3ण्1 समग्र अवलोकन ;व्अमतअपमूद्ध 3ण्1ण्1 शब्दष्जतपहवदवउमजतलष् ;त्रिाकोणमितीयद्ध यूनानी शब्द ‘टिªगोन’ं ;जतपहवदद्ध और ‘मीट्रोन’ ;उमजतवदद्ध से व्युत्पिा हुआ है, जिसका अथर् एक त्रिाभुज की भुजाओं का मापना है। एक कोण एक निश्िचत रेखा के सापेक्ष परिभ्रमण करने वाली किसी रेखा के घूणर्न की मात्रा होती है। यदि यह घूणर्न दक्ष्िाणावतर् दिशा में है तो कोण )णात्मक होता है तथा कोण धनात्मक होता है, यदि घूणर्न वामावतर् दिशा में होता है। प्रायः, हम कोणों को मापने के लिए, दो प्रकार की प(तियाँ, अथार्त् ;पद्ध षोष्िटक प(ति ;ेमगंहमेपदंस ेलेजमउद्ध और ;पपद्ध वृत्तीय प(ति अपनाते हैं। षौष्िटक प(ति में, कोण के मापन की इकाइर् अंश या डिग्री ;क्महतममद्ध है। यदि प्रारंभ्िाक भुजा 1से अंतिम भुजा तक का घूणर्न एक परिभ्रमण का वाँ भाग हो, तो कोण के माप को1° कहा जाता360 है। इस प(ति में, वगीर्करण निम्नलिख्िात प्रकार हैंμ 1° त्र 60′ 1′ त्र60″ मापन की वृत्तीय प(ति में, मापन की इकाइर् रेडियन ;तंकपंदद्ध है। एक रेडियन वह कोण है जोकिसी वृत्त की त्रिाज्या के बराबर लंबाइर् का चाप उस वृत्त के वेंफद्र पर अंतरित करता है। त्रिाज्या त वालेएक वृत्त के चाप च्फ की लंबाइर् े त्र तθ दी जाती है, जहाँθ रेडियनों में मापा गया वह कोण है, जो चाप च्फ वृत्त के वेंफद्र पर अंतरित करता है। 3ण्1ण्2 डिग्री और रेडियन में संबंध किसी वृत्त की परििा का उसके व्यास के साथ सदैव एक अचर अनुपात होता है। यह अचर अनुपात π से व्यक्त की जाने वाली एक संख्या है जिसका मान सभी व्यावहारिक प्रयोजन के लिए लगभग 22 7 लिया जाता है। डिग्री और रेडियन मापों के बीच संबंध निम्नलिख्िात हैंμ 2 समकोण त्र 180° त्र π रेडियन 1 रेडियन त्र 180° त्र 57°16′ ;लगभगद्धπ1° त्र π रेडियन त्र 0ण्01746 रेडियन ;लगभगद्ध180 त्रिाकोणमितीय पफलन 35 3ण्1ण्3 त्रिाकोणमितीय पफलन न्यून कोणों के लिए, त्रिाकोणमितीय अनुपात को, किसी समकोण त्रिाभुज की भुजाओं के अनुपातोें केरूप में परिभाष्िात किया जाता है। रेडियन माप में व्यक्त किसी कोण के लिए, त्रिाकोणमितीय अनुपातका विस्तार, त्रिाकोणमितीय पफलन कहलाता है। त्रिाकोणमितीय पफलनों के विभ्िान्न चतुथा±शों में चिÉनिम्नलिख्िात तालिका में दिए हैंμ प् प्प् प्प्प् प्ट ेपद ग ़ ़ दृ दृ बवे ग ़ दृ दृ ़ जंद ग ़ दृ ़ दृ बवेमब ग ़ ़ दृ दृ ेमब ग ़ दृ दृ ़ बवज ग ़ दृ ़ दृ 3ण्1ण्4 त्रिाकोणमितीय पफलनों के प्राँत और परिसर पफलन प्रांत परिसर ेपदम त् ख्दृ1ए 1, बवेपदम त् ख्दृ1ए 1, जंद त् दृ क्ष्;2द ़ 1द्ध π 2 रू द ∈ र्द्व त् बवज त् दृ क्ष्दπ रू द ∈ र्द्व त् ेमब त् दृ क्ष्;2द ़ 1द्ध π 2 रू द ∈ र्द्व त् दृ ;दृ1ए 1द्ध बवेमब त् दृ क्ष्दπ रू द ∈ र्द्व त् दृ ;दृ1ए 1द्ध 3ण्1ण्5 समकोण अथार्त् 90ह् से छोटे या उसके बराबर वुफछ कोणों के ेपदमए बवेपदम और जंदहमदज 0° 15° 18° 30° 36° 45° 60° 90° ेपदम 0 6 2 4 − 51 4 − 1 2 10 2 5 4 − 1 2 3 2 1 बवेपदम 1 6 2 4 ़ 10 2 5 4 ़ 3 2 51 4 ़ 1 2 1 2 0 जंद 0 2 3− 25 10 5 5 − 1 3 52 5− 1 3 परिभाष्िात नहीं 3ण्1ण्6 समवगीर्य या संबंिात कोण कोण द π±θ समवगीर् या संबंिात कोण कहलाते हैं तथा कोण θ ± द × 360° सहावासनी2 ;बवजमतउपदंसद्ध कोण कहलाते हैं। व्यापक समानयन के लिए, हमें निम्नलिख्िात नियम प्राप्त हैंः ;दπ±θद्ध के लिए, त्रिाकोणमितीय पफलन का संख्यात्मक मान बराबर हैμ2 ;ंद्ध उसी पफलन के मान के, यदि द एक सम पूणा±क है तथा इस मान का चिÉ उस चतुथा±श के अनुसार होता है जिसमें वह कोण स्िथत है। ;इद्ध θ के संगत सहपफलन के मान के यदि द एक विषम पूणा±क है तथा पफलन का चिÉ उस चतुथा±श के अनुसार होता है, जिसमें वह कोण स्िथत है। यहाँ ेपदमऔर बवेपदमए जंद और बवज तथा ेमब और बवेमब एक दूसरे के सहपफलन हैं। 3ण्1ण्7 )णात्मक कोणों के पफलन मान लीजिएθ कोइर् कोण है। तब, ेपद ;दृθद्ध त्र दृ ेपद θए बवे ;दृ θद्ध त्र बवे θ जंद ;दृ θद्ध त्र दृ जंद θए बवज ;दृθद्ध त्र दृ बवज θ ेमब ;दृθद्ध त्र ेमब θए बवेमब ;दृ θद्ध त्र दृ बवेमब θ 3ण्1ण्8 यौगिक कोणों से संबधी वुफछ सूत्रा दो या अिाक कोणों के योग या अंतर से बना एक कोण यौगिक कोण कहलाता है। इस संबंध में मूलभूत परिणाम त्रिाकोणमितीय सवर्समिकाएँ कहलाते हैं। जिन्हें नीचे दिया जा रहा हैः ;पद्ध ेपद ;। ़ ठद्ध त्र ेपद । बवे ठ ़ बवे । ेपद ठ ;पपद्ध ेपद ;। दृ ठद्ध त्र ेपद । बवे ठ दृ बवे । ेपद ठ ;पपपद्ध बवे ;। ़ ठद्ध त्र बवे । बवे ठ दृ ेपद । ेपद ठ ;पअद्ध बवे ;। दृ ठद्ध त्र बवे । बवे ठ ़ ेपद । ेपद ठ जंद । ़जंद ठ ;अद्ध जंद ;। ़ ठद्ध त्र 1जंद।