4ण्1 समग्र अवलोकन ;व्अमतअपमूद्ध गण्िातीय आगम एक तकनीक ;जमबीदपुनमद्ध है जिसका प्रयोग विविध प्रकार के गण्िातीय कथनों का सूत्रिाकरण करने में किया जा सकता है, जो द के पदों में सूत्राब( हों, जहाँ द एक धन पूणा±क है। 4ण्1ण्1 गण्िातीय आगमन का सि(ांत ;ज्ीम चतपदबपचसम व िउंजीमउंजपबंस पदकनबजपवदद्ध मान लीजिए कि प्राकृत संख्या द ;धन पूणा±कद्ध से संब(, च्;दद्ध एक प्रदत्त कथन इस प्रकार है कि, ;पद्ध द त्र 1 के लिए कथन सत्य है, अथार्त्, च्;1द्ध सत्य है। ;अथवा कथन किसी निश्िचत प्राकृत संख्या के लिए सत्य हैद्ध और ;पपद्ध यदि कथनद त्र ा के लिए सत्य है, तो कथन द त्र ा ़ 1 के लिए भी सत्य है ;जहाँ ा एक विशेष किन्तु स्वेच्छ प्राकृत संख्या हैद्ध, तो कथन च्;दद्धए सभी प्राकृत संख्याओं के लिए सत्य है। 4ण्2 हल किए हुए उदाहरण संक्ष्िाप्त ;लघुद्ध उत्तरीय प्रश्न गण्िातीय आगमन के सि(ांत का प्रयोग करके, उदाहरण 1 से 5 तक में दिए कथनों को सि( कीजिए;द ∈ छद्ध उदाहरण 1 1 ़ 3 ़ 5 ़ ण्ण्ण् ़ ;2द दृ 1द्ध त्र द2 हल मान लीजिए कि दिया कथन च्;दद्ध है। अतःच्;दद्ध रू 1 ़ 3 ़ 5 ़ण्ण्ण़् ;2द दृ 1द्ध त्र द2ए सभी द ∈छके लिए, नोट कीजिए कि च्;1द्ध सत्य है, क्योंकि च्;1द्ध रू 1 त्र 12 मान लीजिए कि किसी ा ∈ छ के लिए च्;ाद्ध सत्य है, अथार्त, च्;ाद्ध रू 1 ़ 3 ़ 5 ़ ण्ण्ण् ़ ;2ा दृ 1द्ध त्र ा 2 अब, च्;ा ़ 1द्ध को सत्य सि( करने के लिए, हम देखते हैं कि, 1 ़ 3 ़ 5 ़ ण्ण्ण् ़ ;2ा दृ 1द्ध ़ ;2ा ़ 1द्ध त्र ा2 ़ ;2ा ़ 1द्ध ;क्यों?द्ध त्र ा2 ़ 2ा ़ 1 त्र ;ा ़ 1द्ध2 62 प्रश्न प्रद£शका अतः जब कभी च्;ाद्ध सत्य है तब, च्;ा़1द्ध भी सत्य है अतएव गण्िातीय आगमन के सि(ांत द्वारा च्;दद्धए सभी द∈ छ के लिए सत्य है। द−1; −1द्ध ; द़1द्ध ददउदाहरण2 सभी प्राकृत संख्याओं द≥ 2 के लिए सि( कीजिए कि ∑जज़त्र;1द्ध जत्र13 हल मान लीजिए कि सभी प्राकृत संख्याओं द≥ 2 के लिए कथन च्;दद्ध निम्नवत प्रदत्त है। अथार्त् द−1; −1द्ध ; द़1द्ध ददच्; द्धरू ∑; ़त्र सभी प्राकृत संख्याओंद≥ 2 के लिए।द जज 1द्ध जत्र13 हम देखते हैं कि, 21 1− 1ण्2ण्3 च्;2द्धरू ज ∑त्र1 जज;1द्ध ़ त्र ∑जज; ़1द्ध त्र 1ण्2 त्र जत्र13 2ण्;2 −1द्ध ; 2 ़1द्ध त्र 3 अतएव च्;दद्धए दत्र 2 के लिए सत्य है। मान लीजिए कि किसी दत्र ा∈ छ के लिए च्;दद्ध सत्य है। −1; −1द्ध; ा़1द्ध ा ााअथार्त् च्;ाद्ध रू जज;1द्ध त्र∑़ जत्र13 अब च्;ा़ 1द्ध का सत्य सि( करने