अंश 10ः बट्टे पर निगर्मित करने के लिये आवेदन पर 25 रु.ऋ आबंटन पर 25 रु.ऋ प्रथम माँग पर 25 रु. और द्वितीय और अंतिम माँग पर 15 रु. आमंत्रिात किये। रीतू जिसने 1ए000 अंशों के लिए आवेदन किया और 600 अंशों का आबंटन किया गया और अिाक आवेदन राश्िा को आबंटित अंशों पर आवेदन राश्िा में समायोजित किया जायेगा। इन अंशों का हरण प्रथम माँग के पश्चात किया गया। हरण के व्यवहारों की रोजनामचा प्रविष्िट करें यदि वह भुगतान करने में असमर्थ होगीः 1ण् आबंटन और प्रथम माँग राश्िाऋ और 2ण् केवल प्रथम मांग हल मदान लिमिटेड की पुस्तवेंफ रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृसं. नाम राश्िा ;रु.द्ध जमा राश्िा ;रु.द्ध अंश पूँजी खाता नाम अंश के निगर्मन पर बट्टा खाते से अंश आबंटन खाते से अंश प्रथम माँग खाते से अंश हरण खाते से ;600 अंशों का हरण, प्रथम माँग के पश्चात, आबंटन और प्रथम माँग राश्िा का भुगतान न करने परद्ध 51ए000 6ए000 5ए000 15ए000 25ए000 टिप्पणीः आबंटन पर 15ए000 रु. राश्िा प्राप्य है जबकि 10ए000 रु. की अिाक प्राप्त आवेदन राश्िा 10ए000 रु. को आबंटन खाते में समायोजित करने के पश्चात केवल 5ए000 रु. की आबंटन राश्िा देय हैं। 2ण् जब केवल प्रथम माँग राश्िा का भुगतान न किया गया हो। तिथ्िा विवरण ब.पृसं. नाम राश्िा ;रु.द्ध जमा राश्िा ;रु.द्ध अंश पूँजी खाता नाम अंशों के निगर्मन पर बट्टा खाते से अंश प्रथम माँग खाते से अंश हरण खाते से ;प्रथम माँग के पश्चात 600 अंशों का हरण, प्रथम माँग राश्िा का भुगतान न करने परद्ध 51ए000 6ए000 15ए000 30ए000 उदाहरण 15 अशोक लिमिटेड ने 10 रु. प्रत्येक के 3ए00ए000 समता अंशों को 2 रु. प्रति अंश के अिालाभ पर जारी किया। आवेदन पर 3 रु. आबंटन पर 5 रु. ;अिामूल्य सहितद्ध और शेष राश्िा दो माँगों पर देय है। 4ए00ए000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त हुए। सब आवेदनों पर आनुपातिक आबंटन किया गया। आवेदन पर प्राप्त अतिरिक्त राश्िा आबंटन पर देय राश्िा में समायोजित की गइर् श्री मुकेश, जिन्हें 800 अंश आबंटित किए गए, दोनों माँग राश्िा का भुगतान करने में असपफल रहे और उनके अंशों का हरण द्वितीय माँग के पश्चात किया गया। अशोक लिमिटेड की पुस्तकों में आवश्यक रोजनामचा प्रविष्िटयों का अभ्िालेखन करें और तुलन पत्रा में भी दशार्ये। हल अशोक लिमिटेड की पुस्तकें रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृसं. नाम राश्िा ;रु.द्ध जमा राश्िा ;रु.द्ध बैंक खाता नाम समता अंश आवेदन खाते से ;4ए00ए000 अंशों पर आवेदन राश्िा प्राप्तद्ध 12ए00ए000 12ए00ए000 12ए00ए000 समता अंश आवेदन खाता नाम समता अंश पूँजी खाते से 9ए00ए000 समता अंश आबंटन खाते से ;3ए00ए000 अंशों की आवेदन राश्िा का अंश पूँजी में हस्तांतरण और अतिरिक्त राश्िा का अंश आबंटन खाते में समायोजनद्ध 1ए50ए000 3ए00ए00 समता अंश आबंटन खाता नाम समता अंश पूँजी खाते से 9ए00ए000 प्रतिभूति अिामूल्य खाते से ;3ए00ए000 अंशों पर आबंटन राश्िा देयद्ध 12ए00ए000 6ए00ए000 बैंक खाता नाम समता अंश आबंटन खाते से ;आवेदन पर अतिरिक्त राश्िा के समायोजन के पश्चात अंशों पर आबंटन राश्िा प्राप्तद्ध 6ए00ए000 5ए98ए400 12ए00ए000 6ए00ए000 समता अंश प्रथम माँग खाता नाम समता अंश पूँजी खाते से ;3ए00ए000 अंशों पर प्रथम माँग राश्िा देयद्ध बैंक खाता नाम माँग बकाया राश्िा खाता नाम 1ए600 समता अंश प्रथम माँग खाते ;2ए99ए200 अंशों पर प्रथम माँग राश्िा प्राप्तद्ध 6ए00ए000 समता अंश द्वितीय और अंतिम माँग खाता समता अंश पूँजी खाते से ;द्वितीय माँग राश्िा देयद्ध नाम 6ए00ए000 5ए98ए400 1ए600 8ए000 6ए00ए000 6ए00ए000 4ए800 3ए200 बैंक खाता बकाया माँग खाता समता अंश द्वितीय और अंतिम माँग खाते से ;2ए99ए200 अंशों पर प्रथम माँग राश्िा प्राप्तद्ध नाम नाम समता अंश पूँजी खाता अंश हरण खाते से माँग खाते से ;800 अंशों का हरणद्ध नाम ......... को अशोक लिमिटेड का तुलन पत्रा दायित्व राश्िा परिसंपिायाँ राश्िा अंश पूँजी प्रतिभूति अिामूल्य अंश हरण 29ए92ए000 6ए00ए000 4ए800 बैंक 35ए96ए800 35ए96ए800 35ए96ए800 उदाहरण 16 हाइर् लाइर्ट इंडिया लिमिटेड ने 100 रु. प्रत्येक के 30ए000 अंशों को 20 रु. प्रति अंश अिामूल्य के लिए आवेदन पत्रा आमंत्रिात किए जो निम्न प्रकार देय हैंः रु आवेदन पर 40 ;10 रु. अिामूल्य सहितद्ध आबंटन पर 30 ;10 रु. अिामूल्य सहितद्ध प्रथम माँग पर 30 द्वितीय और अंतिम माँग पर 20 40ए000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त हुए और 35ए000 अंशों के आवेदकों को अंशों का अनुपातिक आबंटन किया गया। अतिरिक्त आवेदन राश्िा को आबंटन खाते में उपयोग किया गया। रोहन, जिसको 600 अंशों का आबंटन हुआ था आबंटन राश्िा का भुगतान करने में असपफल रहा और उसके अंशों का आबंटन के पश्चात हरण कर लिया गया। अमन जिसने 1050 अंशों के लिए आवेदन किया था प्रथम माँग राश्िा का भुगतान करने में असपफल रहा और उसके अंशों का प्रथम माँग के पश्चात हरण कर लिया गया। द्वितीय और अंतिम माँग मांगी गइर् और द्वितीय माँग पर देय सभी राश्िा प्राप्त हुइर्। हरण किए गए अंशों में से 1ए000 अंशों को 80 रु. प्रति अंश के पूणर् भुगतान पर पुनः निगमिर्त किया गया। जिसमें अमन के सारे अंश शामिल है। हाइर् लाइर्ट लिमिटेड की पुस्तकों में आवश्यक रोजनामचा प्रविष्िटयाँ करें। हल: अशोक लिमिटेड की पुस्तकें रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृसं. नाम राश्िा ;रु.द्ध जमा राश्िा ;रु.द्ध बैंक खाता नाम अंश आवेदन खाते से ;40ए000 अंशों पर आवेदन राश्िाद्ध 16ए00ए000 14ए00ए000 16ए00ए000 अंश आवेदन खाता नाम अंश पूँजी खाते से 9ए00ए000 प्रतिभूति प्रीमियम खाते से 3ए00ए000 अंश आवेदन खाते से ;आवेदन राश्िा का अंश पूँजी खाते, प्रतिभूति अिामूल्य खाता और अतिरिक्त राश्िा का अंश आबंटन खाते में हस्तांतरणद्ध 9ए00ए000 2ए00ए000 अंश आबंटन खाता नाम अंश पूँजी खाते से 6ए00ए000 प्रतिभूति प्रीमियम खाते से ;आबंटन पर देय राश्िाद्ध 2ए00ए000 6ए86ए000 30ए000 3ए00ए000 2ए00ए000 6ए86ए000 अंश आवेदन खाता नाम बैंक खाते से ;500 अंशों की धनराश्िा वापसद्ध बैंक खाता नाम अंश आबंटन खाते से ;आबंटन पर प्राप्त राश्िाद्ध अंश पूँजी खाता नाम प्रतिभूति अिामूल्य खाता नाम 12ए000 अंश आबंटन खाते से 14ए000 अंश हरण खाते से ;रोहन के 600 अंशों का हरण आबंटन राश्िा के प्राप्त न होने परद्ध 28ए000 अंश प्रथम माँग खाता नाम अंश पूँजी खाते से ;29ए400 अंशों पर प्रथम माँग राश्िा देयद्ध 8ए82ए000 8ए55ए000 72ए000 8ए82ए000 8ए55ए000 बैंक खाता नाम अंश प्रथम माँग खाते से ;28ए500 अंशों पर प्रथम माँग राश्िा प्राप्तद्ध अंश पूँजी खाता नाम अंश प्रथम माँग खाते से 27ए000 अंश हरण खाते से ;अमन के 900 अंशों का हरणद्ध 5ए70ए000 5ए70ए000 80ए000 45ए000 5ए70ए000 5ए70ए000 अंश द्वितीय और अंतिम माँग खाता नाम अंश पूँजी खाते से ;28ए500 अंशों पर द्वितीय और अंतिम माँग राश्िा देयद्ध बैंक खाता नाम अंश द्वितीय और अंतिम माँग खाते से ;देय राश्िा प्राप्तद्ध बैंक खाता नाम अंश हरण खाते से नाम 20ए000 अंश पूँजी खाते से ;1ए000 हरण अंशों का पुननिगर्मनद्ध 29ए666 1ए00ए000 अंश हरण खाता नाम पूँजी आरक्ष्िात खाते से ;1ए000 अंशों के पुननिगर्मन पर लाभ का पूँजी आरक्ष्िात खाते में हस्तांतरणद्ध 29ए666 कायर्कारी टिप्पणी: ;प्द्ध रोहन के आवेदन पर प्राप्त अतिरिक्त राश्िा रोहन के आबंटित 600 अंश उसने आवेदन किया 35ए000 रु.´ 600 त्र 700 अंश 30ए000 रुरुरोहन से प्राप्त राश्िा त्र 700 × 40 रु.28ए000 आवेदन पर समायोजित राश्िा त्र 600 × 40 रु.;24ए000द्ध आबंटन पर समायोजित राश्िा 4ए000 आबंटन पर देय राश्िा त्र 600 × 30 रु.18ए000 समायोजित राश्िा ;4ए000द्ध आबंटन पर देय शेष राश्िा 14ए000 ;प्प्द्ध आबंटन पर प्राप्त राश्िा आबंटन पर वुफल देय राश्िा त्र 30ए000 रु.× 30 रु.त्र 9ए00ए000 आवेदन पर प्राप्त राश्िा ;2ए00ए000द्ध 7ए00ए000 रोहन के अंशों पर प्राप्त राश्िा ;14ए000द्ध आबंटन पर प्राप्त राश्िा 6ए86ए000 ;प्प्प्द्ध 29ए400 अंशों पर प्रथम माँग राश्िा देय 29ए400 × 30 रु.त्र 8ए82ए000 900 अंशों पर प्रथम माँग राश्िा देय 900 × 30 रु.;27ए000द्ध 8ए55ए000 ;प्टद्ध 1ए000 अंशों का पुनः निगर्मन, अमन के 900 अंश और शेष 100 अंश रोहन के सहित रु28ए000 100 अंशों पर लाभ त्र 600 ´100 त्र 4ए666 900 अंशों पर लाभ त्र 45ए000 49ए666 घटायाः 1ए000 अंशों के निगर्मन पर हानि ;20ए000द्ध 29ए666 ;टद्ध अंश हरण खाते में 500 अंशों का शेष 28ए000 ´ 500 रु.त्र 23ए334 रु600 स्वयं करें 1ण् एक कंपनी ने 10 रु. प्रत्येक के 100 समता अंशों जो 20ः प्रीमियम पर निगर्मित किए 5 रु. की अंतिम माँग राश्िा के भुगतान न करने पर हरण किया। आवश्यक रोजनामचा प्रविष्ट दें। 2ण् एक कंपनी ने 10 रु. प्रत्येक के 800 समता अंशों, जिनको 10ः बट्टे पर निगर्मित किया गया था प्रत्येक 2 रु. के दो माँग का भुगतान प्राप्त न हाने पर हरण किया। कंपनी द्वारा हरण कि गइर् राश्िा की गणना करें और अंशों का हरण करने की रोजनामचा प्रविष्िटयाँ करें। उदाहरण 17 एक्स लिमिटेड ने 10 रु. प्रति अंश के 40ए000 समता अंशों को 2 रु. प्रति अंश अिालाभ पर सावर्जनिक अभ्िादान हेतु निम्नलिख्िात शतो± पर निगर्मन कियाः आवेदन पर 4 रु. प्रति अंश आबंटन पर 5 रु. प्रति अंश ;अिामूल्य शामिल हैद्ध माँग पर 3 रु. प्रति अंश 60ए000 अंशों के लिए आवेदन पत्रा प्राप्त हुए। 48ए000 अंशों के आवेदकों को आनुपातिक आबंटन किया गया, शेष आवेदनों को अस्वीकार कर दिया गया। आवेदन पर प्राप्त अतिरिक्त राश्िा आबंटन पर देय राश्िा के प्रति समायोजित की गइर्। श्री चिटनिस, जिन्हें 1ए600 अंश आबंटित किए गए, आबंटन राश्िा का भुगतान करने में असपफल रहे और श्री जगदले, जिन्हें 2ए000 अंशों का आबंटन किया गया, माँग राश्िा का भुगतान न कर सके। इन अंशों का हरण कर लिया गया। उपयुर्क्त लेनदेन का कंपनी की पुस्तकों में रोजनामचा प्रविष्िटयाँ करें। हल अशोक लिमिटेड की पुस्तकें रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृसं. नाम राश्िा ;रु.ेद्ध जमा राश्िा ;रु.द्ध बैंक खाता नाम समता अंश आवेदन खाते से ;60ए000 अंशों पर आवेदन राश्िाद्ध 2ए40ए000 2ए40ए000 2ए40ए000 समता अंश आवेदन खाता नाम समता अंश पूँजी खाते से 1ए60ए000 समता अंश आबंटन खाते से 32ए000 बैंक खाते से ;आवेदन राश्िा का अंश पूँजी में हस्तांतरण, अतिरिक्त आवेदन राश्िा का अंश आबंटन खाते में समायोजन, औरअस्वीकृत आवेदन राश्िा की वापसीद्ध 2ए00ए000 48ए000 समता अंश आबंटन खाता नाम समता अंश पूँजी खाते से 1ए20ए000 प्रतिभूति प्रीमियम खाते से ;40ए000 अंशों पर 6 रु. अिालाभ सहित प्रति अंश की दर से आबंटन राश्िा देयद्ध 80ए000 बैंक खाता नाम बकाया माँग आबंटन खाता नाम समता अंश आबंटन खाते से ;अंशों पर 3 रु. प्रति अंश की दर से प्रथम माँग राश्िा देयद्ध 1ए61ए280 6ए720 1ए20ए000 1ए68ए000 समता अंश माँग खाता नाम समता अंश पूँजी खाते से ;40ए000 अंशों पर 3 रु. प्रति अंश की दर से प्रथम माँग राश्िा देयद्ध 1ए09ए200 1ए20ए000 बैंक खाता नाम बकाया माँग खाता नाम 10ए800 समता अंश माँग खाते से ;अंशों पर प्रथम माँग राश्िा प्राप्तद्ध 36ए000 1ए20ए000 समता अंश पूँजी खाता नाम प्रतिभूति अिामूल्य खाता नाम 3ए200 अंश हरण खाते से 21ए680 बकाया माँग खाते से ;3ए600 अंशों का हरणद्ध 17ए520 कायर्कारी टिप्पणी: प्ण् आबंटन पर प्राप्त राश्िा ;कद्ध आबंटन पर देय राश्िा रु ;40ए000 अंश पर प्रति अंश 5 रु.द्ध 2ए00ए000 ;खद्ध आबंटन पर वास्तविक देय राश्िा 2ए00ए000 घटायाःअध्िक आवेदन राश्िा ;32ए000द्ध आबंटन पर देय राश्िा 1ए68ए000 ;गद्ध चिटनिस के अंशों पर देय आबंटन राश्िा 1600 अंश × 5 रु. प्रति अंश 8ण्000 घटाया: आनुपातिक वितरण के कारण प्राप्त अतिरिक्त आवेदन राश्िा ;1920 अंश दृ 1600 अंशद्ध × 4 ;1ए280द्ध श्री चिटनिस से देय आबंटन राश्िा 6ए720 1ए600 अंशों के आबंटन के लिए आनुपातिक वितरण के अनुपात के अनुसार ;40ए000 रू 48ए000 अंशद्ध चिटनिस ने 1ए920 अंशों के लिए ;1ए600 अंश × 6ध्5द्ध आवेदन होगा। ;घद्ध आबंटन पर प्राप्त राश्िा: आबंटन पर वास्तविक देय राश्िा 1ए68ए000 घटाया: चिटनिस द्वारा भुगतान न की गइर् राश्िा प्राप्त राश्िा ;6ए720द्ध प्राप्त राश्िा 1ए61ए280 प्प्ण् हरण किए गए अंश खाते का शेष चिटनिस द्वारा दी गइर् राश्िा 1ए920 अंशों के आवेदन × 4 रु. प्रति अंश 7ए680 जगदले द्वारा दी गइर् राश्िा 14ए000 2ए000 अंश × ;2 ़ 3द्ध रुवुफल राश्िा 21ए680 टिप्पण्ीः जगदले के अंशों पर अिालाभ को लेखे में नहीं लिया जाएगा, क्योंकि यह कंपनी द्वारा पूणर्तः प्राप्त कर लिया गया है। 1ण्7ण्1 हरण किये गए अंशों का पुनः निगर्मन संचालक हरण किए गए अंशों को रद्द या पुनः निगर्मित कर सकते हैं। अिाकतर स्िथतियों में हालांकि, वह विश्िाष्ट अंशों को जो कि सममूल्यऋ अिालाभऋ या बट्टे पर पुनः निगर्मित कर सकते हैं, सामान्यतः हरण किए गए अंशों का निगर्म पूणर् भुगतान प्राप्त या बट्टे पर किया जाता है। इस संदभर् में यह स्मरणीय है कि बट्टा की राश्िा, हरण किये गए अंशों के वास्तविक निगर्मन की राश्िा से अिाक नहीं होगी और हरण किये गए अंशों के पुनः निगर्मन पर प्रदान बट्टे को अंश हरण खाते में नाम किया जाएगा और यदि अंश हरण खाते में कोइर् शेष हो तो इसे पूँजीगत लाभ माना जाएगा और इसे पूँजी आरक्ष्िात खाते में हस्तांतरित किया जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि एक कंपनी 10 प्रत्येक के 200 अंशों का हरण करती है जिस पर 600 रुप्राप्त है, इन अंशों के पुनः निगर्मन पर अिाकतम 600 रु. का बट्टा दिया जा सकता है मानलें कि कंपनी ने इन अंशों का पुनः निगर्मन 1800 रु. में पूणर् भुगतान प्राप्त में किया जायेगा। आवश्यक रोजनामचा प्रविष्िट इस प्रकार होगी। बैंक खाता अंश हरण खाता अंश पूँजी खाते से ;200 हरण किये गये अंशों का पुनः निगर्मन 9 रुप्रति अंश के पूणर् भुगतान परद्ध नाम नाम 1800 200 2000 अंश हरण खाता पूँजी आरक्ष्िात खाते से ;हरण किये गये अंशों पर लाभ का हस्तांतरणद्ध नाम 400 400 इस संदभर् में एक अन्य महत्वपूणर् तथ्य यह है कि पूँजीगत लाभ केवल हरण किए गए अंशों के पुनः निगर्मन पर ही उत्पन्न होता है, सभी हरण किए गए अंशों पर नहीं। इसलिए जब हरण किए गए अंशों का कोइर् माँग पुनः निगर्मित किया जाता है तो अंश हरण खाते की सम्पूणर् राश्िा को पूँजी खाते में हस्तांतरित नहीं किया जा सकता। इस प्रकार की स्िथति में हरण किये गए अंशों के पुनः निगर्मन से संबंिात आनुपतिक शेष को पूँजी आरक्ष्िात में हस्तांतरित किया जाएगाद्ध यह निश्िचत करते हुए कि अंश हरन खाते का बचा हुआ शेष, हरण किये गए अंशों जो कि अभी जारी नहीं किए गए हैं की राश्िा के बराबर होगी। उदाहरण 18 पोली प्लास्िटक लिमिटेड के संचालकों ने 100 रु. प्रत्येक के 200 समता अंशों को द्वितीय और अंतिम माँग का भुगतान न होने पर जब्त करने का निणर्य लिया। इन अंशों में से 150 अंश मोहित को 60 रु. प्रति अंश पर पुनः निगर्मित किये गये। आवश्यक रोजनामचा प्रविष्िटयाँ करें। हल पोली प्लासटीक लिमिटेड की पुस्तकें रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृसं. नाम राश्िा ;रु.द्ध जमा राश्िा ;रु.द्ध अंश पूँजी खात अंश हरण खाते से अंश द्वितीय और अंतिम माँग खाते से ;200 अंशों का द्वितीय और अंतिम माँग 30 रुप्रति अंश भुगतान न हाने पर हरणद्ध नाम 20ए000 9ए000 14ए000 6ए000 बैंक खाता नाम अंश हरण खाता नाम 6ए000 अंश पूँजी खाते से ;100 रु. प्रत्येक के 150 अंशों का 60 रुप्रत्येक पूणर् भुगतान पर पुनः निगर्मनद्ध 4ए500 15ए000 अंश हरण खाता नाम पूँजी आरक्ष्िात खाते से ;150 पुनः निगर्मित अंशों पर लाभ का पूँजी आरक्ष्िात में हस्तांतरणद्ध 4ए500 कायर्कारी टिप्पणी: रु200 अंशों पर हरण की गइर् वुफल राश्िा त्र 14ए000 ;200 × 70 रु.द्ध 150 अंशों पर हरण की राश्िा त्र 10ए500 ;150 × 70 रु.द्ध 50 अंशों पर हरण की राश्िा त्र 3ए500 ;50 × 70 रु.द्ध 150 अंशों पर हरण की राश्िा त्र 6ए000 ;150 × 40 रु.द्ध अंशों के पुन निगर्मन पर लाभ को पूँजी आरक्ष्िात में हस्तांतरण की राश्िा। त्र 4ए500 ;10ए500 रु.दृ 6ए000 रु.द्ध अंश हरण खाते में रह गया शेष त्र 4ए500 ;14ए000 रु.दृ 6ए000 रु.दृ 3500 रु.द्ध उदाहरण 19 जनवरी 1ए 2002 को एक्स लिमिटेड के संचालाकों ने 50ए000 अंशों को 10 रु. प्रति अंश के मूल्य के अंशों को प्रति अंश 12 रु. पर जनता को क्रय करने के लिए जारी किए, जो इस प्रकार देय हैंः आवेदन पर 5 रुपए ;प्रीमियम सहितद्ध, आबंटन पर 4 रुपए और शेष एक मइर्, 2002 को। 10 पफरवरी, 2002 को अभ्िादान सूची बंद कर दी गइर्, इन दिन तक 70ए000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त हुए। प्राप्त राश्िा में से 40ए000 रु. वापस कर दिए गए और 60ए000 रु. आबंटन पर देय राश्िा के साथ समायोजन हेतु रख दिये, जिसको शेष रकम 16 पफरवरी, 2002 को भुगतान कर दी गइर्। सिवाय 500 अंशों के आबंटियों के सभी अंशधारकों ने एक मइर्, 2002 को देय माँग राश्िा का भुगतान कर दिया। इन अंशों को 29 सितंबर, 2002 को जब्त कर लिया गया और 1 नवंबर, 2002 को प्रति अंश 8 रु. पर पूणर् प्रदत्त्स मानते हुए पुनः निगर्मन किया गया। कंपनी नीति के अनुसार कंपनी माँग की बकाया राश्िा का खाता नहीं रखती। कंपनी की बहियों में अंश पूँजी लेनदेन रोजनामचा प्रविष्िटयाँ करें। हल एक्स लिमिटेड की पुस्तकें रोजनामचा तिथ्िा 2002 विवरण ब.पृसं. नाम राश्िा ;रुपयेद्ध जमा राश्िा ;रुपयेद्ध पफर.10 बैंक खाता नाम समता अंश आवेदन व आबंटन खाते से ;70ए000 अंशों पर 5 रु. प्रति अंश की दर से प्राप्त आवेदन राश्िाद्ध 3ए50ए000 3ए50ए000 पफर.16 पफर.16 समता अंश आवेदन व आबंटन खाता नाम समता अंश पूँजी खाते से अंश अिालाभ खाते से ;आबंटन 50ए000 अंशों पर आवेदन राश्िा का अंश पूँजी व अिालाभ खाते में हस्तांतरणद्ध 2ए50ए000 2ए00ए000 1ए50ए000 1ए00ए000 समता अंश आवेदन व आबंटन खाता नाम पफर.16 पफर.16 समता अंश पूँजी खाते से ;प्रति अंश 4 रु. की दर से 50ए000 अंशों के आबंटन पर देय राश्िाद्ध 40ए000 1ए00ए000 2ए00ए000 40ए000 समता अंश आवेदन खाता नाम बैंक खाते से;अस्वीकृत आवेदन की धनराश्िा वापसद्ध बैंक खाता नाम समता अंश आवेदन व आबंटन खाते से 1ए40ए000 मइर् 1 मइर् 1 सित.29 समता अंश अबटन खाते से ;आबंटन राश्िा प्राप्तद्ध 1ए50ए000 1ए48ए500 5ए000 60ए000 1ए50ए000 1ए48ए500 बैंक खाता नाम प्रथम व अंतिम माँग खाते से ;प्रथम माँग राश्िा प्राप्तद्ध बैंक खाता नाम प्रथम व अंतिम माँग खाते से ;150 पुनः निगर्मित अंशों पर लाभ का पूँजी समता अंश पूँजी खाता नाम अंश हरण खाते से 3ए500 नव.1 समता अंश प्रथम व अंतिम मांग खाते से ;माँग राश्िा भुगतान न करने पर 500 अंशों का हरणद्ध 4ए000 1ए500 बैंक खाता नाम अंश हरण खाता नाम 1ए000 नव.1 समता अंश पूँजी खाते से ;प्रति अंश 8 रु. पर पूणर् प्रदत्त की तरह 5ए000 हरण किए गए अंशों का पुनः निगर्मनद्ध 2ए500 5ए000 अंश हरण खाता नाम पूँजी आरक्ष्िात खाते से ;हरण किए गए अंशों की बकाया रकम पूँजी आरक्ष्िात में हस्तांतरितद्ध 2ए500 उदाहरण 20 एक लिमिटेड कंपनी ने प्रत्येक 10 रु. के 1ए000 समता अंश, जो 10 प्रतिशत बट्टे पर जारी किए गएथे, हरण कर लिए, क्योंकि प्रत्येक अंश पर 2 रु. की दर से प्रथम माँग राश्िा और 3 रु. की दर से द्वितीयमाँग राश्िा का भुगतान नहीं किया गया।ये अंश पूणर् प्रदत्त अंश मानते हुए फ्कय् को 7ए000 रुपए की रकम देने पर पुनः जारी किए गए।कंपनी माँग की बकाया राश्िा का खाता रखती है। 1ए000 अंशों के जब्त करने और उनके पुनः निगर्मन से संबंिात कंपनी की बहियों में रोजनामचा प्रविष्िटयाँ करें। हल लिमिटेड की पुस्तकें रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृसं. नाम राश्िा ;रु.द्ध जमा राश्िा ;रु.द्ध समता अंश पूँजी खाता नाम अंश हरण खाते सेअंशों के निगर्मन पर बट्टा खाते सेबकाया अंश माँग खाते से;1ए000 अंशों का माँग पर देय राश्िा का भुगतान नहींकरने के कारण जब्तीकरण तथा आबंटन पर दिए गएबट्टे को उपलिख्िात किया गयाद्ध 10ए000 7ए000 4ए000 1ए000 5ए000 बैंक खाता नाम अंशों के निगर्मन पर बट्टा खाता नाम 1ए000 अंश हरण खाता नाम 2ए000 समता अंश पूँजी खाते से;अहरण किए गए 1ए000 अंशों को पूणर्दत्त अंशों के रूप में 7 रु. प्रति अंश पुनः जारी किया गया, बट्टेको उपलिख्िात करने के पश्चात् शेष राश्िा अंश हरणखाते में नाम किया गयाद्ध 2ए000 10ए000 2ए000 अंश हरण खाता नाम पूँजी आरक्ष्िात खाते से;अंश हरण खाते को बंद किया गयाद्ध उदाहरण 21 ओ लिमिटेड ने 10 रु. प्रति 2ए00ए000 समता अंश 2 रु. के अिालाभ पर प्रस्तावित करते हुए विवरण - पत्रा जारी किया। यह इस प्रकार देय थे: आवेदन पर प्रति अंश 2ण्50 रुआबंटन पर प्रति अंश 4ण्50 रु;अिामूल्य सहितद्ध प्रथम माँग पर ;आबंटन के 3 महीने बादद्ध प्रति अंश 2ण्50 रुद्वितीय माँग पर ;प्रथम माँग के 3 महीने के बादद्ध प्रति अंश 2ण्50 रु23 अप्रैल, 2002 को 3ए17ए000 अंशों के क्रय के लिए आवेदन प्राप्त हुए और 30 अप्रैल को निम्न प्रकार से आबंटन किया गया: 1ण् पूणर् आबंटन ;दो आवेदकों ने, जिन में से प्रत्येक ने 4ए000 अंशों के रुपए आवेदन संबंध में किया था, आबंटन पर पूणर् राश्िा का भुगतान कियाद्ध 38ए000 रु2ण् प्रत्येक 3 अंशों के आवेदन पर 2 अंशों का आबंटन किया 1ए60ए000 रु3ण् प्रत्येक 4 अंशों के आवेदन पर 1 अंश का आबंटन किया 2ए000 रु77ए500 रु. की नकद राश्िा ;3ए100 अंशों के लिए आवेदन पत्रा के साथ प्राप्त आवेदन शुल्क राश्िा जिस पर कोइर् आबंटन नहीं कियाद्ध आवेदकों को वापस 6 मइर्, 2002 कर दी गइर्। 100 अंशों पर अंतिम माँग राश्िा को छोड़कर बाकी सभी आबंटियों से माँग राश्िा देय तिथ्िा पर प्राप्त की गइर्। इन अंशों को 15 नवंबर, 2002 का हरण कर लिया गया और 16 नवंबर को 9 रु. प्रति अंश पर ‘अ’ को पुनः निगर्मित किया गया। ओ लिमिटेड की बहियों में नकद के अलावा अन्य से संबंिात रोजनामचा प्रविष्िटयाँ कीजिए और यह भी बताइए जब कंपनी ने 31 अक्तूबर, 2002 से देय ब्याज नकद में भुगतान किया है, तो इसे तुलन पत्रा में किस प्रकार दशार्या जाएगा। हलओ लिमिटेड की पुस्तकें रोजनामचा तिथ्िा 2002 विवरण ब.पृसं. नाम राश्िा ;रु.द्ध जमा राश्िा ;रु.द्ध अप्रैल 30 समता अंश आवेदन खाता नाम समता अंश पूँजी खाते से समता अंश आबंटन खाते से अगि्रम माँग खाते से ;आबंटन अगि्रम राश्िा के बाद आवेदन धनराश्िा का अंश पूँजी में हस्तांतरण और आनुपातिक आबंटन के कारण 86ए000 अंशों पर आिाक्य आवेदन पत्रा रकम अंश आबंटन खाते में जमाद्ध 7ए15ए000 5ए00ए000 1ए95ए000 40ए000 अप्रैल 30 जुलाइर् 31 समता अंश आबंटन खाता नाम समता अंश पूँजी खाते से समता अंश अिामूल्य खाते से ;अिालाभ सहित प्रति अंश 3 रु. के 2ए00ए000 रुअंशों पर देय आबंटन राश्िाद्ध 9ए00ए000 5ए00ए000 5ण्00ए000 4ण्00ए000 समता अंश का पि्रमियम माँग खाता नाम समता अंश पूँजी खाते से ;प्रति अंश 4 रु. के 2ए00ए000 अंशों पर देय प्रथम माँग राश्िाद्ध 20ए000 5ए00ए000 अगि्रम माँग खाता नाम अक्तू.31 समता अंश का प्रथम माँग खाते से ;8ए000 अंशों पर अगि्रम माँग प्रथम माँग की देय राश्िा के साथ समायोजितद्ध 5ए00ए000 20ए000 समता अंश की द्वितीय व अंतिम माँग खाता नाम समता अंश पूँजी खाते से ;प्रति अंश 4 रु. पर 2ए00ए000 अंशों पर देय द्वितीय व अंतिम मांग राश्िाद्ध 20ए000 5ए00ए000 अगि्रम माँग खाता नाम नव.15 समता अंश द्वितीय व अंतिम माँग खाते से ;8ए00ए000 अंशों पर अगि्रम माँग द्वितीय व अंतिम माँग राश्िा के साथ समायोजितद्ध 1ए000 20ए000 समता अंश पूँजी खाता नाम अंश हरण खाता 750 नव.16 समता अंश द्वितीय व अंतिम मांग खाते से ;माँग राश्िा का भुगतान न होने पर 100 अंशों को हरण कियाद्ध 100 250 अंश हरण खाता नाम नव.16 समता अंश पूँजी खाते से ;प्रति अंश 9 रु. पर पूणर् प्रदत्त रूप में 100 अंशों का ‘अ’ को पुनः निगर्मन परद्ध 650 100 650 अंश हरण खाता नाम पूँजी आरक्ष्िात खाते से ;अंश हरण समाप्तद्ध 58 लेखाशास्त्रा - कंपनी खाते एवं वित्तीय विवरणों का विश्लेषण रोकड़ पुस्तक नाम जमा प्राप्ितयाँ समता अंश आवेदन समता अंश आबंटन समता अंश प्रथम मांग समता अंश द्वितीय व अंतिम मांग समता अंश पूँजी राश्िा ;रु.द्ध 7ए92ए500 6ए85ए000 4ए80ए000 4ए79ए750 900 भुगतान समता आवेदन शेष आ/ले राश्िा ;रु.द्ध 77ए500 23ए60ए650 24ए38ए150 24ए38ए150 कायर्कारी टिप्पणी: 1ण् अतिरिक्त आवेदन राश्िाः - आबंटन की आवेदन किये गये आबंटन किये गये आबंटन का श्रेण्िायां अंशों की संख्या अंशों की संख्या अनुपात प 38ए000 38ए000 100ः पप 2ए40ए000 1ए60ए000 2ध्3 पपप 8ए000 2ए000 1ध्4 2ए86ए000 2ए00ए000 अतः वापस की गइर् आवेदन राश्िा त्र 3ए17ए000 रु.दृ 2ए86ए000 रु.× 2ण्50 रुत्र 77ए500 रुप्राप्त आवेदन राश्िा त्र 7ए15ए000 रु;2ए86ए000 अंश 2ण्50 की दर सेद्ध अतिरिक्त आवेदन राश्िा त्र 5ए00ए000 रु;2ए00ए000 अंश 2ण्50 की दर सेद्ध अतिरिक्त आवेदन राश्िा त्र 2ए15ए000 रु2ण् अगि्रम माँग राश्िा दो आबंटी प्रत्येक के पास 4ए000 अंश, ने आवेदन पर पूणर् राश्िा का भुगतान कियाऋ अतः अगि्रम माँग राश्िा त्र 8000 अंश ;250 रु.़ 2ण्50 रु.द्ध त्र 40ए000 रुबाॅक्स 4 अंशों का पुनः क्रयः जब कंपनी अपने अंशों का क्रय करती है, यह अंशों का पुनः क्रय कहलाता है कंपनी अिानियम 1956 की धारा 77 ‘अ’ में कंपनी को यह सुविधा है कि कंपनी अपने अंशों का पुनः क्रय निम्न में से किसी प्रकार भी कर सकती हैः - ;अद्ध आनुपातिक आधार पर वतर्मान समता अंश धारकों से ;बद्ध खुले बाजार से ;सद्ध न्यून खेप अंश धारक ;दद्ध कंपनी के कमर्चारियों से। कंपनी अपने अंशों का पुन क्रम मुक्त आरक्ष्िात प्रतिभूति अिामूल्य या अंशों या प्रतिभूतियों से प्राप्त धनराश्िा में से कर सकती है। मुक्त आरक्ष्िात में से अंशों का पुन क्रय करने की स्िथति में, कंपनी को क्रय किये गये अंशों के वास्तविक मूल्य की राश्िा के बराबर राश्िा फ्पूँजी शोधन आरक्ष्िात खातेय् खाते में हस्तांतरित करनी होगी। कंपनी अिानियम 1956 की धारा 77 ‘अ’ में अंशों को करने के संबंध में निम्न प्रिया लागू होगीः - ;पद्ध अंशों का क्रम अंतनिर्यमों द्वारा अिाकृत होना चाहिए। ;पपद्ध अंश धारकों की सामान्य सभा में विशेष संकल्प द्वारा प्राप्त किया जाना चाहिए। ;पपपद्ध एक वितिय वषर् में अंशों का क्रय प्रदत्त पूँजी और मुक्त आरक्ष्िात के 25ः से अिाक नहीं हो सकता है। ;पअद्ध अंशों के क्रय के पश्चात )ण समता अनुपात 2रू1 से अिाक नहीं हो सकता है। ;अद्ध अंशों के क्रय हेतु समस्त अंश पूणर्तः प्रदत्त होने चाहिए। ;अपद्ध विशेष संकल्प पारित होने की तिथ्िा से 12 माह की अविा के भीतर अंशों को क्रय हो जाना चाहिए। ;अपपद्ध कंपनी को पंजिकृत और सेबी के पास शोधन समता अिाघोषण, जिसे कम से कम दो निदेशकों ने हस्ताक्षरित किया हो भेजी जानी चाहिए। उदाहरण 22 गरीमा लिमिटेड ने 100 रु. प्रत्येक के 3000 अंशों को 20 रु. प्रीमियम पर निगर्मन के आवेदन के लिये विवरण - पत्रा जारी किया जो कि निम्न प्रकार देय हैः रु आवेदन पर 20 प्रति अंश आबंटन पर 50 प्रति अंश ;अिामूल्य सहितद्ध प्रथम माँग पर 20 प्रति अंश द्वितीय भाग पर 30 प्रति अंश 4ए000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त हुए। 3ए600 अंशों के आवेदकों को अनुपातिक आबंटन किया गया, शेष आवेदनों को अस्वीकार कर दिया गया। आवेदन पर प्राप्त अतिरिक्त राश्िा आबंटन पर देय राश्िा के प्रति समायोजित की गइर्। रेणुका, जिसे 360 अंश आबंटित किए गए, आबंटन और माँग राश्िा का भुगतान करने में असपफल रही और इनके अंशों को जब्त कर लिया गया। कनिका, जो कि 200 अंशों की आवेदक है दो माँग राश्िा का भुगतान करने में असपफल रही। इनके अंशों को जब्त कर लिया गया। यह सभी अंश नमन को 80 रु. प्रति अंश पूणर् भुगतान प्राप्त में बेच दिये गये। कंपनी की पुस्तकों में रोजनामचा प्रविष्टयाँ दें। हल गरीमा लिमिटेड की पुस्तकें रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृ नाम जमा सं. राश्िा राश्िा ;रु.द्ध ;रु.द्ध बैंक खाता नाम 80ए000 अंश आवेदन खाते से 80ए000 ;4ए000 अंशों पर आवेदन की राश्िा 20 रु प्रति अंश प्राप्तद्ध 80ए000 अंश आवेदन खाता नाम अंश पूँजी खाते से 60ए000 अंश आबंटन खाते से 12ए000 बैंक खाते से 8ए000 ;3000 अंशों की आवेदन राश्िा का अंश पूँजी खाते में, 600 अंशों की राश्िा की अंश आबंटन खाते में, 400 अंशों की राश्िा वापस में हस्तांतरणद्ध 1ए50ए000 बैंक खाता नाम अंश पूँजी खाते से 90ए000 प्रतिभूति प्रीमियम खाते से 60ए000 ;3ए000 अंशों पर 50 रु. प्रति अंश से आबंटन राश्िा 20 रु. अिालाभ सहित देयद्ध 1ए21ए440 बैंक खाता नाम अंश आबंटन खाते से 1ए21ए440 ;अंश आबंटन पर प्राप्त राश्िा देखे टिप्पणी 1द्ध 60ए000 अंश प्रथम माँग खाता नाम अंश पूँजी खाते से 60ए000 ;3ए000 अंशों पर 20 रु. प्रति अंश माँग राश्िा देयद्ध बैंक खाता नाम अंश प्रथम माँग खाते से ;2ए440 अंशों पर प्रथम माँग राश्िा प्राप्तद्ध 48ए800 90ए000 73ए200 56ए000 48ए800 90ए000 73ए200 अंश द्वितीय और अंतिम माँग खाता नाम अंश पूँजी खाते से ;3ए000 अंशों पर 30 रु. प्रति अंश माँग राश्िा देयद्ध बैंक खाता नाम अंश द्वितीय और अंतिम माँग खाते से ;2ए440 अंशों पर द्वितीय और अंतिम माँग राश्िा प्राप्तद्ध अंश पूँजी खाता नाम प्रतिभूति अिामूल्य खाता नाम 7ए200 अंश आबंटन खाते से 16ए560 अंश प्रथम माँग खाते से 11ए200 अंश द्वितीय और अंतिम माँग खाते से 16ए800 अंश हरण खाते से ;देखे टिप्पणी 3द्ध ;560 अंशों का हरणद्ध 44ए800 18ए640 बैंक खाता नाम अंश हरण खाता नाम 11ए200 अंश पूँजी खाते से ;560 रिण किये गये अंशों का पुन निगर्मनद्ध 7ए440 56ए000 अंश हरण खाता नाम पूँजी आरक्ष्िात खाते से ;560 हरण किये गये अंशों का पुननिगर्मन पर लाभ हस्तांतरणद्ध 7ए440 टिप्पणी: आबंटन पर प्राप्त राश्िा की गणना निम्न प्रकार हैः - ;रु.