2ण्1 समग्र अवलोकन ;व्अमतअपमूद्ध इस अध्याय मेें दो समुच्चयों के अवयवों के युग्म ;चंपतद्ध के बारे मेें विचार किया गया है और पिफरयुग्म के घटकों ;मसमउमदजेद्ध के बीच संबंध का परिचय कराया गया है। व्यावहारिक रूप से अपनेजीवन में प्रतिदिन हम दो समुच्चयों के सदस्यों का युग्म बनाते रहते हैं। उदाहरणाथर्, दिन के प्रत्येकघंटे को दूरदशर्न के मौसम विज्ञानी द्वारा पठित स्थानीय तापमान के साथ युग्िमत किया जाता है। एकअध्यापक, यह जानने के लिए कि कक्षा ने किसी पाठ को कितनी अच्छी तरह समझा है, बहुधाप्राप्तांकों और उन प्राप्तांकों को पाने वाले विद्याथ्िार्यों की संख्याओं का युग्म बनाते हैं। अंत मंे, हम ऐसेविशेष संबंधों के बारे में जानेंगे जो पफलन ;थ्नदबजपवदद्ध कहलाते हैं। 2ण्1ण्1 समुच्चयों का कातीर्य गुणन ;ब्ंतजमेपंद चतवकनबजे व िेमजेद्ध परिभाषा रू दिये हुए दो अतिरिक्त समुच्चयों । तथा ठ के लिए, उन सभी क्रमित ;व्तकमतमकद्ध युग्मों;गएलद्ध का समुच्चय, जहाँ ग ∈ । और ल ∈ ठए । तथा ठ का कातीर्य गुणन कहलाता है। प्रतीकात्मकरूप में, हम लिखते हैं कि.। × ठ त्र क्ष्;गए लद्ध द्य ग ∈ । और ल ∈ ठद्व यदि । त्र क्ष्1ए 2ए 3द्व और ठ त्र क्ष्4ए 5द्वए तो । × ठ त्र क्ष्;1ए 4द्धए ;2ए 4द्धए ;3ए 4द्धए ;1ए 5द्धए ;2ए 5द्धए ;3ए 5द्धद्व तथा ठ × । त्र क्ष्;4ए 1द्धए ;4ए 2द्धए ;4ए 3द्धए ;5ए 1द्धए ;5ए 2द्धए ;5ए 3द्धद्व ;पद्ध दो क्रमित युग्म समान होते हैं, यदि और केवल यदि उनके संगत ;ब्वततमेचवदकपदहद्ध प्रथम घटक समान हों और संगत द्वितीय घटक भी समान हों, अथार्त् ;गए लद्ध त्र ;नए अद्धए यदि और केवलयदि ग त्र नए ल त्र अण् ;पपद्ध यदि द;।द्ध त्र च और द ;ठद्ध त्र ुए तो द ;। × ठद्ध त्र च × ु ;पपपद्ध । × । ×। त्र क्ष्;ंए इए बद्ध रू ंए इए ब ∈ ।द्वण् यहाँ;ंए इए बद्ध एक क्रमित त्रिायक ;व्तकमतमक जतपचसमजद्ध कहलाता है। 2ण्1ण्2 संबंध;त्मसंजपवदेद्धरू किसी अतिरिक्त समुच्चय । से अतिरिक्त समुच्चयठमें संबंध त्ए कातीर्य गुणन । × ठ का एक उप - समुच्चय होता है। यह उप - समुच्चय, । × ठ के क्रमित युग्मों के प्रथमघटकों तथा द्वितीय घटकों के बीच कोइर् प्रतिबंध ;संबंधद्ध लगाने से प्राप्त होता है। इन क्रमित युग्मोंके द्वितीय घटक, प्रथम घटक का प्रतिबिंब ;पउंहमद्ध कहलाता है। किसी संबंध त् के क्रमित युग्मों के सभी प्रथम घटकों के समुच्चय कोत् का प्रांत ;कवउंपदद्ध तथा द्वितीय घटकों के समुच्चय को त् का परिसर ;तंदहमद्ध कहते हैं। 20 प्रश्न प्रद£शका 1उदाहरण के लिए मान लीजिए कित् त्र क्ष्;1ए 2द्धए ;दृ 2ए 3द्धए ; ए 3द्धद्व एक संबंध है, तोत् का प्रांत2 1 त्र क्ष्1ए दृ 2ए द्व तथा त् का परिसर त्र क्ष्2ए 3द्वण्2 ;पद्ध किसी संबंध का निरूपण या तो रोस्टर रूप या समुच्चय निमार्ण रूप द्वारा किया जा सकता है अथवा उसका निरूपण एक तीर आरेख ;ंततवू कपंहतंउद्ध द्वारा भी किया जा सकता है, जोउसका एक दृष्िट चित्राण ;अपेनंस तमचतमेमदजंजपवदद्ध भी है। ;पपद्ध यदि द ;।