8ण्1 समग्र अवलोकन ;व्अमतअपमूद्ध 8ण्1ण्1 चिÉों श़्श् या श्दृश् द्वारा जुड़े हुए दो पदों से बना व्यंजक एक द्विपद व्यंजक कहलाता है। 1 1 4उदाहरणाथर्ए ग़ ंए 2गदृ 3लए − 3ए7 ग− इत्यादि सभी द्विपद व्यंजक हैं।ग ग 5 ल 8ण्1ण्2 द्विपद प्रमेय यदि ंऔर इदो वास्तविक संख्याएँ हैं तथा दएक धनात्मक पूणा±ंक है, तो ;ं़ इद्धदत्र दब्ंद़ दब्ंददृ 1 इ1 ़ दब्ंददृ 2 इ2 ़ ण्ण्ण्01 2 द ददृ दण्ण्ण् ़ दब् ंतइत़ण्ण्ण् ़ दब् इ, जहाँ 0 ≤ त≤ दके लिए, दब् त्र तद ततद त− इस प्रसार में, व्यापक पद या;त़ 1द्धवाँ पद, ददृतज् त्र दब् ंइतसे प्राप्त होता है।त़ 1त 8ण्1ण्3 वुफछ महत्वपूणर् प्रेक्षण 1ण् ;ं़ इद्धदके द्विपद प्रसार में पदों की वुफल संख्या ;द़ 1द्ध है, अथार्त् यह घातांक दसे एक अिाक है। 2ण् प्रसार के, प्रथम पद में ंकी घात द्विपद की घात के बराबर है तथा प्रत्येक उत्तरोतर पद में ंकी घात एक घटती जाती है और साथ ही इकी घात एक बढ़ती जाती है। ऐसा तब तक होता रहता है जब तक कि इकी घात द्विपद की घात के बराबर न हो जाए। अथार्त्, प्रथम पद में ंकी घात दए दूसरे पद में ;ददृ 1द्धऔर ऐसा आगे भी होता रहता है तथा अंतिम पद में ं की घात शून्य हो जाती है। इसके साथ ही, प्रथम पद में इकी घात 0 है, दूसरे पद में तीसरे पद में 2 और ऐसा आगे भी होता रहता है तथा अंतिम पद में इकी घात दहो जाती है। 3ण् किसी भी पद में ंऔर इके घातांकों का योग दके बराबर है ;अथार्त् द्विपद की घात के बराबर हैद्ध। 4ण् प्रसार में गुणांक एक प्रतिरूप या पैटनर् का अनुकरण करते हैं जिसे पास्कल त्रिाभुज कहा जाता है। द्विपद का घातांक विभ्िान्न पदों के गुणांक 0 1 1 1 1 2 1 2 1 3 4 1 1 4 3 3 1 6 4 1 5 1 5 10 10 5 1 किसी भी पंक्ित का प्रत्येक गुणांक इससे पिछली पंक्ित में इस गुणांक के ठीक बाएँ और ठीक दाएँ गुणांकों का योग होता है तथा पंक्ित दोनों ओर से 1 द्वारा परिब( होती है। ;त ़ 1द्धवाँ पद या व्यापक पद ज् त्र ंद दृ त इत से प्राप्त होता है।दब् त ़ 1त 8ण्1ण्4 वुफछ विशेष स्िथतियाँ यदि द एक धनात्मक पूणा±क है, तो दब्0 ंद इ0 ़ दब्1 ंददृ1 इ1 ़ दब्2 ंद दृ 2;ं ़ इद्धद त्र इ2 ़ ण्ण्ण् ंद दृ तं0 इद़ दब् इत ़ ण्ण्ण् ़ दब् ण्ण्ण् ;1द्धत द विश्िाष्टतः 1ण् ;पद्ध में, इ के स्थान पर दृ इ रखने पर, हमें ;ं दृ इद्धद त्र दब्ंद इ0 दृ दब्ंद दृ 1 इ1 ़ दब्ंद दृ 2 इ2 ़ ण्ण्ण् ़ ;दृ1द्धतदब् ंद दृ त इत ़ ण्ण्ण् ़01 2 त;दृ1द्धदं0 इद प्राप्त होता है ण्ण्ण् ;2द्धदब् द 2ण् ;1द्ध और ;2द्ध को जोड़ने पर, हमें ;ं ़ इद्धद ़ ;ं दृ इद्धद त्र2 ख्दब्0 ंद इ0 ़ दब्2 ंद दृ 2 इ2 ़ दब्4 ंद दृ 4 इ4 ़ ण्ण्ण् , त्र2 ख्विषम स्थानों वाले पद, प्राप्त होता है 3ण् ;2द्ध को ;1द्ध में से घटाने पर, हमें ;ं ़ इद्धद दृ ;ं दृ इद्धद त्र2 ख्दब्1 ंद दृ 1 इ1 ़ दब्3 ंद दृ 3 इ3 ़ ण्ण्ण् , त्र2 ख्सम स्थानों वाले पद, प्राप्त होता है 4ण् ;1द्ध में ं को 1 से तथा इ को ग से प्रतिस्थापित करने पर, हमें गद दृ 1;1 ़ गद्धद त्रदब्ग0 ़ दब्ग1 ़ दब्ग2 ़ ण्ण्ण् ़ दब् गत ़ ण्ण्ण् ़ दब् ़ दब् गद प्राप्त01 2 तद दृ1 द होता है द अथार्त्, ;1 ़ गद्धद त्र∑ 0त्रत द ब् तगत द्विपद प्रमेय 131 5ण् ;1द्ध में, ंको 1 से तथा इको दृगसे प्रतिस्थापित करने पर, हमें द ग0 तद.1 ़ दद;1 दृ गद्धद त्रदब् दृ दब्ग़ दब्ग2 ;दृ1द्ध ब्ग ़ ण्ण्ण़् दब् ;दृ1द्धददृ1 गब् ;दृ1द्धद ग0 12 ददृ1 दत प्राप्त होता है द अथार्त् ;1 दृ गद्धद त्र ∑;1द्ध − तदब्त गत तत्र0 8ण्1ण्5 अंतिम पद से चवाँ पद ;ं़ इद्धद के प्रसार में, अंतिम पद से चवाँ पद प्रारंभ से ;ददृ च़ 2द्धवाँ पद है। 8ण्1ण्6 मध्य - पद मध्य - पद दके मान पर निभर्र करता है। ;ंद्ध यदिदएक सम संख्या है, तो;ं़ इद्धदके प्रसार में पदों की संख्याद़ 1 ;विषमद्ध है। इसलिए ⎛ द ⎞यहाँ केवल एक मध्य - पद है, अथार्त् ⎜़ 1⎟⎠ वाँ पद ही मध्य - पद है।⎝ 2 ;इद्ध यदिदएक विषम संख्या है, तो;ं़ इद्धद के प्रसार में पदों की संख्या द़ 1 ;समद्ध है। इसलिए वाँ वा⎛ द़ 1⎞⎛ द़ 3⎞यहां दो मध्य पद हैं अथार्त् ⎜⎟ आरै ⎜⎟ पद दो मध्य - पद हैं।⎝⎠ ⎝⎠22 8ण्1ण्7 द्विपद गुणांक द्विपद व्यंजक के प्रसार से, हमें ज्ञात है कि द;ं़ इद्धद त्रदब्ंद ़ दब्ंददृ 1 इ़ दब्ंददृ 2 इ2 ़ ण्ण्ण् ़ दब् इण्ण्ण् ;1द्ध01 2 द दगुणांकदब्0ए 1ए दब्ए ण्ण्ण् ए दब् द द्विपद गुणांक या संचयात्मक गुणांक कहलाते हैं।ब्2 ;1द्धमें ंत्र इत्र 1रखने पर, हमें दब् ़ दब् ़ दब् ़ ण्ण्ण् ़ दब् त्र 2दप्राप्त होता है;1द्धमें पुनः ंत्र 1 और इत्र दृ1 रखने पर, हमें 012दइस प्रकार, सभी द्विपद गुणांकों का योग 2द होता है। दब् ़ दब् ़ दब् ़ ण्ण्ण् त्र दब् ़ दब् ़ दब् ़ ण्ण्ण् प्राप्त होता है024135 इस प्रकार, सभी विषम द्विपद गुणांकों का योग सभी सम द्विपद गुणांकों के योग के बराबर होता है 2दद−1तथा इनमें से प्रत्येक त्र 2 के बराबर है।2 ँ 024135 8ण्2 हल किए हुए उदाहरण लघु उत्तरीय ;ैण्।द्ध 12त उदाहरण 1 ⎜⎛ ग ़⎞⎟ के प्रसार में तवाँ पद ज्ञात कीजिए।⎝ ग ⎠ त −11;गद्ध2 त दृ त ़ 1 ⎛⎞हल ज्ञात है किः ज्त त्र2तब्त दृ 1⎜⎟ग⎝⎠ 2त गत ़ 1 दृ त ़ 1त्र त −1 त ़1 2त 2 त्र ग त −1 त ़1 उदाहरण 2 ;1 दृ ग ़ ग2द्ध4 का प्रसार कीजिए। हल 1 दृ ग त्र ल रख्िाए। तब, ;1 दृ ग ़ ग2द्ध4 त्र;ल ़ ग2द्ध4 ल4 ;ग2द्ध0ल3 ;ग2द्ध1त्र 4ब्0 ़ 4ब्1 ़ 4ब्2 ल2 ;ग2द्ध2 ़ 4ब्3 ल ;ग2द्ध3 ़ 4ब्4 ;ग2द्ध4 त्र ल4 ़ 4ल3 ग2 ़ 6ल2 ग4 ़ 4ल ग6 ़ ग8 त्र ;1 दृ गद्ध4 ़ 4;1 दृ गद्ध3 ग2 ़ 6;1 दृ गद्ध2 ग4 ़ 4;1 दृ गद्ध ग6 ़ ग8 त्र1 दृ 4ग ़ 10ग2 दृ 16ग3 ़ 19ग4 दृ 16ग5 ़ 10ग6 दृ 4ग7 ़ ग8 ⎛3 ⎞9 उदाहरण 3 ⎜ ग −22 ⎟के प्रसार में अंतिम पद से चैथा पद ज्ञात कीजिए।