द्ध आबंटन पर देय वुफल राश्िा ;प्रीमियम सहितद्ध 1ए50ए000 घटायाः 600 अंशों पर प्राप्त आवेदन राश्िा का आबंटन खाते में समायोजन ;12ए000द्ध 3ए000 अंशों पर शु( आबंटन राश्िा देय 1ए38ए000 घटायाः रेणुका को आबंटित 360 अंशों पर अप्राप्त राश्िा 360 ×1ए38ए000 3000 ;16ए560द्ध 2640 अंशों पर प्राप्त निवल राश्िा 1ए21ए440 जब आबंटन में जिसमें प्रतिभूति प्रीमियम के 20 रु. प्रति अंश सममलित हैं प्राप्त नहीं हुये हैं, रेणुका द्वारा लिये गये 360 अंशों ;अरण किये गयेद्ध के लिए अंश अिालाभ खाता नियम के अनुसार नाम किया जायेगा। हरण की राश्िा निम्न प्रकार ज्ञात की जायेगीः द्र 3ए600öरेणुका से प्राप्त आवेदन राश्िा: प्रप्र360 × झ्झ्झ् त्र 432 × 20 त्र 8ए640 रुध् 3ए000ø कनिका से 200 अंशों पर प्राप्त आवेदन और आबंटन राश्िा 10ए000 अंशों के हरण से प्राप्त वुफल राश्िा 18ए640 उदाहरण 23 सनराइर्स कंपनी लिमिटेड ने 10 रु. प्रत्येक 10ए000 अंशों को 11 रु. प्रति अंश पर जनता में अभ्िादान के निगर्मित किया। राश्िा निम्न प्रकार हैः 3 रु. आवेदन पर 4 रु. आबंटन पर ;प्रीमियम सहितद्ध 4 रु. प्रथम और अंतिम माँग पर 12ए000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त हुए और संचालकों ने आनुपातिक आबंटन किया। श्री अहमद, 120 अंशों के आवेदक व आबंटन और माँग राश्िा का भुगतान करने में असपफल रहे और श्री बासू जिनके पास 200 अंश थे माँग राश्िा का भुगतान करने में असपफल रहे। इन सभी अंशों को जब्त कर लिया गया। जब्त किये गये अंशों में से 150 अंशों ;श्री अहमद के सभी अंशों सहितद्ध को 8 रु. प्रति अंश में निगर्मित किया। उपरोक्त व्यवहारों की रोजनामचा प्रविष्िटयों का अभ्िालेखन करें और अंश हरण खाता बनाइये। हल लिमिटेड की पुस्तकें रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृ नाम जमा सं. राश्िा राश्िा ;रुपयेद्ध ;रुपयेद्ध बैंक खाता नाम 36ए000 अंश आवेदन खाते से 36ए000 ;12ए000 अंशों पर 3 रु. प्रति अंश की दर से आवेदन राश्िा प्राप्तद्ध 36ए000 अंश आवेदन खाता नाम अंश पूँजी खाते से 30ए000 अंश आबंटन खाते से 6ए000 ;10ए000 अंशों की आवेदन राश्िा का पूँजी खाते में और शेष को आबंटन खाते में हस्तांतरणद्ध 40ए000 अंश आबंटन खाता नाम अंश पूँजी खाते से 30ए000 प्रतिभूति प्रीमियम खाते से 10ए000 ;10ए000 अंशों पर 4 प्रति अंश की दर से, 1 रु अिालाभ सहित आबंटन राश्िा देयद्ध 33ए660 बैंक खाता नाम अंश आबंटन खाते से 33ए660 ;अंश आबंटन पर प्राप्त राश्िा देखे टिप्पणी 1द्ध 40ए000 अंश प्रथम और अंतिम माँग खाता नाम अंश पूँजी खाते से 40ए000 ;10ए000 अंशों पर 4 रु. प्रति अंश की दर से माँग राश्िा देयद्ध बैंक खाता नाम अंश प्रथम और अंतिम माँग खाते से ;9ए700 अंशों पर प्राप्त माँग राश्िाद्ध 38ए800 3ए000 38ए800 अंश पूँजी खाता नाम प्रतिभूति अिालाभ खाता ;देखे टिप्पणी 2द्ध नाम 100 अंश आबंटन खाते से 340 अंश प्रथम और अंतिम माँग खाते से 1ए200 अंश हरण खाते से ;देखे टिप्पणी 3द्ध ;300 अंशों का हरणद्ध 1ए200 1ए560 बैंक खाता नाम अंश हरण खाता नाम 300 अंश पूँजी खाते से ;300 अंशों का हरणद्ध 360 1500 अंश हरण खाता नाम पूँजी आरक्ष्िात खाते से ;150 हरण किए गये अंशों के निगर्मन पर लाभ का पूँजी आरक्ष्िात खाते में हस्तांतरणद्ध 360 अंश हरण खातातिथ्िा विवरण ब.पृसं. राश्िा;रु.द्ध तिथ्िा विवरण ब.पृस. राश्िा ;रु.द्ध अंश पूँजी पूँजी आरक्ष्िात शेष आ/ले 300 360 900 विविध 1ए560 1ए560 1ए560 कायर्कारी टिप्पण्िायाँः - 1ण् आबंटन पर प्राप्त राश्िा की गणना निम्न प्रकार की जायेगी: 2ण् प्रतिभूति प्रीमियम खाते को केवल 100 रु. नाम लिखे गये हैं, जोकि श्री अहमद के 100 अंशों के आबंटन से संबंिात है जिनसे आबंटन राश्िा ;प्रीमियम सहितद्ध नहीं प्राप्त हुइर् है। 3ण् अंश हरण खाता, हरण किये गये अंशों पर प्राप्त राश्िा अंश प्रीमियम को छोड़ कर दशार्ता है इस कीगणना निम्न प्रकार की जायेगीःश्री अहमद 120 अंशों पर 3 रु. प्रति अंश की दर से आवेदन राश्िा का भुगतान किया 360 श्री बासू ने 200 अंशों पर 6 रु. प्रति अंश की दर से भुगतान किया ;रु.द्ध 10ए000 अंशों पर 4 रु. प्रति अंश से देय वुफल आबंटन राश्िा 40ए000 घटायाः 2ए000 अंशों पर प्राप्त आवेदन राश्िा का समायोजन ;6ए000द्ध घटायाः 120 अंशों के आवेदक से देय राश्िा जिनको 100 अंशों का आबंटन किया गया 10010ए000 × 34ए000 ;340द्ध आबंटन पर प्राप्त राश्िा 33ए660 1200 ;आवेदन और आबंटन राश्िा प्रीमियम के अतिरिक्तद्धवुफल प्राप्त राश्िा 1560 4ण् श्री अहमद के हरण किये गये 100 अंशों पर प्राप्त राश्िा 360 द्र50öप्र × 1ए200 रु.झ्झ् 300प्रझ्ध्200 ø 150 हरण किये गये अंशों पर प्राप्त वुफल राश्िा जो कि पुनः निगर्मित किये गये 660 घटायाः हरण किये गये अंशों के पुनः निगर्मन पर बट्टा ;150 × 2 रु.द्ध 300 पूँजी लाभ की राश्िा का पूँजी संयम खाते में हस्तांतरण 360 स्वयं करें निम्न की रोजनामचा प्रविष्िटयाँ करेंः ;अद्धकंपनी के निदेशकों ने 10 रु. प्रत्येक 200 समता अंशों को हरण किया जिन पर 800 रु. भुगतानप्राप्त था। इन अंशों को 1ए500 रु. के भुगतान पर पुन निगर्मित किया गया।;बद्ध अ 10 रु. प्रत्येक के 100 अंशों का धारक है जिस पर आवेदन राश्िा 1 रु. का भुगतान किया गयाहै। ब 10 रु. प्रत्येक के 200 अंशों का धारक है जिस पर आवेदन राश्िा 1 रु. और आबंटन राश्िा 2 रु. का भुगतान किया गया है। स 10 रु. प्रत्येक के 300 अंशों का धारक है जिस पर 1 रु. आवेदन, 2 रु. आबंटन और 3 रु. प्रथम माँग का भुगतान किया गया है ये सभी बकाया राश्िा और द्वितीय माँगराश्िा 4 रु. प्रति अंश का भुगतान करने में असपफल रहे। अ, और स के सभी अंशों को जब्त ;हरणद्धकर लिया गया और 11 रु. प्रति अंश पूणर् प्रदत्त में पुनः निगर्मित किया गया। अध्याय में प्रयुक्त श्ब्द 1ण् संयुक्त पूजी कंपनी 15ण् रोकड़ के अतिरिक्त प्रतिपफल के लिए 2ण् अंश पूँजी अंशों का निगर्मन 3ण् अिाकृत पूँजी 16ण् अंशों पर बट्टा 4ण् निगर्मित पूँजी 17ण् अंशों पर प्रीमियम ;अध्िलाभद्ध 5ण् अनिगर्मित पूँजी 18ण् आवेदन राश्िा 6ण् अभ्िादत्त पूँजी 19ण् न्यूनतम अभ्िादान 7ण् मांगी गइर् पूँजी 20ण् अंशों पर माँग राश्िा 8ण् अयाचित पूँजी 21ण् माँग की बकाया राश्िा 9ण् चुकता पूँजी 22ण् अगि्रम प्राप्त मांग 10ण् आरक्ष्िात पूँजी 23ण् अिा अभ्िादान 11ण् अंश 24ण् न्यूनतम अभ्िादान 12ण् अिामानी अंश 25ण् अंशों का हरण 13ण् अमोचीय पूवार्िाकार अंश 26ण् हरण किये गये अंशों का पुनः निगर्मन 14ण् समता अंश 27ण् अंशों का पुनः क्रय अिागम उद्देश्य के संदभर् में सारांश कंपनी: एक संगठन जो उन व्यक्ितयों से मिलकर बनता है जो अंश धारक कहलाते हैं क्योकि उनके पास कंपनी के अंश हैं तथा वह चुने हुए निदेशक मंडल के माध्यम से व्यवसाय के लिए वैधानिक व्यक्ित के रूप में कायर् कर सकते हैं। अंश: एक पूँजी का एक भ्िान्नात्मक भाग होता है जो कंपनी में स्वामित्व का आधार बनाता है कंपनी अिानिमन 1956 के प्रावधानों के अनुसार सामान्यतः अंश दो प्रकार के होते हैं अथार्त समता अंश और पूवार्िाकार अंश। पूवार्िाकार अंश पुनः भ्िान्न - भ्िान्न प्रकार के होते हैं जो उनको दिए गए अिाकारों की भ्िान्नता पर आधारित हैं कंपनी की अंश पूँजी चयन किये गये व्यक्ितयों के समूहू द्वारा निजी निगर्मन या जनता द्वारा अभ्िादान से अंशों का निगर्मन करके एकत्रा की जाती है अतः अंशों का निगर्मन रोकड़ द्वारा या रोकड़ प्रतिपफल के अतिरिक्त जिसमें पहला समान्य है, किया जाता है। जब कंपनी व्यापार क्रय या वुफछ संपति/परिसंपतियां करती हैं और बेचने वाला पक्ष भुगतान के रूप में कंपनी के पूणर् भुगतान प्राप्त अंशों को लेने के सहमत होगा तब अंशों का निगर्मन रोकड़ प्रतिपफल के अतिरिक्त कहा जायेगा। अंशों के निगर्मन की अवस्थायेंः रोकड़ के लिए अंशों का निगर्मन, इसके लिए कानून द्वारा निधार्रित कायर्वििा के सवर्था अनुरूप जारी करने की अपेक्षा की जाती है। जब अंश रोकड़ के लिए जारी किए जाते हैं तो उन पर निम्नलिख्िात एक या इससे अिाक अवस्थाओं में राश्िा इकट्ठी की जा सकती है। ;पद्ध अंशों के आवेदन पर ;पपद्ध अंशों के आबंटन पर ;पपपद्ध अंशों पर मांग/मांगों पर बकाया मांगः कभी - कभी आबंटन पर मांगी गइर् पूणर् राश्िा और/या माँग ;मांगोंद्ध की धनराश्िा आबंटियों/अंशधारकों से प्राप्त नहीं हो पाती है, इस प्रकार प्राप्त नहीं हुइर् राश्िा को संचयी तौर पर ‘अदत्त मांग’ या माँग की बकाया राश्िा कहते हैं हालांकि किसी कंपनी के लिए माँग की बकाया राश्िा का अलग खाता रखना अनिवायर् नहीं है। ऐसे भी दृष्टांत है जहां वुफछ अंशधारक उनको आबंटित अंशों पर अभी तक मांगी गइर् आंतरिक या पूणर् राश्िा का भुगतान करना विवेकपूणर् मानते हैं। अंश धारक द्वारा आबंटन/मांग/;मांगोंद्ध पर उनसे प्राप्त राश्िा से अिाक किया गया भुगतान माँग की अगि्रम राश्िा के नाम से जाना जाता है जिसके लिए एक अलग खाता रखा जाता है कंपनी को अपने अंतनिर्यमों के अनुसार माँग की बकाया राश्िायों पर ब्याज लगाने की शक्ित है और यदि यह इनको स्वीकार करती है तो अगि्रम माँग की राश्िा पर ब्याज का भुगतान करने का दायित्व भी होता है। अिा अभ्िादान: वुफछ कंपनीयों के अंशों के संबंध में यह संभव है कि अभ्िादान दान की स्िथति उपन्न हो, जिसका अथर् है विवरण - पत्रिाण के माध्यम से प्रस्तावित अंशों से अिाक अंशों के लिए आवेदन प्राप्त किए हैं ऐसी स्िथति में संचालकों के पास निम्नलिख्िात विकल्प रहते हैंः ;पद्ध वे वुफछ आवेदनों को पूणर्तः स्वीकार कर सकते हैं और अन्य को पूरी तरह अस्वीकर कर सकते हैं। ;पपद्ध उनके द्वारा यथानुपात विवरण किया जा सकता है। ;पपपद्ध उपयुक्त दोनों विकल्पों को मिला जुलाकर अपनाया जा सकता है। यदि अभ्िादान की राश्िा का 90ः तक न्यूनतम राश्िा प्राप्त नहीं होगी तब निगर्मन रदद् होगा। इस स्िथति में जनता को प्रस्तावित अंशों पर कम आवेदन प्राप्त होगा। इस निगर्मन को अल्प अभ्िादान कहेंगे। प्रीमियम पर अंशों का निगर्मन: इस बात पर विचार किए बिना कि अंश रोकड़ से भ्िान्न प्रतिपफल के लिए या रोकड़ के लिए निगर्मित किए गए हैं, वे या तो सममूल्य पर या अिामूल्य पर जारी किए जा सकते हैं सममूल्य पर निगर्मित अंशों का अथर् है कि अंश अपने अंकित या सामान्य/सममूल्य के लिए जारी किए गए हैं यदि अंश प्रीमियम पर अथार्त अंकित मूल्य या सममूल्य से अिाक राश्िा पर निगर्मित किए गए हैं तो प्रीमियम की राश्िा अंश अिालाभ खाते के नाम से एक अलग खाते में जमा की जाती है जिसका उपयोग सवर्था कानून के अनुसार ही किया जाता है। बट्टे पर अंशों का निगर्मन: अंश बट्टे पर अथार्तः अंकित मूल्य या सममूल्य से कम राश्िा पर जारी किए जा सकते हैं, बशतर्े कंपनी इसके संबंध में कानून द्वारा निधारिर्त प्रावधनों का पूणर्रूपेण अनुपालन करती हो। इस अनुपालन के अलावा कंपनी के अंश साधारणतः बट्टे पर जारी नहीं किए जा सकते। जब अंश बट्टे पर जारी किए जाते हैं तो बट्टेकी राश्िा अंश निगर्मन पर बट्टा खाते के नाम पक्ष में लिखी जाती है जो कंपनी के लिए पूँजी हानि की प्रकृति की तरह होती है। अंशों का हरणः कभी कभी अंशधारक आबंटित अंशों पर एक या अिाक किस्तों का भुगतान नहीं कर पाए तो ऐसी स्िथति में कंपनी के पास चूककतार्ओं के अंशों को हरण करने का अिाकार होता है इसे अंशों का हरण कहते हैं। हरण का अथर् अनुबंध भंग होने के कारण आबंटन का निरस्तीकरण और अंशों पर प्राप्त राश्िा को अंश हरण राश्िा के रूप में मानते हैं। अंश हरण का संक्ष्िाप्त लेखांकन उन शतो± पर निभर्र करता है जिन पर से अंश जारी किए गए हैं सममूल्य पर अिामूल्य पर या बट्टे पर। सामान्यतः यूं कहें कि हरण पर लेखांकन हरण की अवस्था तक पारित प्रविष्िटयों को विघटित करना है अंशों पर पहले प्राप्त हो चुकी राश्िा हरण किए गए अंश खाते में जमा कर दी जाएगी। अंशों का पुनः निगर्मन: कंपनी के प्रबंधन में इसके द्वारा एक बार हरण कर लिए अंशों को पुनः जारी करने की शक्ित निहित होती है बशतर्े कि संस्था के अंतनिर्यमों में इससे संबंिात शतो± और निबंधनों में ऐसा प्रावधान हो। ये अंश बट्टे पर भी पुनः जारी किए जा सकते हैं बशतर्े अनुमानतः बट्टे की राश्िा पुनः जारी किए जाने वाले अंश से संबंिात अंश हरण खाते के जमा शेष से अिाक न हों। अतः हरण किए गए अंशों को पुनः जारी किए जाने पर दिया गया बट्टा अंश हरण खाते के नाम लिखा जाता है। एक बार जब हरण किए गए अंशों का पुनः निगर्मन किया जायेगा अंश हरण खाते के जमा शेष को पूँजी आरक्ष्िात खाते में हस्तांतरित करेंगे जोकि हरण किए गये अंशों पर लाभ को दशार्ता है। सभी हरण किये गये को पुनः निगर्मन नहीं करने की स्िथति में अंशों पर हरण खाते में जमा राश्िा को पुनः निगर्मित न किये गये अंशों से संबंिात राश्िा को आगे ले जाया जायेगा और खाते में केवल शेष राश्िा को पूँजी आरक्ष्िात खाते में जमा करंेगे। अभ्यास के लिए प्रश्न लघु उत्तरीय प्रश्न 1ण् सावर्जनिक कंपनी क्या है? 2ण् निजी कंपनी क्या है? 3ण् सरकारी कंपनी को परिभाष्िात करें? 4ण् आप सूचीबध् कंपनी से क्या समझते हैं? 5ण् प्रतिभूति अिामूल्य का प्रयोग क्या है? 6ण् अंशों का पुनः क्रय से क्या तात्पयर् है? 7ण् न्यनतम अभ्िादान पर संक्ष्िाप्त टिप्पणी लिखें। दीघर् उत्तरीय प्रश्न 1ण् कंपनी शब्द का क्या अथर् है इसकी विशेषताओं का वणर्न करें। 2ण् उन मुख्य श्रेण्िायों का संक्ष्िाप्त में वणर्न करें जिनमें कंपनी की अंश पूँजी वगीर्कृत की जाती है। 3ण् आप अंश से क्या समझते हैं कंपनी अिानियम 1956 संशोिात के अनुसार अंशों की श्रेण्िायों को स्पष्ट करें। 4ण् अिा - अभ्िादान की स्िथति में कंपनी के अंशों आबंटन की प्रिया का वणर्न करें। 5ण् अध्िमान अंश क्या विभ्िान्न प्रकार के पूवार्िाकार अंशों का वणर्न करें। 6ण् माँग की बकाया राश्िा और माँग की अगि्रम राश्िा से संबंिात वििा के प्रावधानों का वणर्न करें। 7ण् अिा अभ्िादान और अल्प अभ्िादान शब्दों को सप्ष्ट करें। लेखा पुस्तकों में इस का लेखा किस प्रकार किया जाता है। 8ण् उन उद्देश्यों का वणर्न करें जिनके लिए कंपनी अभ्िामूल्य खाते का प्रयोग कर सकती है। 9ण् उन परिस्िथतियों का स्पष्ट रूप से वणर्न करें जिसके अंतगर्त कंपनी बट्टे पर अंशों का निगर्मन करती है। 10ण् अंशों का हरण शब्द की व्याख्या करें और हरण की लेखा वििा को बताएं। संख्यात्मक प्रश्न 1ण् अनीश लिमिटेड ने 100 रु. प्रत्येक के 30ए000 समता अंशों का निगर्मत किया जो 30 रु. आवेदन पर, 50 रु. आबंटन पर और 20 रु. प्रथम और अंतिम माँग पर देय हैं। सभी राश्िा विध्िवत प्राप्त की गइर्। इन व्यवहारों को कंपनी के रोजनामचों में अभ्िालेख्िात करें। 2ण् आदर्श कंट्रोल डिवाइर्स लिमिटेड 3ए00ए000 रु. की अिाकृत पूँजी जो कि 10 रु. प्रत्येक के 30ए000 अंशों में विभाजित है पूंजिकृत है जनता को आमंत्रिात किए। जिस पर 3 रु. प्रति अंश आवेदन पर 4 रु. प्रति अंश आबंटन पर 3 रु. प्रति प्रथम एवं अंतिम माँग पर देय हैं। इन अंशों पर पूणर् अभ्िादान प्राप्त हुआ और सभी राश्िा प्राप्त की गइर् रोजनामचा और रोकड़ पुस्तक तैयार करें। 3ण् साॅपफटवेयर सोलूशन इंडिया लिम्िटेड ने 100 रु. प्रत्येक के 20ए000 समता अंशों के लिए आवेदन अमंत्रिात किये, जिन पर 40 रु. आवेदन पर 30 रु. आबंटन पर और 30 रु. माँग पर देय हैं कंपनी ने 32000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त किया। 2ए000 अंशों के आवेदकों को राश्िा वापस लौटा दी गइर्। 10ए000 अंशों के आवेदनों को पूणर् स्वीकार कर लिया गया और 20ए000 अंशों के आवेदकों को आवेदन किये गये अंशों के आधे अंश आबंटित किये गये और आिाक्य राश्िा को आबंटन में समायोजित कर लिया गया। आबंटन और देय सभी राश्िा प्राप्त की गइर्। रोजनामचा और रोकड़ पुस्तक तैयार करें। 4ण् रूपक लिमिटेड ने 100 रु. प्रत्येक के 10ए000 अंशों का निगर्मन किया जिन पर 20 रु. प्रति अंश आवेदन पर, 30 रु. प्रति अंश आबंटन पर और 25 रु. प्रति अंश की दो माँग में देय है। आवेदन और आबंटन राश्िा प्राप्त कर ली गइर्। प्रथम माँग पर एक सदस्य के अतिरिक्त जिसके पास 200 अंश हैं, सभी सदस्यों ने अपनी देय राश्िा का भुगतान किया जबकि एक अन्य सदस्य जिसके पास 500 अंश हैं शेष देय राश्िा का पूणर् भुगतान कर दिया। अंतिम माँग अभी मांगी नहीं गइर् है। 5ण् मोहित ग्लास लिमिटेड ने 100 रु. प्रत्येक के 20ए000 अंशों का 110 रु. प्रति अंश में निगर्मन किया। जिन पर 30 रु. आवेदन पर 40 रु. आबंटन पर ;अिालाभ सहितद्ध 20 रु. प्रथम माँग पर और 20 रु. अंतिम माँग पर देय है। 24ए000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त हुये और 20ए000 अंशों का आबंटन किया गया और 4ए000 अंशों को अस्वीकार करके उन पर प्राप्त राश्िा लोटा दी गइर्। सभी राश्िा प्राप्त की गइर्। रोजनामचा प्रविष्िटयों करें। 6ण् एक लिमिटेड कंपनी ने 10 रु. प्रत्येक के 1ए00ए000 समता अंशों को 2 रु. प्रति अंश प्रीमियम पर, 10 रु. प्रत्येक के 2ए00ए000ए 10ः अिामान अंशों सममूल्य के लिए अभ्िादान अमंत्रिात किया अंशों पर देय राश्िा निम्न प्रकार है। समता अंश अिामान अंश आवेदन पर 3 रु. प्रति अंश 3 रु. प्रति अंश आबंटन पर 5 रु. प्रति अंश 4 रु. प्रति अंश ;अिालाभ सहितद्ध प्रथम माँग पर 4 रु. प्रति अंश 3 रु. प्रति अंश सभी अशों पर पूणर् अभ्िादान प्राप्त हुआ, मांगी गइर् राश्िा प्राप्त हुइर् कंपनी की पुस्तकों में निम्न व्यवहारों को रोजनामचा और रोकड़ पुस्तक में अभ्िालेखन करें। 7ण् इर्स्टनर् कंपनी, जिसकी अिाकृत पूँजी 10 रु. प्रत्येक अंश 10ए00ए000 है ने 50ए000 अंश 3 रु. प्रति अंश अिामूल्य पर निगर्मित किए जो इस प्रकार देय हैं: आवेदन पर 3 रु. प्रति अंश आबंटन पर ;अधलाभ सहितद्ध 5 रु. प्रति अंश प्रथम माँग पर ;आबंटन के तीन महीने बाद देयद्ध 3 रु. प्रति अंश 8ण् सुमिम मशीन लिमिटेड ने 100 रु. प्रत्येक के 50ए000 अंशों को 5ः बट्टे पर निगर्मन किया। अंशों पर 25 रु. आवेदन पर, 40 रु. आबंटन पर 30 रु. प्रथम और अंतिम माँग पर देय हैं निगमर्न पर पूणर् अभ्िादान प्राप्त हुआ और 400 अंशों पर अंतिम माँग के अतिरिक्त संपूणर् राश्िा प्राप्त की गइर्। बट्टे को आबंटन पर समायोजित किया जायेगा। रोजनामचा प्रविष्िटयों और तुलन पत्रा तैयार करें। 9ण् वुफमार लिमिटेड ने भानू आयल लिमिटेड से 6ए30ए000 रु. की परिसंपिायों का क्रय किया। वुफमार लिमिटेड ने समझोते के अनुसार 100 रु. प्रत्येक के पूणर् प्रदत अंशों का निगर्मन किया। कौनसी रोजनामचा प्रविष्िटयों की जायेंगी यदि अंशों का निगर्मन ;अद्ध सममूल्य पर ;बद्ध 10ः बट्टे पर और ;सद्ध 20ः प्रीमियम पर हो। ;उत्तरः निगर्मित अंशों की संख्या ;अद्ध 630 ;वद्ध 7ए000 ;सद्ध 5ए250द्ध 10ण् बंसल हैवी मशीन लिमिटेड ने हण्डा टैडस से 3ए20ए000 रु. मूल्य की मश्ीन का क्रय किया। 50ए000 रुका रोकड़ भुगतान किया गया और शेष राश्िा के लिए 100 रु. प्रत्येक के अंशों का 90 रु. निगर्म मूल्य पर किया गया। उपयुक्र्त व्यवहारों की रोजनामचा प्रविष्िटयां करें। ;निगर्मित अंशों की संख्या: 3ए000 अंशद्ध 11ण् नयन लिमिटैड ने 100 रु. प्रत्येक के 20ए000 अंशों का निगर्मन किया जिस पर 25 रु. आवेदन पर, 30 रु. आबंटन पर, 25 रु. प्रथम माँग पर और शेष अंतिम माँग पर देय हैं। अनुमा, जिसके पास 200 अंश हैं ने आबंटन राश्िा और माँग राश्िा का भुगतान नहीं किया और वुफमवुफम जिसके पास 100 अंश हैं जो दोनों मांगों का भुगतान नहीं किया, के अतिरिक्त संपूणर् राश्िा प्राप्त हुइर्। संचालकों ने अनुमा और वुफमवुफम के अंशों का हरण कर लिया। रोजनामचा प्रविष्िटयां करें। 12ण् कृष्णा लिमिटेड ने 100 रु. प्रत्येक के 15ए000 अंशों का 10 रु. प्रति अंश अिालाभ पर निगर्मन किया। जो इस प्रकार देय हैंः - आवेदन पर 30 रुआबंटन पर 50 रु. ;अिालाभ सहितद्ध प्रथम और अंतिम माँग पर 30 रुसभी अंशों पर अभ्िादान प्राप्त हुआ और कंपनी ने सभी देय राश्िा 150 अंशों पर आबंटन और माँग राश्िा के अतिरिक्त प्राप्त की इन अंशों का हरण किया गया और नेहा को 12 रुप्रत्येक के पूणर् प्रपत्रा अंशों में पुननिर्गम किया गया। कंपनी की पुस्तकों में रोजनामचा प्रविष्िटयाँ करें। ;उत्तर: पूँजी आरक्ष्िात 4ए500 रु.द्ध 13ण् आरूशी कम्पयूटर लिमिटेड ने 100 रु. प्रत्येक के 10ए000 समता अंशों का 10ः बट्टे पर निगर्मन किया। जिन पर निवल राश्िा इस प्रकार देय है। आवेदन पर 20 रुआबंटन पर 30 रु. ;40 दृ 10 रु. बट्टाद्ध प्रथम माँग पर 30 रुअंतिम माँग पर 10 रुएक अंश धारी जिसके पास 200 अंश हैं ने अंतिम माँग का भुगतान नहीं किया। इसके अंशों का हरण कर लिया गया। इन अंशों में से 150 अंशों को सोनिया को 75 रु. प्रति अंश पर पुनः निगर्मित किया गया। कंपनी की पुस्तकों में रोजनामचा प्रविष्िटयाँ करें। ;उत्तरः पूँजी आरक्ष्िात 9ए750 रु.द्ध 14ण् रौनक कोटन लिमिटेड ने 100 रु. प्रत्येक के 6ए000 समता अंशों के 20 रु. प्रति अंश अिालाभ पर निगर्मन के लिए विवरण पत्रिाका से जारी करके आवेदन मांगे। जो निम्न प्रकार देय हैं। आवेदन पर 20 रुआबंटन पर 50 रु. ;अिालाभ सहितद्ध प्रथम माँग पर 30 रुअंतिम माँग पर 20 रु10ए000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त हुए और 8ए000 अंशों के आवेदकों को यथानुपात आबंटन किया गया तथा शेष आवेदकों को वापस कर दिया गया आवेदन पर प्राप्त अिाक राश्िा को आबंटन पर देय राश्िा में समायोजित किया जायेगा। रोहित जिसको 300 अंशों का आबंटन किया गया था आबंटन और माँग राश्िा का भुगतान करने में असपफल रहा और उसके अंशों का हरण कर लिया गया। इर्तिका जिसने 600 अंशों के लिए आवेदन किया था माँग राश्िा का भुगतान करने में असपफल रही उसके अंशों का भी हरण कर लिया गया। इन सभी अंशों का कातिर्क को 80 रु. पूणर् प्रदत्त में विक्रय किया गया। कंपनी की पुस्तकों में रोजनामचा प्रविष्िटयां करें। ;उत्तर: पूँजी आरक्ष्िात 7ए000 रु.द्ध 15ण् हिमालय कंपनी लिमिटेड ने 10 रु. प्रत्येक के 1ए20ए000 समता अंश 2 रु. अिालाभ पर जनता में अभ्िादान के लिए निगर्मित किए जो निम्न प्रकार देय हैंः - आवेदन पर 3 रु. प्रति अंश आबंटन पर ;अिालाभ सहितद्ध 5 रु. प्रति अंश प्रथम माँग पर 2 रु. प्रति अंश द्वितीय और अंतिम माँग पर 2 रु. प्रति अंश 1ए60ए000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त हुए। यथानुपात आधार पर आबंटन किया गया। आवेदन पर प्राप्त अिाक राश्िा को आबंटन पर देय राश्िा में समायोजित किया गया। रोहन जिसको 4800 अंशों का आबंटन किया गया था दोनों माँग राश्िा देने में असपफल रहा। इन अंशों को द्वितीय माँग राश्िा के बाद हरण कर लिया गया। सभी हरण किए गये अंशों को रीना को 7 रु. प्रति अंश में पुनः निगर्मन किया गया। कंपनी की पुस्तकों में रोजनामचा प्रविष्िटयाँ करें और अंश पूँजी से संबंिात व्यवहारों को कंपनी के तुलन पत्रा में दशार्ये। ;उत्तर: पूँजी आरक्ष्िात 14ए400 रु.द्ध 16ण् पि्रंस लिमिटेड ने 10 रु. प्रत्येक के 2ए00ए000 समता अंशों को 3 रु. अिालाभ पर निगर्मन करने के लिये विवरण - पत्रा पर अमंत्रिात किया जो निम्न प्रकार देय हैंः आवेदन पर 2 रुआबंटन पर ;प्रीमियम सहितद्ध 5 रुप्रथम माँग पर 3 रुद्वितीय माँग पर 3 रु30ए000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त हुए और आबंटन अनुपातिक आधार पर किया गया। आवेदन पर प्राप्त अिाक राश्िा को आबंटन पर देय राश्िा में समायोजित किया जायेगा। श्री मोहित जिनको 400 अंश आबंटिन किए गए थे आबंटन और प्रथम माँग राश्िा का भुगतान करने में असपफल रहै और प्रथम माँग के पश्चात उनके अंशों का हरण कर लिया गया। श्री जौली जिनको 600 अंशों की आबंटन हुआ था दोनों माँग राश्िा का भुगतान करने में असपफल रहे अतः इनके अंशों का हरण कर लिया गया। हरण किए गये अंशों में से 800 अंशों का पुनः निगर्मन सुपि्रया को 9 रु. प्रति अंश पूणर् भुगतान प्राप्त में किया गया, जिसमें श्री मोहित के सभी अंश सम्िमलित हैं। कंपनी की पुस्तकों में रोजनामचा प्रविष्िटयाँ करें और तुलन पत्रा तैयार करें। ;उत्तर: पूँजी आरक्ष्िात 2ए000 रु.द्ध 17ण् लाइर्पफ मशीन टूल्स लिमिटेड ने 10 रु. प्रत्येक के 50ए000 समता अंशों को 12 रु. प्रति अंश पर निगर्मन कियार् आवेदन पर 5 रु. ;अिालाभ सहितद्ध आबंटन पर 4 रु. और शेष प्रीमियम और अंतिम माँग पर देय हैं। 70ए000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त हुए। प्राप्त रोकड़ ऐसे 40ए000 वापस किए गये और 60ए000 रु. को आबंटन पर देय राश्िा में समायोजित किया गया 500 अंशों के एक अंशधारक को छोड़कर सभी अंश धारकों ने माँग देय राश्िा का भुगतान किया। इन अंशों का हरण कर लिया गया और 8 रु. प्रति अंश पूणर् भुगतान प्राप्त पर निगर्मन किया व्यवहारों की रोजनामचा प्रविष्िटयां करें। ;उत्तर: पूँजी आरक्ष्िात 2ए500 रु.द्ध 18ण् ओरिंएट कंपनी लिमिटेड ने जनता में अभ्िादान के लिए 10 रु. प्रत्येक के 20ए000 समता अंशों को 10ः प्रीमियम पर निगर्मन किया जिन पर आवेदन पर 2 रु., आबंटन पर अिालाभ सहित 4 रु., प्रथम माँग पर 3 रु. और द्वितीय और अंतिम माँग 2 रु. देय हैं। 26ए000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त हुए। 4ए000 अंशों के आवेदन को अस्वीकृत कर दिया गया। शेष आवेदकों को अनुपातिक आबंटन किया गया दोनों मांगों की माँग की गइर् और 500 अंशों को छोड़कर सभी माँग राश्िा प्राप्त की गइर् इन अंशों का हरण कर लिया गया। हरण किए गये ऐसे 300 अंशों को 9 रु. प्रति अंश पर पुननिगर्मन किया गया। रोजनामचा प्रविष्िटयां करें और तुलन पत्रा तैया करें। ;उत्तर: पूँजी आरक्ष्िात 2ए100 रु.द्ध 19ण् अलपफा लिमिटेड ने 10 रु. प्रत्येक के 4ए00ए000 समता अंशों के लिए निम्न शतो± पर आवेदन आमंत्रिात किएः आवेदन पर देय 5 रु. प्रति अंश आबंटन पर देय 3 रु. प्रति अंश प्रथम और अंतिम माँग पर देय 2 रु. प्रति अंश 5ए00ए000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त हुए। यह निणर्य लिया गयाः ;अद्ध 20ए000 अंशों के आवेदकों को आबंटन अस्वीकृत कर दिया जायेगा। ;बद्ध80ए000 अंशों के आवेदकों को पूणर् आबंटन किया जायेगा ;सद्धशेष बचे अंशों को अन्य आवेदकों के बीच अनुपातिक आधार पर किया जायेगा। ;दद्ध अिाक आवेदन राश्िा को आबंटन राश्िा के भुगतान में उपयोग किया जायेगा। एक आवेदक जिसको अनुपातिक आधार पर आबंटन किया गया जिसने आबंटन और माँग राश्िा का भुगतान नहीं किया और उसके 400 अंशों का हरण कर लिया गया। इन अंशों का पुन निगर्मन 9 रु. प्रति अंश पर किया गया। रोजनामचा प्रविष्िटयों को दशार्ये और उपरोक्त का अभ्िालेखन करने के लिए रोकड़ पुस्तक तैयार करें।। ;उत्तर: पूँजी आरक्ष्िात 2ए100 रु.द्ध 20ण् अशोका लिमिटेड कंपनी ने 20 रु. प्रत्येक के समता अंशों का 4 रु. बट्टे पर निगर्मित किया जिसमें से 1ए000 अंशों का हरण 4 रु. अंतिम माँग के भुगतान न करने पर किया। हरण किये गए 400 अंशों को 14 रुप्रति अंश पर पुन निगर्मित किया गया। शेष अंशों में से 200 अंशों को 20 रु. प्रति अंश पर निगर्मित किया गया। अंशों के हरण और पुन निगर्मन की रोजनामचा प्रविष्िटयाँ करें और पूँजी आरक्ष्िात में हस्तांतरित की गइर् राश्िा और अंश हरण खाते में शेष राश्िा को दशार्ये। ;उत्तरः पूँजी आरक्ष्िात 6ए400 रु. अंश हरण खाते का शेष 4ए800 रु.द्ध 21ण् अमित के पास 10 रु. प्रत्येक के 100 अंश हैं जिस पर उसने 1 रु. प्रति अंश आवेदन राश्िा का भुगतान किया है विमल के पास 10 रु. प्रत्येक के 200 अंश हैं जिस पर उसने 1 रु. और 2 रु. प्रति अंश क्रमशः आवेदन और आबंटन राश्िा का भुगतान किया हुआ है चेतन के पास 10 रु. प्रत्येक के 300 अंश हैं जिस पर उसने 1 रु. आवेदन पर, 2 रु. आबंटन पर 3 रु. प्रथम माँग पर भुगतान किया है। ये सभी बकाया राश्िा और द्वितीय माँग 2 रु. का भुगतान करने में असपफल रहे निदेर्शकों ने इनके अंशों का हरण कर लिया। इन अंशों का पुननिगर्मन 11 रु. प्रति अंश पूणर् भुगतान प्राप्त में किया गया। व्यवहारों की रोजनामचा प्रविष्िटयाँ करें। ;उत्तर: पूँजी आरक्ष्िात 2500 रु.द्ध 22ण् अंजता लिमिटेड की सामान्य पूँजी 3ए00ए000 रु. है जो 10 रु. प्रत्येक के अंशों में विभाजित है जनता को 20ए000 अंशों के अभ्िादान के लिए आमंत्रिात करती है, जो आवेदन पर 2 रु. आबंटन पर 3 रु. और शेष 2ण्50 की दो माँग में देय हैं। कंपनी को 24ए000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त हुए। 20ए000 अंशों के आवेदनों को पूणर् स्वीकार किया गया और अंश आबंटित किए गये। शेष अंशों के आवेदन को अस्वीकार कर दिया गया और आवेदन राश्िा वापस कर दी गइर्। 600 अंशों पर अंतिम माँग छोड़कर सभी देय राश्िा प्राप्त कर ली गइर्। जो कि कानूनी औपाचारिकताओं को पूणर् करने के पश्चात हरण कर लिये गये। हरण किए गये अंशों में से 400 अंशों को 9 रु. प्रति अंश पर पुनः निगर्मित कर दिया गया। आवश्यक रोजनामचा प्रविष्िटयाँ करें प्रलेखन करें और पूँजी आरक्ष्िात में हस्तांतरित राश्िा और अंश हरण खाते का शेष दशार्ते हुए तुलन पत्रा तैयार करें। ;उत्तर: पूँजी आरक्ष्िात में हस्तांतरित राश्िा 2600 रु.द्ध 23ण् निम्न व्यवहारों की रोजनामचा प्रविष्िटयाँ भूषण आयल लिमिटेड की पुस्तकों में करेंः ;अद्ध 100 रु. प्रत्येक के 200 अंशों का 10 रु. बट्टे पर निगर्मन किया गया इनका हरण 50 रु. प्रति अंश आबंटन राश्िा का भुगतान न करने पर किया गया। प्रथम और अंतिम माँग राश्िा 20 रु. प्रति अंश की माँग इन अंशों पर नहीं की गइ। है। हरण किए गये अंशों को 70 रु. प्रति अंश पूणर् भुगतान प्राप्त में निगर्मित किया गया। ;बद्ध 10 रु. प्रत्येक के 150 अंशों को 4 रु. अिालाभ जो कि आबंटन पर देय हैं का हरण आबंटन राश्िा 8 रु. प्रति अंश प्रीमियम सहित का भुगतान न होने पर किया गया। प्रथम और अंतिम माँग राश्िा 4 रु. प्रति अंश अभी मांगी नहीं गइर् है। हरण किए गये अंशों का पुनः निगर्मन 15 रु. प्रति अंश पूणर् भुगतान प्राप्त में किया गया। ;सद्ध50 रु. प्रत्येक सम मूल्य पर निगर्मित किये गये 400 अंशों का हरण 10 रु. प्रति अंश अंतिम मांग का भुगतान न करने पर किया गया। इन अंशों का पुनः निगर्मन 45 रु. प्रति अंश पूणर् भुगतान प्राप्त में किया गया। ;उत्तर: पूँजी आरक्ष्िात ;अद्ध शून्य ;बद्ध 300 रु. ;सद्ध 14ए000 रु24ण् अमिश लिमिटेड ने 100 रु. प्रत्येक के 40ए000 अंशों को 20 रु. प्रति अंश प्रीमियम पर निगर्मन करने के लिए आवेदन आमंत्रिात करे। जिस पर 40 रु. आवेदन परऋ 40 रु. आबंटन पर ;अिालाभ सहितद्ध 25 रु. प्रथम माँग परऋ 15 रु. द्वितीय और अंतिम माँग पर देय हैं। 50ए000 अंशों के लिए आवेदन प्राप्त हुए और अनुपातिक आधार पर आबंटन किया गया। अिाक आवेदन राश्िा को आबंटन पर देय राश्िा में समायोजित किया जायेगा। रीहित जिसको 600 अंशों का आबंटन किया गया था आबंटन राश्िा का भुगतान करने में असपफल रहे इनके अंशों का आबंटन के पश्चात हरण कर लिया गया। आसमिता, जिसने 1000 अंशों के लिए आवेदन किया था दोनों मांगों का भुगतन करने में असपफल रही इनके अंशों का हरण द्वितीय माँग के पश्चात किया गया हरण किये गये अंशों में से 1ए200 अंशों का विक्रय कपिल को 85 प्रति अंश पूणर् भुगतान प्राप्त में किया गया। जिसमें रोहित के सभी अंश सम्िमलित हैं। आवश्यक रोजनामचा प्रविष्िटयों करें। ;उत्तर: पूँजी आरक्ष्िात 48ए000 रु., अंश हरण खाते का शेष 12ए800 रु.द्ध स्वयं जाँचिये हेतु जाँच सूची स्वयं जाँचियेμ1 ;अद्धअसत्य ;बद्ध सत्य ;सद्ध असत्य ;दद्ध सत्य ;चद्ध सत्य ;छद्ध सत्य ;नद्ध सत्य ;मद्ध सत्य ;वद्ध असत्य ;वद्धअसत्य ;पफद्ध सत्य ;घ्द्ध असत्य ;बद्ध असत्य ;वद्ध असत्य ;जद्ध सत्य ;झद्ध असत्य ;डद्ध सत्य स्वयं जाँचियेμ2 ;अद्ध ;पपद्ध ;बद्ध ;पपपद्ध ;सद्ध ;पद्ध ;वद्ध ;पपद्ध ;चद्ध ;पद्ध ;रद्ध ;पपपद्ध स्वयं जाँचियेμ3 ;अद्ध 8 रुपये ;बद्ध रूपये ;सद्ध विक्रेता नाम 1ए00ए000 अंश पूंजी खाते में 1ए00ए000

