मेै्रल1911मं ेेहआथाआरलविन वफलविन का जन्म अपैेमिनसाटा ;यू.एस.ए.द्ध मं ुैआपने ेे ेपी.एच.डी.की उपाध्ि पाप्त मिनसाटा विष्वविद्यालय सरसायन षास्त्रा मं ्र11.1 परिवहन वेफ माŁयम 11.2 पादप - जल सबंध् ं11.3 लंबी दूरी तक जल का परिवहन 11.4 वाष्पोत्सजर्न 11.5 खनिज पोषकों का उद््रंगहण एवपरिवहन 11.6 ण्लाएम परिवहनः ेउद्ेझुडतक गमसंप्रवाह क्या आपको र् नहीं हुआ है कि वष्ेकी सबस¯ची िाखर तक पानी वफसेकभी आष्चयक्षां े ँैपहुँेर् ेेूेचता है, या पिफर इस बात वफ लिए कि पदाथएक कािाका सदसरी कािाका की ओैे ़ जाते ं औे पदाथर् समान प्रे एक दिषा मेचलते है? क्या इन रवफसबढहैरयकारसं ंतत्वांेको आगे बढ़ने के लिए उपापचयी ¯जार् की आवष्यकता होती है? पेड़ - पौधें को जंुेकी अपक्षा कहीं अध्िक दरी तक अणआं को ले जाने की आवष्यकता होतआं ेूुेती है जबकि उनमेकिसी पकार का परिवहन तत्रा नहीं हाता। जड़ां ्रं ्रंेेद्वारा गहण किया गया पानी पौेवफ सभी भागांे ँे ़े हुए तने वे्र भाग तक जाता है। पण्िायोंधं ेतक पहुचता है, जाबढतफ अगद्वारासं्रंेेैेवफसभी अगांपन्न पकाष - सष्लषण वफ परिणामस्वरूप उत्पन्न उत्पाद भी पाधं ेंतक पहुँे ं औष्र् मेअतःस्थापित जड़ां वेर् तक जाते ंचतहैरमदाकी गहराइं ंेफषीषहै।यह गतिषीलतालघुदूेेंैेरी तक, कािाका वफ अदर या झिल्िलका वफ आर - पार आर ¯तक वफ अंर्ेेदूेेैेमेहोेवाली इस तगत एक कािाका ससरी कािाका तक बनी रहती है। पड़ - पाधं ंनपरिवहन विध्ि को समझने वेेसबसपहले कािाका की आधरभत बनावट फलिए,हमं े ेूतथा पौे की षरीर - रचना विज्ञान वेे मेमल जानकारी को पनः स्मरण करना हागा ध्फबारंूुेर इसवफ साथ ही साथ हमेेाप्त औेंविसरण, विभव एवं आयन वफ बारे मं जानकारी भी प्रकरनी होगी। जब हम पदाथों वेे ं तो े पहले हमेयह पारिभाष्िात र्फ परिवहन की बात करतहैसबसं करना आवष्यक हो्रैें की चचार्ता है कि हम किस पकार की गति आर किन पदाथार्कर रहे हैंुैेमं जिन पदाथों का परिवहन होेजल, खनिज पाषक, । पष्पीय पाधं ेर्ता है, उनमं ेकाबर्ें पौेवफ वि नियामक मख्य है। कम दरी तक पदाथार्की गति, निकपाषकएवधं ेष्ुंूें प्रं साइटोे हो सकता है। लंूसरण एवप्लाजमिक धरा स.िय परिवहन की मदद सबी दरी वेंेंैेफ लिए परिवहन, सवहनीय तत्रा ;जाइलम तथा ण्लाएमद्ध द्वारा सपन्न हाता है आर इसस्थानंातरण कहा जाता है। जीव विज्ञान एक महण्वपूणर् पहलू जिस पर Łयान देने की आवष्यकता हैऋ वह परिवहन की दिषा है। मूेमं जाइलम परिवहन ;पानी औेकाद्ध आवष्यक रूप सएक लीय पादपां ेर खनिजां े दिषात्मक अथार्् मूे तने तक होर्ैेेका परिवहन तल सता है। काबनिक आर खनिज पाषकां बहुदिषात्मक हो्रंेेद्वारा सष्लष्िात काबनिक यागिकां कोता है। पकाष - सष्लष्िाक पण्िायां ंेर्ैेपौेवेंजिनमंभ्ंंँेध्फ सभी अगां ेाडार अग भी सम्िमलित है, तक पहुचाया जाता है। बाद मं भंेसइन्हेपनः परिवहनित किया जाता है। जड़ां द्वारा खनिज पोेकाडारअगां े ं ुेषकतत्वां े जड़ोद्वारा गहण करवफ उसतन, पण्िायां एवं वष्ेेतक