द्ध त्र चए द ;ठद्ध त्र ु तोद ;। × ठद्ध त्र चु और समुच्चय। से समुच्चयठ में संबंधों की वुफल संभव संख्या त्र 2चु 2ण्1ण्3 पफलन;थ्नदबजपवदेद्धरू किसी समुच्चय । से समुच्चय ठ में संबंध िएक पफलन कहलाता है,यदि समुच्चय । के प्रत्येक अवयव का समुच्चय ठ में एक और केवल एक प्रतिबिंब होता है। दूसरे शब्दों में एक पफलन ऐसा संबंध है जिसके दो युग्मों के प्रथम घटक समान न हों। संकेतन िरू ग् → ल् का तात्पयर् है कि िए ग् से ल् में एक पफलन है। ग् को िका प्रांत तथाल् को िका सहप्रांत ;ब्व.कवउंपदद्ध कहते हैं। एक प्रदत्त अवयवग ∈ग् से संबंिात िके अंतगर्त,ल् में एक अद्वितीय ;नदपुनमद्धअवयव ल होता है। िके अंतगर्त, ग से संबंिात अद्वितीय अवयव ल को प्रतीक ि;गद्ध द्वारा निरूपित करते हैं और उसे श्ग का िश्ए या ग पर िका मान’ या िके अन्तगर्त ग का प्रतिबिंब’ कहते हैं। ि;गद्ध के समस्त मानों को एक साथ लेने से बने समुच्चय को िका परिसर या िके अंतगर्त ग का प्रतिबिंब कहते हैं। प्रतीकात्मक रूप में,िका परिसर त्र क्ष् ल ∈ ल् द्य ल त्र ि;गद्धए ग ∈ ग्द्व परिभाषा रू एक ऐसा पफलन, जिसका परिसरत् ;वास्तविक संख्याओं का समुच्चयद्ध या उसका कोइर्उप - समुच्चय हो, वास्तविक मान पफलन ;तमंस अंसनमक निदबजपवदद्ध कहते हैं। इसके अतिरिक्त, यदिइसका प्रांत भी या तो त् अथवा त् का एक उप समुच्चय हो तो इसे वास्तविक पफलन कहते हैं। 2ण्1ण्4 वुफछ विशेष प्रकार के पफलन ;ैवउम ेचमबपपिब जलचमे व िनिदबजपवदेद्ध ;पद्ध तत्समक पफलन ;प्कमदजपजल निदबजपवदद्धरू नियम ;प्रतिबिंधद्ध ल त्र ि;गद्ध त्र ग प्रत्येक ग ∈ त् द्वारा परिभाष्िात पफलन िरू त् → त्ए तत्समक पफलन कहलाता है। िका प्रांतत्र त्ए िका परिसर त्र त् ;पपद्ध अचर पफलन ;ब्वदेजंदज निदबजपवदद्धरू नियम अथवा प्रतिबंध ल त्र ि;गद्ध त्र ब्ए ग ∈ त्ए जहां ब् एक अचर है, द्वारा परिभाष्िात पफलन िरू त् → त्ए एक अचर पफलन कहलाता है। िका प्रांत त्र त्ए तथा िका परिसर त्र क्ष्ब्द्व संबंध एवं पफलन 21 ;पपपद्ध बहुपद या बहुपदीय पफलन ;च्वसलदवउपंस निदबजपवदद्धरू दप्रत्येक द∈ छ के लिए प्रतिबंध लत्र ;िगद्ध त्र ं़ ंग़ ंग2 ़ ण्ण्ण़् ंगए जहाँद∈ छ और ं0ए012 द ं1ए ं2ण्ण्ण्ं∈ त्ए द्वारा परिभाष्िात वास्तविक मान पफलन रूित्→ त्ए एक बहुपद पफलनकहलाता है। द ;पअद्ध परिमेय पफलन ;त्ंजपवदंस निदबजपवदद्धरू ;द्धगि प्रकार के वास्तविक पफलन, जहाँ ;िगद्ध तथा ह;गद्धए गके ऐसे बहुपद पफलन हैं, जो;द्धहग एक ऐसे प्रांत में परिभाष्िात हैं, जिसमेंह;गद्ध ≠ 0ए परिमेय पफलन कहलाते हैं। उदाहरणाथर्, नियम ग़1 ;िगद्ध त्र ए ∀ ग∈ त् दृ क्ष्दृ 2 द्वद्वारा परिभाष्िात पफलन रूि त् दृक्ष्दृ2द्व → त्ए एक परिमेयग़2 पफलन है। ;अद्ध मापांक पफलन ;डवकनसने निदबजपवदद्धरू ए ≥ 0⎧गग नियम ;िगद्ध त्र गत्र ⎨ए ∀ग∈ त् द्वारा परिभाष्िात पफलन, मापांक पफलन कहलाता है।