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1

va'kiw¡th osQ fy, ys[kkadu

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1.1 oaQiuh dh fo'ks"krk,¡

,d oaQiuh dks O;fDr;ksa osQ ,d la?k osQ :i esa ns[kk tk ldrk gS tks fd jkf'k dks ,df=kr djrs gSa ;k fiQj jkf'k dks ,d lkekU; Ldaèk osQ :i esa ,d lkekU; mís'; dh iw£r osQ fy, mi;ksx djrs gSaA ;g ,d Ñf=ke O;fDr gS] ftldk blosQ lnL;ksa (va'k/kjdksa)ls i`Fkd dkuwuh vfLrRo gksrk gS vkSj ;g vius gLrk{kj osQ fy, ,d fof'k"V lkoZeqnzk dk iz;ksx djrh gSA blfy, ;g oqQN fo'ks"krk,¡ j[krh gS tks fd bls vU; laLFkkuksa ls i`Fkd djrh gSaA ;s fuEufyf[kr gSa&

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LFkk;h mÙkjkfèkdkj- oaQiuh ,d Ñf=ke O;fDr gS tks fd dkuwu }kjk fu£er gksus osQ dkj.k blosQ lnL;ksa osQ ifjo£rr gksus ij Hkh vfLrRo esa jgrh gSA ,d oaQiuh dks osQoy dkuwu }kjk fo?kfVr fd;k tk ldrk gSA oaQiuh osQ lnL;ksa dh e`R;q] fnokfy;kiu gksus dh fLFkfr esa Hkh oaQiuh osQ vfLrRo ij dksbZ izHkko ugha iM+rk lnL; vkrs&tkrs jgrs gSaA blosQ ckotwn Hkh oaQiuh fujarj fØ;k'khy jgrh gSA

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va'kksa dk gLrkarj.k- ,d lkoZtfud fyfeVsM oaQiuh osQ va'k eqDr :i ls gLrkarj.kh; gksrs gSaA va'kksa osQ gLrkarj.k osQ fy, oaQiuh dh vuqefr ;k fdlh lnL; dh lgefr dh dksbZ vko';drk ugha gksrhA ysfdu oaQiuh osQ var£u;eksa esa va'kksa dks gLrkarfjr djus osQ rjhosQ dk mYys[k gksrk gSA

vfHk;ksx pykuk rFkk vfHk;ksftr gksuk- dkuwuh O;fDr gksus osQ dkj.k ,d oaQiuh lafonk dj ldrh gS rFkk lafonkxr~ vf/dkjksa osQ izorZu gsrq nwljksa dks ckè; dj ldrh gSA ;g vfHk;ksx pyk ldrh gS rFkk ;fn oaQiuh lafonk dk mYya?ku djs mlosQ uke ls ml ij vfHk;ksx pyk;k tk ldrk gSA

1.2 oaQiuh osQ izdkj

oaQifu;ksa dk oxhZdj.k ;k rks muosQ lnL;ksa osQ nkf;Ro osQ vkèkkj ij ;k blosQ lnL;ksa dh la[;k osQ vkèkkj ij fd;k tk ldrk gSA oaQiuh osQ lnL;ksa osQ nkf;Ro osQ vkèkkj ij ,d oaQiuh dks uhps nh xbZ rhu Jsf.k;ksa esa oxhZÑr fd;k tk ldrk gSA

(i) va'kksa }kjk lhfer oaQiuh- ,slh oaQiuh esa blosQ lnL;ksa dk nkf;Ro muosQ }kjk fy, x, va'kksa osQ okLrfod ewY; rd lhfer gksrk gSA ;fn ,d lnL; }kjk va'kksa dh iw.kZ jkf'k dk Hkqxrku dj fn;k x;k gS rks lnL; osQ fgLls dksbZ nkf;Ro ugha gksxkA pkgs oaQiuh dk ½.k oqQN Hkh gksA ml lnL; dks viuh futh ifjlaifÙk ls ,d iSls dk Hkh Hkqxrku ugha djuk gksxkA gkyk¡fd] ;fn dksbZ nkf;Ro 'kkfey gS Hkh] rks mls oaQiuh osQ vfLrRo osQ nkSjku vFkok lekiu ij ykxw fd;k tk ldrk gSA

