16ण्1 समग्र अवलोकन ;व्अमतअपमूद्ध अनिश्िचतता ;न्दबमतजंपदजलद्ध की परिमाणात्मक माप ;ुनंदजपजंजपअम उमंेनतमद्ध प्रायिकता की परिभाषाहै, अथार्त् वह संख्यात्मक मान, जो किसी घटना ;मअमदजद्ध के घटित ;वबबनततमदबमद्ध होने के हमारेविश्वास की शक्ित को व्यक्त करे। किसी घटना की प्रायिकता सदैव 0 और 1 के बीच की एक संख्याहोती है, जिसमेंं 0 और 1 दोनों सम्िमलित हैं। यदि किसी घटना की प्रायिकता 1 के निकट है तो उसकेघटित होने की सम्भावना अिाक होती हैऋ तथा यदि घटना की प्रायिकता 0 के निकट है तो घटनाके घटित होने की सम्भावना कम होती है। यदि घटना घटित नहीं हो, तो उसकी प्रायिकता 0 होतीहै। यदि घटना का घटित होना निश्िचत है, तो उसकी प्रायिकता 1 होती है। 16ण्1ण्1 यादृच्िछक परीक्षण ;त्ंदकवउ मगचमतपउमदजद्ध किसी परीक्षण के यादृच्िछक होने का अथर्है कि परीक्षण के एक से अिाक संभव परिणाम हैं और निश्िचत रूप से यह पूवार्नुमान ;चतमकपबजपवदद्ध लगाना संभव नहीं है कि वह परिणाम क्या होगा। उदाहरण के लिए, एक सामान्य सिक्के के उछालनेके परीक्षण में, यह पूवार्नुमान तो निश्िचत रूप से लगाया जा सकता है, कि सिक्का या तो चित् ;ीमंकद्ध होगा या पट् ;जंपसद्ध होगा लेकिन ;किन्तुद्ध यह निश्िचत रूप से ज्ञात नहीं है कि चित् या पट् मंे सेक्या होगा। यदि किसी पासे ;कपमद्ध को एक बार पेंफका जाए, तो छः संख्याओं, अथार्त् 1, 2, 3,4, 5, 6 में से कोइर् भी एक संख्या प्राप्त हो सकती है, परन्तु यह निश्िचत नहीं है कि कौन - सी संख्या प्राप्त होगी। ;पद्ध परिणाम ;व्नजबवउमद्ध किसी यादृच्िछक परीक्षण के संभव पफल ;नतीजेद्ध को परीक्षण कापरिणाम कहते हैं। उदाहरणाथर् किसी सिक्के को दो बार उछालने के परीक्षण के वुफछ परिणाम भ्भ्ए भ्ज् इत्यादि हैं। ;पपद्ध प्रतिदशर् समष्िट;ैंउचसम ैचंबमद्ध किसी परीक्षण के सभी संभव परिणामों के समुच्चय कोउस परीक्षण का प्रतिदशर् समष्िट कहते हैं। वस्तुतः यह किसी प्रदत्त परीक्षण के लिए, प्रासंगिकसावर्त्रिाक समुच्चय ै होता है। किसी सिक्के को दो बार उछालने के परीक्षण का प्रतिदशर् समष्िट निम्नलिख्िात हैंः ै त्र क्ष्भ्भ्ए भ्ज्ए ज्भ्ए ज्ज्द्व ताश के पत्तों की किसी गड्डी से एक पत्ते को निकालने के परीक्षण के लिए प्रतिदशर् समष्िट, गड्डीके सभी पत्तों का समुच्चय है। 16ण्1ण्2 घटना ;म्अमदजद्ध प्रतिदशर् समष्िट ै का कोइर् उपसमुच्चय एक घटना होती है। उदाहरण केलिए, ताश की किसी गड्डी से एक इक्का ;।बमद्ध निकालने की घटना । त्र क्ष्पान का इक्का, चिड़ी का इक्का, ईंट का इक्का, हुवुफम का इक्काद्व 16ण्1ण्3 घटनाओं के प्रकार ;ज्लचमे व िमअमदजेद्ध;पद्ध असंभव और निश्िचत घटनाएँ ;प्उचवेेपइसम ंदक ैनतम म्अमदजेद्ध रिक्त समुच्चय φ तथा प्रतिदशर् समष्िट ै भी घटनाओं को व्यक्त करते हैं। वस्तुतः φ को एक असंभव घटना कहते हैंऔर ैए अथार्त्, सम्पूणर् प्रतिदशर् समष्िट को एक निश्िचत घटना कहते हैं।;पपद्ध सरल या प्रारम्िभक घटना ;ैपउचसम वत म्समउमदजंतल म्अमदजद्ध यदि किसी घटना म् में प्रतिदशर् समष्िट का केवल एक प्रतिदशर् बिन्दु हो, अथार्त् किसी परीक्षण का केवल एक परिणामहो, तो घटना को सरल या प्रारम्िभक घटने कहते हैं। दो सिक्कों को उछालनें के किसी परीक्षणका प्रतिदशर् समष्िट, निम्नलिख्िात है, ै त्र क्ष्भ्भ्ए भ्ज्ए ज्भ्ए ज्ज्द्व घटना म्1 त्र क्ष्भ्भ्द्व जिसमें प्रतिदशर् समष्िट ै का अकेला परिणाम भ्भ् है, एक सरल याप्रारंभ्िाक घटना है। ताश की भली भाँति पेंफटी हुइर् गड्डी से एक पत्ता निकालनेें के परीक्षण में,यदि कोइर् विशेष पत्ता, जैसे ‘हुवुफम की रानी’ का निकालना, एक सरल घटना है। ;पपपद्ध मिश्र घटना ;ब्वउचवनदक म्अमदजद्ध यदि किसी घटना में एक से अिाक प्रतिदशर् बिन्दु हैं,तो इसे मिश्र घटना कहते हैं, उदाहरणाथर्, म् त्र क्ष्भ्भ्ए भ्ज्द्व एक मिश्र घटना है। ;पअद्ध पूरक घटना ;ब्वउचसमउमदजंतल मअमदजद्ध किसी प्रदत्त घटना ।के सापेक्ष, ।की पूरक, वह घटनाहै, जिसमें प्रतिदशर् समष्िट के वे सभी परिणाम हों, जो ।के घटित होने से संबंिात नहीं हैं। ।की पूरक घटना को प्रतीक।′ अथवा । से निरूपित करते हैं। इसे घटनाष्।.नहींष् भी कहते हैं। पुनःप्रतीक च्;।द्धए । के नहीं घटनो की प्रायिकता को निरूपित करता है। ।′ त्र । त्र ै दृ । त्रक्ष्ू रू ू ∈ ै और ू ∉।द्व 16ण्1ण्4 घटना श्। या ठश् ;म्अमदज ष्। वत ठष्द्ध यदि। तथा ठए एक ही प्रतिदशर् समष्िट से संबंिात,दो घटनाएँ हों, तो घटना ष्।या ठष् घटना।∪ ठके समान होती है और इसमें वे सभी अवयव होते हैं,जो या तो । में या ठ में या दोनों में हों। पुनः च् ;।∪ठद्धए । या ठ ;या दोनोंद्ध के घटित होने कीप्रायिकता को निरूपित करता है। 16ण्1ण्5 घटना श्। और ठश् ;म्अमदज ष्। ंदक ठष्द्ध यदि । तथा ठए एक ही प्रतिदशर् समष्िट सेसंबंिात दो घटनाएँ हों, तो घटनाष्। और ठष्ए घटना।∩ ठ के समान होती है और इसमें वे सभी अवयवहोते हैं, जो।औरठ दोनों में उभयनिष्ठ हों। पुनः, च् ;।∩ ठद्धए ।और ठ के एक साथ घटित होने कीप्रायिकता को निरूपित करता है। 