आप लवण को घोलने पर अनायनित लवण और इससे बने आयनों के मध्य गतिज साम्य के प्रयोग पूवर् में कर चुके हैं। इस एकक में हम अनायनित जल और भ़् एवं व्भ्दृ आयनों के मध्य आयनिक साम्य के विस्थापन के विषय में जानेंगे। चालकता के प्रयोगों से सि( हुआ है कि शु( जल भी वुफछ सीमा तक आयनित होता है यद्यपि इसकी चालकता बहुत कम होती है। इस आधर पर यह निष्कषर् निकाला जा सकता है कि शु( जल में भी आयनिक साम्य होता है। इस आयनिक साम्य को निम्नलिख्िात प्रकार से लिखा जा सकता हैं। दृभ्2व्;सद्ध भ़्;ंुद्ध ़ व्भ् ;ंुद्ध लघु आयनी त्रिाज्या और ध्न आवेश के कारण भ़् आयन का जल में स्वतंत्रा अस्ितत्व नहीं होता। अतः इस साम्य का अध्िक उपयुक्त प्रस्तुतिकरण निम्नलिख्िात होगा।दृ2भ्व्;सद्ध भ्व़्;ंुद्ध ़ व्भ् ;ंुद्ध23यह जल का स्वयं आयनन है। इस रासायनिक समीकरण का साम्य स्िथरांक निम्नलिख्िात प्रकार से लिखा जा सकता है - व़्ख्भ्3, ख्व्भ् दृ,ज्ञ त्र ख्भ्2व्,2 चूँकि जल विपुलता में है अतः इसकी सांद्रता को स्िथर माना जा सकता है और इसे ज्ञ के साथ संयुक्त करने से एक नया स्िथरांक ज्ञ प्राप्त होता है जिसे निम्नलिख्िात प्रकार से लिखा जा सकता है - ू दृज्ञ त्र ख्भ्व़्, ख्व्भ्,ू3ज्ञ जल का स्वयं आयनन स्िथरांक अथवा वस्तुतः आयनन स्िथरांक है। यह स्िथर ताप पर स्िथर रहताू है। 25°ब् पर ज्ञ का मान 1ण्0 × 10दृ14 होता है। अतः यह पूणर्तः सुस्पष्ट है कि दिए ताप पर किसी भीू जलीय विलयन में, चाहे यह प्रवृफति में अम्लीय, क्षारीय अथवा उदासीन हो, यह गुणनपफल अथार्त् दृख्भ्व़्, × ख्व्भ् ,, स्िथर रहता है। यदि किसी पदाथर् का घुलना साम्य को इस प्रकार से विस्थापित करे3कि साम्यावस्था पर हाइड्रोनियम आयन सांद्रता, हाइड्राॅक्िसल आयन सांद्रता से अध्िक हो तो विलयन अम्लीय होगा। यदि पदाथर् का घुलना साम्य को इस प्रकार विस्थापित करता है कि व्भ्दृ आयन सांद्रता, हाइड्रोनियम आयन सांद्रता से अध्िक हो जाए तो विलयन क्षारीय होगा। जलीय विलयन की हाइड्रोनियम आयन सांद्रता से विलयन की अम्लीय, क्षारक अथवा उदासीन प्रवृफति की सूचना प्राप्त होती है विलयन में भ्3व़् आयनों की सांद्रता चभ् द्वारा मापी जाती है जिसे हाइड्रोनियम आयन सांद्रता के )णात्मक लघुगणक के रूप में परिभाष्िात किया जाता है और इसे निम्नलिलिख्िात व्यंजक से व्यक्त करते हैं। चभ् त्र दृसवह ख्भ्व़्,3उद्देश्य पफलों के रस की चभ् ज्ञात करना। सि(ांत अनेक रंजक भ्िान्न - भ्िान्न चभ् पर भ्िान्न - भ्िान्न रंग दशार्ते हैं। यह अम्ल - क्षार संसूचकों के समान कायर् करते हैं। रंजकों के मिश्रण का विलयन, चभ् मान का अनुमान करने के लिए प्रयुक्त