⎝2 ग ⎠हल क्योंकि;ं ़ इद्धद के प्रसार में अंतिम पद से तवाँ पद प्रारंभ से ;द दृत ़ 2द्धवाँ पद होता है, इसलिए इस प्रसार में अंतिम पद से चैथा पद प्रारंभ से ;9 दृ 4 ़ 2द्धवाँँ, अथार्त् 7वाँ पद होगा। यह पद हैः ब्6 ग33 226 9ब् ग9 ⋅64 त्र 9 ××87 ×8 त्र 672 ⎛ ⎞ −ज्7 त्र ⎜⎟⎜ ⎟त्र 312 33 9 ⎛⎞⎝⎠⎝ ⎠2 ग 8 ग 3 ××12 गग 222 2उदाहरण 4 मान ज्ञात कीजिए ;ग 1 ग द्ध4 ़;ग 1−− ़− ग द्ध4 द्विपद प्रमेय 133 हल 1 −ग2 त्रल रखने पर, हमें प्राप्त होता हैः दिया हुआ व्यंजक त्र;ग2 दृ लद्ध4 ़ ;ग2 ़ लद्ध4 त्र2 ;ग8 ़ 4ब्2 ग4 ल2 ़ 4ब्4 ल4द्ध ⎡8434 2 22 ⎤ त्र2 ग ़× ग ;1 दृ ग द्ध ़− ग द्ध;1 ⎢⎥×⎣ 21 ⎦ त्र2 ख्ग8 ़ 6ग4 ;1 दृ ग2द्ध ़ ;1 दृ 2ग2 ़ ग4, त्र2ग8 दृ 12ग6 ़ 14ग4 दृ 4ग2 ़ 2 ⎛3 212 उदारहण 5 ⎜ग −⎞के प्रसार में ग11 का गुणांक ज्ञात कीजिए।2 ⎟⎝ ग ⎠ हल मान लीजिए कि व्यापक पद, अथार्त्;त ़ 1द्धवें पद में ग11 आता है। ज्ञात है कि ज् त्र12ब् ;ग3द्ध12 दृ त ⎜⎛−2 ⎟⎞त त ़ 1त2⎝ ग ⎠ त्र 12ब् ग36 दृ 3त दृ 2तत ;दृ1द्धत 2त त्र 12ब्ग36दृ 5त त ;दृ1द्धत 2त इस पद में, ग11 होने के लिए 36 दृ 5त त्र 11ए अथार्त्, त त्र 5 12 ×× ×× 11 10 9 8अतः, ग11 का गुणांक 12ब्5 ;दृ1द्ध5 25 त्र −×32 त्र दृ253445432×××⎛2 18 2उदाहरण 6 निधार्रित कीजिए कि क्या ⎜ग −⎟⎞के प्रसार में कोइर् ग10 वाला पद होगा।⎝⎠ग हल मान लीजिए कि ज् में ग10 आता है। तब,त ़ 1 ⎛⎞त 18 218 −त −2ज् त्रब्;ग द्ध ⎜⎟तत ़ 1⎝⎠ ग त्र 18ब् ग36 दृ 2त त;दृ1द्धत ण् 2त ग दृत त्र ;दृ1द्धत 2त 18ब् तग36 दृ 3त 26इस प्रकार, 36 दृ 3त त्र 10ए अथार्त, त त्र 3 क्योंकि त एक भ्िान्न है, इसलिए दिए हुए प्रसार मेंग10 वाला कोइर् पद नहीं होगा। 134 प्रश्न प्रद£शका 10⎛ग 3 ⎞उदाहरण 7 ⎜ के प्रसार में गसे स्वतंत्रा पद ज्ञात कीजिए।़ 2 ⎟ ⎝32ग ⎠ हल मान लीजिए कि;त़ 1द्धवाँ पद गसे स्वतंत्रा है, जो निम्नलिख्िात हैः 10 −त 10 ⎛ ग⎞⎛ 3 ⎞त ज् त़1 त्र ब्त ⎜⎟ ⎜ 2 ⎟⎝ 3⎠⎝2ग ⎠ 10 −त ग 2 त 2 ⎛ 1⎛⎞ ⎞त्र 10ब् ⎜⎟ 3 ⎜⎟त ⎝⎠ त 2त3 ⎝2 ग ⎠ त 10 −त 10 −त−−2त10 −त22 2त्रब्3 2 गत क्योंकि यह पद गसे स्वतंत्रा है, इसलिए हमें प्राप्त होता हैः 10 −त−2तत्र0 ⇒ तत्र22 अतः, तीसरा पद गसे स्वतंत्रा है तथा इसका मान 10 3−3 10 ×91 5 त्रत्रज्3 त्र ब्2 × है42×19×12 12 ⎛ इ 12 उदाहरण 8 ⎜2ंग− ग ⎞⎟⎠ के प्रसार में मध्य - पद ज्ञात कीजिए।⎝ 2 हल क्योंकि इस द्विपद की घात सम है, इसलिए इसका एक ही मध्य - पद है, जो इसका वाँ⎛12 ़2⎞ पद है, और यह निम्नलिख्िात हैः⎜⎟⎝ 2 ⎠ −इ 6 12 6 ⎛⎞ज् त्र ब्;2 ंगद्ध ⎜⎟76 2ग⎝⎠ 666 6 12 2 ंग⋅−द्ध; इ त्र ब्6 12ग 666 66 12 2 ंइ 59136 ंइ त्रब्6 6 त्र 6गग द्विपद प्रमेय 135 ⎛चग ⎞9 उदाहरण 9 ⎜़⎟के प्रसार में मध्य - पद ज्ञात कीजिए।⎝गच ⎠हल क्योंकि द्विपद की घात विषम है, इसलिए यहाँ दो मध्य - पद हैं, जो 5वें और 6वें पद हैं। ये पद निम्नलिख्िात हैंः च 5 ग 4 च 126 ⎛⎞⎛⎞ चज्5 त्र9ब्4 ⎜⎟⎜⎟त्र9ब्4 त्र गच ग⎝⎠⎝⎠ ग च 4 ग 5 ग 126 ग9 ⎛⎞⎛⎞ 9तथा ज्6 त्र ब्5 त्रब्5 त्र गच च ⎜⎟⎝⎠⎜⎟⎝⎠ च उदाहरण 10 दशार्इए कि 24द ़ 4 दृ 15द दृ 16ए जहाँ द ∈ छ, 225 से विभाज्य है। हल ज्ञात है कि 24द ़ 4 दृ 15द दृ 16 त्र 24 ;द ़ 1द्ध दृ 15द दृ 16 त्र16द ़ 1दृ 15द दृ 16 त्र ;1 ़ 15द्धद ़ 1 दृ 15द दृ 16 द ़ 1ब् 150 ़ द ़ 