के लिए, हम देखते हैं कि ा;11द्ध ा़− ∑जज;1द्ध ़ त्र ∑जज;़1द्ध जत्र1 जत्र1 ा−1 ; −1द्ध; ा़1द्ध त्र ∑;1द्ध ाा ़1द्ध त्र ाा ़ाा़1द्ध जज़़;; जत्र13 ा 13⎤ ; ़1द्ध; ा़2द्ध ⎡−़ाााा; 1द्ध त्र त्र ़⎢ ⎥⎣ 3 ⎦ 3 ;ा़1द्ध;; ा़− ा 1द्ध 1द्ध 1द्ध 1द्धद्ध;; ़़ त्र 3 अतएव जब कभी च्;ाद्ध सत्य है, च्;ा़ 1द्ध भी सत्य है। अतः गण्िातीय आगमन के सि(ांत से सभी प्राकृत संख्याओं द≥ 2 के लिए, च्;दद्ध सत्य है। ⎛ 1 ⎞⎛ 1 ⎞⎛ 1 ⎞द़1उदाहरण 3 सभी प्राकृत संख्याओं द≥ 2 के लिए, 1− ण्1 − ण्ण्ण् 1−त्र⎜ 2 ⎟⎜ 2 ⎟⎜ 2 ⎟⎝ 2 ⎠⎝ 3 ⎠⎝ द⎠ 2द हल मान लीजिए कि प्रदत्त कथन च्;दद्ध है, अथार्त् सभी प्राकृत संख्या द≥ 2 के लिए, ⎛ 1 ⎞⎛ 1 ⎞⎛ 1 ⎞ द़1 च्;दद्ध रू 1− ण्1− ण्ण्ण् 1 −त्र⎜ 2 ⎟⎜ 2 ⎟⎜ 2 ⎟⎝ 2 ⎠⎝ 3 ⎠⎝ द⎠ 2द हम देखते हैं कि च्;2द्ध सत्य है, क्योंकि 1 1 413 21़⎛− ⎜1−2 ⎟⎞त्र1− त्र त्रत्र ⎝ 2 ⎠4 442 ×2 मान लीजिए कि किसी ा∈ छ के लिए च्;दद्ध सत्य है, अथार्त्, ⎛ 1 ⎞⎛ 1 ⎞⎛ 1 ⎞ा़11− ण्1− ण्ण्ण् 1−त्रच्;ाद्ध रू ⎜ 2 ⎟⎜ 2 ⎟⎜ 2 ⎟⎝ 2 ⎠⎝ 3 ⎠⎝ ा⎠ 2ा ंअब च् ;ा़ 1द्ध को सत्य सि( करने के लिए हम देखते हैं कि, ⎛ 1 ⎞⎛ 1 ⎞⎛ 1 ⎞⎛ 1 ⎞1− ण्1− ण्ण्ण् 1− ण्1−⎜⎟⎜ ⎟⎜ ⎟2 ⎠⎝ 22 ⎠⎜ 2 ⎟⎝ 23 ⎠⎝ ा ⎝ ;ा़1द्ध ⎠ ा़1⎛ 1 ⎞ ा2 ़2ा ;ा़़1द्ध 1 त्र⎜1 − 2 ⎟त्र त्र 2; ़1द्ध 2ा⎝ ;ा़1द्ध ⎠ ाा 2;ा़1द्ध अतएव जब कभी च् ;ाद्ध सत्य है च्;ा़1द्ध भी सत्य है। अतः गण्िातीय आगमन के सि(ांत से सभी प्राकृत संख्याओं द≥ 2 के लिए, च्;दद्ध सत्य है। उदाहरण 4 22ददृ 1 संख्या 3 से भाज्य है। हलमान लीजिए कि प्रदत्त कथन च्;दद्ध है अथार्त् च्;दद्ध रू 22ददृ 1ए संख्या 3 से भाज्य है ;सभी प्राकृत संख्या दके लिएद्ध हम देखते हैं कि, च्;1द्ध सत्य है, क्योंकि 22 दृ 1 त्र 4 दृ 1 त्र 3ण्1 जो संख्या 3 से भाज्य है। मान लीजिए कि किसी प्राकृत संख्या ाके लिए च्;दद्ध सत्य है, अथार्त् च्;ाद्धरू 22 ादृ1 संख्या 3 से भाज्य है, अथार्त् 22ादृ 1 त्र 3ुए जहाँ ु∈ छ अबच्;ा़ 1द्ध को सत्य सि( करने के लिए हम देखते हैं कि, च्;ा़ 1द्ध रू 22;ा़1द्ध दृ 1 त्र 22ा़ 2 दृ 1 त्र 22ाण् 22 दृ 1 त्र22ाण् 4 दृ 1 त्र 3ण्22ा ़ ;22ादृ 1द्ध 64 प्रश्न प्रद£शका त्र 3ण्22ा ़ 3ु त्र3 ;22 ा ़ ुद्ध त्र 3उए जहाँउ ∈ छ अतएव, जब कभी च्;ाद्ध सत्य है, च्;ा ़1द्ध भी सत्य है। अतः गण्िातीय आगमन के सि(ांत से, सभी प्राकृत संख्याओं द के लिए, च्;दद्ध सत्य है। उदाहरण 5 सभी प्राकृत