किया जा सकता है। रंजकों के मिश्रण का ऐसा विलयन प्राप्त किया जा सकता है जिससे शून्य से 14 तक चभ् मापी जा सके। इसे साविर्क सूचक ;न्दपअमतेंस पदकपबंजवतद्ध कहते हैं। वुफछ साविर्क सूचक 0ण्5 चभ् के परिवतर्न का माप भी दे सकते हैं। वस्तुतः रंजक स्वयं दुबर्ल अम्ल अथवा दुबर्ल क्षार होते हैं। रंजक के रंग में परिवतर्न, इसके द्वारा प्रोटाॅन प्राप्त करने अथवा मुक्त करने से संरचना में उत्पन्न परिवतर्न के कारण होता है। रंजक के विभ्िान्न रूपों का रंग अलग होता है अतः चभ् में परिवतर्न होने सेंे परिवतर्न दिखाइर् देता है। सूचक पत्रा अथवा सूचक विलयन रग मके साथ, चभ् में परिवतर्न के साथ - साथ साविर्क सूचक के रंग में होने वाले परिवतर्न का मानक चाटर् मिलता है तथा प्रेक्ष्िात रंग परिवतर्न की तुलना चाटर् के रंगों से करने पर चभ् का उपयुक्त आकलन प्राप्त हो जाता है। 54 आवश्यक सामग्री प्रिया ;पद्ध 100 उस् क्षमता वाले अलग - अलग बीकरों में नींबू, संतरे, सेब और अनन्नास का ताजा रस लें। ;पपद्ध प्रत्येक पफल के रस के 2 उस् ;लगभग 20 बूँदेंद्ध अलग - अलग ड्राॅपर सेअलग - अलग परखनलियों में डालें जिन पर व्रफमशः 1, 2, 3 एवं 4 चिित हो। ;पपपद्ध प्रत्येक परखनली में साविर्क रंजक की दो बूँदें डालकर प्रत्येक परखनली की सामग्री को अच्छी तरह हिला कर मिलाएं। ;पअद्ध प्रत्येक परखनली में उभरने वाले रंग की तुलना मानक चभ् चाटर् से करें। ;अद्ध अपने प्रेक्षणों को सारणी 5.1 में रिकाॅडर् करें जैसा नीचे दिया गया है। ;अपद्ध विभ्िान्न रसों की चभ् को चभ् पत्रा द्वारा ज्ञात करें और इसके रंग की तुलना साविर्क सूचक से प्राप्त रंग से करें। ;अपपद्ध चारों पफलों के रस के चभ् मान को बढ़ते हुए व्रफम मे व्रफमब( करें। परिणाम रसों के चभ् मान का बढ़ता हुआ व्रफम है ऋऋऋऋऋऋऋ। विवेचनात्मक प्रश्न ;पद्ध चारों रसों में से कौन सा सबसे कम अम्लीय है? समझाइए। ;पपद्ध यदि हम प्रत्येक रस का तनुकरण करें तो चभ् पर क्या प्रभाव प्रेक्ष्िात होगा? ;पपपद्ध किन्हीं दो रसों को मिलाने से क्या चभ् में बदलाव आएगा या यह यथावत रहेगी? अपने उत्तर की पुष्िट प्रयोग द्वारा करें। ;पअद्ध आप किसी पेय की चभ् वैफसे ज्ञात कर सकते हैं? उद्देश्य तनुकरण के साथ अम्ल/क्षारक की चभ् में परिवतर्न का प्रेक्षण। सि(ांत तनुकरण से प्रति इकाइर् आयतन में हाइड्रोजन आयनों की सांद्रता कम हो जाती है अतः तनुकरण से चभ् में परिवतर्न अपेक्ष्िात है। आवश्यक सामग्री प्रिया ;पद्ध चार क्वथन नलियाँ लेकर उन पर ‘क’, ‘ख’, ‘ग’ और ‘घ’ नामांकितकरें ;चित्रा 5.1द्ध। ;पपद्ध क्वथन नली ‘क’ में 0ण्1ड भ्ब्स के 2 उस् लें। ;पपपद्ध क्वथन