16ण्1ण्6 घटना श्। किन्तु ठ नहीं ;अन्तर । . ठद्ध श्;ज्ीम म्अमदज ष्। इनज दवज ठष् ;क्पमिितमदबम । दृ ठद्धद्ध घटना। दृ ठ एक ही समष्िट ै के उन सभी अवयवों का समुच्चय है, जो । में तो है किन्तु ठ में नहीं, अथार्त्, । दृ ठ त्र । ∩ ठ′ण् 16ण्1ण्7 परस्पर अपवजीर् ;डनजनंससल मगबसनेपअमद्ध किसी प्रतिदशर् समष्िट की दो घटनाएँ । तथा ठ परस्पर अपवजीर् होती हैं, यदि इनमें से किसी एक घटना का घटित होना दूसरी घटना के घटितहोने को अपवजिर्त करता है। अतः दोनों घटनाएँ । तथा ठ एक साथ घटित नहीं हो सकती हैं औरइस प्रकार च्;।∩ठद्ध त्र 0ण् टिप्पणीः किसी प्रतिदशर् समष्िट की सरल अथवा प्रारम्िभक घटनाएँ सदैव परस्पर अपवजीर् होती हैं। उदाहरण के लिए, किसी पासे के पेफकनने के परीक्षण की सरल घटनाएँ क्ष्1द्वए क्ष्2द्वए क्ष्3द्वए क्ष्4द्वए क्ष्5द्व या क्ष्6द्व परस्पर अपवजीर् हैं। किसी पासे को एक बार पेंफकने के परीक्षण पर विचार कीजिएःघटना म् त्र पासे पर एक सम संख्या प्रकट होना और घटना थ् त्र पासे पर एक विषम संख्या प्रकटहोना परस्पर अपवजीर् घटनाएँ हैं, क्योंकि म् ∩ थ् त्र φण् टिप्पणीः किसी दिए हुए प्रतिदशर् समष्िट के लिए दो या अिाक परस्पर अपवजीर् घटनाएँ हो सकती हैं। 16ण्1ण्8 निःशेष घटनाएँ ;म्गींनेजपअम मअमदजेद्धरूयदिम्1ए म्2ए ण्ण्ण्ए म्द किसी प्रतिदशर् समष्िट ै की द घटनाएँ हैं और यदि द म्1 ∪ म्2 ∪ म्3 ∪ ण्ण्ण् ∪ म्द त्र ∪म्प त्र ै तो म्1ए म्2ए ण्ण्ण्ण्ण्म्दप त्र1 को निःशेष घटनाएँ कहते हैं। दूसरे शब्दों में, किसी प्रतिदशर् समष्िट ै की घटनाएँ म्1ए म्2ए ण्ण्ण्ए म्द निःशेष कहलाती हैं, यदि जब कभी परीक्षण किया जाए, तो इनमें से कम से कम एक घटनाअवश्य ही घटित हो।किसी पासे को पेंफकने के परीक्षण पर विचार कीजिए। यहाँ ै त्र क्ष्1ए 2ए 3ए 4ए 5ए 6द्वण् दो घटनाओं को निम्नलिख्िात प्रकार परिभाष्िात कीजिएः । रू ष्4 के बराबर या 4 से कम संख्या का प्रकट होनाष् ठ रू ष्4 के बराबर या 4 से अिाक संख्या का प्रकट होनाष् अब । रू क्ष्1ए 2ए 3ए 4द्वए ठ त्र क्ष्4ए 5ए 6द्व । ∪ ठ त्र क्ष्1ए 2ए 3ए 4ए 5ए 6द्व त्र ै इस प्रकार की घटनाएँ । तथा ठ निःशेष घटनाएँ कहलाती हैं। 16ण्1ण्9 परस्पर अपवजीर् और निःशेष घटनाएँ ;डनजनंससल मगबसनेपअम ंदक मगींनेजपअम मअमदजेद्ध रू यदिम्ए म्ए ण्ण्ण्ए म्किसी प्रतिदशर् समष्िट ै की द घटनाएँ हैं और यदि म्∩ म् त्र φ12द परद म् त्र ैप्रत्येक प ≠ रए अथार्त्,म्औरम्युग्मतः असंयुक्त हैं तथा ∪ प ए तो घटनाएँम्ए म्ए ण्ण्ण् ए म्पर 12दप त्र1 परस्पर अपवजीर् और निःशेष घटनाएँ कहलाती हैं।किसी पासे को पेंफकने के उदाहरण पर विचार कीजिए,यहाँ ै त्र क्ष्1ए 2ए 3ए 4ए 5ए 6द्व आइए हम तीन घटनाओं को निम्नलिख्िात प्रकार परिभाष्िात करेंः । त्र एक पूणर् वगर् संख्या ठ त्र एक अभाज्य संख्या ब् त्र एक संख्या, जो 6 के बराबर या 6 से बड़ी है अब । त्र क्ष्1ए 4द्वए ठ त्र क्ष्2ए 3ए 5द्वए ब् त्र क्ष्6द्व नोट कीजिए कि। ∪ठ ∪ ब् त्र क्ष्1ए 2ए 3ए 4ए 5ए 6द्व त्र ैण्इसलिए, ।ए ठ तथाब् निःशेष घटनाएँ हैं।इसके अतिरिक्त। ∩ ठ त्र ठ ∩ ब् त्र ब् ∩ । त्र φ अतः घटनाएँ युग्मतः असंयुक्त है और परस्पर अपवजीर् हैं।प्रायिकता के पुरातन ;बसंेेपबंसद्ध सि(ांत का प्रयोग, उस दशा में उपयोगी होता है, जब परीक्षण के परिणाम सम संभाव्य ;म्ुनंससल सपामसलद्ध हों। इस दशा मंे प्रायिकता निधार्रित करने केलिए,हम तवर्फ शास्त्राीय वििायों का प्रयोग कर सकते हैं। पुरातन वििा को समझने के लिए, किसीअनभ्िानत ;ंिपतद्ध सिक्के के परीक्षण पर विचार कीजिए। इस परीक्षण में दो सम संभाव्य परिणामहैंμया तो चित्त ;भ्द्ध या पट ;ज्द्ध। जब प्रारम्िभक परिणामों को सम संभाव्य मान लेते हैं, तो हमेंएक समान प्रायिकता का प्रतिमान प्राप्त होता है। यदि ै में ाप्रारम्िभक परिणाम हैं, तो प्रत्येक परिणाम की प्रायिकता 1 निधार्रित की जाती है। इसलिए तवर्फशास्त्रा सुझाव देते हैं कि, च् ;भ्द्ध द्वाराा1निरूपित, चित प्रकट होने की प्रायिकता त्र 0ण्5 है और च् ;ज्द्ध द्वारा निरूपित, पट प्रकट होने की2 1प्रायिकता भी त्र 0ण्5 है। नोट कीजिए कि इनमें से प्रत्येक प्रायिकता का मान 0 तथा 1 के बीच2 है। पुनः परीक्षण के वुफल परिणाम भ् औरज् हैं, अतः च् ;भ्द्ध ़ च् ;ज्द्ध त्र 1ण् 16ण्1ण्10 प्रायिकता की पुरातन परिभाषा ;ब्संेेपबंस कमपिदपजपवदद्ध यदि किसी प्रतिदशर् समष्िट के सभी परिणाम सम संभाव्य हों तो किसी एक घटना के घटित होने की प्रायिकता निम्नलिख्िातअनुपात के तुल्य ;बराबरद्ध होती हैः उस घटना वेुू ेंफ अनवफल परिणामाकी सख्ंया प्रतिदशर् समष्िट के वफुु ल परिणामांे की सख्ंया मान लीजिए कि कोइर् घटनाम्ए वुफल दसंभव सम संभाव्य तरीकों में से,ीतरीवफों से घटितहो सकती है, तो, च्;म्द्ध द्वारा निरूपित, उस घटना के घटित होने की पुरातन प्रायिकतानिम्नलिख्िात होती हैः ीच् ;म्द्ध त्र द साथ ही च्;म्दृनहींद्ध द्वारा निरूपित, म् के नहीं घटने की प्रायिकता निम्नलिख्िात होती हैंः दी ी− त्र− त्र− च्;म्द्ध च् ;दवज म्द्ध त्र 1 1 दद अतः च् ;म्द्ध ़ च् ;म्दृनहींद्ध त्र 1 घटना ष्म्.नहींष् को प्रतीक म् याम्′ ;म् की पूरकद्ध द्वारा नि£दष्ट करते हैं। अतः च् ; म्द्ध त्र 1 दृ च् ;म्द्ध 16ण्1ण्11 प्रायिकता का अभ्िागृहीती दृष्िटकोण ;।