संख्याओं द ≥ 3 के लिए 2द ़ 1 ढ 2दण् हल मान लीजिए कि च्;दद्ध प्रदत्त कथन है, अथार्त् सभी प्राकृत संख्याओं द ≥ 3 के लिए च्;दद्ध रू ;2द ़ 1द्ध ढ 2द हम देखते हैं कि च्;3द्ध सत्य है, क्योंकि 2ण्3 ़ 1 त्र 7 ढ 8 त्र 23 मान लीजिए कि किसी प्राकृत संख्या ा के लिए च्;दद्ध सत्य है, अथार्त् 2ा ़ 1 ढ 2ा च्;ा ़ 1द्ध को सत्य सि( करने के लिए, हमें सि( करना है कि2;ा ़ 1द्ध ़ 1 ढ 2ा़1 अब, 2;ा ़ 1द्ध ़ 1 त्र2 ा ़ 3 त्र 2ा ़ 1 ़ 2 ढ 2ा ़ 2 ढ 2ा ण् 2 त्र 2ा ़ 1ण् अतएव जब कभी च्;ाद्ध सत्य है, च्;ा ़1द्ध भी सत्य है। अतः, सभी प्राकृत संख्याओं द ≥ 3 के लिए, गण्िातीय आगमन के सि(ांत द्वारा च्;दद्ध सत्य है। दीघर् उत्तरीय प्रश्न ;स्ण्।द्ध उदारहण6 किसी अनुक्रम ं1ए ं2ए ं3ण्ण्ण् को इस प्रकार परिभाष्िात कीजिए कि ं1 त्र 2ए ंद त्र 5 ंददृ1ण् जो सभी प्राकृत संख्याओं द ≥ 2 के लिए, ;पद्ध अनुक्रम के प्रथम चार पद ;जमतउेद्ध लिख्िाए। ;पपद्ध गण्िातीय आगमन के सि(ांत का प्रयोग करके सि( कीजिए कि सभी प्राकृत संख्याओं के लिए, अनुक्रम के पद, सूत्रा ंद त्र 2ण्5ददृ1 को संतुष्ट करते हैं। हल ;पद्ध हम देखते हैं कि,ं1 त्र 2 ं त्र 5ं त्र 5ं त्र 5ण्2 त्र 1022दृ11ं त्र 5ं त्र 5ं त्र 5ण्10 त्र 5033दृ12ं त्र 5ं त्र 5ं त्र 5ण्50 त्र 25044दृ13;पपद्ध मान लीजिए कि प्रदत्त कथन च्;दद्ध है, अथार्त्, सभी प्राकृत संख्याओं के लिए च्;दद्ध रू ं त्र 2ण्5 ददृ1 हम देखते हैं कि,च्;1द्ध सत्य है।दमान लीजिए कि किसी प्राकृत संख्या ा के लिए च्;दद्ध सत्य है, अथार्त् च्;ाद्ध रू ंा त्र 2ण्5ा दृ 1ण् अब च् ;ा ़ 1द्ध को सत्य सि( करने के लिए हम देखते हैं कि, च्;ा ़ 1द्ध रू ं ा ़ 1 त्र5ण्ंा त्र 5 ण् ;2ण्5ा दृ 1द्ध त्र 2ण्5ा त्र 2ण्5;ा ़ 1द्धदृ1 अतएव, जब कभी च्;ाद्ध सत्य है, च् ;ा ़ 1द्ध सभी सत्य है। अतः, गण्िातीय आगमन के सि(ांत द्वारा, सभी प्राकृत संख्याओं के लिए, च्;दद्ध सत्य है। उदाहरण 7 बीजगण्िात ;ंसहमइतंद्ध के वितरण नियम द्वारा सभी वास्तविक संख्याओंबए ं1 और ं2 के लिए, ब ;ं1 ़ ं2द्ध त्र बं1 ़ बं2ण् इस वितरण नियम तथा गण्िातीय आगमन का प्रयोग करके, सि( कीजिए कि, सभी प्राकृत संख्याओं द ≥ 2ए के लिए, यदि बए ं1ए ं2ए ण्ण्ण्एंवास्तविक संख्याएँ हैं, तोद ब ;ं1 ़ ं2 ़ ण्ण्ण् ़ ंद द्ध त्र बं1 ़ बं2 ़ ण्ण्ण् ़ बंद हल मान लीजिए कि च्;दद्ध प्रदत्त कथन है, अथार्त् सभी प्राकृत संख्याओं द ≥ 2 के लिए यदि बए