नली ‘ख’ में 0ण्1ड भ्ब्स के 2 उस् लेकर उसमें 18 उस् जल अच्छी तरह मिलाएं। ;पअद्ध क्वथन नली ‘ख’ से तनुवृफत विलयन के 5 उस् क्वथन नली ‘ग’ में लेकर उसमें 15 उस् जल मिलाएं। चित्रा 5.1 - प्रयोग 5.2 की व्यवस्था ;अद्ध क्वथन नली ‘ग’ से तनुवृफत विलयन के 5 उस् क्वथन नली ‘घ’ में लेकर, उसमें 15 उस् जल अच्छी तरह मिलाएं। ;अपद्ध एक चभ् पत्रा को छोटे - छोटे टुकड़ों में काटकर इन्हें एक सापफ ग्लेश टाइल पऱपैफला लें। ;अपपद्ध ड्राॅपर की सहायता से क्वथन नली ‘क’ में से वुफछ विलयन निकालकर इसकी एक बूँद ग्लेश टाइल पर रखे चभ् पत्रा पर डालें। चभ् पत्रा के रंग की तुलना मानक चाटर् के रंगों से करें। ;अपपपद्ध इसी प्रकार से क्वथन नलियों ‘ख’, ‘ग’ और ‘घ’ के विलयनों की चभ् का निरीक्षण करें और अपने परिणामों को सारणी 5.2 में रिकाॅडर् करें। ;पगद्ध ‘ख’, ‘ग’, ‘घ’, विलयनों में हाइड्रोजन आयन सांद्रता की गणना कीजिए। ;गद्ध प्रत्येक क्वथन नली में से 1उस् विलयन लेकर अलग - अलग परखनलियों में डालें। प्रत्येक परखनली में साविर्क सूचक की दो बूँदें डालें। चभ् का अनुमान लगाने के लिए परखनलियों को अच्छी तरह हिलाकर विलयनों के रंग की तुलना मानक चभ् चाटर् के रंगों से करें। ;गपद्ध इसी प्रकार से 0ण्05 ड भ्2ैव्4 और 0ण्1ड छंव्भ् विलयनों का उपरोक्त ;पद्ध से ;पगद्धतक चरणों के अनुसार तनुकरण करके प्रेक्षण कीजिए। ;गपपद्ध अपने प्रेक्षणों को सारणी 5.2 में रिकाॅडर् कीजिए। ;गपपपद्ध साविर्क सूचक पत्रा और साविर्क सूचक विलयन से प्राप्त परिणामों की तुलना कीजिए। छंव्भ् भ्2ैव्4 भ्ब्स ऽ कभी भी अम्ल में जल न मिलाएं। ऽ तनुकरण के लिए अम्ल को थोड़ा - थोड़ा करके जल में मिलाएं। परिणाम ;पद्ध क्वथन नलियों ‘ख’, ‘ग’ एवं ‘घ’ के विलयनों की हाइड्रोजन आयन सांद्रताएं व्रफमशः ऋऋऋऋऋऋऋ हैं। ;पपद्ध तनुकरण द्वारा चभ् में परिवतर्न के लिए प्राप्त अपने निष्कषो± को लिख्िाए। विवेचनात्मक प्रश्न ;पद्ध तनुकरण के साथ अम्लीय एवं क्षारीय विलयनों के चभ् परिवतर्न में क्या प्रवृिा प्रेक्ष्िात होती है? ;पपद्ध तनुकरण के साथ होने वाले चभ् परिवतर्न के परिणामों की व्याख्या आप वैफसे करेंगे? ;पपपद्ध यदि कोइर् दो अम्लीय विलयन ;मान लीजिए क एवं खद्ध मिलाए जाएं तो मिश्रण की चभ् पर क्या प्रभाव पड़ेगा? अपनेउत्तर की पुष्िट प्रयोग द्वारा करें। ;पअद्ध यद्यपि हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की सांद्रता 0ण्1 ड है और सल्फ्रयूरिक अम्ल की सांद्रता 0ण्05 ड है पिफर भी चाहे हम भ्ब्स लें अथवा भ्2ैव्4, प्रत्येक अम्ल की चभ् लगभग एक समान हैं। आप इस परिणाम की व्याख्या वैफसे करेंगे? ;अद्ध क्या 