गुगलनांक या क्वथनांक की जाँच द्वारा किया जा सकता है। इस एकक में गलनांक और क्वथनांक निकालने की तकनीक का भी वणर्न किया जाएगा। शु( पदाथो± के गलनांक और क्वथनांक सुनिश्िचत होते हैं। इसलिए पदाथो± के गलनांक और क्वथनांक को शु(ता की कसौटी के रूप में उपयोग में लाया जा सकता है। प्रयोग 3.1 उद्देश्य निम्नलिख्िात यौगिकों में से किसी एक के अशु( नमूने को वि्रफस्टलीकरण द्वारा शु( करना - पोटैश ऐलम ;पिफटकरीद्ध, काॅपर सल्पेफट, बेन्शोइक अम्ल। सि(ांत वि्रफस्टलीकरण विशेषकर उस स्िथति में यौगिक के शु(ीकरण की तकनीक है जब अभ्िावि्रफया से प्राप्त मूल अपरिष्वृफत पदाथर् अत्यंत अशु( हो। प्रवि्रफया का पहला चरण एक ऐसे विलायक या विलायकों के मिश्रण को ढूंढना है जिसमें अपरिष्वृफत पदाथर् गरम करने पर अच्छी तरह घुल जाता हो और ठंडा होने पर इसकी घुलनशीलता अत्यन्त कम हो। अब अपरिष्वृफत पदाथर् को उबलते हुए विलायक की न्यूनतम मात्रा में घोल लिया जाता है जिससे संतृप्त विलयन प्राप्त हो जाए। गरम विलयन का निस्यंदन करके अघुलनशील अशुियों को अलग कर लिया जाता है। वि्रफस्टलीकरण बिंदु जाँचने के पश्चात् इसे धीरे - धीरे ठंडा होने दिया जाता है जिससे विलेय, घुलनशील अशुियों के अिाकांश भाग को विलयन में छोड़कर वि्रफस्टलित हो जाता है। वि्रफस्टलों को निस्यंदन द्वारा अलग कर लिया जाता है और प्रवि्रफया को तब तक दोहराया जाता है जब तक शु( पदाथर् के वि्रफस्टल प्राप्त न हो जाएं। कभी - कभी वि्रफस्टलन को प्रारम्भ करने के लिए, ठंडा करते समय विलयन में उस पदाथर् के थोड़े से वि्रफस्टल डाल दिए जाते हैं जिसका शुिकरण किया जा रहा है। इसे बीजारोपण कहते हैं। डाला गया छोटा सा वि्रफस्टल नए वि्रफस्टलों की वृि के लिए ‘न्यूक्िलयस’ का कायर् करता है। वि्रफस्टल की वृि वि्रफस्टलन की परिस्िथतियों पर निभर्र करती है। अच्छे वि्रफस्टल प्राप्त करने के लिए, तुरंत ठंडा करने से बचना चाहिए क्योंकि इससे छोटे और विवृफत वि्रफस्टल प्राप्त होते हैं। शु(ीकरण एवं शु(ता की कसौटी वि्रफस्टलों की शु(ता का परीक्षण कभी - कभी वि्रफस्टलों के रंग से किया जाता है। उदाहरणाथर्, शु( पोटैश ऐलम ;पिफटकरीद्ध, काॅपर सल्पेफट तथा बेन्शोइक अम्ल के वि्रफस्टल व्रफमशः सपेफद, नीले और सपेफद रंग के होते हैं। अशुियाँ वि्रफस्टलों को रंग प्रदान करती हैं, अतः अशु( वि्रफस्टलों का रंग शु( वि्रफस्टलों से अलग होता है। आवश्यक सामग्री प्रिया ;पद्ध एक बीकर में 30.50 उस् आसुत जल लें और इसमें कक्ष ताप पर पोटैश काॅपर सल्पेफटऐलम/काॅपर सल्पेफट का संतृप्त विलयन बनाने के लिए ठोस अशु( नमूने को थोड़ा - थोड़ा डालते हुए विलोड़न द्वारा घोलते रहें। जब ठोस घुलना बंद हो जाए तो इसे और अिाक न डालें। बेन्शोइक अम्ल का संतृप्त विलयन बनाने के लिए गरम जल का प्रयोग करें। ;पपद्ध इस प्रकार बनाए गए विलयन को निस्यंदित करके निस्यंद को पाॅसीर्लेन प्याली में डाल लें। इसे बालू उफष्मक पर रखकर तब तक गरम करें जब तक विलायक का 3ध्4 भाग वाष्िपत न हो