ए ढ 0− गग⎩ किा प्रांत त्र त् किा परिसर त्र त़् ∪ क्ष्0द्व ;अपद्ध चिÉ पफलन ;ैपहदनउ निदबजपवदद्धरू ⎧ द्यद्यग ⎧ 1ए यदि गझ0 ⎪ ए ग≠ 0 ⎪गि ग ⎨नियम ;द्ध त्र⎨ त्र 0ए यदि गत्र0 द्वारा⎪⎪⎩ 0ए गत्र 0 ⎩−1ए यदि गढ0 परिभाष्िात वास्तविक पफलन रूि त् →त्ए चिÉ पफलन कहलाता है। किा प्रांत त्र त्ए किा परिसर त्र क्ष्1ए 0ए दृ 1द्व ;अपपद्ध महत्तम पूणा±क पफलन ;ळतमंजमेज पदजमहमत निदबजपवदद्धरू नियम ;िगद्ध त्र ख्ग,ए ग∈त् जहाँ ख्ग,ए गसे कम या गके बराबर महत्तम पूणा±क मान ग्रहण ;धारणद्ध करता है, द्वारा परिभाष्िात वास्तविक पफलन रूि त् →त्ए महत्तम पूणा±क पफलन कहलाता है। अतः ;िगद्ध त्र ख्ग, त्र दृ 1ए दृ 1 ≤ गढ 0 के लिए;िगद्ध त्रख्ग, त्र0ए 0 ≤ गढ 1 के लिए ख्ग, त्र1ए 1 ≤ गढ 2 के लिए ख्ग, त्र2ए 2 ≤ गढ 3 के लिए, इत्यादि। 2ण्1ण्5 वास्तविक पफलनों का बीजगण्िात ;।सहमइतं व ितमंस निदबजपवदेद्ध ;पद्ध दो वास्तविक पफलनों का योगमान लीजिए कि िरू ग् → त् तथा ह रू ग् → त् कोइर् दो वास्तविक पफलन हैं, जहाँ ग् ⊂ त् तब हम ; ़ि हद्ध रू ग् → त् को, सभी ग ∈ ग् के लिए ; ़ि हद्ध ;गद्ध त्र ि;गद्ध ़ ह ;गद्ध द्वारा परिभाष्िातकरते हैं। ;पपद्ध एक वास्तविक पफलन से दूसरे को घटानामान लीजिए कि िरू ग् → त् तथा ह रू ग् → त् कोइर् दो वास्तविक पफलन हैं, जहाँ ग् ⊆ त् तब हम ; िदृ हद्ध रू ग् → त् को, सभी ग ∈ ग् के लिए, ; िदृ हद्ध ;गद्ध त्र ि;गद्ध दृ ह ;गद्ध द्वारा परिभाष्िातकरते हैं। ;पपपद्ध एक अदिश ;ैबंसंतद्ध गुणन मान लीजिए कि िरू ग → त् एक वास्तविक पफलन है तथा α एक अदिश है जो त् में है, तब गुणनपफल α िए ग् से त् में एक पफलन है, जो;α िद्ध ;गद्ध त्र α ि;गद्धए ग ∈ ग् द्वारा परिभाष्िात है। ;पअद्ध दो वास्तविक पफलनों का गुणनः मान लीजिए कि िरू ग् → त् तथा ह रू ग → त् कोइर् दो वास्तविक पफलन हैं, जहाँ ग् ⊆ त्ए तब इन दोनों पफलनों का गुणनपफल; िहद्ध ;गद्ध त्र ि;गद्ध ण् ह ;गद्ध ∀ग ∈ ग् द्वारा परिभाष्िात पफलन िह रू ग् →त् है। ;अद्ध दो वास्तविक पफलनों का भागपफलः मान लीजिए कि ितथाहए ग् से त् में परिभाष्िात दो िवास्तविक पफलन हैं। प्रतीक ह से निदिर्ष्ट ;कमदवजमद्धए िका ह से भागपफल, नियम िि;द्ध⎛⎞;द्ध त्र ग ए ह ;गद्ध ≠ 0ए ग ∈ ग् द्वारा परिभाष्िात ग् से त् में एक पफलन है।ग⎜⎟ह ;द्ध⎝⎠हग 2ण्2 हल किये हुए उदाहरण संक्ष्िाप्त उत्तर वाले ;ैण्।द्ध उदाहरण 1 मान लीजिए कि। त्र क्ष्1ए 2ए 3ए 4द्व तथा ठ त्र क्ष्5ए 7ए 9द्व ज्ञात कीजिएः संबंध एवं पफलन 23 ;पद्ध । × ठ ;पपद्ध ठ×। ;पपपद्ध क्या। × ठ त्र ठ × ।घ् ;पअद्ध क्या द ;। × ठद्ध त्र द ;ठ × ।द्ध घ् हल चूँकि। त्र क्ष्1ए 2ए 3ए 4द्व तथा ठ त्र क्ष्5ए 7ए 9द्वए अतः ;पद्ध । × ठ त्र क्ष्;1ए 5द्धए ;1ए 7द्धए ;1ए 9द्धए ;2ए 5द्धए ;2ए 7द्धए ;2ए 9द्धए ;3ए 5द्धए ;3ए 7द्धए ;3ए 9द्धए ;4ए 5द्धए ;4ए 7द्धए ;4ए 9द्धद्व ;पपद्ध ठ × । त्र क्ष्;5ए 1द्धए ;5ए 2द्धए ;5ए 3द्धए ;5ए 4द्धए ;7ए 1द्धए ;7ए 2द्धए ;7ए 3द्धए ;7ए 4द्धए ;9ए 1द्धए ;9ए 2द्धए ;9ए 3द्धए ;9ए 4द्धद्व ;पपपद्ध नहीं,। × ठ ≠ ठ × । क्योंकि। × ठ और ठ × । में तथ्यतः एक समान क्रमित युग्म नहीं हैं। ;पअद्ध द ;। × ठद्ध त्र द ;।द्ध × द ;ठद्ध त्र 4 × 3 त्र 12 द ;ठ × ।द्ध त्र द ;ठद्ध × द ;।द्ध त्र 4 × 3 त्र 12 अतः द ;। × ठद्ध त्र द ;ठ × ।