0ण्1ड ऐसीटिक अम्ल और 0ण्1 ड हाइड्रोक्लोरिक अम्ल की चभ् एक समान होगी? अपने उत्तर का सत्यापन कीजिए और उसकी व्याख्या कीजिए। उद्देश्य दुबर्ल अम्ल और दुबर्ल क्षारक की चभ् पर उभयनिष्ठ आयन प्रभाव ;बवउउवद पवद ममििबजद्ध का अध्ययन करना। सि(ांत यह ज्ञात तथ्य है कि दुबर्ल अम्ल अथवा दुबर्ल क्षारक का आयनन एक उत्व्रफमणीय प्रव्रफम है। इसे निम्नलिख्िात प्रकार से लिखा जा सकता है - ;1द्ध भ्। भ़़् ।दृ ;दुबर्ल अम्लद्ध ठ़ दृ;2द्ध ठव्भ् ़ व्भ् ;दुबर्ल क्षारकद्ध स्िथति ;1द्ध में ।दृ आयन की सांद्रता बढ़ने से और स्िथति ;2द्ध में ठ़ आयन की सांद्रता बढ़ने से साम्य उत्व्रफम दिशा में विस्थापित होगा, इससे ;1द्ध और ;2द्ध स्िथतियों में व्रफमशः भ़् आयनों और व्भ् दृ आयनों की सांद्रता कम हो जाएगी जिससे साम्य स्िथरांक ज्ञ का मान दृस्िथर रहे। भ़् और व्भ् आयनों की सांद्रता में यह परिवतर्न निकाय की चभ् में परिवतर्न कर देता है, जिसे चभ् पत्रा अथवा साविर्क सूचक की सहायता से परखा जा सकता है। आवश्यक सामग्री प्रिया ;पद्ध 100 उस् के चार बीकर लेकर उन पर ‘क’, ‘ख’, ‘ग’ और ‘घ’ चिित करें। ;पपद्ध बीकर ‘क’ में 1 ड एथेनाॅइक अम्ल के 25 उस् और बीकर ‘ख’ में 1 ड अमोनिया विलयन के 25 उस् लें। अमोनिया विलयन;पपपद्ध इसी प्रकार से बीकर ‘ग’ में 1 ड एथेनाॅइक अम्ल के 25 उस् और बीकर ‘घ’ में 1 ड अमोनिया विलयन के 25 उस् लें। अब बीकर ‘ग’ में 2 ह सोडियम ऐथेनाॅइक अम्ल एथेनोएट मिलाएं और अच्छी तरह हिलाकर घोल लें। इसी प्रकार से बीकर ‘घ’ में 2 ह अमोनियम क्लोराइड डाल कर इसे भी अच्छी तरह हिलाकर घोल लें। अमोनियम क्लोराइड ;पअद्ध बीकर ‘क’, ‘ख’, ‘ग’ एवं ‘घ’ से व्रफमशः 2 उस् ;लगभग 20 बूँदद्ध विलयनलेकर 1, 2, 3 और 4 चिित परखनलियों में डालें। ;अद्ध प्रत्येक परखनली में 2 बूँद साविर्क सूचक विलयन डालें। परखनलियों की सामग्री को अच्छी तरह हिलाकर प्रत्येक के रंग की तुलना मानक चभ् चाटर् से करें। ;अपद्ध अपने प्रेक्षणों को सारणी 5.3 में रिकाॅडर् करें। ;अपपद्ध परखनली 1 और 3 के विलयनों की चभ् की तुलना करें और चभ् में आए परिवतर्न को रिकाॅडर् करें। ;अपपपद्ध इसी प्रकार से परखनलियों 2 और 4 के विलयनों की चभ् की तुलना करें और चभ् में आए परिवतर्न को रिकाॅडर् करें। परिणाम ;कद्ध ऐसीटिक अम्ल की चभ् ऋऋऋऋऋऋऋ है। ;खद्ध ऐसीटिक अम्ल और सोडियम ऐसीटेट के बपफर की़चभ् ऐसीटिक अम्ल से ऋऋऋऋऋऋऋऋ है। ;गद्ध अमोनिया विलयन की चभ् ऋऋऋऋऋऋऋ है। ;घद्ध अमोनिया विलयन और अमोनियम क्लोराइड के बपफर की़चभ् अमोनिया से ऋऋऋऋऋऋऋऋऋ है। ;चद्ध उभयनिष्ठ आयन प्रभाव से अम्ल/क्षारक का आयनन ऋऋऋऋऋऋऋऋ हो जाता