1ब् 151 ़ द ़ 1ब् 152 ़ द ़ 1ब्त्र0123 153 ़ ण्ण्ण् ़ द ़ 1ब् ;15द्धद ़ 1 दृ 15द दृ 16 द ़ 1त्र1 ़ ;द ़ 1द्ध 15 ़ द ़ 1ब्2 152 ़ द ़ 1ब्3 153 ़ ण्ण्ण् ़ द ़ 1ब् ;15द्धद ़ 1 दृ 15द दृ 16द ़ 1 152 ़ द ़ 1ब्3त्र1 ़ 15द ़ 15 ़ द ़ 1ब्2 153 ़ ण्ण्ण् ़ द ़ 1ब् ;15द्धद ़ 1 दृ 15द दृ 16 द ़ 1त्र152 ख्द ़ 1ब्2 ़ द ़ 1ब्3 15 ़ ण्ण्ण् ेव वद इस प्रकार, 24द ़ 4 दृ 15द दृ 16 संख्या 225 से विभाज्य है। दीघर् उत्तरीय प्रश्न ;स्ण्।ण्द्ध उदारहण11 ;2 ़ 3गद्ध9 के प्रसार में संख्यात्मक रूप से सबसे बड़ा पद ज्ञात कीजिए जहाँ ग त्र 3 2 9 ⎛ 3ग ⎞9 21हल ज्ञात है कि ;2 ़ 3गद्ध9 त्र ⎜़ ⎟⎝ 2 ⎠ 3ग99⎡ ⎛⎞ त⎤ 2 ⎢ब्त⎜ ⎟⎥ज्त़1 ⎝⎠ 2अब, त्र ⎣⎦ त−1ज् ⎡त 99 3ग⎛ ⎞ ⎤ 2ब्⎢ त−1 ⎜ ⎟ ⎥ ⎣ ⎝⎠ 2 ⎦ 9ब्त 3ग त्र 29ब्त−1 10 −तग3 त्र त 2 ज् त−110 −त9 3ग⋅त्र त9 −त 9 2 10 त93−⎛⎞त्र ⎜⎟क्योंकि गत्र त ⎝⎠42 90 −9तत़1 ≥1 ⇒इसलिए ≥1ज्त 4त ⇒ 90 दृ 9त≥ 4त ;क्यों?द्ध 90⇒ त≤ 13 12⇒ त≤ 6 13 इस प्रकार तका अिाकतम मान 6 है। इसलिए सबसे बड़ा पद ज् त्र ज्है।त़ 17 ⎡ 3ग 6399 ⎛ ⎞⎤ अतः ज् त्र2 ⎢ब्6 ⎜ ⎟⎥ए जहाँ गत्र 7⎣ 2 ⎦2⎝⎠ 6 12 13 ⎛⎞ 9873××⎛ ⎞ 73×999 9 त्र2 ⋅ब्6 ⎜⎟त्र 2 ⋅ ⎜⎟त्र 4 321 212 ⎠ 2⎝⎠××⎝ ⎛ 1 ⎞द दृ1उदाहरण 12 यदिदएक धनात्मक पूणा±क है, तो ;1 ़ गद्धद⎜1 ़⎟के प्रसार में गका गुणांक⎝ ग⎠ज्ञात कीजिए। हल ज्ञात है कि दद 2द⎛ 1⎞⎛ग़1⎞ ;1 ़गद्ध;1 ़ गद्धद⎜1़⎟ त्र ;1 ़ गद्धद⎜⎟त्र द⎝ ग⎠⎝ग⎠ग द्विपद प्रमेय 137 द 2 द⎛ 1⎞ ;1़गद्धअब,;1 ़ गद्धद ⎜1़⎟में गदृ1 का गुणांक ज्ञात करना द मेंग दृ 1 का गुणांक ज्ञात करने के⎝ ग⎠ग समतुल्य है, जो ;1 ़ गद्ध2द के प्रसार में गद दृ 1 के गुणांक के समान है। क्योंकि ;1 ़ गद्ध2द त्र 2द ब्ग0 ़ 2दब्ग1 ़ 2द ब्ग2 ़ ण्ण्ण् ़ 2द ब् गददृ1 ़ ण्ण्ण् ़ 2द ब्ग2द 01 2 द दृ 1 2द इसलिए गद दृ 1 का गुणांक 2द ब्द दृ 1 2द 2द त्र त्र है।द −12दद 1−़द −1 द ़1 उदाहरण 13 निम्नलिख्िात में कौन बड़ा है? 9950 ़ 10050 या 10150 ज्ञात है कि ;101द्ध50 त्र ;100 ़ 1द्ध50 50ण्49 50ण्49ण्48 47 त्र 10050 ़ 50 ;100द्ध49 ़ ;100द्ध48 ़ ;100द्ध ़ ण्ण्ण् ;1द्ध2ण्13ण्2ण्1 इसी प्रकार, 9950 त्र ;100 दृ 1द्ध50 50ण्49 50ण्49ण्48 त्र 10050 दृ 50 ण् 10049 ़ ;100द्ध48दृ ;100द्ध 47 ़ ण्ण्ण् ;2द्ध 2ण्13ण्2ण्1 ;2द्ध को ;1द्ध में से घटाने पर 50 49 48 ⎡ 49 47 ⎤;101द्ध50 दृ 9950 त्र 2 50 ;100द्ध ़ 100 ़ण्ण्ण् ⎢⎥321 ⎣⎦ ⎛5049 48 ⎞ 47⇒ ;101द्ध50 दृ 9950 त्र ;100द्ध50 ़ 2 ⎜⎟;100द्ध ़ण्ण्ण् 321 ⎝⎠ ⇒ ;101द्ध50 दृ 9950 झ ;100द्ध50 अतः, ;101द्ध50 झ;99द्ध50 ़ ;100द्ध50 उदारहण 14 ;1 ़ गद्ध1000 ़ ग ;1 ़ गद्ध999 ़ ग2 ;1 ़ गद्ध998 ़ ण्ण्ण् ़ ग1000 के प्रसार में सरल करने और समान पदों को एकत्रिात करने के पश्चात् ग50 का गुणांक ज्ञात कीजिए। ग हल क्योंकि उपयुर्क्त प्रसार एक गुणोत्तर श्रेणी है जिसका सावर् अनुपात 1 है, इसलिए इसका योग़ग 138 प्रश्न प्रद£शका ⎡ 1001 ⎤1000 ⎛ ग ⎞;1 ़ गद्ध ⎢1 −⎥⎜⎟1़ ग⎢⎝ ⎠⎥⎣⎦ त्र ⎡⎛ ग ⎞⎤1⎢ −⎜ ⎟⎥1़ ग⎣⎝ ⎠⎦1001 10 00 ग;1 ़ गद्ध − 1 ़ ग ग1001त्र त्र ;1 ़ गद्ध1001 दृ 1 ़ ग − ग 1 ़ गअतः, ग50 का गुणांक निम्नलिख्िात हैः 1001 1001ब्त्र 5050 951 उदारहण 15 यदि ;1 ़ गद्धद के प्रसार में1ए ं2ए ं3 और ं4 क्रमशः चार क्रमागत पदों के गुणांक हैं, तो सि( कीजिए कि ं 2ं13 2़त्र ं ़ ं ़ ं ़ ं12 34 23 हल मान लीजिए ं1ए ं2ए ं3 औरं4 क्रमशः चार क्रमागत पदोंज् ज् ज्और ज्के गुणांकत ़ 1त ़ 2त ़ 3 त ़ 4 हैं। तब, ं त्रज् का गुणांक त्र दब् ए1त ़ 1 तं2 त्रज्का गुणांक त्र दब्त ़ 1एत ़ 2 ं त्रज् का गुणांक त्र दब्3त ़ 3 त ़ 2 तथा ं4 त्रज्त ़ 4 का गुणांक त्र द ब्त ़ 3 ं1 द ब्तअतः, त्र ंद ब् द 1 ़ ं2 त ़ ब्त ़ 1 द ब्त द ब् त्र द ़ 1ब्त्र ;∵ ़ दब्द्धद ़1 तत ़ 1त ़ 1ब्त ़1 द्विपद प्रमेय 139 त ़1 द −तद ⎛त ़1⎞ त्र × त्र ⎜ ⎟तद −त द ़1 ⎝द ़1⎠ द ं3ब्त ़2इसी प्रकार, त्र ं ़ंद ब् ़दब्3 4 त ़2 त ़3 द ब्त ़2 त ़3 त्र त्र द ़1 ब्त ़3 द ़1 ं1 ं3 त ़1 त ़32त ़4अतः, बायां पक्ष त्र ़ त्ऱत्र ं ़ं ़ंद ़1 द ़1 द ़11 2 34 दद2 2ब्1 तं ;त ़द्ध 2 ;ब् ़1 द्धतथा दायां पक्ष त्र2 त्र त्र दद द ़1ं ़ं2 3ब्त ़1 ़ब्त ़2ब्त ़2 2 त ़2 −− द द त 1 2; त ़2द्ध 2त ़4 त्र × त्र त्र त ़1 द त 1 द ़1 द ़1 द ़1−− वस्तुनिष्ठ प्रश्न ;डण्ब्ण्फद्ध उदाहरण 16 ;ग ़ ंद्ध51 दृ ;ग दृ ंद्ध51 के प्रसार में सरलीकरण के बाद पदों की संख्या है ;ंद्ध 102 ;इद्ध 25 ;बद्ध 26 ;कद्ध इनमें से कोइर् नहीं हल ब् सही उत्तर है। क्योंकि वुफल 52 पद होंगे, जिनमें 26 पद परस्पर कट जाते हैं। ⎛ ग⎞द उदारहण 17 यदि ⎜2 ़⎠⎟के प्रसार में, ग7 और ग8 के गुणांक बराबर हैं, तो द का मान है⎝ 3 ;ंद्ध 56 ;इद्ध 55 ;बद्ध 45 ;कद्ध 15 ंद दृ त गतहल ;ठद्ध सही विकल्प है। क्योंकि ;ं ़ गद्धद ए के प्रसार में, ज् त्र दब् त ़ 1त द −7ग 72दद −7 ⎛⎞ द 7इसलिए ज् त्र ब्;2द्ध त्रब् ग 8 7 ⎜⎟7733⎝⎠ ⎛⎞82 8 द −8गदतथा ज्9 त्र दब्8 ;2द्धददृ8 ⎜⎟त्रब्8 8 ग 33⎝⎠ द −7 द −8 इसलिए द ब्723 त्र दब्823 ;क्योंकि दिया है कि ग7 त्र का गुणांकत्र ग8 का गुणांकद्ध78 द −8 द −878द 23 ⇒ × त्र ⋅8 द −77 द −7 द 32 81 ⇒ त्र ⇒ द त्र 55 द −76उदारहण 18 यदि ;1 दृ ग ़ ग2द्धद त्र ं0 ़ ं1 ग ़ ं2 ग2 ़ ण्ण्ण् ़ ं2द ग2द तो ं0 ़ ं2 ़ ं4 ़ ण्ण्ण् ़ ंद बराबर है दद द3 ़13 −1 −13 1 ;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध 3द ़ 222 2 हलः ;।द्ध सही विकल्प है। ;1 दृ ग ़ ग2द्धद त्रं0 ़ ं1 ग ़ ं2 ग2 ़ ण्ण्ण् ़ ं2दग2द में ग त्र 1 और μ1 रखने पर, 1 त्र ं ़ ं ़ ं ़ ं ़ ण्ण्ण् ़ ंण्ण्ण् ;1द्ध01232द और 3द त्र ं दृ ं ़ ं दृ ं ़ ण्ण्ण् ़ ंण्ण्ण्01232द ;2द्ध ;1द्ध और ;2द्ध को जोड़ने पर, 3द ़ 1 त्र 2;ं0 ़ ं2 ़ ं4 ़ ण्ण्ण् ़ ं2 दद्ध 3द ़1इसलिए, ं ़ ं ़ ं ़ ण्ण्ण् ़ ं त्र 0242 द2 उदाहरण 19 ;1 ़ गद्धच ़ ु के प्रसार में, गच और गु के गुणांक;च और ु धनात्मक पूणा±क हैंद्ध हैं ;।