™ळमवउमजतलए ंे ं सवहपबंस ेलेजमउए पे ं उमंदे ंदक मअमद जीम उवेज चवूमतनिस उमंदे जव उंाम बीपसकतमद मिमस जीम ेजतमदहजी व िजीम ीनउंद ेचपतपज जींज पे व िजीमपत वूद ेचपतपजण् दृ भ्ण् थ्त्म्न्क्म्छज्भ्।स्ऽ 10ण्1 भूमिका ;प्दजतवकनबजपवदद्ध हम अपनी पूवर्वतीर् कक्षाओं में द्विविमीय निदेर्शांक ज्यामिति से परिचित हो चुके हैं। मुख्यतः यह बीजगण्िात और ज्यामिति का संयोजन है। बीजगण्िात के प्रयोग से ज्यामिति का क्रमब( अध्ययन सवर्प्रथम प्रख्यात प्रंफासीसी दाशर्निक एवं गण्िातज्ञ त्मदम क्मेबंतजमे ने 1637 में प्रकाश्िात अपनी पुस्तक स्ं ळमउवमजतल में किया था। इस पुस्तक से ज्यामिति के अध्ययन में वक्र के समीकरण का विचार तथा संबंध्ित वैश्लेष्िाक विध्ियों का प्रारंभ हुआ। ज्यामिति एवं विश्लेषण का परिणामी संयोजन अब वैश्लेष्िाक ज्यामिति ;।दंसलजपबंस ळमवउमजतलद्ध के रूप में उल्लेख्िात होता है। पूवर्वतीर् कक्षाओं में हमने निदेर्शांक ज्यामिति का अध्ययन प्रारंभ किया है, जिसमें हमने निदेर्शांक अक्षों, निदेर्शांक तल, तल में बिंदुओं को आलेख्िात करना, दो बिंदुओं के बीच की दूरी, विभाजन सूत्रा इत्यादि के बारे में अध्ययन किया है। ये सभी संकल्पनाएँ निदेर्शांक ज्यामिति के आधर ;इंेपबेद्ध हैं। आइए हम, पूवर्वतीर् कक्षाओं में अध्ययन की गइर् निदेर्शांक ज्यामिति का स्मरण करें। स्मरण के लिए, ग्ल्.तल में ;6ए दृ 4द्ध और ;3ए 0द्ध बिंदुओंके संक्षेप में दोहराने को आवृफति 10.1 में प्रदश्िार्त किया गया है। ध्यान दीजिए कि बिंदु ;6ए दृ 4द्ध ध्न ग.अक्ष के अनुदिश ल.अक्ष से 6 इकाइर् दूरी पर और )ण ल.अक्ष के अनुदिश ग.अक्ष से 4 इकाइर् दूरी पर है। इसी प्रकार बिंदु ;3,0द्ध ध्न ग.अक्ष के अनुदिश ल.अक्ष से 3 इकाइर् दूरी पर और ग.अक्ष से शून्य दूरी पर है। आवृफति10ण्1 हमने निम्नलिख्िात महत्वपूणर् सूत्रों का भी अध्ययन किया हैः प्ण् च् ;ग1ए ल1द्ध और फ ;ग2ए ल2द्ध बिंदुओं के बीच की दूरी च्फ ग दृग 2 ल दृल 2 है।12 21 उदाहरणाथर्, ;6ए दृ 4द्ध और ;3ए 0द्ध बिंदुओं के बीच की दूरी ;3 −6द्ध2 ़;0 ़4द्ध 2 त्र 9 ़16 त्र5 इकाइर् है। प्प्ण् ;गलद्ध और ;ग2ए लद्ध बिंदुओं को मिलाने वाले रेखाखंड को उरू द में अंतःविभाजित करने वाले1ए 12⎛उग2 ़दग1 उल2 ़दल1 ⎞बिंदु के निदेर्शांक ⎜ ए ़ ⎟⎠हैं।⎝ उद़ उद उदाहरणाथर्, उस बिंदु के निदेर्शांक जो ।;1ए दृ 3द्ध और ठ ;दृ3ए 9द्ध को मिलाने वाले 1;ण् −़3द्ध 31 ण्रेखाखंड को 1रू 3 में अंतःविभाजित करता है, इसलिए ग त्र 13 त्र0 औऱ 1ण्9 3ण् 3 ल 13 0 हैं। प्प्प्ण् विशेष रूप में यदि उ त्र दए तो ;ग1ए ल1द्ध और ;ग2ए ल2द्ध बिंदुओं को मिलाने वाले रेखाखंड के ⎛ग1 ़ग2 ल1 ़ल2 ⎞मध्य बिंदु के निदेर्शांक ⎜ ए ⎟हैं।⎝ 22 ⎠प्टण् ;ग1ए ल1द्धए ;ग2ए ल2द्ध और ;ग3ए ल3द्ध शीषो± से बने त्रिाभुुज का क्षेत्रापफल 1 लल लललल वगर् इकाइर् है।ग12 3 ग23 1 ग31 22 उदाहरणाथर्, एक त्रिाभुज जिसके शीषर् ;4ए 4द्धए ;3ए दृ 2द्ध और ;दृ 3ए 16द्ध हंै, −544;2 16द्ध ़3;16 4द्ध ; 3द्ध;4 ़2द्ध −− −़− त्रउसका क्षेत्रापफल त्र 1 त्र27 वगर् इकाइर् है।2 2 टिप्पणी यदि त्रिाभुज ।ठब् का क्षेत्रापफल शून्य है, तो तीन बिंदु ।ए ठ और ब् एक रेखा पर होते हैं अथार्त् वे स्ंारेख ;बवससपदमंतद्ध हैं। इस अध्याय में, हम निदेर्शांक ज्यामिति के अध्ययन को सरलतम ज्यामितीय आवृफति - सरल रेखा के गुणध्मो± के अध्ययन हेतु सतत करते रहेंगे। इसकी सरलता के होते हुए भी रेखा, ज्यामिति की एक अत्यावश्यक संकल्पना है और हमारे दैनिक जीवन के अनुभव में बहुत रोचक एवं उपयोगी ढंग से सम्िमलित हैं। यहाँ मुख्य उद्देश्य रेखा का बीजगण्िातीय निरूपण है जिसके लिए ढाल ;ेसवचमद्ध की संकल्पना अत्यंत आवश्यक है। 10ण्2 रेखा की ढाल ;ैसवचम व िं सपदमद्ध निदेर्शांक तल में एक रेखा ग.अक्षए के साथ दो कोण बनाती है, जो परस्पर संपूरक होते हैं। कोण θ ;मान लीजिएद्धजो रेखा सए ग.अक्ष की ध्नात्मक दिशा के साथ बनाती है, रेखा सए का झुकाव ;प्दबसपदंजपवद व िजीम सपदम सद्ध कहलाता है। स्पष्टतया 0° ≤θ ढ180° ;आवृफति 10ण्2द्ध। हम देखते हैं कि ग.अक्ष पर संपाती रेखाओं का झुकाव 0° होता है। एक ऊध्वर् रेखा ;लदृअक्ष के समांतर या लदृअक्ष पर संपातीद्ध का झुकाव 90° है। परिभाषा 1 यदि θ किसी रेखा स का झुकाव है, तो जंद θ को रेखा स की ढाल कहते हैं। वह रेखा जिसका झुकाव 90° है, उसकी ढाल परिभाष्िात नहीं है। एक रेखा की ढाल को उ से व्यक्त करते हैं। इस प्रकार उ त्र जंद θए θ≠ 90° यह देखा जा सकता है कि ग अक्ष की ढाल शून्य है और ल अक्ष की ढाल परिभाष्िात नहीं है। 10ण्2ण्1 रेखा की ढाल, जब उस पर दो बिंदु दिए गए हों ;ैसवचम व िं सपदम ूीमद बववतकपदंजमे व िंदल जूव चवपदजे वद जीम सपदम ंतम हपअमदद्ध हम जानते हैं, कि यदि एक रेखा पर के निदेर्शांकांे के पद में ज्ञात करते हैं।मान लीजिए कि एक उफध्वेर्त्तर ;दवदअमतजपबंसद्ध रेखा सए जिसका झुकाव θ है, पर दो बिंदु च्;ग1ए ल1द्ध और फ;ग2ए ल2द्ध हैं। स्पष्टतया ग1 ≠ ग2ए अन्यथा रेखा ग.अक्ष पर लंब होगी, जिसकी ढाल परिभाष्िात नहीं है। रेखा स का झुकाव θए न्यूनकोण या अध्िक कोण हो सकता है। हम दोनों स्िथतियों पर विचार करते हैं। गदृअक्ष पर फत् तथा त्फ पर च्ड लंब खींचिए ;आवृफति 10ण्3 ;पद्ध और ;पपद्ध में दशार्या गया है। दशा प् जब θ न्यूनकोण है आवृफति 10ण्3 ;पद्धए में ∠डच्फ त्र θ इसलिए रेखा स की ढाल त्र उ त्र जंद θ ण्ण्ण् ;1द्ध डफ ल − लपरंतु त्रिाभुज Δडच्फ में, जंद θत्रत्र 2 1 ण्ण्ण् ;2द्धडच् ग2 − ग1 समीकरण ;1द्ध तथा ;2द्ध से, हम पाते हैं कि उल2 ल1 गग21 दशा प्प् जब θ अध्िक कोण है: आवृफति 10ण्3 ;पपद्ध मेंए ∠डच्फ त्र 180° दृ θण् इसलिए, θ त्र 180° दृ ∠डच्फण् अब, रेखा स की ढाल त्र उ त्र जंद θ त्र जंद ; 180° दृ ∠डच्फद्ध त्र दृ जंद ∠डच्फ डफ लल ल − ल21 21 ण्त्र त्र डच् गगग − ग12 21 पफलतः दोनों दशाओं में बिंदु ;ग1ए लद्ध और1;ग2ए लद्ध से जाने वाली रेखा की ढाल2लल21उ गग21 10ण्2ण्2 दो रेखाओं के समांतर और परस्पर लंब होने का प्रतिबंध् ;ब्वदकपजपवदे वित चंतंससमसपेउ ंदक चमतचमदकपबनसंतपजल व िसपदमेद्ध मान लीजिए कि ऊध्वेर्तर रेखाओं स1 और स2 की ढालें, जो एक निदेर्शांक तल में हैं क्रमशः उ1 तथा उ2एहैं। मान लीजिए कि इनके झुकाव क्रमशः α और β हैं। यदि स1 और स2 समांतर रेखाएँहैं ;आवृफति 10.4द्ध तब उनके झुकाव समान होगें। अथार्त् α त्र βए और जंद α त्र जंद β इसलिए उ1 त्र उ2ए अथार्त् उनके ढाल बराबर हैं। विलोमतः यदि दो रेखाओं स1 और स2 के ढाल बराबर हैं अथार्त् उ1 त्र उ2 तब जंद α त्र जंद β स्पशर्ज्या ;जंदहमदजद्ध पफलन के गुणध्मर् से ;0° और 180° के बीचद्धए α त्र β अतः रेखाएँ समांतर हैं। अतः दो ऊध्वर्ेत्तर रेखाएँ सऔर ससमांतर होती हंै, यदि और1 2 केवल यदि उनके ढाल समान हैं। यदि रेखाएँ सऔर सपरस्पर लंब हैं ;आवृफति 10.5द्ध, तब12 β त्र α ़ 90°ण् इसलिएए जंद β त्र जंद ;α ़ 90°द्ध 1 त्र दृ बवज α त्र जंद आवृफति 10ण् 5 1 अथार्त् उ2 त्र या उ1 उ2 त्र दृ 1उ1 विलोमतः यदि उउ त्र दृ 1ए अथार्त् जंद α जंद β त्र दृ 1ण्12तब, जंद α त्र दृ बवज β त्र जंद ;β ़ 90°द्ध या जंद ;β दृ 90°द्ध इसलिए, α और β का अंतर 90° है। अतः, रेखाएँ सऔर सपरस्पर लंब हैं।12 अतः दो ऊध्वर्ेत्तर रेखाएँ स1 और स2 परस्पर लंब होती हैं यदि और केवल यदि उनकी ढाल परस्पर )णात्मक व्युत्व्रफम है। 1अथार्त् उत्र या उउ त्र दृ 12 12उ1 आइए, निम्नलिख्िात उदाहरण पर विचार करेंः उदाहरण 1 उन रेखाओं के ढाल ज्ञात कीजिए जो ;ंद्ध ;3ए दृ 2द्ध और ;दृ1ए 4द्ध बिंदुओं से होकर जाती है, ;इद्ध ;3ए दृ 2द्ध और ;7ए दृ2द्ध बिंदुओं से होकर जाती है, ;बद्ध ;3ए दृ 2द्ध और ;3ए 4द्ध बिंदुओं से होकर जाती है, ;कद्ध ध्न गदृअक्ष से 60° का कोण बनाती है। हल ;ंद्ध ;3ए दृ 2द्ध और ;दृ1ए 4द्ध बिंदुओं से जाने वाली रेखा की ढाल 4;2द्ध −− 63 उ त्र त्रत्र− है13 −4−− 2 ;इद्ध ;3ए दृ 2द्ध और ;7ए दृ2द्ध बिंदुओं से जाने वाली रेखा का ढाल −−− 2;2द्ध 0 उ त्र त्रत्र0 73 4 है− ;बद्ध ;3ए दृ 2द्ध और ;3ए 4द्ध बिंदुओं से जाने वाली रेखा का ढाल 4 − ;−2द्ध 6 उत्रत्र ए जो कि परिभाष्िात नहीं है।3 − 30 ;कद्ध यहाँ रेखा का झुकाव α त्र 60° । इसलिए, रेखा का ढालउत्र जंद 60° त्र 3 है। एक से अध्िक रेखाओं के बारे में विचार करते हैं तब देखते हैं कि या तो ये रेखाएँ प्रतिच्छेद करती हंैं या समांतर होती हैं। यहाँ हम दो रेखाओं के बीच के कोण पर, उनके ढालों के पदों में विचार करेंगे।मान लीजिए दो ऊध्वर्ेत्तर रेखाओं स्और1के ढाल क्रमशः उऔर उहै। यदिस्2 12स्और स्के झुकाव क्रमशः αऔर αहों12 12 तो उ1 जंद α1 आरै उ2 जंद α2 हम जानते हैं कि जब दो रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेद करती हैं तब वे दो शीषार्भ्िामुख कोणों आवृफति 10ण् 6के युग्म बनाती हैं जो ऐसे हैं कि किन्हीं दो संलग्न कोणों का योग 180° है। मान लीजिए कि रेखाओं स्1और स्2 के बीच संलग्न कोण θ और φ हैं ;आवृफति 10.6द्ध। तब θ त्र α दृ αऔर α1ए α≠ 90°21 2 जंद α− जंद α उउ21 21इसलिएए जंद θ त्र जंद ;α दृ αद्ध त्रत्र दृ − ;क्योंकि 1 ़ उउ≠ 0द्ध211जंद α जंद α1़ उउ 12़ 12 12 और φ त्र 180° दृ θ उउ इस प्रकार जंद φ त्र जंद ;180° दृ θ द्ध त्र दृ जंद θ त्र 2 1ए क्योंकि 1 ़ उ1उ2 ≠ 01 उउ12 अब, दो स्िथतियाँ उत्पन्न होती हंैः उ2 − उ1स्िथति प् यदि ध्नात्मक है, तब जंद θ ध्नात्मक होगा और जंद φ )णात्मक होगा जिसका1 ़ उ1 उ2 अथर् है θ न्यूनकोण होगा और φ अध्िक कोण होगा। उ2 − उ1स्िथति प्प् यदि )णात्मक है, तब जंद θ )णात्मक होगा और जंद φ धनात्मक होगा1 ़ उ1 उ2 जिसका अथर् है θ अध्िक कोण होगा और φ न्यून कोण होगा। इस प्रकार, उऔर उ2ए ढाल वाली रेखाओं स्और स्के बीच का न्यून कोण ;माना कि θद्ध1 12 इस प्रकार है, उ2 − उ1 जहाजंद θ 1़ उउ ≠ 01 ण्ण्ण् ;1द्धत्रँए 21़ उउ12 अध्िक कोण ;माना कि φद्ध φ त्र1800 दृ θ के प्रयोग से प्राप्त किया जा सकता है। उदाहरण 2 यदि दो रेखाओं के बीच का कोण π 4 है और एक रेखा की ढाल 12 हैतो दूसरी रेखा की ढाल ज्ञात कीजिए। हल हम जानते हैं कि उऔर उ ढाल वाली दो रेखाओं के बीच न्यूनकोण θ इस प्रकार है कि12उ2 − उ1जंद θ त्र ण्ण्ण् ;1द्ध1़ उउ12 1 πयहाँ उत्र ए उ त्र उऔर θ त्र 1 224 अब ;1द्ध में इन मानों को रखने पर 1 1 उ उπ 2 2या 1जंद ए1 14 1 उ 1 उ2 2 11 उउ221 या दृ1जिससे प्राप्त होता है 111 उ 1 उ22 इसलिए, उ 3 या उ 1 3 आवृफति10ण् 7 अतः दूसरी रेखा की ढाल 3 या 1 है। आवृफति 10.7 में दो उत्तर का कारण स्पष्ट किया गया है।