10ण्1 समग्र अवलोकन ;व्अमतअपमूेद्ध 10ण्1ण्1 रेखा की ढाल ;ैसवचम व िं सपदमद्ध यदि कोइर् रेखा ग.अक्ष की धनात्मक दिशा के साथ वामावतर् दिशा मेंंं कोणθ बनाती है, तो जंद θ का मान रेखा की ढाल कहलाता है और इसे उसे निदिर्ष्ट करते हैं। बिंदु च्;ग1ए ल1द्ध तथा फ ;ग2ए ल2द्ध से गुजरने वाली रेखा का ढाल लल 2 − 1उत्रजंद θत्र से प्राप्त होता है।ग2 −ग1 10ण्1ण्2 दो रेखाओं के बीच का कोण ;।दहसम इमजूममद जूव सपदमेद्धरू.दो रेखाएँ, जिनके ढाल उ1 तथा उ2 हैं, के बीच का कोण θ हमेंं ;उउद्ध1 − 2जंद θत्र ± से प्राप्त होता है।1़ 12उउ यदि रेखाएँ समांतर हैं, तोउ1 त्र उ2ण् यदि रेखाएँ एक दूसरे पर लंब है, तो उ1उ2 त्र दृ 1ण् 10ण्1ण्3 तीन बिंदुओं की संरेखता ;ब्वससपदमंतपजल व िजीतमम चवपदजेद्धरू. यदि तीन बिंदु च् ;ीए ाद्धए लाल ल 11 − 2 −फ ;ग1ए लद्ध एवंत् ;ग2एलद्ध इस प्रकार हैं कि च्फ का ढाल त्र फत् का ढाल अथार्त् त्र 12 ग−ीग ग −1 21 अथवा ;ीदृ गद्ध ;लदृ लद्ध त्र ;ादृ लद्ध ;गदृ गद्ध तब वे तीनों बिंदु संरेख कहलाते हैं।1 21121 10ण्1ण्4 रेखा के समीकरण के विविध रूप ;टंतपवने वितउे व िजीम मुनंजपवद व िं सपदमद्ध ;पद्ध यदि कोइर् रेखा ग.अक्ष के समांतर एवं ंदूरी पर स्िथत है, तब रेखा का समीकरण लत्र ± ंहोता है। ;पपद्ध यदि कोइर् रेखा ल.अक्ष के समांतर है एवं लअक्ष से इदूरी पर है, तो रेखा का समीकरण गत्र ± इहोता है। ;पपपद्ध बिंदु - ढाल रूप रू बिंदु;ग0ए ल0द्ध से गुजरने वाली रेखा, जिसकी ढाल उहो, उसका समीकरण लदृ ल0 त्र उ;गदृ ग0द्ध से प्राप्त होता है। ;पअद्ध दो - बिंदु रूप रू दो बिंदुओं ;ग1ए ल1द्ध तथा ;ग2ए ल2द्ध से गुजरने वाली रेखा का समीकरण ल2 −ल1 ल दृ ल त्र ;ग दृ गद्ध होता है।1 ग2 −ग11;अद्ध ढाल - अंतः खंड रूपरू ल.अक्ष पर अंतःखंड ब काटने तथा ढाल उ वाली रेखा का समीकरण ल त्र उग ़ ब है। ध्यान दीजिए कि ब का मान धनात्मक अथवा )णात्मक होगा यदि ल.अक्ष पर अंतःखंड क्रमशः धनात्मक अथवा )णात्मक भाग पर बना है। ;अपद्ध अंतः खंड रूपः ग.अक्ष एवं ल.अक्ष पर क्रमशः ं तथा इ अंतःखंड बनाने वाली रेखा का ग लसमीकरण ़त्र1 ंइ ;अपपद्ध अभ्िालम्ब रूपः मान लीजिए कि निम्नलिख्िात आंकड़ों वाली एक रेखा जो ऊध्वार्धर नहीं है, ;ंद्ध मूल बिंदु से रेखा पर खींचे गये लंब की लंबाइर् च ;इद्ध अभ्िालम्ब द्वारा ग.अक्ष की धनात्मक दिशा के साथ बनाया गया कोण ωए तब रेखा का समीकरण ग बवे ω़ ल ेपद ωत्र च है। 10ण्1ण्5 रेखा का व्यापक समीकरण ।ग ़ ठल ़ ब् त्र 0 के रूप वाला समीकरण जहाँ । और ठ एक साथ शून्य नहीं हैं, रेखा का व्यापक समीकरण कहलाता है। ।ग ़ ठल ़ ब् त्र 0 के विभ्िान्न रूपः रेखा के व्यापक रूप को विभ्िान्न रूपों मेंं परिवतिर्त किया जा सकता है, जैसा कि नीचे दिया हुआ हैः ;पद्ध ढाल - अंतःखंड रूप रू यदि ठ ≠0ए तब।ग ़ ठल ़ ब् त्र 0 को −। −ब् −। −ब् लत्र ग़ अथवा ल त्र उग ़ ब जहाँ उत्र तथा ब त्र के रूप मेंं लिखा जाठठ ठठ सकता है। यदि ठ त्र 0ए तब ग त्र −ब् यह एक उध्वार्धर रेखा है जिसकी ढाल अपरिभाष्िात है और ग.। −ब्अंतःखंड है।। गल गल;पपद्ध अंतःखंड रूपःयदि ब् ≠0ए तब।ग ़ ठल ़ ब् त्र 0को, − ़− त्र 1 अथवा ़त्र1एब्ब् ंइ।ठ सरल रेखाएँ 167 −ब् −ब्जहाँ ंत्र। तथ ा इत्रठ के रूप मेंं लिखा जा सकता है। यदि ब् त्र 0ए तब।ग ़ ठल ़ ब् त्र 0 को।ग ़ ठल त्र 0 के रूप मेंं लिखा जा सकता है। यह एक ऐसी रेखा का समीकरण है जो मूल बिंदु से गुजरती है और इसलिए दोनों अक्षों पर इसके अंतःखंड शून्य हैं। ;पपपद्ध अभ्िालम्ब रूपः समीकरण।ग ़ ठल ़ ब् त्र 0 का अभ्िालम्ब रूप ग बवेω़ ल ेपद ω त्र च है जहाँ ।ठब्±बवे ωत्र± ऐपद ωत्र± एवं च त्र हैं।22 22 22।़ठ ।़ठ ।़ठ ख्टिप्पणी: यहाँ पर चिÉों के उचित चयन की आवश्यकता है ताकि च हमेशा धनात्मक रहें।, 10ण्1ण्6 एक बिंदु की रेखा से दूरीः ।ग1 ़ठल1 ़ब् बिंदु च् ;ग1ए लद्ध की रेखा।ग ़ ठल ़ ब् त्र 0 से लंबवत् दूरी ;अथवा दूरीद्ध, क त्र 221 ।़ठ होती है। दो समांतर रेखाओं के बीच की दूरी बब1 − 2दो समांतर रेखाओं ल त्र उग ़ ब1 एवं ल त्र उग ़ ब2 के बीच की दूरी क त्र होती है।