जंदठ − जंद । −जंद ठ ;अपद्ध जंद ;। दृ ठद्ध त्र 1जंद।जंदठ ़ ;अपपद्ध ;अपपपद्ध ;पगद्ध ;गद्ध ;गपद्ध ;गपपद्ध ;गपपपद्ध ;गपअद्ध ;गअद्ध ;गअपद्ध ;गअपपद्ध ;गअपपपद्ध ;गपगद्ध ;गगद्ध ;गगपद्ध ;गगपपद्ध ;गगपपपद्ध बवज ;। ़ ठद्ध त्र बवज ;। दृ ठद्ध त्र ेपद 2। त्र 2 ेपद । बवे । त्र 21जंद ।़ बवे 2। त्र बवे2 । दृ ेपद2 । त्र 1 दृ 2 ेपद2। त्र 2 बवे2। दृ 1 त्र बवज।बवजठ −1 बवज । ़बवज ठ बवज। बवजठ ़1 बवजठ −बवज । 2जंद। 2जंद। जंद 2। त्र 21दृजंद । ेपद 3। त्र 3ेपद । दृ 4ेपद3 । बवे 3। त्र 4बवे3। दृ 3बवे । 33जंद।दृ जंद । जंद 3। त्र 21दृ3जंद । ⎛।़ठ⎞2बवेबवे । ़ बवे ठ त्र ⎜⎟⎝ 2 ⎠ ⎛।़ठ⎞ बवे । दृ बवे ठ त्र 2ेपद ⎜⎟ेपद ⎜⎟⎝ 2 ⎠⎝ 2 ⎠ ⎛।ठ़⎞ ⎛।ठ⎞−ेपद ।़ेपद ठ त्र 2ेपद ⎜⎟बवे ⎜⎟⎝ 2 ⎠⎝ 2 ⎠ ⎛।ठ़⎛।ठ⎞⎞−2बवे ेपदेपद ।दृ ेपद ठ त्र ⎜ ⎟⎜⎟⎝ 2 ⎠⎝ 2 ⎠ 2ेपद । बवे ठ त्र ेपद ;। ़ ठद्ध ़ ेपद ;।दृ ठद्ध 2बवे ।ेपद ठ त्र ेपद ;। ़ ठद्ध दृ ेपद ;।दृठद्ध 2बवे । बवे ठ त्र बवे ;। ़ ठद्ध ़ बवे ;। दृ ठद्ध 2ेपद ।ेपद ठ त्र बवे ;। दृ ठद्ध दृ बवे ;। ़ ठद्ध ⎡ । ⎛।दृठ⎞ बवे ⎝⎜ 2 ⎠⎟ ⎛ठदृ।⎞ त्रिाकोणमितीय पफलन 37 21दृजंद । 21़जंद । ⎢़यदि चतथ्ु ाा±श प् या प्प् में स्िथत है।1 −बवे। 2ेपद त्र± ⎢22 ⎢ । ⎢दृ यदि चतथ्ुााश्± ा प्प्प् या प्ट में स्िथत है ⎣ 2 ⎡ । ⎢़यदि चतुथा±श प् या प्ट में स्िथत है।1 ़बवे। 2;गगपअद्ध बवे त्र± ⎢22 ⎢ । दृ यदि चतथ्ु ाा±श प्प् या प्प्प् में स्िथत है⎢2⎣ ⎡ । ⎢़यदि चतथा±शुप् या प्प्प् में स्िथत है।1 −बवे। 2;गगअद्ध जंद त्र± ⎢21 ़बवे । ⎢ । दृ यदि चतथ्ु ाा±श प्प् या प्ट में स्िथत है⎢2⎣ 18° के कोण के त्रिाकोणमितीय पफलन मान लीजिएθ त्र 18° है। तब, 2θ त्र 90° दृ 3θ अतः, ेपद 2θ त्र ेपद ;90° दृ 3θद्ध त्र बवे 3θ या ेपद 2θ त्र 4बवे3 θ दृ 3बवे θ क्योंकि बवे θ ≠ 0, इसलिए 2ेपद θ त्र 4बवे2 θ दृ 3 त्र 1 दृ 4ेपद2 θ या 4ेपद2 θ ़ 2ेपद θ दृ 1 त्र 0ण् अतः, ेपद θ त्र 2 4 ़16 त्र−±15−± 84 −क्योंकि θ त्र 18° है, इसलिए ेपद θ झ 0ए है। अतः, ेपद 18° त्र 51 4 2 62− 5 10 ़251ेपद 18°त्रसाथ ही, बवे18° त्र − 1 −त्र 16 4 अब, हम सरलता पूवर्क बवे 36° और ेपद 36° का मान, निम्नलिख्िात प्रकार ज्ञात कर सकते हैंः 625 225़ 51− ़बवे 36° त्र 1 दृ 2ेपद2 18° त्र 1− त्र त्र 8 84 ़अतः, बवे 36° त्र 51 4 2 62 10 −25साथ ही, ेपद 36° त्र 1 −बवे 36°त्र 1 −़ 5 त्र 16 4 3ण्1ण्9 त्रिाकोणमितीय समीकरण किसी चर के त्रिाकोणमितीय पफलनों से संब( समीकरण त्रिाकोणमितीय समीकरण कहलाते हैं। समीकरण सवर्समिकाएँ कहलाती हैं, यदि वे अज्ञात कोणों के उन सभी मानों से संतुष्ट हो जाएँ, जिनके त्रिाकोणमितीय पफलन 39 लिए वे पफलन परिभाष्िात हैं। किसी त्रिाकोणमितीय समीकरण के वे हल जिसके लिए 0 ≤ θ ढ 2 πए उसका मुख्य हल कहलाते हैं। पूणा±क द से संब( वह व्यंजक जो त्रिाकोणमितीय समीकरण के सभी हल दे, उसका व्यापक हल कहलाता है। त्रिाकोणमितीय समीकरणों के व्यापक हल ;पद्ध यदि किसी कोण α के लिए, ेपद θ त्र ेपद α हो, तो θ त्र दπ ़ ;दृ1द्धद αए द ∈ र्ए दिये हुए समीकरण का व्यापक हल देता है। ;पपद्ध यदि किसी कोण α के लिए बवे θ त्र बवे α हो, तो θ त्र 2 दπ ± αए द ∈ र्ए दिये हुए समीकरण का व्यापक हल देता है। ;पपपद्ध यदि जंद θ त्र जंद α या बवज θ त्र बवज α हो, तो θ त्र दπ ़ αए द ∈ र्ए इन दोनों समीकरणों का व्यापक हल देता है। ;पअद्ध समीकरणेपद2 θ त्र ेपद2 αए बवे2θ त्र बवे2 α और जंद2 θ त्र जंद2 α में से किसी भी समीकरण को संतुष्ट करने वाला θ का व्यापक मान θ त्र दπ ± α होता है। ;अद्ध समीकरण ेपद θ त्र ेपद α और बवे θ त्र बवे α को युगपत् रूप से संतुष्ट करने वाला θ का व्यापक मान θ त्र 2दπ ़ αए द ∈ र् है। ;अपद्ध ं बवेθ ़ इ ेपदθ त्र बए के रूप के किसी समीकरण का हल ज्ञात करने के लिए, हम ं त्र इ त बवेα और इ त्र त ेपद α रखते हैं, जिससे त2 त्र ं2 ़ इ2 और जंद θ त्र प्राप्त होता है, इसं प्रकार हम देखते हैं कि ं बवेθ ़ इ ेपदθ त्र त;बवे θ बवे α ़ ेपद θ ण् ेपद α द्ध त्र बए या ब त बवे ;θ दृ αद्ध त्र ब के रूप में परिवतिर्त हो जाता है। और इसीलिए, बवे ;θ दृ αद्ध त्र यहतदी हुइर् समीकरण का हल प्रदान करता है। 2 2 22व्यंजक।