है। विवेचनात्मक प्रश्न ;पद्ध ऐसीटिक अम्ल में सोडियम ऐसीटेट मिलाने से चभ् बढ़ती है जबकि जलीय अमोनिया विलयन ;छभ्व्भ्द्ध में4छभ्4ब्स मिलाने से निकाय की चभ् कम हो जाती है। आप इन प्रेक्षणों की व्याख्या वैफसे करेंगे? ;पपद्ध निकाय - 3 में ब्भ्3ब्व्व्छं के स्थान पर और निकाय - 4 में छभ्4ब्स के स्थान पर उपयुक्त प्रतिस्थापी का सुझाव दीजिए। ;पपपद्ध वतर्मान परीक्षण के लिए किसी अन्य दुबर्ल अम्ल और उसके लवण तथा दुबर्ल क्षारक और उसके लवण के युग्मों का सुझाव दीजिए। ;पअद्ध लवण/मिश्रण के विश्लेषण में उन अवस्थाओं को इंगित कीजिए जहाँ उभयनिष्ठ आयन प्रभाव द्वारा चभ् में परिवतर्न लाया जाता है। ;अद्धबपफर विलयऩचभ् परिवतर्न का प्रतिरोध् वैफसे करते हैं? इसे एक उपयुक्त उदाहरण द्वारा समझाइए। उद्देश्य साविर्क सूचक द्वारा प्रबल अम्ल और प्रबल क्षार की आयतनमिती में चभ् में होने वाले परिवतर्न का अध्ययन। सि(ांत यह माना जाता है कि प्रबल अम्ल एवं प्रबल क्षार विलयन में पूणर्तः वियोजित हो जाते दृहैं। उदासीनीकरण के प्रव्रफम में अम्ल के भ़् आयन, क्षार के व्भ् आयन से मिलकर जल बनाते हैं। अतः जब किसी प्रबल अम्ल का विलयन किसी प्रबल क्षारक के विलयन में अथवा विलोमतः मिलाया जाता है तो विलयन की चभ् परिवतिर्त हो जाती है। जब अनुमापन अग्रसर होता है तो प्रारंभ में चभ् परिवतर्न मंद होता है परन्तु अंत्यबिंदु के पास चभ् परिवतर्न अत्यन्त तीव्रता से होता है। आवश्यक सामग्री प्रिया ;पद्धएक 100 उस् क्षमता के शंक्वाकार फ्रलास्क में 0ण्1 ड हाइड्रोक्लोरिक अम्ल के 25 उस् लें। हाइड्रोक्लोरिक अम्ल;पपद्ध इसमें साविर्क सूचक की पाँच बूँदें डालें। ;पपपद्ध इसमें ब्यूरेट से ;0ण्1 डद्ध सोडियम हाइड्राॅक्साइड की मात्रा सारणी 5.4 के सोडियम हाइड्राॅक्साइड अनुसार डालें। ;पअद्ध प्रत्येक बार सोडियम हाइड्राॅक्साइड विलयन मिलाने के बाद फ्रलास्क की सामग्रीको अच्छी तरह हिलाएं, प्रत्येक बार शंक्वाकार फ्रलास्क में उपस्िथत विलयन का रंग नोट करें और चभ् चाटर् से तुलना करके चभ् ज्ञात करें। ;अद्ध अपने प्रेक्षणों को सारणी 5.4 के अनुसार सूचिब( करें। ;अपद्ध सोडियम हाइड्राॅक्साइड विलयन के वुफल मिलाए गए आयतन और विलयन के चभ् के मध्य ग्रापफ खींचें। परिणाम अपने परिणामों को आँकड़ों के आधर पर लिखें। विवेचनात्मक प्रश्न ;पद्ध प्रबल अम्ल के प्रबल क्षारक द्वारा उदासीनीकरण की प्रवि्रफया में आप वैफसी प्रवृिा देखते हैं? ;पपद्ध क्या आप दुबर्ल अम्ल ;ऐसीटिक अम्लद्ध के प्रबल क्षारक ;सोडियम हाइड्राॅक्साइडद्ध द्वारा उदासीनीकरण में भी इसीप्रकार की प्रवृिा की अपेक्षा करते हैं? ;पपपद्ध यदि