6ण्1 समग्र अवलोकन ;व्अमतअपमूद्ध 6ण्1ण्1 एक कथन जिसमें ष्झष्, ष्ढष्ए ष्≥ष्, ष्≤ष् के चिÉ प्रयुक्त होते हैंऋ असमिका कहलाती है। उदाहरणतः 5 झ 3ए ग ≤ 4ए ग ़ ल ≥ 9ण् ;पद्ध जिन असमिकाओं में चर सम्िमलित नहीं होते उन्हें संख्यांक असमिकाएँ कहते हैं। उदाहरणतः 3 ढ 8ए 5 ≥ 2ण् ;पपद्ध जिन असमिकाओं में चर सम्िमलित होते हैं उन्हें शाब्िदक ;चरांकद्ध असमिका कहते हैं।उदाहणतः ग झ 3ए ल ≤ 5ए ग दृ ल ≥ 0ण् ;पपपद्ध किसी असमिका में एक से अिाक चर हो सकते हैं और यह असमिका रैख्िाक, द्विघातीय अथवात्रिाघातीय इत्यादि हो सकती है। उदाहरणतः 3ग दृ 2 ढ 0 एक चर वाली रैख्िाक असमिका है,2ग ़ 3ल ≥ 4 दो चर वाली रैख्िाक असमिका है और ग2 ़ 3ग ़ 2 ढ 0 एक चर वाली द्विघातीयअसमिका है।;पअद्ध ऐसी असमिकाएँ जिनमें ष्झष् अथवाष्ढष् प्रयुक्त होते हैं, दृढ़ असमिकाएँ कहलाती हैं। उदाहरणतः3ग दृ ल झ 5ए ग ढ 3ण् ;अद्ध जिस असमिका में ष्≥ष् अथवा ष्≤ष् चिÉ प्रयुक्त होते हैं उसे श्िाथ्िाल असमिका कहते हैं।उदाहरणतः 3ग दृ ल ≥ 5ए ग ≤ 5ण् 6ण्1ण्2 असमिका का हल;पद्ध चर का वह मान ;अथवा चरों के वे मानद्ध जो दी हुइर् असमिका को एक सत्य कथन बनाताहो ;बनाते होंद्ध, उस असमिका का हल कहलाता है। किसी असमिका के सभी हलों कासमुच्चय उस असमिका का हल समुच्चय कहलाता है। उदाहरणतः असमिका ग दृ 1 ≥ 0 के अनंत हल हैं क्योंकि एक के बराबर अथवा अिाक मान वाली वास्तविक संख्याएँ इस असमिकाको एक सत्य कथन बनाती हैं। त् के अंतगर्त असमिका ग2 ़ 1 ढ 0 का कोइर् हल नहीं है क्योंकि ग का कोइर् भी वास्तविक मान इसे एक सत्य कथन नहीं बनाता है। एक असमिका को हल करने के लिए हम: ;पद्ध उसके दोनों पक्षों में समान संख्या जोड़ सकते हैं अथवा दोनों पक्षों से समान संख्या घटा सकतेहैं। ऐसा करने पर असमिका का चिÉ परिवतिर्त नहीं होता है। ;पपद्ध उसके दोनोें पक्षों को समान धनात्मक संख्या से गुणा ;भागद्ध कर सकते हैं। ऐसा करने पर भीअसमिका चिÉ परिवतिर्त नहीं होता है। तथापि असमिका के दोनों पक्षों को समान )णात्मकसंख्या से गुणा अथवा भाग करने पर असमिका का चिÉ बदल जाता है अथार्त, ष्झष् का चिÉ ष्ढष् के चिÉ में परिवतिर्त हो जाता है और विलोमतः रैख्िाक असमिकाएँ 99 6ण्1ण्3 एक चर वाली रैख्िाक असमिका के हल का संख्या रेखा पर निरूपण एक चर वाली रैख्िाक असमिका के हल को संख्या रेखा पर निरूपित करने के लिए हम निम्नलिख्िात परिपाटियों ;प्रथाओंद्ध का उपयोग करते हैंः ;पद्ध यदि असमिका में ष्≥ष् अथवा ष्≤ष्ए के चिÉ सम्िमलित हैं तो हम संख्या रेखा पर एक छायांकितवृत्त ;ऽद्ध बनाते हैं जो यह सूचित करता है कि छायांकित वृत्त के संगत संख्या हल समुच्चय में सम्िमलित है। ;पपद्ध यदि असमिका में ष्झष् अथवा ष्ढष् के चिÉ सम्िमलित हैं तो हम संख्या रेखा पर एक वृत्त ;व्द्ध बनाते हैं जो यह सूचित करता है कि वृत्त के संगत संख्या हल समुच्चय में सम्िमलित नहीं है। 