1़उ2 10ण्1ण्7 बिंदुपथ एवं बिंदुपथ का समीकरण किन्हीं दी हुइर् शतो± के अंतगर्त किसी बिंदु के भ्रमण से बना हुआ वक्र, उस बिंदु का बिंदुपथ कहलाता है। निदेर्शांक ;ीए ाद्धए वाले बिंदु च् का बिंदुपथ ज्ञात करने के लिए ी एवंा को सम्िमलित करने वाली शतर् की अभ्िाव्यक्ित कीजिए। यदि कोइर् चर है तो उसे विलुप्त कीजिए और च् का बिंदुपथ ज्ञात करने के लिए अंत मेंं ी कोग से एवं ा को ल से प्रतिस्थापित कीजिए। 10ण्1ण्8 दो रेखाओं का प्रतिच्छेदनः दो रेखाएँं1ग ़ इ1ल ़ ब1 त्र 0 एवं ं2 ग ़ इ2 ल ़ ब2 त्र 0 ;पद्ध प्रतिच्छेद करती हैं, यदि ं1 ≠इ1 ं2 इ2 ं इब1 11;पपद्ध समांतर एवं भ्िान्न - भ्िान्न होती हैं, यदि त्र≠ ं2 इ2 ब2 168 प्रश्न प्रदश्िार्का ं इब1 11;पपपद्ध संपाती होती हैं, यदि त्रत्र ं2 इ2 ब2 टिप्पणीः ऽ बिंदु;ग1ए ल1द्ध एवं;ग2ए ल2द्ध किसी रेखांग ़ इल ़ ब त्र 0 के एक ही दिशा या विपरीत दिशाओं मेंं स्िथत होते हैं यदि ंग ़ इल ़ ब एवं ंग ़ इल ़ ब के चि“न क्रमशः समान अथवा विपरीत होते हैं।ऽ दो रेखाएँं1ग ़ इ1ल ़ ब1 त्र 0 एवं2ग ़ इ2 ल ़ 2 त्र 0 एक दूसरे पर लंब होती हैं यदि ं1ं2 ़ इ1इ2 त्र 0ण् ऽ दो रेखाएँ ं1ग ़ इ1ल ़ ब1 त्र 0 एवं ं2ग ़ इ2ल ़ ब2 त्र 0 के प्रतिच्छेद बिंदु से गुजरने वाली किसी रेखा का समीकरणंग ़ इल ़ ब ़ ा ;ंग ़इल ़बद्ध त्र 0 है। ा का मान प्रश्न मेंं दी हुइर् अतिरिक्त शतर् का उपयोग1122111222करते हुए ज्ञात किया जाता है। 10ण्2 हल किए हुए उदाहरण लघु उत्तरीय उदाहरण ;ैण्।ण्द्ध उदाहरण 1 बिंदु ;2, 3द्ध से गुजरने वाली तथा ग.अक्ष की धनात्मक दिशा के साथ 30° का कोण बनाने वाली रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। 1 हल यहाँ दी हुइर् रेखा का ढाल उ त्र जंदθत्र जंद 30° त्र है तथा दिया हुआ बिंदु;2ए 3द्ध है। इसलिए3 बिंदु - ढाल सूत्रा के उपयोग से रेखा का समीकरण 1 ल दृ 3 त्र 3 ;ग दृ 2द्ध अथवा ग दृ 3 ल ़ ;3 3 दृ 2द्ध त्र 0 प्राप्त होता है। उदाहरण 2 एक ऐसी रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जिसके ऊपर मूल बिंदु से खींचे गये लम्ब - खंड की लंबाइर् 4 इकाइर् है और लंब खंड का धनात्मकग.अक्ष के साथ झुकाव30° है। हल रेखा के समीकरण का लंब रूप ग बवे ω ़ ल ेपद ω त्र च है। यहाँ च त्र 4 ंदक ω त्र 30° इसलिए दी हुइर् रेखा का समीकरण ग बवे 30° ़ ल ेपद 30° त्र 4 है। 31 ़ ल त्र 4 अथवा 3 ग ़ ल त्र 8ग22 उदाहरण 3 सि( कीजिए कि प्रत्येक सरल रेखा का समीकरण।ग ़ ठल ़ ब् त्र 0 के रूप मेंं होता है जहाँ ।ए ठ तथा ब् अचर हैं। हल कोइर् दी हुइर् सरल रेखा या तो ल.अक्ष को काटती है या ल.अक्ष के समांतर होती है या ल.अक्ष के समांती होती है। हम जानते है कि ल.अक्ष को काटने वाली ;जिसकाल अंतः खंड होता हैद्ध रेखा सरल रेखाएँ 169 का समीकरणल त्र उग़ इ के रूप का होता है। इसके अतिरिक्त यदि रेखाल.अक्ष के समांतर या संपाती है तो इसका समीकरणग त्र ग1 के रूप का होता है, जहाँ संपाती होने की स्िथति मेंं ग1त्र 0 लिया जाता है। ये दोनों ही समीकरण प्रश्न मेंं दिये हुए समीकरण के रूप में सन्िनहित हैं अतः इस प्रकार वांछित परिणाम सि( हो जाता है। उदाहरण 4 रेखा ग ़ ल ़ 7 त्र 0 पर लम्ब एवं बिन्दु ;1, 2द्ध से जाने वाले रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। हल मान लीजिए कि रेखा ग ़ ल ़ 7 त्र 0 पर लम्ब जिस रेखा का समीकरण ज्ञात करना है उसका ढाल उ है। दी हुइर् रेखाल त्र ;दृ 1द्ध ग दृ 7 का ढाल दृ 1 है। इसलिए रेखाओं के लम्ब होने की शतर् का उपयोग करते हुए हम उ × ;दृ 1द्ध त्र दृ 1 याउ त्र 1 ;क्योंद्ध प्राप्त करते हैं। इस प्रकार रेखा का वांछित समीकरणल दृ 1 त्र ;1द्ध ;ग दृ 2द्ध याल दृ 1 त्र ग दृ 2 याग दृ ल दृ 1 त्र 0 है। उदाहरण 5 रेखा 3ग ़ 4ल त्र 9 एवं 6ग ़ 8ल त्र 15 के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए। हल रेखा 3ग ़ 4ल त्र 9 एवं 6ग ़ 8ल त्र 15 के समीकरणों को पुनः 3ग ़ 4ल दृ 9 त्र 0 एवं 3ग ़ 4ल −15 त्र 0 के रूप मेंं लिखा जा सकता है।2 क्योंकि इन रेखाओं का ढाल एक समान है और इसलिए ये एक दूसरे के समांतर हैं। इसलिए इन रेखाओं के बीच की दूरी है। उदाहरण 6 सि( कीजिए कि चर रेखाग बवेα ़ ल ेपदα त्र च का अक्षों के बीच की दूरी के मध्य 114बिंदु का बिंदुपथ ़त्र है जहाँच एक अचर है।