द्ध उदारहण 2 ग और ल ज्ञात कीजिए, यदि, ;पद्ध ;4ग ़ 3ए लद्ध त्र ;3ग ़ 5ए दृ 2द्ध ;पपद्ध ;ग दृ लए ग ़ लद्ध त्र ;6ए 10द्ध हल ;पद्ध चूँकि ;4ग ़ 3ए लद्ध त्र ;3ग ़ 5ए दृ 2द्धए इसलिए 4ग ़ 3 त्र 3ग ़ 5 या ग त्र2 तथा ल त्रदृ2 ;पपद्ध ग दृ ल त्र 6 ग ़ ल त्र 10 ∴ 2ग त्र16 या ग त्र8 8 दृ ल त्र6 ∴ ल त्र2 उदाहरण 3 यदि। त्र क्ष्2ए 4ए 6ए 9द्व और ठ त्र क्ष्4ए 6ए 18ए 27ए 54द्वए ं ∈ ।ए इ ∈ ठए तो क्रमित ;ंए इद्ध श्ंश्ए श्इश् का एक गुणनखंड है और ं ढ इण् हल क्योंकि संख्या 2, संख्या 4 का एक गुणनखंड है तथा 2 ढ 4ए इसलिए ;2, 4द्ध इस प्रकार का एक क्रमित युग्म है। इसी प्रकार ;2ए 6द्धए ;2ए 18द्धए ;2ए 54द्ध इसी प्रकार के अन्य क्रमित युग्म हैं। अतः क्ष्;2ए 4द्धए ;2ए 6द्धए ;2ए 18द्धए ;2ए 54द्धए ;6ए 18द्धए ;6ए 54एद्धए ;9ए 18द्धए ;9ए 27द्धए ;9ए 54द्धद्व क्रमित युग्मों का अभीष्ट समुच्चय है। उदारहण 4 त् त्र क्ष्;गए लद्ध रू ल त्र ग़ 6य जहाँगए ल∈ छ औरग ढ 6द्व द्वारा प्रदत्त ;हपअमदद्ध संबंध का प्रांत ग और परिसर ज्ञात कीजिए। हल जब ग त्र 1ए लत्र 7 ∈ छए अतएव ;1ए 7द्ध ∈ त् 6पुनः जब ग त्र 2 ण् ल त्र 2 ़2 त्र 5 ∈ छए अतएव ;2ए 5द्ध ∈ त् पुनः जब ग त्र 3ए लत्र 3 ़ 6 त्र 5 ∈ छए ;3ए 5द्ध ∈ त् इसके अतिरिक्तग त्र 4 के3लिए ल त्र 4 ़ 6 ∉ छ तथा ग त्र 5 के लिए ल त्र 5 ़ 6 ∉ छ4 5 अतः त् त्र क्ष्;1ए 7द्धए ;2ए 5द्धए ;3ए 5द्धद्वए जहाँ त् का प्रांत त्र क्ष्1ए 2ए 3द्व और त् का परिसर त्र क्ष्7ए 5द्व उदाहरण 5 क्या निम्नलिख्िात संबंध पफलन हैं? अपने उत्तर का औचित्य भी बताइए। 1 ;पद्ध त् त्र क्ष्;2ए 3द्धए ; ए 0द्धए ;2ए 7द्धए ;दृ 4ए 6द्धद्व12 ;पपद्ध त्2 त्र क्ष्;गए द्यगद्यद्ध द्य गएक वास्तविक संख्या हैद्व हल क्योंकि ;2ए 3द्ध और ;2ए 7द्ध ∈ त्1 ⇒ त्1 ;2द्ध त्र 3 तथा त्1 ;2द्ध त्र 7 इसलिए त्1 ;2द्ध का एक अद्वितीय प्रतिबिंब नहीं है। अतः त्1 एक पफलन नहीं है। ;पपपद्ध त्2 त्र क्ष्;गए द्यगद्यद्ध ध् ग ∈त्द्व प्रत्येक ग ∈ त् का एक अद्वितीय प्रतिबिंब द्यगद्य ∈ त् है अतः त्2 एक पफलन है। उदाहरण 6 वह प्रांत ज्ञात करो जिसके लिए पफलन ;िगद्ध त्र 2ग2 दृ 1 और ह ;गद्ध त्र 1 दृ 3ग समान हैं। हलः यदि ि;गद्ध त्र ह ;गद्ध ⇒ 2ग2 दृ 1 त्र 1 दृ 3ग संबंध एवं पफलन 25 ⇒ 2ग2 ़ 3गदृ 2 त्र 0 ⇒ ;2गदृ 1द्ध ;ग़ 2द्ध त्र 0 1अतः वह प्रांत जिसके लिए ;िगद्ध त्र ह;गद्धए ⎧⎨ एदृ2 ⎫⎬ है।⎩2 ⎭ उदाहरण 7 निम्नलिख्िात पफलनों में से प्रत्येक का प्रांत ज्ञात कीजिएः ग;पद्ध ;द्ध त्र 2 ;पपद्ध ;िगद्ध त्र ख्गगि , ़ ग ग़32ग़हल ;द्ध;पद्ध ;िगद्ध हग रूप का एक परिमेय पफलन है, जहाँ ह;गद्ध त्र गतथा त्;गद्ध त्र ग2 ़ 3ग़ 2 ;द्धीग अब ी;गद्ध ≠ 0 ⇒ ग2 ़ 3ग़ 2 ≠ 0 ⇒ ;ग़ 1द्ध ;ग़ 2द्ध ≠ 0 अतः प्रदत्त पफलन िका प्रांत त् दृ क्ष्दृ 1ए दृ 2द्व है। ;पपद्ध ;िगद्ध त्र ख्ग, ़ गए अथार्त् ;िगद्ध त्र ी;गद्ध ़ ह;गद्धए जहाँ ी;गद्ध त्र ख्ग, और ह;गद्ध त्र ग ी;गद्ध का प्रांत त्र त् और ह;गद्ध का प्रांत त्र त् अतः किा प्रांत त्र त् उदाहरण 8 निम्नलिख्िात पफलनों के परिसर ज्ञात कीजिएः ग−4 ;पद्ध ;पपद्ध 16 दृ ग2 ग−4 हल ⎧ ग−4 त्र1ए