जाए। विलयन में एक काँच की छड़ डुबोएं और इसे बाहर निकाल कर मुँह से पूँफक कर सुखाएं, यदि काँच की छड़ पर ठोस की हल्की परत बन जाए तो गरम करना बंद कर दें। ;पपपद्ध पाॅसीर्लेन प्याली को वाॅच ग्लास से ढक कर सामग्री को बिना छुए ठंडा होने दें। ;पअद्ध जब वि्रफस्टल बन जाएं तो मातृ द्रव ;वि्रफस्टलन के पश्चात बचा हुआ द्रवद्ध को निथार कर अलग कर लें। ;अद्ध इस प्रकार प्राप्त पोटैश ऐलम और काॅपर सल्पेफट के वि्रफस्टलों को पहले ठंडे जल युक्त ऐल्कोहाॅल की सूक्ष्म मात्रा से धेएं जिससे चिपका हुआ मातृ द्रव निकल जाए और पिफर आदर््रता हटाने के लिए एल्कोहाॅल से धेएं। बेन्शोइक अम्ल के वि्रफस्टलों को ठंडे जल से धेएं। बेन्शोइक अम्ल ऐल्कोहाॅल में विलेय है। इसके वि्रफस्टलों को ऐल्कोहाॅल से न धेएं। ;अपद्ध वि्रफस्टलों को निस्यंदक - पत्रा की परतों में रखकर सुखा लें। ;अपपद्ध इस प्रकार वि्रफस्टलों को सुरक्ष्िात एवं शुष्क स्थान पर भंडारित करें। ;अपपपद्ध शु( पदाथर् की अध्िकतम मात्रा प्राप्त करने के लिए चरण ;पपद्ध से ;अपपद्धतक दोहराएं। प्रयोगशाला पुस्ितका, रसायन विवेचनात्मक प्रश्न ;पद्ध निम्नलिख्िात में से कौन सा सूत्रा पोटैश ऐलम ;पिफटकरीद्ध का सही निरूपण है? समझाएं। 2दृ द्ध;कद्ध ज्ञ़;भ्व्द्ध।स3़;भ्व्द्ध;ैव्26 2642 ;खद्ध ज्ञ2ैव्4ण्।स2;ैव्4द्ध3 ण्24भ्2व् ;पपद्ध समावृफतिक यौगिक किन्हें कहते हैं? ;पपपद्ध ‘वि्रफस्टलीकरण जल’ से आप क्या समझते हैं। ;पअद्ध अपने द्वारा बनाए गए वि्रफस्टलों पर प्रबल तापन के प्रभाव का वणर्न करें। ;अद्ध मातृ द्रव शब्द से आप क्या समझते हैं? ;अपद्ध कौन सा उफष्मागतिकी पफलन वि्रफस्टलीकरण के प्रव्रफम के अनुवूफल है? ;अपपद्ध संतृप्त - विलयन शब्द को समझाइये। ;अपपपद्ध वि्रफस्टलीकरण के लिए संतृप्त विलयन बनाना क्यों आवश्यक है? ;पगद्ध वि्रफस्टलीकरण में प्रयुक्त होने वाले प्रव्रफमों का नाम बताइए। ;गद्ध ‘किप्सवेस्ट’ ;ज्ञपचचश्े ूंेजमद्ध क्या होता है? ‘किप्सवेस्ट’ से पेफरस सल्पेफट के वि्रफस्टल किस प्रकार से प्राप्त किए जा सकते हैं? उद्देश्य ठोस काबर्निक यौगिक का गलनांक निधर्रित करना। सि(ांत पदाथर् के अणुओं की गतिज उफजार् गरम करने पर बढ़ जाती है। जब यह इतनी अिाक हो जाती है कि अणुओं के मध्य प्रचालित आकषर्ण बलों का प्रभाव कम कर सके तो शु(ीकरण एवं शु(ता की कसौटी ठोस की जालक संरचना टूट जाती है और ठोस गलित होकर द्रव अवस्था में आ जाता है। किसी पदाथर् का गलनांक वह ताप होता है जिस पर, एक वायुमंडल दाब की स्िथति में ठोस अवस्था द्रव अवस्था में बदल जाती है। आवश्यक सामग्री प्रिया च.डाइक्लोरोबेन्शीन ;पद्ध एक 8 बउ लंबी केश्िाका ;बंचपससंतलद्ध लेकर इसके एक सिरे को बुन्सेन ज्वाला में गरम कर बंद कर दें। केश्िाका को बंद करते समय घुमाते रहें जिससे छेद पूरी तरह बंद हो जाए। च.टाॅलूडीन ;पपद्ध जिस पदाथर् का गलनांक निधर्रित करना हो उसके लगभग 100 उह बारीक पीस कर केश्िाका में लगभग 1बउ तक भर लें। केश्िाका को भरने के लिए इसके नै.