22 2गलच हल दी हुइर् रेखा के समीकरण को अंतःखंड रूप मेंं परिवतिर्त करने पर हम ग ़ ल त्र1 प्राप्त चच बवे α ेपद α करते हैं। यह रेखा ग.अक्ष एवं ल.अक्ष को जिन बिंदुओं पर काटती है उनके निदेर्शांक क्रमशः ⎛ च ⎞⎛ च ⎞ ⎜ ए0⎟ एवं ⎜0ए ⎟ प्राप्त होते हैं।⎝ बवे α⎠ ⎝ ेपद α⎠ ⎛ च ⎞⎛ च ⎞मान लीजिए, बिंदुओं ⎜ ए0⎟ एवं ⎜ 0ए ⎟ को मिलाने वाले रेखाखंड का मध्य बिंदु⎝ बवे α⎠ ⎝ ेपद α⎠ ;ीए ाद्ध है। तब ी त्र च एवं ा त्र च ;क्योंद्ध2बवे α 2ेपद αचच बवे αत्र एवं ेपद αत्र 2ी 2ा दोनों ओर वगर् करके जोड़ने पर च2 च2 114़त्र1 या ़त्र 2 2 2224ी 4ा ीाच 11 4इसलिए वांछित बिंदु पथ ़त्र है।22 2गल च उदाहरण 7 यदि दो बिंदुओं ।;2ए 0द्ध तथा ठ;3ए 1द्ध को मिलाने वाली रेखा को वामावतर् दिशा मेंं। के इदर् - गिदर् 15° के कोण से घुमाया जाता है। रेखा का नइर् अवस्था मेंं समीकरण ज्ञात कीजिए। 10− हलः रेखा।ठ का ढाल 32 त्र1 अथवा 45 ° है ;क्योंद्ध ;आकृति को देख्िाएद्ध− 15° से घुमाने के बाद नइर् अवस्था मेंं रेखा।ब् का ढाल जंद 60° त्र 3 है। आकृति 10ण्1 इसलिए नइर् रेखा ।ब् का समीकरण 3ग ़2ल दृ 0 त्र 3 त्र 0 है।3; ग −2द्ध अथवा ल दृ सरल रेखाएँ 171 दीघर् उत्तरीय उदाहरण ;स्ण्।ण्द्ध 3 उदाहरण 8 यदि बिंदु ।;3ए 2द्ध से जाने वाली रेखा का ढाल है, तो रेखा पर बिंदु । से 5 इकाइर्4 की दूरी पर स्िथत बिंदु ज्ञात कीजिए। हल बिंदु ;3ए 2द्ध से जाने वाली एवं ढाल ;ेसवचमद्ध 3 वाली रेखा का समीकरण4 3 ल दृ 2 त्र ;ग दृ 3द्ध4या 4ल दृ 3ग ़ 1 त्र 0 है ;1द्ध मान लीजिए कि बिंदु;ीए ाद्ध रेखा पर इस प्रकार है कि ;ी दृ 3द्ध2 ़ ;ा दृ 2द्ध2 त्र 25 ;2द्ध ;क्योंद्ध और 4ा दृ 3ी ़ 1 त्र 0 भी प्राप्त है ;3द्ध ;क्योंद्ध 3ी −1अथवा ा त्र ;4द्ध4 ा का मान;2द्ध मेंं रखने पर 25ी2 दृ 150ी दृ 175 त्र 0 ;वैफसे?द्ध या ी2 दृ 6ी दृ 7 त्र 0 या ;ी ़ 1द्ध ;ी दृ 7द्ध त्र 0 ⇒ ी त्र दृ1ए ी त्र 7 ी के इन मानों को ;4द्ध मेंं रखने पर हमा त्र दृ1 और ा त्र 5 प्राप्त करते हैं। इसलिए वांछित बिंदुओं के निदेर्शांक ;दृ1ए दृ1द्ध या ;7ए 5द्ध हैं। उदाहरण 9 रेखा 5ग दृ 6ल दृ 1 त्र 0 एवं3ग ़ 2ल ़ 5 त्र 0 के प्रतिच्छेद बिंदु से जाने वाली अन्य रेखा 3ग दृ 5ल ़ 11 त्र 0 पर लम्ब उस सरल रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। हल सवर्प्रथम हम रेखा 5ग दृ 6ल दृ 1 त्र 0 एवं 3ग ़ 2ल ़ 5 त्र 0 का प्रतिच्छेद बिंदु ज्ञात करते हैं जो 3कि ;दृ 1ए दृ 1द्ध है। साथ ही रेखा 3ग दृ 5ल ़ 11 त्र 0 का ढाल है। इसलिए इस रेखा पर लम्ब उस5 −5रेखा का ढाल है ;क्योंद्ध? अतः वांछित रेखा का समीकरण3 −5 ल ़ 1 त्र ;ग ़ 1द्ध3 या 5ग ़ 3ल ़ 8 त्र 0 है। विकल्पः रेखा5ग दृ 6ल दृ 1 त्र 0 एवं 3ग ़ 2ल ़ 5 त्र 0 के प्रतिच्छेदन से जाने वाली रेखा का समीकरण 5ग दृ 6ल दृ 1 ़ ा;3ग ़ 2ल ़ 5द्ध त्र 0 है ;1द्ध −़ ;5 3द्ध ाइस रेखा का ढाल हैदृ62़ा 3साथ ही रेखा 3ग दृ 5ल ़ 11 त्र 0 का ढाल है।5 क्योंकि दोनों रेखाएँ एक दूसरे पर लंब हैं ;5 3द्ध ा−़ 3 इसलिए ×त्रदृ1दृ6 ़2ा 5 या ा त्र45 इसलिए वांछित रेखा का समीकरण 5ग दृ 6ल दृ 1 ़ 45 ;3ग ़ 2ल ़ 5द्ध त्र 0 या 5ग ़ 3ल ़ 8 त्र 0 है। उदाहरण 10 बिंदु ;1ए 2द्ध से आने वाली प्रकाश की किरणग.अक्ष पर बिंदु । से परावतिर्त होने के पश्चात् बिंदु ;5ए 3द्ध से गुजरती है। बिंदु । के निदेर्शांक ज्ञात कीजिए। हल मान लीजिए आपतित किरण ग.अक्ष के जिस बिंदु । से टकराती है उसके निदेर्शांक ;गए 0द्ध हैं।आकृति के अनुसार परावतिर्त किरण का ढाल 3 जंद θ त्र हैं ;1द्ध5दृ ग आकृति 10ण्2 साथ ही आपतित किरण का ढाल जंद ;π दृ θद्ध त्र −2 ;क्यों?द्धग −1 सरल रेखाएँ 173 या दृ जंद θ त्र 2 1ग − − ;2द्ध ;1द्ध तथा ;2द्ध को हल करने पर 3 5 − ग त्र 2 1ग − या ग त्र 13 5 ⎛⎞अतः बिंदु । के वांछित निदेर्शांक ⎜ 13ए0⎟ हैं।⎝⎠5 उदाहरण 11 यदि किसी आयत का एक विकणर् रेखा 8ग दृ 15लत्र 0 के साथ है और इसका एक शीषर् ;1ए 2द्धए पर है तो इस शीषर् से जाने वाली आयत की भुजाओं के समीकरण ज्ञात कीजिए। हल मान लीजिए कि।