भजा जाता है। जब किसी ं ्रेेेेिक्षत्रां ेपौेकाकोर्भागजरावस्थाकोप्रे ेक्षेेेेकोवापसलेध्इाप्त करता है ताउसत्रा वफ पाषकां कर वष्े वाले क्षेेकी आर भज दिया जाता है। हामार्ष्ि करनत्रां ेेेि नियामक तथा न या पादप वअन्य रसायन - उणेे ैेजक भी परिवहनित किए जातहं, यद्यपि इनकी मात्रा बहुत कम हाती है। कइर् बार ये एक ध््रवीय या एक दिषायी हाुतेे हैं आर सैष्लंष्िात स्थान सेे दसरूे भागांेतक परिवहनित होे हैंुैे मेयागिकांत। अतः एक पष्पीय पाध्ं ैेका आवामगन कापफी जटिल ;लेंुैेमंे्रेंुकिन सभवतः बहुत .मानसारद्ध आर विभ्िान्न दिषाआं ेहाता है। पत्यक अग वफछ पदाथार्ें को ग्रफछ दुूंेको दता है। ेहण करता है तथा वसरा11.1 परिवहन वफ माŁयम े11.1.1 विसरण विसरण द्वारागतिनिष्ि.यहोेेे ूेती है तथा यह कािाका वफ एक भाग सदसरभाग तक िाकासिाकातककमदसाकह सकतं ेयाकोेअन्यकोरी तकयाएूेेहंैकिपण्िायोवफ अंेे बाÆ पयार्ुे सकती है। इसमे¯जार् का व्यय तरकािाकीय स्थान सवरण तक वफछ भी हां नहीं होेअणु अनियमित रूप सगति करते है, परिणामस्वरूप पदाथर् उच्च ता। विसरण मं े ंसां्रे निम्न सां्रे क्षेेजाते है। विसरण एक ध्ीमी प.िया है तथा वह दतासदतावालत्रामं ं्रजीवित तंर्ै्रेस्पष्ट परिलक्ष्िात हाती है जबकि त्रा पर निभर नहीं करती। विसरण गस दव मं ेठोेठास का विसरण वफछ अष तक ही सभव है। पाधं ेंसमं ेुंैेवफलिएविसरणअत्यतही महण्वपूर् है क्योकि पादप षरीर मं ैेणंेगसीय गति का यह अवफला माŁयम है। विसरणकी दरसां्र्रं ेदता की पवणता, उन्हेअलग करनवाली झिल्ली की पारगम्यता, तापतथादाबसे ्रेपभावित हाती है। 11.1.2 सुसाŁय विसरण जैे बताया गया है कि विसरण उत्पन्न करने वे्रे ेसा पहलफ लिए पवणता का पहलसउपस्िथत रहना अत्यंें ेर्त आवष्यक है। विसरण की दर पदाथार्वफ आकार पर निभर करती है। यह तो पहले े ही स्पष्ट है कि लघु पदाथर् तेे विसरण करते हैंसजगतिस।किसी भी पदाथर् का विसरण झिल्ली वे्रुेघलनषीलता पर फ पमख सहभागी लिपिड ;स्पचपकद्धमं ुनिभर्ेघलनषील पदाथर् झिल्िलका वफ माŁयम सतजी से विसरित रकरताहै।लिपिड मं ुेे ेहोेंर्काअंेेेतहै। जिस पदाथष या माइटी ;डवपमजलद्ध जलरागी हाता है। वह झिल्िलका वफ आर - पार कठिनाइर् े ुे ुे ेसगजरता है। अतः उनकी गति कासगम बनानकी आवष्यकता हाती पौेमंधं ेपरिवहन है। ऐे अणु को आर - पार करने वे्रेेसफ लिए झिल्िलका पाटीन स्थान उपलब्ध् कराती है। वसां्र्रेुेवफ विसरण वफ लिए सादता पवणता ्रदता पवणता स्थापित नहीं कर पात, जबकि अणआं ेें्रनििचततौे ेही उपस्िथतहोे ंप्रेेर पर पहलसनी चाहिए, भलही उन्हेाटीन समदद मिल रही हो्रु। यह प.िया ही ससाŁय विसरण कहलाती है। सुेपदाथार्को झिल्ली वफ आर - पार करने मं वििाष्ट प्रेसाŁय विसरण मं ंेेेाटीन मदद करती है औेएटीपी ¯जार् का भी व्यय नहीं हाता। ससाŁय विसरण निम्न से उच्च र इसमं ेुसां्रेपणर् परिवहन नहीं कर सकता ह, अतः इस कारण ¯जार् निवष की आवष्यकता दतामंूैेहोे्रेेंका ती है। परिवहन की गति दर तब अध्िकतम हाती है जब पाटीन वफ सभी सवाहकाप्रेूर्ेहोुेेेकोपदाथार्याग पणरूप स। ससाŁय विसरण अति वििाष्ट हाता है। यह कािाकाआं ंेफ उदगफ लिए चयन करनट पदान करता है। यह निराध्को्रवे्हणव्रेेकी छू्रेंवफपति संेेेप्रेर्ांेप्रवदनषील हाता है, जााटीन की पाष्व खला सष्ति.