गझ4⎪ग−4 ⎪ग−4 ;पद्ध ;िगद्ध त्र त्र ग−4;ग 4द्ध ⎨⎪−− त्र−1ए गढ4⎪ ग−4⎩ ग−4 अतः का परिसरत्र क्ष्1ए दृ1द्वग−4 ;पपद्ध किा प्रांत, जहाँ ;िगद्ध त्र 16−ग2 ए ख्दृ 4ए 4, है। परिसर के लिए, मान लीजिए कि लत्र तो ल2 त्र 16 दृ ग2 या ग2 त्र 16 दृ ल2 क्योंकि ग ∈ ख्दृ 4ए 4, अतः िका परिसरत्र ख्0ए 4, उदाहरण 9 पफलन ि;गद्ध त्र ग 11़ग−़ए दृ 2 ≤ ग ≤ 2 को पुनः परिभाष्िात ;त्मकमपिदमद्ध कीजिए। हलः ि;गद्ध त्र ग 11़ग−़ए दृ 2 ≤ ग ≤ 2 ⎧दृ ग 11 गए दृ2 ग दृ1 ़−− ≤ढ ⎪ ़़़ ≤ढ ⎪ त्र ⎨दृ ग 1 ग 1ए दृ1 ग 1 ⎩ ग 2ग −़़ 11 गए1 ≤≤ दृ2एग दृ2 ग दृ1 ⎧≤ढ⎪त्र ⎨ 2ए दृ1 ग≤ढ1 ⎪⎩ 2ए1 ग 2ग ≤≤ उदाहरण 10 पफलन ि;गद्ध त्र 1 का प्रांत ज्ञात कीजिए।ख्,दृख्, ग 2 ग दृ6 हल दिया हुआ है कि ि;गद्ध त्र 1 िपरिभाष्िात होगा यदि ख्ग,2 दृ ख्ग, दृ 6 झ 0ख्,दृख्, ग 2 ग दृ6 या ;ख्ग,दृ3द्ध ;ख्ग, ़ 2द्ध झ 0ए ⇒ ख्ग, ढदृ2 या ख्ग, झ 3 ⇒ ग ढदृ2 या ग ≥ 4 अतः प्रांत त्र ; दृ ∞ए दृ 2द्ध ∪ ख्4ए ∞द्ध वस्तुनिष्ठ प्रश्न ;व्इरमबजपअम ज्लचम फनमेजपवदेद्ध दिये हुए चार संभव उत्तरों में से सही उत्तर चुनिए;डण्ब्ण्फण्द्ध उदाहरण 11 निम्नलिख्िात में से कौन ि;गद्ध त्र 1 द्वारा परिभाष्िात पफलन िका प्रांत है।ग−ग ;।द्ध त् ;ठद्ध त़् दृ;ब्द्ध त्;क्द्ध इनमें से कोइर् नहीं संबंध एवं पफलन 27 हलः सही उत्तर ;क्द्ध है। ि;गद्ध त्र 1 प्रदत्त है,ग −ग ⎧ग दृ गत्र0 यदि ग ≥0जहाँ ग दृ गत्र ⎨⎩2ग यदि ग ढ0 अतः 1ए किसी भी ग ∈ त् के लिए परिभाष्िात नहीं है। अतः एि किसी भी ग ∈ त् के लिएग −ग परिभाष्िात नहीं है, अथार्त् दिये हुए विकल्पों में से कोइर् भी िका प्रांत नहीं है। 11उदाहरण 12 यदि ि;गद्ध त्र ग3 −3 तो ि;गद्ध ़ ि;द्ध निम्नलिख्िात में से किसके बराबर हैःगग 2;।द्ध 2ग3 ;ठद्ध 3 ;ब्द्ध0 ;क्द्ध 1 ग हल सही चयन;ब्द्ध है। 1क्योंकि ि;गद्ध त्र ग3 दृ 3ग 11⎛⎞इसलिए ि⎜⎟त्रदृ ग3 गग⎝⎠3 ⎛⎞1 311 3अतः ि;गद्ध ़ ित्रग −़ दृ ग त्र 0⎜⎟33⎝⎠ग गग उदाहरण 13 मान लीजिए कि । तथा ठ कोइर् ऐसे दो समुच्चय हैं कि द;ठद्ध त्र चए द;।द्ध त्र ुए तो समुच्चयों िरू । → ठ वुफल संख्या ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ है। हलः । का कोइर् भी अवयव मान लीजिए किगप समुच्चय ठ के अवयवों से च तरीके से संब( किया जा सकता है। अतः अभीष्ट समुच्चयों की तथ्यतः संख्याचु है। उदाहरण 14 मान लीजिए कि ितथा ह निम्नलिख्िात दो पफलन हैं, ित्र क्ष्;2ए 4द्धए ;5ए 6द्धए ;8ए दृ 1द्धए ;10ए दृ 3द्धद्व ह त्र क्ष्;2ए 5द्धए ;7ए 1द्धए ;8ए 4द्धए ;10ए 13द्धए ;11ए दृ 5द्धद्व तो ि़ ह का प्रांत ऋऋऋऋऋऋऋऋऋऋ होगा। हलः क्योंकि िका प्रांत त्र क् ित्र क्ष्2ए 5ए 8ए 10द्व तथा ह का प्रांत त्र क् ह त्र क्ष्2ए 7ए 8ए 10ए 11द्व इसलिए ि़ ह का प्रांत त्र क्ष्ग द्य ग ∈ क् ि∩ क् हद्व त्र क्ष्2ए 8ए 10द्व लघु उत्तरीय प्रश्न ;ैण्।ण्द्ध 1ण् मान लीजिए कि । त्र क्ष्दृ1ए 2ए 3द्व तथा ठ त्र क्ष्1ए 3द्वए तो निम्नलिख्िात ज्ञात कीजिएः ;पद्ध । × ठ ;पपद्ध ठ×। ;पपपद्ध ठ × ठ ;पअद्ध । ×। 