3 उदहारण 3 ;दृ2ए 6द्ध और ;4ए 8द्ध बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा, ;8ए 12द्ध और ;गए 24द्ध बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा पर लंब है। ग का मान ज्ञात कीजिए। 86− 21 उ त्र त्रत्र हल ;दृ 2ए 6द्ध और ;4ए 8द्ध बिंदुओं से जाने वाली रेखा की ढाल 1 4 −−2 63;द्ध 24 −12 12;8ए 12द्ध और ;गए 24द्ध बिंदुओं से जाने वाली रेखा की ढाल उ2 त्रत्र ग −8 ग −8 क्योंकि दोनों रेखाएँ लंब हैं इसलिएए उउ त्र दृ1ए जिससे प्राप्त होता है121 12 × त्र−1 या ग त्र4 ण्3 ग −8 10ण्2ण्4 तीन बिंदुओं की संरेखता ;ब्वससपदमंतपजल व िजीतमम चवपदजेद्ध हम जानते हैं कि दो समांतर रेखाओं के ढाल समान होते हैं। यदि समान ढाल वाली दो रेखाएँ एक ही बिंदु से होकर जाती हैं, तो आवश्यक रूप से वे संपाती ;बवपदबपकमदजद्ध होती हैं। अतः यदि ग्ल्.तल में ।ए ठ और ब् तीन बिंदु हैं, तब वे एक रेखा पर होंगे अथार्त् तीनों बिंदु संरेख होंगे ;आवृफति 10.8द्ध यदि और केवल यदि ।ठ की ढाल त्र ठब् की ढाल। आवृफति10ण् 8 उदाहरण 4 तीन बिंदु च् ;ीए ाद्धए फ ;ग1ए ल1द्ध और त् ;ग2ए ल2द्ध एक रेखा पर हैं। दिखाइए ;ी दृ ग1द्ध ;ल2 दृ ल1द्ध त्र ;ा दृ ल1द्ध ;ग2 दृ ग1द्ध हल क्योंकि बिंदु च्ए फ और त् संरेख हैं, हम पाते है ला लल1 21च्फ की ढाल त्र फत् की ढाल अथार्त् ग1 ीग2 ग1 ा ल1 ल2 ल1या एीग1 ग2 ग1 या ;ी दृ ग1द्ध ;ल2 दृ ल1द्ध त्र ;ा दृ ल1द्ध ;ग2 दृ ग1द्ध उदाहरण 5 आवृफति 10ण्9ए में एक रैख्िाक गति का समय और दूरी का लेखाचित्रा दिया है। समय और दूरी की दो स्िथतियाँ, जब ज् त्र 0ए क् त्र 2 और जब ज् त्र 3ए क् त्र 8 अंकित की गईं हैं। ढाल की संकल्पना का प्रयोग करके गति का नियम ज्ञात कीजिए अथार्त् दूरी, समय पर किस प्रकार आश्रित है? हल मान लीजिए कि रेखा पर कोइर् बिंदु ;ज्ए क्द्ध है जहाँ ज् समय पर क् दूरी निरूपित है। इसलिए, बिंदु ;0ए 2द्धए ;3ए 8द्ध और ;ज्ए क्द्ध संरेख है। इस प्रकार 82 क्8 आवृफति 10ण्9या 6;ज् 3द्ध 3;क् 8द्ध 30 ज्3 या क् त्र 2;ज् ़ 1द्धए जो कि अभीष्ट संबंध् है। प्रश्नावली 10.1 1ण् कातीर्य तल में एक चतुभर्ुज खींचिए जिसके शीषर् ;दृ 4ए 5द्धए ;0ए 7द्धए ;5ए दृ 5द्ध और ;दृ 4ए दृ2द्ध हैं। इसका क्षेत्रापफल भी ज्ञात कीजिए। 2ण् 2ं भुजा के समबाहु त्रिाभुज का आधर ल.अक्ष के अनुदिश इस प्रकार है कि आधर का मध्य बिंदु मूल बिंदु पर है। त्रिाभुज के शीषर् ज्ञात कीजिए। 3ण् च् ;ग1ए लद्ध और फ ;गए लद्ध के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए जब रू ;पद्ध च्फए ल.अक्ष के समांतर122है, ;पपद्ध च्फए ग.अक्ष के समांतर है। 4ण् ग.अक्ष पर एक बिंदु ज्ञात कीजिए जो ;7ए 6द्ध और ;3ए 4द्ध बिंदुओं से समान दूरी पर है। 5ण् रेखा की ढाल ज्ञात कीजिए जो मूल बिंदु और च् ;0ए दृ 4द्ध तथा ठ ;8ए 0द्ध बिंदुओं को मिलाने वाले रेखाखंड के मध्य बिंदु से जाती हंै। 6ण् पाइथागोरस प्रमेय के प्रयोग बिना दिखलाइए कि बिंदु ;4ए 4द्धए ;3ए 5द्ध और;दृ1ए दृ1द्ध एक समकोण त्रिाभुज के शीषर् हैं। 7ण् उस रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जो ल - अक्ष की ध्न दिशा से वामावत्तर् मापा गया 30° का कोण बनाती है। 8ण् ग का वह मान ज्ञात कीजिए जिसके लिए बिंदु ;गए दृ 1द्धए ;2ए1द्ध और ;4ए 5द्ध संरेख हंै। 9ण् दूरी सूत्रा का प्रयोग किए बिना दिखलाइए कि बिंदु ;दृ 2ए दृ 1द्धए ;4ए 0द्धए ;3ए 3द्ध और ;दृ3ए 2द्ध एक समांतर चतुभुर्ज के शीषर् हैं। 10ण् ग.अक्ष और ;3एदृ1द्ध और ;4एदृ2द्ध बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा के बीच का कोण ज्ञात कीजिए। 11ण् एक रेखा की ढाल दूसरी रेखा की ढाल का दुगुना है। यदि दोनों के बीच के कोण की स्पशर्ज्या 1 ;जंदहमदजद्ध है तो रेखाओं की ढाल ज्ञात कीजिए।3 12ण् एक रेखा ;ग1ए ल1द्ध और ;ीए ाद्ध से जाती है। यदि रेखा की ढाल उ है तो दिखाइएा दृ ल1 त्र उ ;ी दृ ग1द्धण् 13ण् यदि तीन बिंदु ;ीए 0द्धए ;ंए इद्ध और ;0ए ाद्ध एक रेखा पर हैं तो दिखाइए कि ं ़ इ त्र 1ण्ी ा 14ण् जनसंख्या और वषर् के निम्नलिख्िात लेखाचित्रा पर विचार कीजिए ;आवृफति 10ण्10द्ध। रेखा।ठ की ढाल ज्ञात कीजिए और इसके प्रयोग से बताइए कि वषर् 2010 में जनसंख्या कितनीहोगी? आवृफति 10ण्10 10ण्3 रेखा के समीकरण के विविध् रूप ;टंतपवने थ्वतउे व िजीम म्ुनंजपवद व िं स्पदमद्ध हम जानते हैं कि किसी तल में स्िथत एक रेखा में बिंदुओं की संख्या अनंत होती है। रेखा और बिंदुओं के बीच का एक संबंध् हमें निम्नलिख्िात समस्या को हल करने में सहायक होता हैःहम वैफसे कह सकते हैं कि दिया गया बिंदु किसी दी हुइर् रेखा पर स्िथत है? इसका उत्तर यह हो सकता है कि हमें बिंदुओं के रेखा पर होने का निश्िचत प्रतिबंध् ज्ञात हो। कल्पना कीजिए कि ग्ल्तल में च् ;गए लद्ध एक स्वेच्छ बिंदु है स् के समीकरण हेतु हम बिंदु च् के लिए एक ऐसे कथन या प्रतिबंध् की रचना करना चाहते हैं जो केवल उस दशा में सत्य होता है जब बिंदु च् रेखा स् पर स्िथत हो, अन्यथा असत्य होता है। निस्संदेह यह कथन एक ऐसा बीजगण्िातीय समीकरण है, जिसमें ग तथा ल दोनों ही सम्िमलित होते हैं। अब, हम विभ्िान्न प्रतिबंधें के अंतगर्त रेखा की समीकरण पर विचार करेंगे। 10ण्3ण्1 क्षैतिज एवंऊध्वार्ध्र रेखाएँ ;भ्वतप्रवदजंस ंदक अमतजपबंस सपदमेद्ध यदि एक क्षैतिज रेखा स्ए ग.अक्ष से ं दूरी पर है तो रेखा के प्रत्येक बिंदु की कोटि या तो ं या दृ ं है ख्आवृफति 10ण्11 ;ंद्ध,। इसलिए, रेखा स् का समीकरण या तो ल त्र ं या ल त्र दृ ं है। चिÉ का चयन आवृफति 10ण्11 रेखा की स्िथति पर निभर्र करता है कि रेखा ल.अक्ष के ऊपर या नीचे है। इसी प्रकार, ग.अक्ष से इ दूरी पर स्िथत एक ऊध्वार्ध्र रेखा का समीकरण या तो ग त्र इ या ग त्र दृ इ है ख्आवृफति 10ण्11;इद्ध,। उदाहरण 6 अक्षों के समांतर और ;दृ 2ए 3द्ध से जाने वाली रेखाओं के समीकरण ज्ञात कीजिए। हलआवृफति 10ण्12 में रेखाओं की स्िथतियाँ दशार्इर् गइर् हैं। ग.अक्ष के समांतर रेखा के प्रत्येक बिंदु के ल.निदेर्शांक 3 हंै, इसलिए ग.अक्ष के समांतर और ;दृ 2ए 3द्ध से जाने वाली रेखा का समीकरण ल त्र 3 है। इसी प्रकार, ल.अक्ष के समांतर और ;दृ 2ए 3द्ध से जाने वाली रेखा का समीकरण ग त्र दृ 2 है ;आवृफति 10.12द्ध। 10ण्3ण्2 बिंदु - ढाल रूप ;च्वपदज.ेसवचम वितउद्ध कल्पना कीजिए कि च् ;गए लद्ध एक ऊध्वेर्तर रेखा स्ए जिसकी000ढाल उ है, पर स्िथत एक नियत बिंदु है। मान लीजिए कि स् पर एक स्वेच्छ बिंदु च्;गए लद्ध है।;आवृफति 10.3द्ध तब, परिभाषा से, स् की ढाल इस प्रकार है आवृफति 10ण्12 उलल0ए अथातर््ए लल0 उग ग0 ण्ण्ण्;1द्धगग0 क्योंकि बिंदु च्0 ;ग0 ए ल0द्ध स् के सभी बिंदुओं ;गए लद्ध के साथ ;1द्ध को संतुष्ट करता है और तल का कोइर् अन्य बिंदु ;1द्ध को सन्तुष्ट नहीं करता है। इसलिए समीकरण ;1द्ध ही वास्तव में दी हुइर् रेखा स् का समीकरण है। इस प्रकार, नियत बिंदु ;गए लद्ध से जाने00वाली ढाल उ की रेखा पर बिंदु ;गए लद्ध है यदि और केवल यदि इसके निदेर्शांक समीकरण ल दृ ल0 त्र उ ;ग दृ ग0द्ध आवृफति 10ण्13 को संतुष्ट करते हैं। उदाहरण 7 ;दृ 2ए 3द्ध से जाने वाली ढाल - 4 की रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। हल यहाँ उ त्र दृ 4 और दिया बिंदु ;गए लद्ध त्र ;दृ 2ए 3द्ध है।0 0उपयुर्क्त बिंदु - ढाल रूप सूत्रा ;1द्ध से दी रेखा का समीकरण ल दृ 3 त्र दृ 4 ;ग ़ 2द्ध या 4ग ़ ल ़ 5 त्र 0ए है जो अभीष्ट समीकरण है। 10ण्3ण्3 दो बिंदु रूप ;ज्ूव.चवपदज वितउद्ध मान लीजिए रेखा स् दो दिए बिंदुओं च् ;गए लद्ध और च्1112 ;ग2ए ल2द्ध से जाती है और स् पर व्यापक बिंदु च् ;गए लद्ध है ;आवृफति 10.14द्ध। तीन बिंदु च्ए च्और च् संरेख हैं, इसलिए,12 च्च् की ढाल त्र च्च्की ढाल112 ल −लल −ल1 21त्रअथार्त् ग −ग1 ग2 −ग1 ल2 −ल1या ल −ल1 त्र ;ग −ग1द्ध ग2 −ग1 इस प्रकार, ;गए लद्ध और ;गए लद्ध1122बिंदुओं से जाने वाली रेखा का समीकरण ल −लल −ल1 त्र 2 1;ग −ग1द्ध ण्ण्ण् ;2द्धग2 −ग1 उदाहरण 8 बिंदुओं ;1ए दृ1द्ध और ;3ए 5द्ध से होकर जाने वाली रेखा का समीकरण लिख्िाए। हल यहाँ ग1 त्र 1ए ल1 त्र दृ1ए ग2 त्र 3 और ल2 त्र 5ए दो बिंदु रूप सूत्रा ;2द्ध के प्रयोग से रेखा का समीकरण, हम पाते हैं 5 −−1;द्ध;ल ;द्ध1 त्र ग −1द्ध−− 31− या −3ग ़ल ़4 त्र0ए जो अभीष्ट समीकरण है। 10ण्3ण्4 ढाल अंतःखंड रूप ;ैसवचम.पदजमतबमचज वितउद्ध कभी - कभी हमें एक रेखा का मान उसकी ढाल तथा उसके द्वारा किसी एक अक्ष पर काटे गए अंतःखंड द्वारा होता है। स्िथति प् कल्पना कीजिए कि ढाल उ की रेखा स्ए ल.अक्ष पर मूल बिंदु से ब दूरी पर प्रतिच्छेद करती है ;आवृफति 10.15द्ध। दूरी ब रेखा स् का ल.अंतःखंड कहलाती है। स्पष्ट रूप से उस बिंदु के निदेर्शांक जहाँ यह रेखा ल.अक्ष से मिलती है, ;0ए बद्ध हैं। इस प्रकार स् की ढाल उ है और यह एक स्िथर बिंदु ;0ए बद्ध से होकर जाती है। इसलिए, बिंदु - ढाल रूप से, स् का समीकरण आवृफति 10ण्15 ल दृ ब त्र उ ;ग दृ 0 द्ध या ल त्र उग ़ ब इस प्रकार, ढाल उ तथा ल - अंतःखंड ब वाली रेखा पर बिंदु ;गए लद्ध केवल और केवल तभी होगी यदि ल त्रउग ़ब ण्ण्ण् ;3द्ध ध्यान दीजिए कि ब का मान ध्नात्मक या )णात्मक होगा यदि ल - अक्ष से अंतःखंड क्रमशः ध्न या )ण भाग से बना हो। स्िथति प्प् कल्पना कीजिए ढाल उ वाली रेखा ग.अक्ष से क अंतःखंड बनाती है। तब रेखा स् का समीकरण है। ल त्रउ;ग −क द्ध ण्ण्ण् ;4द्ध स्िथति ;1द्ध में कही वण्िार्त से विद्याथीर् स्वयं इस समीकरण को प्राप्त कर सकते हैं। 1 उदाहरण 9 उन रेखाओं के समीकरण लिख्िाए जिनके लिए जंद θ त्र ए जहाँ θ रेखा का झुकाव2 है और ;पद्ध ल.अंतःखंड दृ 23 है, ;पपद्ध ग.अंतःखंड 4 है। हल ;पद्ध यहाँ रेखा की ढाल त्र उ त्र जंद θ त्र 1 और ल .अंतःखंड ब त्रदृ 23ण् इसलिए, ढाल - अंतःखंड2 13 −़त्र है, जो अभीष्टरूप उपयुर्क्त सूत्रा ;3द्ध से रेखा का समीकरण ल त्र 2 ग − 2 या 2लग 30 समीकरण है। 