गपवउंजपब ंचचतवंबी जव चतवइंइपसपजलद्धरू मान लीजिए कि किसी यादृच्िछक परीक्षण का प्रतिदशर् समष्िटै है। प्रायिकतच् एक वास्तविक मान पफलन है, जिसका प्रांत ै का घात समुच्चय है, अथार्त्च्;ैद्धए तथा परिसर ज् अंतरालख्0ए 1, है, अथार्त्, च् रू च् ;ैद्ध → ख्0ए 1, और जो निम्नलिख्िात अभ्िागृहीतियों को संतुष्ट करता हैः ;पद्ध किसी घटना म् के लिए,च् ;म्द्ध ≥ 0ण्;पपद्ध च् ;ैद्ध त्र 1;पपपद्ध यदि म् और थ् परस्पर अपवजीर् घटनाएँ हैं, तो च् ;म् ∪ थ्द्ध त्र च् ;म्द्ध ़ च् ;थ्द्धण्अभ्िागृहीत ;पपपद्ध से निष्कषर् निकलता है कि, च् ; φ द्ध त्र 0ण् मान लीजिए कि ै एक प्रतिदशर् समष्िट है, जिसमें प्रारंभ्िाक परिणाम ू1ए ू2ए ण्ण्ण्ए ूअंतविर्ष्टद ;बवदजंपदद्ध हैं, अथार्त्,ै त्र क्ष्ू1ए ू2ए ण्ण्ण्ए ूद द्व प्रायिकता की अभ्िागृहीती परिभाषा से यह निष्कषर् निकलता है किः ;पद्ध प्रत्येक ूप ∈ ै के लिए, 0 ≤ च् ;ूपद्ध ≤ 1 ;पपद्ध च् ;ू1द्ध ़ च् ;ू2द्ध ़ ण्ण्ण् ़ च् ;ूदद्ध त्र 1 ;पपपद्ध किसी घटना । के लिए, जिसमें प्रारम्िभक परिणाम ूप अंतविर्ष्ट हैं,च् ;।द्ध त्र ∑च्;ूप द्धण् उदाहरण के लिए यदि अनभ्िानत सिक्का एक बार उछाला जाता है, तो 1 च्;भ्द्ध त्र च् ;ज्द्ध त्र , जिससे उपयर्ुक्त प्रायिकता के तीनों अभ्िागृहीत संतुष्ट होते हैं।2 अब, मान लीजिए कि सिक्का अभ्िानत ;इपंेमकद्ध है और पट प्रकट होने की तुलना मंे चित प्रकट होने21की संभावना दुगुनी है, तो च् ;भ्द्ध त्र तथा च् ;ज्द्ध त्र 3ण्3 भ् तथा ज् की प्रायिकताओं का यह ;उपयुर्क्तद्ध निधार्रण भी वैध् ;अंसपकद्ध है, क्योंकि ये अभ्िागृहीती परिभाषा को संतुष्ट करते हैं। 16ण्1ण्12 सम संभाव्य परिणामों की प्रायिकता ;च्तवइंइपसपजपमे व िमुनंससल सपामसल वनजबवउमेद्ध मान लीजिए कि किसी परीक्षण का प्रतिदशर् समष्िट ै त्र क्ष्ू1ए ू2ए ण्ण्ण्ए ूद्व है और मान लीजिए किदसभी परिणामों के घटित होने की संभावना समान है, अथार्त्, प्रत्येक सरल घटना के घटित होने की संभावना अनिवायर्तः समान है, अथार्त् सभी ूप ∈ ै के लिए, च् ;ूपद्ध त्र चए जहाँ 0 ≤ च ≤ 1 द क्योंकि ∑च्; ूप द्ध त्र1 प त्र1 अथार्त् च ़ च ़ च ़ ण्ण्ण् ़ च ;द बारद्ध त्र 1 1⇒ दच त्र 1ए अथार्त् च त्र द मान लीजिए कि प्रतिदशर् समष्िट की एक घटना म्एइस प्रकार है कि, द ;ैद्ध त्र द तथा द ;म्द्ध त्र उण् यदि प्रत्येक परिणाम सम संभाव्य है, तो परिणामतः ;ंिससवूेद्ध उ म् वफे अनवु ूफल परिणामों की सख्ंया च् ;म्द्ध त्र त्र दवफुल संभव परिणामेंा की सख्ंया 16ण्1ण्13 प्रायिकता का योग नियम ;।ककपजपवद तनसम व िचतवइंइपसपजलद्ध यदि किसी प्रतिदशर् समष्िट ै की । तथा ठ दो घटनाएँ हैं, तो घटनाओं । या ठ में से कम से कम एक घटना के घटित होने की प्रायिकता निम्नलिख्िात प्रकार होती हैः च् ;। ∪ ठद्ध त्र च् ;।द्ध ़ च् ;ठद्ध दृ च् ;। ∩ ठद्ध इसी प्रकार तीन घटनाओं ।ए ठ तथा ब् के लिए च् ;। ∪ ठ ∪ ब्द्ध त्र च् ;।द्ध ़ च् ;ठद्ध ़ च् ;ब्द्ध दृ च् ;। ∩ ठद्ध दृ च् ;। ∩ ब्द्ध दृ च् ;ठ ∩ ब्द्ध ़ च् ;। ∩ ठ ∩ ब्द्ध 16ण्1ण्14 परस्पर अपवजीर् घटनाओं के लिए योग नियम ;।ककपजपवद तनसम वित उनजनंससल मगबसनेपअम मअमदजेद्ध यदि । और ठ असंयुक्त समुच्चय हैं, तो च् ;। ∪ ठद्ध त्र च्;।द्ध ़ च् ;ठद्ध ख्क्योंकि च्;। ∩ ठद्ध त्र च्;φद्ध त्र 0ए जहाँ। और ठ असंयुक्त हैं, परस्पर अपवजीर् घटनाओं के लिए योग नियम को दो से अिाक घटनाओं के लिए विस्तारित ;मगजमदकमकद्ध किया जा सकता है। 16ण्2 हल किए हुए उदाहरण ;ैवसअमक म्गंउचसमेद्ध लघुउत्तरीय ;ैण्।ण्द्ध उदाहरण 1 एक सामान्य ताश की गड्डी में 52 पत्ते चार वगो± में विभाजित होते हैं। ईंट तथा पान केपत्ते लाल रंग के होते हैं और चिडी तथा हुवुफम के पत्ते काले रंग के होते हैं। श्रएफ और ज्ञ ताश केसचित्रा पत्ते कहलाते हैं। मान लीजिए कि, गड्डी में से हम एक पत्ता यादृच्छया निकालते हैं, तो ;ंद्ध परीक्षण का प्रतिदशर् समष्िट क्या है? ;इद्ध चुने गए पत्ते के काले सचित्रा होने के लिए घटना क्या है? हल ;ंद्ध प्रतिदशर् समष्िट के परिणाम गड्डी के 52 पत्ते हैं। ;इद्ध मान लीजिए कि ‘चुना गया पत्ता काला सचित्रा पत्ता है’ घटना म् है। इस प्रकार हुवुफम या चिड़ीका ‘गुलाम’, ‘रानी’, ‘बादशाह’, म् के परिणाम हैं। प्रतीकात्मक रूप सेम् त्र क्ष्हुवुफम या चिड़ी के श्रए फए ज्ञए द्व या म् त्र क्ष्श्र♣ए फ♣ए ज्ञ♣ए श्र♠ए फ♠ए ज्ञ♠द्व उदाहरण 2 मान लीजिए कि पैदा होने वाले प्रत्येक बच्चे का लड़का या लड़की होना सम संभाव्यहै। तथ्यतः ;मगंबजसलद्ध तीन बच्चों वाले एक परिवार पर विचार कीजिए। ;ंद्ध उस प्रतिदशर् समष्िट के आठ अवयवों की सूची बनाइए, जिसके परिणामों में तीनों बच्चों केलड़का या लड़की होने की सभी संभावनाएँ निहित हों।;इद्ध नीचे लिखी प्रत्येक घटना को समुच्चय रूप मंे लिख्िाए और उसकी प्रायिकता ज्ञात कीजिएः ;पद्ध घटना कि तत्थ्यतः एक बच्चा लड़की है। ;पपद्ध घटना कि कम से कम दो बच्चे लड़की है। ;पपपद्ध घटना की एक भी बच्चा लड़की नहीं है। हल ;ंद्ध लड़का या लड़की होने की सभी संभावनाएँ नीचे व्यक्त हैंः ै त्र क्ष्ठठठए ठठळए ठळठए ठळळए ळठठएळठळए ळळठए ळळळद्व ;इद्ध ;पद्ध मान लीजिए कि।ए घटना ‘तथ्यतः एक बच्चा लड़की है’ को नि£दष्ट करता है, तो । त्र क्ष्ठठळए ठळठए ळठठद्व अतएव, च् ;।