6ण्1ण्4 रैख्िाक असमिका के हल का आलेखीय निरूपण ;ंद्ध एक अथवा दो चरों वाली रैख्िाक असमिका के हल का किसी तल में आलेखीय निरूपण करने के लिए हम निम्नानुसार बढ़ते हैंः ;पद्ध यदि असमिका मेंष्≥ष् अथवाष्≤ष्ए के चिÉ सम्िमलित हैं तो हम संबंिात रेखा के आलेख को एक मोटी रेखा के रूप में खींचते हैं जो यह सूचित करता है कि रेखा के बिंदु हल समुच्चय में सम्िमलित हैं। ;पपद्ध यदि असमिका मेंष्झष् अथवाष्ढष् के चिÉ सम्िमलित हैं तो हम संबंिात रेखा के आलेख को बिंदुकित रेखा के रूप में खींचते हैं जो यह सूचित करता है कि रेखा के बिंदु हल समुच्चय में सम्िमलित नहीं हैं। ;इद्ध एक चर वाली रैख्िाक असमिका के हल को संख्या रेखा एवं तल दोनों ही पर निरूपित किया जा सकता है परंतु ंग ़ इल झ बए ंग ़ इल ≥ बए ंग ़ इल ढ ब अथवा ंग ़ इल ≤ ब ;ं ≠ 0ए इ ≠ 0द्ध के जैसी दो चरों वाली रैख्िाक असमिकाओं के हल को केवल एक तल पर ही निरूपित किया जा सकता है। ;बद्ध दो अथवा अिाक असमिकाएँ मिलकर असमिका निकाय बनाती हैं और इस असमिका निकाय का हल निकाय में सम्िमलित सभी असमिकाओं का उभयनिष्ठ हल होता है। 6ण्1ण्5 दो महत्त्वपूणर् नियम ;ंद्ध यदि ंए इ ∈ त् एवं इ ≠ 0ए हो तो ं ;पद्ध ंइ झ 0 अथवा इ झ 0 ⇒ ं तथा इ के चिÉ समान होते हैं। ;पपद्ध ंइ ढ 0 अथवा इ ढ 0 ⇒ ं तथा इ के चिÉ एक दूसरे के विपरीत होते हैं। ;इद्ध यदि ं कोइर् भी धनात्मक वास्तविक संख्या है, अथार्त ं झ 0, तो ;पद्ध द्यग द्य ढ ं ⇔ दृ ं ढ ग ढ ं द्यग द्य ≤ ं ⇔ दृ ं ≤ ग ≤ ं ;पपद्ध द्यग द्य झ ं ⇔ ग ढ दृ ं अथवा ग झ ं द्यग द्य ≥ ं ⇔ ग ≤ दृ ं अथवा ग ≥ ं ं6ण्2 हल किए हुए उदारहण लघु उत्तरीय ;ैण्।ण्द्ध उदाहरण 1 असमिका 3ग दृ 5 ढ ग ़ 7 को हल कीजिए जहाँ ;पद्ध ग एक प्राकृतिक संख्या है ;पपद्ध ग एक पूणर् संख्या है ;पपपद्ध ग एक पूणा±क है ;पअद्ध ग एक वास्तविक संख्या है हल 3ग दृ 5 ढ ग ़ 7 ⇒ 3ग ढ ग ़ 12 ;दोनों पक्षों पर 5 जोड़ने परद्ध ⇒ 2ग ढ 12 ;दोनों पक्षों से ग घटाने परद्ध ⇒ ग ढ 6 ;दोनों पक्षों को 2 से भाग करने परद्ध ;पद्ध क्ष्1ए 2ए 3ए 4ए 5द्व हल समुच्चय है। ;पपद्ध क्ष्0ए 1ए 2ए 3ए 4ए 5द्व हल समुच्चय है। ;पपपद्ध क्ष्ण्ण्ण्ण्दृ 3ए दृ 2ए दृ1ए 0ए 1ए 2ए 3ए 4ए 5द्व हल समुच्चय है। ;पअद्ध क्ष्ग रू ग ∈ त् और ग ढ 6द्व हल समुच्चय हैं, अथार्त, 6 से छोटी सभी वास्तविक संख्याएँ हल समुच्चय में सम्िमलित हैं। ग −2उदाहरण 2 झ 2 को हल कीजिएग ़5 ग −2 हल झ 2 ग ़5 ग −2 झ⇒ दृ20 ¹दोनों पक्षों से 2 घटाने परह्ग ़5 दृ;ग ़12द्ध झ 0⇒ ग ़5 ग ़12 ⇒ ढ 0 ¹दोनों पक्षों को μ1 से गुणा करने परह्ग ़5 ं⇒ ग ़ 12 झ 0 और ग ़ 5 ढ 0 ख्क्योंकि इ ढ 0 ⇒ ं तथा इ के विपरीत चिÉ हैं, अथवा ग ़ 12 ढ 0 और ग ़ 5 झ 0 ⇒ ग झ दृ 12 और ग ढ दृ 5 अथवा ग ढ दृ 12 और ग झ दृ 5 ;असंभवद्ध इसलिए दृ 12 ढ ग ढ दृ5ए अथार्त्, ग ∈ ;दृ12ए दृ5द्ध रैख्िाक असमिकाएँ 101 3दृ4 गउदाहरण 3 ≥9 को हल कीजिए। 