1 ;पपद्ध यहाँ, उ त्र जंद θ त्र और क त्र 42 इसलिए, ढाल - अंतःखंड रूप उपयुर्क्त सूत्रा ;4द्ध से रेखा का समीकरण 1 ल त्र;ग −4द्ध या 2लग 4−़त्र 0ए2 है, जो अभीष्ट समीकरण है। 10ण्3ण्5 अंतःखंड - रूप ;प्दजमतबमचज . वितउद्ध कल्पना कीजिए कि एक रेखा स्ए ग.अंतःखंड ं और ल.अंतःखंड इ बनाती है। स्पष्टतया स्ए ग.अक्ष से बिंदु ;ंए 0द्ध और ल.अक्ष से बिंदु ;0ए इद्ध पर मिलती है ;आवृफति 10ण्16द्ध । रेखा के दो बिंदु रूप समीकरण से इ −0 ल 0;ग −ंद्ध या ंल त्रइग ए−त्र −़ ंइ 0 −ं गलअथार्त् ़त्र1 ंइ इस प्रकार, ग - अक्ष और ल - अक्ष से क्रमशः ं और इ अंतःखंड बनाने वाली रेखा का समीकरण निम्नलिख्िात है: ग ़ल त्र1 ण्ण्ण् ;5द्धंइ उदाहरण 10 एक रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जो ग.और ल.अक्ष से क्रमशः दृ3 और 2 के अंतःखंड बनाती है। हल यहाँ ं त्र दृ3 और इ त्र 2ण् उपयुर्क्त अंतःखंड रूप ;5द्ध से रेखा का समीकरण गल 1 या 2ग 3ल 6 त्ऱत्र −़0 −32 10ण्3ण्6 लंब रूप ;छवतउंस वितउद्ध कल्पना कीजिए कि निम्नलिख्िात आँकड़ों सहित हमको एक उफध्वर्ेतर रेखा ज्ञात है। ;पद्ध मूल बिंदु से रेखा पर लंब की लंबाइर्। ;पपद्ध लंब एवं ध्न ग - अक्ष के बीच का कोण। आवृफति 10ण्17 मान लीजिए कि स् एक रेखा है जिसकी मूल बिंदु व् से लांबिक दूरी व्। त्र च और ध्न ग.अक्ष और व्। के बीच का कोण ∠ग्व्। त्र ωण् कात्तीर्य तल में रेखा स् की संभव स्िथतियाँ आवृफति 10ण्17 में दशार्इर् गयी हैं। अब, हमारा उद्देश्य स् का ढाल और इस पर एक बिंदु ज्ञात करना है। प्रत्येक स्िथति में ग.अक्ष पर ।ड लंब डाला गया है। प्रत्येक स्िथति में, व्ड त्र च बवे ω और ड। त्र च ेपद ωए इस प्रकार बिंदु । के निदेर्शांक ;च बवे ωए च ेपद ωद्ध हंै। इसके अतिरिक्त रेखा स्ए व्। पर लंब है। 1 1 बवे ωरेखा स् की ढाल त्र ण्व्। की ढाल जंद ω ेपद ω इस प्रकार, रेखा स् की ढाल −बवेω है और बिंदु । ;चबवेωए चेपद ωद्ध उस पर स्िथत हैं।ेपद ω इसलिए, बिंदु - ढाल रूप से रेखा का समीकरण बवे ω 22लचेपद ωत्र− ;ग − चबवे ωद्ध या गबवे ω़ ल ेपद ωत्र च;ेपद ω़ बवे ωद्ध− ेपद ω या ग बवे ω ़ ल ेपद ω त्र चण् अतः, मूल बिंदु से लांबिक दूरी च और ध्न ग.अक्ष तथा लंब के बीच कोण ω वाली रेखा का समीकरण इस प्रकार है ग बवे ω ़ ल ेपद ω त्र च ण्ण्ण् ;6द्ध उदाहरण 11 रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जिसकी मूल बिंदु से लांबिक दूरी 4 इकाइर् और ध्न ग.अक्ष तथा लंब के बीच कोण 15° है। हल यहाँ हमें दिया है च त्र 4 और ω त्र 150 ;आवृफति 10ण्18द्धण् ़अब, बवे 15° त्र 31 और22 31− ेपद 15ह् त्र ;क्योंघ्द्ध22 उपयुर्क्त लंब रूप ;6द्ध से रेखा का समीकरण आवृफति 10ण्18 0 0 3131 ग बवे 15 ल ेपद 15 4 या ग ल 4 या 31 ग 31 ल 82 22 22 है। यही अभीष्ट समीकरण है। उदाहरण 12 पफारेनहाइट ताप थ् और परम ताम ज्ञ एक रैख्िाक समीकरण को संतुष्ट करते हैं। दिया है कि ज्ञ त्र 273 जब थ् त्र 32 और ज्ञ त्र 373 जब थ् त्र 212 तो ज्ञ को थ् के पदों में व्यक्त कीजिए और थ् का मान ज्ञात कीजिए जबकि ज्ञत्र 0 हल कल्पना कीजिए कि थ्ए ग.अक्ष के अनुदिश और ज्ञए ल.अक्ष अनुदिश है तो ग्ल्.तल में हमें दो बिंदु ;32ए 273द्ध और ;212ए 373द्ध स्िथत हैं। दो बिंदु रूप सूत्रा से बिंदु ;थ्ए ज्ञद्ध के द्वारा संतुष्ट होने वाला समीकरण निम्नलिख्िात है: 373 − 273 100 ज्ञ273 त्र थ्32 द्ध या ज्ञ − 273 त्र थ्32 द्ध− ;− ;− 212 − 32 180 या ज्ञ त्र 5 ;थ् − 32द्ध़ 273 ण्ण्ण् ;1द्ध9 यही अभीष्ट संबंध् है। जब ज्ञ त्र 0ए समीकरण ;1द्ध से, 5 273×90 त्र 491 4 ;थ् − 32 द्ध़ 273 या थ् − 32 त्र− त्र− ण् या थ्त्र − 459ण्4 95 वैकल्िपक विध्िः हम जानते हैं कि रेखा के समीकरण का सरलतम रूप ल त्र उग ़ ब है पुनः थ् को ग.अक्ष के अनुदिश और ज्ञ को ल.अक्ष के अनुदिश मानते हुए हम समीकरण ज्ञ त्र उथ् ़ ब ण्ण्ण् ;1द्ध के रूप में ले सकते हैं। समीकरण ;1द्ध बिंदुओं ;32, 273द्ध और ;212, 373द्ध से संतुष्ट होती है, इसलिए, 273 त्र 32उ ़ ब ण्ण्ण् ;2द्ध और 373 त्र 212उ ़ ब ण्ण्ण् ;3द्ध 5 2297 ;2द्ध और ;3द्ध को हल करने पर, उ त्र और ब त्र 99 ;1द्ध में उ और ब के मान रखने पर, 5 2297 ण्ण्ण् ;4द्धज्ञ त्र थ् ़ 99 जो कि अभीष्ट संबंध् है। जब ज्ञ त्र 0ए ;4द्ध से थ् त्र दृ 459ण्4 प्राप्त होता है। प्रश्नावली 10ण्2 प्रश्न 1 से 8 तक, रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जो दिये गये प्रतिबंधें को संतुष्ट करता है: 1ण् ग.और ल.अक्षों के समीकरण लिख्िाए। 2ण् ढाल 2 और बिंदु ;दृ 4ए 3द्ध से जाने वाली । 3ण् बिंदु ;0ए 0द्ध से जाने वाली और ढाल उ वाली। 4ण् बिंदु ;2ए2 3द्ध से जाने वाली और ग.अक्ष से 75व के कोण पर झुकी हुइर्। 5ण् मूल बिंदु के बांईं ओर ग.अक्ष को 3 इकाइर् की दूरी पर प्रतिच्छेद करने तथा ढाल - 2 वाली। 6ण् मूल बिंदु से ऊपर ल.अक्ष को 2 इकाइर् की दूरी पर प्रतिच्छेद करने वाली और ग.की ध्न दिशा के साथ 30° का कोण बनाने वाली। 7ण् बिंदुओं ;दृ1ए 1द्ध और ;2ए दृ 4द्ध से जाते हुए। 8ण् उस रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जिसकी मूल बिंदु से लांबिक दूरी 5 इकाइर् और लंब, ध्न ग.अक्ष से 30° का कोण बनाती है। 9ण् Δ च्फत् के शीषर् च् ;2ए 1द्धए फ ;दृ2ए 3द्ध और त् ;4ए 5द्ध हैं। शीषर् त् से जाने वाली माियका का समीकरण ज्ञात कीजिए। 10ण् ;दृ3ए 5द्ध से होकर जाने वाली और बिंदु ;2ए 5द्ध और ;दृ3ए 6द्ध से जाने वाली रेखा पर लंब रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। 11ण् एक रेखा ;1,0द्ध तथा ;2,3द्ध बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा खंड पर लंब है तथा उसको 1ः द के अनुपात में विभाजित करती है। रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। 12ण् एक रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जो निदेर्शांकों से समान अंतःखंड काटती है और बिंदु ;2ए 3द्ध से जाती है। 13ण् बिंदु ;2ए 2द्ध से जाने वाली रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जिसके द्वारा अक्षों से कटे अंतःखंडों का योग 9 है। 12π14ण् बिंदु;0ए 2द्ध से जाने वाली और ध्न ग.अक्ष से 3 के कोण बनाने वाली रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। इसके समांतर और ल.अक्ष को मूल बिंदु से 2 इकाइर् नीचे की दूरी पर प्रतिच्छेद करती हुइर् रेखा का समीकरण भी ज्ञात कीजिए। 15ण् मूल बिंदु से किसी रेखा पर डाला गया लंब रेखा से बिंदु ; - 2, 9द्ध पर मिलता है, रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। 16ण् ताँबे की छड़ की लंबाइर् स् ;सेमी मेंद्ध सेल्िसयस ताप ब् का रैख्िाक पफलन है। एक प्रयोग में यदि स् त्र 124ण्942 जब ब्त्र20 और स्त्र 125ण्134 जब ब् त्र 110 हो, तो स् को ब् के पदों में व्यक्त कीजिए। 17ण् किसी दूध् भंडार का स्वामी प्रति सप्ताह 980 लिटर दूध्, 14 रु. प्रति लिटर के भाव से और 1220 लीटर दूध् 16 रु. प्रति लिटर के भाव से बेच सकता है। विव्रफय मूल्य तथा मांग के मध्य के संबंध् को रैख्िाक मानते हुए यह ज्ञात कीजिए कि प्रति सप्ताह वह कितना दूध् 17 रु. प्रति लिटर के भाव से बेच सकता है? 18ण् अक्षों के बीच रेखाखंड का मध्य बिंदु च् ;ंए इद्ध है। दिखाइए कि रेखा का समीकरण ग ़ ल त्र2 है।ंइ 19ण् अक्षों के बीच रेखाखंड को बिंदु त्;ीए ाद्धए 1रू2 के अनुपात में विभक्त करता है। रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। 20ण् रेखा के समीकरण की संकल्पना का प्रयोग करते हुए सि( कीजिए कि तीन बिंदु ;3,0द्ध, ; - 2, - 2द्ध और ;8, 2द्ध संरेख हैं। 10ण्4 रेखा का व्यापक समीकरण ;ळमदमतंस म्ुनंजपवद व िं स्पदमद्ध पूवर्वतीर् कक्षाओं में हमने दो चर राश्िायों के एक घातीय व्यापक समीकरण ।ग ़ ठल ़ ब् त्र 0ए का अध्ययन किया जहाँ ।ए ठ और ब् ए ऐसे वास्तविक अचर हैं कि । और ठ एक साथ शून्य नहीं हैं। समीकरण ।ग ़ ठल ़ ब् त्र 0 का लेखाचित्रा सदैव एक सरल रेखा होता है। इसलिए, जब । और ठ एक साथ शून्य नहीं हैं तो ।ग ़ ठल ़ ब् त्र 0ए के रूप का कोइर् समीकरण रेखा का व्यापक रैख्िाक समीकरण ;ळमदमतंस सपदमंत मुनंजपवदद्ध या रेखा का व्यापक समीकरण ;ळमदमतंस मुनंजपवदद्ध कहलाता है। 10ण्4ण्1 ।ग ़ ठल ़ ब् त्र 0 के विभ्िान्न रूप ;क्पमिितमदज वितउे व ि।ग ़ ठल ़ ब् त्र 0द्ध समीकरण को निम्नलिख्िात प्रियाओं द्वारा रेखा के समीकरण के विभ्िान्न रूपों में रूपांतरित किया जा सकता है। ;ंद्ध ढाल - अंतःखंड रूप ;ैसवचम.पदजमतबमचज वितउद्ध यदि ठ ≠ 0ए तो ।ग ़ ठल ़ ब् त्र 0 को ल त्र−। ग −ब् या ल त्रउग ़ब ण्ण्ण् ;1द्धठ ठ जहाँ उ त्र−। आरै ब त्र−ब् के रूप में लिखा जा सकता है।ठठ दृ । हम जानते हैं कि समीकरण;1द्ध उस रेखा की ढाल - अंतःखंड रूप है जिसकी ढाल ठए और ब्ब् ल.अंतःखंड − ठ है। यदि ठ त्र 0ए तो ग त्र − ।ए जो कि एक ऊध्वार्ध्र रेखा का समीकरण है जिसकी ब् ढाल अपरिभाष्िात और ग.अंतःखंड − । है। ;इद्ध अंतःखंड - रूप ;प्दजमतबमचज वितउद्ध यदि ब् ≠ 0ए तो ।ग ़ ठल ़ ब् त्र 0 को गल गल़त्र1 या ़त्र 1ब्ब् ंइ ण्ण्ण् ;1द्ध−− ।ठ जहाँ ं त्र −ब् और इ त्र −ब् ।ठ हम जानते हैं कि समीकरण ;1द्ध उस रेखा के समीकरण का अंतःखंड रूप है जिसके क्रमशः ब्ब् ग.अंतःखंड − । और ल.अंतःखंड − ठ हैं। यदि ब् त्र 0ए तो ।ग ़ ठल ़ ब् त्र 0 को ।ग ़ ठल त्र 0ए लिखा जा सकता है जो मूल बिंदु से जाने वाली रेखा है और इसलिए, अक्षों पर शून्य अंतःखंड हैें। ;बद्ध लंब रूप ;छवतउंस वितउद्ध मान लीजिए कि समीकरण ।ग ़ ठल ़ ब् त्र 0 या ।ग ़ ठल त्र दृ ब् से निरूपित रेखा का लंब रूप ग बवे ω ़ ल ेपद ω त्र च है, जहाँ च मूल बिंदु से रेखा पर डाले गए लंब की लंबाइर् है और ω, लंब एवं ग.अक्ष की ध्नात्मक दिशा के बीच का कोण है इसलिए, दोनों समीकरण समान हैं अतः । ठब् ण्ण्ण् ;1द्धबवे ω ेपद ω च ।च ठचजिससे बवे ωत्र− आरै ेपद ωत्र− प्राप्त होता है।ब्ब् 2 2।च ठचω़ ωत्र− ़− त्र1अब ेपद बवे ;द्ध2 ;द्ध2 ब्ब् 2ब्2 ब् च त्र या च त्र± अथवा ।2ठ2 ।2 ़ठ2़ इसलिए बवेωत्र± । आरै ेपदωत्र± ठ ण्22 22। ़ठ। ़ठ इस प्रकार, समीकरण ।ग ़ ठल ़ ब् त्र 0 का लंब रूप ग बवे ω ़ ल ेपद ω त्र च ।