द्ध बराबर ;ठद्ध बराबर परंतु विपरीत चि“नों के ;ब्द्ध एक दूसरे के व्युत्क्रम ;क्द्ध इनमें से कोइर् नहीं च ़ ुब्हल ;।द्ध सही विकल्प है। ;1 ़ गद्धच ़ ु के प्रसार में, गच और गु के गुणांक क्रमशः च और च ़ ुब्ु हैं, च ़ु च ़ ु ब् त्र च ़ ुब्तथा त्र चुच ु अतः, ;।द्ध सही उत्तर है। द्विपद प्रमेय 141 उदाहरण 20 ;ं ़ इ ़ बद्धदए जहाँद ∈ छ, के प्रसार में पदों की संख्या है ;द ़1द्ध ; द ़2द्ध ;।द्ध ;ठद्ध द ़ 1;ब्द्ध द ़ 2 ;क्द्ध;द ़ 1द्ध द 2 हल ;।द्ध सही विकल्प है। ;ं ़ इ ़ बद्धद त्रख्ं ़ ;इ ़ बद्ध,द त्र ंद ़ दब्ंद दृ 1 ;इ ़ बद्ध1 ़ द ब्ंद दृ 1 ;इ ़ बद्ध2 12 ़ ण्ण्ण् ़ दब्द ;इ ़ बद्धद साथ ही, दाएं पक्ष के प्रत्येक पद को प्रसारित करने पर, हम देखते हैं कि प्रथम पद में एक पद है, दूसरी पद को सरल करने पर उसमें दो पद हैं, तीसरे पद को प्रसारित करने पर उसमें तीन पद हैं, चैथे पद को प्रसारित करने पर उसमेें चार पद हैं, और इस प्रकार आगे भी। अतः, पदों की वुफल संख्या त्र 1 ़ 2 ़ 3 ़ ण्ण्ण् ़ ;द ़ 1द्ध ;द ़1द्ध ; द ़2द्ध त्र 2 ⎛22⎞15 उदाहरण 21 ⎜ग ़⎟ में ग15 के गुणांक का ग से स्वतंत्रा पद से अनुपात है⎝ ग⎠ ;।द्ध 12रू32 ;ठद्ध 1रू32 ;ब्द्ध 32रू12 ;क्द्ध 32रू1 ⎛22 ⎞15 हल ;ठद्ध सही विकल्प है। मान लीजिए कि ⎜ग ़⎟ का व्यापक पद ज्त ़ 1⎝ ग ⎠ त2इसलिए ज् त्र15ब् ;ग2द्ध15 दृ त ⎛⎞त ़ 1त⎜⎟ग⎝⎠ त्र 15ब् त ;2द्धतग30 दृ 3त ण्ण्ण् ;1द्ध अब ग15 वाले पद के गुणांक के लिए, 30 दृ 3त त्र 15ए अथार्त् त त्र 5 अतः, ग15 का गुणांक त्र 15ब्5 ;2द्ध5 ख्;1द्ध से, ग से स्वतंत्रा पद ज्ञात करने के लिए, 30 दृ 3त त्र 0 रख्िाए। इस प्रकार ग से स्वतंत्रा पद त्र 15ब्10 210 ¹;1द्ध सेह् 15ब्25 1 1अब, अनुपात हैः 5 त्रत्र 15 105ब्2 23210 3 प ⎞5 ⎛3 प ⎞5 उदाहरण 22 यदि ्र त्र ⎛ −⎟है, तो⎝22⎠⎝22⎠़⎟़⎜⎜ ;।द्ध त्म ;्रद्ध त्र 0 ;ठद्ध प् ;्रद्ध त्र 0उ;ब्द्ध त्म ;्रद्ध झ 0ए प् ;्रद्ध झ 0 ;क्द्ध त्म ;्रद्ध झ 0ए प् ;्रद्ध ढ 0उउहल ;ठद्ध सही विकल्प है। सरल करने पर, 4 ⎤⎡ ⎞5 ⎛3 ⎞⎛⎞25 ⎛33⎞⎛⎞पप5 ⎛35⎢्र त्र 2ब्0 ⎜ ⎟़ब्2 ⎜ ⎟⎜⎟ ़ब्4 ⎜ ⎟⎜⎟ ⎥⎝⎠ ⎝⎠⎝⎠ ⎝⎠⎝⎠ ⎣ 2 22 22 ⎦ क्योंकि प2 त्र दृ1 और प4 त्र 1, इसलिए ्र में कोइर् प नहीं होगा, और इस प्रकार प् ;्रद्ध त्र 0उलघु उत्तरीय प्रश्न ;ैण्।ण्द्ध 2⎛3ग 1 ⎞15 1ण् ⎜ −⎟के प्रसार में, ग से स्वतंत्रा पद ;ग ≠ 0 द्ध ज्ञात कीजिए।⎝23ग ⎠ा ⎞10 2ण् यदि ⎜⎛ ग −2 ⎟⎠ के प्रसार में ग से स्वतंत्रा पद 405 है, तोा का मान ज्ञात कीजिए।⎝ ग 3ण् ;1 दृ 3ग ़ 7ग2द्ध ;1 दृ गद्ध16 के प्रसार में ग का गुणांक ज्ञात कीजिए। ⎛ 2 ⎞15 4ण् ⎜3ग −⎟ के प्रसार में ग से स्वतंत्रा पद ज्ञात कीजिए।⎝ 2 ⎠ग 5ण् निम्नलिख्िात के प्रसार में, मध्य - पद ज्ञात कीजिएः 3गं ⎞10 ⎛ ग ⎞9 ;पद्ध ⎛⎜ −⎟ ;पपद्ध ⎜3ग −⎟⎝ंग ⎠⎝ 6 ⎠ द्विपद प्रमेय 143 6ण् ;ग दृ ग2द्ध10 के प्रसार में ग15 का गुणांक ज्ञात कीजिए। 15⎛41 ⎞ 1 7ण् ⎜ग दृ3 ⎟ के प्रसार में 17 का गुणांक ज्ञात कीजिए।