3दृ4 ग ≥9हल हमें ज्ञात है कि ग⇒ 3 दृ 4ग ≤ दृ 9 या 3 दृ 4ग ≥ 9 ¹क्योंकि ≥ं ⇒ ग ≤ दृ ं अथवा ग ≥ ं, ⇒ दृ 4ग ≤ दृ 12 या दृ 4ग ≥ 6 ⇒ ग ≥ 3 या ग ≤ − 23 ¹दोनों पक्षों को μ4 से भाग करने परह् ⇒ ग∈−∞ए −3, ख्3ए द्ध; ∪∞ 2 उदाहरण 4 1 ≤ द्यग दृ2 द्य ≤ 3 को हल कीजिए। हल हमें ज्ञात है कि, 1 ≤ द्यग दृ 2द्य ≤ 3 ⇒ 21ग −≥ और 23ग −≤ ⇒ ;ग दृ 2 ≤ दृ 1 या ग दृ 2 ≥ 1द्ध और ;दृ 3 ≤ ग दृ 2 ≤ 3द्ध ⇒ ;ग ≤ 1 या ग ≥ 3द्ध एवं ;दृ 1 ≤ ग ≤ 5द्ध ⇒ ग ∈ ;दृ ∞ए 1, ∪ ख्3ए ∞द्ध और ग ∈ ख् दृ1ए 5, दोनों असमिकाओं के हलों को सम्िमलित करने पर ग ∈ ख्दृ1ए 1, ∪ ख्3ए 5, उदाहरण 5 किसी उत्पाद के लागत पफलन एवं राजस्व पफलन क्रमशः ब्;गद्ध त्र 20 ग ़ 4000 एवं त्;गद्ध त्र 60ग ़ 2000 हैं जहाँ ग निमिर्त कीे गईं एवं बेची गईं वस्तुओं की संख्या है। वुफछ लाभ अजिर्त करने के लिए कितनी वस्तुएँ अवश्य बेची जानी चाहिए? हल हम जानते हैं कि, लाभ = राजस्व μ लागत त्र ;60ग ़ 2000द्ध दृ ;20ग ़ 4000द्ध त्र40ग दृ 2000 वुफछ लाभ अजिर्त करने के लिए, 40ग दृ 2000 झ 0 ⇒ ग झ 50 अतः वुफछ लाभ अजिर्त करने के लिए निमार्ता को 50 से अिाक वस्तुएँ बेचनी चाहिए उदाहरण 6 ग 1़़ग झ3 को ग के लिए हल कीजिए। हल दी हुइर् असमिका के बाएँ पक्ष में दो पद ऐसे हैं जिनमें मापांक ;डवकनसनेद्ध का प्रतीक अंतविर्ष्ट हैं। मापांक के अंदर वाले व्यंजक को शून्य के बराबर रखने पर हमें ग त्र दृ 1ए 0 क्रांतिक बिंदुओं के रूप में प्राप्त होते हैं। ये क्रांतिक बिंदु वास्तविक रेखा को तीन भागों में ;दृ ∞ए दृ 1द्धए ख्दृ1ए 0द्धए ख्0ए ∞द्ध में विभाजित करते हैं। 102 प्रश्न प्रद£शका स्िथति ;केस द्ध.प् जब दृ ∞ ढ ग ढ दृ 1 ग 1़़ग झ3 ⇒ दृ ग दृ 1 दृ ग झ 3 ⇒ ग ढ दृ 2ण् स्िथति ;केसद्ध.प्प् जब दृ 1 ≤ ग ढ 0ए ग 1़़ग झ3 ⇒ ग ़ 1 दृ ग झ 3 ⇒ 1 झ 3;असंभवद्ध स्िथति ;केसद्ध.प्प्प् जब 0 ≤ ग ढ ∞ए ग 1़़ग झ3 ⇒ ग ़ 1 ़ ग झ 3 ⇒ ग झ 1ण् ;प्द्धए ;प्प्द्ध एवं ;प्प्प्द्ध के परिणामों को सम्िमलित करने पर ग ∈ ;दृ ∞ ए दृ 2द्ध ∪ ;1ए ∞द्ध दीघर् उत्तरीय ;स्ण्।ण्द्ध ग 3़़गउदाहरण 7 झ1 को ग के लिए हल कीजिए।ग ़2 ग 3़़ग हल हमें ज्ञात है कि, झ1 ग ़2 ग 3़़ग दृ10झ⇒ ग ़2 ग 3़−2 झ0⇒ ग ़2 अब दो स्िथतियाँ उत्पन्न होती हैंः स्िथति ;केसद्ध प् जब ग ़ 3 ≥ 0ए अथार्त् ग ≥ दृ 3 तब ग ़−32 ग ़−32झ0 ⇒ झ0 ग ़2 ग ़2 ग ़1 झ0⇒ ग ़2 ⇒ क्ष्;ग ़ 1द्ध झ 0 और ग ़ 2 झ 0द्व या क्ष्ग ़ 1 ढ 0 एवं ग ़ 2 ढ 0द्व ⇒ क्ष्ग झ दृ1 और ग झ दृ2द्व या क्ष्ग ढ दृ 1 और ग ढ दृ 2द्व ⇒ ग झ दृ1 या ग ढ दृ 2 ⇒ ग ∈ ;दृ1ए ∞द्ध या ग ∈ ;दृ ∞ए दृ 2द्ध ⇒ ग ∈ ;दृ3ए दृ2द्ध ∪ ; दृ 1ए ∞द्धख्क्योंकि ग ≥ दृ 3, ण्ण्ण् ;1द्ध रैख्िाक असमिकाएँ 103 स्िथति ;केसद्ध प्प् जब ग ़ 3 ढ 0ए अथार्त् ग ढ दृ 3 ग ़−32 −ग −−32 झ0 झ0⇒ ग ़2 ग ़2 −;ग ़5द्ध ग ़5झ0 ढ0⇒ ⇒ग ़2 ग ़2 ⇒ ;ग ़ 5 ढ 0 और ग ़ 2 झ 0द्ध या ;ग ़ 5 झ 0 और ग ़ 2 ढ 0द्ध ⇒ ;ग ढ दृ 5 और ग झ दृ 2द्ध या ;ग झ दृ 5 और ग ढ दृ2द्ध यह असंभव है इसलिये ग ∈ ;दृ 5 ए दृ 2द्ध ण्ण्ण् ;2द्ध ;प्द्ध तथा ;प्प्द्ध को सम्िमलित करने पर ग ∈ ;दृ 5 ए दृ 2द्ध ∪ ;दृ 1ए ∞द्ध अभीष्ट हल के रूप में प्राप्त होता है। उदाहरण 8 निम्नलिख्िात असमिका निकाय को हल कीजिएः ग 16ग 1≥ढए2ग ़1 44ग −12 ग 1 हल प्रथम असमिका से या −≥0 2ग ़1421ग −≥0⇒ 2ग ़1 ⇒ ;2ग दृ 1 ≥ 0 और 2ग ़ 1 झ 0द्ध या ;2ग दृ 1 ≤ 0 और 2ग ़ 1 ढ 0द्ध 1 111⇒ ;ग ≥ 2 और ग झ दृ द्ध या ;ग ≤ और ग ढ दृ द्ध2221 1 ⇒ ग ≥ या ग ढ दृ2 211⇒ ग ∈ ; दृ ∞ ए दृ द्ध ∪ ख्2ए ∞द्ध ण्ण्ण् ;1द्ध26ग 1−ढ दूसरी असमिका से 0 4ग −1281ग ़ढ0⇒ 4दृ1 ग ⇒ ;8ग ़ 1 ढ 0 और 4ग दृ 1 झ 0द्ध या ;8ग ़ 1 झ 0 और 4ग दृ 1 ढ 0द्ध 11 11⇒ ;ग ढ − और ग झ द्ध या ;ग झ − या ग ढ द्ध84 84 ;यह असंभव हैद्ध ⇒ ग ∈ ; −1ए 1द्ध ण्ण्ण् ;2द्ध84 ध्यान दीजिए ;1द्ध और ;2द्ध का उभयनिष्ठ हल रिक्त समुच्चय है। अतः दिए हुए असमिका निकाय का कोइर् हल नहीं है। उदाहरण 9 ऐसी रैख्िाक असमिकाएँ ज्ञात कीजिए जिनका हल समुच्चय नीचे दी गइर् आकृति का छायांकित भाग है। हल ;पद्ध 2ग ़ 3ल त्र 3 पर विचार कीजिए। हम देखते हैं कि छायांकित क्षेत्रा एवं मूल बिंदु ;0ए 0द्ध इस रेखा की विपरीत ओर स्िथत हैं। मूल बिन्दु ;0ए 0द्ध असमिका 2ग ़ 3ल ≤ 3 को संतुष्ट करता है। इसलिए रेखा 2ग ़ 3ल त्र 3 के संगत असमिका ग ़ 3ल ≥ 3 होनी चाहिए। ;पपद्ध 3ग ़ 4ल त्र 18 पर विचार कीजिए। हम देखते हैं कि छायांकित क्षेत्रा एवं मूल बिंदु ;0ए 0द्ध उस रेखा के एक ही तरपफ स्िथत है और बिंदु ;0ए0द्ध असमिका 3ग ़ 4ल ≤ 18 को संतुष्ट करता है। इसलिए 3ग ़ 4ल ≤ 18ए रेखा 3ग ़ 4ल त्र 18ए की संगत असमिका है। ;पपपद्ध दृ7ग ़ 4ल त्र 14 पर विचार कीजिए। आकृति को देखकर यह स्पष्ट है कि छायांकित क्षेत्रा एवं मूल बिंदु इस रेखा के एक ही ओर स्िथत है और बिंदु ;0ए 0द्ध असमिका दृ 7ग ़ 4ल ≤ 14 को संतुष्ट करता है। इसलिए रेखा दृ7ग ़ 4ल त्र 14 की संगत असमिका दृ7ग ़ 4ल ≤ 14 है। ;पअद्ध ग दृ 6ल त्र 3 पर विचार कीजिए। ध्यान दीजिए छायांकित क्षेत्रा एवं मूल बिंदु इस रेखा के एक ही दिशा में स्िथत हैं और बिंदु;0ए 0द्ध असमिका ग दृ 6ल ≤ 3 को संतुष्ट करता है। इसलिए रेखा ग दृ 6ल त्र 3 की संगत असमिका ग दृ 6ल ≤ 3 है। ;अद्ध यह भी ध्यान दीजिए कि छायांकित क्षेत्रा केवल प्रथम चतुथा±श में स्िथत हैं इसलिए ग ≥ 0ए ल ≥ 0ण् अतः ;पद्धए ;पपद्धए ;पपपद्धए ;पअद्ध एवं ;अद्ध से दिये हुए हल समुच्चय के संगत निम्नलिख्िात रैख्िाक असमिकाएँ प्राप्त होती हैंः 2ग ़ 3ल ≥ 3ए 3ग ़ 4ल ≤ 18ए दृ7ग ़ 4ल ≤14ए ग दृ 6ल ≤ 3ए ग झ 0ए ल ≥ 0 वस्तुनिष्ठ प्रश्न ;व्इरमबजपअम जलचमद्ध 10 से 13 तक के उदाहरणों में से प्रत्येक में दिये हुए चार विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए ;डण्ब्ण्फण्द्धरू रैख्िाक असमिकाएँ 105 ग−2उदाहरण 10 यदि ≥0 , तोग−2 ;।द्ध ग ∈ ख्2ए ∞द्ध ;ठद्ध ग ∈ ;2ए ∞द्ध ;ब्द्ध ग ∈ ;दृ ∞ए 2द्ध ;क्द्ध ग ∈ ;दृ ∞ए 2, ग−2 हल सही विकल्प ;ठद्ध है। क्योंकि ≥0 के लिए ग −2 ≥ 0ए और ग दृ 2 ≠ 0 ग−2 उदाहरण 11 एक आयत की लंबाइर् उसकी चैड़ाइर् का तीन गुना है। यदि आयत का न्यूनतम परिमाप 160 सेमी है, तो ;।द्ध चैड़ाइर् झ 20 सेमी ;ठद्ध लंबाइर् ढ 20 सेमी ;ब्द्ध चैड़ाइर् ग ≥ 20 सेमी ;क्द्ध लंबाइर् ≤ 20 सेमी हल ;ब्द्ध सही विकल्प है। क्योंकि यदि चैड़ाइर् ग सेमी है तो 2 ;3ग ़ गद्ध ≥ 160 ⇒ ग ≥ 20 उदाहरण12 ग चर वाले असमिका निकाय के हल को नीचे प्रदश्िार्त संख्या रेखाओं पर निरूपित किया गया है, तो आकृति 6ण्2 ;।द्ध ग ∈ ;दृ ∞ए दृ 4द्ध ∪ ;3ए ∞द्ध ;ठद्ध ग ∈ ख्दृ 3ए 1, ;ब्द्ध ग ∈ ;दृ ∞ए दृ 4द्ध ∪ ख्3ए ∞द्ध ;क्द्ध ग ∈ ख्दृ 4ए 3, हल ;।द्ध सही विकल्प है। असमिकाओं का उभयनिष्ठ हल ;दृ ∞ से दृ 4 तकद्ध और 3 से ∞ तक है। उदाहरण 13 यदि 3ग ़≥10 ए तो ;।द्ध ग ∈ ;दृ 13ए 7, ;ठद्ध ग ∈ ;दृ 13ए 7द्ध ;ब्द्ध ग ∈ ;दृ ∞ए दृ 13, ∪ ख्7ए ∞द्ध ;क्द्ध ग ∈ ख्दृ ∞ए दृ 13, ∪ ख्7ए ∞द्ध हल ;ब्द्ध सही विकल्प है क्योंकि ग ़310 ≥ ए ⇒ ग ़ 3 ≤ दृ 10 या ग ़ 3 ≥ 10 ⇒ ग ≤ दृ 13 या ग ≥ 7 ⇒ ग ∈ ;दृ ∞ए दृ 13, ∪ ख्7ए ∞द्ध उदाहरण 14 बताइए कि निम्नलिख्िात में से कौन - सा कथन सत्य है और कौन - सा असत्य है? ;पद्ध यदि ग झ ल और इ ढ 0ए तो इग ढ इल ;पपद्ध यदि गल झ 0ए तो ग झ 0ए और ल ढ 0 ;पपपद्ध यदि गल ढ 0ए तो ग झ 0ए और ल झ 0 ;पअद्ध यदि ग झ 5 और ग झ 2ए तो ग ∈ ;5ए ∞द्ध आकृति 6ण्3 ;अद्ध यदि द्यगद्य ढ 5ए तो ग ∈ ;दृ 5ए 5द्ध ;अपद्ध गझ दृ 2 का आलेख आकृति 6.4 है। ;अपपद्ध गदृ ल ≤ 0 का हल समुच्चय आकृति 6.3 है। हल ;पद्ध सत्य, क्योंकि किसी भी असमिका के दोनों पक्षों को)णात्मक संख्या से गुणा करने पर असमिका का चिÉबदल जाता है। ;पपद्ध असत्य, क्योंकि दो संख्याओं का गुणनपफल धनात्मक होताहै जब उन दोनों संख्याओं के चिÉ समान होते हैं। ;पपपद्ध असत्य, क्योंकि दो संख्याओं का गुणनपफल )णात्मक होताहैं जब उन दोनों संख्याओं के चिÉ विपरीत होते हैं। ;पअद्ध सत्य ;अद्ध सत्य, क्योंकि द्य गद्य ढ 5 ⇒ दृ 5 ढ ग ढ 5 ⇒ ग ∈ ;दृ 5ए 5द्ध ;अपद्ध असत्य, क्योंकि गझ दृ 2 के लिए रेखा गत्र दृ2 को बिन्दुकित होना चाहिए अथार्त् अभीष्ट क्षेत्रा में रेखा ग त्र दृ2 के बिंदु