ठ ब्जहाँ बवे ωत्र± ऐपद ωत्र± औरच त्र± हैं2222 22। ़ठ। ़ठ। ़ठ चिÉों का उचित चयन इस प्रकार किया जाता है कि च ध्नात्मक रहे। उदाहरण 13 एक रेखा का समीकरण 3ग दृ 4ल ़ 10 त्र 0 है। इसके ;पद्ध ढाल ;पपद्ध ग.और ल.अंतःखंड ज्ञात कीजिए। हल ;पद्ध दिया हुआ समीकरण 3ग दृ 4ल ़ 10 त्र 0 को 35 ल त्र ग ़ ण्ण्ण् ;1द्ध42 लिखा जा सकता है। ;1द्ध की तुलनाल त्र उग ़ बए से करने पर हम पाते हैं कि दी हुइर् रेखा की ढाल 3 उ त्र है।4 ;पपद्ध समीकरण 3ग दृ 4ल ़ 10 त्र 0 को इस प्रकार भी लिखा जा सकता है 3ग −4ल त्र−10 या ग ़ल त्र1 ण्ण्ण् ;2द्ध10 5− 32 ;2द्ध की तुलना ग ़ल त्र1ए से करने पर हम पाते हैं कि ग.अंतःखंडंइ 10 5 ं त्र − और ल.अंतः खंड इ त्र है।32 उदाहरण 14 समीकरण 3 ़−त्र0 को लंब रूप में रूपांतरित कीजिए और च तथा ω के मानगल8 ज्ञात कीजिए। हल दिया समीकरण 3ग ़ल −8 त्र0 ण्ण्ण् ;1द्ध ;द्ध2 ;द्धहै। ;1द्ध को 3 ़ 12 त्र2ए से भाग देने पर 3 ग 1 ल 4 या ग बवे 30 ल ेपद 30 4 ण्ण्ण् ;2द्ध22 ;2द्ध की तुलना ग बवे α ़ ल ेपद α त्र चए से करने पर, हम च त्र 4 और α त्र 30° पाते हैं। उदाहरण 15 ल− 3ग− 5 त्र 0 और 3लग60 रेखाओं के बीच का कोण ज्ञात कीजिए। हल दी हुइर् रेखाएँ ल− 3ग− 5 त्र 0 या लत्र 3ग़ 5 ण्ण्ण् ;1द्ध 1 और 3ल− ग़ 6 त्र 0 या लत्र 3 ग− 23 ण्ण्ण् ;2द्ध 1 रेखा ;1द्ध की ढाल उत्र 3 और रेखा ;2द्ध की ढाल उत्र है।123 दोनों रेखाओं के बीच न्यूनकोण ;माना कि θद्ध इस प्रकार है उ2 − उ1जंद θ त्र ण्ण्ण् ;3द्ध1़ उ1 उ2 उऔर उके मान ;3द्ध में रखने पर,1 2 1 3 3 13 1जंद θ 1 23 313 3 जिससे θ त्र 30°ण् प्राप्त होता है। अतः दोनों रेखाओं के बीच कोण या तो 30° या 180° दृ 30° त्र 150° है। उदाहरण 16 दशार्इए कि दो रेखाएँ ं1ग़ इ1ल़ ब1 त्र 0 आरै ं2ग़ इ2ल़ ब2 त्र 0ए जहाँ इ1ए इ2 ≠ 0 ं1 ं2;पद्ध समांतर हैं यदि त्र और ;पपद्ध लंब है यदि ं1 ं2 ़ इ1इ2 त्र 0ण् इ1 इ2 हल दी गइर् रेखाएँ ऐसे लिखी जा सकती हैं ं1 ब1लत्र− ग− ण्ण्ण् ;1द्धइ1 इ1 ं2 ब2और लत्र− ग− ण्ण्ण् ;2द्धइ2 इ2 ं1 ं2रेखाओं ;1द्ध और ;2द्ध की ढाल क्रमशः उ1 त्र − और उ2 त्र − हैं।इ1 इ2 ं1 ं2 ं1 ं2 अब ;पद्ध रेखाएँ समांतर होंगी, यदि उ1 त्र उ2ए जिससे प्राप्त होता है − त्र− या त्र इ1 इ2 इ1 इ2 ;पपद्ध रेखाएँ लंब होंगी, यदि उ1ण्उ त्र दृ 1ए जिससे प्राप्त होता है2ं1ण्2 1 या ं ़ इइ त्र 0 इइ 121212 उदाहरण 17रेखा ग −2ल ़3 त्र0 पर लंब और बिंदु ;1, - 2द्ध से जाने वाली रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। हल दी हुइर् रेखा ग −2 ल ़3 त्र0 को 13 ल त्र 2 ग ़ 2 लिखा जा सकता है। ण्ण्ण् ;1द्ध 1 रेखा ;1द्ध की ढाल उ1 त्र ण् है। इसलिए, रेखा ;1द्ध के लंब रेखा की ढाल2 उ त्र−1 त्र−2 है।2 उ1 ढाल - 2 वाली और बिंदु ;1ए दृ 2द्ध से जाने वाली रेखा का समीकरण ल ;2द्ध त्र−2; ग −1द्ध या लत्र−− −2ग ए है, जो अभीष्ट समीकरण है। 10ण्5 एक बिंदु की रेखा से दूरी ;क्पेजंदबम व िं च्वपदज थ्तवउ ं स्पदमद्ध एक बिंदु की किसी रेखा से दूरी बिंदु से रेखा पर डाले लंब की लंबाइर् है। मान लीजिए कि स् रू।ग ़ ठल ़ ब् त्र 0 एक रेखा है, जिसकी बिंदु च् ;ग1ए ल1द्ध से दूरी क है। बिंदु च् से रेखा पर लंब च्स् खींचिए ;आवृफति 10ण्19द्ध यदि रेखा ग.अक्ष और ल.अक्ष को क्रमशः फ औरत्ए पर मिलती है तो इन बिंदुओं के निदेर्शांक ⎛ ब् ⎞⎛ ब् फ ⎜− ए0⎟और त् ⎜0ए − ⎞⎟हैं।⎝ । ⎠⎝ ठ ⎠त्रिाभुज च्फत् का क्षेत्रापफल निम्नलिख्िात प्रकार से किया जा सकता हैः 2 क्षेत्रापफल ; च्फत्द्ध Δ Δ च्ड त्र 1 क्षेत्रापफल; च्फत्द्ध त्र 12 च्डण्फत् जिससे फत् ⎛ ब् ⎞⎛ ब् ⎞⎛ ब् ⎞ ⎜0 ़ ⎟़⎜− ⎟⎜ − − ल1⎟़साथ ही Δच्फत् का क्षेत्रापफल त्र 2 ⎝ ठ ⎠⎝ । ⎠⎝ ठ ⎠ 1 ब् ब्ब्2 ग1 ़ ल1 ़त्र 2 ठ ।।ठ ब् ण् ।ग1 ़ ठल1 ़ ब्या, 2 Δच्फत् का क्षेत्रापफल त्र ए और।ठ ण्ण्ण् ;1द्ध 0; ल1 − 0द्ध ब्⎛ ब् ⎞2ब् 2 ।2 ़ ठ2फत् त्र⎜ 0 ़⎟़ − 0 त्र ।ठ⎝ । ⎠; ठ द्ध Δच्फत् के क्षेत्रापफल और फत् के मान ;1द्ध में रखने पर, ।ग1 ़ ठल1 ़ ब्च्ड त्र ।2 ़ ठ2 । ग ़ ठ ल ़ ब्11क त्रया इस प्रकार, बिंदु ;ग1ए ल1द्ध से रेखा ।ग ़ ठल़ ब् त्र 0 की लांबिक दूरी ;कद्ध इस प्रकार है: । ग ़ ठ ल ़ ब्11क त्र ।2 ़ ठ2 10ण्5ण्1 दो समांतर रेखाओं के बीच की दूरी ;क्पेजंदबम इमजूममद जूव चंतंससमस सपदमेद्ध हम जानते हैं कि समांतर रेखाओं की ढाल समान होते हैं। इसलिए, समांतर रेखाएँ इस रूप में लिखी जा सकती हैं ल त्र उग ़ ब1 ण्ण्ण् ;1द्ध और ल त्र उग ़ ब2 ण्ण्ण् ;2द्ध ⎛ ब1 ⎞रेखा ;1द्ध ग.अक्ष पर बिंदु । ⎜− ए 0⎟ में प्रतिच्छेद करेगी जैसा आवृफति 10.20 में दिखाया गया⎝ उ ⎠ है। दो रेखाओं के बीच की दूरी, बिंदु । से रेखा ;2द्ध पर लंब की लंबाइर् है। इसलिए, रेखाओं ;1द्ध आवृफति 10ण्20 और ;2द्ध के बीच की दूरी ब1उब2 बबउ 12 है।या कत्र 1 उ21 उ2 इस प्रकार, दो समांतर रेखाओं लउगबऔर लउगबके बीच की दूरी12 बब1 − 2कत्र 1़ उ2 यदि रेखाएँ व्यापक रूप में दी गइर् हैं अथार्त् ।ग़ ठल़ ब्1 त्र 0 और ।ग़ ठल़ ब्2 त्र 0ए तो ब्1 − ब्2 का रूप ले लेता है।उपयुर्क्त सूत्रा कत्र ।2 ़ ठ2 विद्याथीर् इसे स्वयं प्राप्त कर सकते हैं। उदाहरण 18 बिंदु ;3ए दृ 5द्ध की रेखा 3गदृ 4लदृ26 त्र 0 से दूरी ज्ञात कीजिए। हल दी हुइर् रेखा 3गदृ 4लदृ26 त्र 0 ण्ण्ण् ;1द्ध ;1द्ध की तुलना रेखा के व्यापक समीकरण ।ग़ ठल़ ब् त्र 0ए से करने पर, हम पाते हैंः । त्र 3ए ठ त्र दृ 4 और ब् त्र दृ 26 दिया हुआ बिंदु ;ग1ए लद्ध त्र ;3ए दृ5द्ध है। दिए बिंदु की रेखा से दूरी133 दृ4 दृ5 दृ 26 ण्।ग1 ठल1ब् 3क 22 225 इकाइर् है।। ठ 3 दृ4 उदाहरण 19 समांतर रेखाओं3ग दृ 4ल ़7 त्र 0 और3ग दृ 4ल ़ 5 त्र 0 के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए। हल यहाँ । त्र 3ए ठ त्र दृ4ए ब्1 त्र 7 और ब्2 त्र 5ण् इसलिए, अभीष्ट दूरी 75दृ 2क प्रश्नावली 10.3 1ण् निम्नलिख्िात समीकरणों को ढाल - अंतःखंड रूप में रूपांतरित कीजिए और उनके ढाल तथा ल - अंतःखंड ज्ञात कीजिएः ;पद्ध ग ़ 7ल त्र 0 ;पपद्ध 6ग ़ 3ल दृ 5 त्र 0 ;पपपद्ध ल त्र 0 2ण् निम्नलिख्िात समीकरणों को अंतःखंड रूप में रूपांतरित कीजिए और अक्षों पर इनके द्वारा काटे गए अंतःखंड ज्ञात कीजिएः ;पद्ध 3ग ़ 2ल दृ 12 त्र 0 ;पपद्ध 4ग दृ 3ल त्र 6 ;पपपद्ध 3ल ़ 2 त्र 0ण् 3ण् निम्नलिख्िात समीकरणों को लंब रूप में रूपांतरित कीजिए। उनकी मूल बिंदु से लांबिक दूरियाँ और लंब तथा ध्न ग.अक्ष के बीच का कोण ज्ञात कीजिए: ;पद्ध ग दृ3ल ़ 8त्र 0 ;पपद्ध ल दृ 2 त्र 0 ;पपपद्ध ग दृ ल त्र 4ण् 4ण् बिंदु ; - 1, 1द्ध की रेखा 12;ग ़ 6द्ध त्र 5;ल दृ 2द्ध से दूरी ज्ञात कीजिए। 5ण् ग - अक्ष पर बिंदुओं को ज्ञात कीजिए जिनकी रेखा गल 1 से दूरीयाँ 4 इकाइर् हैं।34 6ण् समांतर रेखाओं के बीच की दूरी ज्ञात कीजिएः ;पद्ध 15ग ़ 8ल दृ 34 त्र 0 और15ग ़ 8ल ़ 31 त्र 0 ;पपद्धस;ग ़ लद्ध ़ च त्र 0 और स ;ग ़ लद्ध दृ त त्र 0 7ण् रेखा 3ग − 4ल ़ 2 त्र 0 के समांतर और बिंदु ;दृ2ए 3द्ध से जाने वाली रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। 8ण् रेखा ग दृ 7ल ़ 5 त्र 0 पर लंब और ग.अंतःखंड 3 वाली रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। 9ण् रेखाओं 3गल 1 आरै ग 3ल 1 के बीच का कोण ज्ञात कीजिए। 10ण् बिंदुओं ;ीए 3द्ध और ;4ए 1द्ध से जाने वाली रेखा, रेखा 7ग 9 ल 19 0 को समकोण पर प्रतिच्छेद करती है। ी का मान ज्ञात कीजिए। 11ण् सि( कीजिए कि बिंदु ;ग1ए लद्ध से जाने वाली और रेखा ।ग ़ ठल ़ ब् त्र 0 के समांतर रेखा का1समीकरण ।;ग दृग1द्ध ़ ठ;ल दृ ल1द्ध त्र 0 है। 12ण् बिंदु ;2, 3द्ध से जाने वाली दो रेखाएँ परस्पर 60व के कोण पर प्रतिच्छेद करती हैं। यदि एक रेखा की ढाल 2 है तो दूसरी रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। 13ण् बिंदुओं ;3, 4द्ध और ; - 1, 2द्ध को मिलाने वाली रेखाखंड के लंब समद्विभाजक रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। 14ण् बिंदु ; - 1, 3द्ध से रेखा 3ग −4ल −16 त्र0 पर डाले गये लंबपाद के निदेर्शांक ज्ञात कीजिए। 15ण् मूल बिंदु से रेखा ल त्र उग ़ ब पर डाला गया लंब रेखा से बिंदु ; - 1, 2द्ध पर मिलता है। उ और ब के मान ज्ञात कीजिए। 16ण् यदि च और ु क्रमशः मूल बिंदु से रेखाओं ग बवेθ −लेपद θ त्रा बवे 2θ और ग ेमब θ ़ ल बवेमब θ त्र ाए पर लंब की लंबाइयाँ हैं तो सि( कीजिए कि च2 ़ 4ु2 त्र ा2ण् 17ण् शीषो± । ;2ए 3द्धए ठ ;4ए दृ1द्ध और ब् ;1ए 2द्ध वाले त्रिाभुज ।ठब् के शीषर् । से उसकी संमुख भुजा पर लंब डाला गया है। लंब की लंबाइर् तथा समीकरण ज्ञात कीजिए। 18ण् यदि च मूल बिंदु से उस रेखा पर डाले लंब की लंबाइर् हो जिस पर अक्षों पर कटे अंतः खंड 1 11 त्र ़ं और इ हों, तो दिखाइए कि 2 22च ंइ विविध् उदाहरण उदहारण 20 यदि रेखाएँ 2गल 30ए 5ग ाल 30 और 3गल 20 संगामी ;बवदबनततमदजद्ध हैं, तो ा का मान ज्ञात कीजिए। हल तीन रेखाएँ संगामी कहलाती हैं यदि वे एक सवर्निष्ठ बिंदु से होकर जाए अथार्त् किन्हीं दो रेखाओं का प्रतिच्छेद बिंदु तीसरी रेखा पर स्िथति हो। यहाँ दी रेखाएँ हैंः 2ग ़ ल दृ 3 त्र 0 ण्ण्ण् ;1द्ध 5ग ़ ाल दृ 3 त्र 0 ण्ण्ण् ;2द्ध 3ग दृ ल दृ 2 त्र 0 ण्ण्ण् ;3द्ध ;1द्ध और ;3द्ध को वज्र गुणन विध्ि से हल करने पर, गल 1 त्रत्र या ग त्र1एल त्र1 −−23 −़ 94 2−−3 इसलिए, दो रेखाओं का प्रतिच्छेद बिंदु ;1, 1द्ध है। चूँकि उपयुर्क्त तीनों रेखाएँ संगामी हैं, बिंदु ;1, 1द्ध समीकरण ;2द्ध को संतुष्ट करेगा जिससे 5ण्1़ाण्1 −3 त्र0 या ात्र −2 उदहारण 21 बिंदु च् ;4ए 1द्ध से रेखा 4ग दृ ल त्र 0 की दूरी उस रेखा के अनुदिश ज्ञात कीजिए जो ध्न ग.