⎝ ग ⎠ गद1 1 8ण् ;ल 2 ़ग3 द्धके प्रसार में 6वाँ पद ज्ञात कीजिए, यदि इसके अंतिम पद से तीसरे पद का द्विपद गुणांक 45 है। ख्संकेतः अंतिम पद से तीसरे पद का द्विपद गुणांक त्र प्रारंभ से तीसरे पद का द्विपद गुणांक त्र दब्2, 9ण् यदि ;1 ़ गद्ध18 के प्रसार में ;2त ़ 4द्धवें और ;त दृ 2द्धवें पदों के गुणांक बराबर हैं, तो त का मान ज्ञात कीजिए। 10ण् यदि ;1 ़ गद्ध2द के प्रसार में, दूसरे, तीसरे और चैथे पदों के गुणांक समांतर श्रेणी में हैं, तो दशार्इए कि 2द2 दृ 9द ़ 7 त्र 0 है। 11ण् ;1 ़ ग ़ ग2 ़ ग3द्ध11 के प्रसार में ग4 का गुणांक ज्ञात कीजिए। दीघर् उत्तरीय प्रश्न ;स्ण्।ण्द्ध 8⎛च ⎞12ण् यदि च एक वास्तविक संख्या है और ⎜़2 ⎟के प्रसार में मध्य - पद 1120 है, तो च ज्ञात⎝2 ⎠कीजिए। 2द 13 5 ण्ण्ण्;2 द −1द्ध ××× ⎛ 1 ⎞ ;2द्ध द13ण् दशार्इए कि ⎜ग −⎟ के प्रसार में मध्य - पद ×− है।द⎝ ग ⎠ ⎛ 14ण् द्विपद, ⎜32 ़31 ⎞⎟ द में द ज्ञात कीजिए, यदि प्रारंभ से 7वें पद का अंतिम पद से 7वें पद⎝ 3 ⎠ 1 से अनुपात है।6 15ण् ;ग ़ ंद्धद के प्रसार में, यदि विषम पदों के योग को व् से तथा सम पदों के योग को म् से निदिर्ष्ट किया जाता है, तो सि( कीजिए कि ;पद्ध व्2 दृ म्2 त्र ;ग2 दृ ं2द्धद ;पपद्ध 4व्म् त्र ;ग ़ ंद्ध2द दृ ;ग दृ ंद्ध2 द ⎛ 1⎞2द 16ण् यदि ⎜ग2 ़ ⎠⎟के प्रसार में गच आता है, तो सि( कीजिए कि इसका गुणांक⎝ ग 2द है।4द −च 2द ़च 3 3 ⎛3 2 1 ⎞9 17ण् ;1 ़ ग ़ 2ग3द्ध ⎜ग −⎟के प्रसार में ग से स्वतंत्रा पद ज्ञात कीजिए।⎝23ग ⎠वस्तुनिष्ठ प्रश्न प्रश्न 18 से 24 तक प्रत्येक के लिए दिए हुए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए;डण्ब्ण्फण्द्ध 18ण् ;ग ़ ंद्ध100 ़ ;ग दृ ंद्ध100 के प्रसार में सरलीकरण के बाद पदों की वुफल संख्या है ;।द्ध 50 ;ठद्ध 202 ;ब्द्ध 51 ;क्द्ध इनमें से कोइर् नहीं। 19ण् दिया हुआ है कित झ 1ए द झ 2 और ;1 ़ गद्ध2द के द्विपद प्रसार में ;3तद्धवें और ;त ़ 2द्धवें पदों के गुणांक बराबर हैं, तो ;।द्ध द त्र 2त ;ठद्ध द त्र 3त ;ब्द्ध द त्र 2त ़ 1 ;क्द्ध इनमें से कोइर् नहीं 20ण् ;1 ़ गद्ध24 के प्रसार में दो उत्तरोत्तर पद, जिनके गुणांकों का अनुपात 1ः 4 है, निम्नलिख्िात हैं ;।द्ध तीसरा और चैथा ;ठद्ध चैथा और पाँचवां ;ब्द्ध पाँचवां और छठा ;क्द्ध छठा और सातवां 24 ब्1 त ़11तख्संकेतरू त्र⇒ त्र ⇒ 4त ़ 4 त्र 24 दृ 4 ⇒ ,त त्र424ब् 424 −त 4त़1 21ण् ;1 ़ गद्ध2द और ;1 ़ गद्ध2द दृ 1 के प्रसारों में गद के गुणांकों का अनुपात है ;।द्ध 1 रू 2 ;ठद्ध 1 रू 3 ;ब्द्ध 3 रू 1 ;क्द्ध 2 रू 1 रू 2द दृ 1ब्ख्संकेत रू 2द ब्दद , 22ण् यदि ;1 ़ गद्धद के प्रसार में दूसरे, तीसरे और चैथे पदों के गुणांक समांतर श्रेणी में हैं, तो द का मान हैः ;।द्ध 2 ;ठद्ध 7 ;बद्ध11 ;क्द्ध14 ख्संकेतरू 2 दब्2 त्र दब्1 ़ दब्3 ⇒ द2 दृ 9द ़ 14 त्र 0 ⇒ द त्र 2 या 7, । 23ण् यदि। और ठ क्रमशः;1 ़ गद्ध2 द और ;1 ़ गद्ध2द दृ 1 के प्रसारों मेंगद के गुणांक हैं, तो बराबर हैःठ द्विपद प्रमेय 145 1 1 ;।