बवेθ ़ ठ ेपदθ के अिाकतम और न्यूनतम मान क्रमशः । ़ ठ और दृ। ़ ठ हैं, जहाँ ।और ठ अचर हैं। 3ण्2 हल किये हुए उदाहरण लघु उत्तरीय प्रश्न ;ैण् ।ण्द्ध उदाहरण 1 3 बउ त्रिाज्या वाले एक वृत्ताकार तार को काट कर इस प्रकार मोड़ा जाता है कि वह 48 बउ ;त्रिाज्याद्ध वाले एक छल्ले की परििा के अनुदिश स्िथत हो जाए। अंशों ;डिगरीसद्ध में वह कोण ज्ञात कीजिए जो यह छल्ले के वेंफद्र पर अंतरित करता है। हल तार की त्रिाज्या3 बउए दिया हुआ है। इसलिये, इसे काटने पर, इसकी लंबाइर् त्र 2π × 3बउ त्र 6π बउ। पुनः इसे 48 बउण् त्रिाज्या वाले एक वृत्ताकार छल्ले के अनुदिश रखा जाता है। यहाँ े त्र 6π बउ चाप की लंबाइर् है तथात त्र 48 बउ वृत्त की त्रिाज्या है। इसलिए, इस चाप द्वारा वृत्त के वेंफद्र पर अंतरित चाप 6ππθ त्र त्र त्रत्र22ण्5 ° त्रिाज्या 48 8 उदाहरण 2 यदि θ के सभी मानों के लिए । त्र बवे2θ ़ ेपद4θ हो तो सि( कीजिए कि 3 4 ≤ । ≤ 1 है। हल हमें प्राप्त हैः । त्र बवे2 θ ़ ेपद4 θ त्र बवे2 θ ़ ेपद2 θ ेपद2 θ ≤ बवे2 θ ़ ेपद2 θ अतः, । ≤ 1 साथ ही, । त्र बवे2 θ ़ ेपद4 θ त्र ;1 दृ ेपद2 θद्ध ़ ेपद4 θ ⎛ 1 ⎞2 ⎛ 1 ⎞⎛ 1 ⎞233 त्र ⎜ेपद 2 θ− ⎟़⎜1 −⎟ त्र ⎜ेपद 2 θ−⎟़ ≥ ⎝ 2 ⎠⎝ 4 ⎠⎝ 2 ⎠ 44 ≤≤अतः, 3 ।1 4 उदाहरण 3 3 बवेमब 20° दृ ेमब 20° का मान ज्ञात कीजिए। हल हमें प्राप्त हैः 31−3 बवेमब 20° दृ ेमब 20° त्र ेपद 20 ° बवे 20 ° ⎛ 31 ⎞बवे 20 °दृ ेपद 20 °⎟⎜3बवे 20 °दृेपद20 ° 22त्र त्र 4 ⎜⎟⎜⎟ेपद 20 °बवे 20 °⎝ 2ेपद 20 °बवे 20 °⎠ ⎛ेपद 60 °बवे 20 °दृ बवे 60 °ेपद 20 °⎞ त्र4 ⎜⎟ ;क्यों?द्ध⎝ ेपद 40 °⎠ ेपद;60 °दृ20 द्ध ⎞ त्र4 ⎜⎛ °⎟ त्र 4 ;क्यों?द्ध⎝ ेपद 40 °⎠उदाहरण 4 यदि θ दूसरे चतुथा±श में स्िथत है, तो दशाइर्ए कि 1ेपद −θ 1ेपद ़θ़ त्र− 2ेमब θ 1 ़ेपद θ 1−ेपद θ त्रिाकोणमितीय पफलन 41 हल हमें प्राप्त हैः ़θ1ेपद −θ 1ेपद 1 −ेपद θ 1 ़ेपद θ 2़ त्र ़ त्र −θ2 221ेपद ़θ 1ेपद 1ेपद −θ 1ेपद θ बवे −θ 2 त्र ;क्योंकि प्रत्येक वास्तविक संख्या α के लिएद्यबवे θद्यα2 त्र द्यα द्य होता हैद्ध दिया है कि θ दूसरे चतुथा±श में स्िथत है। इसलिए,द्यबवे θद्य त्र दृ बवे θ ;क्योंकिबवे θ ढ 0 हैद्ध 2अतः दिए हुए व्यंजक का अभीष्ट मान त्र त्र दृ2 ेमबθ−बवे θउदाहरण 5 जंद 9° दृ जंद 27° दृ जंद 63° ़ जंद 81° का मान ज्ञात कीजिए। हल हमें प्राप्त हैः जंद 9° दृ जंद 27° दृ जंद 63° ़ जंद 81° त्र जंद 9° ़ जंद 81° दृ जंद 27° दृ जंद 63° त्र जंद 9° ़ जंद ;90° दृ 9°द्ध दृ जंद 27° दृ जंद ;90° दृ 27°द्ध त्र जंद 9° ़ बवज 9° दृ ;जंद 27° ़ बवज 27°द्ध ;1द्ध 12 त्रसाथ ही, जंद 9° ़ बवज 9° त्र ;क्यों?द्ध ;2द्ध ेपद 9 °बवे9 ° ेपद18 ° 1 22इसी प्रकार, जंद 27° ़ बवज 27° त्र ° त्र त्र ;क्यों?द्ध ;3द्ध ेपद 27°बवे27ेपद54 ° बवे36 ° ;2द्ध और ;3द्ध का ;1द्ध में प्रयोग करने पर, हमें प्राप्त होता हैः 22 × 2424 ×जंद 9° दृ जंद 27° दृ जंद 63° ़ जंद 81° त्र दृ त्र दृ त्र4 ेपद 18 ° बवे 36 ° 51− 5 ़1 ेमब8 θ−1 जंद8 θउदाहरण 6 सि( कीजिए कि त्र ेमब4 θ−1 जंद2 θ ेमब8 θ−1 ;1 −बवे8 θद्ध बवे 4 θ हल हमें प्राप्त हैं: त्र ेमब4 θ−1 ;1दृबवे4 θद्ध बवे8 θ 2ेपद2 4 θबवे 4 θ त्र2 ;क्यों?द्धबवे8 θ2ेपद 2 θ ेपद4 θ;2 ेपद4 θ बवे 4 θद्ध त्र 22बवे8 θ ेपद 2 θ ेपद 4 θ ेपद 8 θ त्र ;क्यों?द्ध2बवे8 θ ेपद 2 2 θ 2ेपद2बवे2ेपद8 θθθ त्र 2बवे8 θ ेपद 2 2 θ जंद 8 θ त्र ;क्यों?द्धजंद 2 θ उदाहरण 7 ेपद θ ़ ेपद 3θ ़ ेपद 5θ त्र 0 को हल कीजिए। हल हमें प्राप्त हैः ेपद θ ़ ेपद 3θ ़ ेपद 5θ त्र 0 या ;ेपद θ ़ ेपद 5θद्ध ़ ेपद 3θ त्र 0 या 2 ेपद 3θ बवे 2θ ़ ेपद 3θ त्र 0 ;क्यों?द्ध या ेपद 3θ ;2 बवे 2θ ़ 1द्ध त्र 0 इसलिए, ेपद 3θ त्र 0 या 2बवे2 θ ़1 त्र 0 द π जब ेपद 3θ त्र 0ए तो3θ त्र दπ अथार्त् θ त्र 3 12π 2ππ जब बवे 2θ त्र दृ त्र बवे ए तो 2θ त्र 2दπ ± अथार्त् θ त्र दπ ±233 3 इससे θ त्र ;3द ़ 1द्ध π या θ त्र ;3द दृ 1द्ध π प्राप्त होता है।33 द π θ के उपरोक्त सभी मान θ त्र ए द ∈ र्ण् में निहित है।3 द πअतः, वांछित हल समुच्चय क्ष्θ रू θ त्र ए द ∈ र्द्व है।3 उदाहरण 8 2 जंद2 ग ़ ेमब2 ग त्र 2ए 0 ≤ ग ≤ 2π के लिए, हल कीजिए। हल यहाँ, 2 जंद2 ग ़ ेमब2 ग त्र 21जिससे जंद ग त्र ± 3 1बवे ⎟⎜ ़ 1 ⎟त्रिाकोणमितीय पफलन 43 यदि हम जंद ग त्र 1 3 लेते हैं, तो ग त्र 6 π या 7 6 π ;क्यों?द्ध पुनः यदि हम जंद ग त्र 1 3 − लते ेहैं, तो ग त्र 5 6 π या 11 6 π ;क्यों?