अक्ष से 135° का कोण बनाती है। हल दी हुइर् रेखा 4ग दृ ल त्र 0 ३ ;1द्ध रेखा ;1द्ध की बिंदु च् ;4ए 1द्ध से दूरी, किसी अन्य रेखा के अनुदिश, ज्ञात करने के लिए हमें दोनों रेखाओं के प्रतिच्छेद बिंदु को ज्ञात करना पड़ेगा। इसके लिए हम पहले दूसरी रेखा का समीकरण प्राप्त करेंगे ;आवृफति 10ण्21द्ध। दूसरी रेखा की ढाल स्पशर्ज्या ;जंदहमदजद्ध 135° त्र दृ 1 ढाल - 1 वाली और बिंदु च् ;4ए 1द्ध से जाने वाली रेखा का समीकरण ल 1त्र 1; ग 4द्ध या गल 5 0 ण्ण्ण् ;2द्ध ;1द्ध और ;2द्ध को हल करने पर, हम ग त्र 1 और ल त्र 4 पाते हैं अतः दोनों रेखाओं का प्रतिच्छेद बिंदु फ ;1ए 4द्ध है। अब रेखा ;1द्ध की बिंदु ;4,1द्ध से रेखा ;2द्ध के अनुदिश दूरी त्र च् ;4ए 1द्ध और फ ;1ए 4द्ध बिंदुओं के बीच की दूरी त्र 142 ; 2;−द्ध ़ 4 −1द्धत्र 32 इकाइर् उदहारण 22 कल्पना करते हुए कि सरल रेखाएँ बिंदु के लिए दपर्ण की तरह कायर् करती है, बिंदु ;1, 2द्ध का रेखा ग − 3ल ़ 4 त्र 0 में प्रतिबिंब ज्ञात कीजिए। हल मान लीजिए फ ;ीए ाद्ध बिंदु च् ;1ए 2द्ध का रेखा ग दृ 3ल ़ 4 त्र 0 ण्ण्ण् ;1द्ध में प्रतिबिंब है। इसलिए, रेखा ;1द्ध रेखाखंड च्फ का लंब समद्विभाजक है ;आवृफति 10ण्22द्ध। अतः च्फ की ढाल त्र 1 ेाा ग 3ल 40 की ढाल एरख्ा − 2 −1जिससे या ीात्र 3 ़त्र 5ी −11 3 ⎛ ी ़1 ा ़ 2 ⎞ ण्ण्ण् ;2द्धऔर च्फ का मध्य बिंदु अथार्त् बिंदु ⎜ ए ⎟ समीकरण ;1द्ध को संतुष्ट करेगा जिससे⎝ 22 ⎠ ी 1 ा 2 ण्ण्ण् ;3द्ध3 40 या ी 3ा 3 22 ;2द्ध और ;3द्ध को हल करने पर, हम पाते हैं ी त्र 56 और ा त्र 7 5ण् ⎛ 67 ⎞अतः बिंदु ;1, 2द्ध का रेखा ;1द्ध में प्रतिबिंब ⎜ ए ⎟ है।⎝ 55⎠ उदाहरण 23 दशार्इए कि रेखाओं ;ब दृब द्ध2 है। 12 ल त्र उ1 ग ़ ब ए ल त्र उग ़ ब और ग त्र 0 से बने त्रिाभुज का क्षेत्रापफल1 22 उउ2 1 − 2 हल दी रेखाएँ हैं ल त्र उ1 ग ़ ब1 ण्ण्ण् ;1द्ध ल त्र उ2 ग ़ ब2 ण्ण्ण् ;2द्ध ग त्र 0 ण्ण्ण् ;3द्ध हम जानते हैं कि रेखा ल त्र उग ़ ब रेखा ग त्र 0 ;ल.अक्षद्ध को बिंदु ;0ए बद्ध पर मिलाती है। इसलिए रेखाओं ;1द्ध से ;3द्ध तक से बने त्रिाभुज के दो शीषर् च् ;0ए ब1द्ध और फ ;0ए बद्ध हैं;आवृफति 10ण् 23द्ध।तीसरा शीषर् 2समीकरण ;1द्ध और ;2द्ध को हल करने पर प्राप्त होगा। ;1द्ध और ;2द्ध को हल करने पर, हम पाते हैं आवृफति 10ण्23 बब उब उब 21 1221ग तथा लउउ उउ12 12 बब उब उब 21 1221 एइसलिए, त्रिाभुज का तीसरा शीषर् त् है।उउ उउ12 12 अब, त्रिाभुज का क्षेत्रापफल 2 बब21उबउब बब उब उब 1 1221 21 12210ण् बबब 0ण्ब है2 2112 उउउउ उउ 2 उउ121212 12 उदाहरण 24 एक रेखा इस प्रकार है कि इसका रेखाओं 5गदृ ल़ 4 त्र 0 और 3ग़ 4लदृ 4 त्र 0 के बीच का रेखाखंड बिंदु ;1, 5द्ध पर समद्विभाजित होता है इसका समीकरण प्राप्त कीजिए। हल दी हुइर् रेखाएँ5गदृ ल़ 4 त्र 0 ण्ण्ण् ;1द्ध 3ग़ 4लदृ 4 त्र 0 ण्ण्ण् ;2द्ध मान लीजिए कि अभीष्ट रेखा ;1द्ध और ;2द्ध रेखाओं को क्रमशः ;α1ए βद्ध और;α2ए βद्ध बिंदुओं पर12प्रतिच्छेद करती है ;आवृफति 10.24द्ध। आवृफति 10ण्24 इसलिए 5α1 −़4 त्र0 ै 3α2 ़4β −4 त्र0β आर12 4दृ3αया β त्र5α ़4 और β त्र 2 11 2 4 हमें दिया है कि अभीष्ट रेखा का ;α1ए βद्ध और ;α2ए βद्ध के बीच के खंड का मध्य बिंदु12;1ए 5द्ध है। ααββ़़12 12इसलिए, 2 त्र1 आरै 2 त्र5ए 43α−51 ़़ 2α4 या α ़ α त्र 2 और 4 त्र5ए122 या α ़ α त्र 2 और 20 α दृ 3 α त्र 201212ण्ण्ण् ;3द्ध αऔर α2ए के मानों के लिए ;3द्ध के समीकरणों को हल करने पर, हम पाते हैं1 26 20 262225 ़त्र α1त्र तथा α2त्र अतःए β1 त्रण् 4 23 232323 ;1,5द्ध और ;α1ए βद्ध से जाने वाली अभीष्ट रेखा का समीकरण1222 5β−5 ल −त्र5 1;ग −1द्ध या ल 523 ;ग 1द्ध α1 −1 26 123 या 107ग दृ 3ल दृ 92 त्र 0ए जो कि अभीष्ट रेखा का समीकरण है। उदाहरण 25 दशार्इए कि एक गतिमान बिंदु, जिसकी दो रेखाओं 3ग दृ 2ल त्र 5 और 3ग ़ 2ल त्र 5 से दूरीयाँ समान है, का पथ एक रेखा है। हल दी रेखाएँ 3ग दृ 2ल त्र 5 ण्ण्ण् ;1द्ध और 3ग ़ 2ल त्र 5 हैं। ण्ण्ण् ;2द्ध मान लीजिए कोइर् बिंदु ;ीए ा द्ध है जिसकी रेखाओं ;1द्ध और ;2द्ध से दूरीयाँ समान है। इसलिए 3ी −− 2ा 5 3ी ़− 2ा 5 त्र या 3ी −− 2ा 5 त्र3ी ़− 2ा 5 ए94 9 ़़ 4 जिससे मिलता है, 3ी दृ 2ा दृ 5 त्र 3ी ़ 2ा दृ 5 या दृ ;3ी दृ 2ा दृ 5द्ध त्र 3ी ़ 2ा दृ 5ण् 5 इन दोनों संबंधें को हल करने पर हम पाते हैं ए ा त्र 0 या ी त्र ण् इस प्रकार, बिंदु ;ीए ाद्ध समीकरणों3 ल त्र 0 या ग त्र 53ए जो कि सरल रेखाएँ निरूपित करते हैं, को संतुष्ट करता है। अतः रेखाओं ;1द्ध और ;2द्ध से समान दूरी पर रहने वाले बिंदु का पथ एक सरल रेखा है। अध्याय 10 पर विविध् प्रश्नावली 1ण् ा के मान ज्ञात कीजिए जबकि रेखा ;ादृ3द्ध गदृ ;4 दृा2द्ध ल ़ ा2 दृ7ा ़ 6 त्र 0 ;ंद्ध ग.अक्ष के समांतर है। ;इद्ध ल.अक्ष के समांतर है। ;बद्ध मूल बिंदु से जाती है। 2ण् θ और च के मान ज्ञात कीजिए यदि समीकरण ग बवे θ ़ ल ेपद θ त्र च रेखा 3 ग ़ ल ़ 2 त्र 0 का लंब रूप हैं। 3ण् उन रेखाओं के समीकरण ज्ञात कीजिए जिनके अक्षों से कटे अंतःखंडों का योग और गुणनपफल क्रमशः 1 और - 6 है। 4ण् ल.अक्ष पर कौन से बिंदु ऐसे हैं, जिनकी रेखा ग ़ ल त्र1 से दूरी 4 इकाइर् है।5ण् मूल बिंदु से बिंदुओं ;बवेθए ेपद θद्ध और ;बवे φए ेपद φद्ध को मिलाने वाली रेखा की लांबिक दूरी ज्ञात कीजिए। 6ण् रेखाओंग दृ 7ल ़ 5 त्र 0 और3ग ़ ल त्र0 के प्रतिच्छेद बिंदु से खींची गइर् और ल.अक्ष के समांतर रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। 7ण् रेखा ग ़ ल त्र1पर लंब उस बिंदु से खींची गइर् रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जहाँ यह रेखा34 4 6 ल.अक्ष से मिलती है। 8ण् रेखाओं ल दृ ग त्र 0ए ग ़ ल त्र 0 और ग दृ ा त्र 0 से बने त्रिाभुज का क्षेत्रापफल ज्ञात कीजिए। 9ण् च का मान ज्ञात कीजिए जिससे तीन रेखाएँ 3ग ़ ल दृ 2 त्र 0ए चग ़ 2 ल दृ 3 त्र 0 और 2ग दृ ल दृ 3 त्र 0 एक बिंदु पर प्रतिच्छेद करें। 10ण् यदि तीन रेखाएँ जिनके समीकरण ल त्र उग ़ ब1ए ल त्र उग ़ बऔर ल त्र उग ़ बहैं, संगामी122 33 हैं तो दिखाइए कि उ1;ब2 दृ ब3द्ध ़ उ2 ;ब3 दृ ब1द्ध ़ उ3 ;ब1 दृ ब2द्ध त्र 0ण् 11ण् बिंदु ;3, 2द्ध से जाने वाली उस रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जो रेखा गदृ 2ल त्र 3 से 45व का कोण बनाती है। 12ण् रेखाओं 4ग ़ 7ल दृ 3 त्र 0 और 2ग दृ 3ल ़ 1 त्र 0 के प्रतिच्छेद बिंदु से जाने वाली रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जो अक्षों से समान अंतःखंड बनाती है। 13ण् दशार्इए कि मूल बिंदु से जाने वाली और रेखा ल त्र उग ़ ब से θ कोण बनाने वाली उस रेखा लउ ±जंदθ का समीकरण त्र± है।ग 1जंदθउ 14ण् ;दृ1ए 1द्ध और ;5ए 7द्ध को मिलाने वाली रेखाखंड को रेखा ग ़ ल त्र 4 किस अनुपात में विभाजित करती है? 15ण् बिंदु ;1, 2द्ध से रेखा 4ग ़ 7ल ़ 5 त्र 0 की 2ग दृ ल त्र 0 के अनुदिश, दूरी ज्ञात कीजिए। 16ण् बिंदु ;दृ1ए 2द्ध से खींची जा सकने वाली उस रेखा की दिशा ज्ञात कीजिए जिसका रेखा ग ़ ल त्र4 से प्रतिच्छेद बिंदु दिए बिंदु से 3 इकाइर् की दूरी पर है। 17ण् समकोण त्रिाभुज के कणर् के अंतय बिंदु ;1,3द्ध और ; - 4, 1द्ध हैं। त्रिाभुज के पाद ;समहेद्ध ;समकोणीय भुजाओंद्ध के समीकरण ज्ञात कीजिए जो अक्षों के समान्तर हैंैैं। 18ण् किसी बिंदु के लिए रेखा को दपर्ण मानते हुए बिंदु ;3, 8द्ध का रेखा ग ़3ल त्र 7 में प्रतिबिंब ज्ञात कीजिए। 19ण् यदि रेखाएँ ल त्र 3ग ़1 और 2ल त्र ग ़ 3ए रेखा ल त्र उग ़ 4ए पर समान रूप से आनत हों तो उ का मान ज्ञात कीजिए। 20ण् यदि एक चर बिंदु च् ;गए लद्ध की रेखाओं ग ़ ल दृ 5 त्र 0 और 3ग दृ 2ल ़7 त्र 0 से लांबिक दूरियों का योग सदैव 10 रहे तो दशार्इए कि च् अनिवायर् रूप से एक रेखा पर गमन करता है। 21ण् समांतर रेखाओं 9ग ़ 6ल दृ 7 त्र 0 और 3ग ़ 2ल ़ 6 त्र 0 से समदूरस्थ रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए। 22ण् बिंदु ;1, 2द्ध से होकर जाने वाली एक प्रकाश किरण ग - अक्ष के बिंदु । से परावतिर्त होती है और परावतिर्त किरण बिंदु ;5, 3द्ध से होकर जाती है। । के निदेर्शांक ज्ञात कीजिए। 2 2 22 गल23ण् दिखाइए कि ं इए0 और ं इए0 बिंदुओं से रेखा ं बवेθ़ इ ेपद θ त्र1 पर खींचे गये लंबों की लंबाइयों का गुणनपफल इ2 है। 24ण् एक व्यक्ित समीकरणों 2ग दृ 3ल ़ 4 त्र 0 और 3ग ़ 4ल दृ 5 त्र 0 से निरूपित सरल रेखीय पथों के संध्ि बिंदु ;रनदबजपवदध्बतवेेपदहद्ध पर खड़ा है और समीकरण 6ग दृ 7ल ़ 8 त्र 0 से निरूपित पथ पर न्यूनतम समय में पहुँचना चाहता है। उसके द्वारा अनुसरित पथ का समीकरण ज्ञात कीजिए। सारांश ऽ ;ग1ए ल1द्ध और ;ग2ए ल2द्ध बिंदुओं से जाने वाली ऊध्वर्ेत्तर रेखा की ढाल उ इस प्रकार है ल − लल − ल2 1 12उ त्रत्र एग1 ≠ ग2ण् ग2 − ग1 ग1 − ग2 ऽ यदि एक रेखा ग.अक्ष की ध्न दिशा से α कोण बनाती है तो रेखा की ढाल उ त्र जंद αए α≠ 90° है। ऽ क्षैतिज रेखा की ढाल शून्य है और ऊध्वार्ध्र रेखा की ढाल अपरिभाष्िात है। उऔर उढालों वाली रेखाओं स्औरस्के बीच का न्यून कोण θ ;मान लियाद्धहो तो ऽ 12 12 250 गण्िात उदृउ 2 1जंदθ त्र ए1़ उउ ≠ 01 2 ण्1 ़ उउ1 2 ऽ दो रेखाएँ समांतर होती है यदि और केवल यदि उनके ढाल समान हैं। ऽ दो रेखाएँ लंब होती हैं यदि और केवल यदि उनके ढालों का गुणनपफल - 1 है। ऽ तीन बिंदु ।ए ठ औरब् संरेख होते हैं यदि और केवल यदि ।ठ की ढाल त्र ठब् की ढाल। ऽ ग.अक्ष से ं दूरी पर स्िथत क्षैतिज रेखा का समीकरण या तो ल त्र ं या ल त्र दृ ं है। ऽ ल.अक्ष से इ दूरी पर स्िथत ऊध्वार्ध्र रेखा का समीकरण या तो ग त्र इ या ग त्र दृ इ ऽ स्िथर बिंदु ;गए लद्ध से जाने वाली और ढाल उ वाली रेखा पर बिंदु ;गए लद्ध स्िथत होगाववयदि और केवल यदि इसके निदेर्शांक समीकरण ल दृ ल त्र उ ;ग दृ ग द्ध को संतुष्ट करते हैं।ववऽ बिंदुओं ;ग1ए ल1द्ध और ;ग2ए ल2द्ध से जाने वाली रेखा का समीकरण इस प्रकार है, ल ललल1 21;गग1द्धग ग2 1 ऽ ढाल उ और ल.अंतःखंड ब वाली रेखा पर बिंदु ;गए लद्ध होगा यदि और केवल यदि ल त्र उग ़ ब ण् ऽ यदि ढाल उ वाली रेखा ग.अंतःखंड क बनाती है तो रेखा का समीकरण ल त्र उ ;ग दृ कद्ध है। ऽ ग.और ल.अक्षों से क्रमशः ं और इ अंतःखंड बनाने वाली रेखा का समीकरण ग ल़ त्र 1 ं इ ऽ मूल बिंदु से लांबिक दूरी च और इस लंब तथा ध्न ग.अक्ष के बीच ω कोण बनाने वाली रेखा का समीकरण ग बवे ω़ ल ेपद ω त्र च ऽ यदि । और ठ एक साथ शून्य न हों तो ।ग ़ ठल ़ ब् त्र 0 के रूप का कोइर् समीकरण रेखा का व्यापक रैख्िाक समीकरण या रेखा का व्यापक समीकरण कहलाता है। ऽ एक बिंदु ;ग1ए लद्ध से रेखा ।ग ़ ठल़ ब् त्र 0 की लांबिक दूरी ;कद्ध इस प्रकार है1।ग1ठल1ब्क ।2 ठ2 ऽ समांतर रेखाओं ।ग ़ ठल ़ ब्1 त्र 0 और ।ग ़ ठल ़ ब्2 त्र 0ए के बीच की दूरी ब्1 − ब्2क त्र है।।2 ़ ठ2