ठब्क् दिया हुआ आयत है और ;1ए 2द्ध शीषर् क् के निदेर्शांक हैं। हम भुजा क्ब् एवं।क् का समीकरण ज्ञात करना चाहते हैं। आकृति 10ण्3 दिया हुआ है किठक् रेखा 8ग दृ 15ल त्र 0 के साथ स्िथत है इसलिए इसका ढाल 8 ;क्योंद्ध?15 ठक् द्वारा।क् एवं।ब् के साथ निमिर्त कोण 45° है ;क्योंद्ध मान लीजिए क्ब् का ढालउ है। 8 उ − तब जंद 45° त्र 15 ;क्यों?द्ध8उ1 ़ 15 या 15 ़ 8उ त्र15उ दृ 8 23या 7उ त्र 23 ⇒ उ त्र 7 इसलिए भुजा क्ब् का समीकरण ल दृ 2 त्र 23 ;ग दृ 1द्ध या 23ग दृ 7ल दृ 9 त्र 0 है।7इसी प्रकार दूसरी भुजा ।क् का समीकरण −7 ल दृ 2 त्र ;ग दृ 1द्ध या 7ग ़ 23ल दृ 53 त्र 0 है।23 वस्तुनिष्ठीय प्रश्न उदाहरण संख्या 12 से 20 तक प्रत्येक के चार विकल्प हैं जिनमेंं से केवल एक विकल्प सही है। सही विकल्प का चयन कीजिए। उदाहरण 12 ग.अक्ष की धनात्मक दिशा के साथ रेखा ग दृ ल ़ 3 त्र 0 का झुकाव हैः ;।द्ध 45° ;ठद्ध 135° ;ब्द्ध दृ 45° ;क्द्ध दृ135° हल ;।द्ध सही उत्तर है। दी हुइर् रेखा के समीकरण को पुनःल त्र ग ़ 3 के रूप मेंं लिखा जा सकता हैऋ ⇒ उ त्र जंद θ त्र 1ए इसलिए θ त्र 45°ण् उदाहरण 13 दो रेखाएँ ंग ़ इल त्र ब एवं ं′ग ़ इ′ल त्र ब′ एक दूसरे पर लंब हैं यदि ;।द्ध ं′ ़ इइ′ त्र 0 ;ठद्ध ंइ′ त्र इं′ ;ब्द्ध ंइ ़ ं′इ′ त्र 0 ;क्द्ध ंइ′ ़ इं′ त्र 0 −ं −′ं हलसही उत्तर ;।द्ध है। रेखांग ़ इल त्र ब का ढाल है और रेखा ं′ग ़ इ′ल त्र ब′ का ढाल है।इइ′ ⎛−ं ⎞⎛ − ′ ं ये रेखाएँ एक दूसरे पर लम्ब हैं यदि ⎜ ⎟⎜ ⎟⎞त्र−1 या ं′़इइ′त्र0 ;क्यों?द्ध⎝ इ ⎠⎝ इ′⎠ उदाहरण 14 बिंदु ;1, 2द्ध से गुजरने वाली एवं रेखाग ़ ल ़ 7 त्र 0 पर लम्ब उस रेखा का समीकरण हैः ;।द्ध ल दृ ग ़ 1 त्र 0 ;ठद्ध ल दृ ग दृ 1 त्र 0 ;ब्द्ध ल दृ ग ़ 2 त्र 0 ;क्द्ध ल दृ ग दृ 2 त्र 0ण् हलः सही उत्तर ;ठद्ध है। मान लीजिए कि रेखा का ढाल उ है, तो बिंदु ;1, 2द्ध से गुजरने वाली रेखा का समीकरण ल दृ 2 त्र उ ;ग दृ 1द्ध होगा ;1द्ध साथ ही यह रेखा दी हुइर् रेखा ग ़ ल ़ 7 त्र 0 पर लंब है जिसका ढाल दृ 1 है ;क्योंद्ध इसलिए हम उ ; दृ 1द्ध त्र दृ1 या उ त्र1 प्राप्त करते हैं सरल रेखाएँ 175 उ का मान समीकरण ;1द्ध मेंं रखने पर वांछित रेखा का समीकरण ल दृ 2 त्र ग दृ 1 या ल दृ ग दृ 1 त्र 0 प्राप्त होता है। उदाहरण 15 बिंदु च् ;1ए दृ 3द्ध की रेखा 2ल दृ 3ग त्र 4 से दूरी हैμ ;।द्ध13 ;ठद्ध 7 13 ;ब्द्ध 13 ;क्द्ध इनमेंं से कोइर् नहीं13 हल सही उत्तर ;।द्ध है। बिंदु च् ;1ए दृ 3द्ध की रेखा 2ल दृ 3 ग दृ 4 त्र 0 से दूरी, बिंदु से रेखा पर खींचे 2;दृ3द्ध दृ 3दृ 4 त्र 13 है।गये लंब की लंबाइर् के समान है जो कि 13 उदाहरण16 बिंदु ;2, 3द्ध से रेखाग ़ ल दृ 11 त्र 0 पर खींचे गये लंब के पाद बिंदु के निदेर्शांक हैः ;।द्ध ;दृ6ए 5द्ध ;ठद्ध ;5ए 6द्ध ;ब्द्ध ;दृ5ए 6द्ध ;क्द्ध ;6ए 5द्ध हलसही विकल्प ;ठद्ध है। मान लीजिए बिंदु ;2, 3द्ध से रेखाग ़ ल दृ 11 त्र 0 पर खींचे गये लंब के ा दृ3 पाद बिंदु के निदेर्शांक;ीए ाद्ध हैं। तब लंब रेखा का ढाल है। साथ ही दी हुइर् रेखाी −2 ग ़ ल दृ 11 त्र 0 का ढाल μ1 है। ;क्यों?द्ध रेखाओं के परस्पर लंब होने की शतर् का उपयोग करने पर हम ⎛ ा दृ3⎞ ⎜⎠ ;दृ 1द्ध त्र दृ 1 ;क्यों?द्ध⎝ ी −2⎟ या ा दृ ी त्र1 प्राप्त करते हैं। ;1द्ध क्योंकि बिंदु ;ीए ाद्ध दी हुइर् रेखा पर स्िथत है ी ़ ा दृ 11त्र 0 अथवा ी ़ ा त्र 11 ;2द्ध ;1द्ध तथा;2द्ध को हल करने पर हम ी त्र 5 एवंा त्र 6 प्राप्त करते हैं। अतः लंब के पाद बिंदु के निदेर्शांक ;5, 6द्ध हैं। उदाहरण 17 किसी रेखा द्वारा ल.अक्ष पर काटा गया अंतःखंड, ग.अक्ष पर काटे गये अंतः खंड से दोगुना है और यह रेखा बिंदु ;1, 2द्ध से जाती है। रेखा का समीकरण हैः ;।द्ध 2ग ़ ल त्र 4 ;ठद्ध2ग ़ ल ़ 4 त्र 0 ;ब्द्ध 2ग दृ ल त्र 4 ;क्द्ध2ग दृ ल ़ 4 त्र 0 हल सही विकल्प ;।द्ध है। मान लीजिए कि रेखा ग.अक्ष पर अंतःखंड ं काटती है, तो यहल.अक्ष पर अंतःखंड 2ं बनाएगी। इसलिए रेखा का समीकरण ग ़ल त्र1 है।ं 2ं यह बिंदु ;1, 2द्ध से जाती है इसलिए हम 1 ़2 त्र1 या ं त्र2 प्राप्त करते हैं।