ं1ए ंए ण्ण्ण्ण्ण्ण्ं ∈ त्ए तो च्;दद्ध रू ब ;ं ़ ं ़ ण्ण्ण् ़ ं द्ध त्र बं ़ बं ़ ण्ण्ण् बं ण्2द 12द12द हम देखते हैं कि च्;2द्ध सत्य है, क्योंकि, ब;ं1 ़ ं2द्ध त्र बं1 ़ बं2;वितरण नियम द्वाराद्ध मान लीजिए कि किसी - किसी प्राकृत संख्या ा के लिए च्;दद्ध सत्य है, जहाँ ा झ 2ए अथार्त्, च्;ाद्ध रू ब ;ं ़ ं़ ण्ण्ण् ़ ंद्ध त्र बं ़ बं ़ ण्ण्ण् ़ बं12 ा12ा अब च्;ा ़ 1द्ध को सत्य सि( करने के लिए, हम देखते हैं कि, च्;ा ़ 1द्ध रू ब ;ं1 ़ ं2 ़ ण्ण्ण् ़ ंा ़ ंा ़ 1द्ध त्र ब ;;ं ़ ं ़ ण्ण्ण् ़ ंद्ध ़ ंद्ध12ाा ़ 1त्र ब ;ं1 ़ ं2 ़ ण्ण्ण् ़ ंाद्ध ़ बंा ़ 1 ;वितरण नियम द्वाराद्ध त्र बं1 ़ बं2 ़ ण्ण्ण् ़ बंा ़ बंा ़ 1 अतएव जब कभी च्;ाद्ध सत्य है, च् ;ा ़ 1द्ध भी सत्य है। अतः गण्िातीय आगमन के सि(ांत द्वारा, च्;दद्ध सभी प्राकृत संख्याओं द ≥ 2 के लिए सत्य है। उदाहरण 8 आगमन विध्ि द्वारा सि( कीजिए कि सभी प्राकृत संख्याओं द के लिए, ेपद α ़ ेपद ;α ़ βद्ध ़ ेपद ;α ़ 2βद्ध़ ण्ण्ण् ़ ेपद ;α ़ ;द दृ 1द्ध βद्ध द −1 दβ⎛⎞ ेपद ; α़ βद्धेपद ⎜⎟22⎝⎠ त्र β⎛⎞ेपद ⎜⎟2⎝⎠ हल मान लीजिए कि सभी प्राकृत संख्याओं द के लिए, च् ;दद्ध रू ेपद α ़ ेपद ;α ़ βद्ध ़ ेपद ;α ़ 2βद्ध ़ ण्ण्ण् ़ ेपद ;α ़ ;द दृ 1द्ध βद्ध 66 प्रश्न प्रद£शका द −1 ⎛दβ⎞ेपद ; α़ βद्धेपद ⎜⎟2 ⎝ 2 ⎠ त्रण्β⎛⎞ेपद ⎜⎟2⎝⎠ हम देखते हैं कि च् ;1द्ध सत्य है, क्योंकि βेपद ; α़0द्धेपद 2च् ;1द्ध रू ेपद α त्र βेपद 2 मान लीजिए कि किसी प्राकृत संख्या ा के लिए च्;दद्ध सत्य है, अथार्त्, च् ;ाद्ध रू ेपद α ़ ेपद ;α ़ βद्ध ़ ेपद ;α ़ 2βद्ध ़ ण्ण्ण् ़ ेपद ;α ़ ;ा दृ 1द्धβद्ध ा −1 ⎛ाβ⎞ेपद ; α़ βद्धेपद ⎜⎟2 ⎝ 2 ⎠ त्र β⎛⎞ेपद ⎜⎟2⎝⎠ अब च् ;ा ़ 1द्ध को सत्य सि( करने के लिए, हम देखते हैं कि, च् ;ा ़ 1द्ध रू ेपद α ़ ेपद ;α ़ βद्ध ़ ेपद ;α ़ 2βद्ध ़ ण्ण्ण् ़ ेपद ;α ़ ;ा दृ 1द्ध βद्ध ़ ेपद ;α ़ ाβद्ध ा −1 ⎛ाβ⎞ेपद ; α़ βद्धेपद 2 ⎝ 2 त्र ⎜ ⎠⎟़ेपद ; α़ ाβद्धβ⎛⎞ेपद ⎜⎟2⎝⎠ ⎛ ा −1 ⎞ ाββेपद ⎜α़ β⎟ेपद ़ेपद ;α़ β द्धेपद ा ⎝ 2 ⎠ 22 त्र βेपद 2 ⎛β⎞⎛ β⎞⎛ β⎞⎛ β⎞ाा α़ β़ बवे α− −बवे α़β− ़बवे α़β− −बवे ा⎜⎟⎜⎟⎜ ⎟⎜ ⎟⎝ 2 ⎠⎝ 2 ⎠⎝ 2 ⎠⎝ 2 ⎠ त्र β2ेपद 2 ⎛β⎞⎛ β⎞ बवे α− −बवे α़ β़ ा⎜⎟⎜ ⎟⎝ 2 ⎠⎝ 2 ⎠त्र β2ेपद 2 ⎛ ाβ⎞ ⎛ाβ़β⎞ेपद ⎜α़ ेपद ⎟⎜ ⎟⎝ 2 ⎠⎝ 2 ⎠ त्र βेपद 2 ⎛ ाβ⎞ ⎛β⎞ेपद α़ ेपद ; ा ़1द्ध ⎜⎟ ⎜⎟⎝ 2 ⎠⎝ 2 ⎠ त्र βेपद 2 अतएव, जब कभी च् ;ाद्ध सत्य है, च् ;ा ़ 1द्ध भी सत्य है। अतः गण्िातीय आगमन के सि(ांत द्वारा, सभी प्राकृत संख्या द के लिए च्;दद्ध सत्य है। उदाहरण 9 गण्िातीय आगमन के सि(ान्त द्वारा सि( कीजिए कि सभी प्राकृत संख्या द के लिए, 1× 1! ़ 2 × 2! ़ 3 ×3! ़ ण्ण्ण् ़ द × द!