द्ध त्र 3 8 ;पपद्ध मान लीजिए कि ठए घटना ‘कम से कम दो बच्चे लड़की हैं’ को नि£दष्ट करता है, तो ठ त्र क्ष्ळळठए ळठळए ठळळए ळळळद्वए अतएव,च् ;ठद्ध त्र 4ण्8 ;पपपद्ध मान लीजिए कि ब्ए घटना रू ष्एक भी बच्चा लड़की नहीं है’ को नि£दष्ट करता है, तो ब् त्र क्ष्ठठठद्व अतएव, च् ;ब्द्ध त्र 1 8 उदाहरण 3 ;ंद्ध दो अंकों के कितने धन पूणा±क संख्या 3 के गुणज हैं? ;इद्ध यादृच्छया चुने गए एक दो अंकों वाले धन पूणा±क का संख्या 3 के गुणज होने की प्रायिकता क्या है? हल ;ंद्ध 12ए 15ए 18ए ण्ण्ण् ए 99 दो अंकों के ऐसे धन पूणा±क हैं, जो संख्या 3 के गुणज हैं। अतः इस प्रकार के 30 पूणा±क हैं। ;इद्ध 10ए 11ए 12ए ण्ण्ण् ए 99 दो अंकों के धन पूणा±क हैं। अतः इस प्रकार के 90 पूणा±क हैं। क्योंकि इनमंे से 30 पूणा±क संख्या 3 के गुणज हैं, इसलिए इस बात की प्रायिकता कि, एक यादृच्छया चुना 30 1गया दो अंकों का धन पूणा±ंक संख्या 3 का गुणज है, त्र है।90 3 उदाहरण4 एक विश्िाष्ट च्प्छ ;च्मतेवदंस पकमदजपपिबंजपवद दनउइमतद्धए अंग्रेजी वणर्माला के 26 अक्षरोंऔर प्रथम दस अंकों में से चुने गए किन्हीं भी चार प्रतीकों का, एक अनुक्रम है। यदि सभी च्प्छ सम संभाव्य हैं, तो एक यादृच्छया चुने गए च्प्छ में प्रतीकों की पुनरावृिा होने की क्या प्रायिकता है? हल कोइर् च्प्छए 36 प्रतीकों ;26 अक्षरों $ 10 अंकोंद्ध में से चुने गए किन्हीं चार प्रतीकों का, एकअनुक्रम है। इस प्रकार गणना के आधारभूत सि(ांत द्वारा, च्प्छे की वुफल संख्या36 × 36 × 36 × 36 त्र 364 त्र 1ए679ए616 है जब पुनरावृिा की अनुमति नहीं हो, तो गुणज नियम के प्रयोग द्वारा निष्कषर्निकाला जा सकता है कि इसप्रकार के विभ्िान्न च्प्छे की संख्या 36 × 35 × 34 × 33 त्र 1ए413ए720 है अतएव, कम से कम एक प्रतीक के पुनरावृिा वाले च्प्छे की प्रायिकता 291 संख्या त्र 1ए679ए616 दृ 1ए413ए720 त्र 2ए65ए896 अतः एक प्रतीक के पुनरावृिा वाले, यादृच्छया चुने गए च्प्छ की, प्रायिकत 265ए896 1ए 679ए 616 त्र ण्1583 है। उदाहरण5 किसी परीक्षण के।ए ठए ब् तथा क्ए चार संभव परिणाम हैं, जो परस्पर अपवजीर् हैं। स्पष्ट कीजिए कि प्रायिकता का निम्नलिख्िात निधार्रण, अनुज्ञेय ;चमतउपेेपइसमद्ध क्यों नहीं हैः ;ंद्ध च्;।द्ध त्र ण्12ए च् ;ठद्ध त्र ण्63ए च् ;ब्द्ध त्र 0ण्45ए च् ;क्द्ध त्र दृ 0ण्20 9 45 27 46 ;इद्ध च्;।द्ध त्र च् ;ठद्ध त्र च् ;ब्द्ध त्र च् ;क्द्ध त्र120 ए 120 120 120 हल ;ंद्ध हम जानते हैं कि, किसी घटना । के लिए 0 ≤ च् ;।द्ध ≤ 1 इसलिए च्;क्द्ध त्र दृ 0ण्20 संभव नहीं है, 9 45 27 46 127 ;इद्ध च्;ैद्ध त्र च् ;। ∪ ठ ∪ ब् ∪ क्द्ध त्र ़ ़ ़ त्र ≠1ण्120120120120120 यह प्रतिबंध च् ;ैद्ध त्र 1 का उल्लंघन करता है। उदाहरण 6 एक ट्रक किसी मागर् - बाधा पर रूका, तो इस बात की प्रायिकताएँ कि, ट्रक के ब्रेकदोषपूणर् हैं या उसके टायर घ्िासे - पिटे हैं, क्रमशः 0.32 तथा 0.24 हैं। साथ ही, इस बात की प्रायिकता0.38 है, कि यदि ट्रक उस मागर् - बाधा पर रूकी, तो उसके ब्रेक दोषपूणर् हैं / या उसके टायर घ्िासे - पिटेहैं। इस बात की प्रायिकता क्या है कि,यदि ट्रक उसी मागर् बाधा पर रूका तो उसके ब्रेक दोषपूणर् हैंसाथ ही उसके टायर भी घ्िासे - पिटे हैं? हल मान लीजिए कि घटनाठ ‘ट्रक उस मागर् - बाधा पर रूका, तो उसके ब्रेक दोषपूणर् हैं’ को प्रकटकरता है और घटना ज् इस बात को प्रकट करता है कि उसके टायर घ्िासे - पिटे हैं। इस प्रकार च् ;ठद्ध त्र 0ण्23ए च् ;ज्द्ध त्र 0ण्24 तथा च् ;ठ∪ज्द्ध त्र 0ण्38 और च् ;ठ ∪ ज्द्ध त्र च् ;ठद्ध ़ च् ;ज्द्ध दृ च् ;ठ ∩ ज्द्ध अतः 0ण्38 त्र 0ण्23 ़ 0ण्24 दृ च् ;ठ ∩ ज्द्ध ⇒ च् ;ठ ∩ ज्द्ध त्र 0ण्23 ़ 0ण्24 दृ 0ण्38 त्र 0ण्09 उदाहरण 7 कोइर् व्यक्ित अपने दंतचिकित्सक के पास जाता है। मान लीजिए कि इस बात कीप्रायिकता, कि वह अपने दांतों की सपफाइर् करवाएगा, 0.48 है, इस बात की प्रायिकता, कि वह एकखोखले स्थान ;ब्ंअपजलद्ध को भरवाएगा, 0.25 है, इस बात की प्रायिकता, कि वह एक दांत उखड्वाएगा;निकलवाएगाद्ध, 0.20 है, इस बात की प्राायिकता कि वह दांतों की सपफाइर् करवाएगा और एक खोखलेस्थान को भरवाएगा, 0.09 है, इस बात की प्रायिकता, कि वह दांतों की सपफाइर् करवाएगा और एकदांत उखड़वाएगा, 0.12 है, इस बात की प्रायिकता, कि वह एक खोखले स्थान को भरवाएगा और एक दांत उखड़वाएगा, 0.07 तथा इस बात की प्रायिकता, कि वह दांतों की सपफाइर् करवाएगा, एक खोखलेस्थान को भरवाएगा और एक दांत उखड़वाएगा 0ण्03 है। इस बात की प्रायिकता क्या है कि अपनेदंतचिकित्सक के पास जाने वाला एक व्यक्ित इनमें से कम से कम एक ;कामद्ध करवाएगा? हल मान लीजिए कि ब् व्यक्ित द्वारा दांतों की सपफाइर् करवाने की घटना को प्रकट करता है और थ् तथा म् क्रमशः खोखले स्थान को भरवाने तथा दांत को उखड़वाने की घटनाओं को प्रकट करते हैं। हमंें दिया हुआ है कि, च्;ब्द्ध त्र 0ण्48ए च् ;थ्द्ध त्र 0ण्25ए च् ;म्द्ध त्र ण्20ए च् ;ब् ∩ थ्द्ध त्र ण्09ए च् ;ब् ∩ म्द्ध त्र 0ण्12ए च्;म् ∩ थ्द्ध त्र 0ण्07 और च् ;ब् ∩ थ् ∩ Εद्ध त्र 0ण्03 अब, च् ; ब् ∪ थ् ∪ म्द्धत्र च् ;ब्द्ध ़ च् ;थ्द्ध ़ च् ;म्द्ध दृ च् ;ब् ∩ थ्द्ध दृ च् ;ब् ∩ म्द्ध दृ च् ;थ् ∩ म्द्ध ़ च् ;ब् ∩ थ् ∩ म्द्ध त्र 0ण्48 ़ 0ण्25 ़ 0ण्20 दृ 0ण्09 दृ 0ण्12 दृ 0ण्07 ़ 0ण्03 त्र 0ण्68 दीघर्उत्तरीय ;स्ण्।