साझेदारी पफमर् का विघटन साझेदारी का विघटन और साझेदारी पफमर् के विघटन में अंतर आधार साझेदारी का विघटन साझेदारी पफमर् का विघटन 1व्यवसाय की समाप्ित 2परिसंपिायों एवं दायित्वों की व्यवस्था 3न्यायालय का हस्तक्षेप 4. आथ्िार्क संबंधों में परिवतर्न 5. पुस्तकों का बंद होना 6. अन्य विघटन व्यवसाय का समापन नहीं होता। परिसंपिायों एवं दायित्वों का पुनमर्ूल्यांकन किया जाता है और नया तुलन पत्रा तैयार किया जाता है। न्यायालय का हस्तक्षेप नहीं होता क्योंकि साझेदारी का विघटन आपसी समझौते के द्वारा होता है। साझेदारों के मध्य आथ्िार्क संबंध् जारी रहते हैं किंतु परिवतिर्त रूप में। व्यवसाय के समाप्त न होने के कारण इसकी आवश्यकता नहीं होती। पफमर् का समापन आवश्यक नहीं पफमर् का व्यवसाय बंद हो जाता है। परिसंपिायों का विक्रय किया जाता है तथा दायित्वों का भुगतान किया जाता हैं। पफमर् का विघटन न्यायालय के आदेश द्वारा किया जा सकता है। साझेदारों के आथ्िार्क संबंध समाप्त हो जाते हैं। बहियों को बंद कर दिया जाता है। साझेदारी का विघटन आवश्यक है। स्वंय जाँचिए 1 निम्न कथनों में कारण सहित सत्य या असत्य का उल्लेख करे: 1.साझेदारी का विघटनए पफमर् के विघटन से भ्िान्न है। 2.साझेदार की मृत्यु पर साझेदारी का विघटन हो जाता है। 3.सभी साझेदारों की सहमति से पफमर् का विघटन हो जाता है। 4.साझेदार के अवकाश ग्रहण करने पर पफमर् का निश्िचत विघटन हो जाता है। 5.पफमर् के विघटन पर साझेदारी का विघटन निश्िचत होता है। 6.पफमर् का अनिवायर् समापन हो जाता है जब सभी साझेदार या एक के अतिरिक्त सभी साझेदार दिवालिया हो जाएँ। 7.एक साझेदार के विक्ष्िाप्त होने की स्िथति में न्यायालय पफमर् के समापन का आदेश दे सकता है। 8.न्यायालय के हस्तक्षेप के बिना साझेदारी का विघटन संभव नहीं है। 5.3 खातों का निपटारा पफमर् का विघटन होने परए पफमर् अपना व्यवसाय बंद कर देती है और खातों का निधर्रण कर दिया जाता है। इसके लिए पफमर् अपनी परिसंपिायों का निपटाराए अपने विरु( सभी दायित्वों का भुगतान कर देती है। इस 258 लेखाशास्त्रा - अलाभकारी संस्थाएँ एवं साझेदारी खाते हल अश्वनी व भारत की पुस्तवेंफ वसूली खाता नाम जमा विवरण विनियोग 20ए000 देनदार 40ए000 भवन 70ए000 स्टाॅक 10ए000 ख्याति 15ए000 अश्वनी की पूँजी ;श्रीमती अश्वनी का ट्टणद्ध बैंक ;श्रीमती भारत का )णद्ध बैंक ;लेनदारद्ध बैंक ;वसूली व्ययद्ध लाभ का हस्तंातरण: अश्वनी की पूँजी 27ए990 भारत की पूँजी 27ए990 राश्िा ;रु.द्ध 1ए55ए000 10ए000 20ए000 75ए620 2ए000 55ए980 3ए18ए600 विवरण राश्िा ;रु.द्ध संदिग्ध् ट्टणों के लिए प्रावधान 4ए000 लेनदार 76ए000 श्रीमति अश्वनी का ट्टण 10ए000 श्रीमति भारत का ट्टण 20ए000 विनियोग घट - बढ़ कोष 2ए000 अश्वनी की पूँजी;स्टाॅकद्ध 8ए000 भारत की पूँजी ;टाइर्पराइर्टरद्ध 600 भारत की पूँजी;विनियोगद्ध 9ए000 बैंक विनियोग 9ए000 देनदार 38ए000 भवन 1ए30ए000 ख्याति 12ए000 1ए89ए000 3ए18ए600 साझेदारों के पूँजी खाते नाम जमा तिथ्िा विवरण रो अश्वनी भारत तिथ्िा विवरण रो अश्वनी भारत पृ.