ं 2ं अतः वांछित रेखा का समीकरण गल़त्र1 या 2ग ़ ल त्र 4 है।24 उदाहरण 18 एक रेखा बिंदु च्;1ए 2द्ध से इस प्रकार जाती है कि अक्षों के बीच इसका अंतःखंड च् पर दो समान भागों मेंं विभाजित होता है। रेखा का समीकरण हैः ;।द्ध ग ़ 2ल त्र 5 ;ठद्ध ग दृ ल ़ 1 त्र 0 ;ब्द्ध ग ़ ल दृ 3 त्र 0 ;क्द्ध 2ग ़ ल दृ 4 त्र 0 हल सही विकल्प ;क्द्ध है।हम जानते हैं कि गदृअक्ष एवं लदृअक्ष पर क्रमशः ं तथा इ अंतःखंड काटने वाली रेखा का समीकरण गल़त्र1 है।ंइ ं ़00 ़इयहाँ पर 1 त्र एवं2 त्र ए ;क्योंद्ध22 जिससे हम ं त्र 2 एवंइ त्र 4 प्राप्त करते हैं। अतः रेखा का वांछित समीकरण ग ़ल त्र1 अथवा 2ग ़ ल दृ 4 त्र 0 है।24 उदाहरण 19 बिंदु ;4ए दृ 13द्ध का रेखा 5ग ़ ल ़ 6 त्र 0 के सापेक्ष में परावतिर्त बिंदु हैः ;।द्ध ;दृ 1ए दृ 14द्ध ;ठद्ध ;3ए 4द्ध ;ब्द्ध ;0ए 0द्ध ;क्द्ध ;1ए 2द्ध हल सही विकल्प;।द्ध है।मान लीजिए बिंदु ;4 μ13द्ध का रेखा 5ग़ ल ़ 6 त्र 0 के सापेक्ष में परावतर्न ;ीए ाद्ध है। बिंदुओं ;ीए ाद्ध एवं;4ए दृ 13द्ध को मिलाने वाले रेखाखंड का मध्य बिंदु सरल रेखाएँ 177 ⎛ ी ़ 4 ा −13 ⎞ ⎜⎟ है⎝ 2ए 2 ⎠ यह बिंदु दी हुइर् रेखा पर स्िथत है, इसलिए हम ⎛ ी़ 4⎞ ा −13 5 ़़ 6 त्र 0⎜⎟⎝ 2 ⎠ 2 या 5 ी ़ ा ़ 19 त्र 0 प्राप्त करते हैं। ;1द्ध ा ़13 साथ ही बिंदुओं ;ीए ाद्ध एवं;4ए दृ13द्ध को मिलाने वाली रेखा का ढाल है। यह रेखा दी हुइर् रेखाी −4 ⎛ ा ़3⎞−पर लंब है। अतः ;5द्ध ⎜ ⎟त्र दृ1 ;क्यों?द्ध⎝ ी − 4⎠ 5ा ़ 65 त्र ी दृ 4 या ी दृ 5ा दृ 69 त्र 0 ;2द्ध ;1द्ध तथा ;2द्धए को हल करने पर हम ी त्र दृ1 एवंा त्र दृ14 प्राप्त करते हैं। इस प्रकार दिए हुए बिंदु का परावतर्न, बिंदु ;दृ1ए दृ 14द्ध है। उदाहरण 20 एक बिंदु इस प्रकार भ्रमण करता है कि बिंदु ;4, 0द्ध से इसकी दूरी, रेखा ग त्र 16 से इसकी दूरी का आधा है। बिंदु का बिन्दुपथ हैμ ;।द्ध 3ग2 ़ 4ल2 त्र 192 ;ठद्ध 4ग2 ़ 3ल2 त्र 192 ;ब्द्ध ग2 ़ ल2 त्र 192 ;क्द्ध इनमेंं से कोइर् नहीं हल सही विकल्प ;।द्ध है। मान लीजिए कि भ्रमण करने वाले बिंदु के निदेर्शांक ;ीए ाद्ध हैं। ⎛⎞ 2 21 ी −16 ;दृ4द्ध ी ़ ा त्र⎜ ⎟तब हम 2 ⎜⎝ 12 ़ 0 ⎠⎟ प्राप्त करते हैं। ;क्यों?द्ध 1 ⇒ ;ी दृ 4द्ध2 ़ ा2 त्र 4 ;ी दृ 16द्ध2 4 ;ी2 दृ 8ी ़ 16 ़ ा2द्ध त्र ी2 दृ 32ी ़ 256 या 3ी2 ़ 4 ा2 त्र 192 अतः अभीष्ट बिंदुपथ 3ग2 ़ 4ल2 त्र 192 है। लघु उत्तरीय प्रश्न ;ैण्।ण्द्ध 1ण् बिंदु ;1, μ2द्ध से जाने वाली और अक्षों पर समान अंतःखंड काटने वाली रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। 2ण् बिंदु ;5, 2द्ध से जाने वाली एवं बिन्दु ;2, 3द्ध तथा ;3, μ1द्ध को मिलाने वाली रेखा पर लंब, एक रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। 3ण् रेखाल त्र ;2 दृ 3द्ध ;ग ़ 5द्ध एवं ल त्र ;2 ़ 3द्ध ;ग दृ 7द्ध के बीच का कोण ज्ञात कीजिए। 4ण् एक रेखा द्वारा निदेर्शांक अक्षों पर काटे गये अंतःखंडों का योग 14 है और यह बिंदु ;3, 4द्ध से जाता है। रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। 5ण् रेखाग़ ल त्र 4 पर ऐसे बिंदु ज्ञात कीजिए जो रेखा 4ग ़ 3लत्र 10 से 1 इकाइर् की दूरी पर स्िथत है। ग ल गल6ण् दशार्इए कि रेखा ़त्र1 एवं −त्र1 के बीच के कोण की स्पशर्ज्या ;टैंजेंटद्धंइ ंइ 2ंइ 2 2 है।ं −इ 7ण् बिंदु ;1, 2द्ध से जाने वाली एवं ल.अक्ष के साथ 30°का कोण बनाने वाली रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। 8ण् रेखा 2ग ़ ल त्र 5 एवं ग ़ 3ल़ 8 त्र 0 के प्रतिच्छेद बिंदु से जाने वाली और रेखा 3ग ़ 4ल त्र 7 के समांतर सरल रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। 9ण् ं तथा इ के किन मानों के लिए, रेखा ंग ़ इल ़ 8 त्र 0 द्वारा निदेर्शांक अक्षों पर काटे गये अंतःखंड एवं रेखा 2ग दृ 3ल ़ 6 त्र 0द्वारा निदेर्शांक अक्षों पर काटे गये अंतःखंड लंबाइर् मेंं समानहैं परंतु चिÉों मेंं विपरीत हैं। 10ण् यदि निदेर्शांक अक्षों के बीच किसी रेखा का अंतःखंड बिंदु ;μ5, 4द्ध द्वारा 1ः 2 के अनुपात मेंं विभाजित किया जाता है, तो रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। 