द्ध अतः, उपयुर्क्त समीकरणों के संभव हल ग त्र 6 π ए 5 6 π ए 7 6 π और 11 6 π हैं, जहाँ 0 ≤ ग ≤ 2π दीघर् उत्तरीय प्रश्न ;स्ण्।ण्द्ध ⎛ π ⎞ ⎛ 3π ⎞ ⎛ 5π ⎞ ⎛ 7π ⎞ उदाहरण 9 ⎜1बवे ़ ⎟⎜ ़ 1बवे ⎟⎜ ़ बवे का मान ज्ञात कीजिए।⎝ 8 ⎠⎝ 8 ⎠⎝ 8 ⎠⎝ 8 ⎠ ⎛ π⎞⎛ 3π⎞⎛ 5π⎞⎛ 7π⎞़़ बवे हल हम लिखते हैंः ⎜1बवे ⎟⎜ 1बवे ़ ⎟⎜ 1बवे ़ ⎟⎜ 1 ⎟⎝ 8 ⎠⎝ 8 ⎠⎝ 8 ⎠⎝ 8 ⎠ ⎛ π⎞⎛ 3π⎞⎛ ⎛ 3π⎞⎞⎛ ⎛ π⎞⎞ त्र ⎜1बवे ़ ⎟⎜ 1बवे ⎟⎜़ ⎜π− ⎟⎟⎜ 1बवे ⎜ ⎟⎟़ 1बवे ़ π− ⎝ 8 ⎠⎝ 8 ⎠⎝ ⎝ 8 ⎠⎠⎝ ⎝ 8 ⎠⎠ ⎛ 2 π⎞⎛ 23π⎞ त्र ⎜1 − बवे ⎟⎜ 1− बवे ⎟ ;क्यों?द्ध⎝ 8 ⎠⎝ 8 ⎠ π 23π2ेपद ेपद त्र 88 1 ⎛ π⎞⎛ 3π⎞ त्र ⎜1बवे − ⎟⎜ 1बवे ⎟ ;क्योंद्ध− 4 ⎝ 4 ⎠⎝ 4 ⎠ 1 ⎛ π⎞⎛ π⎞़त्र ⎜1बवे − ⎟⎜ 1बवे ⎟ ;क्यों?द्ध4 ⎝ 4 ⎠⎝ 4 ⎠ 1 ⎛− 2 π⎞ 1 ⎛ 1 ⎞ 1 त्र ⎜1बवे ⎠⎟ त्र ⎜1 − ⎟त्र 4 ⎝ 44 ⎝ 2 ⎠ 8 2π 4π उदाहरण 10 यदिग बवे θ त्र ल बवे ;θ ़ द्ध त्र ्र बवे ; θ ़ द्ध हो, तो गल ़ ल्र ़ ्रग का मान33 ज्ञात कीजिए। 44 प्रश्न प्रद£शका 111 हल ध्यान दीजिए कि गल ़ ल्र ़ ्रग त्र गल्र ⎛़ ़⎞ ⎜ ⎟गल्र⎝⎠ 2π 4π⎞यदि हम ग बवे θ त्र ल बवे ;θ ़ द्ध त्र ्र बवे ⎛⎜θ़ ⎟ त्र ा ;मान लीजिएद्ध रखें,3 ⎝ 3 ⎠ाा ातो ग त्र θए ल त्र और ्र त्र होगा।बवे 2π⎞ 4π⎞ बवे ⎛⎜θ़ ⎟ बवे ⎛⎜θ़ ⎟⎝ 3 ⎠⎝ 3 ⎠ 111 1 ⎡⎛ 2π⎞ ⎛ 4π⎞⎤इससे, ़़ त्र बवे θ़बवे ⎜θ़ ⎟़बवे⎜θ़ ⎟⎢ ⎥गल्र ा ⎣⎝ 3 ⎠⎝ 3 ⎠⎦ 12π 2πख्बवे θ़बवे θबवे −ेपद θेपदत्र ा 33 4π 4π ़ बवे θबवे −ेपद θेपद ,33 1 ⎡−1 बवेθ़बवेθ;द्ध−त्र ⎢ा 22⎣ 1 ⎛ 3 ⎞⎛ 1 ⎞⎛दृ3 ⎞⎤ ेपद θ− बवे θ⎜ ⎟ बवे θ⎜दृ ⎟ेपद θ⎜ ⎟⎥ ;क्यों?द्ध22 ⎝ 2 ⎠ 2⎝⎠ ⎝⎠⎦⎥ 1 त्र 00×त्र ा अतः, गल ़ ल्र ़ ्रग त्र 0 उदाहरण11 यदि α और β समीकरण ं जंद θ ़ इ ेमब θ त्र ब के मूल हैं, तो सि( कीजिए कि 2ंब जंद ;α ़ βद्ध त्र है।22ं −ब हल हमें दिया हैः ं जंदθ ़ इ ेमबθ त्र ब या ं ेपदθ ़ इ त्र ब बवे θ त्रिाकोणमितीय पफलन 45 θ 2 θ2 जंद 1−जंद 22सवर्समिकाओं, ेपद θ त्र θ आरै बवे θत्र θ का प्रयोग करने पर,221जंद ़ 1जंद ़ 22 ⎛θ⎞ ⎛ 2 θ⎞ं⎜2 जंद ⎟ ब⎜1 −जंद ⎟⎝ 2 ⎠⎝ 2 ⎠इ़त्र 2 θ 2 θ1जंद ़ 1जंद ़22 θθया ;इ़ बद्ध जंद 2 ़ 2ंजंद ़ इदृ बत्र 022 उपरोक्त समीकरण जंद θ में एक द्विघात समीकरण है और इसीलिए जंद αऔर जंद βइस समीकरण2 22 के मूल हैं। ;क्यों?द्ध αβ−2ं αβ−इब इसलिए जंद ़ जंद त्र और जंद जंद त्र है। ;क्यों?द्धइब 2 इब22 ़ 2 ़ αβजंद ़जंद ⎛α β⎞ 22सवर्समिका जंद ⎜ ़⎟⎠ त्र का प्रयोग करने पर,⎝22 αβ1−जंद जंद 22 −2ं ⎛αβ⎞ −2ं −ं़हमें प्राप्त होता हैः जंद ⎜ ़⎟त्र इब त्र त्र ण्ण्ण् ;1द्ध⎝ इब22 ⎠− 2बब1−इब़α़β2जंद ⎛α़β⎞पुनः, एक अन्य सवर्समिका जंद 2 ⎜ ⎟⎠ त्र2 के प्रयोग से,⎝ 22 α़β1जंद − 2 46 प्रश्न प्रद£शका ⎛ ं ⎞2⎜− ⎟⎝ ब ⎠ 2ंबहमें प्राप्त होता हैः जंद ;α़β द्धत्र त्र 2 ख्;1द्ध से,ं2 ं −ब2 1−2ब वैकल्िपक रूप से, ं जंदθ ़ इ ेमब θ त्र ब ⇒ ;ं जंदθ दृ बद्ध2 त्र इ2;1 ़ जंद2 θद्ध ⇒ ं2 जंद2 θ दृ 2ंब जंद θ ़ ब2 त्र इ2 ़ इ2 जंद2 θ ⇒ ;ं2 दृ इ2द्ध जंद2 θ दृ 2ंब जंद θ ़ ब2 दृ इ2 त्र 0 ण्ण्ण् ;1द्ध क्योंकि जंद α और जंद β समीकरण ;1द्ध के मूल हैं, इसलिए 2ंब ब2 −इ2 जंद α ़ जंद β त्र और जंद α जंद β त्र 22 22 ं −इं −इ जंद α़जंद βअतः, जंद ;α ़ βद्ध त्र 1जंद αजंद −β 2ंब ं2 −इ22ंब त्र त्र 22 22ब −इं −ब ं2 −इ2 उदाहरण12 सि( कीजिए कि 2 ेपद2 β ़ 4 बवे ;α ़ βद्ध ेपद α ेपद β ़ बवे 2 ;α ़ βद्ध त्र बवे 2α हल स्भ्ै त्र 2 ेपद2 β ़ 4 बवे ;α ़ βद्ध ेपद α ेपद β ़ बवे 2;α ़ βद्ध त्र 2 ेपद2 β ़ 4 ;बवे α बवे β दृ ेपद α ेपद βद्ध ेपद α ेपद β ़;बवे 2α बवे 2β दृ ेपद 2α ेपद 2βद्ध त्र 2 ेपद2 β ़ 4 ेपद α बवे α ेपद β बवे β दृ 4 ेपद2 α ेपद2 β ़बवे 2α बवे 2β दृ ेपद 2α ेपद 2β त्र 2 ेपद2 β ़ ेपद 2α ेपद 2β दृ 4 ेपद2 α ेपद2 β ़ बवे 2α बवे 2β दृ ेपद 2α ेपद 2β त्र ;1 दृ बवे 2βद्ध दृ ;2 ेपद2 αद्ध ;2 ेपद2 βद्ध ़ बवे 2α बवे 2β ;क्यों?द्ध त्र ;1 दृ बवे 2βद्ध दृ ;1 दृ बवे 2αद्ध ;1 दृ बवे 2βद्ध ़ बवे 2α बवे 2β ;क्यों?द्ध त्र बवे 2α त्र त्ण्भ्ण्ैण् त्रिाकोणमितीय पफलन 47 उदाहरण13 यदि कोणθ को ऐसे भागों में विभाजित किया जाता है कि एक भाग का जंदहमदज दूसरे भाग के जंदहमदज का ागुना है, तथा इन भागों का अंतर φ है, तो ा़1सि( कीजिए कि ेपद θ त्र ेपद φा−1 हल मान लीजिए किθ त्र α ़ β तबए जंद α त्र ाजंद β जंद α ाया त्र जंद β1 योगांतरानुपात;बवउचवदमदकव ंदक कपअपकमदकवद्ध का प्रयोग करने पर, हमें प्राप्त होता है, जंद α़जंद β ा़1 त्र जंद α−जंद βा−1 ेपद αबवे β़बवे αेपद β ा़1या त्र ;क्यों?