त्र ;द ़ 1द्ध! दृ 1 हल मान लीजिए कि च्;दद्ध प्रदत्त कथन है, अथार्त्, सभी प्राकृत संख्याओं द के लिए च्;दद्ध रू 1× 1! ़ 2 × 2! ़ 3 ×3! ़ ण्ण्ण् ़ द × द!त्र ;द ़ 1द्ध! दृ 1 ध्यान दीजिए कि च्;1द्ध सत्य है, क्योंकि च् ;1द्ध रू 1× 1! त्र1 त्र 2 दृ 1 त्र 2! दृ 1ण् मान लीजिए कि किसी प्राकृत संख्या ा के लिए च्;दद्ध सत्य है, अथार्त्, च्;ाद्ध रू 1 × 1! ़ 2 × 2! ़ 3 × 3! ़ ण्ण्ण् ़ ा × ा! त्र ;ा ़ 1द्ध! दृ 1 च् ;ा ़ 1द्ध को सत्य सि( करने के लिए हम देखते हैं कि, च् ;ा ़ 1द्ध रू 1× 1! ़ 2 ×2! ़ 3 × 3! ़ ण्ण्ण् ़ ा × ा!़ ;ा ़ 1द्ध × ;ा ़ 1द्ध! त्र ;ा ़1द्ध! दृ 1 ़ ;ा ़ 1द्ध! × ;ा ़ 1द्ध त्र;ा ़ 1 ़ 1द्ध ;ा ़ 1द्ध! दृ 1 त्र;ा ़ 2द्ध ;ा ़1द्ध! दृ 1 त्र ;;ा ़ 2द्ध! दृ 1 अतएव, जब कभीच् ;ाद्ध सत्य हैच् ;ा ़ 1द्धभी सत्य है। इसलिए, गण्िातीय आगमन के सि(ान्तद्वारा सभी प्राकृत संख्याओं द के लिए, च् ;दद्ध सत्य है। उदारहण10 गण्िातीय आगमन के सि(ांत द्वारा सि( कीजिए कि श्रेणी ;ेमतपमेद्धए 12 ़ 2 × 22 ़ 32 ़ 2 × 42 ़ 52 ़ 2 × 62 ण्ण्ण् के द पदों का योगपफल ैए निम्नलिख्िात प्रकार है,द68 प्रश्न प्रद£शका ; ़1द्ध 2⎧दद ⎪ए यदि दसम है⎪ 2ै त्र द⎨2 ; ़1द्ध दद⎪ ए यदि दविषम है⎪⎩ 2 ⎧दद; ़1द्ध 2 ⎪ए यदि दसम है हल यहाँ च्;दद्ध रू ैद त्र ⎨⎪22 ; ़1द्ध दद⎪ ए यदि दविषम है⎪⎩ 2 साथ ही ध्यान दीजिए कि श्रेणी का कोइर् पदज्निम्नलिख्िात प्रकार है,द⎧द2 यदि दविषम ह।ै⎪ज्द त्र ⎨ ⎩2द2 यदि द⎪सम ह।ै हम देखते हैं कि च्;1द्ध सत्य है, क्योंकि, 21ण्2 1ण्;1 1द्ध च्;1द्ध रू ै त्र12 त्र 1 त्र त्ऱ 122 मान लीजिए कि किसी प्राकृत संख्या ाके लिए च्;ाद्ध सत्य है, अथार्त्, दशा1 जब ाविषम है, तो ा़ 1 सम है। इस प्रकार च् ;ा़ 1द्ध रू ै त्रख्12 ़ 2 × 22 ़ ण्ण्ण् ़ ा2, ़ 2 × ;ा ़ 1द्ध2 ा़ 12;ाा़1द्ध त्र ़ 2 × ;ा़ 1द्ध2 2 ;ा़1द्ध ;ा़1द्ध त्र ख2 ़ 4;ा़ 1द्ध, ;क्योंकि ाविषम हैए 12 ़ 2 × 22 ़ ण्ण्ण् ़ ा2 त्र ा2द्ध22 ा़1 त्रख2 ़ 4ा़ 4,2 ़1 2 ख्; 1द्ध 1, 2ा ा़़ त्र;ा़2द्ध त्र ;ा ़1द्ध2 2 अतएव, उस दशा में, जब ाविषम है,च्;ा़ 1द्ध सत्य है, जब कभी च्;ाद्ध सत्य