2ण् यदि च् त्र क्ष्ग रू ग ढ 3ए ग ∈ छद्वए फ त्र क्ष्ग रू ग ≤ 2ए ग ∈ ॅद्वए तो ;च् ∪ फद्ध × ;च् ∩ फद्ध ज्ञात कीजिए, जहाँ ॅ पूणर् संख्याओं ;)णेत्तर पूणा±कोंद्ध का समुच्चय है। 3ण् यदि। त्र क्ष्ग रू ग ∈ ॅए ग ढ 2द्व ठ त्र क्ष्ग रू ग ∈ छए 1 ढग ढ 5द्व ब् त्र क्ष्3ए 5द्व तो निम्नलिख्िात ज्ञात कीजिएः ;पद्ध । × ;ठ ∩ ब्द्ध ;पपद्ध । × ;ठ ∪ ब्द्ध 4ण् निम्नलिख्िात में से प्रत्येक में ं तथा इ ज्ञात कीजिएः ⎛ ं ⎞ ं;पद्ध ;2ं ़ इए ं दृ इद्ध त्र ;8ए 3द्ध ;पपद्ध ⎜⎝ एदृ2 इ⎟⎠ त्र ;0ए 6 ़ इद्ध4 5ण् दिया हुआ है,। त्र क्ष्1ए 2ए 3ए 4ए 5द्वए ै त्र क्ष्;गए लद्ध रू ग ∈ ।ए ल ∈ ।द्व तो उन क्रमित युग्मों को ज्ञात कीजिए, जो निम्नलिख्िात प्रतिबंधों को संतुष्ट करते हैंः ;पद्ध ग ़ ल त्र 5 ;पपद्ध ग ़ ल ढ 5 ;पपपद्ध ग ़ ल झ 8 6ण् यदि त् त्र क्ष्;गए लद्ध रू गए ल ∈ ॅए ग2 ़ ल2 त्र 25द्व प्रदत्त है। त् का प्रांत तथा परिसर ज्ञात कीजिए। 7ण् यदि त्1 त्र क्ष्;गए लद्ध द्य ल त्र 2ग ़ 7ए जहाँग ∈ त् और दृ 5 ≤ ग ≤ 5द्व एक संबंध है तो त्1 का प्रांत तथा परिसर ज्ञात कीजिए। 8ण् यदि त्2 त्र क्ष्;गए लद्ध द्य ग और ल पूणा±क हैं औरग2 ़ ल2 त्र 64द्व एक संबंध है, तो त्2 ज्ञात कीजिए ;रोस्टर रूप में लिख्िाएद्ध। 9ण् यदि त् त्र क्ष्;गए द्ध द्य ग एक वास्तविक संख्या हैद्व एक संबंध है, तो त्3 का प्रांत तथा परिसरग3ज्ञात कीजिए। 10ण् क्या नीचे दिये गये संबंध पफलन हैं? अपने उत्तर का औचित्य भी बताइएः ;पद्ध ी त्र क्ष्;4ए 6द्धए ;3ए 9द्धए ;दृ 11ए 6द्धए ;3ए 11द्धद्व ;पपद्ध ित्र क्ष्;गए गद्ध द्य ग एक वास्तविक संख्या हैद्व ⎧⎛ 1⎞ ⎫;पपपद्ध ह त्र ⎨⎜ दएद्यद एकधन पूै ⎬⎟ णा±क ह⎝⎠⎩ द ⎭ संबंध एवं पफलन 29 ;पअद्ध ेत्र क्ष्;दए द2द्ध द्य दएक धन पूणा±क हैद्व ;अद्ध जत्र क्ष्;गए 3द्ध द्य गएक वास्तविक संख्या हैद्व 11ण् यदि तिथा हएनियम ;िगद्ध त्र ग2 ़ 7 तथा ह;गद्ध त्र 3ग़ 5 द्वारा परिभाष्िात वास्तविक पफलन हैं, तो निम्नलिख्िात में से प्रत्येक को ज्ञात कीजिएः 1⎛⎞;ंद्ध ;ि3द्ध ़ ह;दृ 5द्ध ;इद्ध ि⎟× ह;14द्ध2⎝⎠;बद्ध ;िदृ 2द्ध ़ ह;दृ 1द्ध ;कद्ध ;िजद्ध दृ ;िदृ 2द्ध जि;द्ध −;ि5द्ध ;मद्ध ए यदि ज≠5 ज−5 12ण् मान लीजिए कि ;िगद्ध त्र 2ग़ 1 तथा ह;गद्ध त्र 4गदृ 7 द्वारा परिभाष्िात ितथा हवास्तविक पफलन हैं, तो ;ंद्ध किन वास्तविक संख्याओं गके लिए, ;िगद्ध त्र ह;गद्धघ् ;इद्ध किन वास्तविक संख्याओं गके लिए, ;िगद्ध ढ ह;गद्धघ् 13ण् यदि ;िगद्ध त्र 2ग़ 1 तथा ह;गद्ध त्र ग2 ़ 1 द्वारा परिभाष्िात ितथा हदो वास्तविक पफलन हैं, तो निम्नलिख्िात ज्ञात कीजिएः ि;पद्ध ़ि ह ;पपद्ध ि ह ;पपपद्ध हि ;पअद्ध ह 14ण् निम्नलिख्िात पफलन को क्रमित युग्मों में वण्िार्त कीजिए और उसका परिसर ज्ञात कीजिएः रूि ग् → त्ए ;िगद्ध त्र ग3 ़ 1ए जहाँग् त्र क्ष्दृ1ए 0ए 3ए 9ए 7द्व 15ण् गका वह मान ज्ञात कीजिए जिसके लिए पफलन ;िगद्ध त्र 3ग2 दृ 1 और पफलन ह;गद्ध त्र 3 ़ ग समान हैं। दीघर् उत्तरीय प्रश्न ;स्ण्।द्ध 16ण् क्याह;गद्ध त्र क्ष्;1ए 1द्धए ;2ए 3द्धए ;3ए 5द्धए ;4ए 7द्धद्व एक पफलन है? औचित्य भी बताइए। यदि इसे नियम ह;गद्ध त्र αग़ β द्वारा वण्िार्त किया जाये तोα और β को क्या मान दिया जा सकता है? 