(ii) xkjaVh }kjk lhfer oaQiuh- ,slh oaQifu;ksa esa lnL;ksa dk nkf;Ro] oaQiuh osQ lekiu gksus dh n'kk esa muosQ }kjk fn, x, va'knku osQ opu rd lhfer gksrk gSA vr% blosQ lnL;ksa dk nkf;Ro blosQ lekiu dh ?kVuk ij gh mRiUu gksxkA

(iii) vlhfer oaQiuh- tc oaQiuh osQ lnL;ksa dk nkf;Ro lhfer ugha gksrk gS] rks ;g oaQiuh vlhfer oaQiuh dgykrh gSA tc oaQiuh dh ifjlaifÙk blosQ }kjk fy, x, ½.kksa dk Hkqxrku djus esa vleFkZ jgrh gS] rks blosQ lnL;ksa dh futh ifjlaifÙk;ksa dks bl mís'; dh iw£r osQ fy, iz;ksx esa yk;k tkrk gSA nwljs 'kCnksa esa ysunkj muosQ cdk;s dk nkok oaQiuh osQ lnL;ksa ij dj ldrs gSaA bl izdkj dh daifu;k¡ Hkkjr esa ugha ikbZ tkrh gaSA

lnL;ksa dh la[;k osQ vk/kj ij daifu;ksa dks fuEufyf[kr rhu Js.kh;ksa esa ck¡Vk tk ldrk gS %

d- lkoZtfud daiuh % lkoZtfud daiuh ls vk'k; ,d ,slh dEiuh ls gS tks fd

(v) ,d futh daiuh ugha gSA

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[k- futh daiuh % ,d futh daiuh oks gS tks vius vuqPNsnksa osQ vuqlkj

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deZpkfj;ksa dks NksM+dj)

(l) turk dks dEiuh dh fdlh Hkh çfrHkwfr osQ vfHknku osQ fy, vkea=k.k fu"ks/ djrh gS%

x- ,dy O;fDr daiuh (OPC) daiuh vf/kfu;e 2013 ds [kaM 2 (62)] ds vuqlkj ,dy O;fDr daiuh ls vk'k; ml dEiuh ls gS ftlesa osQoy ,d gh O;fDr gksrk gSA daiuh (lekos"k.k) fu;e] 2014 ds fu;e 3 ds vuqlkj

(v-) ,dy O;fDr daiuh osQoy ml O;fDr }kjk LFkkfir dh tk ldrh gS tks Hkkjrh; ukxfjd ,oa Hkkjrh; fuoklh gSA

(c-) bl çdkj dh daiuh ls vkisf{kr gS fd og xSj cSadh; foÙkh; fuos'k fØ;kvksa esa dk;Z ugha djsxhA

(l-) bl çdkj dh daiuh dh çnÙk iw¡th fdlh Hkh n'kk esa 50]00]000 (ipkl yk[k :i;s) ls vf/d ugha gks ldrhA bl çdkj dh daiuh dk vkSlr okf"kZd vkorZ 2]00]00]000 (nks djksM+) ls vf/d ugha gks ldrk gSA

1.3 oaQiuh dh va'kiw¡th

oaQiuh] Ñf=ke O;fDr gksus osQ dkj.k viuh iw¡th dks Lo;a mRiUu ugha dj ldrh tks vko';d :i ls oqQN O;fDr;ksa ls ,df=kr dh tkrh gSA ;s O;fDr oaQiuh osQ va'kèkkjh dgykrs gSa rFkk buls ,df=kr jkf'k ,d oaQiuh dh va'kiw¡th dgykrh gSA pw¡fd oaQiuh osQ va'kèkkfj;ksa dh la[;k cgqr vfèkd gksrh gS] blfy, izR;sd osQ fy, vyx&vyx iw¡th [kkrk ugha [kksyk tk ldrkA

vr% ,df=kr iw¡th osQ vla[; Hkkxksa dks vkSj mlosQ vfLrRo dks ,d lkekU; iw¡th [kkrk] tks fd va'kiw¡th [kkrk dgykrk gS] esa lek;ksftr dj fn;k tkrk gSA

1.3.1 va'kiw¡th dk oxhZdj.k

ys[kkadu dh n`f"V ls oaQiuh dh va'kiw¡th dks fuEu izdkj Js.khc¼ fd;k tk ldrk gS-

vfèkÑr iw¡th- vfèkÑr iw¡th] oaQiuh dh va'kiw¡th dh og jkf'k gS tks fd oaQiuh osQ lhek ik"kZn fu;e osQ }kjk fuxZfer djus gsrq vf/Ñr gSA oaQiuh lhek ik"kZn fu;e esa mYysf[kr iw¡th ls vf/d jkf'k dks ,df=kr ugha dj ldrhA ;g izkf/Ñr ;k iathÑr iw¡th Hkh dgykrh gSA vfèkÑr iw¡th oaQiuh vfèkfu;e esa nh xbZ izfØ;k osQ vuqlkj de ;k ”;knk dh tk ldrh gSA ;g è;ku nsus ;ksX; gS fd oaQiuh leLr vfèkÑr iw¡th dks turk esa vfHknku osQ fy, ,d gh le; esa fuxZfer djus osQ fy, ckè; ugha gSA oaQiuh viuh vko';drkvksa osQ vuqlkj va'kiw¡th fuxZfer dj ldrh gS] ijarq fdlh Hkh fLFkfr esa ;g iw¡th vfèkÑr iw¡th ls vf/d ugha gks ldrhA

fuxZfer iw¡th- vfèkÑr iw¡th dk og Hkkx ftls turk dks va'k vfHknku osQ fy, okLrfod :i ls izLrkfor fd;k tkrk gS mls fuxZfer iw¡th dgrs gSaA blesa os va'k Hkh lfEefyr gSa tks ifjlaifÙk foozsQrkvksa dks rFkk oaQiuh osQ ik"kZn lhek fu;e osQ gLrk{kjdrkZvksa dks fuxZfer fd, tkrs gSaA vfèkÑr iw¡th dh og jkf'k tks fd turk esa vfHknku ugha dh xbZ gS vfuxZfer iw¡th dgykrh gS rFkk bls vkxkeh frfFk dks fdlh Hkh le; turk esa vfHknku osQ fy, fuxZfer fd;k tk ldrk gSA

vfHknÙk iw¡th- ;g fuxZfer iw¡th dk og Hkkx gS tks turk }kjk okLrfod :i ls vfHknÙk dh xbZ gSA tc va'kksa dk turk }kjk iw.kZ :i ls vfHknku gksrk gS rks fuxZfer iw¡th vkSj vfHknÙk iw¡th leku gksxhA ;g è;ku nsus ;ksX; gS fd varr%] vfHknÙk iw¡th vkSj fuxZfer iw¡th leku gaS D;ksafd ;fn vfHknku osQ fy, va'kksa dh la[;k] fuxZfer la[;k ls de gS rks oaQiuh osQoy mUgha va'kksa dk vkcaVu djsxh ftuosQ fy, vfHknku izkIr gks pqdk gSA fdlh fLFkfr esa ;g va'kksa dh la[;k] ;fn fuxZfer la[;k ls ”;knk gS rks vkcafVr va'k] fuxZfer va'kksa osQ leku gksaxsA nwljs 'kCnksa esa] vfèk vfHknku osQ rF;] iqLrdksa esa ugha izn£'kr fd, tkrs gSaA

ek¡xh xbZ ;k ;kfpr iw¡th- vfèkÑr iw¡th dk og Hkkx tks fd va'kksa ij ek¡xh tkrh gSA oaQiuh leLr jkf'k ;k va'kksa ij vafdr ewY; osQ Hkkx dks ek¡xus dk fu.kZ; ys ldrh gSA mnkgj.k osQ fy,] ;fn vkcafVr va'kksa dk vafdr ewY; (okLrfod ewY; Hkh dgykrk gS) 10 #i;s gS vkSj oaQiuh us osQoy 7 #i;s izfr va'k ek¡xk gS rks bl fLFkfr esa ek¡xh gqbZ ;k ;kfpr iw¡th osQoy 7 #i;s izfr va'k gksxhA 'ks"k 3 #i;s dks va'kèkkfj;ksa ls fdlh Hkh le; vko';drkuqlkj ek¡x fy;k tk ldrk gSA

iznÙk iw¡th- ;g ek¡xh xbZ iw¡th dk og Hkkx gS tks fd va'kèkkfj;ksa ls okLro esa izkIr dj fy;k x;k gSA tc va'kèkkjh leLr ek¡x jkf'k dk Hkqxrku dj nsrs gSa rc ek¡x iw¡th iznÙk iw¡th osQ leku gksxhA ;fn dksbZ va'kèkkjh ek¡xh xbZ jkf'k dk Hkqxrku ugha djrk gS rks ;g jkf'k cdk;k ek¡x dgykrh gSA blfy, iznÙk iw¡th] ek¡xh xbZ iw¡th esa ls cdk;k ek¡x dh jkf'k dks ?kVkus ij 'ks"k osQ leku gksxhA

v;kfpr iw¡th- vfHknÙk iw¡th dk og Hkkx tks fd vHkh rd ek¡xk tkuk ckdh gSA tSls fd igys crk;k tk pqdk gS] oaQiuh ;g jkf'k fdlh Hkh le; tc vko';drk gks] Hkfo"; osQ dks"kksa (fuf/;ksa) osQ fy, ,df=kr dj ldrh gSA

vkjf{kr iw¡th- ,d oaQiuh }kjk v;kfpr iw¡th dk ,d Hkkx tks osQoy oaQiuh osQ lekiu dh n'kk osQ fy, vkjf{kr fd;k tkrk gSA bl izdkj dh v;kfpr jkf'k oaQiuh dks ^vkjf{kr iw¡th* dgrs gSa ;g oaQiuh osQ lekiu ij osQoy ysunkjksa osQ fy, miyCèk gksrh gSA

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf

izn'kZ 1-1 va'kiw¡th dh Jsf.k;k¡

fuEu mnkgj.k ysrs gSa tks ;g n'kkZrk gS fd va'kiw¡th dks rqyu&i=k esa fdl izdkj n'kkZ;k tkrk gSA lujkbZl oaQiuh fyfeVsM 40,00,000 dh iw¡th ls iathÑr gS tksfd 10 #- izR;sd osQ 4,00,000 va'kksa esa foHkkftr gSA oaQiuh 10 #- izR;sd osQ 2,00,000 va'kksa dks turk osQ vfHknku osQ fy, vkeaf=kr djrh gS ftl ij 2 #- vkosnu ij 3 #- vkcaVu ij] 3 #- izFke ek¡x ij rFkk 'ks"k vafre ek¡x ij ns; gSA oaQiuh us 2,50,000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr fd,A oaQiuh us vafre fu.kZ; ysrs gq, 2,00,000 va'kksa dk vkcaVu fd;k 50,000 va'kksa osQ vkosnu dks vLohÑr dj fn;kA oaQiuh us vafre ek¡x dh] ek¡x ugha dhA 2,000 va'kksa ij ek¡x jkf'k osQ vfrfjDr oaQiuh us lHkh jkf'k izkIr dj yhA mijksDr jkf'k lujkbZt oaQiuh fyfeVsM osQ [kkrksa dh fVIi.kh rqyu&i=k osQ [kkrksa ij fVIif.k;ksa esa fuEu izdkj n'kkZ;k tk,xk-

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(1)

1.4 va'kksa dh Jsf.k;k¡ ,oa izÑfr

va'k] ml bdkbZ ls lacaèk j[krs gSa] ftlesa oaQiuh dh oqQy iw¡th caVh gksrh gSA blfy, ,d va'k] oaQiuh dh va'kiw¡th dk og Hkkx gS tks fd oaQiuh osQ LokfeRo esa fgr j[kus osQ vkèkkj rS;kj djrk gSA O;fDr] tks fd va'kksa osQ }kjk jkf'k dk ;ksxnku nsrs gSa oaQiuh osQ va'kèkkjh dgykrs gSaA

vfèkÑr iw¡th dh jkf'k] va'kksa dh la[;k osQ lkFk ftlesa dh og foHkkftr gS] lhek ik"kZn fu;e n'kkZ, tkrs gSa] ysfdu va'kksa dh Jsf.k;k¡ ftlesa fd oaQiuh dh iw¡th foHkkftr gS] mlosQ vfèkdkj ,oa dÙkZO;ksa osQ lkFk] oaQiuh osQ var£u;eksa esa fu/kZfjr gksrs gSaA oaQiuh vf/fu;e osQ vuqlkj ,d oaQiuh nks izdkj osQ va'kksa dk fuxZeu dj ldrh gS- (1) iwokZfèkdkjh@vfèkekuh va'k_ (2) lerk va'k (lkekU; va'k Hkh dgykrs gSa)

1.4.1 vfèkekuh va'k

oaQiuh vfèkfu;e 2013 dh èkkjk 43 osQ varZxr] ,d vfèkeku va'k og gksrk gS] tks fd nh xbZ 'krks± dh iw£r djrk gSA

(v) vfèkekuh va'kèkkfj;ksa dks ,d fuf'pr jkf'k dk ykHkka'k ikus dk vFkok izR;sd va'k osQ vafdr ewY; ij fuf'pr nj ls ifjdfyr fd, x, ykHkka'k ikus] lerk va'k/kfj;ksa dks ykHkka'k Hkqxrku ls iwoZ] dk vf/dkj gksrk gSA0

(c) iw¡th osQ lacaèk esa ;g oaQiuh osQ lekiu ij bl va'k dh iw¡th okil izkIr djus dk vfèkdkj lerk va'k ls iwoZ gksrk gSA

;|fi mijksDr nks 'krks± esa] vfèkeku va'kèkkjh oaQiuh osQ vkf/D;ksa esa iw.kZ :i ls ;k fdlh lhek rd Hkkx ysus dk vfèkdkj j[krs gSa tks fd oaQiuh osQ lhek fu;eksa vFkok var£u;eksa esa igys ls o£.kr gksrk gSA vr% vfèkeku va'k Hkkxh vkSj xSj&Hkkxh gks ldrs gSaA blh izdkj ;g va'k lap;h vkSj vlap;h Hkh gks ldrs gSa vkSj 'kksè; rFkk v'kksè; Hkh gks ldrs gSaA

1.4.2 lerk va'k

oaQiuh vfèkfu;e dh 2013 dh /kjk 43 osQ vuqlkj ,d lerk va'k] og va'k gS tks vfèkeku va'k ugha gSaA nwljs 'kCnksa esa og va'k tks fd ykHkka'k osQ Hkqxrku ;k iw¡th osQ iqu% Hkqxrku osQ lacaèk esa dksbZ vfèkdkj ugha j[krk lerk va'k dgykrk gSA lerk va'kèkkjh] oaQiuh osQ ykHkksa esa ls mudk Hkkx] vfèkeku va'kèkkjdksa dks ykHkka'k osQ vfèkdkj osQ i'pkr~ ysus osQ vfèkdkjh gksrs gSaA lerk va'kksa ij ykHkka'k fuf'pr ugha gS] ;g o"kZ izfro"kZ cnyrk jgrk gS] tks fd miyCèk ykHk esa ls forj.k dh jkf'k ij fuHkZj djrk gSA lerk va'kiw¡th gks ldrh gS- (1) erkfèkdkj lfgr_ (2) erkf/dkj gsrq foHksnd vf/dkj] ykHkak'k vFkok fuèkkZfjr dh xbZ ifjfLFkfr;ksa osQ vuqlkj fu;eksa ijA

Lo;a tk¡fp,&1

crkb;s fd fuEu esa ls dkSu&lk dFku lR; gS-

(i) oaQiuh ,d Ñf=ke O;fDr gSA

(ii) ,d oaQiuh osQ va'kèkkjh] oaQiuh osQ fy, dk;Z djus osQ fy, mÙkjnk;h gSaA

(iii) oaQiuh dk izR;sd lnL;] izcaèk esa Hkkx ysus dk vfèkdkjh gSA

(iv) lkekU;r% oaQiuh osQ va'k gLrkarj.kh; gksrs gSa

(v) va'k vkosnu [kkrk ,d O;fDrxr [kkrk gSA

(vi) oaQiuh osQ lapkyd dks va'kèkkjh gksuk vko';d gSA

(vii) iznÙk iw¡th] ;kfpr iw¡th ls vfèkd gks ldrh gSA

(viii) iw¡th lap; dk fuekZ.k] iw¡th ykHkksa esa ls fd;k tkrk gSA

(ix) va'kksa osQ fuxZeu osQ le;] izfrHkwfr izhfe;e dh vfèkdre jkf'k 10% gksxhA

(x) iw¡th dk og Hkkx tks fd lekiu osQ le; ek¡xk x;k gS] vkjf{kr iw¡th dgykrk gSA

(xi) gj.k fd, x, va'kksa dk cV~Vs ij fuxZeu ugha fd;k tk ldrkA

(xii) ewy :i ls cV~Vs ij fuxZfer fd, x, va'kksa dks izhfe;e ij iqu% fuxZfer fd;k tk ldrk gSA


1.5 va'kksa dk fuxZeu

oaQiuh dh iw¡th dh fo'ks"krk ;g gS fd va'kksa dh jkf'k dks vklku fd'rksa ij ,df=kr fd;k tk ldrk gS tks fd le; osQ O;rhr gksus osQ lkFk&lkFk foÙkh; vko';drkvksa ij ,df=kr fd;k tkrk gS ftls vkosnu jkf'k dgrs gSa] rRi'pkr~ Js.kh dks vkcaVu (vkcaVu jkf'k) dgrs gSa vkSj 'ks"k fd'r tks fd izFke ek¡x vkSj blh izdkj f}rh; ek¡x dgykrh gSA vafre fd'r osQ vkxs vafre ek¡x dk iz;ksx gksxk ;|fi] ;g va'kksa osQ vkosnu osQ le; oaQiuh }kjk iw.kZ jkf'k dh ek¡x osQ vfèkdkj dks jksdus dk dksbZ rjhdk ugha gSA

va'k fuxZeu dh izfØ;k osQ varxZr egÙoiw.kZ pj.k fuEu gSaA

fooj.k&if=kdk dk fuxZeu- oaQiuh loZizFke turk esa izfooj.k i=k tkjh djrh gSA fooj.k&if=kdk turk dks ,d vkea=k.k gksrk gS fd ,d ubZ oaQiuh vfLrRo esa vk pqdh gS vkSj bldks O;olk; djus osQ fy, dks"kksa dh vko';drk gSA blesa oaQiuh osQ lacaèk esaa iw.kZ tkudkfj;k¡ vkSj Hkkoh fuos'kdrkZvksa ls ,df=kr dh tkus okyh jkf'k osQ rjhosQ fy[ks gksrs gSaA

vkosnu i=kksa dh izkfIr- tc turk esa fooj.k&if=kdk dks fuxZfer dj fn;k tkrk gS rks Hkkoh fuos'kdrkZ va'kiw¡th esa vfHknku osQ fy, vis{kk djrs gSa rFkk vkosnu osQ lkFk&lkFk vkosnu jkf'k izfooj.k esa fof'k"VhÑr fd, x, vuqlwfpr cSad esa tek djkrs gSaA oaQiuh dks izfooj.k i=k tkjh djus osQ 120 fnu osQ Hkhrj U;wure vfHknku izkIr djuk gksxkA ;fn oaQiuh nh xbZ le;kofèk esa mijksDr jkf'k izkIr djus esa foI+kQy@vleFkZ jgrh gS] rks oaQiuh vkcaVu dh izfØ;k ugha dj losQxh rFkk izfooj.k tkjh djus osQ 130 fnu osQ Hkhrj vkosnu jkf'k ykSVkuh gksxhA

va'kksa dk vkcaVu- ;fn U;wure vfHknku izkIr gks pqdk gS] rks ,d oaQiuh vc dkuwuh vkSipkfjdrkvksa dks iwjk djus osQ i'pkr~ va'kksa dks vkcafVr djus dh izfØ;k dks iwjk dj ldrh gSA ftu O;fDr;ksa dks va'k vkcafVr fd, tkus gSa mUgsa vkcaVu i=k Hkstk tkrk gS rFkk ftUgsa dksbZ va'k vkcafVr ugha fd;k tkuk mUgsa [ksni=k Hkstk tkrk gSA tc vkcaVu fd;k tkrk gS rks oaQiuh rFkk vkosndksa] tks fd vc oaQiuh osQ va'kèkkjh gSa] osQ chp ,d oSèk vuqcaèk gks tkrk gSA

U;wure vfHknku

blls vk'k; gS] og U;wure jkf'k tks fd lapkydksa dh jk; esa O;kikfjd vko';drkvksa dks iwjk djus osQ fy, vko';d gS] tks fd lacafèkr gSa-

fdlh Hkh ifjlaifÙk dk Ø; ewY;] ;k tks Ø; dh xbZ ;k Ø; dh tkuh gS tks fd iw.kZ ;k vkaf'kd :i ls va'kksa dh jkf'k ls Hkqxrku fd;k tkuk gSA

oaQiuh osQ }kjk izkjafHkd O;;ksa dks ns; gksuk ;k va'kksa osQ fuxZeu osQ lacaèk esa fdlh izdkj dk deh'ku ns;A

mijksDr nks ifjfLFkfr;ksa esa oaQiuh }kjk fdlh izdkj dh mèkkj yh xbZ jkf'k dk iquHkqZxrkuA

dk;Z'khy iw¡th_

O;kolkf;d fØ;kdykiksa dks iwjk djus osQ fy, dksbZ vU; [kpZA

;g Lej.kh; gS fd lsch fn'kkfunZs'k] 2000 [6.3.8.1 vkSj 6.3.8.2] osQ vuqlkj U;wure vfHknku tkjh dh xbZ jkf'k dk 90%ls de ugha gksuk pkfg;sA ;fn ;g 'krZ iw.kZ ugha gksrh rks oaQiuh vkosnu ij izkIr leLr jkf'k dks ykSVkus osQ fy, ckè; gksrh gSaA vfHknku osQ can gksus dh frfFk osQ 8 fnuksa osQ foyac dh fLFkfr esa oaQiuh ml jkf'k ij 15% C;kt nsus osQ fy, ckè; gksxh [/kjk 73(2)]A


va'kksa dks leewY; ;k vfèkykHk ij fuxZfer fd;k tk ldrk gSA va'kksa dk leewY; ij fuxZeu dgykrk gS ;fn mudh fuxZfer jkf'k] fn, x, fu;e o 'krks± osQ vuqlkj vafdr ewY; osQ cjkcj gks tc oaQiuh }kjk fuxZfer va'kksa dk ewY; vafdr ewY; ls vfèkd gks rks ;g vfèkewY; ij fuxZeu gSA bl rF; osQ vuqlkj ;fn va'kksa dks leewY; vkSj vfèkykHk ij fuxZfer fd;k tkrk gS rks oaQiuh dh va'kiw¡th tSlh fd igys o£.kr gS] dks fd'rksa osQ varxZr izkIr fd;k tkrk gS tks fd fHkUu&fHkUu pj.kksa ij ns; gksrh gSA

1.6 ys[kkadu O;ogkj

vkosnu ij- fofHkUu fd'rksa osQ lkFk Hkqxrku dh xbZ jkf'k va'kiw¡th esa vfHknku dks n'kkZrh gS tks fd varr% va'kiw¡th [kkrs esa tek dh tk,xh gkyk¡fd lqfoèkk osQ fy, izR;sd fd'r osQ fy, vyx [kkrk [kksyk tkrk gS vkosnu osQ lkFk izkIr jkf'k dks bl mís'; osQ fy, vf/lwfpr cSad esa ,d vyx [kkrk [kksydj tek dh tk,xhA jks”kukepk izfof"V fuEu izdkj gksxh-

cSad [kkrk                  uke

va'k vkosnu [kkrs ls

(- va'kksa ij ________ izfr va'k vkosnu ij izkIr jkf'k)

vkcaVu ij- tc U;wure vfHknku izkIr gksxk rc oqQN dkuwuh vkSipkfjdrkvksa dks iw.kZ djus osQ lkFk] oaQiuh osQ funZs'kd va'kksa dk vkcaVu djsaxsA

va'kksa dk vkcaVu] oaQiuh vkSj vkosndksa] tks fd va'kksa osQ vkcaVh gSa vkSj va'kèkkjd lnL; ekus tkrs gS] osQ chp vuqca/ fufgrkFkZ gSA

va'kksa dk vkcaVu
(ys[kkadu dh n`f"V ls fufgrkFkZ)

;g izFkk gS fd oqQN jkf'k tks fd vkcaVu jkf'k dgykrh gSA va'kksa osQ vkacfV;ksa ls vkcaVu djus osQ lkFk gh ek¡x yh tkrh gSA

vkosndksa ls vkea=k.k dh LohÑfr feyus ij ;g jkf'k tks fd vkosnu ij izkIr gqbZ gS] dks ml iw¡th [kkrs esa gLrkarj.k fd;k tk,xk] D;ksafd vkSipkfjd :i ls ;g ml dk Hkkx gksrh gSA

jnn~ fd, x, vkosnu i=k izkIr&jkf'k dks ;k rks iwjh rjg vkosndksa dks dkuwu lsch ¼kjk fu/kZfjr vof/ osQ Hkhrj ykSVkuh gksxhA

;fn de va'kksa dk vkcaVu fd;k x;k gS rks vkosnu ls vfèkd jkf'k dks vkcafV;ksa ij vkcaVu osQ ns; gksus ij lek;ksftr dh tk,xhA

va'kiw¡th osQ lacaèk esa ckn okyh 2 pj.k va'k vkosnu [kkrs dks can djsaxs tks fd va'kiw¡th ysunsuksa dk ,d vLFkk;h [kkrk gSA

va'kksa osQ vkcaVu osQ lacaèk esa jks”kukepk izfof"V;k¡ fuEu izdkj gksaxh-

1. vkosnu ij izkIr jkf'k dk gLrkarj.k

va'k vkosnu [kkrk       uke

va'kiw¡th [kkrs ls

(-va'kksa ij vkosnu jkf'k dk va'kiw¡th ls gLrkarj.k)

2. vLohÑr vkosnuksa dh jkf'k dks okil djus ij

va'k vkosnu [kkrk       uke

cSad [kkrs ls

(-va'kksa ij vLohÑr vkosnuksa ij jkf'k dh okilh ij)

3. vkcaVu ij ns; jkf'k osQ fy,

va'k vkcaVu [kkrk      uke

va'kiw¡th [kkrs ls

4. vfèkd vkosnu jkf'k osQ lek;kstu osQ fy,

va'k vkosnu ij [kkrk     uke

va'k vkcaVu [kkrs ls

(-va'kksa ij vkosnu jkf'k dks vkcaVu ns; jkf'k esa lek;kstu)

5. vkcaVu jkf'k osQ izkIr gksus ij-

cSad [kkrk          uke

va'k vkcaVu [kkrs ls

(-va'kksa ij& izfr va'k dh nj ls izkIr vkcaVu jkf'k)

O;ogkj (2) vkSj (4) dks la;qDr :i esa bl izdkj Hkh fy[kk tk ldrk gS

va'k vkosnu [kkrk        uke

cSad [kkrs ls

va'k vkcaVu [kkrs ls

(-va'kksa ij vLohÑr vkosnuksa ij jkf'k dh okilh vkSj vkosnu jkf'k dks vkcaVu ns; jkf'k esa lek;kstu)

dHkh&dHkh oaQiuh dh iqLrdksa esa va'k vkosnu vkSj va'k vkcaVu [kkrk la;qDr :i ls [kksyk tkrk gS tks va'k vkosnu vkSj vkcaVu [kkrk dgykrk gSA la;qDr [kkrk bl dkj.k ij vkèkkfjr gS fd ¶vkcaVu fcuk vkosnu osQ vlaHko gS tcfd vkosnu fcuk vkcaVu osQ vFkZfoghu gS¸A va'kiw¡th dh bu nks ifjfLFkfr;ksa esa ?kfu"B varl±caèk gS tc [kkrk la;qDr j[kk tkrk gS rc jks”kukepk izfof"V;ksa dks fuEu izdkj izys[ku fd;k tk,xk-

1. vkosnu vkSj vkcaVu jkf'k izkIr gkus ij

cSad [kkrk                  uke

va'k vkosnu vkSj vkcaVu [kkrs ls

(-va'kksa ij ______ dh nj ls izkIr vkosnu vkSj vkcaVu jkf'k)

2. vkosnu vkSj vkcaVu jkf'k osQ gLrkarj.k ij

va'k vkosnu vkSj vkcaVu [kkrk  uke

va'kiw¡th [kkrs ls

(va'k vkosnu vkSj vkcaVu jkf'k dk va'kiw¡th [kkrs esa gLrkarj.k)

3. vLohÑr vkosnuksa dh jkf'k dh okilh ij-

va'k vkosnu vkSj vkcaVu [kkrk  uke

cSad [kkrs ls

(-va'kksa osQ vlI+kQy vkosndksa dh vkosnu jkf'k dh okilh)

4. 'ks"k vkcaVu jkf'k dh izkfIr ij

cSad [kkrk                  uke

va'k vkosnu vkSj vkcaVu [kkrs ls

('ks"k vkcaVu jkf'k dh izkfIr ij)

ek¡x ij- va'kksa dks iw.kZ Hkqxrku izkIr djus esa vkSj va'kèkkjdksa ls va'kksa dh iw.kZ jkf'k olwy djus esa ek¡x ,d vko';d Hkwfedk fuHkkrh gSA vkcaVu dh iw.kZvof/ rd] va'kksa osQ iw.kZ :i ls Hkqxrku uk ek¡xs tkus dh fLFkfr esa] funs'kd va'kksa ij 'ks"k jkf'k dks fdlh Hkh le; vko';drkuqlkj ek¡xs tkus dk fu.kZ; ysus dk vfèkdkj j[krs gSaA ;g Hkh laHko gS fd va'kèkkfj;ksa }kjk ek¡x Hkqxrku dk le; va'kksa osQ fuxZeu osQ le; fn;k x;k gks ;k fooj.k&i=k esa bldk mYys[k fd;k x;k gksA

va'kksa ij ek¡x osQ lacaèk esa nks egÙoiw.kZ fcanq gSa izFke dksbZ Hkh ek¡x jkf'k va'kksa osQ vafdr ewY; ls 25% ls vfèkd ugha gksxhA f}rh; nks ek¡x osQ eè; esa de ls de ,d ekg dk varjky gksuk pkfg, ;k tSlk dh oaQiuh osQ lhek var£u;e esa izkoèkku fd;k x;k gksA

va'kksa ij ek¡x jkf'k izkIr gksus ij fuEuor~ jks”kukepk izkof"V dh tkrh gS-

1. ek¡x jkf'k ns; gksus ij

va'k ek¡x [kkrk      uke

va'kiw¡th [kkrs ls

(- va'kksa ij ______ #- dh nj ls ek¡x jkf'k ns;)