है। दशा2 जब ासम है, तो ा़ 1 विषम है। गण्िातीय आगमन का सि(ांत 69 अब च् ;ा़ 1द्ध रू ैा़1 त्र ख्12 ़ 2 × 22 ़ ण्ण्ण् ़ 2ण2, ़ ;ा़ 1द्ध2 1द्ध22;़ ;ा़1द्ध ाा 2त्र ़ ;ा़ 1द्ध2 क्योंकि ासम है, 12 ़ 2 × 22 ़ ण्ण्ण् ़ 2ा त्र ा द्ध22 1; ़ 2;ा़द्ध2 ा 2द्ध ;ा़1द्ध ;; ा़1द्ध ़1द्ध त्रत्र 22 इसलिए उस दशा में, जब ासम है, च् ;ा़ 1द्ध सत्य है, जब कभी च् ;ाद्ध सत्य है। अतएव सभीप्राकृत संख्याओं ाके लिए, च् ;ा़ 1द्ध सत्य है, जब कभीच् ;ाद्ध सत्य है। अतः च् ;दद्ध सभी प्राकृत संख्याओं दके लिए सत्य है। वस्तुनिष्ठ प्रश्न उदाहरण 11 और 12 में सही उत्तर का चयन कीजिए ;डण्ब्ण्फण्द्ध उदारहण 11 मान लीजिए किच्;दद्ध रू श्2दढ ;1 × 2 × 3 × ण्ण्ण् × दद्धश्ए तो न्यूनतम धन पूणा±क, जिसके लिए च् ;दद्ध सत्य है, ;।द्ध 1 ;ठद्ध2 ;ब्द्ध3 ;क्द्ध 4 है। हल सही उत्तर ;क्द्ध है, क्योंकि च् ;1द्ध रू 2 ढ 1 असत्य है च् ;2द्ध रू 22 ढ 1 × 2 असत्य है च् ;3द्ध रू 23 ढ 1 × 2 × 3 असत्य है लेकिन च् ;4द्ध रू 24 ढ 1 × 2 × 3 × 4 सत्य है उदारहण12 एक विद्याथीर् को किसी कथनच् ;दद्ध को गण्िातीय आगमन द्वारा सि( करने के लिए कहा गया। उसने सि( किया कि, सभी ाझ 5 ∈ छ के लिए च् ;ा़ 1द्ध सत्य है, जब कभी च् ;ाद्ध सत्य है और यह कि च् ;5द्ध भी सत्य है। इसके आधार पर उसने निष्कषर् निकाला कि च् ;दद्ध सत्य है, ;।द्ध सभी द∈ छ के लिए ;ठद्ध सभी दझ 5 के लिए ;ब्द्ध सभी द≥ 5 के लिए ;क्द्ध सभी दढ 5 के लिए हल सही उत्तर ;ब्द्ध है, क्योंकिच्;5द्ध सत्य है, तथा च्;ा़ 1द्ध सत्य है, जब कभी च् ;ाद्ध सत्य है। उदाहरण 13 यदि च् ;दद्ध रू श्2ण्42द़ 1 ़ 33द़1 सभी द∈ छश् के लिए,λ से भाज्य है, सत्य है, तो λ का मान ऋऋऋऋऋऋऋ है। हल अबदत्र 1 के लिए, 2ण्42़1 ़ 33़1 त्र2ण्43 ़ 34त्र 2ण्64 ़ 81 त्र 128 ़ 81 त्र 209ए दत्र 2 के लिए,2ण्45 ़ 37 त्र8ण्256 ़ 2187 त्र 2048 ़ 2187 त्र 4235 70 प्रश्न प्रद£शका ध्यान दीजिए कि 209 तथा 4235 का म. स. व.;भ्ण्ब्ण्थ्ण्द्ध 11 है। अतएव 2ण्42द़1 ़ 33द़1 का भाजक 11 है। अतःλ का मान 11 है। उदाहरण 14 यदि च् ;दद्ध रू ष्द ∈ छ के लिए, 49द ़ 16द ़ ा संख्या 64 से भाज्य है’’ सत्य है, तो ा का न्यूनतम )ण पूणा±क मान ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ है। हल द त्र 1 के लिए, च्;1द्ध रू 65 ़ ाए 64 से भाज्य है, अतः ा त्र दृ1ए क्योंकि 65 दृ 1 त्र 64ए संख्या 64 से भाज्य है। ; ़ 1द्ध;2 