सं ;रु.द्ध ;रु.द्ध पृ.सं ;रु.द्ध ;रु.द्ध वसूली;स्टाॅकद्ध 8ए000 - शेष आ/ला 20ए000 20ए000 वसूली;टाइपराइटर 600 संचय कोष 10ए000 10ए000 का विक्रयद्ध वसूली;श्रीमती 10ए000 अश्वनी का ट्टणद्ध वसूली ;विनियोगद्ध 9ए000 वसूली ;लाभद्ध 27ए990 27ए990 बैंक 59ए990 67ए990 48ए390 57ए990 67ए990 57ए990 लेखाशास्त्रा - अलाभकारी संस्थाएँ एवं साझेदारी खाते उक्त तिथ्िा को पफमर् का विघटन हुआ। निम्न सूचनाओं से पफमर् की पुस्तकों को बंद करेंः 1.भवन से वसूली 1ए90ए000 रुपयेए प्राप्य विपत्रा से वसूली 1ए10ए000 रुपयेए स्टाॅक से वसूली 1ए50ए000 रुपये और मशीनरी का 48ए000 रुपये में तथा प़फनीर्चर का 75ए000 रुपये में विक्रय हुआ। 2.बैंक ट्टण का निपटारा 1ए30ए000 रुपये में हुआ। लेनदार व देय विपत्रा का निपटारा 10ः बट्टðे पर हुआ। 3.रोहित ने 10ए000 रुपये वसूली व्यय का भुगतान किया व विघटन प्रिया को पूरा करने के लिए उसे 12ए000 रुपये पारितोष्िाक दिया गया। आवश्यक बही खाते तैयार करें। हल सोनिया, रोहित और उदित की पुस्तवेंफ वसूली खाता नाम जमा विवरण राश्िा ;रु.द्ध विवरण राश्िा ;रु.द्ध भवन 2ए00ए000 मशीनरी 40ए000 स्टाॅक 1ए60ए000 प्राप्य विपत्रा 1ए20ए000 प़फनीर्चर 80ए000 बैंक ;बैंक ट्टणद्ध बैंक ;लेनदार व देय विपत्राद्ध बैंक ;सोनिया के पति का ट्टणद्ध रोहित की पूँजी ;वसूली व्ययद्ध 6ए00ए000 1ए30ए00054ए0001ए30ए00012ए000 लेनदार देय विपत्रा बैंक ट्टण सोनिया के पति से ट्टण बैंकः भवन 1ए90ए000 प्राप्य विपत्रा 1ए10ए000 स्टाॅक 1ए50ए000 मशीनरी 48ए000 प़फनीर्चर 75ए000 हानि का पूँजी खाते में हस्तांतरण सोनिया 21ए500 रोहित 12ए900 उदित 8ए600 30ए000 30ए000 1ए20ए000 1ए30ए000 5ए73ए000 43ए000 9ए26ए000 9ए26ए000 266 लेखाशास्त्रा - अलाभकारी संस्थाएँ एवं साझेदारी खाते हल अंजू, मंजू और संजू की पुस्तवेंफ वसूली खाता नाम जमा विवरण राश्िा ;रु.द्ध विवरण राश्िा ;रु.द्ध स्टाॅक प़फनीर्चर देनदार भवनअंजू की पूँजी;लेनदारद्ध संजू की पूँजी;ट्टणद्ध बैंक ;वसूली व्ययद्ध 83ए000 12ए000 2ए42ए000 2ए00ए000 5ए37ए000 60ए00015ए0002ए200 संदिग्ध ट्टण के लिए प्रावधन लेनदार ट्टण अंजू की पूँजीः प़फनीर्चर 10ए000 देनदार 185ए000 मंजू की पूँजीः स्टाॅक 83ए000 भवन 1ए80ए000 संजू की पूँजीः ;शेष देनदार पुस्तक मूल्य से 20ः कमद्ध हानि का हस्तांतरणः अंजू की पूँजी 21ए360 मंजू की पूँजी 7ए120 संजू की पूँजी 7ए120 12ए000 60ए000 15ए000 1ए95ए000 2ए63ए000 33ए600 35ए600 6ए14ए200 6ए14ए240 साझेदारों के पूँजी खाते नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृसं संजू ;रु.द्ध अंजू ;रु.द्ध मंजू ;रु.द्ध तिथ्िा विवरण रो.पृसं अंजू ;रु.द्ध मंजू ;रु.द्ध संजू ;रु.द्ध वसूली ;परिसंपिायाँद्ध वसूली;हानिद्ध बैंक 1ए95ए000 21ए360 1ए18ए640 2ए63ए000 7ए120 33ए600 7ए120 74ए280 शेष आ/ला वसूली;लेनदारद्ध वसूली;ट्टणद्ध बैंक 2ए75ए000 60ए000 1ए10ए000 1ए60ए120 1ए00ए000 15ए000 3ए35ए000 2ए70ए120 1ए15ए000 3ए35ए000 2ए70ए120 1ए15ए000

RELOAD if chapter isn't visible.