लेन - देनों का अभ्िालेखन - 1 3 अध्िगम उद्दे}य इस अध्याय के अध्ययन के उपरांत आपः ऽ लेन - देनों की प्रकृति और ड्डोत प्रलेखों का वणर्न कर पाएंगे। ऽ लेखांकन प्रमाणकों को तैयार करने की प्रिया समझा सकेंगे ऽ लेन - देनों के प्रभाव को समझाने के लिए लेखांकन समीकरण को लागू कर पाएंगे। ऽ लेन - देनों के अभ्िालेखन में नाम व जमा पक्ष के नियमों का पालन कर पाएंगे। ऽ प्रारंभ्िाक प्रविष्िट पुस्तक में लेन - देनों का अभ्िालेखन कर पाएंगे। ऽ खाता बही की व्याख्या कर पाएंगे व रोजनामचे की प्रविष्िटयों को खाता बही में दजर् कर पाएंगे। अध्याय 1 एवं 2 में यह उल्लेख किया गया है कि किस प्रकारलेखांकन का विकास महत्त्वपूणर् वित्तीय सूचनाओं के ड्डोत के रूप में हुआ है। यह भी बताया जा चुका है कि लेखांकन से तात्पयर् उन व्यवसायिक लेन - देनों के विस्तृत विश्लेषण, अभ्िालेखन, वगीर्करण, संक्ष्िाप्ितकरण व प्रस्तुतिकरण से है जिनके विषय में सूचनाएँ विभ्िान्नवित्तीय सूचनाओं के उपयोगकत्तार्ओं के लिए महत्त्वपूणर् है। हम इस अध्याय में लेखांकन प्रिया में निहित प्रत्येक चरण की विस्तृत चचार्करेंगे। इस प्रिया में सवर्प्रथम आप समझेंगे कि किस प्रकार ड्डोत प्रलेखों के विश्लेषण से एक लेन - देन का दोहरा प्रभाव ज्ञात होता है। पिफर इस आधर पर उसका अभ्िालेखन प्रारंभ्िाक प्रविष्िट की मूल पुस्तक रोजनामचे में किया जाता है जहाँ से उसका हस्तांतरण व्यक्ितगत खातों की प्रधन पुस्तक, खाता बही में किया जाता है। 3ण्1 व्यावसायिक सौदे व ड्डोत प्रलेख आपवेफ पिता आपको परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के प्रोत्साहन स्वरूप एक कंप्यूटर खरीद कर देना चाहते हैं। इसलिए आप उनके साथ बाजार गए। वहाँ वितरक ने आपको कंप्यूटर के मूल्य के भुगतान, जो कि 35ए000 रु. था के साथ रोकड़ पचीर् ;कैश मैमोद्ध भी दी। नकद के बदले में कंप्यूटर का क्रय, सौदे का एक उदाहरण है। इसके अंतगर्त दो पारस्परिक विनिमय हुए हैं ;पद्ध रोकड़ का भुगतान ;पपद्ध कंप्यूटर की सुपुदर्गी। इसलिए इस सौदे में दो पक्ष निहित हैं, देना व लेना। रोकड़ का भुगतान देना पक्ष है तथा कंप्यूटर की सुपुदर्गी लेना पक्ष। इस प्रकार व्यवसाय में आथ्िार्क प्रतिपफल की इच्छा से विभ्िान्न पाटिर्यों के मध्य होने वाले लेन - देनों का दोहरा प्रभाव पड़ता है तथा अभ्िालेखन भी कम से कम दो खातों में होता है। व्यवसाय में विभ्िान्न सौदों के लिए कइर् प्रकार के प्रलेखों का उपयोग होता है। सौदों के अभ्िालेखन के लिए आवश्यक है कि उनका प्रमाण उचित प्रलेखों जैसे - रोकड़ पचीर्, बीजक, विक्रय बिल, जमा पचीर्, चैक, वेतन पचीर्, आदि द्वारा किया जा सके। कोइर् प्रलेख जो किसी सौदे को प्रमाण्िाकता प्रदानकरता है, ‘‘ड्डोत प्रलेख’’ कहलाता है। कइर् बार छोटे व्ययों के लिए लेखांकन प्रलेख भी ड्डोत प्रलेखों का कायर् करते हैं। लेखांकन प्रलेखों पर क्रम संख्या डालकर उन्हें कालक्रमानुसार अलग पफाइल में संकलित किया जाता है। इन्हीं प्रमाणकों के आधर पर लेन - देनों की खतौनी की जाती है। लेखांकन प्रमाणकों का कोइर् मान्य प्रारूप उपलब्ध् नहीं है तथा इनका वगीर्करण रोकड़ प्रमाणक, नाम प्रमाणक, जमा प्रमाणक, व सामान्य प्रमाणकों के रूप में कर सकते हैं। व्यवहार में प्रयुक्त एक प्रमाणक का नमूना चित्रा 3ण्1 में देखा जा सकता है। सौदा प्रमाणक पफमर् का नाम प्रमाणक सं तिथ्िा: नाम खाता: जमा खाता: राश्िा ;रु.द्धः विवरण: अनुमोदन करने वाला बनाने वाला चित्रा 3ण्1 सौदा प्रमाणक का प्रारुप चित्रा 3ण्1ण्1 लेखांकन प्रमाणक की तैयारी प्रमाणको का लेखांकन उदाहरणाथर्, रोकड़ पचीर्, नाम प्रमाणक, जमा प्रमाणक, जनर्ल प्रमाणक आदि मेंवगीर्कृत किया जा सकता है। लेखांकन प्रमाणकों का कोइर् विशेष प्रारूप नहीं होता है। व्यवहार में प्रयोग किये जाने वाले सौदे प्रमाणक का प्रारूप चित्रा 3ण्1 में दशार्या गया है। इन सभी प्रमाणों को तब तक संभाल कर रखना चाहिए जब तक कि उस अवध्ि विशेष के खातों का अंकेक्षण और कर निधर्रण न कर लिया जाए क्योंकि यह लेखांकित सौदों से संबंध्ित प्रलेख हैं।आजकल लेखांकन प्रिया कंप्यूटिªकृत हो गइर् है तथा सौदों को अभ्िालिख्िात करने के लिए कोड सं, खाते का नाम जिसे नाम अथवा जमा करना है सहित प्रमाणक तैयार किये जाते हैं। वह सौदा जिसमें केवल एक नाम व जमा पक्ष सन्िनहित होते है, उसके लिए सौदा प्रमाणक का निमार्ण किया जाता है। चित्रा 3ण्2 में नाम प्रमाणक एवं जमा प्रमाणक का प्रारुप दशार्या गया है। चित्रा 3ण्29 नाम प्रमाणक एवं जमा प्रमाणक का प्रारुप ऐसे सौदे जिनमें एकाध्िक नाम व जमा पक्ष सन्िनहित होते हैं जटिल सौदे कहलाते हैं। ऐसे लेन - देनों के प्रलेख साक्ष्य के लिए जो प्रमाणक तैयार किए जाते हैं वे जटिल प्रमाणक रोजनामचा प्रमाणक कहलाते हैं। चित्रा 3ण्3 जटिल प्रमाणक का प्रारूप प्रस्तुत है। चित्रा 3ण्3ः जटिल सौदे के प्रमाणक का प्रारुप सौदे के प्रमाणक का प्रारूप बहुत कुछ व्यवसाय की प्रकृति आवश्यकता व सुविध पर निभर्र करता है। इस प्रकार के सौदे के प्रमाणकों का कोइर् प्रमाण्िाक प्रारूप निश्िचत नहीं है। इसके लिए न केवल अलग - अलग रंगों के कागजों का इस्तेमाल होता है अपितु अलग - अलग बनावट के अक्षरों का प्रयोग भी किया जाता है। ताकि विभ्िान्न प्रमाणकों में अंतभेर्द किया जा सके। पूवर् पृष्ठों में भ्िान्न प्रमाणकों के कुछ नमूने दिखाए जा चुके हैं। लेकिन किसी सौदे के प्रमाणक में निम्न आवश्यक तत्व होने चाहिएः ऽ वह एक अच्छे किस्म के कागज पर लिखा गया हो। ऽ प्रमाणक में सबसे उफपर पफमर् का नाम छपा हो। ऽ तिथ्िा के सामने लेन - देन की तिथ्िा लिखी जाएगी न कि उसके अभ्िालेखन की। ऽ प्रमाणक क्रम संख्याब( होने चाहिए। ऽ जिस खाते में नाम या जमा में प्रविष्िट होनी हैं वह भी प्रमाणक पर लिखा होना चाहिए। ऽ राश्िा के सम्मुख नाम या जमा की जाने वाली राश्िा अंकों में लिखी होनी चाहिए। ऽ खातों के अनुसार सौदे का विस्तृत विवरण होना चाहिए। ऽ प्रमाणक बनाने वाले व्यक्ित को नियत स्थान पर अपने हस्ताक्षर करने चाहिए। ऽ अध्िकृत व्यक्ित को अनुमोदन करने वाले व्यक्ित के लिए नियत स्थान पर हस्ताक्षर करने चाहिए। 3ण्2 लेखांकन समीकरण लेखांकन समीकरण लेखा - पुस्तकों में नाम व जमा पक्षों के संतुलन पर आधरित है। इसके अनुसारव्यवसाय वुफल परिसंपिायों का योग सदैव उसकी देयताओं व स्वामी की पूंजी के योग के बराबर रहता है। जब इस संबंध् को एक समीकरण का रूप दिया जाता है तो उसे लेखांकन समीकरण कहते हैं। ;।द्ध परिसंपिायों त्र ;स्द्ध देयताएँ ़ पूँजी ;ब्द्ध इसी समीकरण को निम्न अन्य रूपों में भी प्रयोग किया जा सकता है परिसंपिायाँ ;।द्ध √ देयताएँ ;स्द्ध त्र पूँजी ;ब्द्ध परिसंपिायाँ ;।द्ध √ पूँजी ;ब्द्ध त्र देयताएँ ;स्द्ध क्योंकि लेखांकन समीकरण तुलन - पत्रा के विभ्िान्न घटकों के परस्पर मूलभूत संबंध् को प्रदश्िार्त करता है इसलिए इसे तुलन - पत्रा समीकरण भी कहते हैं। जैसा कि नाम से ही विदित है कि तुलन - पत्राव्यवसाय की परिसंपिायों, देयताओं व पूँजी का विवरण है। किसी भी दिए हुए समय बिंदु पर यहआवश्यक है कि व्यवसाय की परिसंपिायों का मूल्य उसके वित्तीय ड्डोतों की दावेदारियों के बराबर हो। बाह्य देनदार व स्वामी व्यवसाय को चलाने के लिए ध्न उपलब्ध् करवाते हैं। इसीलिए स्वामी की दावेदारी को पूँजी कहा जाता है तथा बाह्य देनदारों की दावेदारी को देयताएँ। इस समीकरण का प्रत्येकघटक तुलन - पत्रा का भाग है जो कि एक तिथ्िा विशेष को व्यवसाय की वित्तीय स्िथति का उल्लेख करती है। जब हम किसी सौदे का विश्लेषण करते हैं तो वास्तव में हम यह जानना चाहते हैं कि उसलेन - देन का व्यावसायिक इकाइर् के तुलन - पत्रा पर क्या प्रभाव पड़ा। इस तुलन - पत्रा के परिसंपिायोंवाली तरपफ व्यावसायिक इकाइर् के स्वामित्व वाली सभी परिसंपिायों की सूची होती है तथा देयताओं वाली तरपफ व्यवसाय की समस्त दावेदारियों, चाहे वह स्वामी की हो या बाह्य देनदार, की सूची रूप में लिखी जाती है। तुलन - पत्रा के दोनों पक्षों का संतुलन स्िथति विवरण के नाम को न्यायसंगत बनाता है तथा लेखांकन समीकरण के नाम को तुलन - पत्रा समीकरण के नाम से जानने की साथर्कता को भी सि( करता है। उदाहरणाथर्: रोहित ने 5ए00ए000 रु. की पूँजी से एक व्यवसाय इकाइर् प्रारंभ किया। लेखांकन केदृष्िटकोण से व्यावसायिक इकाइर् के पास वित्तीय ड्डोत के रूप में 5ए00ए000 रु. की नकद रोकड़ उपलब्ध् है। अथार्त रोहित जो कि व्यवसाय का स्वामी है उसकी पूँजी के रूप में व्यावसायिक इकाइर् के पास 5ए00ए000 रु. के ड्डोत उपलब्ध् है। ;संकल्पना को समझने के उद्देश्य से पूरे अध्याय में हम इसे उदाहरण ‘अ’ के रूप में उ(ृत करेंगेद्ध यदि हम उपरोक्त तथ्य को समीकरण के रूप में लिखें तो इस प्रकार का चित्रा उपस्िथत होगा रोहित की पुस्तवेंफ 2005 - - - - का तुलन - पत्रा उपरोक्त तुलन - पत्रा में परिसंपिायों का कुल मूल्य वुफल देयताओं के बराबर है क्योंकि अभी व्यवसाय आरंभ ही हुआ है तथा उसकी व्यापारिक गतिविध्ियाँ अभी आरंभ नहीं हुइर् हैं इसलिए उसने कोइर् लाभ भी नहीं कमाया है। इसी कारण व्यवसाय में निवेश्िात राश्िा भी ज्यों की त्यों 5ए00ए000 रु. ही है। यदि कोइर् लाभ कमा लिया जाएगा तो यह निवेश्िात राश्िा बढ़ जाएगी। दूसरी ओर यदि व्यवसाय में हानि होगी तो यह निवेश्िात राश्िा घट जाएगी। अब हम यह देखेंगे कि विभ्िान्न सौदे व्यवसाय की परिसंपिायों, देयताओं व पूँजी को किस प्रकार प्रभावित करते हैं। हम प्रत्येक लेन - देन का इस समीकरण पर प्रभाव देखते हुए यह अघ्ययन करेगें कि किस प्रकार प्रत्येक परिस्िथति में यह समीकरण संतुलित रहता है। अथार्त् । त्र स् ़ ब् आइये अब उदाहरण ‘अ’ में दिए गए लेन - देनों का विश्लेषण करते हुए लेखांकन समीकरण के विभ्िान्न घटकों पर इसके प्रभाव का अध्ययन करें। 