द्धेपद αबवे β−बवे αेपद βा−1 ेपद ; α़βद्ध ा़1अथार्त्, त्र ;क्यों?द्धेपद ; α−βद्ध ा−1 α दृ β त्र φ और α ़ β त्र θ दिया है। अतः, ेपद θ ा़1 ा़1 φ त्र वत ेपद θ त्र ेपद φेपद ादृ1 ा−1 उदाहरण 14 3बवे θ ़ ेपद θ त्र 2 को हल कीजिए। हल दिये दिए समीकरण को 2 से भाग देने पर 31 1 ππ π बवे θ़ ेपद θत्र या बवे बवे θ़ेपद ेपद θत्रबवे 22266 4 ⎛π⎞π ⎛π⎞πया बवे ⎜ −θ⎟ त्रबवे या बवे ⎜θ− ⎟त्रबवे ;क्यों?द्ध⎝⎠ ⎝⎠64 64 ππअतः, इस समीकरण के हल θ त्र 2उπ ± ़ 46 अतः, θ का मान हैः ππ ππ5ππ θ त्र 2उπ ़ ़ या θ त्र 2उπ दृ ़ अथार्त् θ त्र 2उπ ़ या θ त्र 2उπ दृ 46 46 1212 वस्तुनिष्ठ उदाहरण ;डब्फद्ध उदाहरण 15 से 19 तक प्रत्येक में, दिए हुए चारों विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएः −4 उदाहरण 15 यदि जंद θ त्र है, तो ेपद θ है3 −4 4 −4 ;।द्ध 5 परंतु 5 नहीं ;ठद्ध 5 या 54 44;ब्द्ध परंतु − नहीं ;क्द्ध इनमें से कोइर् नहीं55 हल सही विकल्प ;ठद्ध है। क्योंकि जंद θ त्र दृ4 )णात्मक है, इसलिए θ या तो दूसरे चतुथा±श में है3 4या चैथे चतुथा±श में है। इस प्रकार, ेपद θ त्र 5 यदि θ दूसरे चतुथा±श में स्िथत है या ेपद θ त्र दृ4ए यदि θ चैथे चतुथा±श में स्िथत है।5 उदाहरण 16 यदि ेपद θ और बवे θ समीकरण ंग2 दृ इग ़ ब त्र 0 के मूल हैं, तो ंए इ और ब निम्नलिख्िात संबंध को संतुष्ट करते हैंः ;।द्ध ं2 ़ इ2 ़ 2ंब त्र 0 ;ठद्ध ं2 दृ इ2 ़ 2ंब त्र 0 ;ब्द्ध ं2 ़ ब2 ़ 2ंइ त्र 0 ;क्द्ध ं2 दृ इ2 दृ 2ंब त्र 0 हल सही विकल्प ;ठद्ध है। दिया है कि ेपद θ और बवे θ समीकरण ंग2 दृ इग ़ ब त्र 0 के मूल हैं। इबइसलिए, ेपद θ ़ बवे θ त्र और ेपद θ बवे θ त्र ;क्यों?द्धं सवर्समिका ;ेपदθ ़ बवे θद्ध2 त्र ेपद2θ ़ बवे2θ ़ 2 ेपद θ बवे θ का प्रयोग करने पर, हमें प्राप्त होता हैः 2इ 2ब त्ऱ1 या ं2 दृ इ2 ़ 2ंब त्र 02 ं उदाहरण 17 ेपद ग बवे ग का अिाकतम मान हैः 1 ;।द्ध 1 ;ठद्ध2 ;ब्द्ध ;क्द्ध 2 हल सही विकल्प ;क्द्ध है, क्योंकि त्रिाकोणमितीय पफलन 49 11 ेपद ग बवे गत्र ेपद 2ग ≤ 2ए क्योंकि द्येपद 2ग द्य ≤ 12उदाहरण 18 ेपद 20° ेपद 40° ेपद 60° ेपद 80° का मान है −35 3 1 ;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध1616 16 16 हल सही विकल्प ;ब्द्ध है। वास्तव में, ेपद 20° ेपद 40° ेपद 60° ेपद 80° जंद; θ़15°द्ध 3 त्र 3 2 ेपद 20° ेपद ;60° दृ 20°द्ध ेपद ;60° ़ 20°द्ध ;क्योंकि ेपद 60° त्र 3 2 द्ध त्र 3 2 ेपद 20° ;ेपद2 60° दृ ेपद2 20°द्ध ;क्यो?द्ध त्र 3 2 ेपद 20° ख् 3 4 दृ ेपद2 20°, त्र 3 2 × 1 4 ख्3ेपद 20° दृ 4ेपद3 20°, त्र 3 2 × 1 4 ;ेपद 60°द्ध ;क्यों?द्ध 3 1 3 3 त्र 2 × 4 × 2 त्र 16 π 2π 4π 8π उदाहरण 19 बवे 5 बवे 5 बवे 5 बवे 5 का मान हैऋ 1 −1 −1 ;।द्ध 16 ;ठद्ध 0 ;ब्द्ध 8 ;क्द्ध 16 हल ;क्द्ध सही उत्तर है। हमें ज्ञात हैऋ π 2π 4π 8π बवे 5 बवे 5 बवे 5 बवे 5 त्र 1 2ेपद 5 π 2ेपद 5 π बवे 5 π बवे 2π 5 बवे 4π 5 8π बवे 5 50 प्रश्न प्रद£शका त्र 1 2ेपद 5 π ेपद 2 5 π बवे 2 5 π बवे 4 5 π 8 बवे 5 π ;क्यों?द्ध त्र 1 4ेपद 5 π ेपद 4 5 π बवे 4 5 π 8 बवे 5 π ;क्यों?द्ध 1 8ेपद त्र 5 π ेपद 8 5 π 8 बवे 5 π ;क्यों?द्ध त्र ेपद 16 5 π ेपद 3π़ त्र ⎛⎜⎝ 5 π⎞⎟⎠ 16 ेपद 5 π 16 ेपद 5 π त्र ेपद − 5 π 16 ेपद 5 π ;क्यों?द्ध त्र − 1 16 रिक्त स्थानों की पूतिर् कीजिएः उदाहरण 20 यदि, 3 जंद ;θ दृ 15°द्ध त्र जंद ;θ ़ 15°द्धए 0° ढ θ ढ 90° है, तो θ त्र ऋऋऋऋऋऋऋऋऋहै। हल 3 जंद ;θ दृ 15°द्ध त्र जंद ;θ ़ 15°द्ध को इस रूप में लिखा जा सकता हैः त्र जंद; θ−15°द्ध 1 जंद ; θ़15°द्ध़जंद ; θ दृ 15°द्ध योगांतरानुपात के प्रयोग से हमें प्राप्त हुआ त्र2 जंद ; θ़15°द्ध −जंद ; θ दृ15°द्ध ेपद ; θ़ 15°द्ध बवे ; θ−15°द्ध़ेपद ; θ−15°द्ध बवे ; θ़ 15°द्ध ⇒ त्र 2 ेपद ; θ़15°द्ध बवे ; θ−15°द्ध −ेपद ; θ− 15°द्ध बवे; θ़15°द्ध ेपद 2 θ⇒ त्र 2 अथार्त् ेपद 2θ त्र 1 ;क्यों?द्धेपद 30 ° त्रिाकोणमितीय पफलन 51 πइससे θत्र 4 बताइए कि निम्नलिख्िात कथन सत्य है या असत्य। अपने उत्तर का औचित्य दीजिए। 11 −उदाहरण 21 श्असमिका 2ेपदθ ़ 2बवेθ≥ θ के सभी वास्तविक मानों के लिए सत्य है।श् 22 हल सत्य। क्योंकि 2ेपदθ और 2बवेθ धनात्मक वास्तविक संख्याएँ हैं, इसलिए इनका समांतर माध्य ;।