2. ek¡x jkf'k izkIr gkus ij

cSad [kkrk          uke

va'k ek¡x [kkrs ls

(ek¡x jkf'k izkIr)

izFke] f}rh; vFkok r`rh; 'kCnksa dk iz;ksx va'k ek¡x [kkrk esa va'k vkSj ek¡x [kkrk esa va'k] vkSj ek¡x osQ eè; fd;k tkuk vko';d gS rkfd ek¡x dh Js.kh dh igpku dh tk losQA mnkgj.k osQ fy, izFke ek¡x dh fLFkfr esa va'k izFke ek¡x [kkrk] f}rh; ek¡x dh n'kk esa va'k f}rh; ek¡x [kkrk dgyk,xkA ;gk¡ è;ku ;ksX; gS fd 'kCn ^vkSj vafre* dks Hkh tksM+k tkrk gS ;fn ;g vafre ek¡x gS tSls ;fn f}rh; ek¡x vafre ek¡x gS rks ;g f}rh; vkSj vafre ek¡x dgyk,xh vkSj ;fn r`rh; ek¡x vafre ek¡x gS rks bls r`rh; o vafre ek¡x dgsaxsA ;g Hkh laHko gS fd oaQiuh vkcaVu osQ ckn laiw.kZ 'ks"k jkf'k ,d gh ek¡x esa ,df=kr djsA ,slh fLFkfr esa izFke ek¡x gh izFke vkSj vafre ek¡x dgyk,xhA

turk esa vfHknku osQ fy, tc va'kksa dks fuxZfer fd;k tkrk gS rks fuEu ckrksa dks è;ku esa j[kk tk,xk-

1. vkosnu jkf'k] va'kksa osQ vafdr ewY; dk de ls de 5% gksuh pkfg,A

2. ek¡x dks lhek var£u;e osQ izkoèkku osQ vqulkj gh ek¡xk tk,xkA

3. ogk¡] tgk¡ ij dksbZ var£u;e ugha gS rks ¶lkj.kh&v¸ esa fn, x, fuEu izkoèkku ykxw gksaxsA

(v) nks ek¡xksa osQ eè; ,d eghus dk varjky gksxkA

(c) ek¡xh xbZ jkf'k va'kksa osQ vafdr ewY; dk 25% ls ”;knk ugha gksxkA

(l) va'kèkkfj;ksa dks jkf'k osQ Hkqxrku osQ fy, de ls de 14 fnuksa dk uksfVl fn;k tkuk pkfg,A

(n) leku Js.kh osQ lHkh va'kksa ij ek¡x dks ,d leku vkèkkj ls ek¡xk tk,xkA

fVIi.kh- lerk va'k rFkk vfèkeku va'k nksuksa osQ fy, ys[kkadu dh izfØ;k leku gS] nksuksa esa eè; varj (Hksn) osQ fy, izR;sd fd'r ls igys ^lerk* vkSj ^vfèkeku* 'kCnksa dk iz;ksx fd;k tk,xkA


mnkgj.k 1

eksuk vFkZ ewoj fyfeVsM us 100 #i;s okys 12,000 va'k fuxZZfer fd,A bu ij ns; jkf'k;k¡ fuEukuqlkj gSa- 30 #i;s vkosnu ij] 40 #i;s vkcaVu ij] 20 #i;s izFke ek¡x ij vkSj 'ks"k f}rh; rFkk vafre ek¡x ijA 13,000 va'kksa osQ fy, vkosnu i=k Lohdkj fd, x,A funs'kdksa us 1,000 va'kksa osQ fy, vkosnu dks vLohdkj dj fn;k rFkk mudh leLr jkf'k ykSVk nh xbZA lHkh va'kksa ij vkcaVu jkf'k dks Lohdkj fd;k x;k vkSj 100 va'kksa dks NksM+dj lHkh ns; jkf'k dks izkIr fd;k x;kA eksuk vFkZ ewoj fyfeVsM dh iqLrdksa esa ysu&nsu izysf[kr djsaA

gy

eksuk vFkZ ewoj fyfeVsM dh iqLrosaQ jks”kukepk

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(2)

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(1)

mnkgj.k 2

bZLVuZ oaQiuh fyfeVsM us 10 #i;s izR;sd dh jkf'k osQ 40,000 va'k turk osQ va'kiw¡th osQ fy, fux£er fd,A bu ij ns; jkf'k;k¡ fuEukuqlkj gSaA vkosnu ij 4 #i;s] vkcaVu ij 3 #i;s vkSj 'ks"k izFke rFkk vaafre ek¡x ijA 40,000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr fd, x,A oaQiuh us vkosndksa dks leLr vkcaVu dj fn;kA vkcaVu rFkk izFke vkSj vafre ek¡x ij ns; jkf'k dks izkIr dj fy;k x;kA oaQiuh dh iqLrdksa esa jks”kukepk esa ysu&nsu izysf[kr djsaA

bZLVuZ oaQiuh fyfeVsM dh iqLrosaQ jks”kukepk

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(4)Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(5)

Lo;a djsa

1 vizSy 2014 dks ,d fyfeVsM oaQiuh dks 40,000 #i;s dh vfèkÑr iw¡th okys 10 #i;s izR;sd va'k osQ lkFk fuxfer (lfEefyr) fd;k x;kA oaQiuh us turk esa vfHknku osQ fy, 3,000 va'kksa dks fuxZfer fd;k] ftu ij ns; jkf'k;k¡ gSa-

vkosnu ij 3 #i;s izfr va'k

vkcaVu ij 2 #i;s izfr va'k

izFke ek¡x ij (vkcaVu osQ 1 eghus i'pkr~) 2.50 #i;s izfr va'k

f}rh; vkSj vafre ek¡x ij 2.50 #i;s izfr va'k

turk }kjk leLr va'kksa dk vfHknku fd;k x;k rFkk vkosnu jkf'k dks 15 vizSy 2014 dks izkIr fd;k x;kA lapkydksa us 1 ebZ 2014 dks vkcaVu fd;kA

vki va'k iwth osQ ysu&nsu dks ,d oaQiuh dh iqLrdksa esa fdl izdkj izysf[kr djsaxs ;fn oaQiuh us leLr ns; jkf'k dks izkIr dj fy;k x;k gS vkSj oaQiuh la;qDr vkosnu rFkk vkcaVu osQ [kkrs cukrh gSA

1.6.1 cdk;k ek¡x

lekU;r% ;g ik;k x;k gS fd ek¡xh xbZ iw¡th dk Hkkx va'kèkkfj;ksa }kjk ns; frfFk rd pqdk;k ugha tkrkA tc dksbZ va'kèkkjh ek¡xh xbZ vkcaVu dh jkf'k ;k ek¡x jkf'k dk Hkkx ns; frfFk rd ugha pqdk ikrk rks bl jkf'k dks ;|fi] cdk;k ek¡x dgrs gSaA ek¡x jkf'k] lHkh ek¡x [kkrksa dk uke 'ks"k n'kkZrh gS rFkk bl jkf'k dks [kkrksa dh fVIi.kh esa iznf'kZr fd;k tk,xk (ns[ksa vè;k; 3) rFkk bldks pqdrk iw¡th esa ls ?kVkdj rqyu&i=k osQ nkf;Ro i{k esa n'kkZ;k tkrk gSA tgk¡ ,d oaQiuh ^cdk;k ek¡x [kkrk* rS;kj djrh gS] rks ,slh fLFkfr esa vfrfjDr jks”kukepk izfo"Vh dh tk,xhA ;|fi ,slk djuk vko';d ugha gSA

cdk;k ek¡x [kkrk           uke

va'k izFke ek¡x [kkrs ls

va'k f}rh; ,oa vafre ek¡x [kkrs ls

(cdk;k ek¡x jkf'k dks ys[kksa esa ys tkrs gq,)

oaQiuh dh lhek var£u;e- lkekU;r% oaQiuh osQ lapkydksa dks cdk;k ek¡x jkf'k ij C;kt dh jkf'k osQ fufnZ"V nj ls ifjorZu djus dk vfèkdkj nsrs gSa] bl izdkj dh fLFkfr esa ;fn var£u;e bldk [kqyklk ugha djrs rks ^lkj.kh&,iQ* esa fn, x, fu;e osQ vuqlkj C;kt yxk;k tk,xk tks fd ;g n'kkZrk gS fd C;kt nj 10% ls vf/d ugha gks ldrh gSA Hkqxrku fd, tkus okys C;kt dh x.kuk fu/kZfjr frfFk rFkk va'kèkkjh }kjk okLrfod Hkqxrku dh frfFk osQ eè; dh le;kof/ osQ fy, dh tk,xhA

ek¡x jkf'k osQ C;kt lfgr izkfIr ij] C;kt dh jkf'k dks C;kt [kkrs esa tcfd ek¡x jkf'k dks Øe'k% ek¡x [kkrs vFkok cdk;k ek¡x [kkrs esa tek fd;k tk,xkA tc va'kèkkjh cdk;k ek¡x jkf'k dk C;kt lfgr Hkqxrku djrk gS rks bl lacaèk esa izfof"V fuEu izdkj ls gksxhA

cSad [kkrk               uke

cdk;k ek¡x [kkrs ls

C;kt [kkrs ls

(C;kt lfgr ckdk;k ek¡x jkf'k izkIr gksus ij)

;fn oqQN Hkh o£.kr ugha gS] rks ;gka ek¡x ij C;kt dh jkf'k dks ys[ks esa ys tkus rFkk mijksDr izfof"V djus dh vko';drk ugha gSA

mnkgj.k 3

Øksfud fyfeVsM us 10,000 lerk va'k tks fd 10 #i;s izR;sd gS] fuxZfer fd,A bu ij ns; jkf'k;k¡ bl izdkj gSa-

vkosnu ij 2.50 #i;s_ vkcaVu ij 3 #i;s_ izFke ek¡x ij 2 #i;s rFkk 'ks"k f}rh; ,ao vafre ek¡x ijA lHkh va'kksa ij iw.kZ :i ls vfHknku Lohdkj fd;k x;k flok; ,d va'kèkkjh osQ] ftlus 100 va'kksa osQ fy, vkosnu fd;k ysfdu f}rh; ,ao vafre ek¡x jkf'k dk Hkqxrku ugha fd;kA bl ysu&nsu osQ lanHkZ esa jks”kukepk izfof"V djsaA

gy

Øksfud fyfeVsM jks”kukepk

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(6)

1.6.2 vfxze ek¡x [kkrk

dHkh&dHkh oqQN va'kèkkjh oaQiuh osQ va'kksa ij izkIr jkf'k dk oqQN Hkqxrku ;k leLr Hkqxrku] ek¡x ls iwoZ gh dj nsrs gSaA va'kèkkfj;ksa ls izkIr bl jkf'k dks vfxze ek¡x jkf'k dgrs gSaA vfxze ek¡x jkf'k ,d oaQiuh osQ fy, ns;èku gS vkSj bls vfxze ek¡x [kkrs esa tek fd;k tkrk gSA izkIr jkf'k dks ek¡x jkf'k osQ ns; gksus dh frfFk osQ lkFk gh lek;ksftr fd;k tkrk gSA oaQiuh vfèkfu;e dh ^lkj.kh laca/ ,iQ* esa vfxze ek¡x osQ lacaèk esa C;kt dh jkf'k ij 12% dh nj ls ”;knk dk izkoèkku ugha n'kkZrhA

vfxze ek¡x dh izkfIr ij jks”kukepk izfof"V dh tk,xh-

cSad [kkrk        uke

vfxze ek¡x [kkrs ls

(vfxze ek¡x jkf'k dh izkfIr ij)

tc okLro esa ek¡x jkf'k ns; gksrh gS rks vfxze ek¡x jkf'k osQ lacaèk esa fuEu jks”kukepk izfof"V dh tk,xhA

vfxze ek¡x [kkrk       uke

lacafèkr ek¡x [kkrs ls

(vfxze ek¡x jkf'k dks ek¡x jkf'k osQ ns; osQ lkFk lek;ksftr djus ij)

vfxze ek¡x [kkrs dk 'ks"k oaQiuh osQ rqyu&i=k esa mi'kh"kZ vU; pkyw nkf;Ro tks 'kh"kZ pkyw nkf;Ro osQ varxZr 'kh"kZd lerk ,oa ns;rkvksa esa n'kkZ;k tkrk gSA ysfdu pqdrk iw¡th dh jkf'k esa ugha tksM+k tk,xkA

tSls fd vfxze ek¡x ,d oaQiuh osQ fy, nkf;Ro gS] ;g oaQiuh dk dÙkZO; gS] fd bl izdkj dh jkf'k dh izkfIr ij] izkfIr dh frfFk ls okLrfod ns; frfFk rd C;kt dk Hkqxrku djsA lekU;r% vfxze ek¡x [kkrs ij ns; C;kt dh nj dk mYys[k fdlh Hkh oaQiuh osQ ik"kZn var£u;e esa fd;k tkrk gSA

;fn var£u;eksa esa bl lacaèk esa dksbZ izkoèkku ugha gS] rks vfxze ek¡x osQ lacaèk esa ^lkj.kh ,iQ* ykxw gksxh tks fd ;g n'kkZrh gS fd C;kt dh nj 12% izfro"kZ ls ”;knk ugha gksxhA vfxze ek¡x osQ lacaèk esa C;kt dh jkf'k dk ys[kkadu O;ogkj gksxk-

1. C;kt dh jkf'k osQ Hkqxrku ij

vfxze ek¡x ij C;kt [kkrk      uke

cSad [kkrs ls

(vfxze ek¡x ij izkIr C;kt osQ Hkqxrku ij)

vFkok

2.(d) C;kt ns; gksus ij

vfxze ek¡x ij C;kt [kkrk      uke

fofoèk va'kèkkfj;ksa osQ [kkrs ls

(vfxze ek¡x ij C;kt)

2.([k) C;kt dh jkf'k osQ Hkqxrku ij

fofo/ va'k/kfj;ksa osQ [kkrksa esa   uke

cSad [kkrs ls

(vfxze ek¡x ij C;kt osQ Hkqxrku ij)

mnkgj.k 4

dksfudk fyfeVsM 2,00,000 #i;s dh vfèkÑr lerk iw¡th tks fd 2,000 va'kksa 100 #i;s izR;sd esa foHkkftr gS] lkFk gh iw¡thÑr gS] us vfHknku osQ fy, 1,000 va'k fuxZfer fd,] ftu ij 25 #i;s vkosnu jkf'k_ 30 #i;s vkcaVu jkf'k_ 20 #i;s izFke ek¡x ij_ vkSj 'ks"k vko';drkuqlkj ek¡xs tkus ijA

1,000 va'kksa osQ fy, vkosnu Lohdkj fd, x, vkSj vkcaVu fd;k x;kA vkcaVu dh jkf'k iw.kZ :i ls izkIr dh xbZ] ysfdu tc izFke ek¡x jkf'k ek¡xh xbZ rks ,d va'kèkkjh ftls 100 va'k vkcafVr fd, x, Fks] ek¡x jkf'k pqdkus esa vleFkZ Fkk rFkk ,d vU; va'kèkkjh us 50 va'kksa osQ fy, laiw.kZ jkf'k dk Hkqxrku dj fn;kA oaQiuh us dksbZ vU; ek¡x ugha dhA

oaQiuh dh iqLrdksa esa va'kiw¡th osQ ysunsu ls lacafèkr vko';d jks”kukepk izfof"V;k¡ djasA

gy

dksfudk fyfeVsM dh iqLrosaQ jks”kukepk
Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(7)
Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(8)

O;ogkj esa leLr izkIr jkf'k dks jksdM+ cgh esa izysf[kr fd;k tk,xk] jks”kukepksa esa ugha (ns[ksa mnkgj.k 5)A

mnkgj.k 5

;wuhd fiDplZ fyfeVsM dk iathdj.k 5,00,000 #i;s dh vfèkÑr iw¡th ftldks 20,000 #i;s 5% vf/eku (iwokZf/dkj va'k) 10 #i;s izR;sd va'k rFkk 30,000 lerk va'k] 10 #i;s izR;sd va'k esa ck¡Vk x;kA oaQiuh us 10,000 iwokZfèkdkj rFkk 15,000 lerk va'kksa dk vfHknku izkfIr gsrq turk esa fuxZeu fd;kA va'kksa ij ns; jkf'k fuEu izdkj gS-

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(9)

lHkh va'kksa ij iw.kZ :i ls vfHknku Lohdkj fd;k x;kA f}rh; vkSj vafre ek¡x 100 lerk va'kksa rFkk 200 vf/ekuh va'kksa osQ vfrfjDr lHkh ns; jkf'k;k¡ izkIr dh xb±A mijksDr ysunsu dks jks”kukepk esa izysf[kr djsaA lkFk gh jksdM+ iqLrd vkSj rqyu&i=k Hkh rS;kj djsaA

gy

;wuhd fiDplZ fyfeVsM dh iqLrosaQ jks”kukepk

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(10)

jksdM+ iqLrd (cSad LarHk)

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(11)

;wuhd fiDplZ fyfeVsM dk rqyu&i=k

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(12)

[kkrksa dh fVIif.k;k¡-

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(13)

mnkgj.k 6

jksfgr ,aM oaQiuh us 30,000 va'k 10 #i;s izR;sd va'k fuxZfer fd,] ftl ij 3 #i;s vkosnu ij_ 3 #i;s vkcaVu_ vkSj 2 #i;s izFke ek¡x 2 eghus osQ i'pkr~ ns; gSA vkcaVu jkf'k dks NksM+dj lHkh ns; jkf'k izkIr gqbZ ysfdu izFke ek¡x ij ,d va'kèkkjh ftlosQ ikl 400 va'k Fks izFke ek¡x jkf'k dk Hkqxrku ugha fd;k vkSj ,d vU; va'kèkkjh ftlosQ ikl 300 va'k Fks] us f}rh; vkSj vafre ek¡x tks fd 2 #i;s gS vHkh ek¡xh ugha xbZ dk Hkqxrku dj fn;kA oaQiuh dh iqLrdksa esa vko';d jks”kukepk izfof"V;k¡ djsaA

gy

jksfgr ,aM oaQiuh dh iqLrosaQ jks”kukepk

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(14)

Lo;a djsa

1. ,d oaQiuh us 20,000 lerk va'k 10 #i;s izR;sd tks fd 3 #i;s vkosnu_ 3 #i;s vkcaVu_ 2 #i;s izFke ek¡x_ vkSj 2 #i;s f}rh; ek¡x vkSj vafre ek¡x ij ns; gS] dk fuxZeu fd;kA vkcaVu jkf'k dks 1 ebZ 2014 ;k mlls igys Hkqxrku fd;k tk ldrk gSA izFke ek¡x] 1 vxLr 2014 ;k mlls igys vkSj f}rh; vkSj vafre ek¡x 1 vDrwcj 2014 ;k mlls igys Hkqxrku fd;k tk ldrk gSA ^,Dl* ftldks 1,000 va'k vkcafVr fd, x,] us vkcaVu rFkk ek¡x jkf'k dk Hkqxrku ugha fd;k_ ^okbZ* ftldks 600 va'k vkcafVr fd, x, Fks] us nksuksa ek¡x jkf'k dk Hkqxrku ugha fd;k vkSj ^”ksM* ftlosQ ikl 400 va'k Fks] us vafre ek¡x dk Hkqxrku ugha fd;kA jks”kukepk izfof"V;k¡ dhft, rFkk 30 ekpZ 2015 ij oaQiuh dk rqyu&i=k rS;kj djsaA

2. vYiQk oaQiuh fyfeVsM us 10 #i;s izR;sd osQ 10,000 va'k] fuxZfer fd,A bu ij ns; jkf'k;k¡ bl izdkj gSaA 3 #i;s vkosnu ij_ 2 #i;s vkcaVu ij vkSj 'ks"k nks leku fd'rksa ij ns; gSA vkcaVu dh jkf'k 30 ekpZ 2015 ;k mlls igys_ izFke ek¡x jkf'k 30 tqu 2015 ;k mlls igys vkSj vafre ek¡x jkf'k 31 vxLr ;k mlls igys ns; gSA feLVj ^v* ftudks 600 va'kksa dk vkcaVu fd;k x;k Fkk_ us va'kksa osQ vafdr ewY; dk lHkh 'ks"k vkcaVu osQ le; gh dj fn;kA oaQiuh dh iqLrdksa esa jks”kukepk izfof"V;k¡ izysf[kr djsa vkSj bl frfFk ij oaQiuh dk fLFkfr fooj.k Hkh rS;kj djsaA

1.6.3 vfèk&vfHknku

oqQN fLFkfr;ksa esa tc oaQiuh dks turk esa fuxZfer va'kksa ls vfèkd va'kksa osQ fy, vkosnu i=k izkIr gks tkrs gSa] tks fd vDlj oaQiuh dh etcwr@lqn`<+ foÙkh; fLFkfr ,oa vPNs izca/ osQ dkj.k gksrk gS] vfèk&vfHknku dgykrk gSA

bl izdkj dh fLFkfr esa lapkydksa osQ ikl blosQ O;ogkj osQ fy, rhu fodYi ekStwn gSa- (1) oqQN vkosnuksa dks iw.kZ :i ls Lohdkj djosQ rFkk 'ks"k dks iw.kZ :i ls euk dj fn;k tkrk gS_ (2) lHkh vkosndksa osQ va'kksa dk vkcaVu vkuqikfrd ;k lekuqikr :i esa fd;k tk ldrk gS_ rFkk (3) mijksDr nksuksa fofèk;ksa dks la;qDr :i ls ykxw dj ldrs gSa] tks fd O;ogkj esa lcls lkekU; fofèk gSA

vf/&vfHknku dh leL;kvksaa dk varr% lek/ku va'kksa osQ vkcaVu }kjk fd;k tkrk gSA vr% ys[kkadu osQ n`f"Vdks.k ls vf/&vfHknku dh fLFkfr dks vkosnu vkSj vkcaVu osQ laiw.kZ <k¡ps osQ vanj j[kk tkrk gSA vFkkZr~ vkosnu jkf'k dh izkfIr] vkcaVu ij ns; jkf'k vkSj va'k/kjdksa ls izkfIr rFkk ;g izfof"V;ksa osQ izfr:i ls izfrfcafcr gSaA

izFke fodYi- tc lapkyd oqQN vkosnu dks iw.kZ :i ls Lohdkj djrs gSa rFkk vU; dks iw.kZ :i ls jnn~ dj nsrs gSa] rks jnn~ vkosnu ls izkIr jkf'k dks iw.kZ :i ls ykSVk fn;k tkrk gSA mnkgj.k osQ fy,] ,d oaQiuh us 20,000 va'kksa osQ fy, vkea=k.k fd;k rFkk 25,000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr fd,A lapkydksa us 5,000 va'kksa osQ fy, fd, x, vkosnu dks fcyoqQy jnn~ dj fn;k tks fd vko';d la[;k ls vfèkd Fks vkSj vkosnu jkf'k dks iw.kZ :i ls okil dj fn;k x;kA bl fLFkfr esa vkosnu vkSj vkcaVu ij jks”kukepk izfof"V dh tk,xh-

vkosnu vkSj vkcaVu ij oSdfYid rkSj ij jks”kukepk izfof"V fuEu izdkj ls dh tk,xh-

1. cSad [kkrk          uke

va'k vkosnu [kkrs ls

(25,000 va'kksa ij vkosnu jkf'k dh izkfIr ij)

2. va'k vkosnu [kkrk    uke

va'kiw¡th [kkrs ls

cSad [kkrs ls

(25,000 va'kksa ij vkcaVu jkf'k osQ gLrkarj.k

rFkk jnn~ fd, x, va'kksa dks va'kiw¡th osQ

gLrkarj.k djus ij)

3. va'k vkcaVu [kkrk    uke

va'kiw¡th [kkrs ls

(20,000 va'kksa dh vkcaVu jkf'k osQ ns; gksus ij)

4. cSad [kkrk         uke

va'k vkcaVu [kkrs ls

(vkcaVu jkf'k osQ izkIr gksus ij)

nwljk fodYi- tc lapkyd lHkh vkosndksa dks vkuqikfrd vkcaVu djrs gSa (izks&jkVk vkcaVu dgykrk gS) vkosnu ls izkIr vfèkd jkf'k dh izkfIr lkekU;r% ns; vkcaVu jkf'k osQ lkFk lek;ksftr dj nh tkrh gSA ,slh fLFkfr esa ;|fi va'kksa ij ns; vkcaVu jkf'k ls vfèkd jkf'k dh izkfIr dks ;k rks okil dj fn;k tk,xk ;k vfxze ek¡x esa tek dj fn;k tk,xkA

mnkgj.k osQ fy,] 20,000 va'kksa osQ fy, vkea=k.k fd, vkSj 25,000 va'kksa osQ fy, vkosnu vkus dh fLFkfr esa ;g fu.kZ; fy;k x;k fd vkosndksa dks va'kksa dk vkcaVu 4 : 5 osQ vuqikr esa fd;k tk,A ;g izks&jkVk vkcaVu dh fLFkfr dgykrh gS vkSj 5,000 va'kksa ij izkIr vfèkd jkf'k dks 20,000 va'kksa ij ns; vkcaVu dh jkf'k osQ lkFk lek;ksftr fd;k tk,xkA bl fLFkfr esa vkosnu vkSj vkcaVu dh jks”kukepk izfof"V bl izdkj gksxh-

1. cSad [kkrk             uke

va'k vkosnu [kkrs ls

(25,000 va'kksa ij - #i;s izfr vkosnu jkf'k
dh izkfIr gksus ij)

2. va'k vkosnu [kkrk       uke

va'kiw¡th [kkrs ls

va'k vkcaVu [kkrs ls

(vkosnu jkf'k dks va'kiw¡th [kkrs esa gLrkarfjr
djus ij rFkk 5,000 va'kksa ij vfèkd vkosnu jkf'k
dks va'k vkcaVu esa tek djus ij)

3. va'k vkcaVu [kkrk        uke

va'kiw¡th [kkrs ls

(25,000 va'kksa ij vkcaVu jkf'k osQ ns; gksus ij)

4. cSad [kkrk              uke

va'k vkcaVu [kkrs ls

(igys ls izkIr jkf'k dks lek;ksftr djus rFkk
vkcaVu jkf'k dh izkfIr ij)

rhljk fodYi- tc oqQN va'kksa ij fd, x, vkosnu dks jnn~ fd;k tkrk gS vkSj 'ks"k va'kksa osQ fy, vkuqikfrd vkcaVu fd;k tkrk gS] rks jnn~ fd, x, vkosnuksa dh iw.kZ jkf'k dks izkfIr gksus ij ftu vkosndksa dks vkuqikfrd vkcaVu fd;k x;k gS] dks vkcaVu jkf'k ns; gksus osQ lkFk lek;ksftr fd;k tk,xkA

mnkgj.k osQ fy,] ,d oaQiuh 10,000 va'kksa osQ vkosnu osQ fy, vkea=k.k nsrh gS vkSj 15,000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr fd, x,A lapkydksa us 2,500 va'kksa osQ fy, fd, x, vkosnuksa dks jnn~ dj fn;k vkSj 'ks"k 12,500 va'kksa osQ vkosndksa dks 10,000 va'kksa dk vkuqikfrd vkcaVu fd;k x;kA bl izdkj izR;sd ik¡p va'kksa osQ vkosnu osQ fy, pkj va'kksa dk vkcaVu fd;k x;kA bl fLFkfr esa 2,500 va'kksa osQ fy, vkosnu dks jnn~ fd;k x;k vkSj izkIr jkf'k dks iw.kZ :i ls ykSVk fn;k x;k] vkSj 'ks"k cps 2,500 va'kksa (12,500 – 10,000) dks 10,000 va'kksa osQ fy, ns; vkcaVu jkf'k osQ lkFk lek;ksftr fd;k tk,xk vkSj vkcaVu dh jks”kukepk izfof"V;k¡ bl izdkj gksaxhA

1. cSad [kkrk         uke
va'k vkosnu [kkrs ls
(15,000 va'kksa ij izkIr - #i;s izfr va'k]
vkosnu jkf'k dh izkfIr ij)

2. va'k vkosnu [kkrk   uke
va'kiw¡th [kkrs ls
va'k vkcaVu [kkrs ls
cSad [kkrs ls
(vkosnu jkf'k dks va'kiw¡th [kkrs osQ gLrkarfjr
djus vkSj vkosnu ls vfèkd izkIr jkf'k dks va'kksa
osQ vkcaVu osQ le; vkuqikfrd vkcaVu ij va'k
vkcaVu] [kkrs esa tek djus ij] rFkk jn~n fd, x,
vkosnuksa dh jkf'k okil djus ij)

3. va'k vkcaVu [kkrk   uke

va'kiw¡th [kkrs ls

(10,000 va'kksa osQ fy, _ #i;s izfr va'k vkcaVu ns;)

4. cSad [kkrk        uke

va'k vkcaVu [kkrs ls

(vkosnu }kjk igys ls izkIr jkf'k dks] vkcaVu
jkf'k osQ lkFk lek;ksftr djus ij)

mnkgj.k 7

turk isilZ fyfeVsM us 25 #- izR;sd okys 1,00,000 lerk va'kksa dks tkjh djus dk vkea=k.k fn;k ftu ij ns; jkf'k bl izdkj Fkh-

vkosnu ij 5.00 #i;s izfr va'k

vkcaVu ij 7.50 #i;s izfr va'k

izFke ek¡x ij 7.50 #i;s izfr va'k

(vkcaVu osQ nks eghus ckn ns;)

f}rh; vkSj vafre ek¡x ij 5.00 #i;s izfr va'k

(nks eghus ckn ns;)

1 tuojh 2017 dks 4,00,000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr fd, x, vkSj 1 I+kQjojh 2017 dks vkcaVu fd;k x;kA

fuEu ifjfLFkfr;ksa osQ va'k iwth osQ ysu&nsu osQ lacaèk esa jks”kukepk izfof"V;k¡ djsaA

1. lapkydksa us oqQN pqus gq, vkosndksa dks 1,00,000 va'kksa dk vkcaVu djus dk fu.kZ; fy;k rFkk 3,00,000 va'kksa dks iw.kZ :i ls jnn~ fd;k x;kA

2. lapkydksa }kjk izR;sd vkosnudrkZ dks vkosnu fd, x, va'kksa dk 25 izfr'kr vkuqikfrd vkcaVu fd;k tk,_ vkosnu jkf'k osQ 'ks"k vkcaVu osQ lkFk lek;ksftr fd;k tk,_ vkSj rRi'pkr~ cps gq, vkosnuksa dh jkf'k dks okil dj fn;k tk,A