सम्िमलित नहीं हैं। ;अपपद्ध असत्य, क्योंकि बिंदु;1ए 0द्ध दी हुइर् असमिका को संतुष्ट नहीं करता है और यह छायांकित भाग का एक बिंदु है। उदाहरण 15 निम्नलिख्िात में रिक्त स्थानों की पूतिर् कीजिएः ;पद्ध यदि ग ≥ दृ 3ए तो ग ़ 5 ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् 2 ;पपद्ध यदि दृ ग ≤ दृ 4ए तो 2ग ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् 8 1;पपपद्ध यदि ढ 0ए तो ग ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् 2 ग−2 ंइ ;पअद्ध यदि ं ढ इ और ब ढ 0ए तो ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् ;अद्ध यदि बब 12ग−≤ ए तो दृ 1ण्ण्ण्ण्ण् ग ण्ण्ण्ण् 3 5 ;अपद्ध यदि द्य3ग दृ 7द्य झ 2ए तो ग ण्ण्ण्ण् या ग ण्ण्ण्ण्33 ;अपपद्ध यदि च झ 0 एवं ु ढ 0ए तो च ़ ु ण्ण्ण् च हल ;पद्ध ;≥द्धए क्योेंकि असमिका के चिÉ को परिवतिर्त किये बिना उसके दोनों पक्षों में समान संख्या जोड़ी जा सकती है। ;पपद्ध ;≥द्धए क्योंकि दोनों पक्षों को दृ 2 से गुणा करने के पश्चात् असमिका का चिÉ बदल जाता है। रैख्िाक असमिकाएँ 107 ं;पपपद्ध ;ढद्धए क्योंकि यदि इ ढ 0 और ं झ 0ए तो इ ढ 0 ;पअद्ध ;झद्धए क्योंकि दोनों पक्षों को समान )णात्मक संख्या से गुणा करने पर असमिका का चिÉ बदल जाता है। ग −≤;अद्ध ;≤ए ≤ द्धए 12 ⇒ दृ 2 ≤ ग दृ 1 ≤ 2 ⇒ दृ1 ≤ ग ≤ 3 ;अपद्ध ;ढए झ द्धए द्य3ग दृ 7द्य झ 2 ⇒ 3ग दृ 7 ढ दृ2 या 3ग दृ 7 झ 2 5 ⇒ ग ढ या ग झ 33 ;अपपद्ध ;ढद्धए क्योंकि च धनात्मक है और ु )णात्मक है, इसलिए च ़ ु हमेशा च से छोटा है। लघु उत्तरीय प्रश्न ;ैण्।ण्द्ध प्रश्न संख्या 1 से 6 तक की असमिकाओं को ग के लिए हल कीजिएः ग 21 1−− 146≤≤ 2ण् ≤0 3ण् ≤1ण् 3 ए ;ग झ 0द्ध ग −2दृ2 ग दृ32 ग ़1 ग ़1 23ग−4ण् 15ए ग −≤ ग ≥2 5ण् दृ 5 ≤ ≤9 4 6ण् 4ग ़ 3 ≥ 2ग ़ 17ए 3ग दृ 5 ढ दृ 2 7ण् वैफसेट बनाने वाली किसी कंपनी के लागत एवं राजस्व पफलन क्रमशः ब्;गद्ध त्र 26ए000 ़ 30ग एवंत्;गद्ध त्र 43ग है, जहाँग एक सप्ताह मंे निमिर्त किए गए एवं बेचे गए वैफसेटों की संख्या है।वुफछ लाभ अजिर्त करने के लिए कंपनी द्वारा कितनी वैफसेट अवश्य बेचे जाने चाहिए?8ण् किसी तालाब के पानी की अम्लता सामान्य तब मानी जाती है जब प्रतिदिन के तीन मापों कीऔसत चभ् पाठ्यांक 8.2 एवं 8.5 के मध्य रहता है। यदि प्रथम दो चभ् पाठ्यांक 8.48 एवं 8.35 हैं तो तीसरी पाठ्यांकके चभ् मान का परिसर ;रेंजद्ध ज्ञात कीजिए ताकि तालाब के पानीकी अम्लता सामान्य रहे।9ण् 9ः अम्ल वाले किसी विलयन को हल्का करने के लिए उसमें 3ः अम्ल वाला विलयनमिलाया जाता है। इस प्रकार प्राप्त मिश्रण में 5» से अिाक एवं 7» से कम अम्ल होना चाहिए।9» वाले विलयन की मात्रा यदि 460 लीटर है तो ज्ञात कीजिए कि 3» वाले विलयन कीकितनी मात्रा मिलाने की आवश्यकता है? 