द्ध उदारहण 8 एक कलश में 1 से 20 तक क्रमांकित काग़्ाश की बीस सप़्ोफद पचिर्याँ, 1 से 10 तक क्रमांकित काग़्ाश की दस लाल पचिर्याँ, 1 से 40 तक क्रमांकित काग़्ाश की चालीस पीली पचिर्याँ तथा 1 से 10 तक क्रमांकित काग़्ाज की दस नीली पचिर्याँ हैं। यदि काग़्ाश की ये 80 पचिर्याँ अच्छी तरह से मिला दी गइर् हों, जिससे प्रत्येक पचीर् के कलश से निकाले जाने की प्रायिकता समान हो, तो एक पचीर् के निकालने की निम्नलिख्िात प्रायिकताएँ ज्ञात कीजिएः ;ंद्ध पचीर् नीली या सप़ेफद हो ;इद्ध पचीर् 1ए 2ए 3ए 4 या 5 क्रमांकित हो ;बद्ध पचीर् लाल या पीली हो और 1ए 2ए 3 या 4 क्रमांकित हो ;कद्ध पचीर् 5ए 15ए 25ए या 35 क्रमांकित हो ;मद्ध पचीर् सप़ेफद हो और उस पर 12 से अिाक संख्या अंकित हो या पचीर् पीली हो और उस पर 26 से अिाक संख्या अंकित हो। हल ;ंद्ध च् ;नीली या सप़ेफदद्ध त्र च् ;नीलीद्ध ़ च् ;सप़ेफदद्ध ;क्यों?द्ध10 2030 3 त्र ़ त्रत्र 80 80 808 ;इद्ध च् ;1ए 2ए 3ए 4 या 5 क्रमांकित पचीर् द्ध त्र च् ;किसी भी रंग की अंक 1 वाली पचीर्द्ध ़ च् ;किसी भी रंग की अंक 2 वाली पचीर्द्ध़च् ;किसी भी रंग की अंक 3 वाली पचीर्द्ध ़ च् ;किसी भी रंग की अंक 4 वाली पचीर्द्ध ़च् ;किसी भी रंग की अंक 5 वाली पचीर्द्ध। प्रायिकता 293 4 4444 2021 त्र ़़़़ त्र त्रत्र 80 808080 80 8084 ;बद्ध च् ;लाल या पीली और 1, 2, 3 या 4 अंकित पचीर्द्ध त्र च् ;1ए 2ए 3 या 4 अंकित लाल पचीर्द्ध ़ च् ;1ए 2ए 3 या 4 अंकित पीली पचीर्द्ध 4 481 त्र ़त्र त्र 80 80 80 10 ;कद्ध च् ;5ए 15ए 25 या 35 अंकित पचीर्द्ध त्र च् ;5द्ध ़ च् ;15द्ध ़ च् ;25द्ध ़ च् ;35द्ध त्र च् ;अंक 5 वाली सप़ेफद, लाल, पीली या नीली पचीर्द्ध ़ च् ;अंक 15 वाली सप़ेफद या पीली पचीर्द्ध ़ च् ;अंक 25 वाली पीली पचीर्द्ध ़ च् ;अंक 35 वाली पीली पचीर्द्ध 4 2118 1 त्र ़़़ त्र त्र 80 8080 80 80 10 ;मद्ध च् ;12 से अिाक अंकित सप़ेफद पचीर् या 26 से अिाक अंकित पीली पचीर्द्ध त्र च् ;12 से अिाक अंकित सप़ेफद पचीर्द्ध ़ च् ;26 से अिाक अंकित पीली पचीद्ध 814 22 11 त्र ़त्र त्र 80 80 80 40 वस्तुनिष्ठ प्रश्न उदाहरण 1 से 15 तक प्रत्येक मंे दिए गए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए ;डण्ब्ण्फद्धण् उदाहरण 9 किसी लीप वषर् ;स्मंच लमंतद्ध में 53 रविवार या 53 सोमवार होने की प्रायिकता हैः 23 45;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध77 77 हल सही उत्तर ;ठद्ध है। क्योंकि किसी लीप वषर् में 366 दिन होते हैं और इसलिए 52 सप्ताह और 2 दिन होते हैं ये 2 दिन ैडए डज्ए ज्ॅए ॅज्ीए ज्ीथ्ए थ्ैजए ैजै हो सकते हैं। 3अतः च् ;53 रविवार या 53 सोमबारद्ध त्र 7ण् उदारहण 10रू अंक 0, 2, 4, 6, 8 का प्रयोग करके तीन अंकों की संख्याएँ बनाइर् जाती हैं। इन संख्याओं में से एक संख्या यादृच्छया चुनी जाती है। इस बात की क्या प्रायिकता है कि चुनी गइर् इस संख्या के तीनों अंक एक ही ;ेंउमद्ध हों? 1 16 11 ;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध16 25 645 25 हल ;क्द्ध सही उत्तर है। क्योंकि एक तीन अंकों की संख्या 0 से प्रारंभ नहीं हो सकती, इसलिए सैकड़े के स्थान पर 0 के अतिरिक्त शेष कोइर् भी 4 अंक हो सकते हैं। अब दहाइर् तथा इकाइर् के स्थान पर सभी 5 अंक हो सकते हैं। अतः तीन अंकों की वुफल संभव संख्याएँ 4 × 5 × 5ए अथार्त् 100 हैं। इस प्रकार की तीन अंकों की वुफल संभव संख्या, जिनके तीनों अंक एक ही हों त्र 4 41अतः च् अंकों की संख्याएँ जिनके तीनों अंक एक ही हैं त्र त्र ण्100 25 उदाहरण 11 किसी चेश बोडर् ;ब्ीमें इवंतकद्ध के तीन वगर् यादृच्छया चुने जाते हैं। दो वगो± के एक ही रंग के तथा तीसरे वगर् के पृथक ;भ्िान्नद्ध रंग के होने की प्रायिकता है 168 33;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध21 21 328 हल ;।द्ध सही उत्तर है। किसी चेश बोडर् में 64 वगर् होते हैं जिनमें से 32 सप़्ोफद रंग के तथा 32 काले रंग के होते हैं। दो वगर् एक रंग के तथा तीसरा पृथक् रंग का होने के लिए 2ॅए 1ठ या 1ॅ या 2ठ हो सकता है। ऐसा होने के ;32ब्2 × 32ब्1द्ध × 2 तरीके हैं और साथ ही कोइर् भी तन वगर् चुनने के64ब्3 तरीव़ेफ हैं। 32 32 ब् × ब् ×2 16 अतः अभीष्ट प्रायिकता त्र 2 1 त्र ण्64ब्3 21 1 उदाहरण 12 यदि । तथा ठ कोइर् दो घटनाएँ इस प्रकार हैं कि च् ;। ∪ ठद्ध त्र तथा च् ;।द्ध त्र2 2 तो । ∩ ठ की प्रायिकता हैः3 12 11 ;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध23 63 1 हल ;ब्द्ध सही उत्तर है। हमें ज्ञात है कि च्;। ∪ ठद्ध त्र 2 1⇒ च् ;। ∪ ;ठ दृ ।द्धद्ध त्र 2 ⇒ च् ;।द्ध ़ च् ;ठ दृ ।द्धत्र 1 ;क्योंकि। तथा ठ दृ । परस्पर अपवजीर् हैंद्ध21 ⇒ 1 दृ च्; ।द्ध ़ च् ;ठ दृ ।द्ध त्र 2 प्रायिकता 295 21⇒ 1 दृ ़च् ;ठ दृ ।द्ध त्र 32 1 ⇒ च् ;ठ दृ ।द्ध त्र 6 1 ⇒ च् ;। ∩ ठद्ध त्र ;क्योंकि । ∩ ठ ≡ ठ दृ ।द्ध 6 उदाहरण 13 किसी सम षड्भुज ;तमहनसंत ीमगंहवदद्ध के छः शीषो± में से तीन शीषो± को यादृच्छया चुना जाता है। इन शीषो± से बने त्रिाभुज के समभुज ;मुनपसंजमतंसद्ध होने की प्रायिकता क्या है? 3 311;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध10 20 2010 हल ;क्द्ध सही उत्तर है। । क् आकृति 16ण्1 ।ठब्क्म्थ् एक सम षड्भुज है। त्रिाभुजों की वुफल संख्या 6ब्3 त्र 20 हैं ;क्योंकि कोइर् भी तीन शीषर् संरेख नहीं हैं,द्ध इन त्रिाभुजों में से केवल Δ ।ब्म्य Δ ठक्थ् ही समबाहु हैं। 21अतः अभीष्ट प्रायिकता त्र त्र 20 10 उदाहरण 14 यदि।