1ण् स्टेट बैंक आॅपफ इंडिया में 4ए80ए000 रु. से एक बैंक खाता खोला। सौदे का विश्लेषण: इस लेन - देन से जहाँ एक ओर रोकड़ में 4ए80ए000 रु. की कमी हुइर्वहाँ दूसरी ओर बैंक खाता ;अन्य परिसंपिाद्ध में 4ए80ए000 रु. की वृि हुइर्। 2ण् व्यवसाय के लिए 60ए000 रु. मूल्य का पफनीर्चर खरीदा व भुगतान के लिए चैक जारी किया। सौदे का विश्लेषण: इस लेन - देन में पफनीर्चर नामक परिसंपिा में 60ए000 रु. की वृि हुइर्तथा बैंक खाते ;संपिाद्ध में उतनी ही राश्िा की कमी। 3ण् मै. रामजी लाल से 10ए000 रु. की अगि्रम राश्िा का भुगतान कर 1ए25ए000 रु. मूल्य का प्लांट व मशीनरी खरीदी। सौदे का विश्लेषण: इस लेन - देन में 1ए25ए000 रु. के प्लांट व मशीनरी का मै. रामजी लाल से उधर क्रय किया गया है जिसके बदले में केवल 10ए000 रु. की अगि्रम राश्िा का भुगतानहुआ है। इस स्िथति में प्लांट व मशीनरी ;परिसंपिाद्ध में 1ए25ए000 रु. की वृि हुइर् है साथ ही रोकड़ में 10ए000 रु. की कमी तथा समीकरण में दूसरी ओर मै. रामजी लाल ;देयताद्ध नामक देनदार की 1ए15ए000 रु. की वृि हुइर् है। संक्ष्िाप्त रूप में लेन - देनों पर प्रभाव इस प्रकार दशार्या जाएगा ;आंकड़े रुपयांे मेंद्ध सौदा संरोकड़ बैकंपरिसंपिायाँ माल पफनीर्चर प्लांट व कलुदेयताएँ पूँजी योग देनदार स्टाॅक मशीनरी परिसंपिायाँ 5ए00ए000 5ए00ए000 ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् 5ए00ए000 5ए00ए0001ण् ;4ए80ए000द्ध 4ए80ए000 ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् नया संतुलन20ए000 4ए80ए000 5ए00ए000 5ए00ए000 5ए00ए0002ण् ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् ;60ए000द्ध 60ए000 ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् ण्ण्ण्ण्ण्ण्ण् नया संतुलन 20ए000 4ए20ए000 60ए000 5ए00ए000 5ए00एए000 5ए00ए0003ण् ;10ए000द्ध 1ए25ए000 1ए15ए000 1ए15ए000 1ए15ए000 नया संतुलनण् 10ए000 4ए20ए000 60ए000 1ए25ए000 6ए15ए000 1ए15ए000 5ए00ए000 6ए15ए0004ण् 55ए000 55ए000 55ए000 55ए000 नया संतुलन 10ए000 4ए20ए000 55ए000 60ए000 1ए25ए000 6ए70ए000 1ए70ए000 5ए00ए000 6ए70ए0005ण् 35ए000 ;25ए000द्ध 10ए000 10ए000 10ए000 अंतिम संतुलन 10ए000 4ए20ए000 35ए000 30ए000 60ए000 1ए25ए000 6ए80ए000 1ए70ए000 5ए10ए000 6ए80ए000 4ण् मै. सुमित ट्रेडसर् से 55ए000 रु. मूल्य का माल क्रय किया। सौदे का विश्लेषणः इस लेन - देन से माल ;परिसंपिाद्ध में 55ए000 रु. की वृि हुइर् तथा मैसुमित ट्रेडसर् ;देयताद्ध जो कि माल के पूतिर्कार उनकी देय राश्िा में भी 55ए000 रु. की वृि हुइर्। 5ण् 25ए000 रु. मूल्य का माल रजनी एन्टरप्राइजेज को 35ए000 रु. में बेचा। सौदे का विश्लेषण: माल का स्टाॅक 25ए000 रु. से कम हो जाएगा व रजनी एन्टरप्राजेजनामक देनदार ;परिसंपिाद्ध में 35ए000 रु. की वृि होगी तथा दूसरी ओर पूँजी में भी 10ए000 रु. की लाभ से वृि होगी। विभ्िान्न लेन - देनों के लेखांकन समीकरण पर प्रभाव को निम्न तालिका में दिखाया गया है। अंतिम समीकरण को सारांश में निम्न तुलन - पत्रा के रूप में भी दशार्या जा सकता हैः - - - - 2005 को तुलन - पत्रा देयताएँ राश्िा ;रु.द्ध परिसंपिायां राश्िा ;रु.द्ध बाह्य दावेदारियां ;लेनदारद्ध पूँजी 1ए70ए000 5ए10ए000 रोकड़ बैंक देनदार माल पफनीर्चर प्लांट व मशीनरी 10ए000 4ए20ए000 35ए000 30ए000 60ए000 1ए25ए000 6ए80ए000 6ए80ए000 लेखांकन समीकरण के रूप में उपरोक्त सूचना का प्रस्तुतिकरण इस प्रकार होगा। अथार्त्, परिसंपिायाँ त्र देयताएँ ़ पूँजी 6ए80ए000 रु.त्र 1ए70ए000 रु.़ 5ए10ए000 रु3ण्3 नाम व जमा का प्रयोग जैसा कि पहले भी बताया गया है कि प्रत्येक सौदे के दो पक्ष होते हैं एक लेने का और एक देने का। द्वि - अंकन लेखा प्रणाली के अनुसार प्रत्येक सौदे का लेखा दो स्थानों पर किया है इसलिए लेखा करते समय यह देखना आवश्यक है कि जितनी राश्िा को नाम पक्ष में लिखा गया है उतनी ही राश्िा को जमा पक्ष में भी लिखा जाए। लेखांकन में नाम व जमा का अथर् है कि सौदे को नाम में यानि कि बायीं ओर लिखना है या जमा में अथार्त् दायीं ओर लिखना है। एक खाता अंग्रेजी भाषा के अक्षर ज् की भाँति दिखाइर् देता है, और सामान्य भाषा में इसे ज् आकार का खाता ही कहते हैं, यहाँ यह बात ध्यान देने योग्य है कि खाते का ज् आकार उसमें बायीं और दायीं ओर सौदा के कारण होने वाली वृियों व कमियों की प्रविष्िटयाँ करने की सुविध उपलब्ध् करवाता है। यह वषर् के अंत में प्रत्येक अवयव के कारण व्यापार की स्िथति पर पड़े प्रभाव का पता लगाने में भी सहायक होता है। उदाहरणाथर्ः एक ग्राहक के खाते की दायीं ओर ;नामद्ध उसे बेची गइर् वस्तुओं की प्रविष्िट की जाएगी तथा बायीं ओर ;जमाद्ध उससे प्राप्त भुगतानों की। यदि इन दोनों पक्षों की वुफल जमा में वुफछ अंतर है तो उसे शेष कहा जाता है, जो कि उस ग्राहक द्वारा देय राश्िा के शेष को प्रदश्िार्त करता है। ज् आकार के खाते की बायीं ओर का नाम ;लघु नाम क्तण्द्ध तथा दायीं ओर को जमा ;लघु नाम ब्तण्द्ध नामों से जाना जाता है। जब किसी राश्िा को बायीं ओर लिखा जाता है तो उस खाते को नाम करना कहा जाता है तथा जब प्रविष्िट दायीं ओर लिखना हो तो खाते को जमा करना कहा जाता है। खाता शीषर्क नाम जमा बायीं ओर दायीं ओर 3ण्3ण्1 नाम व जमा के नियम लेन - देनों को अभ्िालिख्िात करने की दृष्िट से सभी खातों को पाँच वगोर् में वगीर्कृत किया जा सकता है। ;1द्धपरिसंपिा ;2द्ध देयता ;3द्धपूँजी ;4द्ध व्यय/हानियाँ ;5द्धआगम/लाभ खातों में सौदों को अभ्िालिख्िात करने के लिए दो मूलभूत नियमों का पालन किया जाता है। ;1द्ध परिसंपिा, व्यय व हानि खातों में परिवतर्न के लिए नियमः ;पद्ध परिसंपिा में वृि को नाम व कमी का जमा पक्ष में दजर् किया जाएगा। ;पपद्ध व्ययों/हानियों में वृि को नाम व कमी को जमा पक्ष में दजर् किया जाएगा। ;2द्ध देयताओं, पूँजी, आगम व लाभों में परिवतर्न के लिए नियमः ;पद्ध देयताओं में वृि को जमा व कमी को नाम पक्ष में दजर् किया जाएगा। ;पपद्ध पूँजी में वृि को जमा व कमी को नाम पक्ष में दजर् किया जाएगा। ;पपपद्ध आगम/लाभ में वृि को जमा पक्ष में व कमी को नाम पक्ष में दजर् किया जाएगा। 52 लेखाशास्त्रा - वित्तीय लेखांकन परिसंपिा ;वृिद्ध ़ ;नामद्ध ;कमीद्ध œ ;जमाद्ध नाम व जमा के नियम ;दृश्यद्ध देयताएँ ;कमीद्ध ;वृिद्ध œ ़ ;नामद्ध ;जमाद्ध ;कमीद्ध œ ;नामद्ध पूँजी ;वृिद्ध ़ ;जमाद्ध आगम/लाभ ;कमीद्ध ;वृिद्ध œ ़ नाम जमा व्यय/हानि ;वृिद्ध ;कमीद्ध ़ œ नाम जमा पृष्ठ 47 पर दिए गए विभ्िान्न लेन - देनों के माध्यम से आइए अब नाम व जमा के इन नियमों का प्रयोग करना सीखें। ध्यानपूवर्क पृष्ठ 49 पर दी गइर् विश्लेषण तालिका का अध्ययन करें। अन्य प्रकार की घटनाओं का उदाहरण देने के लिए इसी उदाहरण में तीन लेन - देन जोड़ दिए गए हैं ;7 से 9द्ध 1ण् रोहित ने 5ए00ए000 रु. नकद से व्यवसाय प्रारंभ किया। सौदे का विश्लेषण एक तरपफ नकद में वृि हुइर् है तो दूसरी तरपफ पूँजी में। नियमानुसारपरिसंपिायों में वृि की प्रविष्िट नाम में की जाती है तो पूँजी में वृि की प्रविष्िट जमा में। इसलिए इस सौदे को अभ्िालिख्िात करने के लिए रोकड़ खाते के नाम व रोहित के पूँजी खाते के जमा 2ण् 4ए80ए000 रु. से एक बैंक खाता खोला सौदे का विश्लेषण: इस सौदे के पफलस्वरूप जहाँ एक ओर रोकड़ में कमी आइर्, वहीं बैंक में पक्ष में लेखा किया जाएगा। रोकड़ खाता पूँजी खाता ;1द्ध 5ए00ए000 ;1द्ध 5ए00ए000 जमा रोकड़ में वृि की नाम व कमी को जमा पक्ष में लिखा जाता है। इसलिए इस प्रविष्िट को अभ्िालिख्िात करने के लिए बैंक खाते को नाम में व रोकड़ खाते को जमा में लिखा जाएगा। रोकड़ खाता बैंक खाता ;1द्ध 5ए00ए000 ;2द्ध 4ए80ए000 ;2द्ध 4ए80ए000 3ण् व्यवसाय के लिए 60ए000 रु. मूल्य का पफनीर्चर खरीदा व भुगतान के लिए चेक जारी किया सौदे का विश्लेषण: इस लेन - देन से जहाँ एक ओर पफनीर्चर ;परिसंपिाद्ध में वृि हुइर् है वहीं बैंक खाते ;परिसंपिाद्ध में 60ए000 रु. की कमी आइर् है। इसलिए इस लेन - देन की प्रविष्िट पफनीर्चर खाते में नाम व बैंक खाते में जमा पक्ष की ओर की जाएगी। पफनीर्चर खाता बैंक खाता ;3द्ध 60ए000 ;2द्ध 4ए80ए000 ;3द्ध 60ए000 4ण् मै. रामजी लाल से 10ए000 रु. की अगि्रम राश्िा का भुगतान कर 1ए25ए000 रु. मूल्य का प्लांट व मशीनरी खरीदी सौदे का विश्लेषण: इस लेन देन में राम जी लाल से प्लांट व मशीनरी का उधर क्रय किया गया है जिसके बदले में केवल 10ए000 रु. की अगि्रम राश्िा का भुगतान हुआ है। इस स्िथति में प्लांटव मशीनरी ;परिसंपिाद्ध में 1ए25ए000 रु. की वृि हुइर् है। साथ ही रोकड़ में 10ए000 रु. की कमी व देनदारियों में 1ए15ए000 रु. की वृि हुइर् है। इसलिए इस प्रविष्िट का लेखांकन प्लांट व मशीनरी खाते के नाम पक्ष में व रोकड़ व मै. राम जी लाल के खाते में जमा पक्ष में होगा रोकड़ खाता प्लांट व मशीनरी खाता ;1द्ध 5ए00ए000 ;2द्ध 4ए80ए000 ;4द्ध 1ए25ए000 ;4द्ध 10ए000 रामजी लाल का खाता ;4द्ध 1ए15ए000 5ण् मै. सुमित टेªडसर् से 55ए000 रु. मूल्य का माल क्रय किया सौदे का विश्लेषण: इस लेन देन से माल ;परिसंपिाद्ध में 55ए000 रु. से वृि हुइर् तथा मै. सुमित ट्रेडसर् जो कि माल के पूतिर्कार हंै उनको देय राश्िा में भी 55ए000 रु. की वृि हुइर्। इसलिए इस प्रविष्िट का लेखा करने के लिए माल खाते के नाम पक्ष में व लेनदार मै. सुमित ट्रेडसर् के खाते के जमा पक्ष में राश्िा लिखी जाएगी। क्रय खाता सुमित ट्रेडसर् का खाता ;5द्ध 55ए000 ;5द्ध 55ए000 6ण् 25ए000 रु. मूल्य का माल रजनी एन्टरप्राइिाश को 35ए000 रु. में बेचा। सौदे का विश्लेषणः यह सौदा विक्रय ;आगमद्ध में वृि व रजनी एन्टरप्राइिाश ;देनदारद्ध में भी वृि आएगी। विक्रय खाता रजनी एन्टरपाइिाश खाता ्र;6द्ध 25ए000 ;6द्ध 35ए000 7ण् मासिक किराए के रूप में 25ए000 रु. का नकद भुगतान किया। सौदे का विश्लेषण: किराया एक व्यय है इसके भुगतान से पूँजी में कमी आती है लेकिन इसका द्विपक्षीय प्रभाव किराए खाते व रोकड़ खाते पर पड़ता है। इसलिए इस लेन - देन की प्रविष्िट का किराए खाते के नाम व रोकड़ खाते के जमा में लेखा किया जाएगा । किराया खाता रोकड़ खाता ;7द्ध 2ए500 ;1द्ध 5ए00ए000 ;2द्ध 4ए80ए000 ;4द्ध 10ए000 ;7द्ध 2ए500 8ण् कायार्लय के कमर्चारियों को 5ए000 रु. नकद वेतन के रूप में दिए। सौदे का विश्लेषण: वेतन का भुगतान व्यय है तथा इससे भी पूँजी में कमी आती है। अतः इसका द्विपक्षीय प्रभाव भी रोकड़ खाते व वेतन खाते पर पड़ेगा तथा प्रविष्िट के लिए वेतन खाते के नाम व रोकड़ खाते के जमा पक्ष में लेखा किया जाएगा वेतन खाता रोकड़ खाता ;8द्ध 5ए000 ;1द्ध 5ए00ए000 ;2द्ध4ए80ए000 ;4द्ध 10ए000 ;7द्ध 2ए5000 ;8द्ध 5ए000 9ण् रजनी एन्टरप्राइिाश ने उधर का भुगतान चेक द्वारा किया सौदे का विश्लेषण: इस लेन - देन के प्रभाव स्वरूप जहाँ एक ओर बैंक खाते ;परिसंपिाद्ध में वृिहोगी वहीं एक देनदार ;परिसंपिाद्ध रजनी एन्टरप्राइिाश के खाते में कमी आ जाएगी। अतःपरिसंपिा में वृि को नाम पक्ष व कमी का जमा पक्ष में प्रविष्ट किया जाएगा। इसलिए इस लेन - देन की प्रविष्िट हेतु बैंक खाते के नाम व रजनी एन्टरप्राइिाश के खाते के जमा की ओर लेखा किया जाएगा रजनी एन्टरप्राइिाश बैंक खाता ;6द्ध 35ए000 ;9द्ध 35ए000 ;2द्ध 4ए80ए000 ;3द्ध 60ए000 ;9द्ध 35ए000 स्वयं जाँचिए .1 1ण् द्विअंकन लेखांकन के लिए आवश्यक हैः ;अद्ध सभी लेन - देन जिनके कारण परिसंपिायों के नाम में प्रविष्िट हो उनके जमा पक्ष की प्रविष्िट देयताओं अथवा पूँजी में हो।;बद्ध जिन लेन - देनों की प्रविष्िट देयताओं के नाम में हो उनकी प्रविष्िट परिसंपिायों कीे जमा में हो। ;सद्ध प्रत्येक लेन - देन की प्रविष्िट इस प्रकार हो कि उसकी कुल राश्िा का लेखा भ्िान्न खातों के नाम व जमा पक्ष में हो। 2ण् उन विभ्िान्न लेन - देनों का उल्लेख करें जिनके प्रभाव से पूँजी खाते में वृि अथवा कमी आती है। 3ण् क्या प्रत्येक नाम का अथर् वृि व जमा का अथर् कमी होता है? 4ण् निम्न में से कौन सा उत्तर सामान्यतः प्रयोग में आने वाले खाते का उचित वगीर्करण करता है। ;1द्ध भवन ;2द्ध मजदूरी ;3द्ध उधर विक्रय ;4द्ध उधर क्रय ;5द्ध बकाया विद्युत व्यय ;6द्ध गोदाम किराए का अगि्रम भुगतान ;7द्ध विक्रय ;8द्ध नइर् पूँजी का निवेश ;9द्ध आहरण ;10द्ध दिया गया बट्टा परिसंपिायाँ देयताएँ पूँजी आगम व्यय ;अद्ध 5ए4 3 9ए6 2ए10 8ए7 ;बद्ध 1ए6 4ए5 8 7ए3 2ए9ए10 ;सद्ध 2ए10ए4 4ए6 8ए 7ए5 1ए3ए9ए उदाहरण 1 प्रत्येक लेन - देन का विश्लेषण कर यह दिखाइए कि हर स्िथति में परिसंपिायाँ, देयताएँ व पूँजी पर क्या प्रभाव पड़ा? तथा लेखांकन समीकरण । त्र स् ़ ब् संतुलित ही रहा। ;पद्ध 8ए00ए000 रु. की पूँजी व 50ए000 रु. के माल के स्टाॅक से व्यवसाय प्रारंभ किया। ;पपद्ध 15ए000 रु. का अगि्रम भुगतान कर 3ए00ए000 रु. मूल्य के प्लांट का क्रय किया जिसकी शेष राश्िा का भुगतान बाद में होगा। ;पपपद्ध बैंक खाते में 6ए00ए000 रु. जमा करवाया। ;पअद्ध आॅपिफस के लिए 1ए00ए000 रु. मूल्य का पफनीर्चर खरीदा व चेक से भुगतान किया। ;अद्ध 80,000 रु. मूल्य का नकद माल व 35ए000 रु. का उधर माल खरीदा। ;अपद्ध 45,000 रु. मूल्य का माल 60ए000 रु. नकद पर बेचा। ;अपपद्ध 80,000 रु. मूल्य की वस्तुओं का 1ए25ए000 रु. में उधर विक्रय किया। ;अपपपद्ध वस्तुओं/माल के पूतिर्कारों को भुगतान के लिए 35ए000 रु. मूल्य के चेक जारी किए। ;पगद्ध ग्राहक से 75ए000 रु. का चेक प्राप्त किया। ;गद्ध व्यक्ितगत प्रयोग के लिए 25ए000 रु. की राश्िा आहरित की। ;2द्ध सौदे का प्रभाव परिसंपिा की ओर रोकड़ व प्लांट तथा मशीनरी पर दिखाइर् देगा तथा देयताओं पर भी अंतर दृष्िटगोचर होगा। प्लांट व मशीनरी 3ए00ए000 रु. से बढ़ जाएंगे। रोकड़ में 15ए000 रु. से कमी आएगी तथा देयताओं में प्लांट व मशीनरी का उधर विक्रय करने वाली पाटीर् के प्रति व्यवसाय की देयताओं में 2ए85ए000 रु. की वृि होगी। ;3द्ध सौदे का प्रभाव केवल परिसंपिायों पर ही पड़ेगा । इसके पफलस्वरूप परिसंपिायों के संयोजन में परिवतर्न आ जाएगा । रोकड़ में 6ए00ए000 रु. की कमी आ जाएगी जबकि बैंक खाता इसी राश्िा से बढ़ जाएगा। ;4द्ध सौदे के प्रभावस्वरूप भी परिसंपिायों के संयोजन में परिवतर्न आ जाएगा और परिणामतः पफनीर्चर में 1ए00ए000 रु. की वृि व बैंक खाते में इसी राश्िा से कमी प्रदश्िार्त की जाएगी। ;5द्ध सौदे का प्रभाव परिसंपिायों व देयताओं दोनों ओर परिलक्ष्िात होगा । स्टाॅक में कुल 1ए15ए000 रु. के माल की वृि होगी। रोकड़ में नकद क्रय किए गए माल के मूल्य के बराबर 8ए,000 रु. की राश्िा की कमी होगी तथा देयताओं में उधर खरीदे गए माल के मूल्य के बराबर की राश्िा अथार्त् 35ए000 रु. से वृि होगी। ;6द्ध सौदे का प्रभाव जहाँ एक ओर रोकड़ व स्टाॅक नामक परिसंपिायों पर दिखाइर् देगा वहीं दूसरी ओर पूँजी पर भी दिखाइर् देगा। रोकड़ में 60ए000 रु. से वृि होगी तथा माल के स्टाॅक में 45ए000 रु. से कमी तथा पूँजी में 15ए000 रु. के लाभ से वृि हो जाएगी। ;7द्ध सौदे से भी परिसंपिायां व पूँजी दोनों ही पक्ष प्रभावित होगें। माल के स्टाॅक में 80ए000 रु. से कमी आएगी तथा देनदारों में 1ए25ए000 रु. से वृि होगी तथा पूंजी में लाभ के 45ए000 रु. जोड़ दिए जाएँगे। ;8द्ध सौदे के प्रभावस्वरूप परिसंपिा पक्ष में बैंक खाता व देयताओं पर असर पड़ेगा। बैंक खाते व देयताओं दोनों में 35ए000 रु. की कमी होगी। ;9द्ध सौदे से केवल परिसंपिायों के संयोजन में परिवतर्न आएगा क्योंकि बैंक खाता 75ए000 रु. से बढ़ जाएगा व देनदार इसी राश्िा से कम हो जाएँगे। ;10द्ध सौदे का प्रभाव लेखांकन समीकरण के दोनों पक्षों पर पड़ेगा । जहाँ एक ओर रोकड़ में 25ए000 रु. की कमी आएगी वहीं पूँजी में भी 25ए000 रु. की कमी आएगी। 56 लेखाशास्त्रा - वित्तीय लेखांकन हल ;1द्ध सौदे का प्रभाव परिसंपिायों में रोकड़ व स्टाॅक पर पड़ेगा व दूसरी ओर पूँजी पर पड़ेगा। रोकड़ में 8ए00ए000 रु. से स्टाॅक में 50ए000 रु. से वृि प्रदश्िार्त होगी तथा कुल पूँजी की राश्िा 8ए50ए000 रु., होगी परिसंपिायाँ रोकड़ ़ रहतिया ;स्टाॅकद्ध 8ए00ए000़ 50ए000 त्र त्र देयताएँ ़ पूँजी 8ए50ए000 योग 8ए50ए000 त्र 8ए50ए000 परिसंपिायां रोकड़ ़ रहतिया ;स्टाॅकद्ध ़ संयंत्रा 8ए00ए000 ़ 50ए000 ;15ए000द्ध 3ए00ए000 7ए85ए000 ़ 50ए000 ़3ए00ए000 त्र त्र त्र त्र देयताएं ़ पूँजी 8ए50ए000 2ए85ए000 2ए85ए000 ़ 8ए50ए000 योग 11ए35ए000 त्र 11ए35ए000 परिसंपिायाँ रोकड़ ़ रहतिया ;स्टाॅकद्ध ़ संयंत्रा ़ बैंक 7ए85ए000़ 5ए0000 ़ 3ए00ए000 ;6ए00ए000द्ध ़ 6ए00ए000 1ए85ए000 ़ 50ए000 ़ 3ए00ए000़ 6ए00ए000 त्र त्र त्र त्र देयताएंँ ़ पूँजी 2ए85ए000 ़ 8ए50ए000 2ए85ए000 ़ 8ए50ए000 योग 11ए35ए000 त्र 11ए35ए000 परिसंपिायांरोकड़ ़ रहतिया ़ प्लांट व ़ बैंक ़ पफनीर्चरमशीनरी1ए85ए000़ 50ए000 ़ 3ए00ए000 ़ 6ए00ए000 ;1ए00ए000द्ध ़ 1ए00ए000 1ए85ए000़ 50ए000 ़3ए00ए000 ़5ए00ए000 ़ 1ए00ए000 त्र देयताएँ ़ पूँजी त्र 2ए85ए000 ़ 8ए50ए000 त्र 2ए85ए000 ़ 8ए50ए000 योग 11ए35ए000 त्र 11ए35ए000 परिसंपिायां रोकड़ ़ रहतिया ़ प्लांट व ़ बैंक ़ पफनीर्चर मशीनरी1ए85ए000़ 50ए000 ़3ए00ए000 ़5ए00ए000 ़ 1ए00ए000 ;80ए000द्ध ़1ए15ए000 1ए05ए000 ़ 1ए65ए000 ़3ए00ए000 ़5ए00ए000 ़ 1ए00ए000 त्र देयताएँ ़ पूँजी त्र 2ए85ए000 ़ 8ए50ए000 त्र 35ए000 त्र 3ए20ए000 ़8ए50ए000 योग 11ए70ए000 त्र11ए70ए000 परिसंपिायां रोकड़ ़ रहतिया ़ प्लांट व ़ बैंक ़ पफनीर्चर मशीनरी1ए05ए000 ़ 1ए65ए000 ़ 3ए00ए000 ़5ए00ए000 ़ 1ए00ए000 60ए000 ़ ;45ए000द्ध 1ए65ए000 ़ 1ए20ए000 ़3ए00ए000 ़5ए00ए000 ़ 1ए00ए000 त्र देयताएँ ़ पूँजी त्र 3ए20ए000 ़ 8ए50ए000 ़ 15ए000 त्र 3ए20ए000 ़ 8ए65ए000 योग 11ए85ए000 त्र11ए85ए000 परिसंपिायां रोकड़ ़ रहतिया ़ प्लांट व ़ बैंक ़ पफनीर्चर ़ देनदार मशीनरी1ए65ए000 ़ 1ए20ए000 ़ 3ए00ए000 ़5ए00ए000 ़ 1ए00ए000 ;80ए000द्ध ़ 1ए25ए000 1ए65ए000 ़ 40ए000 ़3ए00ए000 ़5ए00ए000 ़ 1ए00ए000 ़ 1ए25ए000 त्र त्र त्र त्र देयताएँ ़ पूँजी 3ए20ए000 ़ 8ए65ए000़ 45ए000 3ए20ए000 ़ 9ए10ए000 योग 12ए30ए000 त्र 12ए30ए000 परिसंपिायाँ रोकड़ ़ रहतिया ़ प्लांट व ़ बैंक ़ पफनीर्चर ़ देनदार मशीनरी 1ए65ए000 ़ 40ए000 ़ 3ए00ए000 ़5ए00ए000 ़ 1ए00ए000 ़ 