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Ganit




अध्याय 10

सरल रेखाएँ (Straight Lines)

"Geometry, as a logical system, is a means and even the most powerful means to make children feel the strength of the human spirit that is of their own spirit. – H. Freudenthal"

10.1 भूमिका (Introduction)

Img01

हम अपनी पूर्ववर्ती कक्षाओं में द्विविमीय निर्देशांक ज्यामिति से परिचित हो चुके हैं। मुख्यतः यह बीजगणित और ज्यामिति का संयोजन है। बीजगणित के प्रयोग से ज्यामिति का क्रमबद्ध अध्ययन सर्वप्रथम प्रख्यात फ्रांसीसी दार्शनिक एवं गणितज्ञ Rene Descartes ने 1637 में प्रकाशित अपनी पुस्तक La Gemoetry में किया था। इस पुस्तक से ज्यामिति के अध्ययन में वक्र के समीकरण का विचार तथा संबंधित वैश्लेषिक विधियों का प्रारंभ हुआ। ज्यामिति एवं विश्लेष. कापरिणामी संयोजन अब वैश्लेषिक ज्यामिति (Analytical Geometry) के रूप में उल्लेखित होता है। पूर्ववर्ती कक्षाओं में हमने निर्देशांक ज्यामिति का अध्ययन प्रारंभ किया है, जिसमें हमने निर्देशांक अक्षों, निर्देशांक तल, तल में बिंदुओं को आलेखित करना, दो बिंदुओं के बीच की दूरी, विभाजन सूत्र इत्यादि के बारे में अध्ययन किया है। ये सभी संकल्पनाएँ निर्देशांक ज्यामिति के आधार (basics) हैं। आइए हम, पूर्ववर्ती कक्षाओं में अध्ययन की गई निर्देशांक ज्यामिति का स्मर. करें। स्मर. के लिए, xy-तल में (6, – 4) और (3, 0) बिंदुओं के संक्षेप में दोहराने को आकृति 10.1 में प्रदर्शित किया गया है।

आकृति 10.1

ध्यान दीजिए कि बिंदु (6, – 4) धन x-अक्ष के अनुदिश y-अक्ष से 6 इकाई दूरी पर और ऋ. y-अक्ष के अनुदिश x-अक्ष से 4 इकाई दूरी पर है। इसी प्रकार बिंदु (3,0) धन x-अक्ष के अनुदिश y-अक्ष से 3 इकाई दूरी पर और x-अक्ष से शून्य दूरी पर है।

हमने निम्नलिखित महत्वपूर्. सूत्रों का भी अध्ययन किया हैः

I. P (x1, y1) और Q (x2, y2) बिंदुओं के बीच की दूरी

है।

उदाहरणार्थ , (6, – 4) और (3, 0) बिंदुओं के बीच की दूरी

इकाई है।

II. (x1, y1) और (x2, y2) बिंदुओं को मिलाने वाले रेखाखंड को m: n में अंतःविभाजित करने वाले बिंदु के निर्देशांक हैं।

उदाहरणार्थ , उस बिंदु के निर्देशांक जो A(1, – 3) और B (–3, 9) को मिलाने वाले रेखाखंड को 1: 3 में अंतःविभाजित करता है, इसलिए और हैं।

III. विशेष रूप में यदि m = n, तो (x1, y1) और (x2, y2) बिंदुओं को मिलाने वाले रेखाखंड के मध्य बिंदु के निर्देशांक हैं।

IV. (x1, y1), (x2, y2) और (x3, y3) शीर्षों से बने त्रिभुुज का क्षेत्रफल

वर्ग इकाई है।

उदाहरणार्थ , एक त्रिभुज जिसके शीर्ष (4, 4), (3, – 2) और (– 3, 16) हैं,

उसका क्षेत्रफल = वर्ग इकाई है।

टिप्पणी यदि त्रिभुज ।ठब् का क्षेत्रफल शून्य है, तो तीन बिंदु A,B और C एक रेखा पर होते हैं अर्थात् वे सांरेख ( collinear ) हैं।

इस अध्याय में, हम निर्देशांक ज्यामिति के अध्ययन को सरलतम ज्यामितीय आकृति-सरल रेखा के गुणधर्मो के अध्ययन हेतु सतत करते रहेंगे। इसकी सरलता के होते हुए भी रेखा, ज्यामिति की एक अत्यावश्यक संकल्पना है और हमारे दैनिक जीवन के अनुभव में बहुत रोचक एवं उपयोगी ढंग से सम्मिलित हैं। यहाँ मुख्य उद्देश्य रेखा का बीजगणितीय निरूप. है जिसके लिए ढाल (slope ) की संकल्पना अत्यंत आवश्यक है।

10.2 रेखा की ढाल (Slope of a line)

 निर्देशांक तल में एक रेखा x- अक्ष , के साथ दो कोण बनाती है, जो परस्पर संपूरक होते हैं। कोण θ(मान लीजिए) जो रेखा l,x- अक्ष की धनात्मक दिशा के साथ बनाती है, रेखा L, का झुकाव ( Inclination of the line l ) कहलाता है। स्पष्टतया 0° ≤ θ <180° ( आकृति 10.2) ।

हम देखते हैं कि x- अक्ष पर संपाती रेखाओं का झुकाव 0° होता है। एक ऊर्ध्व रेखा (y- अक्ष के समांतर या y- अक्ष पर संपाती) का झुकाव 90° है।

परिभाषा 1 यदि θ किसी रेखा स का झुकाव है, तो tan θ को रेखा स की ढाल कहते हैं।

आकृति 10.2

वह रेखा जिसका झुकाव 90° है, उसकी ढाल परिभाषित नहीं है। एक रेखा की ढाल को उ से व्यक्त करते हैं। इस

प्रकार m = tan θ, θ ≠ 90° यह देखा जा सकता है कि x अक्ष की ढाल शून्य है और y अक्ष की ढाल परिभाषित नहीं है।

10.2.1 रेखा की ढाल, जब उस पर दो बिंदु दिए गए हों (Slope of a line when

coordinates of any two points on the line are given)

हम जानते हैं, कि यदि एक रेखा पर दो बिंदु ज्ञात हो ,  तो वह पूर्णतया परिभाषित होती है। अतः हम रेखा की ढाल को उस पर दिए दो बिंदअु के निर्देशांकाें के पद में ज्ञात करते हैं।

मान लीजिए कि एक ऊर्ध्वेत्तर ( non vertical ) रेखा l, जिसका झुकाव θ है, पर दो बिं द p (x 1 , y 1 ) औ र Q(x 2, y 2 ) है । स्पष्टतया x1  ≠ x 2 , अन्यथा रेखा ग- अक्ष पर लंब होगी, जिसकी ढाल परिभाषित नहीं है। रेखा l का झुकाव θ, न्यूनकोण या अधिक कोण हो सकता है। हम दोनों स्थितियों पर विचार करते हैं।

आकृति 10. 3 (i)

x- अक्ष पर QR तथा RQ पर PM लंब खींचिए (आकृति 10.3 (i) और (ii) में दर्शाया गया है

दशा 1 जब θ न्यूनकोण है आकृति 10.3 (i), में ∠ MPQ= θ

इसलिए रेखा l की ढाल = m = tan θ

परंतु त्रिभुज ∆ MPQ में, tan θ = h1    ... (1)

समीकरण (1) तथा (2) से, हम पाते हैं कि m =h2   ... (2)

दशा II जब θ अधिक कोण है:

आकृति 10. 3 (ii)

आकृति 10.3 (ii) में , ∠ MPQ= 180° - θ.

इसलिए, θ = 180° - ∠MPQ

अब, रेखा l की ढाल =m = tan θ

= tan ( 180° - ∠ MPQ)

= - tan ∠ MPQ

h4

फलतः दोनों दशाओं में बिंदु (x 1 ,y 1 ) और

(x 2 , y 2 ) से जाने वाली रेखा की ढाल

h5

10.2.2 दो रेखाओं के समांतर और परस्पर लंब होने का प्रतिबंध (Conditions for parallelism and perpendicularity of lines)

मान लीजिए कि ऊर्ध्वेतर रेखाओं l 1 और l 2 की ढालें, जो एक निर्देशांक तल में हैं क्रमशः m1 तथा m 2  हैं। मान लीजिए कि इनके झुकाव क्रमशः α और β हैं। यदि l 1 और l 2 समांतर रेखाएँहैं (आकृति 10-4) तब उनके झुकाव समान होंगे

आकृति 10. 4

अर्थात्

α = β, और tan α = tan β

इसलिए

m1 = m2 , अर्थात् उनके ढाल बराबर हैं।

विलोमतः यदि दो रेखाओं l 1 और l 2 के ढाल बराबर हैं

अर्थात्

m1 = m2

तब

tan α = tan β

स्पर्शज्या (tangent) फलन के गु.धर्म से (0° और 180° के बीच ), α = β

अतः रेखाएँ समांतर हैं।

अतः दो ऊर्ध्वेत्तर रेखाएँ l 1 और l 2 समांतर होती हैं, यदि और

केवल यदि उनके ढाल समान हैं।

यदि रेखाएँ l 1 और l 2 परस्पर लंब हैं (आकृति 10-5), तब

आकृति 10. 5

β = α + 90°.

इसलिए

tan β = tan (α + 90°)

b21

विलोमतः यदि m 1 m 2 = - 1, अर्थात् tan α tan β = - 1.

तब, tan α = - cot β = tan (β + 90°) या tan (β - 90°)

इसलिए, α और β का अंतर 90° है।

अतः, रेखाएँ l 1 और l 2 परस्पर लंब हैं।

अतः दो ऊर्ध्वेत्तर रेखाएँ l 1 और l 2 परस्पर लंब होती हैं यदि और केवल यदि उनकी ढाल परस्पर

ऋणात्मक   व्युत्क्रम है।

b23

आइए, निम्नलिखित उदाहरण पर विचार करेंः

उदाहरण 1 उन रेखाओं के ढाल ज्ञात कीजिए जो

(a) (3, – 2) और (–1, 4) बिंदुओं से होकर जाती है,

(b) (3, – 2) और (7, –2) बिंदुओं से होकर जाती है,

(c) (3, – 2) और (3, 4) बिंदुओं से होकर जाती है,

(d) धन xअक्ष से 60° का कोण बनाती है।

हल (a) (3, – 2) और (–1, 4) बिंदुओं से जाने वाली रेखा की ढाल

है

(b) (3, – 2) और (7, –2) बिंदुओं से जाने वाली रेखा का ढाल

है

(c) (3, – 2) और (3, 4) बिंदुओं से जाने वाली रेखा का ढाल , जो कि परिभाषित नहीं है।

(d) यहाँ रेखा का झुकाव α= 60° । इसलिए, रेखा का ढाल

m = tan 60° = है।

10.2.3 दो रेखाओं के बीच का कोण (Angle between two line) 

जब हम एक तल में स्थित एक से अधिक रेखाओं के बारे में विचार करते हैं तब देखते हैं कि या तो ये रेखाएँ प्रतिच्छेद

करती हैंं या समांतर होती हैं। यहाँ हम दो रेखाओं के बीच के कोण पर, उनके ढालों के पदों में विचार करेंगे।

मान लीजिए दो ऊर्ध्वत्त्र रेखाओं L 1 और L 2 के ढाल क्रमशः m 1 और m 2 है। यदि L 1 और L 2 के झुकाव क्रमशः α 1 और α 2 हों तो

Img03

हम जानते हैं कि जब दो रेखाएँ परस्पर प्रतिच्छेद करती हैं तब वे दो शीर्षाभिमुख कोणों के युग्म बनाती हैं जो एेसे हैं कि किन्हीं दो संलग्न कोणों का योग 180° है। मान लीजिए कि रेखाओं L1और L2 के बीच संलग्न कोण θ और φ हैं (आकृति 10.6)। तब

आकृति 10. 6

θ = α2 α1 और α1, α2 90°

इसलिए, tan θ = tan (α2 α1) (क्योंकि 1 + m1m2 0)

और φ = 180° – θ

इस प्रकार tan φ = tan (180° – θ ) = – tan θ = , क्योंकि 1 + m1m2 0

अब, दो स्थितियाँ उत्पन्न होती हैंः

स्थिति I यदि धनात्मक है, तब tan θ धनात्मक होगा और tan φ ऋणात्मक होगा जिसका अर्थ है θ न्यूनकोण होगा और φ अधिक कोण होगा।

स्थिति II यदि ऋणात्मक है, तब tan θ ऋणात्मक होगा और tan φ धनात्मक होगा जिसका अर्थ है θ अधिक कोण होगा और φ न्यून कोण होगा।

इस प्रकार, m1 और m2, ढाल वाली रेखाओं L1 और L2 के बीच का न्यून कोण (माना कि θ) इस प्रकार है,

Img04 ... (1)

अधिक कोण (माना कि φ) φ =180° θ के प्रयोग से प्राप्त किया जा सकता है।

उदाहर. 2 यदि दो रेखाओं के बीच का कोण Img05 है और एक रेखा की ढाल है तो दूसरी रेखा की ढाल ज्ञात कीजिए।

हल हम जानते हैं कि m1 और m2 ढाल वाली दो रेखाओं के बीच न्यूनकोण θ इस प्रकार है कि

... (1)

यहाँ m1 = , m2 = m और θ =Img05

अब (1) में इन मानों को रखने पर

Img06

जिससे प्राप्त होता है

इसलिए,


आकृति 10. 7

अतः दूसरी रेखा की ढाल 3 या है। आकृति 10.7 में दो उत्तर का कार. स्पष्ट किया गया है।

उदाहरण 3 (-2, 6) और (4, 8) बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा, (8, 12) और (x, 24) बिंदुओं को

मिलाने वाली रेखा पर लंब है। x का मान ज्ञात कीजिए।

हल (- 2, 6) और (4, 8) बिंदुओं से जाने वाली रेखा की ढाल m 1 =8-6/ 4 − ( − 2 ) = 2/6 = 1/3

(8, 12) और (x, 24) बिंदुओं से जाने वाली रेखा की ढाल m 2 =24 − 12/x-8 =  12/x-8

क्योंकि दोनों रेखाएँ लंब हैं इसलिए, m1 m2 = –1, जिससे प्राप्त होता है

या .


10.2.4 तीन बिंदुओं की संरेखता (Collinearity of three points)

हम जानते हैं कि दो समांतर रेखाओं के ढाल समान होते हैं। यदि समान ढाल वाली दो रेखाएँ एक ही बिंदु से होकर जाती हैं, तो आवश्यक रूप से वे संपाती (coincident) होती हैं। अतः यदि XY- तल में A,B और C तीन बिंदु हैं, तब वे एक रेखा पर होंगे अर्थात् तीनों बिंदु संरेख होंगे (आकृति 10-8) यदि और केवल यदि AB की ढाल = BC की ढाल।



आकृति 10. 8


उदाहरण 4 तीन बिंदु P (h, k), Q (x 1 , y 1 ) और तR (x 2 , y 2 ) एक रेखा पर हैं। दिखाइए (h - x 1 ) (y 2 - y 1 ) = (k -y 1 ) (x 2 - x 1 )

हल क्योंकि बिंदु P,Q और R संरेख हैं, हम पाते है

PQ की ढाल = QR की ढाल अर्थात्

h10

उदाहरण 5 आकृति 10.9,  में एक रैखिक गति का समय और दूरी का लेखाचित्र दिया है। समय और दूरी की दो स्थितियाँ, जब T= 0 ,D = 2 और जब T= 3, D = 8 अंकित की गईं हैं। ढाल की संकल्पना का प्रयोग करके गति का नियम ज्ञात कीजिए अर्थात् दूरी, समय पर किस प्रकार आश्रित है?