द ़ 1द्ध ददउदाहरण15 बताइए कि गण्िातीय आगमन द्वारा कथन च्;दद्ध रू 12 ़ 22 ़ ण्ण्ण् ़द2 त्र 6 की निम्नलिख्िात उपपिा सत्य है या असत्य है। उपपिा गण्िातीय आगमन के सि(ांत द्वाराद त्र 1 के लिए च्;दद्ध सत्य है, क्योंकि 1;1 ़1द्ध;2 1 ़1द्ध ाा ़1द्ध ;2 ा ़1द्ध ⋅ ;12 त्र 1 त्र पुनः किसी ा ≥ 1 के लिएा2 त्र 6 6 ;ा ़1द्ध;; ा ़ 1द्ध ़1द्ध;2; ा ़ 1द्ध ़1द्ध अब हम सि( करेंगे कि ;ा ़ 1द्ध2 त्र 6 हलः यहउपपिा असत्य ;ग़्ालतद्ध है। क्योंकि आगमन चरण ;प्दकनबजपवद ेजमचद्ध में आगमन परिकल्पना ;प्दकनबजपवद ीलचवजीमेपेद्ध तथा जो सि( किया जाना है, दोनों ही गलत ;दोषपूणर् हैंद्ध। लघु उत्तरीय प्रश्न ;ैण्।ण्द्ध 1ण् एक ऐसे कथन च्;दद्ध का उदाहरण दीजिए, जो सभी द ≥ 4 के लिए सत्य है किंतु च्;1द्धए च्;2द्ध तथा च्;3द्ध सत्य नहीं है। अपने उत्तर का औचित्य भी बताइए। 2ण् किसी ऐसे कथन च्;दद्ध का उदाहरण दीजिए जोद के सभी मानों के लिए सत्य है। अपने उत्तर का औचित्य बताइए। गण्िातीय आगमन के सि(ांत द्वारा प्रश्न संख्या 3 से 16 तक के कथनों में से प्रत्येक को सि( कीजिएः 3ण् प्रत्येक प्राकृत संख्या द के लिए, 4द दृ 1 संख्या 3 से भाज्य है। 4ण् सभी प्राकृत संख्या द के लिए, 23द दृ 1ए संख्या 7 से भाज्य है। 5ण् सभी प्राकृत संख्या द के लिए, द3 दृ 7द ़ 3ए संख्या 3 भाज्य है। 6ण् सभी प्राकृत संख्या द के लिए 32द दृ 1संख्या 8 से भाज्य है। 7ण् किसी प्राकृत संख्या द के लिए 7द दृ 2द संख्या 5 से भाज्य है। 8ण् किसी प्राकृत संख्या द के लिए, गद दृ लदए ग दृ ल से भाज्य है, जहाँ ग तथाल पूणा±क है और ग ≠ लण् 9ण् प्रत्येक प्राकृत संख्या द ≥ 2 के लिए, द3 दृ दए संख्या 6 से भाज्य है। 10ण् प्रत्येक प्राकृत संख्या द के लिए, द;द2 ़ 5द्धए संख्या 6 से भाज्य है। 11ण् सभी प्राकृत संख्या द ≥ 5 के लिए, द2 ढ 2द ण् 12ण् सभी प्राकृत संख्या द के लिए, 2द ढ ;द ़ 2द्ध! 11 1 द ढ ़ ़ण्ण्ण् ़13ण् सभी प्राकृत संख्या द ≥ 2 के लिए, 1 2 द 14ण् सभी प्राकृत संख्या द के लिए, 2 ़ 4 ़ 6 ़ ण्ण्ण् ़ 2द त्र द2 ़ दण् 15ण् सभी प्राकृत संख्या द के लिए, 1 ़ 2 ़ 22 ़ ण्ण्ण् ़ 2द त्र 2द ़1 दृ 1 16ण् सभी प्राकृत संख्या द के लिए, 1 ़ 5 ़ 9 ़ ण्ण्ण् ़ ;4द दृ 3द्ध त्र द ;2द दृ 1द्ध विस्तृत उत्तर वाले प्रश्न ;स्ण्।