ए ठए ब् किसी परीक्षण की तीन परस्पर अपवजीर् और निःशेष घटनाएँ इस प्रकार हैं कि 3च्;।द्ध त्र 2च्;ठद्ध त्र च्;ब्द्धए तो च्;।द्ध निम्नलिख्िात में से किसके तुल्य ;समानद्ध हैः 1256;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध11 11 11 11 हल ;ठद्ध सही उत्तर है। मान लीजिए कि3च् ;।द्ध त्र 2च्;ठद्ध त्र च्;ब्द्ध त्र च परिणामतः च ;।द्ध त्र च ए च्;ठद्ध त्र च और च्;ब्द्ध त्र च2 अब, क्योंकि।ए ठए ब् परस्पर अपवजीर् और निःशेष घटनाएँ हैं, इसलिए च्;।द्ध ़ च्;ठद्ध ़ च्;ब्द्ध त्र 1 चच 6 ⇒ ़़ चत्र1 ⇒ चत्र 3 2 11 च2अतः च् ;।द्ध त्र त्र 3 11 उदाहरण15 समुच्चय। त्र क्ष्1ए 2ए 3ए ण्ण्ण्ए दद्व से स्वयं ;। मेंद्ध सभी पफलनों में से एक पफलन यादृच्छया चुना जाता है। चयनित ;चुने गएद्ध पफलन के एवैफकी ;वदम जव वदमद्ध होने की प्रायिकता है। 1 1 द−1 ;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध −1दद द दद ;क्द्ध इनमें से कोइर् भी नहीं है। दहल ;ब्द्ध सही उत्तर है।दअवयव वाले समुच्चय । से स्वयंम् में वुफल पफलनों की संख्या दहै अब एवैफकी पफलन के लिए । के प्रथम अवयव के लिए स्वयंम् में कोइर् भी दप्रतिबिंब हो सकते हैंऋ । के द्वितीय अवयव के लिए शेष ;बचे हुएद्ध ;ददृ 1द्ध प्रतिबिंब हो सकते हैं, इसी प्रकार से गणना करने पर । के द.वें ;दजीद्ध अवयव का केवल 1 प्रतिबिंब होगा। इसलिए एवैफकी पफलनों की वुफल संख्या दहोगी। ददद−1 द−1 त्रअतः अभीष्ट प्रायिकता दद−1 त्र द−1 है।ददददलघुउत्तरीय प्रश्न ;ैण्।ण्द्ध 1ण् यदि शब्द।स्ळव्त्प्ज्भ्ड के अक्षरों को एक पंक्ित में यादृच्छया क्रमब( किया जाए, तो ळव्त् अक्षरों के एक इकाइर् के रूप में इकट्ठे एक साथ रहने की प्रायिकता क्या है? 2ण् छः नए कमर्चारियों में, जिनमें से दो एक दूसरे से विवाहित हैं, एक पंक्ित में लगे छः डेस्कोंको बांट देना है। यदि डेस्कों का कमर्चारियों में यह आबंटन यादृच्छया किया गया हो, तो इसबात की प्रायिकता क्या है कि विवाहित जोड़े को संलग्न ;अगल - बगलद्ध डेस्क नहीं मिलेंगे? ख्संकेतः जोड़े को संलग्न डेस्वेंफ मिलने की प्रायिकता पहले ज्ञात कीजिए और तब इसे 1 से घटा दीजिए, 3ण् मान लीजिए कि 1 से 1000 तक के पूणा±कों में से एक पूणा±क यादृच्छया चुना जाता है, तो इस पूणा±क के संख्या 2 का गुणज या संख्या 9 का गुणज होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए। 4ण् किसी परीक्षण में एक पासे को तब तक पेंफकते रहते हैं, जब तक संख्या 2 प्राप्त नहीं हो जाती है। ;पद्ध प्रतिदशर् समष्िट के कितने अवयव, पासे केाजी बार पेंफकने पर संख्या 2 के प्राप्त होने की घटना के संगतहैं? ;पपद्ध प्रतिदशर् समष्िट के कितने अवयव, पासे केाजी बार पेंफकने के पश्चात् संख्या 2 के नहीं प्राप्त होने की घटना के, संगत हैं? ख्संकेतरू ;ंद्ध पहले ;ा दृ 1द्ध बार पेंफकने पर प्रत्येक के 5 परिणाम होंगे और ाजी बार पेंफकने पर 1 परिणाम होगा। ;इद्ध1 ़ 5 ़ 52 ़ ण्ण्ण् ़ 5ादृ1ण्, 5ण् एक पासा इस प्रकार भारित ;सवंकमकद्ध है कि उसे पेंफकने पर प्रत्येक विषम संख्या के प्राप्त होनेकी संभावना प्रत्येक सम संख्या के प्राप्त होने की संभावना से दुगुनी है। च्;ळद्ध ज्ञात कीजिए,जहाँ ळ पासे को एक बार पेंफकने पर 3 से बड़ी संख्या प्राप्त होने की घटना है। 6ण् एक विशाल महानगरीय क्षेत्रा में किसी परिवार ;सवेर् के लिए यादृच्छया चुने गएद्ध के पास एकरंग़्ाीन टेलीविशन सेट एक काला - सप़ेफद ;ठसंबा ंदक ूीपजमद्ध टेलीविशन सेट या दोनों प्रकारके सेटों के होनें की प्रायिकता क्रमशः 0ण्87ए ण्36 या ण्30 है। किसी परिवार के पास दोनों मेंसे कोइर् एक या दोनों ही प्रकार के सेट होने की क्या प्रायिकता है? 7ण् यदि। तथा ठ परस्पर अपवजीर् घटनाएँ हैं, इस प्रकार हैं किच् ;।द्ध त्र 0ण्35 तथा च् ;ठद्ध त्र 0ण्45 तो निम्नलिख्िात ज्ञात कीजिएऋ ;ंद्धच् ;।′द्ध ;इद्ध च् ;ठ′द्ध ;बद्ध च् ;। ∪ ठद्ध ;कद्ध च् ;। ∩ ठद्ध ;मद्धच् ;। ∩ ठ′द्ध ;द्धि च् ;।′ ∩ ठ′द्ध 8ण् आयुविर्ज्ञान के विद्याथ्िार्यों की एक टीम ;टोली, दलद्ध को अंतरंग अध्ययन ;पदजमतदेीपचद्ध के दौरान नगर के किसी चिकित्सालय मंे सजर्री ;शल्य ियाद्ध में सहयोग करना है। सजर्री कोअति जटिल, जटिल, सामान्य, सरल या अति सरल श्रेण्िायों में रेखने की प्रायिकताएँ क्रमशः 0ण्15ए 0ण्20ए 0ण्31ए 0ण्26 या 0ण्08 हैं। किसी विशेष सजर्री को निम्नलिख्िात श्रेण्िायों में रखने कीप्रायिकताएँ ज्ञात कीजिएः ;ंद्ध जटिल या अति जटिल ;इद्ध न तो अति जटिल और न ही अति सरल ;बद्ध सामान्य या जटिल ;कद्ध सामान्य या सरल 9ण् किसी विद्यालय की िकेट टीम को प्रश्िाक्ष्िात करने के लिए चार प्रत्याश्िायों।ए ठए ब् तथा क् ने आवेदन किया है। यदि । के चुनें जानें की संभावना ठ से दुगुनी है तथा ठ और ब् के चुनेजाने की सम्भावनाएं लगभग समान हैं जबकि ब् के चुनें जाने की संभावना क् से दोगुनी है, तोइस बात की प्रायिकता क्या है कि, ;ंद्ध ब् चुना जाएगा? ;इद्ध । नहीं चुना जाएगा? 10ण् जाॅन, रीता, असलम या गुरप्रीत चारों व्यक्ितयों में से एक की पदोन्नति आगामी माह में कीजाएगी।