17ण् नीचे दिये पफलनों में से प्रत्येक का प्रांत ज्ञात कीजिएः 1 1;पद्ध ;द्ध त्र ;पपद्ध गि ;िगद्ध त्र गगि ;द्धत्र ;पपपद्ध ग1बवे ग ़− ग ग ग3 ग 3 3ग−़;पअद्ध ;िगद्ध त्र ;अद्ध ;िगद्ध त्रग2 −1 2ग−8 18ण् नीचे दिये पफलनों के परिसर ज्ञात कीजिएः 3 ;पद्ध ि;गद्ध त्र 2 ;पपद्ध ि;गद्ध त्र 1 दृ ग −2 2दृ ग ;पपपद्ध ि;गद्ध त्र ;पअद्ध ि;गद्ध त्र 1 ़ 3 बवे2गग −3 ;संकेतरू दृ 1 ≤ बवे 2ग ≤ 1 ⇒ दृ 3 ≤ 3 बवे 2ग ≤ 3 ⇒ दृ2 ≤ 1 ़ 3बवे 2ग ≤ 4द्ध 19ण् पफलन ि;गद्ध त्र ग −2 ़ 2़ग ए दृ 3 ≤ ग ≤ 3 को पुनः परिभाष्िात कीजिए। ग −120ण् यदि ि;गद्ध त्र ए तो सि( कीजिए किग ़1 1 11⎛⎞ ⎛⎞ −;पद्ध ित्र दृ ि;गद्ध ;पपद्ध ि−त्र⎜⎟ ⎜⎟⎝⎠ग ग ;द्ध⎝⎠ गि 21ण् मान लीजिए कि ि;गद्ध त्र ग तथा ह ;गद्ध त्र ग दो पफलन प्रांत त़् ∪ क्ष्0द्व में परिभाष्िात हैं तो निम्नलिख्िात ज्ञात कीजिएः ;पद्ध ; ि़ हद्ध ;गद्ध ;पपद्ध ; िदृ हद्ध ;गद्ध ि⎛⎞;पपपद्ध ;हिद्ध ;गद्ध ;पअद्ध ⎜⎟;द्धग ह⎝⎠ 22ण् पफलन ि;गद्ध त्र 1 का प्रांत तथा परिसर ज्ञात कीजिए।ग−5 ंग −इ23ण् यदि ि;गद्धत्र ल त्र ए तो सि( कीजिए कि ि;लद्ध त्र गण् बग−ं वस्तुनिष्ठ प्रश्न संख्या 24 से 35 तक के प्रश्नों में सही उत्तर चुनिए ;डण्ब्ण्फण्द्ध 24ण् मान लीजिए कि द ;।द्ध त्र उए और द ;ठद्ध त्र दए तो । से ठ में परिभाष्िात किये जा सकने वाले अरिक्त संबंधों की वुफल संख्या ;।द्ध उद ;ठद्ध दउ दृ 1 2उद;ब्द्ध उद दृ 1 ;क्द्ध दृ 1 25ण् यदिख्ग,2 दृ 5 ख्ग, ़ 6 त्र 0ए जहाँ प्रतीक ख् , महत्तम पूणा±क पफलन को निरूपित करता है, तो ;।द्ध ग ∈ ख्3ए 4, ;ठद्ध ग ∈ ;2ए 3, ;ब्द्ध ग ∈ ख्2ए 3, ;क्द्ध ग ∈ ख्2ए 4द्ध संबंध एवं पफलन 31 1 26ण् ि;गद्ध त्र का परिसर12बवे ग− ⎡1 ⎤ ⎡ 1 ⎤;।द्ध ⎢ ए1⎥ ;ठद्ध ⎢−1ए ⎥⎣3 ⎦⎣ 3⎦ ⎡1 ∞⎞⎟ ⎡ 1 ⎤;ब्द्ध ;दृ ∞ए दृ1, ∪ ⎢ए ;क्द्ध ⎢− ए1 है।⎥⎣3 ⎠ ⎣ 3 ⎦ 27ण् मान लीजिए कि ि;गद्ध त्र 1़ ग2ए तो ;।द्ध ि;गलद्ध त्र ि;गद्ध ण् ि;लद्ध ;ठद्ध ि;गलद्ध ≥ ि;गद्ध ण् ि;लद्ध ;ब्द्ध ि;गलद्ध ≤ ि;गद्ध ण् ि;लद्ध ;क्द्ध इनमें से कोइर् नहीं 22 2222ख्संकेतरू ि;गलद्ध त्र 1़ गल ए ि;गद्ध ण् ि;लद्ध त्र 1़ गल ़ ग ़ ल ़ 1, 28ण् ं2 −ग2 ;ं झ 0द्ध का प्रांत है ;।द्ध ;दृ ंए ंद्ध ;ठद्ध ख्दृ ंए ं, ;ब्द्ध ख्0ए ं, ;क्द्ध ;दृ ंए 0, है। 29ण् यदि ि;गद्ध त्र ंग ़ इए जहाँं और इ पूणा±क हैं। यदि ि;दृ1द्ध त्र दृ 5 और ि;3द्ध त्र 3ए तो ;।द्ध ं त्र दृ 3ए इ त्र दृ1 ;ठद्ध ं त्र 2ए इ त्र दृ 3 ;ब्द्ध ं त्र 0ए इ त्र 2 ;क्द्ध ं त्र 2ए इ त्र 3 1 30ण् ि;गद्ध त्र 4 − ग ़ 2 द्वारा परिभाष्िात पफलन िका प्रांत ग −1 ;।द्ध ;दृ ∞ए दृ 1द्ध ∪ ;1ए 4, ;ठद्ध ;दृ ∞ए दृ 1, ∪ ;1ए 4, ;ब्द्ध ;दृ ∞ए दृ 1द्ध ∪ ख्1ए 4, ;क्द्ध ;दृ ∞ए दृ 1द्ध ∪ ख्1ए 4द्ध है। 4− ग31ण् ि;गद्ध त्र द्वारा परिभाष्िात पफलन िका प्रांत और परिसर निम्नलिख्िात प्रकार है,ग −4 ;।