ण्डण्द्ध इनके गुणोत्तर माध्य ;ळण्डण्द्ध से बड़ा या उसके बराबर होगा। अतः, ेपदθ बवे θ2 ़2 ≥ 2 ेपद θ़बवे θ 1 ⎛ 11 ⎞ेपद θ़ बवे θ⎜ ⎟2 ⎠22 ⎝ 2≥ 2 त्र 2 ⎛π1 ेपद ⎜ ़θ⎞⎟⎝ 4 ⎠≥ 22 क्योंकि दृ1 ≤ ेपद ⎜⎛π ़θ⎟⎞ ≤ 1 होता है, इसलिए हमें प्राप्त हैः⎝4 ⎠−1ेपद θ बवे θ 11−2 ़2 2 ेपद θ बवे θइसलिए, ≥ 2 ⇒ 2 ़ 2 ≥ 22 2 स्तंभ ब्1 में दिए प्रत्येक प्रविष्िट की स्तंभ ब्2 में दी गइर् प्रविष्िटयों से मिलान कीजिएः उदाहरण 22ब्1 ब्2 1बवे − गग ;ंद्ध ;पद्ध बवज2 ेपद ग 2 1बवे ़ गग ;इद्ध ;पपद्ध बवज 1बवे − ग 2 1बवे ग़ बवे ग ़ेपद ग;बद्ध ;पपपद्धेपद ग ग ;कद्ध 1ेपद2ग ;पअद्ध जंद ़ 2 हल 2ेपद 2 ग 1बवे −गग2;ंद्ध त्र त्र जंद ेपद ग गग 22ेपद बवे 22 अतः, ;ंद्ध का सही मिलान ;पअद्ध से होगा, जिसे ;ंद्ध ↔ ;पअद्ध से व्यक्त किया जाएगाः 2 ग1बवे ़ ग 2बवे ग;इद्ध त्र 2 त्र बवज 2 है। अतः,;इद्ध का सही मिलान;पद्ध से होगा, अथार्त्;इद्ध ↔;पद्ध है।1बवे गग 2−22ेपद 2 2बवे2 ग 1बवे ़गग ;बद्ध त्र 2 त्र बवज है।ेपद ग गग 22ेपद बवे 22 अतः, ;बद्ध का सही मिलान ;पपद्ध से होगा, अथार्त् ;बद्ध ↔ ;पपद्ध है। ़त्र ;ेपद ग़ बवे गद्ध2 त्र ;कद्ध 1ेपद2 गत्र ेपद 2 ग़बवे 2 ग़ 2 ेपद गबवे ग ;ेपद ग़ बवे गद्ध अतः ;कद्ध का सही मिलान;पपपद्ध से हागा। अथार्त्;कद्ध ↔ ;पपपद्ध है।जंद । ़ ेमब।दृ1 1़ ेपद । 1ण् सि( कीजिए कि त्र जंद । − ेमब। ़1 बवे । 2ेपद α −α़ ेपद 1बवे α2ण् यदि त्र लहै, तो सि( कीजिए कि भी लके बराबर है।1बवे ़ α़ ेपद α़1ेपद α ⎡ 1बवे − α़ ेपद α 1 − बवे α़ ेपद α 1बवे ़ α़ ेपद α⎤सवंेफतः व्यक्त कीजिएः त्र ण्⎢⎥1ेपद ़α 1ेपद α 1 ़ बवे ़ α़ ेपद α⎣⎦ उद़ 3ण् यदि उेपद θ त्र देपद ;θ ़ 2αद्ध है, तो सि( कीजिए कि जंद ;θ ़ αद्ध बवज α त्र −उद त्रिाकोणमितीय पफलन 53 ेपद; 2 उθ़ α द्धख्संकेतरू त्र लिखकर योगांतरानुपात का प्रयोग कीजिए।,ेपद θ द 4 5 π 4ण् यदि बवे ;α ़ βद्ध त्र और ेपद ;α दृ βद्ध त्र हैऋ जहाँ αए 0 और के बीच स्िथत हैऋ तो5 134 जंद2α का मान ज्ञात कीजिए। ख्संकेतरू जंद 2 α कोजंद ;α ़ β ़ α दृ βद्ध के रूप में व्यक्त कीजिए।ह् ंइ़ ंइ− ़5ण् यदि जंद गत्र इहै, तो ़ का मान ज्ञात कीजिए।ंंइ− ंइ θ 6ण् सि( कीजिए कि बवेθ बवे दृ बवे3θ बवे 9θ त्र ेपद 7θ ेपद 8θ है।22 1 θ 9θख्संकेतरू स्ण्भ्ण्ैण् त्र ख्2बवेθ बवे दृ 2 बवे3θ बवे , के रूप में व्यक्त कीजिए।ह् 22 2 7ण् यदि ंबवे θ ़ इेपद θ त्र उऔर ंेपद θ दृ इबवे θ त्र दहै, तो सि( कीजिए किं2 ़ इ2 त्र उ2 ़ द2 है। 8ण् जंद 22°30 ′ का मान ज्ञात कीजिए। ख्संकेतरू मान लीजिए किθ त्र 45° है। θ θθेपद 2 ेपद बवे θ ेपद θ2 22अतः जंद त्रत्र त्र का प्रयोग कीजिए।,2 θ 2 θ 1़ बवे θबवे 2 बवे 22 9ण् सि( कीजिए कि ेपद 4। त्र 4ेपद। बवे3। दृ 4 बवे। ेपद3। है। 10ण् यदि जंदθ ़ ेपदθ त्र उऔर जंदθदृ ेपदθ त्र दहो, तो सि( कीजिए कि उ2 दृ द2 त्र 4ेपदθजंदθ है। ख्संकेतरू उ़ दत्र 2जंदθए उदृ दत्र 2 ेपदθ है। तोउ2 दृ द2 त्र ;उ़ दद्ध ;उदृ दद्ध का प्रयोग कीजिए, च़ु 11ण् यदि जंद ;। ़ ठद्ध त्र चऔर जंद ;। दृ ठद्ध त्र ुहै, तो सि( कीजिए कि जंद 2 ।त्र 1 है।− चु ख्संकेतरू 2। त्र ;। ़ ठद्ध ़ ;। दृ ठद्ध का प्रयोग कीजिए, 12ण् यदिबवेα ़ बवेβ त्र 0 त्र ेपदα ़ ेपदβ है, तो सि( कीजिए कि बवे 2α ़ बवे 2β त्र दृ 2बवे ;α ़ βद्ध है। ख्संकेतरू ;बवेα ़ बवेβद्ध2 दृ ;ेपदα ़ ेपदβद्ध2 त्र 0 है।, ेपद ; ़ द्ध ़ जंद गलंइ गं13ण् यदि त्र है, तो सि( कीजिए कि त्र है।ेपद ; − द्ध − जंद लइ गल ंइ ख्संकेतरू योगांतरानुपात का प्रयोग कीजिए।, ेपद α−बवे α 14ण् यदि जंदθ त्र है, तो सि( कीजिए कि कि ेपदα ़ बवेα त्र 2 बवेθ है।ेपद α़बवे α ππ ख्संकेतरू व्यक्त कीजिएः जंद θ त्र जंद ;α दृ द्ध ⇒ θ त्र α दृ ,44 15ण् यदि ेपदθ ़ बवेθ त्र 1 है, तो θ का व्यापक मान ज्ञात कीजिए। 1 16ण् समीकरण जंदθ त्र दृ1 और बवेθ त्र को संतुष्ट करने वाले θ का उभयनिष्ठ व्यापक मान2 ज्ञात कीजिए। 17ण् यदि बवज θ ़ जंद θ त्र 2 बवेमब θ है, तो θ का व्यापक मान ज्ञान कीजिए। 18ण् यदि 2ेपद2θ त्र 3बवेθ है, जहाँ0 ≤ θ ≤ 2π है, तो θ का मान ज्ञात कीजिए। π 19ण् यदि ेमबगबवे5ग़ 1 त्र 0 है, जहाँ 0 ढ ग≤ है, तोगका मान ज्ञात कीजिए।2 दीघर् उत्तरीय प्रश्न ;स्।द्ध 20ण् यदि ेपद ;θ ़ αद्ध त्र ंऔर ेपद ;θ ़ βद्ध त्र इहै, तो सि( कीजिए कि बवे 2;α दृ βद्ध दृ 4ंइ बवे ;α दृβद्ध त्र 1 दृ 2ं2 दृ 2इ2 है। ख्संकेतरू बवे ;α दृ βद्ध त्र बवे क्ष्;θ ़ αद्ध दृ ;θ ़ βद्ध लिख्िाए।