1ए25ए000 ;35ए000द्ध 1ए65ए000 ़ 40ए000 ़ 3ए00ए000 ़4ए65ए000 ़ 1ए00ए000 ़ 1ए25ए000 त्र देयताएँ ़ पूँजी त्र 3ए20ए000 ़ 9ए10ए000 त्र ;35ए000द्ध त्र 2ए85ए000 ़ 9ए10ए000 योग 11ए95ए000 त्र11ए95ए000 परिसंपिायाँ रोकड़ ़ रहतिया ़ प्लांट व ़ बैंक ़ पफनीर्चर मशीनरी 1ए65ए000़ 40ए000 ़3ए00ए000 ़ 4ए65ए000 ़ 1ए00ए000 ़ 75ए000 1ए65ए000़ 40ए000 ़ 3ए00ए000 ़ 5ए40ए000 ़ 1ए00ए000 ़ देनदाऱ 1ए25ए000 ;75ए000द्ध ़ 50ए000 त्र देयताएँ ़ पूँजी त्र 2ए85ए000 ़ 9ए10ए000 त्र 2ए85ए000 ़ 9ए10ए000 योग 11ए95ए000 त्र 11ए95ए000 परिसंपिायां रोकड़ ़ रहतिया ़ प्लांट व ़ बैंक ़ पफनीर्चर मशीनरी 1ए65ए000़ 40ए000 ़ 3ए00ए000 ़ 5ए40ए000 ़ 1ए00ए000 ;25ए000द्ध 1ए40ए000़ 40ए000 ़3ए00ए000 ़5ए40ए000 ़ 1ए00ए000 ़ देनदार ़ 50ए000 ़ 50ए000 त्र देयताएँ ़ पूँजी त्र 2ए85ए000 ़ 9ए10ए000 ़ ;25ए000द्ध त्र 2ए85ए000 ़ 8ए85ए000 योग 11ए95ए000 त्र 11ए95ए000 3ण्4 प्रारंभ्िाक प्रविष्िट की पुस्तवेंफ अभी तक आपने नाम व जमा पक्ष के विषय में जाना तथा यह भी देखा कि किस प्रकार एक लेन - देन खातों को प्रभावित करता है। लेन - देन का विश्लेषण व उसको खातों में अभ्िालेखन प्रिया एक अच्छा अिागम अभ्यास है। लेकिन वास्तविक लेखांकन प्रणाली में लेन - देनों का अभ्िालेखन सीध्े खातों में नहीं किया जाता। वह पुस्तक जिसमें पहली बार लेन - देन की प्रविष्िट की जाती है रोजनामचा या प्रारंभ्िाक प्रविष्िट की पुस्तक कहलाती है। इस पुस्तक में सौदे का अभ्िालेखन करने के लिए उन ड्डोत प्रलेखों की अवश्यकता होती है जिनका वणर्न हम पहले ही कर चुके हैं। अभ्यास में प्रत्येक सौदे का संपूणर् लेखा व उसके सभी सम्पकर् सूत्रा अथार्त् नाम व जमा पक्ष संबंध्ी सूचना एक ही स्थान पर उपलब्ध् होते हैं। रोजनामचे में लेन - देन के नाम व जमा पक्ष का अभ्िालेखन करने के पश्चात उसे विभ्िान्न खातों में हस्तांतरित कर दिया जाता है। रोजनामचे में लेन - देनों के अभ्िालेखन को अंग्रेजी में जनर्लाइनजिंग कहते हैं। एक बार रोजनामचे में प्रविष्िट हो जाने पर उस घटना का संगठन पर संपूणर् उपयोगी प्रभाव जाना जा सकता है। रोजनामचे से सौदे का विभ्िान्न खातों में हस्तांतरण खतौनी कहलाता है। लेन - देनों के अभ्िालेखन में इस क्रम के कारण रोजनामचे को प्रारंभ्िाक प्रविष्िट की पुस्तक तथा खाता बही को प्रधान प्रविष्िट की पुस्तक कहा जाता है। इस संदभर् में यह बात जानने योग्य है कि कुछ लेन - देन ऐसे हैं जिनकी आवृति बड़ी संख्या में होती है जो रोजनामचे के आकार को बहुत कर देती है इसीलिए प्राथमिक प्रविष्िट की पुस्तक रोजनामचे को कइर् उप - पुस्तकों में विभक्त किया गया है जो कि निम्न हैः ;अद्धप्रमुख रोजनामचा ;बद्धरोकड़ बही ;सद्धअन्य दैनिक पुस्तवेंफ ;पद्ध क्रय बही ;पपद्ध विक्रय बही ;पपपद्ध क्रय वापसी बही ;पअद्ध विक्रय वापसी बही ;अद्ध प्राप्त बिल बही ;अपद्ध देय बिल बही इस अध्याय में आप रोजनामचा में प्रविष्िट की प्रिया व उसकी खतौनी खाता बही में करना सीखेंगे। रोकड़ बही व अन्य दैनिक पुस्तकों के विषय में हम अध्याय 4 में विस्तार से पढ़ेंगे। 3ण्4ण्1 रोजनामचा यह प्रारंभ्िाक प्रविष्िट की मूल पुस्तक है। इस पुस्तक में लेन - देनों की प्रविष्िट कालक्रमानुसार होती है अथार्तजब सौदा हो तभी उसका लेखा होगा। बाद में इन लेन - देनों की खतौनी विभ्िान्न खातों में की जाती है। यह निश्िचत करने के बाद की एक लेन - देन में किस खाते के नाम व किसके जमा पक्ष प्रभावित होंगे उसकी प्रविष्िट रोजनामचे में की जाती है। रोजनामचे का प्रारूप चित्रा 3ण्5 में दिखाया गया है। रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृ.स नाम राश्िा;रु.द्ध जमा राश्िा;रु.द्ध चित्रा 3ण्5ः रोजनामचे का प्रारूप रोजनामचे के प्रथम स्तंभ में वह तिथ्िा लिखी जाती है जिस दिन लेन - देन हुआ है। द्वितीय स्तंभ में उस लेन - देन संबंध्ी विवरण लिखा जाता है। प्रथम पंक्ित में बायीं ओर से उस खाते का नाम लिखा है जिसे नाम ;क्तण्द्ध करना है साथ ही उसी पंक्ित के अंतिम छोर पर नाम भी लिखा जाता है। दूसरी पंक्ित में कुछ स्थान छोड़कर जिस खाते में जमा करना है उसका नाम लिखा जाता है तथा तीसरी पंक्ित में एक कोष्ठक में लेन - देनों से संबंध्ित संक्ष्िाप्त विवरण लिखा जाता है। संक्ष्िाप्त विवरण के उपरांत विवरण ् स्तंभ में एक रेखा खींची जाती है जो इस बात की द्योतक है कि उस विशेष सौदे का अभ्िालेखन पूणर् हो गया है। खाता बही पृष्ठ संख्या ;खा.पृ.सं.द्ध संबंध्ी स्तंभ में खाता बही की वह पृष्ठ संख्या लिखी जाती है जिन पर संबंध्ी खातों को बनाया जाएगा। इस स्तंभ में पृष्ठ संख्या रोजनामचे में प्रविष्िट के समय नहीं बल्िक खाता बही में खतौनी के समय लिखी जाती है। नाम राश्िा स्तंभ में नाम किए जाने वाले खाते में लिखी जाने वाली राश्िा लिखी जाती है तथा जमा राश्िा के स्तंभ में जमा किए जाने वाले खाते में लिखी जाने वाली राश्िा। सामान्यतः लेन - देनों की संख्या इतनी होती है कि वह रोजनामचे के कइर् पृष्ठों में लिखी जाती है। इसलिए रोजनामचे के प्रत्येक पेज के अंत में उसके दोनों राश्िा स्तंभों का वुफल जोड़कर उसे अगले पृष्ठ पर ले जाया जाता है जिसे पिछले पृष्ठ पर योग आगे ले जाया गया ;योग आ. ले.द्ध तथा अगले पृष्ठ के लिए योग पीछे से लाया गया ;आ.ला.द्ध लिखा जाता है। रोजनामचे में प्रविष्िट व्यवसायिक लेन - देन का प्राथमिक अभ्िालेखन है। यह साधरण अथवा मिश्रित दोनों प्रकार की हो सकती है। जब किसी सौदे में केवल दो ही खाते सम्िमलित होते हैं तो उस प्रविष्िट को साधरण प्रविष्िट कहते हैं। उदाहरणाथर्: 24 दिसम्बर, 2005 को मै. गोविन्द ट्रेडसर् से 30ए000 रु. मूल्य का माल उधर खरीदा गया। इस सौदे से केवल दो खाते प्रभावित होंगे ;1द्ध खरीद खाता, व ;2द्ध मै. गोविन्दट्रेडसर् ;लेनदारद्ध का खाता। खरीद के कारण परिसंपिायों में वृि हुइर् साथ ही मै. गोविन्द ट्रेडसर् नामक देयता में भी वृि हुइर्। इस सौदे की रोजनामचे में प्रविष्िट इस प्रकार होगीः रोजनामचा तिथ्िा विवरण पृ.स नाम राश्िा;रु.द्ध जमा राश्िा;रु.द्ध 2005 24 दिसंबर क्रय खाता नाम गोविन्द टेªडसर् खाते से ;गोविन्द टेªडसर् से व्यापारिक माल का क्रयद्ध 30ए000 30ए000 यहाँ ध्यान देने योग्य तथ्य यह है कि इस सौदे के परिणामस्वरूप हालाँकि माल के स्टाॅक में वृि हुइर् है लेकिन प्रविष्िट के समय खरीद खाते को नाम किया गया है न कि स्टाॅक अथवा माल खाते को। वास्तव में माल खाते का विभाजन पाँच खातों में होता है क्रमशः क्रय खाता, विक्रय खाता, क्रय वापसी खाता, विक्रय वापसी खाता व स्टाॅक खाता। जब नाम या जमा किए जाने वाले खातों की संख्या अध्िक होती है तो ऐसी प्रविष्िट को मिश्रित प्रविष्िट कहते हैं। उदाहरणाथर्: 4 जुलाइर्, 2005 को माडनर् पफनीर्चर से आॅपिफस के लिए 25ए000 रुमूल्य का पफनीर्चर खरीदा गया तथा उसे समय 5ए000 रु. का भुगतान नकद में किया गया और शेष राश्िा उधर रही। इस सौदे के प्रभाव स्वरूप पफनीर्चर में 25ए000 रु. से वृि हुइर् रोकड़ में 5ए000 रुकी कमी व देयताओं में भी 20ए000 रु. की वृि हुइर्। रोजनामचा तिथ्िा 2005 विवरण ब.पृ.सं नाम राश्िा रु जमा राश्िा रु 4 जुलाइर् कायार्लय पफनीर्चर खाता नाम रोकड़ खाते से माॅडनर् पफनीर्चर खाते से ;माडनर् पफनीर्चर से कायार्लय पफनीर्चर का क्रयद्ध 25ए000 5ए000 20ए000 आइए अब उदाहरण ‘अ’ में दिए गए लेन - देनों की प्रविष्िट रोजनामचे में करें। रोहित की पुस्तवेंफ रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृ.सं रोकड़ खाता नाम पूँजी खाते से ;नकद राश्िा से व्यापार आरंभ कियाद्ध बैंक खाता नाम रोकड़ खाते से;स्टैट बैंक आॅपफ इंडिया में खाता खोलाद्ध पफनीर्चर खाता नाम बैंक खाते से ;बैंक द्वारा कायार्लय पफनीर्चर की खरीद का भुगतानद्ध प्लांट व मशीनरी नाम रोकड़ खाते से रामजी लाल के खाते से ;मै. रामजी लाल से प्लांट व मशीनरी खरीदी जिसका भुगतान 10ए000 रु. की अगि्रम राश्िा देकर तथा शेष राश्िा का भुगतान आवतीर् तिथ्िा पर किया जाएगाद्ध क्रय खाता नाम मै. सुमित टेªडसर् के खाते से ;उधर पर माल का क्रयद्ध नाम राश्िा रु5ए00ए000 4ए80ए000 60ए000 1ए25ए000 55ए000 जमा राश्िा रु5ए00ए000 4ए80ए000 60ए000 10ए000 1ए15ए000 55ए000 रजनी एंटरप्राइिाश विक्रय खाते से ;लाभ पर माल का विक्रयद्ध क्तण् 35ए000 35ए000 योग 12ए55ए000 12ए55ए000 उदाहरण 2 सरोज माटर् से निम्नवत् सूचनाएँ प्राप्त की गइर्ः वषर् 2005 के अप्रैल माह के लेखा सौदे तिथ्िा ब्योरा 1 अप्रैल 1ए50ए000 रु. से व्यवसाय आरंभ किया। 1 अपलै्रमनीषा से 36ए000 रु. का माल खरीदा। 1 अप्रैल 2ए200 रु. नकद पर लेखन सामग्री खरीदी। 2 अप्रैल ैठप् में बैंक खाता खोला और 35ए000 रु. जमा किये। 2 अपलै्रपि्रया को 16ए000 रु. का नकद माल बेचा। 3 अपलै्रपि्रया ने चेक से 16ए000 रु. का भुगतान किया। 5 अपलै्रनिध्ि को 14ए000 रु. का माल बेचा। 8 अपलै्रनिध्ि ने 14ए000 रु. का भुगतान किया। 10 अप्रैल ट्टतु से 20ए000 रु. का उधर माल खरीदा। 14 अपैल्रचेक द्वारा 6ए000 रु. की बीमा किश्त का भुगतान। 18 अप्रैल 2ए000 रु. का किराया दिया। 20 अप्रैल 1ए500 रु. का माल दान में दिया। 24 अप्रैल 11ए200 रु. का पफनीर्चर खरीदा। 29 अपैल्रव्यक्ितगत् उपयोग के लिए 2ए000 रु. आहरित। 30 अप्रैल 1ए200 रु. का ब्याज प्राप्त। 30 अप्रैल 2ए300 रु. का नकद विक्रय। 