11ण् एक ऐसी सरल रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जिस पर मूल बिंदु से खींचे गये लंब की लंबाइर् 4 इकाइर् है और यह रेखा ग.अक्ष की धनात्मक दिशा के साथ 120ह् का कोण बनाती है। ख्संकेतरू लंब रूप का प्रयोग कीजिए, यहाँ ωत्र30°ण्, 12ण् किसी समद्विबाहु समकोण त्रिाभुज की एक भुजा का समीकरण ज्ञात कीजिए यदि उसके कणर् का समीकरण 3ग ़ 4ल त्र 4 है और कणर् के सम्मुख शीषर् ;2, 2द्ध है। दीघर् उत्तरीय प्रश्न ;ैण्।ण्द्ध 13ण् यदि किसी समबाहु त्रिाभुज के आधार का समीकरण ग ़ लत्र 2 है और शीषर् बिंदु;2ए दृ 1द्ध है, तो त्रिाभुज की भुजा की लंबाइर् ज्ञात कीजिए। सरल रेखाएँ 179 ख्संकेतरू बिंदु ;2, - 1द्ध से रेखा पर खींचे गये लंब की लंबाइर् ;चद्ध ज्ञात कीजिए और चत्र सेपद 60° का प्रयोग कीजिए जिसमेंं सत्रिाभुज की भुजा की लंबाइर् है , 14ण् एक चर रेखा किसी निश्िचत बिंदु च् से जाती है। बिंदुओं ;2, 0द्ध, ;0, 2द्ध एवं ;1, 1द्ध से रेखा पर खींचे गये लंबों का बीजीय योग शून्य है। बिंदु च् के निदेर्शांक ज्ञात कीजिए। ख्संकेतरू मान लीजिए रेखा का ढाल उहै। तब निधार्रित बिंदु च् ;ग1ए ल1द्ध से जाने वाली रेखा का समीकरणलदृ ल1 त्र उ;गदृ ग1द्ध है। लम्ब दूरियों के बीजीय योग कों शून्य के बराबर लेते हुए, हम लदृ 1 त्र उ;गदृ 1द्ध प्राप्त करते हैं, अतः ;ग1ए लद्ध त्र ;1ए 1द्ध,115ण् बिंदु ;1, 2द्ध से जाने वाली एक रेखा को किस दिशा मेंं खींचा जाए ताकि रेखा ग़ लत्र 4 के साथ इसका प्रतिच्छेद बिंदु दिए हुए बिंदु से 6 की दूरी पर रहे।3 16ण् एक सरल रेखा इस प्रकार घूमती है कि अक्षों पर इसके द्वारा काटे गये अंतःखंडों के व्युत्क्रमों का योग हमेंशा अचर है। दशार्इए कि यह रेखा निधार्रित बिंदु से जाती है। गल 11 1 ााख्संकेतः ़त्र1 जहाँ ़त्रअचरत्र ;मान लीजिएद्ध⇒ ़त्र1⇒रेखा एक निधार्रितंइंइ ा ंइ बिंदु ;ाए ाद्ध से जाती है।, 17ण् एक रेखा बिंदु ;μ4, 3द्ध से जाती है और अक्षों के बीच अंतःखंडित रेखा दिये हुए बिंदु द्वारा 5: 3 के अनुपात मेंं अंतः विभाजित होता है। रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। 18ण् रेखा गदृ ल़ 1 त्र 0 एवं 2गदृ 3ल़ 5 त्र 0 के प्रतिच्छेद बिंदु से जाने वाली ऐसी रेखा का 7समीकरण ज्ञात कीजिए जो बिंदु ;3, 2द्ध से की दूरी पर है।5 19ण् यदि किसी तल मेंं भ्रमण करने वाले एक बिंदु की अक्षों से दूरियों का योग 1 है, तो उस बिंदु का बिंदु पथ ज्ञात कीजिए। ख्संकेतःदिया हुआ है, ग़लत्र1ए जिससे वगर् की चार भुजाएँ प्राप्त होती हैं, 20ण् दो रेखाएँ लदृ 3 गत्र 2 के प्रतिच्छेद बिंदु से 5 इकाइर् की दूरी पर रेखाओं पर बिंदु क्रमशः च्ए च्स्िथत हैं। च्ए च्से दी हुइर् रेखाओं के ;बीच केद्ध कोण का समद्विभाजक पर खींचे12 12 गये लंबों के पाद बिंदुओं के निदेर्शांक ज्ञात कीजिए। ख्संकेतः ग≥ 0 अथवा गढ 0 के अनुसार रेखाएँ लत्र 3 ग़ 2 एव ं लत्र दृ 3 ग़ 2 हैं। इन रेखाओं के बीचल.अक्ष कोण समद्विभाजक है। इन रेखाओं के प्रतिच्छेद बिंदु से 5 इकाइर् की दूरी पर स्िथत बिंदुओं च्1ए च्2 से ल.अक्ष पर खींचे गये लंबों के पाद बिंदु एक उभयनिष्ठ बिंदु के रूप मेंं हैं। लंब के पाद बिंदु का लनिदेर्शांक2 ़ 5 बवे30° है।, 180 प्रश्न प्रदश्िार्का गल21ण् यदि मूल बिंदु से रेखा ़त्र1 पर खींचे गये लंब की लंबाइर् च् है और ं2ए च2ए इ2 समांतरंइ श्रेणी में है तो दशार्इए कि ं4 ़ इ4 त्र 0ण् वस्तुनिष्ठ प्रश्न प्रश्न संख्या 22 से 41 तक प्रत्येक प्रश्न के लिए दिए हुए चार विकल्पों मेंं से सही उत्तर का चयन कीजिए: 22ण् एक रेखाल.अक्ष से μ3 अंतःखंड काटती है औरग.अक्ष के साथ बनाये गये कोण की स्पशर्ज्या 3;टेजेंटद्ध है, रेखा का समीकरण हैः5 ;।द्ध 5ल दृ 3ग ़ 15 त्र 0 ;ठद्ध 3ल दृ 5ग ़ 15 त्र 0 ;ब्द्ध5ल दृ 3ग दृ 15 त्र 0 ;क्द्ध इनमेंं से कोइर् नहीं 23ण् एक रेखा अक्षों पर समान अंतःखंड काटती है तब उस रेखा का ढाल हैः ;।द्ध दृ 1 ;ठद्ध 0 ;ब्द्ध 2 ;क्द्ध 3 24ण् बिंदु ;3, 2द्ध से जाने वाली एवं रेखा ल त्र ग पर लंब एक सरल रेखा का समीकरण हैः ;।