,द्व 1−उ21ण् यदि बवे ;θ ़ φद्ध त्र उबवे ;θ दृ φद्ध है, तो सि( कीजिए कि जंद θत्र बवज φ है।1़उ बवे ; θ़π द्ध उख्संकेतरू त्र के रूप में व्यक्त कर योगांतरानुपात का प्रयोग कीजिए।,बवे ; θ−π द्ध1 3π π 22ण् व्यंजक 3 ख्ेपद4 ; 2 −αद्ध ़ ेपद4 ;3π ़ αद्ध, दृ 2 क्ष्ेपद6 ; 2 ़ αद्ध ़ ेपद6 ;5π दृ αद्ध, का मान ज्ञात कीजिए। 23ण् यदि ंबवे 2θ ़ इेपद 2θ त्र बके मूल α और β हैं, तो सि( कीजिए कि 2इ जंदα ़ जंद β त्र है।ंब़ त्रिाकोणमितीय पफलन 55 1जंद 2 θ θ− 2जंद ख्संकेतरू सवर्समिकाओं बवे 2θ त्र 2 और ेपद 2θ त्र 2 का प्रयोग कीजिए। ,1जंद ़θ ़1जंद θ 24ण् यदिग त्र ेमब φ दृ जंद φ औरल त्र बवेमब φ ़ बवज φ है, तो सि( कीजिए किगल ़ ग दृ ल ़ 1 त्र 0 है। ख्संकेतरू थ्पदक गल ़ 1 ज्ञात कीजिए और पिफर सि( कीजिए कि गए ल त्र दृ ;गल ़ 1द्ध है।, 25ण् यदि θ प्रथम चतुथा±श में स्िथत है तथा बवेθ त्र है, तो8 17 बवे ;30° ़ θद्ध ़ बवे ;45° दृ θद्ध ़ बवे ;120° दृ θद्ध का मान ज्ञात कीजिए। π 3π 5π 7π44 4426ण् व्यंजक बवे ़बवे ़ बवे ़बवे का मान ज्ञात कीजिए।888 8 4 π 43πख्संकेतरू व्यंजक 2 ; बवे ़बवे द्ध88 ⎡ 2 ⎤⎛ 2 π 23π⎞ 2 π 23π2बवे ़ बवे ⎟−2 बवे बवे ⎥त्र ⎢⎜ के रूप में सरल कीजिए।⎢⎝ 88 ⎠ 88 ⎥⎣ ⎦ 27ण् समीकरण 5बवे2θ ़ 7ेपद2θ दृ 6 त्र 0 का व्यापक हल ज्ञात कीजिए। 28ण् समीकरण ेपदग दृ 3ेपद2ग ़ ेपद3ग त्र बवेग दृ 3बवे2ग ़ बवे3ग का व्यापक हल ज्ञात कीजिए। 29ण् समीकरण ; 3 दृ 1द्ध बवेθ ़ ; 3़ 1द्ध ेपदθ त्र 2 का व्यापक हल ज्ञात कीजिए। ख्संकेतरू 3 दृ 1त्र त ेपदαए 3 ़ 1 त्र त बवेα रख्िाए, जिससे जंदα त्र जंद ; π दृ π द्ध ⇒46π α त्र प्राप्त होता है।,12 वस्तुनिष्ठ प्रश्न प्रश्न 30 से 59 में, दिए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए ;डण्ब्ण्फद्धण् 30ण् यदि ेपद θ ़ बवेमब θ त्र 2ए तो ेपद2 θ ़ बवेमब2 θ बराबर हैμ ;।द्ध 1 ;ठद्ध 4 ;ब्द्ध 2 ;क्द्ध इनमें से कोइर् नहीं 31ण् यदि ि;गद्ध त्र बवे2 ग ़ ेमब2 ग है, तो ;।द्ध ि;गद्ध ढ 1 ;ठद्ध ि;गद्ध त्र 1 ;ब्द्ध 1ढ ि;गद्ध ढ 2 ;क्द्ध ि;गद्ध ≥ 2 ख्संकेतरू ।ण्ड ≥ ळण्डण्, 11 32ण् यदि जंद θ त्र और जंद φ त्र है, तो θ ़ φ का मान है23 ππ ;।द्ध ;ठद्ध π ;ब्द्ध 0 ;क्द्ध 64 33ण् निम्नलिख्िात में से कौन सही नहीं है? 1 ;।द्ध ेपद θ त्र दृ ;ठद्ध बवे θ त्र 15 1 ;ब्द्ध ेमब θ त्र ;क्द्ध जंद θ त्र 202 34ण् जंद 1° जंद 2° जंद 3° ण्ण्ण् जंद 89° का मान हैμ 1 ;।द्ध 0 ;ठद्ध 1 ;ब्द्ध 2 ;क्द्ध परिभाष्िात नहीं 21जंद 15 °− 35ण् का मान हैμ21जंद 15 °़ 3 ;।द्ध 1 ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध 23 2 36ण् बवे 1° बवे 2° बवे 3° ण्ण्ण् बवे 179° का मान हैμ 1 ;।द्ध ;ठद्ध0 ;ब्द्ध1 ;क्द्ध दृ1 2 37ण् यदि जंद θ त्र 3 है और θ तीसरे चतुथा±श में स्िथत है,तोेपद θ का मान हैμ 11 −33−;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध10 1010 10 38ण् जंद 75° दृ बवज 75° का मान हैμ ;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध 123 2़ 32− 3 39ण् निम्नलिख्िात में से कौन सही है? ;।द्ध ेपद1° झ ेपद 1 ;ठद्ध ेपद 1° ढ ेपद 1 π;ब्द्ध ेपद 1° त्र ेपद 1 ;क्द्ध ेपद 1° त्र ेपद 1180 180 ° ख्संकेतरू 1 रेडियन त्र त्र°′57 30 लगभग,π त्रिाकोणमितीय पफलन 57 40ण् यदि जंद α त्र उ ए और जंद β त्र 1 है, तोα ़ β बराबर हैμउ ़12उ ़1 ππππ ;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध2364 41ण् 3 बवेग ़ 4 ेपदग ़ 8 का न्यूनतम मान हैμ ;।द्ध 5 ;ठद्ध9 ;ब्द्ध7 ;क्द्ध 3 42ण् जंद 3। दृ जंद 2। दृ जंद । बराबर हैμ ;।द्ध जंद 3। जंद 2। जंद । ;ठद्ध दृ जंद 3। जंद 2। जंद। ;ब्द्ध जंद ।जंद 2। दृ जंद 2। जंद 3।दृ जंद 3। जंद । ;क्द्ध इनमें से कोइर् नहीं 43ण् ेपद ;45° ़ θद्ध दृ बवे ;45° दृ θद्ध का मान हैμ ;।द्ध 2 बवेθ ;ठद्ध 2 ेपदθ ;ब्द्ध1 ;क्द्ध 0 ⎛π ⎞⎛π⎞44ण् बवज ⎜ ़θ⎟बवज ⎜ −θ ⎟ का मान हैμ⎝4 ⎠⎝4 ⎠ ;।द्ध दृ1 ;ठद्ध0 ;ब्द्ध1 ;क्द्ध परिभाष्िात नहीं 45ण् बवे 2θ बवे 2φ ़ ेपद2 ;θ दृ φद्ध दृ ेपद2 ;θ ़ φद्ध बराबर हैμ ;।द्ध ेपद 2;θ ़ φद्ध ;ठद्ध बवे 2;θ ़ φद्ध ;ब्द्ध ेपद 2;θ दृ φद्ध ;क्द्ध बवे 2;θ दृ φद्ध ख्संकेतरू ेपद2। दृ ेपद2 ठ त्र ेपद ;। ़ ठद्ध ेपद ;। दृ ठद्ध का प्रयोग कीजिए।