भारत का संविधन - सि(ांत और व्यवहार कहाँ पहुँचे? क्या समझे? नीचे भारतीय और अन्य संविधनों के वुफछ प्रावधन दिये गये हैं। बताएँ कि इनमें प्रत्येक प्रावधन का क्या कायर् है। सरकार किसी भी नागरिक को किसी ध्मर् का पालन करने या न करने की आज्ञा नहीं दे सकती। सरकार की शक्ित या सीमा सरकार को आय और संपिा की असमानता को कम करने का प्रयास अवश्य करना चाहिये। राष्ट्रपति के पास प्रधनमंत्राी को नियुक्त करने की शक्ित है। संविधन वह सवोर्च्च कानून है जिसका सभी को पालन करना पड़ता है। भारतीय नागरिकता किसी खास नस्ल, जाति या ध्मर् तक सीमित नहीं है। इन कायो± से स्पष्ट होता है कि क्यों अध्िकतर समाजों में एक संविधन होता है। लेकिन संविधन के बारे में हम तीन और प्रश्न कर सकते हैं: ;कद्धसंविधन क्या है? ;खद्ध संविधन कितना प्रभावी है? ;गद्धक्या संविधन न्यायपूणर् है? अध्िकतर देशों में ‘संविधन’ एक लिख्िात दस्तावेश के रूप में होता है जिसमें राज्य के बारे में कइर् प्रावधन होते हैं। यह प्रावधन बताते हैं कि राज्य का गठन वैफसे होगा और वह किन सि(ांतों का पालन करेगा। जब हम किसी देश के संविधन की बात करते हैं तो सामान्य रूप से हम उसी दस्तावेश का िाक्र कर संविधन - क्यों और वैफसे? निष्कषर् यह संविधन निमार्ताओं की बुिमत्ता और दूरदृष्िट का प्रमाण है कि वे देश को एक ऐसा संविधन दे सके जिसमें जनता द्वारा मान्य आधरभूत मूल्यों और सवोर्च्च आकांक्षाओं को स्थान दिया गया था। यही वह कारण है जिसकी वजह से इतनी जटिलता से बनाया संविधान न केवल अस्ितत्व में है, बल्िक एक जीवंत सच्चाइर् भी है जबकि दुनिया के अन्य अनेक संविधन कागशी पोथों में ही दब कर रह गए। भारत का संविधन एक विलक्षण दस्तावेश है जो अन्य अनेक देशों, खासतौर से दक्ष्िाण अप्रफीका के लिए एक प्रतिमान हो गया। तीन वषर् तक संविधन बनाने की प्रिया का मुख्य उद्देश्य यह रहा कि एक ऐसा संतुलित संविधन बनाया जाए जिसमें संविधन द्वारा निमिर्त संस्थाएँ अस्त - व्यस्त या कामचलाऊ व्यवस्थाएँ मात्रा न हों बल्िक लोगों की आकांक्षाओं को एक लंबे समय तक संजोये रख सवेंफ। आप पुस्तक के शेष भाग में इन व्यवस्थाओं के बारे में पढ़ेंगे। प्रश्नावली 1.इनमें कौन - सा संविधन का कायर् नहीं है? ;कद्ध यह नागरिकों के अध्िकार की गारंटी देता है। ;खद्ध यह शासन की विभ्िान्न शाखाओं की शक्ितयों के अलग - अलग क्षेत्रा का रेखांकन करता है। ;गद्ध यह सुनिश्िचत करता है कि सत्ता में अच्छे लोग आयें। ;घद्ध यह वुफछ साझे मूल्यों की अभ्िाव्यक्ित करता है। 2.निम्नलिख्िात में कौन - सा कथन इस बात की एक बेहतर दलील है कि संविधन की प्रमाण्िाकता संसद से श्यादा है? ;कद्ध संसद के अस्ितत्व में आने से कहीं पहले संविधन बनाया जा चुका था। ;खद्ध संविधन के निमार्ता संसद के सदस्यों से कहीं ज्यादा बड़े नेता थे। ;गद्ध संविधन ही यह बताता है कि संसद वैफसे बनायी जाय और इसे कौन - कौन - सी शक्ितयाँ प्राप्त होंगी।

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