द्ध ग दृ ल त्र 5 ;ठद्ध ग ़ ल त्र 5 ;ब्द्ध ग ़ ल त्र 1 ;क्द्ध ग दृ ल त्र 1 25ण् बिंदु ;1, 2द्ध से जाने वाली एवं रेखा ल ़ ग ़ 1 त्र 0 पर लंब एक सरल रेखा का समीकरण हैः ;।द्ध ल दृ ग ़ 1 त्र 0 ;ठद्ध ल दृ ग दृ1 त्र 0 ;ब्द्ध ल दृ ग ़ 2 त्र 0 ;क्द्ध ल दृ ग दृ 2 त्र 0 26ण् दो रेखाओं के अक्षों पर अंतःखंड क्रमशःंए दृ इएवंइए दृ ंए हैं। रेखाओं के बीच के कोण की स्पशर्ज्या ;टेंजेंटद्ध हैः 22 22ं −इ इ −ं;।द्ध ;ठद्धंइ 2 इ2 −ं2 ;ब्द्ध ;क्द्ध इनमेंं से कोइर् नहीं2ंइ गल27ण् यदि रेखाए ़त्र1ए बिन्दुओं ;2ए दृ3द्ध एवं ;4ए दृ5द्धए से गुजरती है, तो;ंए इद्ध का मान हैःंइ ;।द्ध ;1ए 1द्ध ;ठद्ध ;दृ 1ए 1द्ध ;ब्द्ध ;1ए दृ 1द्ध ;क्द्ध ;दृ 1ए दृ1द्ध सरल रेखाएँ 181 28ण् रेखाओं 2गदृ 3ल़ 5 त्र 0 एवं3ग़ 4लत्र 0 के प्रतिच्छेद बिंदु का रेखा 5गदृ 2लत्र 0 से दूरी हैμ 130 13 130 ;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध इनमें से कोइर् नहीं।1729 729 7 29ण् रेखा 3 ग़ लत्र 1 के साथ 60ह् पर झुकी हुइर् एवं बिंदु ;3, μ2द्ध से जाने वाली रेखाओं के समीकरण हैंः ;।द्ध ल़ 2 त्र 0ए 3 गदृ लदृ 2 दृ 3 3 त्र 0 ;ठद्ध गदृ 2 त्र 0ए 3 गदृ ल़ 2 ़ 3 3 त्र 0 ;ब्द्ध 3 गदृ लदृ 2 दृ 3 3 त्र 0 ;क्द्ध इनमें से कोइर् नहीं। 30ण् बिंदु ;1, 0द्ध से जाने वाली एवं मूल बिंदु से 3 की दूरी पर स्िथत रेखाओं के समीकरण हैंः2 ;।द्ध 3 ग़ लदृ 3 त्र 0ए 3 गदृ लदृ 3 त्र 0 ;ठद्ध 3 ग़ ल़ 3 त्र 0ए 3 गदृ ल़ 3 त्र 0 ;ब्द्ध ग़ 3 लदृ 3 त्र 0ए गदृ 3 लदृ 3 त्र 0 ;क्द्ध इनमेंं से कोइर् नहीं। 31ण् रेखाओं लत्र उग़ ब1 एवं लत्र उग़ बके बीच की दूरी हैμ2 1 − 2द्य बब1 −बब द्य2 बब2 − 1;।द्ध 2 ;ठद्ध 2;ब्द्ध ;क्द्ध 0 उ़11़ उ 21़ उ 32ण् बिंदु ;2, 3द्ध से रेखा लत्र 3ग़ 4 पर खींचे गये लंब के पाद बिंदु के निदेर्शांक हैंः ⎛ 37 −1⎞ ⎛−137 ⎞⎛ 10 ⎞⎛ 21⎞ एए − ए −ए10 ;।द्ध ⎜⎟ ;ठद्ध ⎜⎟ ;ब्द्ध ⎜⎟ ;क्द्ध ⎜⎟⎝ 10 10 ⎠⎝ 10 10 ⎠⎝ 37 ⎠⎝ 33⎠ 33ण् यदि अक्षों के बीच अंतःखंडित किसी रेखा के भाग का मध्य बिंदु ;3,2द्ध है, तो रेखा का समीकरण होगाः ;।द्ध 2ग़ 3ल त्र 12 ;ठद्ध 3ग़ 2लत्र 12 ;ब्द्ध 4गदृ 3ल त्र 6 ;क्द्ध5गदृ 2लत्र 10 34ण् बिंदु ;1, 2द्ध से जाने वाली एवं रेखा लत्र 3गदृ 1 के समांतर रेखा का समीकरण हैः ;।द्ध ल़ 2 त्र ग ़ 1 ;ठद्ध ल़ 2 त्र 3 ;ग़ 1द्ध ;ब्द्ध लदृ 2 त्र 3 ;गदृ 1द्ध ;क्द्ध लदृ 2 त्र गदृ 1 35ण् रेखाओं ग त्र 0ए ल त्र 0ए ग त्र 1 एवं ल त्र 1 द्वारा निमिर्त वगर् के विकणो± के समीकरण हैंः ;।द्ध ल त्र गय ल ़ ग त्र 1 ;ठद्ध ल त्र गये ग ़ ल त्र 2 ;ब्द्ध 2ल त्र गये ल ़ ग त्र ;क्द्ध ल त्र 2गये ल ़ 2ग त्र 11 3 36ण् एक सरल रेखा को निधार्रित करने के लिए कितने ज्यामितीय प्राचलों की आवश्यकता होती हैः ;।द्ध 1 ;ठद्ध2 ;ब्द्ध4 ;क्द्ध3 37ण् बिंदु ;4, 1द्ध क्रमागत रूप से निम्नलिख्िात दो रूपांतरणों मेंं से गुजरता हैः ;पद्ध रेखाल त्र ग पर परावतर्न ;पपद्ध धनात्मक ग.अक्ष के साथ 2 इकाइर् का स्थानांतरण तब बिंदु के अंतिम निदेर्शांक हैंः ⎛77 ⎞ ए;।द्ध ;4ए 3द्ध ;ठद्ध ;3ए 4द्ध ;ब्द्ध ;1ए 4द्ध ;क्द्ध ⎜⎟⎝22 ⎠ 38ण् रेखाओं 4ग ़ 3ल ़ 10 त्र 0ए 5ग दृ 12ल ़ 26 त्र 0 एवं7ग ़ 24ल दृ 50 त्र 0 से समदूरस्थ एक बिंदु के निदेर्शांक हैंः ;।द्ध ;1ए दृ1द्ध ;ठद्ध ;1ए 1द्ध ;ब्द्ध ;0ए 0द्ध ;क्द्ध ;0ए 1द्ध 39ण् एक रेखा बिंदु ;2, 2द्ध से जाती है और रेखा 3ग ़ ल त्र 3 पर लंब है। रेखा का ल.अंतः खंड हैः 12 4;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध 1 ;क्द्ध 33 3 40ण् रेखाओं3ग ़ 4ल ़ 2 त्र 0 एवं3ग ़ 4ल ़ 5 त्र 0 के बीच की दूरी को, रेखा3ग ़4ल दृ 5 त्र 0 निम्नलिख्िात मेंं से किस अनुपात मेंं बाँटती हैंः ;।द्ध 1 रू 2 ;ठद्ध 3 रू 7 ;ब्द्ध 2 रू 3 ;क्द्ध 2 रू 5 41ण् एक समबाहु त्रिाभुज का वेंफद्रक मूल बिंदु है और एक भुजा का समीकरण ग ़ ल दृ 2 त्र 0 है। उस त्रिाभुज का एक शीषर् हैः ;।द्ध ;दृ1ए दृ1द्ध ;ठद्ध ;2ए 2द्ध ;ब्द्ध ;दृ2ए दृ2द्ध ;क्द्ध ;2ए दृ2द्ध ख्संकेतरू मान लीजिए कि ।