पफलस्वरूप, प्रतिदशर् समष्िट चार सरल परिणामों से बना है। इस प्रकार ै त्र क्ष्जाॅन की उन्नति ;चतवउवजमकद्धए रीता की उन्नति, असलम की उन्नति, गुरप्रीत की उन्नतिद्व आपको बताया जाता है कि जाॅन की पदोन्नति की संभवना गुरप्रीत के समान है, रीता कीपदोन्नति की संभावना जाॅन से दुगुनी है। असलम की संभावन जाॅन से चार गुनी ;चैगुनीद्ध है। ;ंद्ध ज्ञात कीजिएऋ च् ;जाॅन उन्नतिद्ध च् ;रीता उन्नतिद्ध च् ;असलम उन्नतिद्ध च् ;गुरप्रीत उन्नतिद्ध ;इद्ध यदि। त्र क्ष्जाॅन उन्नति या गुरप्रीत उन्नतिद्वए तो च् ;।द्ध ज्ञात कीजिए। 11ण् संलग्न वेन आरेख ।ए ठए और ब्ए तीन घटनाओं को प्रदश्िार्त करता है और साथ ही विविध सवर्निष्ठों की प्रायिकताओं को भी प्रकट करता है ;उदाहरणच् ;। ∩ ठद्ध त्र ण्07द्ध। निम्नलिख्िात को ज्ञात कीजिएः ;ंद्ध च् ;।द्ध ;इद्ध च् ;ठ ∩ ब्द्ध ;बद्ध च् ;। ∪ ठद्ध ;कद्ध च् ;। ∩ ठद्ध ;मद्ध च् ;ठ ∩ ब्द्ध ;द्धि तीनों में से तथ्यतः एक के घटित होने की प्रायिकता आकृति 16.2दीघर्उत्तरीय प्रश्न ;स्ण्।ण्द्ध 12ण् किसी कलश में दो काले ;चिित ठ1 तथा ठ2द्ध और एक सप़्ोफद गेंद है। दूसरे कलश में एककाला गेंद और दो सपेफद गेंद ;चिित ॅ1 तथा ॅ2द्ध हैं। मान लीजिए कि निम्नलिख्िात परीक्षणकिया जाता है। दोनों कलशों में से एक को यादृच्छया चुना जाता हैं तदनन्तर ;उसके बादद्ध इसकलश में से एक गेंद को यादृच्छया निकाला ;चुनाद्ध जाता है। इसके उपरान्त पहले गेंद कोवापस रखे बिना, इसी कलश से एक दूसरा गेंद यादृच्छया निकाला जाता है। ;ंद्ध सभी संभव परिणामों को प्रदश्िार्त करने वाला प्रतिदशर् समष्िट लिख्िाए। ;इद्ध दो काले गेंदों के चुने जाने की प्रायिकता क्या है? ;बद्ध विपरीत रंगों के दो गेंदों के चुने जाने की प्रायिकता क्या है? 13ण् एक थैले में 8 लाल तथा 5 सप़्ोफद की गेंदें हैं। तीन गेंदों को यादृच्छया निकाला जाता है। इसबात की प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि, ;ंद्ध सभी तीनों गेंदें सप़्ोफद रंग की हैं। ;इद्ध सभी तीनों गेंदें लाल रंग की हैं। ;बद्ध एक गेंद लाल रंग की है और दो गेंदें सप़्ोफद रंग की हैं। 14ण् यदि शब्द ।ैै।ैैप्छ।ज्प्व्छ के अक्षरों को यादृच्छया क्रमब( ;ंततंदहमकद्ध किया जाए,तो इस बात की प्रायिकता ज्ञात कीजिए कि, ;ंद्ध बनने वाले शब्द में चारो ै लगातार हों। ;इद्ध दो प्ष् और दो छष् एक साथ हों। ;बद्ध सभी। एक साथ नहीं हों। ;कद्ध कोइर् भी दो । एक साथ नहीं हों। 15ण् ताश के 52 पत्तों की किसी गड्डी से एक पत्ता निकाला जाता है। निकाले गए पत्ते की एकबादशाह होने की या एक पान का पत्ता होने की या एक लाल रंग का पत्ता होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए। 16ण् एक प्रतिदशर् समष्िट में 9 सरल परिणामम1ए म2ए ण्ण्ण्ए म9 हैं, जिनकी प्रायिकताएँ नीचे दी हुइर् हैंः च्;मद्ध त्र च्;मद्ध त्र ण्08ए च्;मद्ध त्र च्;मद्ध त्र च्;मद्ध त्र ण्112345च्;मद्ध त्र च्;मद्ध त्र ण्2ए च्;मद्ध त्र च्;मद्ध त्र ण्076789मान लीजिए कि, । त्र क्ष्मए मए मद्वए ठ त्र क्ष्मए मए मए मद्व158 2589;ंद्ध च् ;।द्धए च् ;ठद्धए और च् ;। ∩ ठद्ध की गणना कीजिए। ;इद्ध प्रायिकता के योग नियम का प्रयोग करके, च् ;। ∪ ठद्ध की गणना कीजिए। ;बद्ध घटना। ∪ ठ की रचना ;बवउचवेपजपवदद्ध की सूची बनाइए और प्रारम्िभक परिणामेंा की प्रायिकताओं को जोड़कर, च् ;। ∪ ठद्ध की गणना कीजिए। ;कद्ध च्;ठद्ध के माने से च् ;ठद्ध की गणना कीजिए साथ ही सीधे ठ के प्रारम्िभक परिणामों से च् ;ठद्ध की गणना कीजिए। 17ण् निम्नलिख्िात घटनाओं में से प्रत्येक की प्रायिकता च ज्ञात कीजिएः ;ंद्ध किसी अनभ्िानत ;नदइपंेमकए ंिपतद्ध पासे को एक बार पेंफकने पर एक विषम संख्या का प्राप्त होना। ;इद्ध किसी अनभ्िानत सिक्के को दो बार उछालने पर कम से कम एक चित प्रकट होना। ;बद्ध ताश के52 पत्तों की भली - भाँति पेंफटी हुइर् किसी साधारण गड्डी से एक पत्ते के निकालने पर एक बादशाह, पान का 9 या हुवुफम का 3 प्राप्त होना। ;कद्ध अनभ्िानत पासों के किसी जोड़े को एक बार पेंफकने पर प्राप्त संख्याओं का योगपफल 6 होना। वस्तुनिष्ठ प्रश्न प्रश्न संख्या 18 से 29 तक प्रत्येक में दिए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए ;डण्ब्ण्फद्धरू 18ण् लीप वषर् के अतिरिक्त किसी अन्य वषर् में 53 मंगलवार या 53 बुधबार होने की प्रायिकता। 12 3;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध इनमें से कोइर् नहीं है।77 7 19ण् 1 से 20 तक की संख्याओं में से तीन संख्याएँ चुनी जाती हैं। इन संख्याओं के क्रमागत ;ब्वदेमबनजपअमद्ध नहीं होने की प्रायिकता हैः 186 187 188 18 ;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध 20190 190 190ब्3 20ण् ताश के 52 पत्तों की किसी गड्डी को पेंफटते समय 2 पत्ते संयोगवश गिर जाते हैं। गिरे हुए पत्तों के असमान ;भ्िान्नद्धरंगों के होने की प्रायिकता ज्ञात कीजिएः 29 1 2627;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध52 2 5151 21ण् सात व्यक्ितयों को एक पंक्ित में बैठना है। दो विशेष व्यक्ितयों के एक दूसरे के अगल - बगल बैठने की प्रायिकता निम्नलिख्िात में कौन सी हैः 11 21 ;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध36 72 22ण् अंकों 0, 2, 3, 5 से, बिना पुनरावृिा किए, चार अंकों की संख्याएँ बनाइर् जाती हैं। इस प्रकार बनी संख्या के 5 से भाज्य होने की प्रायिकता हैः 14 1 5;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध5 5 309 23ण् यदि घटनाएँ । तथा ठ परस्पर अपवजीर् हैं, तो ;।