िया करती है। अणुेको आर - पार जाने वफ लिए झिल्िलका मं मौू्रेुआं ेेजद पाटीन रास्ता बनाती है। वफछ रास्तेहमेुेहोे ंतथावुंेसकते ंुेहोे ंेषा खलतहैफछ नियत्रिात हाहै। वफछ बड़तहै, जाविभ्िान्न प्रेुेकोपारजानेकी छटदतेहै। पारिन एक पकार की पाटीन है जाकारवफअणआं ूें्र्रेे प्लास्िटड माइटोेडिश्या तथा बक्टीरिया की बाÆ झिल्ली मं े आकार वे्रेका कांैेबड़फछिदां निमार्ेसहाकर पाटीन वफ छाटे साइज वफ अणु भी उसमं सेणकरती हैताकिझिल्ली मं े े्रेेेेेगुेंजर सवफ। चित्रा11.1प्रर्ेुपरिवहनप्रेंदिात करता है कि बाÆकािाकीय अणाटीन पर बध्ित रहतहैं औ्रेेघणत हाकर कािाका वफ भीतर अणु को मक्त कर रयही परिवहनपाटीनबादमं ूर्ेेेुदेेैर् - जोआठ तरह वेेेती है। उदाहरण वफ तार पर जलमागफ विभ्िान्न एक्वापारिन सबना होता है। परिवहन प्रेाटीन परिवहित अणु काजीव विज्ञान 11.1.2.1 निष्ि.य सिमपोटर् तथा एंटीपोटर् वु्रेुफछ वाहक या परिवहन पाटीन विसरण की अनमति तभी देे ंेतरह वेुएकसाथचलते ंतहै, जब दाफ अणहै। सिमपाटेर् मंे, दोनों अणु एक ही दिषा मंेझिल्िलका को पार करते ंेटीपाटर् मं वेहै, जबकि एंेेउलटी दिषा में चलते हैं ;चित्रा 11.2द्ध। जब एक अणु दसरूे अणुसेंेस्वतत्रा हाकर झिल्िलका कापार करता है, तब इस विध्ि को ूेर् कहते ंयनिपाटहै। 11.1.3 सिय परिवहन स.ियपरिवहनसां्र्रेुेकोदता पवणता वफ विरु३ अणआं पंे मे¯जार् का उपयाग करता है। स.ियेप करनं परिवहन झिल्िलका प्रेूर्ाटीन द्वारा पणकिया जाता है। अतः झिल्िलका वे्रेफ विभ्िान्न पाटीन स.िय तथा निष्ि.य दोेपरिवहन मं मुूे ंनां ेख्य भमिका निभातहै। पं्रेे पदाथों कोप एक तरह का पाटीन है जार्झिल्िलका वेे मे¯जार् का पयाग करती है। यपपफपारकरानं ्रेे ंप्रेें ं्रे ं्राटीन पदाथार्का कम सादता सअध्िक सादता तक परिवहन करा सकते ंहै। परिवहन की गति अध्िकतम तब होे वाले सभी प्रेती है जब परिवहन करनाटीन का याग हाया वह सतप्त ही क्यांप्रेेरहाहो ंष्ेनहो।झिल्ली एंेकी भाति वाहक पाटीन झिल्िलका वफ पारजाइमां ं्रेेचित्रा 11.2 सुसाŁय विसरण करने वाले पदाथों वे्रेर्फ पति बहुत अध्िक वििाष्ट हाती हैंेप्रेेे्रंेे। याटीन निराध्क वफ पति भी सवदनषील हाती है जो पाष्वर् ाष्ंखला से प्रति.िया करते हैं। 11.1.4 विभ्िान्न परिवहन विध्ियां ुेकी तलना तालिका 11.1 मंेभ्िान्न - भ्िान्न परिवहन तंत्रा की तुलना की गइर् है। जैसा कि स्पष्ट हो चु्रेुं ेका है कि झिल्िलका की पाटीन ससाŁय विसरण एवस.िय परिवहन वफ लिए तालिका 11.1 विभ्िान्न परिवहन तंत्रों की तुलना उणरदायी हो्रर्ेे ेैे ंती है तथा इस पकार यह उच्च वणात्मक हानवफ सामान्य लक्षण जससतहोेेवफपतिअन.