10ण् किसी विलयन को40°ब् एवं45°ब् तापमान के बीच ही रखना है। पफाॅरेनहाइट पैमाने पर तापमान9का परिसर ;रेंजद्ध ज्ञात कीजिए यदि परिवतर्न सूत्रा थ् त्र 5ब् ़ 32 है। 11ण् किसी त्रिाभुज की सबसे बड़ी भुजा सबसे छोटी भुजा से दुगनी है एवं तीसरी भुजा सबसे छोटी भुजा से 2 सेमी अिाक है। यदि त्रिाभुज का परिमाप 166 सेमी से अिाक है तो सबसे छोटीभुजा की न्यूनतम लंबाइर् ज्ञात कीजिए। 12ण् विश्व का सबसे गहरा छेद करते हुए ज्ञात हुआ कि पृथ्वी की सतह से ग किमी नीचे का तापमान ज् डिग्री सेल्िसयस में ज् त्र 30 ़ 25 ;ग दृ 3द्धए 3 ≤ ग ≤ 15 होता है। ज्ञात कीजिए कि कितनी गहराइर् पर तापमान155°ब् एवं 205°ब् के मध्य होगा? दीघर् उत्तरीय प्रश्न ;स्ण्।ण्द्ध ग ़1 ग ़713ण् निम्नलिख्िात असमिका निकाय को हल कीजिएः 2 झ 5ए झ 2 7ग −1 ग −8 14ण् ऐसी रैख्िाक असमिकाएँ ज्ञात कीजिए जिनका हल समुच्चय नीचे प्रदश्िार्त आकृति का छायांकित भाग है। आकृति 6ण्5 15ण् ऐसी रैख्िाक असमिकाएँ ज्ञात कीजिए जिनका हल समुच्चय नीचे दी हुइर् आकृति का छायांकित भाग है। आकृति 6ण्6 रैख्िाक असमिकाएँ 109 16ण् सि( कीजिए कि निम्नलिख्िात रैख्िाक असमिका निकाय का कोइर् हल नहीं है। ग ़ 2ल ≤ 3ए 3ग ़ 4ल ≥ 12ए ग ≥ 0ए ल ≥ 1 17ण् निम्नलिख्िात रैख्िाक असमिका निकाय को हल कीजिए 3ग ़ 2ल ≥ 24ए 3ग ़ ल ≤ 15ए ग ≥ 4 18ण् सि( कीजिए कि निम्नलिख्िात रैख्िाक असमिका निकाय का हल समुुच्चय एक अपरिव( क्षेत्रा है। 2ग ़ ल ≥ 8ए ग ़ 2ल ≥ 10ए ग ≥ 0ए ल ≥ 0 वस्तुनिष्ठ प्रश्न ;व्इरमबजपअम जलचमद्ध 19 से 26 तक के प्रश्नों में प्रत्येक के लिए दिये हुए चार विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए ;डण्ब्ण्फण्द्ध 19ण् यदि ग ढ 5ए तो ;।द्ध दृ ग ढ दृ 5 ;ठद्ध दृ ग ≤ दृ 5 ;ब्द्ध दृ ग झ दृ 5 ;क्द्धदृ ग ≥ दृ 5 20ण् दिया हुआ है कि गए लए इ वास्तविक संख्याएँ हैं और ग ढ लए इ ढ 0ए तब गल गल;।द्ध ढ ;ठद्ध ≤इइ इइ गल गल;ब्द्ध झ ;क्द्ध ≥इइ इइ 21ण् यदि दृ 3ग ़ 17 ढ दृ 13ए तो ;।द्ध ग ∈ ;10ए ∞द्ध ;ठद्ध ग ∈ ख्10ए ∞द्ध ;ब्द्ध ग ∈ ;दृ ∞ए 10, ;क्द्ध ग ∈ ख्दृ 10ए 10द्ध 22ण् यदि ग वास्तविक संख्या है और द्य ग द्य ढ 3ए तो ;।द्ध ग ≥ 3 ;ठद्ध दृ 3 ढ ग ढ 3 ;ब्द्ध ग ≤ दृ 3 ;क्द्ध दृ 3 ≤ ग ≤ 3 23ण् ग और इ वास्तविक संख्याएँ हैं। यदि इ झ 0 और द्य ग द्य झ इए तो ;।द्ध ;ब्द्ध 24ण् यदि ;।द्ध ;ब्द्ध 25ण् यदि ;।द्ध ;ब्द्ध ग ∈ ;दृ इए ∞द्ध ग ∈ ;दृ इए इद्ध ग −1 झ 5ए तो ग ∈ ;दृ 4ए 6द्ध ग ∈ ख्दृ ∞ए दृ 4द्ध ∪ ;6ए ∞द्ध ग ़ 2 ≤ 9ए तो ग ∈ ;दृ 7ए 11द्ध ग ∈ ;दृ ∞ए दृ 7द्ध ∪ ;11ए ∞द्ध ;ठद्ध ;क्द्ध ;ठद्ध ;क्द्ध ;ठद्ध ;क्द्ध ग ∈ ख्दृ ∞ए इद्ध ग ∈ ;दृ ∞ए दृ इद्ध ∪ ;इए ∞द्ध ग ∈ ख्दृ 4ए 6, ग ∈ ख्दृ ∞ए दृ 4द्ध ∪ ख्6ए ∞द्ध ग ∈ ख्दृ 11ए 7, ग ∈ ;दृ ∞ए दृ 7द्ध ∪ ख्11ए ∞द्ध 26ण् दिए हुए आलेख को प्रदश्िार्त करने वाली असमिका निम्नलिख्िात में से कौन - सी है। आकृति 6ण्7 ;।