द्ध प्रांत त्र त्ए परिसर त्र क्ष्दृ1ए 1द्व ;ठद्ध प्रांत त्र त् दृ क्ष्1द्वए परिसर त्र त् ;ब्द्ध प्रांत त्र त् दृ क्ष्4द्वए परिसर त्र क्ष्दृ 1द्व ;क्द्ध प्रांत त्र त् दृ क्ष्दृ 4द्वए परिसर त्र क्ष्दृ1ए 1द्व 32ण् ि;गद्ध त्र ग −1 द्वारा परिभाष्िात वास्तविक पफलन िके प्रांत तथा परिसर निम्नलिख्िात प्रकार है, ;।द्ध प्रांत त्र ;1ए ∞द्धए परिसर त्र ;0ए ∞द्ध ;ठद्ध प्रांत त्र ख्1ए ∞द्धए परिसर त्र ;0ए ∞द्ध ;ब्द्ध प्रांत त्र ख्1ए ∞द्धए परिसर त्र ख्0ए ∞द्ध ;क्द्ध प्रांत त्र ख्1ए ∞द्धए परिसर त्र ख्0ए ∞द्ध ग2 ़2 ग़1 33ण् ि;गद्ध त्र 2 द्वारा प्रदत्त ;हपअमदद्ध पफलन िका प्रांत ग दृ गदृ6 ;।द्ध त् दृ क्ष्3ए दृ 2द्व ;ठद्ध त् दृ क्ष्दृ3ए 2द्व ;ब्द्ध त् दृ ख्3ए दृ 2, ;क्द्ध त् दृ ;3ए दृ 2द्ध 34ण् ि;गद्ध त्र 2 दृ ग − 5 द्वारा प्रदत्त पफलन िका प्रांत तथा परिसर निम्नलिख्िात प्रकार है, ;।द्ध प्रांत त्र त़् ए परिसर त्र ; दृ ∞ए 1, ;ठद्ध प्रांत त्र त्ए परिसरत्र ; दृ ∞ए 2, ;ब्द्ध प्रांत त्र त्ए परिसरत्र ;दृ ∞ए 2द्ध ;क्द्ध प्रांत त्र त़्ए परिसर त्र ;दृ ∞ए 2, 35ण् वह प्रांत जिसके लिए ि;गद्ध त्र 3ग2 दृ 1 तथा ह ;गद्ध त्र 3 ़ ग द्वारा परिभाष्िात पफलन ितथा ह समान हैं, ⎧ 4 ⎫⎡ 4 ⎤;।द्ध ⎨−1ए ⎬ ;ठद्ध ⎢−1ए ⎥⎩ 3 ⎭⎣ 3 ⎦ ⎛ 4 ⎞⎡ 4 ⎞;ब्द्ध ⎜−1ए ⎟ ;क्द्ध −1ए ⎟⎝ 3 ⎠ ⎢⎣ 3 ⎠ रिक्त स्थानों की पूतिर् कीजिएः 36ण् मान लीजिए कि ित्र क्ष्;0ए 1द्धए ;2ए 0द्धए ;3ए दृ 4द्धए ;4ए 2द्धए ;5ए 1द्धद्व ह त्र क्ष्;1ए 0द्धए ;2ए 2द्धए ;3ए दृ 1द्धए ;4ए 4द्धए ;5ए 3द्धद्व दो प्रदत्त वास्तविक पफलन हैं, तो ण्ि ह का प्रांत ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ है। 37ण् मान लीजिए कि ित्र क्ष्;2ए 4द्धए ;5ए 6द्धए ;8ए दृ 1द्धए ;10ए दृ 3द्धद्व ह त्र क्ष्;2ए 5द्धए ;7ए 1द्धए ;8ए 4द्धए ;10ए 13द्धए ;11ए 5द्धद्व संबंध एवं पफलन 33 दो प्रदत्त वास्तविक पफलन हैं, तो निम्नलिख्िात का सही मिलान ;डंजबीद्ध कीजिएः ⎧⎛ 4 ⎞⎛ −1⎞⎛ −3 ⎞⎫;ंद्ध िदृ ह ;पद्ध 2ए ए 8ए ए10ए ⎨⎜⎟⎜ ⎟⎜ ⎟⎬ ⎩⎝ 5 ⎠⎝ 4 ⎠⎝ 13 ⎠⎭ ;इद्ध ि़ ह ;पपद्ध क्ष्;2ए20 ए द्ध; 8ए − 4 ए 10ए द्ध; − 39द्धद्व ;बद्ध िण् ह ;पपपद्ध 2ए−1ए 8ए − 5 ए 10ए −16 क्ष्;द्ध; द्ध; द्धद्व ि;कद्ध ;पअद्ध क्ष्;2ए 9द्धए ;8ए 3द्धए ;10ए 10द्धद्वह बताइए कि प्रश्न संख्या 38 से 42 तक में दिये कथन सत्य हैं या असत्य हैः 38ण् क्रमित युग्म ;5ए 2द्ध संबंध त् त्र क्ष्;गए लद्ध रू ल त्र ग दृ 5ए गए ल ∈ र्द्व में है। 39ण् यदि च् त्र क्ष्1ए 2द्वए तो च् × च् × च् त्र क्ष्;1ए 1ए 1द्धए ;2ए 2ए 2द्धए ;1ए 2ए 2द्धए ;2ए 1ए 1द्धद्व 40ण् यदि। त्र क्ष्1ए 2ए 3द्वए ठ त्र क्ष्3ए 4द्व तथा ब् त्र क्ष्4ए 5ए 6द्वए तो ;। × ठद्ध ∪ ;। × ब्द्ध त्र क्ष्;1ए 3द्धए ;1ए 4द्धए ;1ए 5द्धए ;1ए 6द्धए ;2ए 3द्धए ;2ए 4द्धए ;2ए 5द्धए ;2ए 6द्धए ;3ए 3द्धए ;3ए 4द्धए ;3ए 5द्धए ;3ए 6द्धद्व −14⎛ 1 ⎞41ण् यदि ;ग दृ 2ए ल ़ 5द्ध त्र ⎜− 2ए ⎟ ए तोग त्र 4ए ल त्र ⎝ 3 ⎠3 42ण् यदि । × ठ त्र क्ष्;ंए गद्धए ;ंए लद्धए ;इए गद्धए ;इए लद्धद्वए तो। त्र क्ष्ंए इद्वए ठ त्र क्ष्गए लद्व

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