30 अपैल्रचेक से 3ए000 रु. कमीशन का भुगतान। 30 अपैल्रचेक से 2ए000 रु. टेलिपफोन बिल का भुगतान। 30 अप्रैल 12ए000 रु. के वेतन का भुगतान। रोजनामचा प्रविष्िटयाँ दें। हल सरोजनी माटर् की पुस्तवेंफ रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृ.सं नाम राश्िा रु जमा राश्िा रु 2005 01 अप्रैल 01 अप्रैल 01 अप्रैल 02 अप्रैल 02 अप्रैल 03 अप्रैल 05 अप्रैल 08 अप्रैल 10 अप्रैल रोकड़ खाता पूंजी खाते से ;नकद ध्नराश्िा से व्यवसाय आरंभद्ध नाम 1ए50ए000 36ए000 2ए200 35ए000 16ए000 16ए000 14ए000 14ए000 20ए000 1ए50ए000 36ए000 2ए200 35ए000 16ए000 16ए000 14ए000 14ए000 20ए000 क्रय खाता मनीषा के खाते से ;उधर पर माल खरीदाद्ध नाम स्टेशनरी खाता रोकड़ खाते से ;नकद स्टेशनरी खरीदीद्ध नाम बैंक खाता रोकड़ खाते से ;ैठप् बैंक में खाता खोलाद्ध नाम पि्रया खाता विक्रय खाते से ;पि्रया को उधर माल की बिक्रीद्ध नाम बैंक खाता पि्रया खाते से ;पि्रया से चेक प्राप्तद्ध नाम निध्ि खाता विक्रय खाते से ;निध्ि को उधर माल बेचाद्ध नाम रोकड़ खाता निध्ि के खाते से ;निध्ी से नकद प्राप्तद्ध नाम क्रय खाता ट्टतु के खाते से ;उधर पर माल खरीदाद्ध नाम 14 अप्रैल 18 अप्रैल 20 अप्रैल 24 अप्रैल 29 अप्रैल 30 अप्रैल 30 अप्रैल 30 अप्रैल 30 अप्रैल 30 अप्रैल बीमा किस्त खाता बैंक खाता से ;चेक से बीमा की किस्त का भुगतानद्ध नाम 6ए000 2ए000 1ए500 11ए200 5ए000 1ए200 2ए300 3ए000 2ए000 12ए000 6ए000 2ए000 1ए500 11ए200 5ए000 1ए200 2ए300 3ए000 2ए000 12ए000 किराया खाता रोकड़ खाते से ;किराया दियाद्ध नाम दान खाता क्रय खाते से ;माल को दान में दियाद्ध नाम पफनीर्चर खाता रोकड़ खाते से ;कायार्लय पफनीर्चर खरीदाद्ध नाम आहरण खाता रोकड़ खाते से ;व्यवसाय से स्वामि द्वारा नकद आहरणद्ध नाम रोकड़ खाता ब्याज प्राप्ित खाते से ;ब्याज प्राप्तद्ध नाम रोकड़ खाता विक्रय खाते से ;माल की नकद बिक्रीद्ध नाम कमीशन खाता बैंक खाते से ;चेक से कमीशन का भुगतानद्ध नाम टेलिपफोन व्यय खाता रोकड़ खाते से ;टेलिपफोन व्यय का भुगतानद्ध नाम वेतन खाता रोकड़ खाते से ;कायार्लय वेतन का भुगतानद्ध नाम योग 3ए49ए400 3ए49ए400 उदाहरण 3 एक विश्लेषण तालिका बनाकर सि( कीजिए कि प्रत्येक लेन - देन के प्रभाव स्वरूप सीताराम हाउस के सौदों में लेखांकन समीकरण सदैव संतुलित रहा तथा इन सौदों की प्रविष्िट रोजनामचे में भी करेंः ;पद्ध 6ए00ए000 रु. से व्यवसाय प्रारंभ किया। ;पपद्ध 4ए50ए000 रु. बैंक में जमा करवाया। ;पपपद्ध 30ए000 रु. का शीघ्र भुगतान कर 2ए30ए000 रु. मूल्य की प्लांट व मशीनरी खरीदी। ;पअद्ध 40ए000 रु. का नकद व 45ए000 रु. का उधर माल खरीदा। ;अद्ध प्लांट व मशीनरी के पूतिर्कार को 2ए00ए000 रु. का चेक जारी किया। ;अपद्ध नकद विक्रय 70ए000 रु. ;लागत मूल्य 50ए000 रु.द्ध। ;अपपद्ध स्वामी ने व्यक्ितगत प्रयोग के लिए 35ए000 रु. की राश्िा आहरित की। ;अपपपद्ध चेक द्वारा 2ए500 रु. बीमे की किस्त का भुगतान किया। ;पगद्ध 5ए500 रु. के वेतन बकाया है। ;गद्ध 30ए000 रु. नकद में पफनीर्चर खरीदा। हल रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृ.सं नाम राश्िा;रु.द्ध जमा राश्िा;रु.द्ध ;पद्ध ;पपद्ध ;पपपद्ध रोकड़ खाता नाम पूँजी खाते से ;नकद राश्िा से व्यवसाय आरंभ कियाद्ध 6ए00ए000 4ए50ए000 2ण्30ए000 6ए00ए000 4ए50ए000 बैंक खाता नाम रोकड़ खाते से ;बैंक में ध्नराश्िा जमा कीद्ध प्लांट व मशीनरी नाम रोकड़ खाते से 30ए000 ;पअद्ध लेनदार खाता से प्लांट व मशीनरी का क्रय 30ए000 रु. नकद देकर किया तथा शेष राश्िा का भुगतान आवतीर् तिथ्िा पर किया जाएगाद्ध 85ए000 2ए00ए000 क्रय खाता नाम रोकड़ खाता 40ए000 ;अद्ध लेनदार खाता ;नकद और उधर पर माल का क्रयद्ध 2ए00ए000 45ए000 लेनदार खाता नाम बैंक खाते से;प्लांट व मशीनरी के आपूतिर्कत्तार् को भुगतान किया गयाद्ध 15ए65ए000 2ए00ए000 15ए65ए000 शेष आ/ले ;अपद्ध ;अपपद्ध ;अपपपद्ध ;पगद्ध ;गद्ध शेष आ/ला 17ए08 15ए65ए000 70ए000 35ए000 2ए500 5ए500 30ए000 15ए65ए000 70ए000 35ए000 2ए500 5ए500 30ए000 रोकड़ खाता नाम विक्रय खाते से ;लाभ पर माल का विक्रयद्ध आहरण खाता नाम रोकड़ खाते से ;व्यक्ितगत उपयोग के लिए ध्नराश्िा निकालीद्ध बीमा खाता नाम बैंक खाते से ;बीमा की किस्त का भुगतान चेक से कियाद्ध वेतन खाता नाम बकाया वेतन खाते से ;बकाया वेतनद्ध पफनीर्चर खाता नाम रोकड़ खाते से ;नकद राश्िा पर पफनीर्चर का क्रयद्ध योग ए00017ए08ए000 स्वयं जांचिए √ 2 निम्न सौदों में प्रभावित खाते, उनके नाम व किस खाते को नाम किया जाएगा व किसे जमा, का उल्लेख कीजिएः ;पद्ध भानु ने 1ए00ए000 रु. नकद से व्यवसाय प्रारंभ किया। ;पपद्ध रमेश से 40ए000 रु. मूल्य का माल उधर खरीदा। ;पपपद्ध 30ए000 रु. मूल्य का माल नकद बेचा। ;पअद्ध 3ए000 रु. की राश्िा का भुगतान वेतन के रूप में किया। ;अद्ध 10ए000 रु. नकद का पफनीर्चर खरीदा। ;अपद्ध 50ए000 रु. बैंक से उधर लिया। ;अपपद्ध 10ए000 रु. मूल्य की वस्तुएँ सरिता को उधर बेचा। ;अपपपद्ध 8ए000 रु. रमेश को चुकाए। ;पगद्ध 1ए500 रु. किराए के दिए। लेखांकन समीकरण पर विभ्िान्न सौदों के प्रभावों के दशार्ने का विवरण ;आंकड़े रुपये मेंद्ध न रोकड़ बैंक स्टाॅक पफनीर्चर प्लांट व मशीनरी योग त्र अव्यापारिकलेनदार व्यापारिकलेनदार पूँजी योग 1ण्2ण् 3ण् 4ण् 5ण् 6ण् 7ण् 8ण् 9ण्10ण् 6ए00ए0006ए00ए000;4ए50ए000द्ध1ए50ए000;30ए000द्ध1ए20ए000;40ए000द्ध80ए000.80ए00070ए0001ए50ए000;35ए000द्ध1ए15ए0001ए15ए0001ए15ए000;30ए000द्ध85ए000 .4ए50ए0004ए50ए000.4ए50ए000.4ए50ए000;2ए00ए000द्ध2ए50ए000.2ए50ए000.2ए50ए000;2ए500द्ध2ए47ए5002ए47ए500.2ए47ए500 .....85ए00085ए000.85ए000;50ए000द्ध 35ए000.35ए00035ए00035ए000.35ए000 ..............30ए00030ए000 ..2ए30ए0002ए30ए000.2ए30ए000.2ए30ए000.2ए30ए0002ए30ए0002ए30ए0002ए30ए000.2ए30ए000 6ए00ए0006ए00ए0006ए00ए0002ए00ए0008ए00ए00045ए0008ए45ए000;2ए00ए000द्ध6ए45ए00020ए0006ए65ए000;35ए000द्ध6ए30ए000;2ए500द्ध6ए27ए5006ए27ए500.6ए27ए500 त्रत्रत्रत्रत्रत्रत्रत्रत्रत्रत्र ..2ए00ए0002ए00ए000.2ए00ए000;2ए00ए000द्ध.....5ए5005ए500.5ए500 ....45ए00045ए000.45ए000.45ए00045ए00045ए000.45ए000.45ए000 6ए00ए0006ए00ए0006ए00ए000.600ए000.600ए000.6ए00ए00020ए0006ए20ए000;35ए000द्ध5ए85ए000;2ए500द्ध5ए82ए500;5ए500द्ध5ए77ए000.5ए77ए000 6ए00ए0006ए00ए0006ए00ए0002ए00ए0008ए00ए00045ए0008ए45ए000;2ए00ए000द्ध20ए00020ए0006ए65ए000;35ए000द्ध6ए30ए000;2ए500द्ध6ए27ए5006ए27ए5006ए27ए500 लेन - देन सं. प्रभावित खातों के नाम खातों के प्रकार ;परिसंपिायाँ, देयताएँ, पूँजी, आगम, व्ययद्ध प्रभावित खाते ;बढ़ोत्तरी/घटोत्तरीद्ध 1 2 1 2 1 2 1ण् 2ण् 3ण् 4ण् 5ण् 6ण् 7ण् 8ण् 9ण् 3ण्5 खाता बही खाता बही लेखांकन तंत्रा में प्रयुक्त होनेवाली प्रमुख पुस्तक है। इसमें विभ्िान्न खाते होते हैं जिनमें उनसे संबंध्ित सौदों का अभ्िालेखन किया जाता है। खाता बही नाम व जमा किए गए खातों का संग्रह है जिनकी प्रथम प्रविष्िटयाँ रोजनामचे व दैनिक पुस्तकों में की गइर् हैं। खाता बही रजिस्टर, खुले काडोर् या पफाइल में रखे गए कागश किसी भी रूप में हो सकता है। आवश्यकता संगठन के लिए खाता बही एक महत्त्वपूणर् व आवश्यक दस्तावेज है। एक दी हुइर् तिथ्िा को किसी खाते विशेष का पफमर् के साथ क्या संबंध् था। इसका निधर्रण खाता बही से ही संभव है। उदाहरणाथर् प्रबन्धक किसी तिथ्िा विशेष को यदि किसी विशेष ग्राहक द्वारा देय राश्िा जानना चाहता है या किसी पूतिर्कार को देय राश्िा जानना चाहता है तो यह सारी सूचनाएँ खाता बही से ही जानी जा सकती हैं। इस प्रकार की सूचनाएँ रोजनामचे से जानना कठिन कायर् है क्योंकि उसमें सौदों की प्रविष्िट कालक्रमानुसार ;तिथ्िा अनुसारद्ध होती है साथ ही किसी प्रकार का वगीर्करण भी नहीं होता। सरल खतौनी व जानकारी के लिए खाता बही में खाते एक निश्िचत क्रम से खोले जाते हैं। उदाहरणाथर्: खातों को उसी क्रम से बनाया जाता है जिस क्रम में वह लाभ - हानि खाते व तुलन - पत्रा में दशार्ए जाएंगे। खाता बही बड़े संगठनों में खातों की सरल पहचान के लिए शुरू में एक विवरण्िाका भी बनाइर् जाती है जिसमें प्रत्येक खाते को एक कोड नंबर आबंटित कर दिया जाता है। चित्रा 3ण्6 में खाते का प्रारूप दिखाया गया है। खाते का नाम नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु चित्रा 3ण्6: खाते का प्रारूप इस प्रारूप के अनुसार विभ्िान्न स्तंभों द्वारा निम्न सूचना प्रदान की जाएगी। जैसा कि पहले बताया जा चुकाहै कि प्रत्येक खाते को नाम अथवा जमा उसकी प्रकृति के अनुसार निधर्रित नियमों के आधर पर ही किया जाता है। खाते का नाम: प्रारूप के शीषर् पर खाते का नाम लिखा जाएगा जिसका अंतिम शब्द खाता होगा। नाम/जमा अथार्त् खाते की बायीं ओर नाम पक्ष तथा दायीं ओर जमा पक्ष कहलाती है। तिथ्िाः सौदे की तिथ्िा वषर्, मास व तिथ्िा की खतौनी कालक्रमानुसार इस स्तंभ में होगी। विवरणः नाम अथवा जमा पक्ष से प्रारंभ्िाक प्रविष्िट के समय लिखी गइर् वस्तु अथवा खाते का नाम इस स्तंभ में लिखा जाएगा। रोजनामचा पृष्ठ संख्याः इस स्तंभ में सौदे की प्रविष्िट रोजनामचे के जिस पृष्ठ पर है वह पृष्ठ संख्या लिखी जाएगी। यह पृष्ठ संख्या खतौनी के समय लिखी जाएगी। राश्िाः इस स्तंभ में अंको में वह राश्िा लिखी जाएगी जो उस सौदे के संबंध् में प्राथमिक प्रविष्िट की पुस्तक रोजनामचे में दजर् है। रोजनामचे व खाता बही में अंतर रोजनामचा व खाता बही द्विअंकन - लेखा प्रणाली की सबसे महत्वपूणर् पुस्तकें हैं। इस लेखा तकनीक का प्रयोग करने पर इन पुस्तकों का उपयोग अनिवायर् है। इन दोनों की तुलना में निम्न बिंदु ध्यान योग्य है। 