फ्रथैलीन खुले सिरे को पाउडर में डुबोएं और सील किए गए सिरे को तजर्नी उँगली और अंगूठे के बीच में पकड़कर उफपरी सिरे को दूसरे हाथ से हल्के से थपकी दें जिससे ठोस के कण पास - पास आ जाएं और केश्िाका टूटे नहीं। ऽ इन रसायनों के त्वचा और आँखों ;पपपद्ध केश्िाका को बाहर से द्रव पैरापिफन से भ्िागोकर बंद सिरा थमार्मीटर के बल्ब के संपवर्फ में आने से बचें और की ओर रखकर उस पर चिपका दें। यह संसंजक बलों ;बवीमेपअम वितबमद्ध वाष्पों को सूंघें नहीं। द्वारा थमार्मीटर पर चिपक जाएगी। ध्यान रखें कि केश्िाका का निचला भाग और थमार्मीटर का बल्ब एक बराबर स्तर पर रहें। तापमापी को एक ऐसे रबर काॅवर्फ में स्िथर कीजिए जिसमें एक तरपफ वायु और वाष्प निकलने के लिए खाँचा बना हो। ;पअद्ध एक थीले नली लें ;चित्रा 3.1 कद्ध और इसमें 50.60 उस् द्रव पैरापिफन भर लें जिससे मुड़ा हुआ भाग पूरा भर जाए। थीले नली के विकल्प में केल्डाल फ्रलास्क को प्रयुक्त किया जा सकता है। ;अद्ध थमार्मीटर को केश्िाका सहित द्रव पैरापिफन में डुबोएं और रबर काॅवर्फ को इस प्रकार से समायोजित करें कि थमार्मीटर का बल्ब और केश्िाका का भरा हुआ भाग पूरी तरह द्रव पैरापिफन में डूबा हो तथा केश्िाका का खुला हुआ सिरा वायु में हो जैसा चित्रा 3.1 क में दिखाया गया है। तापमापी और केश्िाका नली को थीले नली की दीवारों को छूना नहीं चाहिए। प्रयोगशाला पुस्ितका, रसायन चित्रा 3.1 - ;कद्ध थीले नली का प्रयोग करके गलनांक निधर्रित करना चित्रा 3.1 - ;खद्ध गलनांक निधर्रित करने के लिए प्रयुक्त होने वाले विभ्िान्न उपकरण शु(ीकरण एवं शु(ता की कसौटी ;अपद्ध अब थीले नली को नीची ज्वाला द्वारा पाश्वर् भुजा पर से गरम करना प्रारंभ करें और जैसे ही ठोस पिघलने लगे, ताप नोट कर लें। यह ताप ठोस का गलनांक होताहै। यदि आपने केल्डाल फ्रलास्क लिया हो तो इसे गरम करने के लिए ज्वाला को इसके पेंदे के चारों ओर घुमाएं जिससे एक समान तापन सुनिश्िचत हो जाए। इसकेलिए बनर्र हाथ में लें और गरम करते समय फ्रलास्क के नीचे रेत उफष्मक रख लें। दुघर्टना होने पर यह अम्ल के बिखरने से बचाव करेगा। गलनांक निकालने के लिए यही प्रयोग अन्य यौगिकों के साथ दोहराएं। नोट - पैरापिफन 220°ब् तक सुरक्ष्िात रूप से गरम की जा सकती है। इसलिए इससे अध्िक गलनांक वाले ठोस का गलनांक लेने के लिएसांद्र सल्फ्रयूरिक अम्ल का प्रयोग करना चाहिए जिसे 280°ब् तक गरम किया जा सकता है। सल्फ्रयूरिक अम्ल का सुझाव दिया गयाहै। अनुशंसा नहीं की जा रही। सिलिकोन आॅयल सबसे अध्िक संतोषजनक द्रव हैं और सल्फ्रयूरिक अम्ल के स्थान पर प्रयोग में लाए जा सकते हैं। विवेचनात्मक प्रश्न ;पद्ध शु( ठोस का गलनांक सुनिश्िचत क्यों होता है? ;पपद्ध ठोस के गलनांक पर अशुियों का क्या प्रभाव पड़ता है? ;पपपद्ध बेन्शऐमाइड का गलनांक ऐसिटैमाइड से अिाक क्यों होता है? ;पअद्ध गलनांक निधर्रित करने के लिए पैरापिफन के स्थान पर क्या अन्य किसी द्रव को प्रयोग में लाया जा सकता है? ;अद्ध क्या हम गलनांक निधर्रित