, 46ण् बवे 12° ़ बवे 84° ़ बवे 156° ़ बवे 132° का मान हैμ 1 11 ;।द्ध ;ठद्ध1 ;ब्द्ध दृ ;क्द्ध2 28 11 47ण् यदि जंद ।त्र ए जंद ठ त्र है, तो जंद ;2। ़ ठद्ध का मान बराबर हैμ23 ;।द्ध 1 ;ठद्ध2 ;ब्द्ध3 ;क्द्ध 4 π 13π 48ण् ेपद ेपद का मान हैμ10 10 1 11 ;।द्ध ;ठद्ध − ;ब्द्ध − ;क्द्ध 12 24 51 51ख्संकेतरू ेपद 18° त्र − और बवे 36° त्र ़ प्रयोग कीजिए।ह्44 49ण् ेपद 50° दृ ेपद 70° ़ ेपद 10° का मान बराबर हैμ 1 ;।द्ध 1 ;ठद्ध0 ;ब्द्ध ;क्द्ध22 50ण् यदि ेपद θ ़ बवे θ त्र 1 है, तो ेपद 2θ का मान बराबर हैμ 1 ;।द्ध1 ;ठद्ध ;ब्द्ध0 ;क्द्ध दृ1 2 π 51ण् यदि α ़ β त्र है, तो;1 ़ जंद αद्ध ;1 ़ जंद βद्ध का मान बराबर हैμ4 ;।द्ध1 ;ठद्ध 2 ;ब्द्ध दृ 2 ;क्द्ध परिभाष्िात नहीं −4 θ 52ण् यदि ेपद θ त्र है और θ तीसरे चतुथा±श में स्िथत है, तो बवे का मान बराबर हैμ52 1 111 दृ दृ;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध5 10 510 53ण् अंतराल ख्0ए2π, में स्िथत समीकरण जंद ग ़ ेमब ग त्र 2 बवेग के हलों की संख्या हैμ ;।द्ध 0 ;ठद्ध1 ;ब्द्ध2 ;क्द्ध 3 ππ 2π 5π 54ण् ेपद ़ ेपद ़ ेपद ़ ेपद का मान निम्नलिख्िात हैμ18 9 9 18 7π 4π ;।द्ध ेपद ़ ेपद ;ठद्ध 118 9 π 3π ππ ;ब्द्ध बवे ़ बवे ;क्द्ध बवे ़ ेपद 67 99 55ण् यदि। दुसरे चतुथा±श में स्िथत है तथा 3 जंद । ़ 4 त्र 0ए तो2 बवज। दृ 5 बवे । ़ ेपद ।का मान हैμ −5323 37 7 ;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध1010 10 10 56ण् बवे2 48° दृ ेपद2 12° का मान हैμ 51 51़ −;।द्ध ;ठद्ध8 8 त्रिाकोणमितीय पफलन 59 ़51 51़;ब्द्ध ;क्द्ध5 22 ख्संकेत रू बवे2। दृ ेपद2 ठ त्र बवे ;।़ ठद्ध बवे ;। दृ ठद्ध का प्रयोग कीजिए।, 11 57ण् यदि जंद α त्र 7ए और जंद β त्र 3ए तो बवे 2α बराबर हैμ ;।द्ध ेपद 2β ;ठद्ध ेपद 4β ;ब्द्ध ेपद 3β ;क्द्ध बवे 2β ं 58ण् यदि जंद θ त्र इ है, तो इ बवे 2θ ़ ं ेपद 2θ बराबर है ं ;।द्ध ं ;ठद्ध इ ;ब्द्ध ;क्द्ध इनमें से कोइर् नहींइ 1 59ण् यदि ग की सभी वास्तविक मान के लिए, बवे θ त्र ग ़ है, तोग ;।द्ध θ एक न्यून कोण है ;ठद्ध θ एक समकोण है ;ब्द्ध θ एक अिाक कोण है ;क्द्ध θ का कोइर् मान संभव नहीं है प्रश्न संख्या 60 से 67 तक में रिक्त स्थानों को भरिएः ेपद 50 ° 60ण् का मान ऋऋऋऋऋऋऋ है।ेपद130 ° ⎛ ⎞ π 5π 7π⎛⎞ ⎛⎞ 61ण् यदि ा त्र ेपद ⎜⎟ ेपद ेपद है, तो ा का संख्यात्मक मान⎜⎟ ⎜⎟ ऋऋऋऋऋऋऋ है।18 ⎝⎠ ⎝⎠18⎝⎠ 18 1बवे ठ − 62ण् यदि जंद । त्र , तो जंद 2। त्र ऋऋऋऋऋऋऋण् ेपद ठ 63ण् यदि ेपद ग ़ बवे ग त्र ंए तो ;पद्ध ेपद6 ग ़ बवे6 ग त्र ऋऋऋऋऋऋऋ ;पपद्धद्य ेपद ग दृ बवे ग द्य त्र ऋऋऋऋऋऋऋण् 64ण् एक त्रिाभुज।ठब्ए जिसमें ∠ब् त्र 90° के लिए वह समीकरण, जिसके मूल जंद । और जंद ठ हैं, ऋऋऋऋऋऋऋहोगा। 2 ख्संकेतः। ़ ठ त्र 90° ⇒ जंद । जंद ठ त्र 1 और जंद ।़ जंद ठ त्र ,ेपद 2। 65ण् 3 ;ेपद ग दृ बवे गद्ध4 ़ 6 ;ेपद ग ़ बवे गद्ध2 ़ 4 ;ेपद6 ग ़ बवे6 गद्ध त्र ऋऋऋऋऋऋऋ 66ण् ग झ 0 दिया रहने पर, ;िगद्ध त्र दृ 3 बवे 2 के मान अंतराल ऋऋऋऋऋऋऋ में स्िथत हैं।67ण् पफलनल त्र 3 ेपद ग ़ बवे ग के आलेख पर स्िथत किसी बिंदु की ग.अक्ष से अिाकतम दूरी 3 ़़गग ऋऋऋऋऋऋऋ है। प्रश्न 68 से 75 तक प्रत्येक में बताइए कि कथन सत्य है या असत्य, साथ ही इसका औचित्य भी दीजिए। 1दृ बवेठ 68ण् यदि जंद । त्र है, तो जंद 2। त्र जंद ठ ेपद ठ 69ण् समिका ेपद ।़ ेपद 2। ़ ेपद 3। त्र 3 के वुफछ वास्तविक मानों के लिए सत्य है। 70ण् ेपद 10°ए बवे 10° से बड़ा है। 2π 4π 8π 16 π 1 71ण् बवे बवे बवे बवे त्र 15 15 15 15 16 72ण् θ का एक मान, जो समीकरणेपद4 θ दृ 2ेपद2 θ दृ 1 त्र 0 को संतुष्ट करता है, तथा 0 और 2π के बीच में स्िथत होता है। π 73ण् यदि बवेमब ग त्र 1 ़ बवज गए तो ग त्र 2दπए 2दπ ़ 74ण् यदि जंद θ ़ जंद 2θ ़ 3 जंद θ जंद 2θ त्र 3ए तो θत्र दπ़π 39 2 1⎛ π⎞75ण् यदि जंद ;π बवेθद्ध त्र बवज ;π ेपदθद्ध है, तो बवे ⎜θदृ ⎟ त्र ± है।⎝ 4 ⎠22 76ण् निम्नलिख्िात में स्तंभब्1 में लिखे प्रत्येक व्यंजक को स्तंभब्2 में दिए सही उत्तरों से सही मिलान कीजिएः ब्1 ब्2 ;ंद्ध ेपद ;ग ़ लद्ध ेपद ;ग दृ लद्ध ;पद्ध बवे2 ग दृ ेपद2 ल 1जंद θ− ;इद्ध बवे ;ग ़ लद्ध बवे ;ग दृ लद्ध ;पपद्ध 1जंद θ़ ⎛π 1जंद θ़ ;बद्ध बवज ⎜ ़θ⎟⎞ ;पपपद्ध⎝4 ⎠ 1जंद θ− ⎛π ⎞;कद्ध जंद ⎜़θ⎟ ;पअद्ध ेपद2 ग दृ ेपद2 ल⎝4 ⎠

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