1ण् रोजनामचा प्रथम प्रविष्िट की पुस्तक है जबकि खाता बही द्वितीय प्रविष्िट की। 2ण् रोजनामचा कालक्रमानुसार प्रविष्िटयों का प्रलेख है जबकि खाता बही विश्लेषणात्मक प्रलेख। 3ण् रोजनामचा को ड्डोत प्रविष्िटयों की पुस्तक होने के कारण न्यायिक प्रमाण के रूप में खाता बही से अध्िक प्रमाण्िाकता प्राप्त है। 4ण् रोजनामचे में वगीर्करण का आधर सौदा है जबकि खाता बही में वगीर्करण का आधर खाता है। 5ण् रोजनामचे में प्रविष्िट को जनर्लाइजिंग कहते हैं जबकि खाता बही में प्रविष्िट का खतौनी। 3ण्5ण्1 खातों का वगीर्करण जैसा कि हमने पहले भी अध्ययन किया है कि सभी खातों को पांँच वगोर्ं में विभक्त किया जा सकताहै जो कि परिसंपिायाँ, देयताएँ, पूँजी, आगम ;लाभद्ध व व्यय ;हानिद्ध। इन खातों को पिफर दो भागों में बाँटा जा सकता हैः स्थायी खाते व अस्थायी खाते। सभी स्थायी खातों को संतुलित कर उनका शेष निकाला जाता है जिसे अगली लेखांकन अवध्ि में हस्तांतरित किया जाता है। जबकि अस्थायी खातों को उसी लेखांकन अवध्ि में बंद कर उनके शेष को व्यापार या लाभ हानि खाते में हस्तांतरित कर दियाजाता है। सभी स्थायी खातों को तुलन - पत्रा में प्रदश्िार्त किया जाता है। इसलिए सभी परिसंपिायाँ, देयताएँ व पूँजी संबंध्ी खाते स्िथर खातों की श्रेणी में आते हैं तथा आमद व व्यय संबंध्ी खाते अस्िथर खातोंकी श्रेणी में। यह वगीर्करण वित्तीय विवरणों की तैयारी के लिए महत्वपूणर् है। स्वयं जाँचिए . 3 सही उत्तर का चुनाव करें 1ण् रोजनामचे के बही पृष्ठ संख्या ;ब.पृ.सं.द्ध स्तंभ का प्रयोगः ;अद्ध खाता बही में खतौनी की तिथ्िा जानने के लिए होता है। ;बद्ध जितने खातों में सूचना का लेखा हुआ है उनकी संख्या जानने के लिए होता है। ;सद्ध खातों में खतौनी की गइर् राश्िायों की संख्या जानने के लिए होता है। ;दद्ध संबंध्ित खाते की खाता बही में पृष्ठ संख्या जानने के लिए होता है। 2ण् किसी सेवा की उधर बिक्री की रोजनामचा प्रविष्िट में सम्िमलित होना चाहिएः ;अद्ध देनदार खाते का नाम व पूँजी खाते का जमा। ;बद्ध रोकड़ खाते का नाम व देनदार खाते का जमा। ;सद्ध पफीस आय खाते का नाम व देनदार खाते का जमा। ;दद्ध देनदार खाते का जमा व पफीस आय खाते का जमा। 3ण् एक संयंत्रा को 2ए00ए000 रु. नकद व 8ए00ए000 रु.30 दिन के उधर पर खरीदा गया इसकी रोजनामचे की प्रविष्िट के लिएः ;अद्ध संयंत्रा खाते को 2ए00ए000 रु. से नाम व रोकड़ खाते को 2ए00ए000 रु. से जमा किया जाएगा। ;बद्ध संयंत्रा खाते को 10ए00ए000 रु. से नाम व रोकड़ खाते को 2ए00ए000 रु. व लेनदार खाते को 8ए00ए000 रु. से जमा किया जाएगा। ;सद्ध संयंत्रा खाते को 2ए00ए000 रु. से नाम व देनदार खाते को 8ए00ए000 रु. से जमा किया जाएगा। ;दद्ध संयंत्रा खाते को 10ए00ए000 रु. से नाम व रोकड़ खाते को 10ए00ए000 रु. से जमा किया जाएगा। 4ण् जब रोजनामचे में प्रविष्िट की जाती है ;अद्ध पहले परिसंपिायों का सूचियन किया जाता है। ;बद्ध जिस खाते को नाम करना हो उसको पहले लिखा जाता है। ;सद्ध जिस खाते को जमा करना हो उसको पहले लिखा जाता है। ;दद्ध किसी भी खाते को पहले लिखा जा सकता है।5ण् यदि सौदे के विश्लेषण व अभ्िालेखन उचित प्रकार हुआ है तोः ;अद्ध सौदे के अभ्िालेखन में केवल दो खातों का प्रयोग होगा। ;बद्ध सौदे के अभ्िालेखन में केवल एक खाते का प्रयोग होगा। ;सद्ध एक खाते का शेष बढ़ेगा व एक का घटेगा। ;दद्ध वुफल नाम की गइर् राश्िा वुफल जमा राश्िा के बराबर होगी। 6ण् किसी मासिक बिल के भुगतान की रोजनामचा प्रविष्िट में सम्िमलित होंगेः ;अद्ध मासिक बिल खाता नाम व पूँजी खाता जमा। ;बद्ध पूँजी खाता नाम व रोकड़ खाता जमा। ;सद्ध मासिक बिल खाता नाम व रोकड़ खाता जमा। ;दद्ध मासिक बिल खाता नाम व लेनदार खाता जमा। 7ण् वेतन की रोजनामचा प्रविष्िट में सम्िमलित होंगेः ;अद्ध वेतन खाता नाम व रोकड़ खाता जमा। ;बद्ध पूँजी खाता नाम व रोकड़ खाता जमा। ;सद्ध रोकड़ खाता नाम व वेतन खाता जमा। ;दद्ध वेतन खाता नाम व लेनदार खाता जमा। 3ण्6 रोजनामचे से खतौनी प्राथमिक प्रविष्िट की पुस्तक रोजनामचे से प्रविष्िटयों को खाता बही में स्थानांतरित करने की प्रिया को खतौनी कहते हैं। दूसरे शब्दों में उपयोगी परिणाम निकालने के लिए सौदों का एक स्थान पर समूहीकरण कर लेखांकन प्रिया को आगे बढ़ाना ही खतौनी है। रोजनामचे की खाता बही में खतौनी हर रोज नहीं की जाती बल्िक यह कायर् आवध्िक है अथार्त् सप्ताह में, मास में या पखवाड़े में एक बार। इस बात का निधार्रण व्यवसाय विशेष की आवश्यकता या सुविध के अनुसार किया जाता है। अब रोजनामचे से खाता बही में खतौनी की संपूणर् प्रिया की चचार् नीचे की जा रही हैः चरण 1ण् खाता बही में नाम किए गए खाते का पता लगाना। चरण 2ण् उस खाते संबध्ी पृष्ठ पर नाम की ओर तिथ्िा स्तंभ में सौदे की तिथ्िा का लेखन। चरण 3ण् विवरण स्तंभ में रोजनामचा देखते हुए उस खाते का नाम लिखना जिसके कारण यह प्रविष्िट हुइर् है। उदाहरणाथर्ः 34ए000 रु. मूल्य का पफनीर्चर बेचा। खाता बही के रोकड़ खाते के नाम पक्ष के विवरण स्तंभ में पफनीर्चर खाता नाम से प्रविष्िट होगी क्योंकि इस रोकड़ की प्राप्ित पफनीर्चर के विक्रय से हुइर् है। दूसरी ओर, पफनीर्चर खाते के जमा पक्ष के विवरण स्तंभ में रोकड़ खाता लिखा जाएगा। सभी लेन - देनों के संदभर् में इसी प्रिया का पालन किया जाएगा। चरण 4ण् रोजनामचे के ब.पृ.सं.स्तंभ में खाताबही की वह पृष्ठ संख्या लिखे जिस पर वह खाता है और खाते के रो.पृ.सं.स्तंभ में रोजनामचे की वह पृष्ठ संख्या लिखें जिस पर उस सौदे की प्रविष्िट स्िथत है। चरण 5ण् संब( राश्िा को राश्िा स्तंभ में लिखें। विशेष का खाता एक ही बार खोला जाता है पिफर वषर् भर उससे संबंध्ित सौदों की प्रविष्िटयामें की जाती हैं। नाम पक्ष अथवा जमा पक्ष में इसका निधर्रण सौदे के विश्लेषण पर आधरित होता है। अब हम देखेंगे कि पृष्ठ 47 पर सूचीगत लेन - देन का अभ्िालेखन विभ्िान्न खातों में किस प्रकार किया जाएगाः रोकड़ खाता नाम जमा ँउसी खाते तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु पूँजी 5ए00ए000 बैंक प्लांट व मशीनरी 4ए80ए000 10ए000 पूँजी खाता नाम जमा बैंक खाता नाम जमा पफनीर्चर खाता नाम जमा प्लाँट व मशीनरी खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु रोकड़ 5ए00ए000 तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु रोकड़ 4ए80ए000 पफनीर्चर 60ए000 तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु बैंक 60ए000 तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु रोकड़रामजी लाल 10ए000 1ए15ए000 लेन - देनों का अभ्िालेखन - 1 73 रामजी लाल का खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु. प्लांट व मशीनरी 1ए15ए000 क्रय खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु सुमित टेªडसर् 55ए000 सुमित टेªडसर् खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िारु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िारु क्रय 55ए000 रजनी एंटरप्राइिाश खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िारु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िारु विक्रय 35ए000 विक्रय खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु रजनी एंटरप्राइिाश 35ए000 स्वयं जाँचिए . 4 रिक्त स्थानों की पूतिर् कीजिए 1ण् किराए के भुगतान के लिए 8ए000 रु. का चेक जारी किया। इस स्िथति में - - - - - - - खाते को नाम किया जाएगा। 2ण् देनदारों से 35ए000 रु. एकत्रिात किए। इस स्िथति में - - - - - - - - खाता जमा किया जाएगा। 3ण् कायार्लय के लिए 18ए000 रु.. की स्टेशनरी खरीदी। - - - - - - - खाता जमा किया जाएगा 4ण् 1ए40ए000 रु. की नइर् मशीन खरीदी। भुगतान के लिए चेक जारी किया। - - - - - - - खाता नाम किया जाएगा। 5ण् लेनदारों का भुगतान करने के लिए 70ए000 रु. का चेक जारी किया। - - - - - खाता नाम किया जाएगा। 6ण् 50ए000 रु. की क्षतिग्रस्त आॅपिफस स्टेशनरी वापिस लौटाइर्। - - - - - - - - खाता जमा किया जाएगा। 7ण् 65ए000 रु. की सेवाएँ उधर पर प्रदान की गइर्। - - - - - - - खाता नाम किया जाएगा। उदाहरण 4 मै. मल्िलका पफैशन हाउस के निम्नलिख्िात सौदों की प्रविष्िट रोजनामचे में लिखे तथा उन्हें खाता बही में खतौनी करें। तिथ्िा ब्यौरा राश्िा 2005 रु 05 जून नकद ध्नराश्िा से व्यवसाय का आरंभ 2ए00ए000 08 जून सिडिकेड बैंक में खाता खोला 80ए000 12 जून मै. गुलमोहर भुगतान चेक से पफैशन हाउस से उधर पर माल खरीदा 30ए000 12 जून कायार्लय मशीन का क्रय भुगतान चेक से किया 20ए000 18 जून चेक से किराये का भुगतान किया 5ए000 20 जून मै. मोहित ब्रदसर् को उधर माल बेचा 10ए000 22 जून रोकड़ विक्रय 15ए000 25 जून मै. गुलमोहर हाउफस को नकद भुगतान 30ए000 28 जून मै. मोहित ब्रदसर् से चेक प्राप्त किया 10ए000 30 जून वेतन का नकद भुगतान 6ए000 लेन - देनों का अभ्िालेखन - 1 75 हल ;पद्ध सौदों का अभ्िालेखन मल्िलका पफैशन हाउस की पुस्तकें रोजनामचा तिथ्िा 2005 05 जून 08 जून 12 जून 12 जून 18 जून 20 जून 22 जून 25 जून 28 जून विवरण ब.