द्ध द्य गद्य ढ 5 ;ठद्ध द्य गद्य ≤ 5 ;ब्द्ध द्य गद्य झ 5 ;क्द्ध द्य गद्य ≥ 5 प्रश्न संख्या 27 से 30 तक में ग चर वाले किसी रैख्िाक असमिका के हल को संख्या रेखा पर निरूपितकिया गया है। प्रत्येक प्रश्न में दिए हुये चार विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए ;डण्ब्ण्फण्द्धण् 27ण् ;।द्ध ;ब्द्ध ग ∈ ;दृ ∞ए 5द्ध ग ∈ ख्5ए ∞एद्ध ;ठद्ध ;क्द्ध ग ∈ ;दृ ∞ए 5, ग ∈ ;5ए ∞द्ध आकृति 6ण्8 28ण् ;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ग ∈ ; 2 ए ∞द्ध 9 ग ∈ ख् 2 ए ∞द्ध9 ग ∈ ख्दृ ∞ए 9 2 द्ध 9 2 आकृति 6ण्9 ;क्द्ध ग ∈ ;दृ ∞ए 9 2 , 7 29ण् ;।द्ध ग ∈ ;दृ ∞ए 7 2 द्ध ;ठद्ध ग ∈ ;दृ ∞ए 7 2 , 2 आकृति 6ण्10 ;ब्द्ध ग ∈ ख् 7 2 ए दृ ∞द्ध ;क्द्ध ग ∈ ; 7 2 ए ∞द्ध 30ण् ;।द्ध ग ∈ ;दृ ∞ए दृ 2द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ग ∈ ;दृ ∞ए दृ 2, ग ∈ ;दृ 2ए ∞, दृ2 आकृति 6ण्11 ;क्द्ध ग ∈ ख्दृ 2ए ∞द्ध रैख्िाक असमिकाएँ 111 31ण् बताइए निम्नलिख्िात कथनों में से कौन - सा सत्य है एवं कौन - सा असत्य है? ;पद्ध यदि ग ढ ल और इ ढ 0ए तो ग ढ ल इइ;पपद्ध यदि गल झ 0ए तो ग झ 0 और ल ढ 0 ;पपपद्ध यदि गल झ 0ए तो ग ढ 0 और ल ढ 0 ;पअद्ध यदि गल ढ 0ए तो ग ढ 0 और ल ढ 0 ;अद्ध यदि ग ढ दृ5 और ग ढ दृ2ए तो ग ∈ ;दृ ∞ए दृ 5द्ध ;अपद्ध यदि ग ढ दृ5 और ग झ 2ए तो ग ∈ ;दृ 5ए 2द्ध ;अपपद्ध यदि ग झ दृ2 और ग ढ 9ए तो ग ∈ ;दृ 2ए 9द्ध ;अपपपद्ध यदि द्यगद्य झ 5ए तो ग ∈ ;दृ ∞ए दृ 5द्ध ∪ ख्5ए ∞द्ध ;पगद्ध यदि द्यगद्य ≤ 4ए तो ग ∈ ख्दृ 4ए 4, ;गद्ध नीचे दी गयी आकृति ग ढ 3 के आलेख को निरूपित करता है। आकृति 6ण्12 ;गपद्ध आकृति 6.13 ग ≥ 0 के आलेख को निरूपित करता है आकृति 6ण्13 ;गपपद्ध ल ≤ 0 का आलेख आकृति 6.14 में निरूपित है। आकृति 6ण्14 ;गपपपद्ध ग ≥ 0 और ल ≤ 0 का हल समुच्चय आकृति 6.15 में निरूपित है। आकृति 6ण्15 ;गपअद्ध ग ≥ 0 और ल ≤ 1 का हल समुच्चय आकृति 6.16 में निरूपित है। आकृति 6ण्16 रैख्िाक असमिकाएँ 113 ;गअद्ध ग ़ ल ≥ 0 का हल समुच्चय नीचे दी हुइर् आकृति में है। आकृति 6ण्17 32ण् निम्नलिख्िात में रिक्त स्थानों की पूतिर् कीजिएः ;पद्ध यदि दृ 4ग ≥ 12ए तो ग ण्ण्ण् दृ 3 −3;पपद्ध यदि ग ≤ दृ 3ए तो ग ण्ण्ण् 44 2 ;पपपद्ध यदि झ 0ए तो ग ण्ण्ण् दृ2ग ़ 2 ;पअद्ध यदि ग झ दृ 5ए तो 4ग ण्ण्ण् दृ20 ;अद्ध यदि ग झ ल और ्र ढ 0ए तो दृ ग्र ण्ण्ण् दृ ल्र ;अपद्ध यदि च झ 0 और ु ढ 0ए तो च दृ ु ण्ण्ण् च ग ़2;अपपद्ध यदि झ 5ए तो ग ण्ण्ण् दृ 7 या ग ण्ण्ण् 3 ;अपपपद्ध यदि दृ 2ग ़ 1 ≥ 9ए तो ग ण्ण्ण् दृ 4

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