हाइड्रोक्लोरिक अम्ल का सोडियम हाइड्राॅक्साइड विलयन द्वारा उदासीनीकरण करना हो तो सूचक के रंग में परिवतर्न चभ् के किस परास में होना चाहिए? उपरोक्त प्रयोग का ग्रापफ देख कर उत्तर लिखें। ;पअद्ध उदासीनीकरण की अभ्िावि्रफया में चभ् के परिवतर्न का अध्ययन सूचक के चयन में किस प्रकार सहायता करता है? समझाएं। उद्देश्य सोडियम क्लोराइड, पेफरिक क्लोराइड और सोडियम काबोर्नेट के विलयनों की चभ् का अध्ययन। सि(ांत प्रबल अम्ल और प्रबल क्षारक से बने लवण उदासीन विलयन बनाते हैं जबकि दुबर्ल अम्ल/क्षारक और प्रबल क्षारक/अम्ल द्वारा बने लवण व्रफमशः क्षारकीय और अम्लीय होते हैं। दुबर्ल अम्ल/क्षारक और प्रबल/अम्ल/क्षारक द्वारा बने लवण जल में जल अपघटित हो जाते हैं परन्तु प्रबल अम्ल और प्रबल क्षारक द्वारा बने लवण विलयन में जल अपघटित नहीं होते। आप इस विषय में अपनी रसायन विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में पढ़ चुके हैं। आवश्यक सामग्री प्रिया ;पद्ध तीन क्वथन नलियाँ लेकर उन्हें क, ख और ग नामांकित करें। ;पपद्ध क्वथन नलियों क, ख एवं ग में व्रफमशः छंब्सए थ्मब्स3 और छं2ब्व्3 के 0ण्1 ड विलयन के 20 उस् लें। ;पपपद्ध चभ् पत्रा को छोटे - छोटे टुकड़ों में काट कर सापफ ग्लेश टाइल पर पैफला लें। ;पअद्ध क्वथन नलियों ‘क’, ‘ख’, ‘ग’ के विलयनों की चभ् प्रयोग 5.1 की भाँति जाँचें। ;अद्ध परखनली स्टैंड में तीन सापफ परखनलियाँ खड़ी करें। ;अपद्ध परखनलियों पर व्रफमशः 1, 2, 3 संख्या चिित करें। ;अपपद्ध क्वथन नली ‘क’ से प्रत्येक परखनली में 4 उस् विलयन डालें। ;अपपपद्ध परखनली 1, 2, 3 में व्रफमश 5 उस्ए 10 उस् और 15 उस् जल मिलाएं। ;पगद्ध परखनलियों 1, 2, 3 के विलयनों की चभ् को साविर्क सूचक और चभ् पत्रा की सहायता से नोट करें। ;गद्ध यही प्रयोग परखनलियों ‘ख’ और ‘ग’ के विलयनों के साथ दोहराएं। ;गपद्ध अपने परिणामों को सारणी 5.5 के अनुसार सारणीब( करें। 3 23 सारणी 5.5 - छंब्सए थ्मब्सऔर छंब्व्के विलयनों की चभ् विभ्िान्न सांद्रताओं परविलयन छंब्स विलयन की चभ् परखनली - 1 परखनली - 2 परखनली - 3 थ्मब्स3 छं2ब्व्3 परिणाम अपने परिणाम अवलोकनों के आधर पर लिखें। विवेचनात्मक प्रश्न ;पद्ध थ्मब्स3 और छं2ब्व्3 विलयन उदासीन क्यों नहीं होते? ;पपद्ध प्रबल अम्ल और प्रबल क्षार से बने लवण जल अपघटित क्यों नहीं होते? समझाइए। ;पपपद्ध जल अपघटन का प्रव्रफम लवण के विश्लेषण में किस प्रकार से उपयोगी है? ;पअद्ध लवण के विलयन के तनुकरण का चभ् पर क्या प्रभाव पड़ता है? अपने उत्तर को सत्यापित करें और इसकी विवेचना करें।

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