ियातथाहामार्ं्रर्े ंेना, निराध्कां े्रुनीय नियेत्राण पदिात करतहै। लकिन विसरण चाहेसुे ्रेुेर् ेसाŁय हाया नहीं, पवणता वफ अनसार हाता है तथा ¯जाका उपयाग नहीं करता। 11.2 पादप - जल संबंध् पौधें वफ षारीरिक .ियाकलाप के लिए जल अनिवायेर् है आर यह सभी जीवित पैाण्िाया्रंेवफेलिएएकअत्यंूर्भूेत महण्वपणमिका निभाता है। यह वह माŁयम उपलब्ध् कराता है जिसमं सभी पदाथर् घुेे ं्रेहजारां तरह वेु पानी मेघले हाते हैआरलनषीलहातहै।जीवदव्यमं ेफअणं ुें ैनिलंेंूेंर््रे ेबित रहतहै। एक तरबज वफ अतगत 92 पतिषत सअध्िक भाग पानी का हाता है तथा ज्यादातर षाकीय पौेमं षुर् वेे 15 प्रेेधं ेष्क पदाथफवल 10 सतिषत हाता है, बाकी जल हाता है। हालांुैे मेजल का वितरण भ्िान्न - भ्िान्न हाताकियह बातबिल्वफलसचहैकिएकपाध्ं ेहै, काष्ठ वाले भाग मेथाड़ा कम हाता है तथा नरम भाग मं ूं ेेेबहुत ज्यादा। एक बीज सखा सा दिख सकता हैऋ परतंु पिफर भी उसमंेपानी की वुफछ मात्रा होती है अन्यथा वह जीवित नहीं रहेगा औेर ष्वसन भी नहीं करगा। स्थलीय पौे प्रमं ्रे ंऋ लकिन पण्िायां ेध्तिदिन भारी मात्रा ेपानी गहण करतहैेेसइनका अध्िकतर भाग वाष्पोर्ेउड़ जाता है। मक्वफ का एक परिपक्वत्सजन द्वारा हवा मं ेपौमं लगभग तीन लीटर पानी अवषोेकाध एक दिन ेष्िात करता है जबकि सरसां पौंे मेअपने वजन वफ बराबर पानी अवषाष्िात कर लता है। पानी की इसेधलगभगपाचघटं ेेउच्च मात्रा की मांेर् नहीं हों प्रग वफ कारण, यह आष्चयना चाहिए कि .ष्िा एवा.तिक पयार्ेपाध्की वि एवं उत्पादकता को सीमित करने वाला सीमाकारी कारक पायःवरणमं ैे ष््रजल ही होता है। 11.2.1 जल विभव या जल अंतःषक्ित पादप - जलसंेवेुेेकी समझअŁययनबध् की व्याख्या करनफ लिए वफछ विषष मानक षब्दां को आसान बना देे समझने वेती है। जल विभव जल की गति या परिवहन काफ लिए आधरभूेेंत धरणा है। विलय विभव या विलय अतःषक्ित तथा दाब विभव या दाब अंे ुेवालेदोमुंतःषक्ित जल विभव कासनििचत करनख्य कारक है। जल वेुेमं गतिज ¯जार् पाइर् जाती है। द्रैेवअनियमितफ अणआं ेव तथा गस की अवस्था मं े गति करते हुए पाए जाते ं्र तथा स्िथर दोनोतरह की हो सकती है। किसीहै, यह गति तीवं तंेयदि अध्िक मात्रा मं जल हो तो उसमेअध्िक गतिज ¯जार् तथा जल विभव हागा।त्रामं ें ेअतः यह सुुेसबसज्यादा जल विभव हागा। यदि काइदानििचतहैकिष३जलमं े ेेर् े अंर्ंर्ेहोतोपानी वेुवेेेतविष्ट जल तत्रा सपवफ मं ंफ अणफ अनियमित गति वफ कारण जल वफ वास्तविक गति की त्वरित गति ज्यादा ¯जार् वाले भाग से कम ¯जार् वाले भाग में होगी। अतः पानी उच्च जल विभव वाले अंर्ें कम जल विभव वाले तंेतविष्ट जल वफ तत्रा सत्रा की आर जाएगा।पदाथर् ्रर् ्रेुेैकी गति की यह प.िया ¯जाकी पवणता वफ अनसार हाती है आर विसरण कहलाती है। जल विभव को ्रसचिित किया गया है आर इसगीक चिन्ह च्ेप या Ψ े ैे पासकल्स जैर् मेव्यक्त किया गया है। परपरा वफ अनसार ष३ जल वफ जलेसी दाबइकाइं ंेुु

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