आकृति 10. 9

हल मान लीजिए कि रेखा पर कोई बिंदु (T,D) है जहाँ T समय पर क् दूरी निरूपित है।

इसलिए, बिंदु (0, 2), (3, 8) और (T,D) संरेख है। इस प्रकार  

v9

या D = 2(T+ 1), जो कि अभीष्ट संबंध है।

प्रश्नावली 10-1

1. कार्तीय तल में एक चतुर्भुज खींचिए जिसके शीर्ष (- 4, 5), (0, 7), (5, - 5) और (- 4, -2) हैं। इसका क्षेत्रफल भी ज्ञात कीजिए।

2. 2a भुजा के समबाहु त्रिभुज का आधार y- अक्ष के अनुदिश इस प्रकार है कि आधार का मध्य बिंदु मूल बिंदु पर है। त्रिभुज के शीर्ष ज्ञात कीजिए।

3. P (x 1 , y 1 ) और Q (x 2 , y 2 ) के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए जब : (i)PQ,  y- अक्ष के समांतर

है, (ii) PQ, x- अक्ष के समांतर है।

4. x- अक्ष पर एक बिंदु ज्ञात कीजिए जो (7, 6) और (3, 4) बिंदुओं से समान दूरी पर है।

5. रेखा की ढाल ज्ञात कीजिए जो मूल बिंदु और P (0, - 4) तथा B (8, 0) बिंदुओं को मिलाने वाले रेखाखंड के मध्य बिंदु से जाती हैं।

6. पाइथागोरस प्रमेय के प्रयोग बिना दिखलाइए कि बिंदु (4, 4), (3, 5) और (-1, -1) एक समकोण त्रिभुज के शीर्ष हैं।

7. उस रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जो y -अक्ष की धन दिशा से वामावर्त्त मापा गया 30 ° का कोण बनाती है।

8. x का वह मान ज्ञात कीजिए जिसके लिए बिंदु (x, - 1), (2,1) और (4, 5) संरेख हैं।

9. दूरी सूत्र का प्रयोग किए बिना दिखलाइए कि बिंदु (- 2, - 1), (4, 0), (3, 3) और (-3, 2) एक समांतर चतुर्भुज के शीर्ष हैं।

10. x-अक्ष और (3,1) और (4,2) बिंदुओं को मिलाने वाली रेखा के बीच का कोण ज्ञात कीजिए।

11. एक रेखा की ढाल दूसरी रेखा की ढाल का दुगुना है। यदि दोनों के बीच के कोण की स्पर्शज्या (tangent) है तो रेखाओं की ढाल ज्ञात कीजिए।

12. एक रेखा (x1, y1) और (h, k) से जाती है। यदि रेखा की ढाल m है तो दिखाइए 

k – y1 = m (h – x1).

13. यदि तीन बिंदु (h, 0), (a, b) और (0, k) एक रेखा पर हैं तो दिखाइए कि .

आकृति 10. 10


10.3 रेखा के समीकरण के विविध रूप (Various Forms of the Equation

of a Line)) 

हम जानते हैं कि किसी तल में स्थित एक रेखा में बिंदुओं की संख्या अनंत होती है। रेखा और बिंदुओं के बीच का एक संबंध हमें निम्नलिखित समस्या को हल करने में सहायक होता हैः
 हम कैसे कह सकते हैं कि दिया गया बिंदु किसी दी हुई रेखा पर स्थित है? इसका उत्तर यह हो सकता है कि हमें बिंदुओं के रेखा पर होने का निश्चित प्रतिबंध ज्ञात हो। कल्पना कीजिए कि XY-तल में P (x,y) एक स्वेच्छ बिंदु है L के समीकरण हेतु हम बिंदु P के लिए एक ऐसे कथन या प्रतिबंध की रचना करना चाहते हैं जो केवल उस दशा में सत्य होता है जब बिंदु P रेखा L पर स्थित हो, अन्यथा असत्य होता है। निस्संदेह यह कथन एक ऐसा बीजगणितीय समीकरण है, जिसमें x तथा y दोनों ही सम्मिलित होते हैं।
अब, हम विभिन्न प्रतिबंधों के अंतर्गत रेखा की समीकरण पर विचार करेंगे।

10.3.11 क्षैतिज एवंऊर्ध्वाधर रेखाएँ (Horizontal and vertical lines) 

यदि एक क्षैतिज रेखा L, x- अक्ष से a दूरी पर है तो रेखा के प्रत्येक बिंदु की कोटि या तो a या -a है
[ आकृति 10.11 (a), । इसलिए, रेखा L का समीकरण या तो y = a या y =-a है। चिह्न का चयन



आकृति 10. 11

रेखा की स्थिति पर निर्भर करता है कि रेखा y- अक्ष के ऊपर या नीचे है। इसी प्रकार, x- अक्ष से b दूरी पर स्थित एक ऊर्ध्वाधर रेखा का समीकरण या तो x = b या x = -b है [ आकृति 10.11(b)] ।

उदाहरण 6 अक्षों के समांतर और (- 2, 3) से जाने वाली रेखाओं के समीकरण ज्ञात कीजिए।
हल आकृति 10.12 में रेखाओं की स्थितियाँ दर्शाई गई हैं। x- अक्ष के समांतर रेखा के प्रत्येक बिंदु के y- निर्देशांक 3 हैं, इसलिए x- अक्ष के समांतर और (-2, 3) से जाने वाली रेखा का समीकरण y = 3 है। इसी प्रकार, y- अक्ष के समांतर और (-2, 3) से जाने वाली रेखा का समीकरण x = - 2 है (आकृति 10-12)।

आकृति 10. 12


10.3.2 बिंदु-ढाल रूप (Point-slope form) 

कल्पना कीजिए कि P 0 (x0 , y 0 ) एक ऊर्ध्वेतर रेखा स्ए जिसकी ढाल m है, पर स्थित एक नियत बिंदु है। मान लीजिए कि L पर एक स्वेच्छ बिंदु P (x, y) है।(आकृति 10-3)तब, परिभाषा से, L की ढाल इस प्रकार है
v1

क्योंकि बिंदु P0 (x 0 ,y 0 ) L के सभी बिंदुओं (x, y) के साथ (1) को संतुष्ट करता है और तल का कोई अन्य बिंदु (1) को सन्तुष्ट नहीं करता है। इसलिए समीकर (1) ही वास्तव में दी हुई रेखा स् का समीकरण है। 
इस प्रकार, नियत बिंदु (x0 ,y 0 ) से जाने वाली ढाल m की रेखा पर बिंदु (x, y) है यदि और केवल यदि इसके निर्देशांक समीकरण
v2

आकृति 10. 13

को संतुष्ट करते हैं।

उदाहरण 7 (-2, 3) से जाने वाली ढाल-4 की रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए।
हल यहाँ m = -4 और दिया बिंदु (x 0 , y 0 ) = (- 2, 3) है।

उपर्युक्त बिंदु-ढाल रूप सूत्र (1) से दी रेखा का समीकरण y – 3 = – 4 (x + 2) या 4x + y + 5 = 0, है जो अभीष्ट समीकरण है।

10.3.3 दो बिंदु रूप (Two -point form) 

मान लीजिए रेखा L दो दिए बिंदुओं p 1 (x 1 , y 1 ) और p 2 (x 2 , x 2 ) से जाती है और L पर व्यापक बिंदु P (x, y) है (आकृति 10-14)।

तीन बिंदु P 1 , P 2 और P संरेख हैं, इसलिए,

P 1 P की ढाल = P 1 P 2 की ढाल

आकृति 10. 14

अर्थात्

या

इस प्रकार, (x1, y 1 ) और (x 2 , y 2 )

बिंदुओं से जाने वाली रेखा का

समीकरण


उदाहरण 8 बिंदुओं (1, -1) और (3, 5) से होकर जाने वाली रेखा का समीकरण लिखिए।

हल यहाँ x1 = 1, y1 = –1, x2 = 3 और y2 = 5, दो बिंदु रूप सूत्र (2) के प्रयोग से रेखा का समीकरण , हम पाते हैं

या -3x+y+4=0, जो अभीष्ट समीकरण है।

10.3.4 ढाल अंतःखंड रूप (Slope-intercept form) 

कभी-कभी हमें एक रेखा का मान उसकी ढाल तथा उसके द्वारा किसी एक अक्ष पर काटे गए अंतःखंड द्वारा होता है।

स्थिति I कल्पना कीजिए कि ढाल m की रेखा L, y- अक्ष पर मूल बिंदु से ब दूरी पर प्रतिच्छेद करती है (आकृति 10-15)। दूरी c रेखा L का y- अंतःखंड कहलाती है। स्पष्ट रूप से उस बिंदु के निर्देशांक जहाँ यह रेखा y- अक्ष से मिलती है, (0, c) हैं। इस प्रकार L की ढाल m है और यह एक स्थिर बिंदु (0,c) से होकर जाती है। इसलिए, बिंदु-ढाल रूप से, L का समीकरण

y-c=m(x-0)



आकृति 10. 15

y-c=m(x-0)

या y=mx+c

इस प्रकार, ढाल m तथा y - अंतःखंड c वाली रेखा पर बिंदु (x, y) केवल और केवल तभी होगी

यदि

y=mx+c

ध्यान दीजिए कि c का मान धनात्मक या ऋणात्मक  होगा यदि y -अक्ष से अंतःखंड क्रमशः धन या ऋण भाग से बना हो।

स्थिति II कल्पना कीजिए ढाल m वाली रेखा x- अक्ष से d अंतःखंड बनाती है। तब रेखा L का

समीकरण है। y = m ( x − d )  ..... (4)

स्थिति (1) में कही वर्णित से विद्यार्थी स्वयं इस समीकरण को प्राप्त कर सकते हैं।

उदाहरण 9 उन रेखाओं के समीकरण लिखिए जिनके लिए tan θ = , जहाँ θ रेखा का झुकाव है और (i) y-अंतःखंड है, (ii) x-अंतःखंड 4 है।

हल (i) यहाँ रेखा की ढाल = m = tan θ = और y - अंतःखंड c = . इसलिए, ढाल-अंतःखंड रूप उपर्युक्त सूत्र (3) से रेखा का समीकरण या है, जो अभीष्ट समीकरण है।

(ii) यहाँ, m = tan θ = और d = 4

इसलिए, ढाल-अंतःखंड रूप उपर्युक्त सूत्र (4) से रेखा का समीकरण

या ,

है, जो अभीष्ट समीकरण है।

10.3.5 अंतःखंड-रूप (Intercept - form)

कल्पना कीजिए कि एक रेखा L, x- अंतःखंडं  और y- अंतःखंड b बनाती है। स्पष्टतया L,x- अक्ष से बिंदु (a, 0) और y- अक्ष से बिंदु (0,b) पर मिलती है (आकृति 10.16) ।


आकृति 10. 16

रेखा के दो बिंदु रूप समीकरण से

या ,

अर्थात्

इस प्रकार, x-अक्ष और y-अक्ष से क्रमशः a और b अंतःखंड बनाने वाली रेखा का समीकरण निम्नलिखित है: ... (5)

उदाहरण 10 एक रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जो x- और y- अक्ष से क्रमशः -3 और 2 के अंतःखंड बनाती है।

हल यहाँ  a= -3 और b = 2. उपयुर्क्  अं त:खंड रूप (5) से रे ख  का समीकरण

v7

10.3.6 लंब रूप (Normal form)

कल्पना कीजिए कि निम्नलिखित आँकड़ों सहित हमको एक ऊर्ध्वेतर रेखा ज्ञात है।

(प) मूल बिंदु से रेखा पर लंब की लंबाई।

(पप) लंब एवं धन ग -अक्ष के बीच का कोण।

आकृति 10. 17

मान लीजिए कि L एक रेखा है जिसकी मूल बिंदु O से लांबिक दूरी OA = p और धन x- अक्ष और OA के बीच का कोण ∠ XOA = ω. कार्त्तीय तल में रेखा L की संभव स्थितियाँ आकृति 10.17 में दर्शाई गयी हैं। अब, हमारा उद्देश्य L का ढाल और इस पर एक बिंदु ज्ञात करना है। प्रत्येक स्थिति में x- अक्ष पर AM लंब डाला गया है।

प्रत्येक स्थिति में, OM = p cos ω और MA = p sin ω, इस प्रकार बिंदु A के निर्देशांक (p cos ω, p sin ω) हैं।

इसके अतिरिक्त रेखा L, OA पर लंब है।

रेखा L की ढाल Img07

इस प्रकार, रेखा L की ढाल  Img08 है और बिंदु AImg09 उस पर स्थित हैं। इसलिए, बिंदु-ढाल रूप से रेखा का समीकरण

Img10

या x cos ω + y sin ω = p.

अतः, मूल बिंदु से लांबिक दूरी p और धन x-अक्ष तथा लंब के बीच कोण ω वाली रेखा का समीकरण इस प्रकार है x cos ω + y sin ω = p ... (6)

उदाहरण 11 रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जिसकी मूल बिंदु से लांबिक दूरी 4 इकाई और धन x- अक्ष तथा लंब के

बीच कोण 15° है।

हल यहाँ हमें दिया है च = 4 और ω = 15 0 (आकृति 10.18).

आकृति 10. 18

अब, cos 15° = और

sin 15º = (क्यों?)

उपर्युक्त लंब रूप (6) से रेखा का समीकरण

v5

है। यही अभीष्ट समीकरण है।

उदाहरण 12 फारेनहाइट ताप F और परम ताम K एक रैखिक समीकरण को संतुष्ट करते हैं। दिया है कि K = 273 जब F= 32 और K = 373 जब F = 212 तो K को F के पदों में व्यक्त कीजिए और F का मान ज्ञात कीजिए जबकि K= 0

हल कल्पना कीजिए कि F, x - अक्ष के अनुदिश और K, y- अक्ष अनुदिश है तो XY-  तल में हमें दो बिंदु (32,273) और (212, 373) स्थित हैं। दो बिंदु रूप सूत्र से बिंदु (F, K) के द्वारा संतुष्ट होने वाला

समीकरण निम्नलिखित है:

या

या ... (1)

यही अभीष्ट संबंध है। जब K= 0, समीकरण (1) से,

v6

टिप्पणी  हम जानते हैं कि समीकरण y = mx+c, में दो अचर, नामतः m और c हैं। इन दो अचरों को ज्ञात करने के लिए हमें रेखा के समीकरण को संतुष्ट करने के लिए दो प्रतिबंध चाहिए।उपर्युक्त सभी उदाहरणों में हमें रेखा का समीकरण ज्ञात करने के लिए दो प्रतिबंध दिये गये हैं।

प्रश्नावली 10.2

प्रश्न 1 से 8 तक, रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जो दिये गये प्रतिबंधों को संतुष्ट करता है:

1. x- और y- अक्षों के समीकरण लिखिए।

2. ढाल और बिंदु (– 4, 3) से जाने वाली ।

3. बिंदु (0, 0) से जाने वाली और ढाल m वाली।

4. बिंदु से जाने वाली और x-अक्ष से 75° के कोण पर झुकी हुई।

15. मूल बिंदु से किसी रेखा पर डाला गया लंब रेखा से बिंदु (-2, 9) पर मिलता है, रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए।

16. ताँबे की छड़ की लंबाई L (सेमी में) सेल्सियस ताप C का रैखिक फलन है। एक प्रयोग में यदि L = 124.942 जब C=20 और L= 125.134 जब C = 110 हो, तो L को C के पदों में व्यक्त कीजिए।

17. किसी दूध भंडार का स्वामी प्रति सप्ताह 980 लिटर दूध, 14 रु. प्रति लिटर के भाव से और 1220 लीटर दूध 16 रु. प्रति लिटर के भाव से बेच सकता है। विक्रय मूल्य तथा मांग के मध्य के संबंध को रैखिक मानते हुए यह ज्ञात कीजिए कि प्रति सप्ताह वह कितना दूध 17 रु. प्रति लिटर के भाव से बेच सकता है?