द्ध निम्नलिख्िात प्रश्नों में गण्िातीय आगमन के सि(ांत का प्रयोग कीजिएः 17ण् सभी प्राकृत संख्या ा ≥ 2 के लिए, एक अनुक्रम ं1ए ं2ए ं3 ण्ण्ण्ए ं त्र 3 तथा ं त्र 7ंद्वारा1ाादृ1 परिभाष्िात है। सि( कीजिए कि सभी प्राकृत संख्या द के लिए ं त्र 3ण्7द दृ1ण् द18ण् सभी प्राकृत संख्या ा के लिए एक अनुक्रम इ0ए इ1ए इ ण्ण्ण् ए इ त्र 5 तथा इत्र 4 ़ इद्वारा20ा ा दृ 1 परिभाष्िात है। गण्िातीय आगमन के प्रयोग द्वारा सि( कीजिए कि सभी प्राकृत संख्या द के लिए इद त्र 5 ़ 4दण् का −119ण् सभी प्राकृत संख्या ा ≥ 2 के लिए अनुक्रम क1ए क2ए क3 ण्ण्ण् ए क1 त्र 2 तथा का त्र ा द्वारा 2परिभाष्िात है। सि( कीजिए कि सभी द ∈ छ के लिए, क त्र दद! 20ण् सभी द ∈ छ के लिए, सि( कीजिए कि, बवे α ़ बवे ;α ़ βद्ध ़ बवे ;α ़ 2βद्ध ़ ण्ण्ण् ़ बवे ;α ़ ;द दृ 1द्ध βद्ध ⎛ ⎛ द −1 ⎞⎞ ⎛ दβ⎞ बवे α़ β ेपद ⎜ ⎜ ⎟⎟⎜⎟⎝ ⎝ 2 ⎠⎠ ⎝ 2 ⎠ त्र βेपद 2 देपद 2 θ21ण् सभी द ∈ छ के लिए, सि( कीजिए कि, बवे θ बवे 2θ बवे22θ ण्ण्ण् बवे2द दृ1θ त्र ण्द2ेपद θ 22ण् सभी द ∈ छ के लिए, सि( कीजिए कि, ेपद θ ़ ेपद 2θ ़ ेपद 3θ ़ ण्ण्ण् ़ ेपद दθ ेपद द θ;द ़1द्धेपद θ 22त्र ण्θेपद 2 72 प्रश्न प्रद£शका द5 द37द23ण् सभी द ∈ छ के लिए, सि( कीजिए कि, ़़ एक प्राकृत संख्या है।5 315 1 1 113 24ण् सभी प्राकृत संख्या द झ 1 के लिए सि( कीजिए कि ़़ण्ण्ण् ़झ ण् द ़1 द ़ 22द 24 25ण् सभी द ∈ छ के लिए, सि( कीजिए कि द भ्िान्न - भ्िान्न कपेजपदबज अवयव वाले ;अंतविर्ष्ट किए हुएद्ध समुच्चय के उपसमुच्चयों की संख्या 2द है। वस्तुनिष्ठ प्रश्न प्रश्न संख्या 26 से 30 में सही उत्तर का चयन कीजिए;डण्ब्ण्फण्द्धण् 26ण् यदि सभी द ∈ छ के लिए, 10द ़ 3ण्4द़2 ़ ाए संख्या 9 से भाज्य है, तो ा का लघुतम पूणा±क मानः ;।द्ध 5 ;ठद्ध 3 ;ब्द्ध 7 ;क्द्ध 1 27ण् सभी द ∈ छ के लिए, 3ण्52द़1 ़ 23द़1ए निम्नलिख्िात में से किस संख्या से भाज्य हैः ;।द्ध 19 ;ठद्ध 17 ;ब्द्ध 23 ;क्द्ध 25 28ण् यदि गद दृ 1ए ग दृ ाए से भाज्य है, तो ा का न्यूनतम पूणा±क हैः ;।द्ध 1 ;ठद्ध 2 ;ब्द्ध 3 ;क्द्ध 4 निम्नलिख्िात प्रश्न में रिक्त स्थान की पूतिर् कीजिएः 29ण् यदि च्;दद्ध रू 2द ढ द!ए द ∈ छए तो च्;दद्ध सभी द ≥ ऋऋऋऋऋऋऋऋ के लिए सत्य है। बताइए कि निम्नलिख्िात कथन सत्य है या असत्य है। औचित्य भी बताइएः 30ण् मान लीजिए कि च्;दद्ध एक कथन है और मान लीजिए कि किसी प्राकृत संख्या ा के लिए च्;ाद्ध ⇒ च्;ा ़ 1द्धए तो च्;दद्ध सभी द ∈ छ के लिए सत्य है।

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