द्ध च् ;।द्ध ≤ च् ; ठद्ध ;ठद्ध च् ;।द्ध ≥ च् ; ठद्ध ;ब्द्ध च् ;।द्ध ढ च् ; ठद्ध ;क्द्ध इनमें से कोइर् नहीं है 24ण् किन्हीं दो घटनाओं । तथा ठ के लिए, यदि च् ;। ∪ ठद्ध त्र च् ;। ∩ ठद्धए तो ;।द्ध च् ;।द्ध त्र च् ;ठद्ध ;ठद्ध च् ;।द्ध झ च् ;ठद्ध ;ब्द्ध च् ;।द्ध ढ च् ;ठद्ध ;क्द्ध इनमें से कोइर् नहीं है 25ण् 6 लड़के तथा 6 लड़कियाँ एक पंक्ित में यादृच्छया बैठते हैं। सभी लड़कियों के एक साथ ;जवहमजीमतद्ध बैठने की प्रायिकता 112 1;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध इनमें से कोइर् नहीं।432 431 132 26ण् श्च्त्व्ठ।ठप्स्प्ज्ल्श् शब्द से एक अक्षर यादृच्छया चुना जाता है। इस अक्षर के एक स्वर होने की प्रायिकता 14 23 ;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध3 11 11 11 27ण् यदि किसी परीक्षा में । के असपफल होने की प्रायिकता 0.2 है, जबकि ठ के असपफल होने की प्रायिकता 0.3 है, या तो । या ठ के असपफल होनेे की प्रायिकता हैः ;।द्ध झ ण् 5 ;ठद्ध ण्5 ;ब्द्ध ≤ ण्5 ;क्द्ध 0 28ण् घटनाओं । तथा ठ में से कम से कम किसी एक के घटने की प्रायिकता 0.6 है। यदि । और ठ के एक साथ घटित होनें की प्रायिकता 0.2 है, तो च् ; ।द्ध ़ च् ;ठद्ध है ;।द्ध 0ण्4 ;ठद्ध 0ण्8 ;ब्द्ध 1ण्2 ;क्द्ध 1ण्6 29ण् यदि ड तथा छ कोइर् दो घटनाएँ हैं, तो इनमें से कम से कम किसी एक के घटित होने की प्रायिकता हैः ;।द्ध च् ;डद्ध ़ च् ;छद्ध दृ 2 च् ;ड ∩ छद्ध ;ठद्ध च् ;डद्ध ़ च् ;छद्ध दृ च् ;ड ∩ छद्ध ;ब्द्ध च् ;डद्ध ़ च् ;छद्ध ़ च् ;ड ∩ छद्ध ;क्द्ध च् ;डद्ध ़ च् ;छद्ध ़ 2च् ;ड ∩ छद्ध बताइए कि प्रश्न 30 से 36 तक दिए हुए कथनों में से कौन - सा कथन सत्य है और कौन सा कथन असत्य है? 30ण् किसी चिडि़याघर घूमनेे वाले एक व्यक्ित द्वारा जिरापफ को देखने की प्रायिकता 0.72 है, भालू को देखने की प्रायिकता 0.84 है तथा दोनों को ही देखने की प्रायिकता 0.52 है। 31ण् किसी विद्याथीर् द्वारा परीक्षा उत्तीणर् करने की प्रायिकता 0.73 है, विद्याथीर् के पूरक परीक्षा ;ब्वउचंतजउमदजद्ध देने की प्रायिकता 0.13 है तथा विद्याथीर् के या तो उत्तीणर् होने की या पूरक परीक्षा देनें की प्रायिकता 0.96 है। 32ण् एक टाइर्पिस्ट द्वारा किसी रिपोटर् को टाइप करने में 0ए 1ए 2ए 3ए 4 तथा 5 या अिाक गलतियाँ ;त्राुटियाँद्ध करने की प्रायिकताएँ क्रमशः 0ण्12ए 0ण्25ए 0ण्36ए 0ण्14ए 0ण्08 तथा 0ण्11 है। 33ण् किसी इंजीनियरी काॅलेज में प्रवेश चाहने वाले । तथा ठ दो प्रवेशाथीर् हैं। यदि ।के चयन की प्रायिकता 0.5 है और । तथा ठ दोनों के ही चयन की अिाकतम प्रायिकता 0.3 है, तो क्या यह सम्भव है कि ठ के चयन की प्रायिकता 0.7 है। 34ण् ।और ठ दो घटनाओं के सवर्निष्ठ की प्रायिकता, घटना ।के अनुवूफल प्रायिकता से सदैव कम या उसके बराबर होती है। 35ण् किसी घटना ।के घटित होने की प्रायिकता 0.7 है और एक अन्य घटना ठ के घटित होनेे की प्रायिकता 0.3 है तथा दोनों के घटित होने की प्रायकिता 0.4 है। 36ण् दो विद्याथ्िार्यों की अपनी अन्ितम परीक्षाओं में श्रेष्ठता ;कपेजपदबजपवदद्ध प्राप्त करने की प्रायिकताओं का योगपफल 1.2 है। प्रश्न संख्याओं 37 से 41 में रिक्त स्थानों की पूतिर् कीजिए - 37ण् आगामी पुफटबाल के खेल में मेशबान टीम के जीतनें की प्रायिकता 0.77 है, खेल के बराबरी पर छूटने ;जपमद्ध की प्रायिकता 0.08 है तथा टीम के हारने की प्रायिकता है। 38ण् यदि म1ए म2ए म3ए म4 किसी प्रतिदशर् समष्िट के, चार प्रारम्िभक परिणाम है और च्;म1द्ध त्र ण्1ए च्;मद्ध त्र ण्5ए च् ;मद्ध त्र ण्1ए तो मकी प्रायिकता है।234 39ण् मान लीजिए कि ै त्र क्ष्1ए 2ए 3ए 4ए 5ए 6द्व और म् त्र क्ष्1ए 3ए 5द्वए तो म् है। 40ण् यदि।तथा ठए किसी यादृच्िछक परीक्षण से सम्ब( ;सम्बंिातद्ध, दो घटनाएँ इस प्रकार हैं कि च्;।द्ध त्र 0ण्3ए च् ;ठद्ध त्र 0ण्2 तथा च् ;। ∩ ठद्ध त्र 0ण्1ए तो च् ;। ∩ ठद्ध का मानहै। 41ण् किसी घटना। के घटित होनें की प्रायिकता 0ण्5 है तथा घटना ठ के घटित होने की प्रायिकता 0ण्3 है। यदि । और ठ परस्पर अपवजीर् घटनाएँ हैं, तो न तो । और ठ की प्रायिकता है। 42ण् स्तम्भ ब्1 के अन्तगर्त ;नीचेद्ध प्रस्तावित प्रायिकता का स्तम्भ ब्2 के अंतगर्त उपयुक्त/समुचित ;ंचचतवचतपंजमद्ध लिख्िात वणर्न से मिलान ;उंजबीद्ध कीजिएःब्1 ब्2 प्रायिकता लिख्िात वणर्न ;ंद्ध 0ण्95 ;पद्ध एक ग़्ालत निधार्रण करना ;इद्ध 0ण्02 ;पपद्ध घटित होने की कोइर् सम्भावना नहीं होना। ;बद्ध दृ 0ण्3 ;पपपद्ध घटित होने की सम्भावना नहीं होने के बराबर। ;कद्ध 0ण्5 ;पअद्ध घटित होने की सम्भव बहुत होना। ;मद्ध 0 ;अद्ध घटित होने की सम्भावना बहुत कम होना। 43ण् निम्नलिख्िात का सही मिलान कीजिएः ;ंद्ध यदि म्और म्दो परस्पर अपवजीर् ;पद्ध म्∩ म् त्र म्1 2 121 घटनाएँ हैं ;इद्ध यदि म्1 और म्2 परस्पर ;पपद्ध ;म्1 दृ म्2द्ध ∪ ;म्1 ∩ म्2द्ध त्र म्1 अपवजीर् तथा निःशेष घटनाएँ हैं ;बद्ध यदि म्1 और म्2 के परिणाम उभयनिष्ठ ;पपपद्ध म्1 ∩ म्2 त्र φए म्1 ∪ म्2 त्र ै हों, तो ;कद्ध यदि म्और म्;पअद्ध म्∩ म् त्र φ12 12दो घटनाएँ इस प्रकार हैं कि म्1 ⊂ म्2

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