3. lapkydksa }kjk 2,00,000 va'kksa osQ fy, fd, x, vkosnuksa dks fcyoqQy jn~n dj fn;kA 80,000 va'kksa osQ fy, iw.kZ vkcaVu fd;k x;k rFkk 20,000 va'kksa dk 'ks"k vkosndksa dks vkuqikfrd vkcaVu fd;k x;k vkSj vkosnu ls vfèkd izkIr jkf'k dks vkcaVu osQ lkFk lek;ksftr fd;k x;k rFkk ek¡x dks cuk;k x;kA

gy

turk isilZ fyfeVsM dh iqLrosaQ jks”kukepk

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(15)

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(16)

nwljk fodYi

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Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(18)

fVIi.kh - ek¡x ls lacafèkr izfof"V;k¡ fiNyh fofèk osQ leku gh gkasxhA

rhljk fodYi

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Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(20)

fVIi.kh- ;Fkkuqikr vkcaVu osQ ifj.kkeLo:i vfèkd vkosnu jkf'k osQ 'ks"k dks] vkcafVr va'kksa osQ lacaèk esa vkcaVu jkf'k] vkSj nksuksa ek¡x jkf'k;ksa osQ lkFk jn~n fd, vkosnuksa dks ykSVk nh xbZ jkf'k dh vko';drkvksa dks iwjk djus osQ fy, mijksDr jks”kukepk izfof"V 3 i;kZIr gSA

dk;kZRed fVIi.kh-

                      (#-)          (#-)

vfèkd vkosnu jkf'k                                     15,00,000

?kVk;k gLrkarj.k-

(i) va'k vkcaVu - (1,50,000)

20,000 va'k 7.50 #i;s izR;sd

(ii) va'k ek¡x -       (2,50,000)

20,000 va'k 12.50 izR;sd                     (4,00,000)

ykSVkbZ xbZ jkf'k (jn~n fd, x,        11,00,000

vkosnu lfgr)

1.6.4 va'kksa dk U;wu vfHknku

U;wu vfHknku ,d ,slh fLFkfr gS tc vfHknku osQ fy, vkeaf=kr fd, x, va'kksa ls de va'kksa ij vkosnu izkIr gksrs gSaA mnkgj.k osQ fy,] ,d oaQiuh us turk esa vfHknku osQ fy, 2,00,000 va'kksa dk vkea=k.k fn;k ysfdu 1,90,000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr gq,A bl ifjfLFkfr esa osQoy 1,90,000 va'kksa osQ fy, vkcaVu fuf'pr fd;k tk,xk vkSj lHkh izfof"V;k¡ blosQ vuqlkj dh tk,¡xhA ;|fi] tSlk fd igys crk;k x;k gS] ;g fuf'pr dj ysuk vko';d gS fd oaQiuh us de ls de vfHknku izkIr dj fy, gSaA

1.6.5 va'kksa dk vfèk&ewY; ij fuxZeu

foÙkh; :i ls lqn`<+ vkSj vPNs izcaèkdh; fu;a=k.k okyh oaQifu;ksa osQ fy, ;g lkekU; gS fd og vius va'kksa dks izhfe;e ij fuxZeu djsa] tSls fd va'kksa osQ lerk ewY; ls vfèkd ewY; ijA tc 100 #i;s dh jkf'k osQ va'k dks 105 #i;s esa fuxZfer fd;k tkrk gS] rks ;g 5% izhfe;e ij fuxZfer dgykrk gSA

tc va'kksa dk vfèkykHk ij fuxZeu fd;k tkrk gS rks rduhdh :i ls vfèkykHk dh jkf'k dks fuxZeu osQ fdlh Hkh le; ek¡xk tk ldrk gSA ;|fi] lkekU;r% vfèkykHk dh jkf'k dks vkcaVu osQ le; ek¡xk tk ldrk gS ysfdu dHkh&dHkh ek¡x ij Hkh ek¡xk tk ldrk gSA vfèkykHk jkf'k dks ,d vyx [kkrs esa tks fd ¶izfrHkwfr vfèkykHk [kkrk¸ dgykrk gS] esa tek fd;k tk,xk vkSj oaQiuh osQ fLFkfr fooj.k esa lerk ,oa nkf;Ro 'kh"kZd osQ vUrxZr ¶vkjf{kr vkSj vkfèkD;¸ en 'kh"kZ esa n'kkZ;k tk,xkA vf/ewY; dk iz;ksx fuEu ik¡p mís';ksa osQ fy, fd;k tk ldrk gS &

(v) iw.kZ Hkqxrku cksul va'k osQ fuxZeu ij] tks fd bl lanHkZ esa tkjh u dh xbZ va'kiw¡th ls ”;knk u gks_

(c) oaQiuh osQ izkjafHkd O;;ksa dk vfHkys[ku_

(l) oaQiuh osQ O;;ksa dks vifyf[kr djuk] ;k deh'ku dk Hkqxrku] ;k izfrHkwfr;ksaa ij cV~Vk iznku ;k cV~Vs dks vifyf[kr djuk_ vkSj

(n) vf/ekuh va'kksa osQ ekspu ij vfèkewY; dk Hkqxrku vkSj oaQiuh osQ ½.ki=kksa osQ ekspu ij vfèkewY; dk Hkqxrku djukA

(g) Lo;a osQ va'kksa dk Ø; (vFkkZr va'kksa dk iqu% Ø;)

vfèkewY; ij fuxZfer va'kksa osQ laca/ esa jks”kukepk izfof"V;k¡ bl izdkj gksaxh_

1. vkosnu jkf'k osQ lkFk vfèkewY; ek¡xs tkus ij

(v) cSad [kkrk             uke

va'k vkosnu [kkrs ls

(vkosnu va'k dh jkf'k izhfe;e lfgr izkIr gksus ij)

(c) va'k vkosnu [kkrk       uke

va'kiw¡th [kkrs ls

izfrHkwfr izhfe;e vkjf{kr [kkrs ls

(vkosnu jkf'k dh va'kiw¡th rFkk izfrHkwfr izhfe;e [kkrs esa gLrkarfjr djus ij)

2. tc vfèkewY; dks vkcaVu jkf'k osQ lkFk ek¡xk tkrk gS

(v) va'k vkcaVu [kkrk       uke

va'kiw¡th [kkrs ls

izfrHkwfr izhfe;e vkjf{kr [kkrs ls

(va'kksa ij - #i;s izfr va'k izhfe;e lfgr vkcaVu jkf'k osQ ns; gksus ij)

(c) cSad [kkrk             uke

va'k vkcaVu [kkrs ls

(izhfe;e lfgr vkcaVu jkf'k dh izkfIr gksus ij)

3. tc vfèkewY; dks ek¡x jkf'k osQ lkFk ek¡xk tkrk gS

(v) va'k ek¡x [kkrk          uke

va'kiw¡th [kkrs ls

izfrHkwfr izhfe;e vkjf{kr [kkrs ls

(va'kksa ij - #i;s izfr va'k izhfe;e lfgr ek¡x jkf'k osQ ns; gksus ij)

(c) cSad [kkrk uke

va'k ek¡x [kkrs ls

(izhfe;e lfgr ek¡x jkf'k dh izkfIr gksus ij)

mnkgj.k 8

tqihVj oaQiuh fyfeVsM us 10 #i;s izR;sd okys 35,000 va'k 2 #i;s vfèkykHk ij tkjh fd, ftu ij ns; jkf'k;k¡ fuEuor~ gSa-

vkosnu ij 3 #i;s

vkcaVu ij 5 #i;s (vfèkykHk lfgr)

'ks"k izFke ,oa f}rh; ek¡x ij

va'kksa dk iw.kZ :i ls vfHknku fd;k rFkk leLr jkf'k dks izkIr fd;k x;kA oaQiuh dh iqLrdksa esa jks”kukepk izfof"V;k¡ djsaA

gy

tqihVj fyfeVsM oaQiuh dh iqLrosaQ jks”kukepk

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(21)

1.6.6 va'kksa dk cV~Vs ij fuxZeu

oqQN fLFkfr;k¡ ,slh gksrh gSa tc oaQiuh osQ va'kksa dks cV~Vs ij fuxZfer fd;k tkrk gS] tSlk fd ukeek=k ;k va'kksa osQ lerk ewY; ls de dh jkf'k ij] ukeek=k dher vkSj fuxZfer dher osQ eè; varj] va'kksa ij cV~Vs dh jkf'k dks n'kkZrk gSA mnkgj.k osQ fy,] tc 100 #i;s dh dher dk dksbZ va'k
98
#i;s esa tkjh fd;k tkrk gS] rks ;g va'kksa dk 2 izfr'kr cV~Vs ij fuxZeu dgyk,xkA

,d lkekU; fu;e osQ vuqlkj] ,d oaQiuh vius va'kksa dks cV~Vs ij fuxZfer ugha dj ldrh gSA ,slk osQoy gj.k fd, x, va'kksa osQ iqu% fuxZeu (tks fd vkxs crk;k tk,xk) vkSj LVsV bDosVh va'kksa dk fuxZeu dj ldrh gSA

1.6.7 jksdM+ osQ vfrfjDr izfriQy esa va'kksa dk fuxZeu

tgk¡ oaQiuh mu fooszQrkvksa] ftuls mlus ifjlaifÙk;k¡ Ø; dh gaS] osQ lkFk le>kSrk djrh gS rks Hkqxrku osQ :i esa oaQiuh osQ iw.kZ iznÙk va'k ysus osQ fy, lger gksrs gSaA lkekU;r%] bu va'kksa osQ fuxZeu osQ fy, fdlh izdkj dk jksdM+ ugha fy;k tkrkA bu va'kksa dks leewY; ij_ vfèkykHk ij ;k cV~Vs ij Hkh fuxZfer ewY; ftl ij ;g fuxZfer fd, tk,¡xs vkSj fooszQrkvksa dks fn, jkf'k ij fuHkZj djrh gSA blfy, fooszQrkvksa dks fuxZfer va'kksa dh la[;k dh x.kuk bl izdkj dh tk,xh-

fuxZeu fd, x, va'kksa dh la[;k

mnkgj.k osQ fy,] jkgqy fyfeVsM us gkaMk fyfeVsM ls 5,40,000 #- esa Hkou dk Ø; fd;k vkSj bldk Hkqxrku 100 #- izR;sd osQ va'kksa dks fuxZfer djosQ fd;k tk,xkA fofHkUu fLFkfr;ksa esa fuxZeu fd, x, va'kksa dh la[;k fuEu izdkj Kkr gksxh-

(v) tc va'kksa dks leewY; ij fuxZfer fd;s x, vFkkZr~ 100 #- ij

fuxZeu fd, x, va'kksa dh la[;k

= 5,400 va'k

(c) tc va'kksa dks 20% vfèkewY; ij fuxZfer fd;k x;k gS vFkkZr~ 120 #- (100 + 20)

fuxZeu fd, x, va'kksa dh la[;k

= 4,500 va'k

jksdM+ izfrI+kQy vfrfjDr va'kksa osQ fuxZeu dh mi;ZqDr fLFkfr esa jks”kukepk izfof"V;ksa dk vfHkys[ku bl izdkj gksxk-

jkgqy fyfeVsM oaQiuh dh iqLrosaQ jks”kukepk

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(22)

mnkgj.k 9

ftany ,aM oaQiuh us gkbZ&ykbI+kQ e'khu fyfeVsM ls 3,80,000 #- esa ,d e'khu dk Ø; fd;kA Ø; le>kSrs osQ vuqlkj 20,000 #- dk udn Hkqxrku vkSj 'ks"k jkf'k 100 #- izR;sd osQ va'kksa dk fuxZeu djosQ fd;k tk,xkA D;k izfof"V dh tk,xh ;fn va'kksa dk fuxZeu-

(v) leewY; ij

(c) 20% vfèkewY; ij

gy

va'kksa dh la[;k dh x.kuk bl izdkj gksxh-

(v) tc va'kksa dk fuxZeu leewY; ij gks

(c) tc va'kksa dk fuxZeu vfèkewY; ij gks

ftany ,oa fyfeVsM oaQiuh dh iqLrosaQ jks”kukepk

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(23)


Lo;a tk¡fp, 2

lgh mÙkj dk pquko djsa

(v) lerk va'kèkkjh gSa-

(i) oaQiuh osQ ysunkjA

(ii) oaQiuh osQ LokehA

(iii) oaQiuh osQ xzkgdA

(iv) (i), (ii) vkSj (iii)

(v) buesa ls dksbZ ughaA

(c) vf/Ñr va'kiw¡th gS-

(i) oaQiuh }kjk fuxZfer fd;k x;k vfèkÑr iw¡th dk Hkkx gSA

(ii) iw¡th dh jkf'k tks fd izLrkfor va'kèkkfj;ksa }kjk okLro esa vkosfnr dh xbZ gSA

(iii) va'kiw¡th dh ;g vfèkdre jkf'k tks fd ,d oaQiuh }kjk fuxZeu djus osQ fy, vfèkÑr gSA

(iv) va'k/kfj;ksa }kjk okLrfod Hkqxrku dh jkf'kA

(v) osQoy (iii)

(l) lkj.kh ^v* osQ vuqlkj cdk;k ek¡x ij C;kt dks izHkkj fd;k tk,xk-

(i) 10%

(ii) 6%

(iii) 8%

(iv) 11%

(v) buesa esa ls dksbZ ughaA

(n) lapkydksa }kjk okLro esa ek¡xh xbZ jkf'k ls iwoZ] va'kèkkfj;ksa ls izkIr vfxze jkf'k dks-

(i) vfxze ek¡x [kkrs osQ uke i{k esa n'kkZ;k tkrk gSA

(ii) vfxze ek¡x [kkrs osQ tek i{k esa n'kkZ;k tkrk gSA

(iii) ek¡x [kkrs osQ uke i{k esa n'kkZ;k tkrk gSA

(iv) (i) vkSj (iii)

(v) buesa ls dksbZ ughaA

(;) va'kksa dk gj.k fd;k tk ldrk gS-

(i) ek¡x jkf'k osQ Hkqxrku u djus ij

(ii) lHkk esa mifLFkr u gksus dh fLFkfr esa

(iii) cSad ½.k esa Hkqxrku dh vleZFkrk esa

(iv) izfrHkwfr osQ :i esa va'kksa osQ caèkd gksus ij

(iv) lHkh }kjk

(j) gj.k va'kksa osQ iqu% fuxZeu dk ykHk-

(i) lkekU; vkjf{kr (fjtoZ) esa

(ii) iw¡th 'kksèku vkjf{kr (fjtoZ) esa

(iii) iw¡th vkjf{kr (fjtoZ) esa

(iv) vkxe vkjf{kr (fjtoZ) esa

(v) fdlh esa ugha

(y) va'k gj.k [kkrs dk 'ks"k rqyu&i=k esa fuEu en osQ varxZr n'kkZ;k tkrk gSA

(i) pkyw nkf;Ro

(ii) vkjf{kr ,oa vf/'ks"k

(iii) va'k iw¡th

(iv) vlqjf{kr Í.k

(v) fdlh en osQ varxZr ugha

1.7 va'kksa dk gj.k

,slk gks ldrk gS fd oqQN va'kèkkjd ,d ;k vfèkd fd'rksa vFkkZr~ vkcaVu jkf'k ;k ek¡x jkf'k dk Hkqxrku djus esa vlI+kQy jgsaA bl ifjfLFkfr esa oaQiuh var£u;eksa esa mYysf[kr izkoèkku osQ vuqlkj bu va'kksa dk gj.k tSlkfd vkcaVu dks jn~n djosQ vkSj izkIr jkf'k dks ”kCr djosQ] dj ldrh gSA lkekU;r% ;g izkoèkku lkj.kh v ij vkèkkfjr gksrs gSa tks fd funs'kdksa dks ek¡x jkf'k dk Hkqxrku u gksus ij va'kksa dks gj.k djus dk vfèkdkj nsrs gSaa bl mís'; osQ fy, bl lacaèk esa nh xbZ izfØ;k dk cM+h l[rh ls ikyu djuk gksxkA

tc va'kksa dk gj.k fd;k tkrk gS rks gj.k ls lacafèkr lHkh izfof"V;k¡] vfèkykHk osQ vfrfjDr] tks fd ys[kksa esa igys ls gh izysf[kr dh tk pqdh gSa] dh foijhr izfo"Vh dh tk,xhA blosQ vuqlkj va'kiw¡th [kkrs dks gj.k fd, x, va'kksa osQ lacaèk esa ek¡xh xbZ jkf'k ls uke fd;k tk,xk vkSj tek djsaxs (1) bl lacaèk esa Hkqxrku fd;k x;k ek¡x [kkrk ;k cdk;k ek¡x [kkrk] u Hkqxrku dh xbZ jkf'k tSlh Hkh fLFkfr gks ls] vkSj (2) va'k gj.k [kkrs esa igys ls izkIr jkf'k lsA

vr% jks”kukepk izfof"V bl izdkj gksxh-

leewY; ij fux£er fd, x, va'kksa dk gj.k

va'kiw¡th [kkrk            uke

va'k gj.k [kkrs ls

va'k vkcaVu [kkrs ls

va'k ek¡x [kkrs ls (O;fDrxr)

(--------- va'kksa dk gj.k] vkcaVu vkSj ek¡x jkf'k osQ izkIr ugha gksus ij)

fVIi.kh- ;fn oaQiuh }kjk ek¡x dh cdk;k jkf'k dk [kkrk j[kk tk jgk gS rks mi;qZDr izfof"V ls va'k vkcaVu vkSj@;k ¶va'k ek¡x ;k ek¡xsa¸ [kkrk osQ ctk; ek¡x dh cdk;k jkf'k [kkrs esa tek gksxhA

va'k gj.k [kkrs dk 'ks"k va'kksa osQ iqu% fuxZfer djus rd rqyu&i=k osQ 'kh"kZd bfDoVh ,oa ns;rk,¡ nkf;Ro 'kh"kZd esa ¶va'kiw¡th¸ osQ 'kh"kZ osQ varxZr oqQy ¶pqdrk iw¡th¸ esa tksM+dj osQ vfrfjDr n'kkZ;h tk,¡xhA

mnkgj.k 10

gksaMk fyfeVsM us 100 #- izR;sd osQ 10,000 lerk va'kksa dk fuxZeu fd;kA tks bl izdkj ns; Fks- vkosnu ij 20 #-_ vkcaVu ij 30 #-_ izFke ek¡x ij 20 #- vkSj f}rh; vkSj vafre ek¡x ij 30 #-A 10,000 va'kksa osQ fy, vkosnu vkSj vkcaVu gqvkA lqfiz;k }kjk 300 va'kksa ij ns; nksuksa ek¡xksa dks NksM+dj lHkh ns; jkf'k izkIr gqbZA mlosQ va'kksa dk gj.k fd;k x;kA vko';d jks”kukepk izfof"V;k¡ djsaA

gy

gksaMk fyfeVsM dh iqLrosaQ jks”kukepk

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(24)

vfèkewY; ij fuxZfer va'kksa dk gj.k- tc va'kksa dks vfèkykHk ij fuxZfer fd;k tkrk gS vkSj vfèkykHk jkf'k dh iw.kZ :i ls olwyh dj yh tkrh gS] rFkk ckn esa oqQN va'kksa dh ek¡xh xbZ jkf'k osQ Hkqxrku u gksus osQ dkj.k gj.k dj fy;k tkrk gS rks ”kCr va'kksa dk ys[kkadu O;ogkj] leewY; ij fuxZfer va'kksa dh rjg gh gksxkA bl lanHkZ esa egRoiw.kZ ckr ;g gS fd va'k vfèkykHk [kkrs dks] gj.k osQ le; uke ugha fd;k tk,xk] ;fn gj.k fd, x, va'kksa osQ lacaèk esa vfèkykHk dks izkIr dj fy;k x;k gSA

bl fLFkfr esa ;fn vfèkykHk jkf'k dks vkaf'kd ;k iw.kZ :i ls izkIr ugha fd;k x;k gS rks gj.k fd, x, va'kksa osQ lacaèk esa] va'k izhfe;e vkjf{kr [kkrs dks Hkh vizkIr vfèkykHk jkf'k vkSj va'kiw¡th [kkrs dks va'kksa osQ gj.k osQ le; uke fd;k tk,xkA vkerkSj ij ;g fLFkfr vkcaVu osQ le; ns; jkf'k osQ izkIr u gksus ij mRiUu gksrh gSA vr% gj.k fd, x, va'kksa dks vfèkykHk ij fuxZfer_ ftu ij vfèkykHk iw.kZ :i ls izkIr ugha gqvk gS dks izysf[kr djus osQ fy, jks”kukepk izfof"V gksxh-

va'kiw¡th [kkrk                    uke

izfrHkwfr izhfe;e vkjf{kr [kkrk       uke

va'k gj.k [kkrs ls

va'k vkcaVu [kkrs ls

vkSj@;k

va'k ek¡x [kkrs ls (fHkUu&fHkUu)

(------ vkcaVu vkSj ek¡x jkf'k dk Hkqxrku u gksus ij va'kksa dk gj.k)

fVIi.kh- tgk¡ cdk;k ek¡x [kkrk cuk;k tkrk gS rks] cdk;k ek¡x [kkrs dks tek djsaxs_ va'k vkcaVu ;k@va'k ek¡x ;k@ek¡x [kkrs dks ughaA

mnkgj.k 11

lkfgy] ftlosQ 1,000 va'k gSa ftudk fux£er ewY; 120 #- izfr va'k (vafdr ewY; 100 #- izfr va'k) gaS] us f}rh; ,oa vafre ek¡x] tks fd 20 #- izfr va'k gS] dk Hkqxrku ugha fd;kA oaQiuh }kjk bu va'kksa dk gj.k dj fy;k x;kA vko';d jks”kukepk izfof"V;k¡ djsaA

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(25)

mnkgj.k 12

lquSuk] ftlosQ ikl 10 #- izR;sd osQ 500 va'k gSa mlus vkcaVu jkf'k 4 #- izfr va'k (2 #- vfèkewY; lfgr) vkSj 3 #- dh izFke vkSj vafre ek¡x jkf'k dk Hkqxrku ugha fd;kA mlosQ va'kksa dks izFke vkSj vafre ek¡x osQ ckn gj.k dj fy;k x;kA va'kksa dk gj.k djus dh jks”kukepk izfof"V djsaA

gy

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(26)

mnkgj.k 13

v'kksd fyfeVsM us 10 #- izR;sd va'k osQ 3,00,000 lerk va'kksa dks 2 #- izfr va'k osQ vfèkykHk ij tkjh fd;kA vkosnu ij 3 #- vkcaVu ij 5 #- (vfèkewY; lfgr) vkSj 'ks"k jkf'k nks leku jkf'k dh ek¡xksa ij ns; gSA

4,00,000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr gq,A lc vkosnuksa ij vkuqikfrd vkcaVu fd;k x;kA vkosnu ij izkIr vfrfjDr jkf'k vkcaVu ij ns; jkf'k esa lek;ksftr dh xbZA eqosQ'k] ftUgsa 800 va'k vkcafVr fd, x,] nksuksa ek¡x jkf'k dk Hkqxrku djus esa vlI+kQy jgs vkSj muosQ va'kksa dk gj.k f}rh; ek¡x osQ i'pkr~ fd;k x;kA

v'kksd fyfeVsM dh iqLrdksa esa vko';d jks”kukepk izfof"V;ksa dk vfHkys[ku djsa vkSj rqyu&i=k esa Hkh n'kkZ,¡A

gy

v'kksd fyfeVsM dh iqLrosaQ jks”kukepk

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--------- (frfFk) dks v'kksd fyfeVsM dk rqyu&i=k

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[kkrksa dh fVIif.k;k¡-

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mnkgj.k 14

gkbZ ykbV bafM;k fyfeVsM us 100 #- izR;sd va'k osQ 30,000 va'kksa dks 20 #- izfr va'k vfèkewY; osQ fy, vkosnu i=k vkeaf=kr fd, tks fuEu izdkj ns; gSa-

                 #-

vkosnu ij         40 (10 #- vfèkewY; lfgr)

vkcaVu ij         30 (10 #- vfèkewY; lfgr)

izFke ek¡x ij       30

f}rh; vkSj vafre ek¡x ij 20

40,000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr gq, vkSj 35,000 va'kksa osQ vkosndksa osQ] va'kksa dk vuqikfrd vkcaVu fd;k x;kA vfrfjDr vkosnu jkf'k dks vkcaVu [kkrs esa mi;ksx fd;k x;kA

jksgu] ftldks 600 va'kksa dk vkcaVu izkIr gqvk Fkk vkcaVu jkf'k dk Hkqxrku djus esa vlI+kQy jgk vkSj mlosQ va'kksa dks vkcaVu osQ i'pkr~ gj.k dj fy;k x;kA

veu ftlus 1,050 va'kksa osQ fy, vkosnu fd;k Fkk izFke ek¡x jkf'k dk Hkqxrku djus esa vlI+kQy jgk vkSj mlosQ va'kksa dk izFke ek¡x osQ i'pkr~ gj.k dj fy;k x;kA

f}rh; vkSj vafre ek¡x ek¡xh xbZ vkSj f}rh; ek¡x ij ns; lHkh jkf'k izkIr gqbZA

gj.k fd, x, va'kksa esa ls 1,000 va'kksa dks 80 #- izfr va'k osQ iw.kZ Hkqxrku ij iqu% fux£er fd;k x;kA ftlesa veu osQ lkjs va'k 'kkfey gSaA

gkbZ ykbV fyfeVsM dh iqLrdksa esa vko';d jks”kukepk izfof"V;k¡ djsaA

gy

gkbZ ykbV fyfeVsM dh iqLrosaQ jks”kukepk

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dk;Zdkjh fVIi.kh-

(I) jksgu osQ vkosnu ij izkIr vfrfjDr jkf'k

jksgu osQ vkcafVr 600 va'k

mlus vkosnu fd;k va'k

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Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(35)

(V) va'k gj.k [kkrs esa 500 va'kksa dk 'ks"k

#- = 18,333 #-

Lo;a djsa

1. ,d oaQiuh us 10 #- izR;sd osQ 100 lerk va'kksa dks 20% izhfe;e ij fuxZfer fd;k 5 #-
dh vafre ek¡x jkf'k (izhfe;e lfgr) osQ Hkqxrku u djus ij gj.k fd;kA vko';d jks”kukepk izfo"V nsaA

2. ,d oaQiuh us 10 #- izR;sd osQ 800 lerk va'kksa] ftudks 10% cV~Vs ij fuxZfer fd;k x;k Fkk izR;sd 2 #- osQ izFke ,oa vafre ek¡x dk Hkqxrku izkIr u gkus ij gj.k fd;kA oaQiuh }kjk gj.k dh xbZ jkf'k dh x.kuk djsa vkSj va'kksa dk gj.k djus dh jks”kukepk izfof"V;k¡ djsaA

mnkgj.k 15

,Dl fyfeVsM us 10 #- izfr va'k osQ 40,000 lerk va'kksa dks 2 #- izfr va'k izhfe;e ij lkoZtfud vfHknku gsrq fuEufyf[kr 'krks± ij fuxZeu fd;k-

vkosnu ij 4 #- izfr va'k

vkcaVu ij 5 #- izfr va'k (izhfe;e 'kkfey gS)

ek¡x ij 3 #- izfr va'k

60,000 va'kksa osQ fy, vkosnu i=k izkIr gq,A 48,000 va'kksa osQ vkosndksa dks vkuqikfrd vkcaVu fd;k x;k] 'ks"k vkosnuksa dks vLohdkj dj fn;k x;kA vkosnu ij izkIr vfrfjDr jkf'k vkcaVu ij ns; jkf'k osQ izfr lek;ksftr dh xbZA

Jh fpVful] ftUgsa 1,600 va'k vkcafVr fd, x,] vkcaVu jkf'k dk Hkqxrku djus esa vlI+kQy jgs vkSj Jh txnys] ftUgsa 2,000 va'kksa dk vkcaVu fd;k x;k] ek¡x jkf'k dk Hkqxrku u dj losQA bu va'kksa dk gj.k dj fy;k x;kA

mi;qZDr ysu&nsu dk oaQiuh dh iqLrdksa esa jks”kukepk izfof"V;k¡ djsaA

gy

,Dl fyfeVsM dh iqLrosaQ jks”kukepk

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dk;Zdkjh fVIi.kh-

I. vkcaVu ij izkIr jkf'k

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1,600 va'kksa osQ vkcaVu osQ fy, vkuqikfrd forj.k osQ vuqikr osQ vuqlkj (40,000 : 48,000 va'k) fpVful us 1,920 va'kksa osQ fy, (1,600 va'k × 6/5) vkosnu fd;k gksxkA

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(39)

II. gj.k fd, x, va'k [kkrs dk 'ks"k

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fVIi.kh- txnys osQ va'kksa ij izhfe;e dks ys[ks esa ugha fy;k tk,xk] D;ksafd ;g oaQiuh }kjk iw.kZr% izkIr dj fy;k x;k gSA