करने के लिए केश्िाका को सीध्े ही गरम कर सकते हैं? ;अपद्ध थीले नली/केल्डाल फ्रलास्क में द्रव पैरापिफन क्यों भरी जाती है? ;अपपद्ध थीले नली को पाश्वर् भुजा पर से क्यों गरम किया जाता है? प्रयोगशाला पुस्ितका, रसायन प्रयोग 3.3 उद्देश्य द्रव काबर्निक यौगिक के क्वथनांक का निधर्रण करना। सि(ांत द्रव का क्वथनांक वह ताप होता है जिस पर द्रव का वाष्प दाब उस वायुमंडलीय दाब के बराबर हो जाता है जो द्रव की सतह पर पड़ता है। 1.013 बार वायुमंडलीय दाब पर द्रव का क्वथनांक सामान्य क्वथनांक कहलाता है। विभ्िान्न द्रवों का क्वथनांक भ्िान्न - भ्िान्न होता है। द्रवों के क्वथनांक भ्िान्न - भ्िान्न होने का कारण आवश्यक रूप से द्रव के अणुओं के मध्य अंतराआण्िवक बलों में अंतर के कारण होता है। आवश्यक सामग्री ऽ थीले नली/केल्डाल फ्रलास्क - एक ऽ थमार्मीटर - एक ऽ क्लैम्प सहित लोहे का स्टैंड - एक ऽ प्रज्वलन नली - एक ऽ केश्िाका - एक चित्रा 3.2 - क्वथनांक का निधर्रण करना ऽ द्रव काबर्निक यौगिक - 1 उस् ऽ द्रव पैरापिफन सांद्र भ्2ैव्4 - आवश्यकतानुसार प्रिया ;पद्ध थीले नली को इसके मुड़े हुए भाग से उफपर तक द्रव पैरापिफन से भर दें। ;पपद्ध प्रज्वलन नली मंे दिए गए द्रव की एक - दो बूदें लें और इसे रबर बैंड की सहायता से थमार्मीटर से बाँध् दें जैसाकि चित्रा 3.2 में दशार्या गया है। ध्यान रखें कि तापमापी का बल्ब और प्रज्वलन नली का निचला भाग एक ही स्तर पर रहें। ;पपपद्ध लगभग 8 बउ लम्बी केश्िाका को एक तरपफ से ज्वाला पर गरम करके बंद कर लें। ;पअद्ध केश्िाका को खुले छोर की ओर से प्रज्वलन नली में उपस्िथत द्रव में डुबोकर रखें। ;अद्ध थीले नली की पाश्वर् भुजा को नीची ज्वाला से गरम करें। शु(ीकरण एवं शु(ता की कसौटी ;अपद्ध केश्िाका के निचले भाग से ;जो द्रव काबर्निक यौगिक में डूबा हुआ हैद्ध निकलते हुए बुलबुलों की ओर ध्यान दें। वह ताप नोट करें जिस पर बुलबुले लगातार और तेजी से आना प्रारंभ हो जाएं। यह ताप द्रव का क्वथनांक है। नोट - अध्िक उच्च क्वथनांक वाले द्रवों का क्वथनांक निधर्रित करने के लिए पैरापिफन को गरम करने का माध्यम नहीं बनाया जा सकता। ;पद्ध काबर्न टेट्राक्लोराइड का क्वथनांक निकालने के लिए एक उपयुक्त द्रव का सुझाव दें जिसे थीले नली में भरा जा सके। ;पपद्ध क्वथनांक निधर्रण के लिए द्रव पैरापिफन के स्थान पर क्या किसी और द्रव का उपयोग किया जा सकता है? ;पपपद्ध मान लीजिए किसी द्रव का क्वथनांक दिल्ली में 100°ब् है। पवर्तीय क्षेत्रा में यह ऐसा ही रहेगा या भ्िान्न होगा? कारण लिख्िाए। ;पअद्ध प्रेशर - वुफकर में खाना जल्दी क्यों पक जाता है? ;अद्ध जल की एक समान मात्रा में यूरिया, पोटैश्िायम क्लोराइड और पोटैश्िायम सल्पेफट की सममोलर ;बराबर मोलद्ध मात्रा घोलने पर, जल का क्वथनांक किस प्रकार परिवतिर्त होगा? ;अपद्ध ब्4भ्10व् सूत्रा प्रदश्िार्त करने वाले ऐल्कोहाॅल के समायवयवियों के क्वथनांकों में अन्तर क्यों होता है?

RELOAD if chapter isn't visible.