द्ध 1 ;ठद्ध2 ;ब्द्ध ;क्द्ध2 द ।2द ब्दख्संकेतरू त्र द−त्र2,ठ 21ब्द ⎛1 ⎞10 7 24ण् यदि ⎜़गेपद ग ⎟ का मध्य - पद 7 है, तोग का मान है⎝ग ⎠ 8 ππ ππ;।द्ध 2दπ ़ ;ठद्ध दπ ़ ;ब्द्ध दπ ़ ;दृ1द्धद ;क्द्ध दπ ़ ;दृ1द्धद 66 63 10 1 5 563 ख्संकेतरू ज्6 त्र ब्5 ⋅ग ेपद ग त्र ⇒ ेपद5 ग त्र 15 ⇒ेपद ग त्र 1 5 22ग 8 π ⇒ ग त्र दπ ़ ;दृ1द्धद ,6 प्रश्न 25 से 33 तक रिक्त स्थानों की पूतिर् कीजिए रू 25ण् ;1 ़ गद्ध30 के प्रसार में सबसे बड़ा गुणांक ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ है। 26ण् ;ग ़ ल ़ ्रद्धद के प्रसार में पदों की संख्या ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ है। ख्संकेतरू ;ग ़ ल ़ ्रद्धद त्र ख्ग ़ ;ल ़ ्रद्ध,द, ⎛ 2 ⎞16 27ण् ग − 1 के प्रसार में अचर पद का मान ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ है।⎜ 2 ⎟⎝ ग ⎠ ⎛31 ⎞द 28ण् यदि⎜ 2 ़ 3 ⎠ के प्रसार में प्रारंभ से और अंतिम पद से सातवां पद बराबर हैं, तो द3 ⎟⎝ ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ के बराबर है। ; द −6 1 द−616 ख्संकेतरू ज् त्र ज् ⇒ द ब्23 द्ध⎛ 1 ⎞ त्र द ब् ;23 द्ध6 ⎛ 1 ⎞ 6 −6 ⎜7द दृ 7 ़ 2 ⎜ 1 ⎟ द 1 ⎟ ⎟⎜ 3 ⎟⎜⎝33 ⎠⎝3 ⎠ द−12 1 द−12 ⎛ 1 ⎞ ⇒ ;द्ध त्र⎜ 1 ⎟ ⇒ केवल तभी संभव जब द दृ 12 त्र 0 ⇒ द त्र 12,23 ⎜ ⎟33 ⎠⎝ ⎛1 2इ29ण् ⎜− ⎞10 के प्रसार में ंदृ6 इ4 का गुणांक ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ है।⎟⎝ं 3 ⎠ 10 1 इ ⎛2इ ⎞4 1120 −64⎛⎞−ख्संकेत रू ज् त्रब् ⎜⎟⎜ ⎟त्र ंइ ,54 ⎝⎠⎝3 ⎠ 27 ं 30ण् ;ं3 ़ इंद्ध28 के प्रसार में मध्य - पद ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ है। 31ण् ;1 ़ गद्धच ़ ु के प्रसार में गच और गु के गुणांकों का अनुपात ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ है। ख्संकेत रू च ़ ुब्च त्र च ़ ुब्ु, ⎛ग 3 ⎞10 32ण् ⎜ ़⎟के प्रसार में ग से स्वतंत्रा पद का स्थान ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ है।⎝32ग 2 ⎠33ण् यदि 2515 को 13 से भाग दिया जाए, तो शेषपफल ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ है। प्रश्न 34 से 40 तक, कौन से कथन सत्य हैं और कौन से असत्य हैं: 10 ब्19 ब्10 34ण् श्रेणी ∑20 त का योग 2 ़ 20 है।त त्र0 2 35ण् व्यंजक 79 ़ 97, 64 से विभाज्य है। संकेतरू 79 ़ 97 त्र ;1 ़ 8द्ध7 दृ ;1 दृ 8द्ध9 36ण् ख्;2ग ़ ल3द्ध4,7 के प्रसार में पदों की संख्या 8 है। 37ण् ;1 ़ गद्ध2द दृ 1 के प्रसार में दोनों मध्य - पदों के गुणांकों का योग2द दृ 1ब्के बराबर है।38ण् संख्या 3400 के अंतिम दो अंक01 हैं। द ⎛ 12द 39ण् यदि ⎜ग −2 ⎞⎟ के प्रसार में ग से स्वतंत्रा एक पद है, तो दए संख्या 2 का एक गुणज है।⎝ ग ⎠ 40ण् ;ं ़ इद्धद जहाँ द ∈ छए के प्रसार में पदों की संख्या घात द से एक कम है।

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