1.7.1 gj.k fd, x, va'kksa dk iqu% fuxZeu

lapkyd gj.k fd, x, va'kksa dks jn~n ;k iqu%fuxZfer dj ldrs gSaA vfèkdrj fLFkfr;ksa esa gkyk¡fd] og fof'k"V va'kksa dks tks fd leewY;_ vfèkykHk (izhfe;e) ;k cV~Vs ij iqu% fuxZfer dj ldrs gSa] lkekU;r% gj.k fd, x, va'kksa dk fuxZe iw.kZ Hkqxrku izkIr ;k cV~Vs ij fd;k tkrk gSA bl lanHkZ esa ;g Lej.kh; gS fd cV~Vk dh jkf'k] gj.k fd, x, va'kksa dh okLrfod izkIr jkf'k ls vfèkd ugha gksxh vkSj gj.k fd, x, va'kksa osQ iqu% fuxZeu ij iznku cV~Vs dks va'k gj.k [kkrs esa uke fd;k tk,xk vkSj ;fn iqu%fuxZfer va'kksa ls lacaf/r va'k gj.k [kkrs esa dksbZ 'ks"k gks rks bls iw¡thxr ykHk ekuk tk,xk vkSj bls iw¡th vkjf{kr [kkrs esa gLrkarfjr fd;k tk,xkA

mnkgj.k osQ fy,] ;fn ,d oaQiuh 10 izR;sd osQ 200 va'kksa dk gj.k djrh gS ftl ij 600 #- izkIr gSa] bu va'kksa osQ iqu% fuxZeu ij vfèkdre 600 #- dk cV~Vk fn;k tk ldrk gS eku ysa fd oaQiuh us bu va'kksa dk iqu% fuxZeu 1,800 #- esa iw.kZ Hkqxrku izkIr esa fd;k gSA vko';d jks”kukepk izfof"V bl izdkj gksxhA

cSad [kkrk        uke    1,800

va'k gj.k [kkrk   uke      200

va'kiw¡th [kkrs ls                2,000

(200 gj.k fd, x, va'kksa dk iqu% fuxZeu 9 #- izfr va'k osQ iw.kZ Hkqxrku ij)

va'k gj.k [kkrk uke       400

iw¡th vkjf{kr [kkrs ls              400

(gj.k fd, x, va'kksa ij ykHk dk gLrkarj.k)

bl lanHkZ esa ,d vU; egÙoiw.kZ rF; ;g gS fd iw¡thxr~ ykHk osQoy gj.k fd, x, va'kksa osQ iqu% fuxZeu ij gh mRiUu gksrk gS] lHkh gj.k fd, x, va'kksa ij ughaA blfy, tc gj.k fd, x, va'kksa dk dksbZ Hkkx iqu% fuxZfer fd;k tkrk gS rks va'k gj.k [kkrs dh lEiw.kZ jkf'k dks iw¡th [kkrs esa gLrkarfjr ugha fd;k tk ldrkA bl izdkj dh fLFkfr esa gj.k fd, x, va'kksa osQ iqu% fuxZeu ls lacafèkr vkuqifrd 'ks"k dks iw¡th vkjf{kr [kkrs esa gLrkarfjr fd;k tk,xk) ;g fuf'pr djrs gq, fd va'k gj.k [kkrs dk cpk gqvk 'ks"k] gj.k fd, x, va'kksa] tks fd vHkh tkjh ugha fd, x, gSa dh jkf'k osQ cjkcj gksxhA

mnkgj.k 16

iksyh IykfLVd fyfeVsM osQ lapkydksa us 100 #- izR;sd osQ 200 lerk va'kksa dks f}rh; vkSj vafre ek¡x 30 #- izfr va'k dk Hkqxrku u gksus ij ”kCr djus dk fu.kZ; fy;kA bu va'kksa esa ls 150 va'k eksfgr dks 60 #- izfr va'k ij iqu% fuxZfer fd, x,A

vko';d jks”kukepk izfof"V;k¡ djsaA

gy

iksyh IykfLVd fyfeVsM dh iqLrosaQ jks”kukepk

Screenshot_2018-06-30 unit 1 (1-75) pmd - unit 1 (1-75) pdf(41)

dk;Zdkjh fVIi.kh-                                         #-

200 va'kkas ij tCr oqQy jkf'k = 14,000 (200 × 70 #-)

150 va'kksa ij tCr jkf'k = 10,500 (150 × 70 #-)

150 va'kksa osQ iquZfuxZeu ij gkfu dh jkf'k = 6,000 (150 × 40 #-)

iquZfuxZfer va'kksa ij ykHk jkf'k
vkjf{kr iw¡th dks gLrkarfjr = 4,500 (10,500 #-– 6,000 #-)

50 va'kksa ij tCr jkf'k = 3,500 (50 70 #-)

gj.k va'k [kkrs esa cdk;k jkf'k = 3,500 (14,000 #- – 6,000 #- – 4500 #-)

(50 va'kksa ij tCr jkf'k osQ cjkcj)

mnkgj.k 17

1 tuojh 2014 dks ,Dl fyfeVsM osQ lapkydksa us 50,000 va'kksa dks 10 #- izfr va'k osQ] ewY; osQ va'kksa dks izfr va'k 12 #- ij turk dks Ø; djus osQ fy, tkjh fd,] tks bl izdkj ns; gSa-

vkosnu ij 5 #i, (izhfe;e lfgr)] vkcaVu ij 4 #i, vkSj 'ks"k 1 ebZ 2014 dks ek¡x djus ijA

10 I+kQjojh 2014 dks vfHknku lwph can dj nh xbZ] bl fnu rd 70,000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr gq,A izkIr jkf'k esa ls 40,000 #- okil dj fn, x, vkSj 60,000 #- vkcaVu ij ns; jkf'k osQ lkFk lek;kstu gsrq j[k fn,] ftldh 'ks"k jde 16 I+kQjojh 2014 dks Hkqxrku dj nh xbZA

flok; 500 va'kksa osQ vkcafV;ksa osQ lHkh va'kèkkjdksa us ,d ebZ] 2014 dks ns; ek¡x jkf'k dk Hkqxrku dj fn;kA

bu va'kksa dks 29 flracj 2014 dks ”kCr dj fy;k x;k vkSj 1 uoacj 2014 dks izfr va'k 8 #- ij iw.kZ iznÙk ekurs gq, iqu% fuxZeu fd;k x;kA

oaQiuh uhfr osQ vuqlkj oaQiuh ek¡x dh cdk;k jkf'k dk [kkrk ugha j[krhA

oaQiuh dh cfg;ksa esa va'kiw¡th ysu&nsu jks”kukepk izfof"V;k¡ djsaA

gy

,Dl fyfeVsM dh iqLrosaQ jks”kukepk

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mnkgj.k%18

vks fyfeVsM us 2 #- çfr va'k ds çhfe;e ij] 10 #- osQ 2]00]000 lerk ewY; va'kksa dks çLrkfor djrs gq, fooj.k i=k fuxZfer fd;k] tks fuEu çdkj ns; gS%

vkosnu ij 2-50 #- çfr va'k

vkoaVu ij 4-50 #- çfr va'k

(çhfe;e lfgr)

çFke ek¡x ij (vkoaVu ds rhu eghus i'pkr~) 2-50 #- çfr va'k

f}rh; ek¡x ij (çFke ek¡x ds rhu eghus i'pkr~) 2-50 #- çfr va'k

23 vçSy] 2017 dks 3]17]000 va'kksa gsrq vfHknku çkIr gqvk vkSj 30 vçSy dks vkoaVu gqvk] tks bl çdkj Fkk%

                                     vkoafVr va'k

v- iw.kZr% vkoaVu (nks vkoaVudÙkkZvksa us 4]000 38]000

vkoafVr va'kksa ij iw.kZ Hkqxrku fd;k)

c- çR;sd rhu vkosfnr va'kksa ij nks v'kksa dk vkoaVu 1]60]000

l- çR;sd pkj vkosfnr va'kksa ij ,d va'k dk vkoaVu 2]000

06 ebZ] 2017 dks 77]500 dh uxn jkf'k vkosndksa dks okil dh x;h (;g 31]000 va'kksa ij ogh vkosnu jkf'k gS ftu va'kksa dk vkoaVu ugha fd;k x;k)%

ns; frfFk;ksa ij ij 100 va'kksa ij vafre ek¡x dks NksM+dj lHkh vkoafVr va'kksa ij /ujkf'k çkIr dh x;hA 15 uoacj] 2017 dks bu va'kksa dks tCr dj fy;k x;k vkSj 16 uoacj dks 9 #- çfr va'k osQ Hkqxrku ij veu dks iquZfuxZfer fd;k x;k %

vks fyfeVsM dh iqLrdksa esa jksdM+ çfof"V;ksa osQ vfrfjDr lHkh jksT+kukepk çfof"V;ksa dks vfHkysf[kr djsa vkSj 31 vDrwcj] 2017 dks daiuh }kjk Hkqxrku fd, x;s ns; C;kt ls lacaf/r ysu&nsu dks rqyui=k esa n'kkZ,saA

gy

vks fyfeVsM oaQiuh dh iqLrosaQ jks”kukepk

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vr% okil dh xbZ vkosnu jkf'k = 3,17,000 #- – 2,86,000 #- × 2.50 #-

= 77,500 #-

izkIr vkosnu jkf'k = 7,15,000 #-

(2,86,000 va'k 2.50 dh nj ls)

vkosnu jkf'k ns; = 5,00,000 #-

(2,00,000 va'k 2.50 dh nj ls)

vfrfjDr vkosnu jkf'k = 2,15,000 #-

2. vfxze ek¡x jkf'k

nks vkcaVh izR;sd osQ ikl 4,000 va'k] us vkcaVu ij iw.kZ jkf'k dk Hkqxrku fd;k-

vr% vfxze ek¡x jkf'k = 8000 va'k (2.50 #- + 2.50 #-)

= 40,000 #-

va'kksa dk iqu% Ø;-

tc oaQiuh vius va'kksa dk Ø; djrh gS] ;g va'kksa dk iqu% Ø; dgykrk gS oaQiuh vfèkfu;e 2013 dh èkkjk 68 esa oaQiuh dks ;g lqfoèkk gS fd oaQiuh vius va'kksa dk iqu% Ø; fuEu esa ls fdlh izdkj Hkh dj ldrh gS-

(v) vkuqikfrd vkèkkj ij orZeku lerk va'k èkkjdksa ls

(c) [kqys ck”kkj ls

(l) U;wu [ksi va'k èkkjdksa }kjk

(n) oaQiuh osQ deZpkfj;ksa ls

oaQiuh vius va'kksa dk iqu% Ø; eqDr vkjf{kr izfe;e (vfèkewY;) ;k va'kksa ;k vU; fu/kZfjr izfrHkwfr;ksa ls izkIr èkujkf'k esa ls dj ldrh gSA eqDr vkjf{kr esa ls va'kksa dk iqu% Ø; djus dh fLFkfr esa] oaQiuh dks Ø; fd, x, va'kksa osQ okLrfod ewY; dh jkf'k osQ cjkcj jkf'k ¶iw¡th 'kksèku vkjf{kr [kkrs¸ esa gLrkarfjr djuh gksxhA

va'kksa dks iqu% Ø; djus osQ lacaèk esa fuEu izfØ;k ykxw gksxh-

(i) va'kksa dk iqu% Ø; var£u;eksa }kjk vfèkÑr gksuk pkfg,A

(ii) va'k èkkjdksa dh lkekU; lHkk esa fo'ks"k ladYi }kjk ikfjr fd;k tkuk pkfg,A

(iii) fdlh Hkh ,d fofÙk; o"kZ esa va'kksa dk iqu% Ø; iznÙk iw¡th vkSj eqDr vkjf{kr osQ 25% ls vfèkd ugha gks ldrk gSA

(iv) va'kksa osQ iqu% Ø; osQ i'pkr~ ½.k lerk vuqikr 2:1 ls vfèkd ugha gksuk pkfg,A

(v) va'kksa osQ iqu% Ø; gsrq leLr va'k iw.kZr% iznÙk gksus pkfg,A

(vi) fo'ks"k ladYi ikfjr gksus dh frfFk ls 12 ekg dh vofèk osQ Hkhrj va'kksa dk iqu% Ø; gks tkuk pkfg,A

(vii) oaQiuh dks jftLVªkj vkSj SEBI osQ ikl 'kksèku lerk vfèk?kks"k.kk] ftls de ls de nks funs'kdksa us gLrk{kfjr fd;k gks] Hksth tkuh pkfg,A

mnkgj.k 19

xfjek fyfeVsM us 100 #- izR;sd va'k osQ 3,000 va'kksa dks 20 #- izhfe;e ij vkosnu vkeaf=kr djus osQ fy, fooj.k&i=k tkjh fd;k tks fd fuEu izdkj ns; gS-

             #-

vkosnu ij 20 izfr va'k

vkcaVu ij 50 izfr va'k (izhfe;e lfgr)

izFke ek¡x ij 20 izfr va'k

f}rh; ek¡x ij 30 izfr va'k

4,000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr gq,A 3,600 va'kksa osQ vkosndksa dks vkuqikfrd vkcaVu fd;k x;k] 'ks"k vkosnuksa dks vLohdkj dj fn;k x;kA vkosnu ij izkIr vfrfjDr jkf'k vkcaVu ij ns; jkf'k osQ izfr lek;ksftr dh xbZA

js.kqdk] ftls 360 va'k vkcafVr fd, x,] vkcaVu vkSj ek¡x jkf'k dk Hkqxrku djus esa vlI+kQy jgh vkSj buosQ va'kksa dks ”kCr dj fy;k x;kA

dfudk] tks fd 200 va'kksa dh vkosnd gS nks ek¡x jkf'k dk Hkqxrku djus esa vlI+kQy jghA buosQ va'kksa dks ”kCr dj fy;k x;kA ;g lHkh va'k ueu dks 80 #- izfr va'k iw.kZ Hkqxrku izkIr esa csp fn, x,A

oaQiuh dh iqLrdksa esa jks”kukepk izfo"V;k¡ nsaA

gy

xfjek fyfeVsM dh iqLrosaQ jks”kukepk

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dk;Zdkjh fVIi.kh-

vkcaVu ij izkIr jkf'k dh x.kuk fuEu izdkj gS-

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tc vkcaVu esa ftlesa izfrHkwfr izhfe;e osQ 20 #- izfr va'k lfEefyr gSa] izkIr ugha gq, gSa] js.kqdk }kjk fy, x, 360 va'kksa (gj.k fd, x,) osQ fy, izfrHkwfr izhfe;e [kkrk fu;e osQ vuqlkj uke fd;k tk,xkA

gj.k dh jkf'k fuEu izdkj Kkr dh tk,xh-

js.kqdk ls izkIr vkosnu jkf'k- = 432 × 20 = 8,640 #-

dfudk ls 200 va'kksa ij izkIr vkosnu vkSj vkcaVu jkf'k 10,000

va'kksa osQ gj.k ls izkIr oqQy jkf'k 18,640

Lo;a djsa

,sDly oaQiuh fyfeVsM us 10 #- izR;sd osQ 1,00,000 lerk va'kksa dk fuxZeu fd;k] tks fd fuEu izdkj ns; gS-

                     #-

vkosnu ij             2.50 izfr va'k

vkcaVu ij             2.50 izfr va'k

izFke vkSj vafre ek¡x ij 5.00 izfr va'k

,Dl] ftlosQ ikl 400 va'k Fks us ek¡x jkf'k dk Hkqxrku ugha fd;k vkSj mlosQ va'kksa dks gj.k dj fy;k x;kA gj.k fd, x, va'kksa esa ls 200 va'kksa dks 8 #- izfr va'k iw.kZ iznÙk ij iqu% fuxZeu fd;k x;kA

vko';d jks”kukepk izfof"V;k¡ djsa vkSj oaQiuh dh iqLrdksa esa va'kiw¡th vkSj va'k gj.k [kkrk rS;kj djsaA



Lo;a tk¡fp, 3

(v) ;fn 10 #- osQ va'k ij ek¡x jkf'k 8 #- gS vkSj 6 #- Hkqxrku izkIr gSA va'kksa dks gj.k dj fy;k tkrk gSA crkb;s fd va'kiw¡th [kkrs esa dkSu&lh jkf'k uke dh tk,xh

(c) ;fn 10 #- osQ va'k ij 6 #- Hkqxrku izkIr gSa va'kksa dks ”kCr dj fy;k x;k gS] rc va'kksa dk iqu% fuxZeu fdl U;wure jkf'k esa fd;k tk ldrk gSA

(l) vgywokfy;k fyfeVsM us 100 #- izR;sd osQ 1,000 lerk va'kksa dks la;a=k vkSj e'khujh Ø; ewY; 1,00,000 #- osQ Ø; le>kSrs osQ fy, fuxZfer fd;kA

oaQiuh osQ jks”kukeps esa fdl izfof"V dks vfHkysf[kr fd;k tk,xkA


mnkgj.k 20

lujkbZ”k oaQiuh fyfeVsM us 10 #- izR;sd 10,000 va'kksa dks 11 #- izfr va'k ij turk esa vfHknku osQ fy, fuxZfer fd;kA jkf'k fuEu izdkj gS-

3 #- vkosnu ij

4 #- vkcaVu ij (izhfe;e lfgr)

4 #- izFke vkSj vafre ek¡x ij

12,000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr gq, vkSj lapkydksa us vkuqikfrd vkcaVu fd;kA

Jh vgen] 120 va'kksa osQ vkosnd o vkcaVu vkSj ek¡x jkf'k dk Hkqxrku djus esa vlI+kQy jgs vkSj Jh cklw ftuosQ ikl 200 va'k Fks ek¡x jkf'k dk Hkqxrku djus esa vlI+kQy jgsA bu lHkh va'kksa dks ”kCr (gj.k) dj fy;k x;kA

”kCr fd, x, va'kksa esa ls 150 va'kksa (Jh vgen osQ lHkh va'kksa lfgr) dks 8 #- izfr va'k esa fuxZfer fd;kA

mijksDr O;ogkjksa dh jks”kukepk izfof"V;ksa dk vfHkys[ku djsa vkSj va'k gj.k [kkrk cukb,A

gy

lujkbZ”k fyfeVsM dh iqLrosaQ jks”kukepk

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va'k gj.k [kkrk

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dk;Zdkjh fVIif.k;k¡-

1. vkcaVu ij izkIr jkf'k dh x.kuk fuEu izdkj dh tk,xh-

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2. izfrHkwfr izhfe;e [kkrs dks osQoy 100 #- uke fy[ks x, gSa] tksfd Jh vgen osQ 100 va'kksa osQ vkcaVu ls lacafèkr gSa ftuls vkcaVu jkf'k (izhfe;e lfgr) ugha izkIr gqbZ gSA

3. va'k gj.k [kkrk] gj.k fd, x, va'kksa ij izkIr jkf'k izfrHkwfr izhfe;e dks NksM+ dj n'kkZrk gS bl dh x.kuk fuEu izdkj dh tk,xh-

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mnkgj.k 21

nsoe fyfeVsM us 4 #- çfr va'k osQ çhfe;e ij çR;sd 10 #- osQ 30,000 lerk ewY; va'kksa osQ fy, vkosnu vkeaf=kr djrs gq, ,d fooj.k i=k fuxZfer fd;k] tks bl çdkj ns; gS%

vkosnu osQ lkFk (1 #- çhfe;e 'kkfey djosQ) 3 #-

vkoaVu ij (1 #- çhfe;e 'kkfey djosQ) 4 #-

çFke ek¡x ij (1 #- çhfe;e 'kkfey djosQ) 4 #-

f}rh; ,oa vafre ek¡x ij 'ks"k cdk;k

45,000 va'kksa ds fy, vkosnu çkIr gq, ftuesa ls 20% dks vLoho`Qr djrs gq, mudh /ujkf'k okil dj nh x;hA cps gq, vkosndksa dks çks&jkVk vk/kj ij va'kksa dks vkoafVr fd;k x;kA

lq/hj ftUgksaus 600 va'kksa gsrq vkosnu fd;k Fkk] vkoafVr /ujkf'k osQ Hkqxrku esa vliQy gq, vkSj muosQ va'kksa dks mlosQ ckn rRdky çHkko ls t+Cr dj fy;k x;kA

eqLdku ftudksa 750 va'k vkoafVr gq, Fks] çFke ek¡x ds Hkqxrku esa vliQy jgha vkSj blfy, muosQ va'k t+Cr dj fy, x;sA lq/hj ls t+Cr fd, x;s va'kksa dks 8 :i;s çfr va'k ls iw.kZ Hkqxrku ij iqu% fuxZfer fd;k x;kA

cps gq, vkosndks ls ns; vafre ek¡x dh xbZ vkSj vfer osQ 1,000 va'kksa dks NksM+dj çkIr gqbZA bu va'kksa dks t+Cr dj fy;k x;kA

t+Cr va'kksa esa ls y{; osQ lkjs va'kksa dks 'kkfey djds 12 #- çfr va'k osQ iw.kZ Hkqxrku ij 1,500 va'k nsfodk dks iquZfuxZfer fd, x,A

nsoe fyfeVsM dh iqLrosaQ jks”kukepk
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dk;Zdkjh fVIi.kh&

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Lo;a djsa

fuEu dh jks”kukepk izfof"V;k¡ djsa-

(v) oaQiuh osQ funs'kdksa us 10 #- izR;sd 200 lerk va'kksa dks gj.k fd;k] ftu ij 800 #- Hkqxrku izkIr FkkA bu va'kksa dks 1,500 #- osQ Hkqxrku ij iqu% fuxZfer fd;k x;kA

(c) v 10 #- izR;sd osQ 100 va'kksa dk èkkjd gS] ftl ij vkosnu jkf'k 1 #- dk Hkqxrku fd;k x;k gSA c 10 #- izR;sd osQ 200 va'kksa dk èkkjd gS ftl ij vkosnu jkf'k 1 #- vkSj vkcaVu jkf'k 2 #- dk Hkqxrku fd;k x;k gSA l 10 #- izR;sd osQ 300 va'kksa dk èkkjd gS ftl ij 1 #- vkosnu] 2 #- vkcaVu vkSj 3 #- izFke ek¡x dk Hkqxrku fd;k x;k gS ;s lHkh cdk;k jkf'k vkSj f}rh; ek¡x jkf'k 4 #- izfr va'k dk Hkqxrku djus esa vlI+kQy jgsA v] c vkSj l osQ lHkh va'kksa dks ”kCr (gj.k) dj fy;k x;k vkSj 11 #- izfr va'k iw.kZ iznÙk esa iqu% fuxZfer fd;k x;kA


bl vè;k; esa iz;qDr 'kCn

1. la;qDr iw¡th oaQiuh 15. jksdM+ osQ vfrfjDr izfrI+kQy osQ fy,

2. va'kiw¡th va'kksa dk fuxZeu

3. vfèkÑr iw¡th 16. va'kksa ij izhfe;e (vf/ykHk)

4. fuxZfer iw¡th 17. vkosnu jkf'k

5. vfuxZfer iw¡th 18. U;wure vfHknku

6. vfHknÙk iw¡th 19. va'kksa ij ek¡x jkf'k

7. vfHknÙk ,oa iw.kZ iznÙk 20. ek¡x dh cdk;k jkf'k

8. vfHknÙk ijarq iw.kZ iznÙk ugha 21. vfxze izkIr ek¡x

9. pqdrk iw¡th 22. vfèk vfHknku

10. vkjf{kr iw¡th 23. U;wu vfHknku

11. va'k 24. va'kksa dk gj.k

12. vfèkekuh va'k 25. gj.k fd, x, va'kksa dk iqu% fuxZe

13. vekspuh; iwokZfèkdkj va'k 26. va'kksa dk iqu% Ø;

14. lerk va'k

lkjka'k

oaQiuh- ,d laxBu tks mu O;fDr;ksa ls feydj curk gS ¶tks va'k èkkjd dgykrs gSa D;kasfd muosQ ikl oaQiuh osQ va'k gSa rFkk og pqus gq, funs'kd eaMy osQ ekè;e ls O;olk; osQ fy, oSèkkfud O;fDr osQ :i esa dk;Z dj ldrs gSaA¸

va'k- ,d iw¡th dk ,d fHkUukRed Hkkx gksrk gS tks oaQiuh esa LokfeRo dk vkèkkj cukrk gS oaQiuh vfèkfu;e 2013 osQ izkoèkkuksa osQ vuqlkj lkekU;r% va'k nks izdkj osQ gksrs gSa vFkkZr~ lerk va'k vkSj iwokZfèkdkj va'kA iwokZfèkdkj va'k iqu% fHkUu&fHkUu izdkj osQ gksrs gSa tks mudks fn, x, vfèkdkjksa dh fHkUurk ij vkèkkfjr gSaA oaQiuh dh va'kiw¡th p;u fd, x, O;fDr;ksa osQ lewg }kjk futh O;oLFkk ;k turk }kjk vfHknku ls va'kksa dk fuxZeu djosQ ,d=k dh tkrh gSA vr% va'kksa dk fuxZeu jksdM+ }kjk ;k jksdM+ izfrI+kQy osQ vfrfjDr ftlesa igyk lkekU; gS] fd;k tkrk gSA tc oaQiuh O;kikj Ø; ;k oqQN laifÙk@ifjlaifÙk;k¡ djrh gS vkSj cspus okyk i{k Hkqxrku osQ :i esa oaQiuh osQ iw.kZ Hkqxrku izkIr va'kksa dks ysus osQ fy, lger gksxk rc va'kksa dk fuxZeu jksdM+ izfrI+kQy osQ vfrfjDr dgk tk,xkA

va'kksa osQ fuxZeu dh voLFkk,¡- jksdM+ osQ fy, va'kksa dk fuxZeu] ¶blosQ fy, dkuwu }kjk fuèkkZfjr dk;Zfofèk osQ loZFkk vuq:i tkjh djus dh vis{kk dh tkrh gSA¸ tc va'k jksdM+ osQ fy, tkjh fd, tkrs gSa rks mu ij fuEufyf[kr ,d ;k blls vfèkd voLFkkvksa esa jkf'k bdV~Bh dh tk ldrh gS-

(i) va'kksa osQ vkosnu ij

(ii) va'kksa osQ vkcaVu ij

(iii) va'kksa ij ek¡x@ek¡xksa ij

cdk;k ek¡x- dHkh&dHkh vkcaVu ij ek¡xh xbZ iw.kZ jkf'k vkSj@;k ek¡x (ek¡xksa) dh èkujkf'k vkcafV;ksa@va'kèkkjdksa ls izkIr ugha gks ikrh gS] bl izdkj izkIr ugha gqbZ jkf'k dks lap;h rkSj ij ^vnÙk ek¡x* ;k ek¡x dh cdk;k jkf'k dgrs gSa gkyk¡fd fdlh oaQiuh osQ fy, ek¡x dh cdk;k jkf'k dk vyx [kkrk j[kuk vfuok;Z ugha gSA ,sls Hkh n`"Vkar gSa tgk¡ oqQN va'kèkkjd mudks vkcafVr va'kksa ij vHkh rd ek¡xh xbZ vkarfjd ;k iw.kZ jkf'k dk Hkqxrku djuk foosdiw.kZ ekurs gSaA va'k èkkjd }kjk vkcaVu@ek¡x@(ek¡xksa) ij muls izkIr jkf'k ls vfèkd fd;k x;k Hkqxrku ek¡x dh vfxze jkf'k osQ uke ls tkuk tkrk gS ftlosQ fy, ,d vyx [kkrk j[kk tkrk gS oaQiuh dks vius var£u;eksa osQ vuqlkj ek¡x dh cdk;k jkf'k;ksa ij C;kt yxkus dh 'kfDr gS vkSj ;fn ;g budks Lohdkj djrh gS rks vfxze ek¡x dh jkf'k ij C;kt dk Hkqxrku djus dk nkf;Ro Hkh gksrk gSA

vfèk vfHknku- oqQN oaQifu;ksa osQ va'kksa osQ lacaèk esa ;g laHko gS fd vf/ vfHknku dh fLFkfr miUu gks] ftldk vFkZ gS fooj.k&if=kdk osQ ekè;e ls izLrkfor va'kksa ls vfèkd va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr fd, gSa ,slh fLFkfr esa lapkydksa osQ ikl fuEufyf[kr fodYi jgrs gSa-

(i) os oqQN vkosnuksa dks iw.kZr% Lohdkj dj ldrs gSa vkSj vU; dks iwjh rjg vLohdj dj ldrs gSaA

(ii) muosQ }kjk ;Fkkuqikr forj.k fd;k tk ldrk gSA

(iii) mi;qDr nksuksa fodYiksa dks feyk&tqykdj viuk;k tk ldrk gSA

;fn vfHknku dh jkf'k dk 90% rd U;wure jkf'k izkIr ugha gksxh rc fuxZeu jn~n gksxkA bl fLFkfr esa turk dks izLrkfor va'kksa ij de vkosnu izkIr gksxkA bl fuxZeu dks vYi vfHknku dgsaxsA

izhfe;e ij va'kksa dk fuxZeu- bl ckr ij fopkj fd, fcuk fd va'k jksdM+ ls fHkUu izfrI+kQy osQ fy, ;k jksdM+ osQ fy, fuxZfer fd, x, gSa] os ;k rks leewY; ij ;k vfèkewY; ij tkjh fd, tk ldrs gSa leewY; ij fuxZfer va'kksa dk vFkZ gS fd ^va'k vius vafdr ;k lkekU;@leewY; osQ fy, tkjh fd, x, gSaA* ;fn va'k izhfe;e ij vFkkZr~ vafdr ewY; ;k leewY; ls vfèkd jkf'k ij fuxZfer fd, x, gSa rks izhfe;e dh jkf'k va'k vfèkykHk [kkrs (va'k izhfe;e vkjf{kr [kkrs) osQ uke ls ,d vyx [kkrs esa tek dh tkrh gS ftldk mi;ksx loZFkk dkuwu osQ vuqlkj gh fd;k tkrk gSA

cV~Vs ij va'kksa dk fuxZeu- va'k cV~Vs ij vFkkZr~ vafdr ewY; ;k leewY; ls de jkf'k ij tkjh fd, tk ldrs gSa] c'krZs oaQiuh blosQ lacaèk esa dkuwu }kjk fuèkkZfjr izko/kuksa dk iw.kZ:is.k vuqikyu djrh gksA bl vuqikyu osQ vykok oaQiuh osQ va'k lkèkkj.kr- cV~Vs ij tkjh ugha fd, tk ldrsA tc va'k cV~Vs ij tkjh fd, tkrs gSa rks cV~Vs dh jkf'k va'k fuxZeu ij cV~Vk [kkrs osQ uke i{k esa fy[kh tkrh gS tks oaQiuh osQ fy, iw¡th gkfu dh izÑfr dh rjg gksrh gSA oaQiuh vf/fu;e 2013 osQ vuqlkj osQoy LVsV bDosVh va'k o cV~Vs ij tkjh fd;s tk ldrs gSaA

va'kksa dk gj.k- dHkh dHkh va'kèkkjd vkcafVr va'kksa ij ,d ;k vfèkd fd'rksa dk Hkqxrku ugha dj ik, rks ,slh fLFkfr esa oaQiuh osQ ikl pwddrkZvksa osQ va'kksa dks gj.k djus dk vfèkdkj gksrk gS bls va'kksa dk gj.k dgrs gSaA gj.k dk vFkZ ^vuqcaèk Hkax gksus osQ dkj.k vkcaVu dk fujLrhdj.k vkSj va'kksa ij izkIr jkf'k dks va'k gj.k jkf'k osQ :i esa ekurs gSaA* va'k gj.k dk laf{kIr ys[kkadu mu 'krks± ij fuHkZj djrk gS ftu ij ls va'k tkjh fd, x, gSa leewY; ij vfèkewY; ij ;k cV~Vs ijA lkekU;r% ;w¡ dgsa fd gj.k ij ys[kkadu gj.k dh voLFkk rd ikfjr izfof"V;ksa dks foijhr djuk gS va'kksa ij igys izkIr gks pqdh jkf'k gj.k fd, x, va'k [kkrs esa tek dj nh tk,xhA

va'kksa dk iqu% fuxZeu- oaQiuh osQ izcaèku esa blosQ }kjk ,d ckj gj.k dj fy, va'kksa dks iqu% tkjh djus dh 'kfDr fufgr gksrh gS c'krZs fd laLFkk osQ var£u;eksa esa blls lacafèkr 'krks± vkSj fucaèkuksa esa ,slk izkoèkku gksA ;s va'k cV~Vs ij Hkh iqu% tkjh fd, tk ldrs gSa c'krZs vuqekur- cV~Vs dh jkf'k iqu% tkjh fd, tkus okys va'k ls lacafèkr va'k gj.k [kkrs osQ tek 'ks"k ls vfèkd u gksaA vr% gj.k fd, x, va'kksa dks iqu% tkjh fd, tkus ij fn;k x;k cV~Vk va'k gj.k [kkrs osQ uke fy[kk tkrk gSA