ठब् समबाहु त्रिाभुज है जिसका शीषर् । ;उए ाद्ध है और क् ;αए βद्धए भुजा ठब् पर 2α़ी 2β़ ा ⎛ा दृ0⎞त्रत्र ं त्रस्िथत एक बिंदु है। तब 0 साथ ही, α ़ β दृ 2 त्र 0 एव×;दृ1द्ध दृ1 ,⎜⎟33 ⎝ी दृ0⎠ सरल रेखाएँ 183 प्रश्न संख्या 42 से 47 मेंं रिक्त स्थानों की पूतिर् कीजिए: 42ण् यदिंए इए ब समांतर श्रेणी में हैं, तो सरल रेखांग ़ इल ़ ब त्र 0 हमेंशासे जायेगी। 43ण् बिंदु ;1ए दृ2द्ध से जाने वाली एवं अक्षों से समान अंतःखंड काटने वाली रेखा का समीकरण है। 44ण् बिंदु ;3, 2द्ध से जाने वाली और रेखाग दृ 2ल त्र 3 के साथ 45ह् का कोण बनाने वाली रेखाओं के समीकरण हैं। 45ण् बिंदु ;3, 4द्ध एवं ;2, μ6द्ध रेखा 3ग दृ 4ल दृ 8 त्र 0 के पर स्िथत है। 46ण् एक बिंदु इस प्रकार भ्रमण करता है कि बिंदु ;2, μ2द्ध से इसकी दूरी का वगर्, संख्यात्मक रूप मेंं, रेखा 5ग दृ 12ल त्र 3 से उसकी दूरी, के समान है। उसके बिंदु पथ का समीकरण है। 47ण् अक्षों के बीच अंतःखंडित रेखा ग ेपद θ ़ ल बवे θ त्र च के मध्य बिंदु का बिंदु पथ है। बताइर्ए कि प्रश्न संख्या 48 से 56 तक दिये हुए कथन सत्य हैं अथवा असत्य। उत्तर की पुष्िट कीजिए - 48ण् यदि किसी त्रिाभुज के शीषो± के निदेर्शांक पूणा±क हैं तो त्रिाभुज समबाहु नहीं हो सकता। 49ण् बिंदु। ;दृ 2ए 1द्धए ठ ;0ए 5द्धए ब् ;दृ 1ए 2द्ध संरेख हैं। 50ण् बिंदु ;ं बवे3θए ं ेपद3θद्ध से जाने वाली एवं सरल रेखा ग ेमब θ ़ ल बवेमब θ त्र ं पर लंब रेखा का समीकरण ग बवे θ दृ ल ेपद θ त्र ं ेपद 2θ है। 51ण् सरल रेखा 5ग ़ 4ल त्र 0ए सरल रेखाओं ग ़ 2ल दृ 10 त्र 0 एवं2ग ़ ल ़ 5 त्र 0 के प्रतिच्छेद बिंदु से जाती है। 52ण् एक समबाहु त्रिाभुज का शीषर् ;2, 3द्ध है और शीषर् के सम्मुख भुजा का समीकरण ग ़ ल त्र 2 है, तो त्रिाभुज की शेष दो भुजाएँ ल दृ 3 त्र ;2 ± 3द्ध ;ग दृ 2द्ध हैं। 53ण् बिंदु ;3, 5द्ध को, रेखा 4ग ़ ल दृ 1 त्र 0 एवं 7ग दृ 3ल दृ 35 त्र 0 के प्रतिच्छेद बिंदु से, मिलाने वाली रेखा का समीकरण बिंदु ;0, 0द्ध एवं बिन्दु ;8, 34द्ध से समदूरस्थ हैं। गल 1 11 54ण् रेखा ़ इस प्रकार भ्रमण करती है कि 2 ़ 2 त्र 2ए जहाँब अचर है। मूल बिंदु से रेखांइ ंइब पर खींचे गये लंब के पाद बिंदु का बिंदुपथ ग2 ़ ल2 त्र ब2 है। 55ण् यदि ंए इए ब गुणोत्तर श्रेणी में है, तो रेखायें ंग ़ 2ल ़ 1 त्र 0ए इग ़ 3ल ़ 1 त्र 0 एवं बग ़ 4ल ़ 1 त्र 0 संगामी हैं। 56ण् बिंदुओं ;3, μ4द्ध एवं ;μ2, 6द्ध को मिलाने वाली रेखा, बिंदुओं ;μ3, 6द्ध एवं ;9, μ18द्ध को मिलाने वाली रेखा पर लंब है। प्रश्न संख्या 57 से 59 तक स्तंभब्1 के अंतगर्त दिए हुए प्रश्न स्तंभ ब्2के अंतगर्त दिए हुए उचित उत्तर के साथ मिलान कीजिए - 57ण् स्तंभ ब्1 स्तंभ ब्2 ;ंद्ध बिंदु च् एवं फए रेखा ग ़ 5ल त्र 13 पर स्िथत ;पद्ध ;3ए 1द्धए ;दृ7ए 11द्ध हैं और रेखा 12ग दृ 5ल ़ 26 त्र 0 से 2 इकाइर् की दूरी पर स्िथत हैं। च् एवं फ के निदेर्शांक हैंः ⎛ 111 ⎞⎛ 47 ⎞ ए एए;इद्ध रेखा 4ग ़ 3ल दृ 10 त्र 0 से एक इकाइर् की ;पपद्ध ⎜− ⎟⎜ ⎟⎝ 33 ⎠⎝ 33⎠ दूरी पर रेखाग ़ ल त्र 4 पर स्िथत बिंदु के निदेर्शांक हैंः ⎛ 12⎞⎛ 16⎞1ए एदृ3ए ;बद्ध यदि ।च् त्र च्फ त्र फठ तो ।;दृ2ए 5द्ध एवं ;पपपद्ध ⎜⎟⎜ ⎟⎝ 5 ⎠⎝ 5 ⎠ ठ ;3ए 1द्ध को मिलाने वाली रेखा पर स्िथत बिंदु च् एवं फ के निदेर्शांक हैंः 58ण् यदि रेखाएँ ;2ग ़ 3ल ़ 4द्ध ़ λ ;6ग दृ ल ़ 12द्ध त्र 0 निम्नलिख्िात प्रतिबंधों को संतुष्ट करती हैं तो λ का मान हैं स्तंभ ब्1 स्तंभ ब्2 ;ंद्ध ल.अक्ष के समांतर है। ;पद्ध λत्र−3 4 ;इद्ध 7ग ़ ल दृ 4 त्र 0 पर लंब है। ;पपद्ध λत्र−1 3 17 ;बद्ध ;1ए 2द्ध से जाती है। ;पपपद्ध λत्र− 41 ;कद्ध ग.अक्ष के समांतर है। ;पअद्ध λ त्र 3 सरल रेखाएँ 185 59ण् रेखायें 2ग दृ 3ल त्र 0 एवं 4ग दृ 5ल त्र 2 कें प्रतिच्छेद बिंदु से जाने वाली तथा निम्नलिख्िात प्रतिबंध को संतुष्ट करने वाली रेखा का समीकरण है। स्तंभ ब्1 स्तंभ ब्2 ;ंद्ध बिंदु ;2ए 1द्ध से जाने वाली ;पद्ध 2ग दृ ल त्र 4 ;इद्ध रेखा ग ़ 2ल ़ 1 त्र 0 पर लंब है ;पपद्ध ग ़ ल दृ 5 त्र 0 ;बद्ध रेखा 3ग दृ 4ल ़ 5 त्र 0 के ;पपपद्ध ग दृ ल दृ1 त्र 0 समांतर है ;कद्ध अक्षों पर समान रूप से झुकी हुइर् है ;पअद्ध 3ग दृ 4ल दृ 1 त्र 0

RELOAD if chapter isn't visible.