पृ.सं नाम राश्िा रु जमा राश्िा रु रोकड़ खाता नाम पूँजी खाते से;नकद ध्नराश्िा से व्यवसाय का आरंभ कियाद्ध 2ए00ए000 80ए000 30ए000 20ए000 5ए000 10ए000 15ए000 30ए000 10ए000 2ए00ए000 80ए000 30ए000 20ए000 5ए000 10ए000 15ए000 30ए000 10ए000 बैंक खाता नाम रोकड़ खाते से ;सिंडिकेट बैंक में चालू खाता खोलाद्ध क्रय खाता नाम गुलमोहर पफैशन हाउस के खाते से ;उधर पर माल खरीदाद्ध कायार्लय मशीन खाता नामबैंक खाते से ;कायार्लय मशीन का क्रयद्ध किराया खाता नाम बैंक खाते से ;किराये का भुगतानद्ध मोहित ब्रदसर् का खाता नाम विक्रय खाते से;उधर पर माल बेचाद्ध रोकड़ खाता नाम विक्रय खाते से ;नकद माल बेचाद्ध गुलमोहर पफैशन हाउस खाता नाम रोकड़ खाते से;गुलमोहर पफैशन हाउस को नकद भुगतानद्ध बैंक खाता नाम मोहित ब्रदसर् खाते से ;संपूणर् भुगतान की प्राप्ितद्ध शेष आ/ले 4ए00ए000 4ए00ए000 30 जून शेष आ/ले वेतन खाता नाम रोकड़ खाते से ;मासिक वेतन का भुगतानद्ध 4ए00ए000 6ए000 4ए00ए000 6ए000 योग 4ए06ए000 4ए06ए000 ;पपद्ध खाता बही पुस्तक में खतौनी रोकड़ खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िारु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िारु 2005 2005 05 जून पूँजी 2ए00ए000 08 जून बैंक 80ए000 22 जून विक्रय 15ए000 25 जून गुलमोहर 30ए000 पफैशन हाउस 30 जून वेतन 6ए000 पूँजी़ खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु 2005 05 जून रोकड़ 2ए00ए000 बैंक खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु 2005 2005 08 जून रोकड़ 80ए000 12 जून कायार्लय मशीन 30ए000 28 जून मोहित ब्रदसर् 10ए000 18 जून किराया 5ए000 क्रय खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु 2005 12 जून गुलमोहर पफैशन हाउस 30ए000 2005 गुलमोहर पफैशन हाउस खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िारु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िारु 2005 25 जून रोकड़ 30ए000 2005 12 जून क्रय 30ए000 कायार्लय मशीन खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु 2005 12 जून बैंक 20ए000 किराया खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु 2005 18 जून बैंक 5ए000 मोहित ब्रदसर् खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु 2005 20 जून विक्रय 10ए000 2005 28 जून रोकड़ 10ए000 विक्रय खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु 2005 20 जून मोहित ब्रदसर् 10ए000 22 जून रोकड़ 15ए000 वेतन खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु 2005 30 जून रोकड़ 6ए000 उदाहरण 5 मैं. टाइम जोन के निम्न लिख्िात सौदों की प्रविष्िटयों रोजनामचे में लिखे और उनकी खतौनी खाता बही में कीजिएः तिथ्िा ब्यौरा राश्िा 2005 रु01 दिसंनकद ध्नराश्िा से व्यवसाय आरंभ कियाबर 1ए20ए000 02 दिसंबर प्ब्प्ब्प् बैंक में खाता खोला 40ए000 04 दिसंबर नकद माल खरीदा 12ए000 10 दिसंढुलाइर् का नकद भुगतानबर 500 12 दिसंमै. लारा इंडिया को उधर माल बेचाबर 25ए000 14 दिसंमै. लारा इंडिया से नकद ध्नराश्िा प्राप्तबर 10ए000 16 दिसंमै. लारा इंडिया से माल की वापसीबर 3ए000 18 दिसंव्यपारिक व्ययों की भुगतानबर 700 19 दिसंतरन्नुम से उधर माल खरीदाबर 32ए000 20 दिसंमै. लारा इंडिया से पूणर् भुगतान का चेक प्राप्त हुआ जिसे उसी दिन बैंकबर 11ए500 में जमा करा दिया 22 दिसंबर तरन्नुम को माल वापिस किया 1ए500 24 दिसंबर स्टेशनरी का भुगतान 1ए200 26 दिसंबर तरन्नुम को चेक द्वारा भुगतान 20ए000 28 दिसंबर चेक द्वारा किराये का भुगतान 4ए000 29 दिसंबर व्यक्ितगत उपयोग के लिए नकद का आहरण 10ए000 30 दिसंबर नकद विक्रय 12ए000 31 दिसंबर रुपक ट्रेडसर् को माल बेचा 11ए000 हल टाइस जोन की पुस्तकें रोजनामचा तिथ्िा विवरण ब.पृ.सं नाम राश्िा रु जमा राश्िा रु 2005 दिसंबर 01 रोकड़ खाता नाम पूँजी खाते से ;नकद ध्नराश्िा से व्यवसाय आरंभ कियाद्ध 1ए20ए000 1ए20ए000 1ए20ए000 1ए20ए000 शेष आ/ले 02 04 10 12 14 16 18 19 20 22 24 शेष आ/ला बैंक खाता रोकड़ खाते से ;बैंक में चालू खात खोलाद्ध नाम 1ए20ए000 40ए000 12ए000 500 25ए000 10ए000 3ए000 700 32ए000 11ए500 500 1ए500 1ए200 1ए20ए000 40ए000 12ए000 500 25ए000 10ए000 3ए000 700 32ए000 12ए000 1ए500 1ए200 विक्रय खाता रोकड़ खाते से ;नकद माल खरीदाद्ध नाम ढुलाइर् खाते रोकड़ खाते से ;ढूलाइर् का भुगतानद्ध नाम लारा इंडिया खाता विक्रय खाते से ;उधर पर माल बेचाद्ध नाम रोकड़ खाता लारा इंडिया खाते से ;लारा इंडिया से भुगतान की प्राप्ितद्ध नाम विक्रस वापसी खाता लारा इंडिया खाते से ;लारा इंडिया द्वारा माल की वापसीद्ध नाम व्यापारिक व्यय खाता रोकड़ खाते से ;व्यापारिक व्यय का भुगतानद्ध नाम विक्रय खाता तरन्नुम खाते से ;उधर पर माल खरीदाद्ध नाम बैंक खाता बट्टा खाते से लारा इंडिया खाता खाता ;पूणर् भुगतान का चेक प्राप्त कियाद्ध नाम नाम तरन्नुम खाता क्रय वापसी खाते से ;तरन्नुम के माल की वापसीद्ध नाम स्टेशनरी खाता रोकड़ खाते से ;स्टेशनरी खरीदने पर नकद भुगतानद्ध शेष आ/ले नाम 2ए57ए900 2ए57ए900 26 28 29 30 31 शेष आ/ला तरन्नुम का खाता बैंक खाते से ;तरन्नुम को चेक का भुगतानद्ध नाम 2ए57ए900 20ए000 4ए000 10ए000 12ए000 11ए000 2ए57ए900 20ए000 4ए000 10ए000 12ए000 11ए000 किराया खाता बैंक खाते से चेक द्वारा किराए का भुगतान नाम आहरण खाता रोकड़ खाते से व्यक्ितगत उपयोग के लिए आहरित राश्िा नाम रोकड़ खाता विक्रय खाते से ;नकद माल की बिक्रीद्ध नाम रूपक ट्रेडसर् खाता विक्रय खाते से ;उधर पर माल की बिक्रीद्ध नाम योग 3ए14ए900 3ए14ए 900 खाता बही पुस्तक में खतौनीः रोकड़ खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु 2005 01 दिसंबर पूँजी 1ए20ए000 2005 02 दिसंबर बैंक 40ए000 14 दिसंबर लारा इंडिया 10ए000 04 दिसंबर क्रय 12ए000 30 दिसंबर बिक्री 12ए000 10 दिसंबर ढुलाइर् 500 18 दिसंबर व्यापारिक व्यय 700 24 दिसंबर स्टेशनरी 1ए200 29 दिसंबर आहरण 1ए000 पूँजी खाता नाम जमा बैंक खाता तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु 2005 01 दिसंबर रोकड़ 1ए20ए000 नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िारु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िारु 2005 2005 02 दिसंबर रोकड़ 40ए000 26 दिसंबर तरन्नुम 20ए000 20 दिसंबर लारा इंडिया 11ए500 28 दिसंबर किराया 4ए000 क्रय खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु 2005 04 दिसंबर 19 दिसंबर रोकड़तरन्नुम 12ए000 32ए000 ढुलाइर् खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु 2005 10 दिसंबर रोकड़ 500 लारा इंडिया खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु 2005 2005 12 दिसंबर विक्रय 25ए000 14 दिसंबर रोकड़ 10ए000 16 दिसंबर विक्रय वापसी 3ए000 20 दिसंबर बैंक 11ए500 बट्टा 500 विक्रय खाता नाम जमा विक्रय वापसी खाता तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु 2005 12 दिसंबर 30 दिसंबर 31 दिसंबर लारा इंडियारोकड़रूपक ट्रेडसर् 25ए000 12ए000 11ए000 नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िारु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िारु 2005 16 दिसंबर लारा इंडिया 3ए000 व्यापारिक व्यय खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु 2005 18 दिसंबर रोकड़ 700 तरन्नुम खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु 2005 2005 22 दिसंबर क्रय वापसी 1ए500 19 दिसंबर क्रय 32ए000 26 दिसंबर बैंक 20ए000 बट्टा भुगतान खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िारु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िारु 2005 20 दिसंबर लारा इंडिया 500 क्रय वापसी खाता नाम जमा स्टेशनरी खाता तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु 2005 22 दिसंबर तरन्नुम 1ए500 नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िारु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िारु 2005 दिसंबर रोकड़ 1ए200 किराया खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु 2005 28 दिसंबर बैंक 4ए000 आहरण खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु 2005 29 दिसंबर रोकड़ 10ए000 रूपक टेªडसर् का खाता नाम जमा तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु तिथ्िा विवरण रो.पृ.सं राश्िा रु 2005 31 दिसंबर विक्रय 11ए000 2ण् एक प्रमाणक का निमार्ण निम्न पर आधरित हैः अ.संलेखीय प्रमाण ब.रोजनामचा प्रविष्िट स.खाते पर द.उपरोक्त सब पर 3ण् एक खाते के कितने पक्ष होते हैंः अ.दो ब.तीन स.एक द.कोइर् नहीं 4ण् मशीन की नकद खरीद पर निम्न में से कौन से खाते को नाम करेंगेः अ.रोकड़ खाता ब.मशीन खाता स.खरीद खाता द.कोइर् नहीं 5ण् निम्न में से कौन सा समीकरण सही हैः अ.देयताएँ त्र परिसंपिायाँ ़ पूँजी ब.परिसंपिायाँ त्र देयताएँ √ पूँजी स.पूँजी त्र परिसंपिायाँ √ देयताएँ द.पूँजी त्र परिसंपिायाँ ़ देयताएँ 6ण् स्वामी द्वारा आहरित रोकड़ को किस खाते की जमा में लिखा जाएगाः अ.आहरण खाता ब.पूँजी खाता स.लाभ - हानि खाता द.रोकड़ खाता 7ण् सही वाक्यांश चुनिएः अ.