18. अक्षों के बीच रेखाखंड का मध्य बिंदु P (a, b) है। दिखाइए कि रेखा का समीकरण है।

19. अक्षों के बीच रेखाखंड को बिंदु R (h, k), 1:2 के अनुपात में विभक्त करता है। रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए।

20. रेखा के समीकरण की संकल्पना का प्रयोग करते हुए सिद्ध कीजिए कि तीन बिंदु (3,0), (-2, -2) और (8, 2) संरेख हैं।

10.4 रेखा का व्यापक समीकरण (General Equation of a Line)

पूर्ववर्ती कक्षाओं में हमने दो चर राशियों के एक घातीय व्यापक समीकरण Ax + By + C = 0, का अध्ययन किया जहाँ A, B और C , एेसे वास्तविक अचर हैं कि A और B एक साथ शून्य नहीं हैं। समीकरण Ax + By + C = 0 का लेखाचित्र सदैव एक सरल रेखा होता है। इसलिए, जब A और B एक साथ शून्य नहीं हैं तो Ax + By + C = 0, के रूप का कोई समीकरण रेखा का व्यापक रैखिक समीकरण (General linear equation) या रेखा का व्यापक समीकरण (General equation) कहलाता है।

10.4.1 Ax + By + C = 0 के विभिन्न रूप (Different forms of Ax + By + C = 0)  समीकरण को निम्नलिखित प्रक्रियाओं द्वारा रेखा के समीकरण के विभिन्न रूपों में रूपांतरित किया जा सकता है।

(a) ढाल-अंतःखंड रूप (Slope-intercept form) यदि B ≠ 0ए तो Ax+By+C = 0 को

v11

हम जानते हैं कि समीकरण (1) उस रेखा की ढाल-अंतःखंड रूप है जिसकी ढाल , और y-अंतःखंड है। यदि B = 0, तो x = , जो कि एक ऊर्ध्वाधर रेखा का समीकरण है जिसकी ढाल अपरिभाषित और x-अंतःखंड है।

(इ) अंतःखंड-रूप (Intercept form) यदि C ≠ 0, तो Ax+By+C=0 को

या ... (1)

जहाँ a = और b =


v12

जिससे  Img14 प्राप्त होता है।

अब Img15

अथवा या

इसलिए  Img16.


v14

v15

लिखा जा सकता है। (1) की तुलना y = mx + c, से करने पर हम पाते हैं कि दी हुई रेखा की ढाल m = है।


v16

(2) की तुलना , से करने पर हम पाते हैं कि x-अंतःखंड

a Img18 और y-अंतः खंड b = है।

उदाहरण 14 समीकरण को लंब रूप में रूपांतरित कीजिए और p तथा ω के मान ज्ञात कीजिए

हल दिया समीकरण

... (1)

है। (1) को , से भाग देने पर

... (2)

(2) की तुलना x cos α + y sin α = p, से करने पर, हम p = 4 और α = 30° पाते हैं।

उदाहरण 15 और रेखाओं के बीच का कोण ज्ञात कीजिए।

हल दी हुई रेखाएँ

या ... (1)

और या ... (2)

रेखा (1) की ढाल m1 = और रेखा (2) की ढाल m2 = है।

दोनों रेखाओं के बीच न्यूनकोण (माना कि θ) इस प्रकार है

... (3)

m1 और m2 के मान (3) में रखने पर,

v17


जिससे θ = 30°. प्राप्त होता है। अतः दोनों रेखाओं के बीच कोण या तो 30° या
180° – 30° = 150°
है।

उदाहरण 16 दर्शाइए कि दो रेखाएँ , जहाँ b1, b2 0

(i) समांतर हैं यदि और (ii) लंब है यदि .

हल दी गई रेखाएँ एेसे लिखी जा सकती हैं

... (1)

और ... (2)

रेखाओं (1) और (2) की ढाल क्रमशः m1 = और m2 = हैं।

अब (i) रेखाएँ समांतर होंगी, यदि m1 = m2, जिससे प्राप्त होता है या

(ii) रेखाएँ लंब होंगी, यदि m1.m2 = – 1, जिससे प्राप्त होता है

या a1a2 + b1b2 = 0

उदाहरण 17 रेखा पर लंब और बिंदु (1, -2) से जाने वाली रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए।

हल दी हुई रेखा को

लिखा जा सकता है। ... (1)

रेखा (1) की ढाल m1 = . है। इसलिए, रेखा (1) के लंब रेखा की ढाल है।

ढाल -2 वाली और बिंदु (1, – 2) से जाने वाली रेखा का समीकरण

या ,

है, जो अभीष्ट समीकरण है।

10.5 एक बिंदु की रेखा से दूरी (Distance of a Point From a Line)

एक बिंदु की किसी रेखा से दूरी बिंदु से रेखा पर डाले लंब की लंबाई है। मान लीजिए कि L : Ax + By + C = 0 एक रेखा है, जिसकी बिंदु P (x1, y1) से दूरी d है। बिंदु P से रेखा पर लंब PL खींचिए (आकृति 10.19) यदि रेखा x-अक्ष और y-अक्ष को क्रमशः Q और R, पर मिलती है तो इन बिंदुओं के निर्देशांक Q और R हैं।

आकृति 10. 19

त्रिभुज PQR का क्षेत्रफल निम्नलिखित प्रकार से किया जा सकता हैः

क्षेत्रफलजिससे ... (1)

साथ ही PQR का क्षेत्रफल =

=

या, 2 PQR का क्षेत्रफल = और

PQR के क्षेत्रफल और QR के मान (1) में रखने पर,

या .

इस प्रकार, बिंदु (x1, y1) से रेखा Ax + By+ C = 0 की लांबिक दूरी (d) इस प्रकार है:


v18

रेखा (1) x-अक्ष पर बिंदु A में प्रतिच्छेद करेगी जैसा आकृति 10.20 में दिखाया गया है। दो रेखाओं के बीच की दूरी, बिंदु A से रेखा (2) पर लंब की लंबाई है। इसलिए, रेखाओं (1) और (2) के बीच की दूरी

आकृति 10. 20

v19

यदि रेखाएँ व्यापक रूप में दी गई हैं अर्थात् Ax + By + C1 = 0 और Ax + By + C2 = 0, तो उपर्युक्त सूत्र का रूप ले लेता है।

उदाहरण 18 बिंदु (3, – 5) की रेखा 3x – 4y –26 = 0 से दूरी ज्ञात कीजिए।

हल दी हुई रेखा 3x – 4y –26 = 0 ...(1)

(1) की तुलना रेखा के व्यापक समीकरण Ax + By + C = 0, से करने पर, हम पाते हैंः

A = 3, B = – 4 और C = – 26

दिया हुआ बिंदु (x1, y1) = (3, –5) है। दिए बिंदु की रेखा से दूरी इकाई है।

उदाहरण 19 समांतर रेखाओं 3x – 4y +7 = 0 और 3x – 4y + 5 = 0 के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए।

हल यहाँ A = 3, B = –4, C1 = 7 और C2 = 5. इसलिए, अभीष्ट दूरी

प्रश्नावली 10.3

1. निम्नलिखित समीकरणों को ढाल-अंतःखंड रूप में रूपांतरित कीजिए और उनके ढाल तथा y-अंतःखंड ज्ञात कीजिएः

(i) x + 7y = 0 (ii) 6x + 3y – 5 = 0 (iii) y = 0

2. निम्नलिखित समीकरणों को अंतःखंड रूप में रूपांतरित कीजिए और अक्षों पर इनके द्वारा काटे गए अंतःखंड ज्ञात कीजिएः

(i) 3x + 2y – 12 = 0 (ii) 4x – 3y = 6 (iii) 3y + 2 = 0.

3. निम्नलिखित समीकरणों को लंब रूप में रूपांतरित कीजिए। उनकी मूल बिंदु से लांबिक दूरियाँ और लंब तथा धन x-अक्ष के बीच का कोण ज्ञात कीजिए:

(i) x + 8 = 0 (ii) y – 2 = 0 (iii) x y = 4.

4. बिंदु (-1, 1) की रेखा 12(x + 6) = 5(y – 2) से दूरी ज्ञात कीजिए।

5. x-अक्ष पर बिंदुओं को ज्ञात कीजिए जिनकी रेखा से दूरीयाँ 4 इकाई हैं।

6. समांतर रेखाओं के बीच की दूरी ज्ञात कीजिएः

(i) 15x + 8y – 34 = 0 और 15x + 8y + 31 = 0 (ii) l(x + y) + p = 0 और l (x + y) – r = 0

7. रेखा के समांतर और बिंदु (–2, 3) से जाने वाली रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए।

8. रेखा x – 7y + 5 = 0 पर लंब और x-अंतःखंड 3 वाली रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए।

9. रेखाओं के बीच का कोण ज्ञात कीजिए।

10. बिंदुओं (h, 3) और (4, 1) से जाने वाली रेखा, रेखा को समकोण पर प्रतिच्छेद करती है। h का मान ज्ञात कीजिए।

14. बिंदु (-1, 3) से रेखा  3x + 4y + 16 = 0 पर डाले गये लंबपाद के निर्देशांक ज्ञात कीजिए।

16. यदि p और q क्रमशः मूल बिंदु से रेखाओं  Img19 और  x sec θ + y cosec θ = k, पर लंब की लंबाइयाँ हैं तो सिद्ध कीजिए कि p2 + 4q2 = k2.

18. यदि p मूल बिंदु से उस रेखा पर डाले लंब की लंबाई हो जिस पर अक्षों पर कटे अंतः खंड a और b हों, तो दिखाइए कि

विविध उदाहर.

उदाहरण. 20   यदि  रेखााएँ अा संगामी (concurrent) हैं, तो k का मान ज्ञात कीजिए।

v21

(1) और (3) को वज्र गु.न विधि से हल करने पर,

इसलिए, दो रेखाओं का प्रतिच्छेद बिंदु (1, 1) है। चूँकि उपर्युक्त तीनों रेखाएँ संगामी हैं, बिंदु
(1, 1) समीकरण (2) को संतुष्ट करेगा जिससे

या

उदाहरण 21 बिंदु P(4, 1) से रेखा 4x-y = 0 की दूरी उस रेखा के अनुदिश ज्ञात कीजिए जो धन x- अक्ष से 135° का कोण बनाती है।

आकृति 10. 21


हल दी हुई रेखा 4x-y = 0 ......(1)

रेखा (1) की बिंदु P (4, 1) से दूरी, किसी अन्य रेखा के अनुदिश, ज्ञात करने के लिए हमें दोनों रेखाओं के प्रतिच्छेद

बिंदु को ज्ञात करना पड़ेगा। इसके लिए हम पहले दूसरी रेखा का समीकरण प्राप्त करेंगे (आकृति 10.21) । दूसरी रेखा की ढाल स्पर्शज्या (tangent) 135° = -1

ढाल -1 वाली और बिंदु P (4, 1) से जाने वाली रेखा का समीकरण

v24

उदाहरण 22 कल्पना करते हुए कि सरल रेखाएँ बिंदु के लिए दर्पण की तरह कार्य करती है, बिंदु (1, 2) का रेखा

x − 3 y + 4 = 0  मे a प्रतिबिम्ब  ज्ञात कीजिए।

हल मान लीजिए Q (h, k) बिंदु P (1, 2) का रेखा x – 3y + 4 = 0 ... (1) 

में प्रतिबिंब है।

इसलिए, रेखा (1) रेखाखंड PQ का लंब समद्विभाजक है

(आकृति 10.22) ।


आकृति 10. 22

अतः PQ की ढाल = ,

जिससे ... (2)

और PQ का मध्य बिंदु अर्थात् बिंदु समीकरण (1) को संतुष्ट करेगा जिससे

... (3)

(2) और (3) को हल करने पर, हम पाते हैं h =और k = .

अतः बिंदु (1, 2) का रेखा (1) में प्रतिबिंब है।

उदाहरण 23 दर्शाइए कि रेखाओं

और x = 0 से बने त्रिभुज का क्षेत्रफल है।

हल दी रेखाएँ हैं

y = m1 x + c1 ... (1)

y = m2 x + c2 ... (2)

x = 0 ... (3)

आकृति 10. 23

हम जानते हैं कि रेखा y = mx+c रेखा x = 0 (y- अक्ष ) को बिंदु (0,c) पर मिलाती है। इसलिए रेखाओं (1) से (3) तक से बने त्रिभुज   दो शीर्ष P (0, c 1 ) और Q(0,c 2 ) हैं ( आकृति 10. 23) । तीसरा शीर्ष समीकरण (1) और (2) को हल करने पर प्राप्त होगा। (1) और (2) को हल करने पर,  हम पाते हैं

इसलिए, त्रिभुज का तीसरा शीर्ष R है।

अब, त्रिभुज का क्षेत्रफल

है

उदाहरण 24 एक रेखा इस प्रकार है कि इसका रेखाओं 5x y + 4 = 0 और 3x + 4y – 4 = 0 के बीच का रेखाखंड बिंदु (1, 5) पर समद्विभाजित होता है इसका समीकरण प्राप्त कीजिए।


आकृति 10. 24

इसलिए Img20

या Img21

हमें दिया है कि अभीष्ट रेखा का (α1, β1) और (α2, β2) के बीच के खंड का मध्य बिंदु (1, 5) है।

इसलिए, Img22

या α1 + α2 = 2 और Img23

या α1 + α2 = 2 और 20 α1 – 3 α2 = 20 ... (3)

α1 और α2, के मानों के लिए (3) के समीकरणों को हल करने पर, हम पाते हैं

Img24

(1,5) और (α1, β1) से जाने वाली अभीष्ट रेखा का समीकरण

Img25

या 107x – 3y – 92 = 0, जो कि अभीष्ट रेखा का समीकरण है।

v31

या ,

v32

इन दोनों संबंधों को हल करने पर हम पाते हैं , k = 0 या h = . इस प्रकार, बिंदु (h, k) समीकरणों y = 0 या x = , जो कि सरल रेखाएँ निरूपित करते हैं, को संतुष्ट करता है। अतः रेखाओं (1) और (2) से समान दूरी पर रहने वाले बिंदु का पथ एक सरल रेखा है।


v34

4. y-अक्ष पर कौन से बिंदु एेसे हैं, जिनकी रेखा से दूरी 4 इकाई है।

5. मूल बिंदु से बिंदुओं (cosθ, sin θ) और (cos φ, sin φ) को मिलाने वाली रेखा की लांबिक दूरी ज्ञात कीजिए।

6. रेखाओं x – 7y + 5 = 0 और 3x + y = 0 के प्रतिच्छेद बिंदु से खींची गई और y-अक्ष के समांतर रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए।

7. रेखा पर लंब उस बिंदु से खींची गई रेखा का समीकरण ज्ञात कीजिए जहाँ यह रेखा y-अक्ष से मिलती है।

16. बिंदु (1, 2) से खींची जा सकने वाली उस रेखा की दिशा ज्ञात कीजिए जिसका रेखा x + y =4 से प्रतिच्छेद बिंदु दिए बिंदु से 3 इकाई की दूरी पर है।


v36


सारांश 

  •  (x1, y1) और (x2, y2) बिंदुओं से जाने वाली ऊर्ध्वेत्तर रेखा की ढाल m इस प्रकार है 
  •  यदि एक रेखा x-अक्ष की धन दिशा से α कोण बनाती है तो रेखा की ढाल m = tan α,  α  90°है।
  •  क्षैतिज रेखा की ढाल शून्य है और ऊर्ध्वाधर रेखा की ढाल अपरिभाषित है।
  •  m1 और m2 ढालों वाली रेखाओं L1 और L2 के बीच का न्यून कोण θ (मान लिया) हो तो Img27
  •  दो रेखाएँ समांतर होती हैं यदि और केवल यदि उनके ढाल समान हैं।
  •  दो रेखाएँ लंब होती हैं यदि और केवल यदि उनके ढालों का गु.नफल -1 है।
  •  तीन बिंदु A, B और C संरेख होते हैं यदि और केवल यदि AB की ढाल = BC की ढाल।
  •  x-अक्ष से a दूरी पर स्थित क्षैतिज रेखा का समीकरण या तो y = a या y =  a है।
  •  y-अक्ष से b दूरी पर स्थित ऊर्ध्वाधर रेखा का समीकरण या तो x = b या x =  b
  •  स्थिर बिंदु (xo, yo) से जाने वाली और ढाल m वाली रेखा पर बिंदु (x, y) स्थित होगा यदि और केवल यदि इसके निर्देशांक समीकरण y  yo = m (x  xo) को संतुष्ट करते हैं।
  •  बिंदुओं (x1, y1) और (x2, y2) से जाने वाली रेखा का समीकरण इस पΡकार है,
  •  ढाल m और y-अंतःखंड c वाली रेखा पर बिंदु (x, y) होगा यदि और केवल यदि .
  •  यदि ढाल m वाली रेखा x-अंतःखंड d बनाती है तो रेखा का समीकरण  y = m (x  d) है।
  •  x- और y-अक्षों से क्रमशः a और b अंतःखंड बनाने वाली रेखा का समीकरण  
  •  मूल बिंदु से लांबिक दूरी p और इस लंब तथा धन x-अक्ष के बीच ω कोण बनाने वाली रेखा का समीकरण  Img28
  •  यदि A और B एक साथ शून्य न हों तो Ax + By + C = 0 के रूप का कोई समीकरण रेखा का व्यापक रैखिक समीकरण या रेखा का व्यापक समीकरण कहलाता है।
  •  एक बिंदु (x1, y1) से रेखा Ax + By+ C = 0 की लांबिक दूरी (d) इस प्रकार है 
  •  समांतर रेखाओं Ax + By + C1 = 0 और Ax + By + C2 = 0, के बीच की दूरी  है।


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