,d ckj tc gj.k fd, x, va'kksa dk iqu% fuxZeu fd;k tk,xk va'k gj.k [kkrs osQ tek 'ks"k dks iw¡th vkjf{kr [kkrs esa gLrkarfjr djsaxs tksfd gj.k fd, x, va'kksa ij ykHk dks n'kkZrk gSA lHkh gj.k fd, x, va'kksa dks iqu% fuxZeu ugha djus dh fLFkfr esa va'kksa ij gj.k [kkrs esa tek jkf'k dks iqu% fuxZfer u fd, x, va'kksa ls lacafèkr jkf'k dks vkxs ys tk;k tk,xk vkSj [kkrs esa osQoy 'ks"k jkf'k dks iw¡th vkjf{kr [kkrs esa tek djasxsA

vH;kl osQ fy, iz'u

y?kq mÙkjh; iz'u

1. lkoZtfud oaQiuh D;k gS\

2. futh oaQiuh D;k gS\

3. va'kksa dk gj.k dc fd;k tk ldrk gS\

4. cdk;k ek¡x ls D;k vfHkizk; gS\

5. ,d lwphc¼ oaQiuh ls D;k vfHkizk; gS\

6. izfrHkwfr izhfe;e dk iz;ksx dgk¡ fd;k tk ldrk gS\

7. vfxze ek¡x ls D;k vfHkizk; gS\

8. U;wure vfHknku ij ,d laf{kIr fVIi.kh fy[ksaA

nh?kZ mÙkjh; iz'u

1. oaQiuh 'kCn dk D;k vFkZ gS\ bldh fo'ks"krkvksa dk o.kZu djsaA

2. mu eq[; Jsf.k;ksa dk laf{kIr esa o.kZu djsa ftuesa oaQiuh dh va'kiw¡th oxhZÑr dh tkrh gSA

3. vki va'k ls D;k le>rs gSa\ oaQiuh vfèkfu;e 2013 la'kksfèkr osQ vuqlkj va'kksa dh Jsf.k;ksa dks Li"V djsaA

4. vfèk&vfHknku dh fLFkfr esa oaQiuh osQ va'kksa osQ vkcaVu dh izfØ;k dk o.kZu djsaA

5. vf/ekuh va'k D;k gSa\ fofHkUu izdkj osQ vf/ekuh va'kksa dk o.kZu djsaA

6. ek¡x dh cdk;k jkf'k vkSj ek¡x dh vfxze jkf'k ls lacafèkr fofèk osQ izkoèkkuksa dk o.kZu djsaA

7. vfèk vfHknku vkSj vYi (U;wu) vfHknku 'kCnksa dks LIk"V djsaA ys[kk iqLrdksa esa bldk ys[kk fdl izdkj fd;k tkrk gS\

8. mu mís';ksa dk o.kZu djsa ftuosQ fy, oaQiuh izfrHkwfr izhfe;e dh jkf'k dk iz;ksx dj ldrh gSA

9. mu ifjfLFkfr;ksa dk Li"V :i ls o.kZu djsa ftlosQ varxZr oaQiuh cV~Vs ij va'kksa dk fuxZeu dj ldrh gSA

10. va'kksa dk gj.k 'kCn dh O;k[;k djsa vkSj gj.k dh ys[kk fofèk dks crk,¡A

la[;kRed iz'u

1. vuh'k fyfeVsM us 100 #- izR;sd osQ 30,000 lerk va'kksa dk fuxZfer fd;k tks 30 #- vkosnu ij] 50 #- vkcaVu ij] vkSj 20 #- izFke vkSj vafre ek¡x ij ns; gSaA lHkh jkf'k fof/or izkIr dh xb±A bu O;ogkjksa dks oaQiuh osQ jks”kukeps esa vfHkysf[kr djsaA

2. vkn'kZ daVªksy fMokbZl fyfeVsM dh 3,00,000 #- dh vfèkÑr iw¡th] tks fd 10 #- izR;sd va'k osQ 30,000 va'kksa esa foHkkftr gS] ls iathÑr gSA turk dks vkaef=kr dh xbZ ftl ij 3 #- izfr va'k vkosnu ij_ 4 #- izfr va'k vkcaVu ij_ 3 #- izfr va'k izFke ,oa vafre ek¡x ij ns; gSaA bu va'kksa ij iw.kZ vfHknku izkIr gqvk vkSj lHkh jkf'k;k¡ izkIr dh xb±A jks”kukepk vkSj jksdM+ iqLrd rS;kj djsaA

3. lkWÝ+Vos;j lksY;w'ku bafM;k fyfeVsM us 100 #- izR;sd va'k osQ 20,000 lerk va'kksa osQ fy, vkosnu vkeaf=kr fd,] ftu ij 40 #- vkosnu ij_ 30 #- vkcaVu ij_ vkSj 30 #- ek¡x ij ns; gSa oaQiuh us 32,000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr fd;kA 2,000 va'kksa osQ vkosndksa dks jkf'k okil ykSVk nh xbZA 10,000 va'kksa osQ vkosnuksa dks iw.kZ Lohdkj dj fy;k x;k vkSj 20,000 va'kksa osQ vkosndksa dks vkosnu fd, x, va'kksa osQ vkèks va'k vkcafVr fd, x, vkSj vkfèkD; jkf'k dks vkcaVu esa lek;ksftr dj fy;k x;kA vkcaVu vkSj ns; lHkh jkf'k izkIr dh xbZA jks”kukepk vkSj jksdM+ iqLrd rS;kj djsaA

4. :id fyfeVsM us 100 #- izR;sd osQ 10,000 va'kksa dk fuxZeu fd;k] ftu ij 20 #- izfr va'k vkosnu ij] 30 #- izfr va'k vkcaVu ij vkSj 25 #- izfr va'k dh nks ek¡x esa ns; gSA vkosnu vkSj vkcaVu jkf'k izkIr dj yh xbZA izFke ek¡x ij ,d lnL; osQ vfrfjDr ftlosQ ikl 200 va'k gSa] lHkh lnL;ksa us viuh ns; jkf'k dk Hkqxrku fd;k tcfd ,d vU; lnL; ftlosQ ikl 500 va'k gSa 'ks"k ns; jkf'k dk iw.kZ Hkqxrku dj fn;kA vafre ek¡x vHkh ek¡xh ugha xbZ gSA jks”kukepk vkSj jksdM+ iqLrd rS;kj djsaA

5. eksfgr Xykl fyfeVsM us 100 #- izR;sd osQ 20,000 va'kksa dk 110 #- izfr va'k esa fuxZeu fd;kA ftu ij 30 #- vkosnu ij_ 40 #- vkcaVu ij (izfe;e) 20 #- izFke ek¡x ij_ vkSj 20 #- vafre ek¡x ij ns; gSA 24,000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr gq, vkSj 20,000 va'kksa dk vkcaVu fd;k x;k vkSj 4,000 va'kksa dks vLohdkj djosQ mu ij izkIr jkf'k ykSVk nh xbZA lHkh jkf'k izkIr dh xbZA jks”kukepk izfof"V;k¡ djsaA

6. ,d fyfeVsM oaQiuh us 10 #- izR;sd osQ 1,00,000 ij lerk va'kksa dks 2 #- izfr va'k izhfe;e ij_
10
#- izR;sd osQ 2,00,000; 10% vfèkeku va'kksa leewY; osQ fy, vfHknku veaf=kr fd;kA

va'kksa ij ns; jkf'k fuEu izdkj gSA

               lerk va'k      vfèkeku va'k

vkosnu ij       3 #- izfr va'k   3 #- izfr va'k

vkcaVu ij      5 #- izfr va'k    4 #- izfr va'k

(izhfe;e lfgr)

izFke ek¡x ij    4 #- izfr va'k    3 #- izfr va'k

lHkh v'kksa ij iw.kZ vfHknku izkIr gqvk] ek¡xh xbZ jkf'k izkIr gqbZA oaQiuh dh iqLrdksa esa fuEu O;ogkjksa dks jks”kukepk vkSj jksdM+ iqLrd esa vfHkys[ku djsaA

7. bZLVuZ oaQiuh fyfeVsM] ftldh vfèkÑr iw¡th 10,00,000 #- gS tks fd 10 #- izfr va'k esa foHkkftr gSaSA oaQiuh us 50,000 va'k 3 #- izfr va'k izfe;e ij fuxZfer fd, tks bl izdkj ns; gSa-

vkosnu ij 3 #- izfr va'k

vkcaVu ij (izhfe;e lfgr) 5 #- izfr va'k

izFke ek¡x ij (vkcaVu osQ rhu eghus ckn ns;) 3 #- izfr va'k

vkSj 'ks"k jkf'k vko';drk iM+us ij 60]000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr gq, ,oa funs'kdksa us fuEu izdkj va'kksa dk vkcaVu fd;k-

(v) 40]000 va'kksa osQ vkosndks dks iw.kZ

(c) 15]000 va'kksa osQ vkosndks dks 8]000 va'k vkcafVr gq,

(l) 500 va'kksa osQ vkonsdks dks 200 va'kks dk vkacVu gqvkA vfrfjDr jkf'k okil dj nh xbZA

vkcaVu ij ns; lHkh jkf'k;k¡ izkIr dj yh xb±A

;Fkkfof/ izFke ek¡x dh xbZ vkSj 100 va'kksa ij ns; ek¡x osQ NksM+ dj jkf'k izkIr dj yh xbZA

oaQiuh osQ bu O;ogkjksa dks jks”kukepk ,oa jksdM+ cgh esa fy[ksaA vkSj oaQiuh dk rqyu&i=k Hkh rS;kj djsaA

8. lqfer e'khu fyfeVsM us 100 #- izR;sd osQ 50,000 va'kksa dks 5% izhfe;e ij fuxZeu fd;kA va'kksa ij 25 #- vkosnu ij] 50 #- vkcaVu ij 30 #- izFke vkSj vafre ek¡x ij ns; gSa fuxeZu ij iw.kZ vfHknku izkIr gqvk vkSj 400 va'kksa ij vafre ek¡x osQ vfrfjDr laiw.kZ jkf'k izkIr dh xbZA izhfe;e dks vkcaVu ij lek;ksftr fd;k tk,xkA jks”kukepk izfof"V;k¡ vkSj rqyu&i=k rS;kj djsaA

9. oqQekj fyfeVsM us Hkkuw vk;y fyfeVsM ls 6,30,000 #- dh ifjlaifÙk;ksa dk Ø; fd;kA oqQekj fyfeVsM us le>kSrs osQ vuqlkj 100 #- izR;sd osQ iw.kZ iznÙk va'kksa dk fuxZeu fd;kA dkSu&lh jks”kukepk izfof"V;k¡ dh tk,¡xh ;fn va'kksa dk fuxZeu (v) leewY; ij_ vkSj 20% izhfe;e ij gksA

(mÙkj- fuxZfer va'kksa dh la[;k (v) 6,300 : 5,250)

10. caly gSoh e'khu fyfeVsM us gk.Mk VSªMlZ ls 3,20,000 #- ewY; dh e'khu dk Ø; fd;kA 50,000#- dk jksdM+ Hkqxrku fd;k x;k vkSj 'ks"k jkf'k osQ fy, 100 #- izR;sd osQ va'kksa dk 90 #- fuxZe ewY; ij fd;k x;kA

mi;qDZr O;ogkjksa dh jks”kukepk izfof"V;k¡ djsaA
(mÙkj- fuxZfer va'kksa dh la[;k- 3,000 va'k)

11. ueu fyfeVsM us 100 #- izR;sd osQ 20,000 va'kksa dk fuxZeu fd;kA ftl ij 25 #- vkosnu ij] 30 #- vkcaVu ij] 25 #- izFke ek¡x ij_ vkSj 'ks"k vafre ek¡x ij ns; gSaA vuqHkk] ftlosQ ikl 200 va'k gSa] us vkcaVu jkf'k vkSj ek¡x jkf'k dk Hkqxrku ugha fd;k vkSj oqQeoqQe ftlosQ ikl 100 va'k gSa us nksuksa ek¡xksa dk Hkqxrku ugha fd;k] osQ vfrfjDr laiw.kZ jkf'k izkIr gqbZA lapkydksa us vuqHkk vkSj oqQeoqQe osQ va'kksa dk gj.k dj fy;kA jks”kukepk izfof"V;k¡ djsaA

12. Ñ".kk fyfeVsM us 100 #- izR;sd va'k osQ 15,000 va'kksa dk 10 #- izfr va'k izhfe;e ij fuxZeu fd;kA tks bl izdkj ns; gSa-

vkosnu ij 30 #-

vkcaVu ij 50 #- (izhfe;e lfgr)

izFke vkSj vafre ek¡x ij 30 #-

lHkh va'kksa ij vfHknku izkIr gqvk vkSj oaQiuh us lHkh ns; jkf'k 150 va'kksa ij vkcaVu vkSj ek¡x jkf'k osQ vfrfjDr izkIr dh bu va'kksa dk gj.k fd;k x;k vkSj usgk dks 12 #- izR;sd osQ iw.kZ iznÙk va'kksa esa iqu% fuxZeu iqLrdksa esa jks”kukepk izfof"V;k¡ djsaA

(mÙkj- iw¡th vkjf{kr 4,500 #-)

13. vk:"kh daI;wVj fyfeVsM us 100 #- izR;sd osQ 10,000 lerk va'kksa dk 10% izhfe;e ij fuxZeu fd;kA ftu ij fuoy jkf'k bl izdkj ns; gS-

vkosnu ij 20 #-

vkcaVu ij 50 #- (40+10 #- izhfe;e)

izFke ek¡x ij 30 #-

vafre ek¡x ij 10 #-

,d va'kèkkjh ftlosQ ikl 200 va'k gSa us vafre ek¡x dk Hkqxrku ugha fd;kA blosQ va'kksa dk gj.k dj fy;k x;kA bu va'kksa esa ls 150 va'kksa dks lksfu;k dks 75 #- izfr va'k ij iqu% fuxZfer fd;k x;kA

oaQiuh dh iqLrdksa esa jks”kukepk izfof"V;k¡ djsaA

(mÙkj- iw¡th vkjf{kr 9,750 #-)

14. jkSud dkVu fyfeVsM us 100 #- izR;sd osQ 6,000 lerk va'kksa osQ 20 #- izfr va'k izhfe;e ij fuxZeu osQ fy, fooj.k if=kdk ls tkjh djosQ vkosnu ek¡xsA tks fuEu izdkj ns; gSaA

vkosnu ij 20 #-

vkcaVu ij 50 #- (izhfe;e lfgr)

izFke ek¡x ij 30 #-

vafre ek¡x ij 20 #-

10,000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr gq, vkSj 8,000 va'kksa osQ vkosndksa dks ;Fkkuqikr vkcaVu fd;k x;k rFkk 'ks"k vkosndksa dks okil dj fn;k x;k vkSj vkosnu ij izkIr vfèkd jkf'k dks vkcaVu ij ns; jkf'k esa lek;ksftr fd;k tk,xkA

jksfgr ftldks 300 va'kksa dk vkcaVu fd;k x;k Fkk vkcaVu vkSj ek¡x jkf'k dk Hkqxrku djus esa vlI+kQy jgk vkSj mlosQ va'kksa dk gj.k dj fy;k x;kA bZfrdk ftlus 600 va'kksa osQ fy, vkosnu fd;k Fkk ek¡x jkf'k dk Hkqxrku djus esa vlI+kQy jgh mlosQ va'kksa dk Hkh gj.k dj fy;k x;kA bu lHkh va'kksa dk dk£rd dks 80 #- iw.kZ iznÙk esa foØ; fd;k x;kA

oaQiuh dh iqLrdksa esa jks”kukepk izfof"V;k¡ djsaA

(mÙkj- iw¡th vkjf{kr 15,500 #-)

15. fgeky; oaQiuh fyfeVsM us 10 #- izR;sd osQ 1,20,000 lerk va'k 2 #- izhfe;e ij turk esa vfHknku osQ fy, fuxZfer fd, tks fuEu izdkj ns; gSa-

vkosnu ij 3 #- izfr va'k

vkcaVu ij (izhfe;e lfgr) 5 #- izfr va'k

izFke ek¡x ij 2 #- izfr va'k

f}rh; vkSj vafre ek¡x ij 2 #- izfr va'k

1,60,000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr gq,A ;Fkkuqikr vkèkkj ij vkcaVu fd;k x;kA vkosnu ij izkIr vfèkd jkf'k dks vkcaVu ij ns; jkf'k esa lek;ksftr fd;k x;kA

jksgu ftldks 4,800 va'kksa dk vkcaVu fd;k x;k Fkk nksuksa ek¡x jkf'k nsus esa vlI+kQy jgkA bu va'kksa dks f}rh; ek¡x jkf'k osQ ckn gj.k dj fy;k x;kA lHkh gj.k fd, x, va'kksa dks jhuk dks 7 #- izfr va'k esa iqu% fuxZeu fd;k x;kA

oaQiuh dh iqLrdksa esa jks”kukepk izfof"V;k¡ djsa vkSj va'kiw¡th ls lacafèkr O;ogkjksa dks oaQiuh osQ rqyu&i=k esa n'kkZ,¡A

(mÙkj- iw¡th vkjf{kr 14,400 #-)

16. fizal fyfeVsM us 10 #- izR;sd va'k osQ 20,000 lerk va'kksa dks 3 #- izhfe;e ij fuxZeu djus osQ fy, fooj.k&i=k ij vkeaf=kr fd;k tks fuEu izdkj ns; gSa-

vkosnu ij 2 #-

vkcaVu ij (izhfe;e lfgr) 5 #-

izFke ek¡x ij 3 #-

f}rh; ek¡x ij 3 #-

30,000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr gq, vkSj vkcaVu vuqikfrd vkèkkj ij fd;k x;kA vkosnu ij izkIr vfèkd jkf'k dks vkcaVu ij ns; jkf'k esa lek;ksftr fd;k tk,xkA

Jh eksfgr ftudks 400 va'k vkcafVr fd, x, Fks] vkcaVu vkSj izFke ek¡x jkf'k dk Hkqxrku djus esa vlI+kQy jgs vkSj izFke ek¡x osQ i'pkr~ muosQ va'kksa dk gj.k dj fy;k x;kA Jh tkSyh ftudks 600 va'kksa dk vkcaVu gqvk Fkk nksuksa ek¡x jkf'k dk Hkqxrku djus esa vlI+kQy jgs vr% buosQ va'kksa dk gj.k dj fy;k x;kA

gj.k fd, x, va'kksa esa ls 800 va'kksa dk iqu% fuxZeu lqfiz;k dks 9 #- izfr va'k iw.kZ Hkqxrku izkIr esa fd;k x;k] ftlesa Jh eksfgr osQ lHkh va'k lfEefyr gSaA

oaQiuh dh iqLrdksa esa jks”kukepk izfof"V;k¡ djsa vkSj rqyu&i=k rS;kj djsaA

(mÙkj- iw¡th vkjf{kr 2,000 #-)

17. ykbZI+kQ e'khu VwYl fyfeVsM us 10 #- izR;sd osQ 50,000 lerk va'kksa dks 12 #- izfr va'k ij fuxZeu fd;kA vkosnu ij 5 #- (izhfe;e lfgr)] vkcaVu ij 4 #- vkSj 'ks"k izFke vkSj vafre ek¡x ij ns; gSaA 70,000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr gq,A izkIr jksdM+ ,sls es ls 40,000 #- okil fd, x, vkSj 60,000 #- dks vkcaVu ij ns; jkf'k esa lek;ksftr fd;k x;kA 500 va'kksa osQ ,d va'kèkkjd dks NksM+dj lHkh va'kèkkjdksa us ek¡x ns; jkf'k dk Hkqxrku fd;kA bu va'kksa dk gj.k dj fy;k x;k vkSj 8 #- izfr va'k iw.kZ Hkqxrku izkIr ij fuxZeu fd;kA O;ogkjksa dh jks”kukepk izfof"V;k¡ djsaA

(mÙkj- iw¡th vkjf{kr 2,500 #-)

18. vksfj,aV oaQiuh fyfeVsM us turk esa vfHknku osQ fy, 10 #- izR;sd va'k osQ 20,000 lerk va'kksa dks 10% izhfe;e ij fuxZeu fd;k ftu ij vkosnu ij 2 #-] vkcaVu ij izhfe;e lfgr 4 #-] izFke ek¡x ij 3 #-] vkSj f}rh; vkSj vafre ek¡x 2 #- ns; gSaA 26,000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr gq,A 4,000 va'kksa osQ vkosnu dks vLohÑr dj fn;k x;kA 'ks"k vkosndksa dks vkuqikfrd vkcaVu fd;k x;k nksuksa ek¡xksa dh ek¡x dh xbZ vkSj 500 va'kksa ij vafre ek¡x dks NksM+dj lHkh ek¡x jkf'k izkIr dh xb±A bu va'kksa dk gj.k dj fy;k x;kA gj.k fd, x, esa ls 300 va'kksa dks 9 #- izfr va'k ij iqu% fuxZeu fd;k x;kA

jks”kukepk izfof"V;k¡ djsa vkSj rqyu&i=k rS;kj djsaA

(mÙkj- iw¡th vkjf{kr 2,100 #-)

19. vyI+kQk fyfeVsM us 10 #- izR;sd osQ 4,00,000 lerk va'kksa osQ fy, fuEu 'krks± ij vkosnu vkeaf=kr fd,-

vkosnu ij ns; 5 #- izfr va'k

vkcaVu ij ns; 3 #- izfr va'k

izFke vkSj vafre ek¡x ij ns; 2 #- izfr va'k

5,00,000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr gq,A ;g fu.kZ; fy;k x;k-

(v) 20,000 va'kksa osQ vkosndksa dks vkcaVu vLohÑr dj fn;k tk,xkA

(c) 80,000 va'kksa osQ vkosndksa dks iw.kZ vkcaVu fd;k tk,xk

(l) 'ks"k cps va'kksa dks vU; vkosndksa osQ chp vuqikfrd vkèkkj ij vkcaVu fd;k tk,xkA

(n) vfèkd vkosnu jkf'k dks vkcaVu jkf'k osQ Hkqxrku esa mi;ksx fd;k tk,xkA

,d vkosnd ftldks vuqikfrd vkèkkj ij vkcaVu fd;k x;k ftlus vkcaVu vkSj ek¡x jkf'k dk Hkqxrku ugha fd;k vkSj mlosQ 400 va'kksa dk gj.k dj fy;k x;kA bu va'kksa dk iqu% fuxZeu 9 #- izfr va'k ij fd;k x;kA

jks”kukepk izfof"V;ksa dks n'kkZ,¡ vkSj mijksDr dk vfHkys[ku djus osQ fy, jksdM+ iqLrd rS;kj djsaA

(mÙkj- iw¡th vkjf{kr 2,100 #-)

20. v'kksdk fyfeVsM oaQiuh us 20 #- izR;sd osQ lerk va'kksa dk 2 #- izhfe;e ij fuxZfer fd;k ftlesa ls 1,000 va'kksa dk gj.k 4 #- vafre ek¡x osQ Hkqxrku u djus ij fd;kA gj.k fd, x, 400 va'kksa dks 14 #- izfr va'k ij iqu% fuxZfer fd;k x;kA 'ks"k va'kksa esa ls 200 va'kksa dks 20 #- izfr va'k ij fuxZfer fd;k x;kA va'kksa osQ gj.k vkSj iqu% fuxZeu dh jks”kukepk izfof"V;k¡ djsa vkSj iw¡th vkjf{kr esa gLrkarfjr dh xbZ jkf'k vkSj va'k gj.k [kkrs esa 'ks"k jkf'k dks n'kkZ,¡A

(mÙkj- iw¡th vkjf{kr 6,800 #- va'k gj.k [kkrs dk 'ks"k 5,600 #-)

21. vfer osQ ikl 10 #- izR;sd osQ 100 va'k gSa ftl ij mlus 1 #- izfr va'k vkosnu jkf'k dk Hkqxrku fd;k gSA foey osQ ikl 10 #- izR;sd osQ 200 va'k gSa ftl ij mlus 1 #- vkSj 2 #- izfr va'k Øe'k% vkosnu vkSj vkcaVu jkf'k dk Hkqxrku fd;k gqvk gSA psru osQ ikl 10 #- izR;sd osQ 300 va'k gSa ftl ij mlus 1 #- vkosnu ij] 2 #- vkcaVu ij 3 #- izFke ek¡x ij Hkqxrku fd;k gSA ;s lHkh cdk;k jkf'k vkSj f}rh; ek¡x 2 #- dk Hkqxrku djus esa vlI+kQy jgsA funs'kdksa us buosQ va'kksa dk gj.k dj fy;kA bu va'kksa dk iqu% fuxZeu 11 #- izfr va'k iw.kZ Hkqxrku izkIr esa fd;k x;kA O;ogkjksa dh jks”kukepk izfof"V;k¡ djsaA

(mÙkj- iw¡th vkjf{kr 2,500 #-)

22. vatrk fyfeVsM dh lkekU; iw¡th 3,00,000 #- gS tks 10 #- izR;sd osQ va'kksa esa foHkkftr gS turk dks 20,000 va'kksa osQ vfHknku osQ fy, vkeaf=kr djrh gS] tks vkosnu ij 2 #-] vkcaVu ij 3 #-] vkSj 'ks"k 2.50 dh nks ek¡xksa esa ns; gSaA oaQiuh dks 24,000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr gq,A 20,000 va'kksa osQ vkosnuksa dks iw.kZ Lohdkj fd;k x;k vkSj va'k vkcafVr fd, x,A 'ks"k va'kksa osQ vkosnu dks vLohdkj dj fn;k x;k vkSj vkosnu jkf'k okil dj nh xbZA

600 va'kksa ij vafre ek¡x NksM+dj lHkh ns; jkf'k izkIr dj yh xbZ tks fd dkuwuh vkSipkfjdrkvksa dks iw.kZ djus osQ i'pkr~ gj.k dj fy, x,A gj.k fd, x, va'kksa esa ls 400 va'kksa dks 9 #- izfr va'k ij iqu% fuxZfer dj fn;k x;kA

vko';d jks”kukepk izfof"V;ksa dk izys[ku djsa vkSj iw¡th vkjf{kr esa gLrkarfjr jkf'k vkSj va'k gj.k [kkrs dk 'ks"k n'kkZrs gq, rqyu&i=k rS;kj djsaA

(mÙkj- iw¡th vkjf{kr esa gLrkarfjr jkf'k 2,600 #-)

23. fuEu O;ogkjksa dh jks”kukepk izfof"V;k¡ Hkw"k.k vk;y fyfeVsM dh iqLrdksa esa djsa-

(v) 100 #- izR;sd osQ 200 va'kksa dk 10 #- izhfe;e ij fuxZeu fd;k x;k budk gj.k 50 #- izfr va'k vkcaVu jkf'k dk Hkqxrku u djus ij fd;k x;kA izFke vkSj vafre ek¡x jkf'k 20 #- izfr va'k dh ek¡x bu va'kksa ij ugha dh xb±A gj.k fd, x, va'kksa dks 60 #- izfr va'k iw.kZ Hkqxrku izkIr esa fuxZfer fd;k x;kA

(c) 10 #- izR;sd osQ 150 va'kksa dks 4 #- izhfe;e tks fd vkcaVu ij ns; gSa dk gj.k vkcaVu jkf'k 8 #- izfr va'k izhfe;e lfgr dk Hkqxrku u gksus ij fd;k x;kA izFke vkSj vafre ek¡x jkf'k 4 #- izfr va'k vHkh ek¡xh ugha xb± gSaA gj.k fd, x, va'kksa dk iqu% fuxZeu 15 #- izfr va'k iw.kZ Hkqxrku izkIr esa fd;k x;kA

(l) 50 #- izR;sd leewY; ij fuxZfer fd, x, 400 va'kksa dk gj.k 10 #- izfr va'k vafre ek¡x dk Hkqxrku u djus ij fd;k x;kA bu va'kksa dk iqu% fuxZeu 45 #- izfr va'k iw.kZ Hkqxrku izkIr esa fd;k x;kA

(mÙkj- iw¡th vkjf{kr- (v) 'kwU; (c) 300 #- (l) 14,000 #-

24. veh'kk fyfeVsM us 100 #- izR;sd osQ 40,000 va'kksa dks 20 #- izfr va'k izhfe;e ij fuxZeu djus osQ fy, vkosnu vkeaf=kr fd, ftl ij 40 #- vkosnu ij_ 40 #- vkcaVu ij (izhfe;e lfgr)
25
#- izFke ek¡x ij_ 15 #- f}rh; vkSj vafre ek¡x ij ns; gSaA

50,000 va'kksa osQ fy, vkosnu izkIr gq, vkSj vkuqikfrd vkèkkj ij vkcaVu fd;k x;kA vfèkd vkosnu jkf'k dks vkcaVu ij ns; jkf'k esa lek;ksftr fd;k tk,xkA

jksfgr ftldks 600 va'kksa dk vkcaVu fd;k x;k Fkk vkcaVu jkf'k dk Hkqxrku djus esa vlI+kQy jgs buosQ va'kksa dk vkcaVu osQ i'pkr~ gj.k dj fy;k x;kA vfLerk] ftlus 1,000 va'kksa osQ fy, vkosnu fd;k Fkk nksuksa ek¡xksa dk Hkqxrku djus esa vlI+kQy jgh buosQ va'kksa dk gj.k f}rh; ek¡x osQ i'pkr~ fd;k x;k gj.k fd, x, va'kksa esa ls 1,200 va'kksa dk foØ; dfiy dks 85 #- izfr va'k iw.kZ Hkqxrku izkIr esa fd;k x;kA ftlesa jksfgr osQ lHkh va'k lfEefyr gSaA

vko';d jks”kukepk izfof"V;k¡ djsaA

(mÙkj- iw¡th vkjf{kr 48,000 #-] va'k gj.k [kkrs dk 'ks"k 12,000 #-)

Lo;a tk¡pus gsrq tk¡p lwph

Lo;a tk¡fp,-1

(i) lR; (ii) vlR; (iii) vlR; (iv) lR; (v) lR; (vi) lR; (vii) vlR; (viii) lR;
(ix) vlR; (x) lR; (xi) vlR; (xii) lR;

Lo;a tk¡fp,-2

(v) (ii) (c) (iii) (l) (i) (n) (ii) (;) (i) (j) (iii) (y) (iii)

Lo;a tk¡fp,-3

(v) 8 #i;s (c) 4 #i;s (l) fooszQrk uke 1,00,000 va'k iw¡th [kkrs lss 1,00,000

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