परिसंपिायों में कमी को जमा में प्रविष्ट किया जाता है ब.व्ययों में वृि को जमा में प्रविष्ट किया जाता है स.आगम में वृि को नाम में प्रविष्ट किया जाता है द.पूँजी में वृि को जमा में प्रविष्ट किया जाता है 8ण् वह बही जिसमें समस्त खाते रखे जाते हैं, कहलाता हैःअ.रोकड़ बही ब.रोजनामचा स.क्रय बही द.खाता बही 9ण् रोजामचे के सौदे की प्रविष्िट को, कहते हैःअ.निक्षेपण ब.खतौनी स.जनर्लाइजिग द.अभ्िालेखन इस अध्याय में प्रयुक्त शब्द ड्डोत प्रलेख द्विअंकन पुस्त - पालन लेखांकन समीकरण प्राथमिक प्रविष्िट की पुस्तक नाम रोजनामचा जमा खाता - बही खाता जनर्लाइजिंग व खतौनी अध्िगम उद्देश्यों के संदभर् में सारांश 1ण् ड्डोत प्रलेख का अथर्ः व्यापारिक लेन - देन के साक्ष्यों, जो कि खाता पुस्तकों में अभ्िालेखन हेतु आधरप्रदान करते हैं जैसे कि बीजक, विपत्रा, कैशमैमो आदि विभ्िान्न प्रकार के व्यापारिक प्रलेखों को ड्डोत प्रलेख कहते हैं। 2ण् लेखांकन समीकरण का अथर्ः एक विवरण जो नाम व जमा की समानता को प्रदश्िार्त करते हुए इस बातको सत्यापित करता है कि व्यवसाय की संपिायां सदैव उसकी देयताओं व पूँजी के बराबर होती हैं। 3ण् नाम व जमा के नियमः एक खाते को दो भागों में बांट दिया जाता है। खाते का बाँया पक्ष नाम व दाहिना पक्ष जमा कहलाता है। नाम व जमा के नियम खाते की प्रकृति पर निभर्र करते हैं। नाम व जमा दोनों ही वृि अथवा कमी के द्योतक हैं। सारांश में इन नियमों को निम्न रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है। खाते का नाम नाम जमा ;प्रकृतिद्ध परिसंपिायां वृि कमी दायित्व कमी वृि पूँजी कमी वृि आगम कमी वृि व्यय वृि कमी 4ण् प्राथमिक प्रविष्िट की पुस्तकः इस पुस्तक में सवर्प्रथम कालक्रमानुसार सौदे का अभ्िोलखन होता है। रोजनामचे को मूल प्रविष्िट का अभ्िालेखन होता है। रोजनामचे को मूल प्रविष्िट की पुस्तक भी कहा जाता है। इस पुस्तक में लेन देनों की प्रविष्िट करने की प्रिया को अँग्रेजी में जनर्लाइजिंग कहते हैं। 5ण् खाता बहीः एक पुस्तक जिसमें ड्डोत प्रविष्िटयों की पुस्तकों से सभी खातों की प्रविष्िटयों का स्थानांतरण किया जाता है। प्रविष्टयों के स्थानांतरण की इस प्रिया का खतियाना कहते हैं। अभ्यास के लिये प्रश्न लघु उत्तरीय प्रश्न 1ण् लेखांकन प्रिया के तीन आधरभूत चरण कौन से हैं? 2ण् ड्डोत प्रलेखों द्वारा दिए गए साक्ष्यों को लेखांकन में क्यों महत्त्वपूणर् माना जाता है ? 3ण् एक लेन - देन को पहले रोजनामचे में प्रविष्ट करना चाहिए अथवा खाता बही में? अपने उत्तर का करण बताएं। 4ण् रोजनामचे की प्रविष्िट में किसे पहले लिखा जाता है नाम को अथवा जमा को? क्या नाम व जमा का दोहरा लेखा किया जाता है? 5ण् लेखांकन की कुछ प्रणालियों को द्विअंकन लेखा प्रणाली क्यों कहते हैं? 6ण् खाते का नमूना बनाइये। 7ण् देयताओं व पूँजी खातों के नाम व जमा के नियम एक जैसे क्यों हैं? 8ण् खातों में प्रविष्िट करते समय रोजनामचा पृष्ठ संख्या लिखने का क्या औचित्य है? 9ण् ;1द्ध आगम वृि ;2द्ध व्यय में कमी ;3द्ध आहरण के अभ्िालेखन ;4द्ध व्यवसाय में स्वामी द्वारा नइर् पूँजी के निवेश पर आप क्या प्रविष्िट करेंगे? 10ण् यदि किसी सौदे के प्रभावस्वरूप परिसंपिायों में कमी आइर् है, तो उसका लेखन परिसंपिायों के नाम पक्ष में होगा अथवा जमा पक्ष में? यदि सौदे के प्रभाव स्वरूप देयताओं में कमी आइर् है तो इसकी प्रविष्िट लेनदार के खाते में नाम में होगी अथवा जमा में? निबंधात्मक प्रश्न 1ण् लेखांकन तंत्रा की विभ्िान्न घटनाओं का वणर्न करते हुए इसमें स्रोत प्रलेखों के महत्त्व को उ(ृत कीजिए? 2ण् विस्तारपूवर्क समझाइये कि लेन - देनों के विश्लेषण में नाम व जमा का उपयोग किस प्रकार होता है। 3ण् वणर्न कीजिए कि विभ्िान्न लेन - देनों से उपलब्ध् सूचनाओं का विभ्िान्न खातों पर क्या प्रभाव पड़ता है? 4ण् रोजनामचे से आप क्या समझते हैं? कम से कम पांच प्रविष्िटयों की सहायता से इसके प्रारूप का नमूना बनाइये। 5ण् ड्डोत प्रलेखों व प्रमाणकों में अंतर कीजिए। 6ण् सभी परिस्िथतियों में लेखांकन समीकरण संतुलित रहता है। उदाहरण देकर समझाइये। 7ण् उदाहरण देकर द्विअंकन की तकनीक की विवेचना किजिए। अंकिक प्रश्न लेन - देनों का विश्लेषण 1ण् निम्न लेन - देनों के आधर पर लेखांकन समीकरण बनाइये: कद्ध हषर् ने रोकड़ का निवेश कर व्यवसाय प्रारंभ किया 2ए00ए000 रुलेन - देनों का अभ्िालेखन - 1 87 खद्ध गद्ध घद्ध नमन से रोकड़ देकर माल खरीदा 10ए000 रु. मूल्य की वस्तुएं भानु को बेचीं उधर पफनीर्चर खरीदा 40ए000 रु12ए000 रु7ए000 रु ;उत्तरः परिसंपिायाँ त्र रोकड़ 1ए60ए000 रु.़ स्टाॅक 30ए000 रु.़ देनदार 12ए000 ़ पफनीर्चर 7ए000 रु.त्र 2ए09ए000 रु.त्र देयताएं √ लेनदार 7ए000 रु. पूँजी 2ए02ए000 रु. कुलयोग 2ए09ए000 रु.द्ध 2ण् लेखांकन समीकरण बनाइये कद्ध कुणाल ने 2ए50ए000 रु. नकद निवेश कर व्यापार आरंभ किया खद्ध नकद पफनीर्चर खरीदा 35ए000 रुगद्ध नकद कमीशन का भुगतान किया 2ए000 रुघद्ध उधर माल खरीदा 40ए000 रुड.द्ध 20ए000 रु. मूल्य की वस्तुएं नकद बेची 26ए000 रु. में ;उत्तरः परिसंपिायां त्र रोकड़ 2ए39ए000 रु.़ पफनीर्चर 35ए000 रु.़ माल 20ए000 रु.त्र 2ए94ए000 रु. देयताएं त्र लेनदार 40ए000 रु.़ पूँजी 2ए54ए000 रु.त्र 2ए94ए000 रु.द्ध 3ण् मोहित के निम्न लेन - देनों को लेखांकन समीकरण में दिखाइए ;पद्ध 1ए75ए000 रु. नकद से व्यापार आरंभ किया रु;पपद्ध रोहित से माल खरीदा 50ए000 ;पपपद्ध मनीष को उधर बिक्री ;लागत मूल्य 17ए500द्ध 20ए000 ;पअद्ध कायार्लय में प्रयोग के लिए पफनीर्चर खरीदा 10ए000 ;अद्ध रोहित को पूणर् भुगतान नकद दिया 48ए500 ;अपद्ध मनीष से रोकड़ प्राप्त किया 20ए000 ;अपपद्ध किराया 1ए000 ;अपपपद्ध आहरण 3ए000 उत्तरः ;परिसंपिायां त्र रोकड़ त्र 1ए33ए000 रु.त्र माल 32ए500 रु.़ पफनीर्चर 10ए000 रु.त्र 1ए75ए500 रु. देयताएँ त्र पूँजी त्र 1ए77ए500 रु.द्ध 4ण् रोहित के निम्न लिख्िात व्यवसायिक लेन - देन थे रु;पद्ध रोकड़ ध्नराश्िा से व्यवसाय आरम्भ किया 1ए50ए000 ;पपद्ध उधर पर मशीनरी खरीदी 40ए000 ;पपपद्ध नकद पर माल खरीदा 20ए000 ;पअद्ध व्यक्ितगत उपयोग के लिए कार खरीदी 80ए000 ;अद्ध लेनदारों को पूणर् भुगतान 38ए000 ;अपद्ध 5ए000 रु. के माल की नकद बिक्री 4ए500 ;अपपद्ध किराये का भुगतान 1ए000 ;अपपपद्ध अग्रीम कमीशन की प्राप्ित 2ए000 परिसंपिायों देयताओं और पूँजीपर उपरोक्त लेन - देनों के प्रभाव को दशार्ते हुए लेखांकन समीकरण तैयार करें। ;उत्तरः परिसंपिायों त्र रोकड़ 17ए500 रु.़ मशीन 40ए000 रु.़ माल 15ए000 रुत्र 72ए500 रु देयताएँ त्र कमीशन 2ए000 रु.़ पूँजी 70ए500 रु.त्र 72ए500 रु.द्ध 5ण् मै. राॅयल ट्रेडसर् के निम्नलिख्िात लेन - देनों के प्रभावों को दशार्एँः ;पद्ध नकद ध्न राश्िा से व्यवसाय आरंभ 1ए20ए000 ;पपद्ध नकद माल खरीदा 10ए000 ;पपपद्ध प्राप्त किराया 5ए000 ;पअद्ध बकाया बेतन 2ए000 ;अद्ध पूवर्दत्त बीमा 1ए000 ;अपद्ध ब्याज प्राप्त 700 ;अपपद्ध माल का नकद विक्रय ;लागत 5ए000 रु.द्ध 7ए000 ;अपपपद्ध आग से माल नष्ट 500 ;उत्तरः परिसंपिायाँ त्र रोकड़ 1ए22ए700 रु.़ माल 4ए500 रु.़ पूवर्दत्त बीमा 1ए000 रु. देयताएँ त्र बकाया वेतन 2ए000 रु.़ पूँजी 1ए26ए200 रु.द्ध 6ण् निम्नलिख्िात सौदों के आधर पर लेखांकन समीकरण तैयार कीजिए ;पद्ध उदित ने व्यवसाय की शुरुआत इस प्रकार कीः रु;पद्ध रोकड़ 5ए00ए000 ;पपद्ध माल 1ए00ए000 ;पपद्ध नकद पर भवन का क्रय 2ए 00ए000 ;पपपद्ध हिमानी से माल खरीदा 50ए000 ;पअद्ध आशु को माल बेचा ;लागत 25ए000 रु.द्ध 36ए000 ;अद्ध बीमा किश्त का भुगतान 3ए000 ;अपद्ध बकाया किराया 5ए000 ;अपपद्ध भवन पर ”ास 8ए000 ;अपपपद्ध व्यक्ितगत उपयोग के लिए 20ए000 ;पगद्ध अगि्रम किराये की प्राप्ित 5ए000 ;गद्ध हिमानी को नकद भुगतान 20ए000 ;गपद्ध आशु से नकद प्राप्ित 30ए000 ;उत्तरः परिसंपिायाँ त्र रोकड़ 2ए92ए000 रु.़ माल 1ए25ए000 रु.़ भवन 1ए92ए000 रु.़ देनदार 6ए000 रु.त्र 6ए15ए000 रु.ऋ देयताएँ त्र लेनदार 30ए000 रु.़ बकाया किराया 5ए000 रु़ किराया 5ए000 रु.़ पूँजी 5ए75ए000 रु.त्र 6ए15ए000 रु.द्ध 7ण् लेखांकन समीकरण के माध्यम से निम्नलिख्िात सौदों का प्रभाव परिसंपिायों, देयताओं एवं पूँजी पर दिखाएँ ;पद्ध रोकड़ ध्नराश्िा से व्यवसाय आरंभ किया 1ए20ए000 ;पपद्ध किराए की प्राप्ित 10ए000 ;पपपद्ध अंशो में निवेश्िाध्न 50ए000 ;पअद्ध लाभांश प्राप्ित 5ए000 ;अद्ध रागनी से उधर क्रय 35ए000 ;अपद्ध घरेलु व्ययों के लिए नकद भुगतान 7ए000 ;अपपद्ध नकद माल विक्रय ;लागत 10ए000 रु.द्ध 14ए000 ;अपपपद्ध रागनी को नकद भुगतान किया 35ए000 ;पगद्ध बैंक में जमा किया 20ए000 ;उत्तरः परिसंपिायाँ त्र रोकड़ 37ए000 रु.़ अंश 50ए000 रु.़ माल 25ए000 रु.़ बैंक 20ए000 रु.त्र 1ए32ए000 रु.ऋ देयताएँ त्र पूँजी 1ए32ए000 रु.द्ध 8ण् निम्नलिख्िात सौदों के प्रभावों को लेखांकन समीकरण में दशार्इएः ;पद्ध मनोज ने व्यवसाय की शुरुआत इस प्रकार कीः रु;पद्ध रोकड़ 2ए30ए000 ;पपद्ध माल 1ए00ए000 ;पपपद्ध भवन 2ए00ए000 ;पपद्ध उसने नकद भुगतान पर माल खरीदा 50ए000 ;पपपद्ध उसने माल विक्रय किया ;लागत मूल्य 20ए000 रु.द्ध 35ए000 ;पअद्ध उसने राहुल से माल क्रय किया 55ए000 ;अद्ध उसने वरुण को माल बेचा ;लागत मूल्य 52ए000 रु.द्ध 60ए000 ;अपद्ध उसने राहुल को पूणर् नकद भुगतान किया 53ए000 ;अपपद्ध उसके द्वारा वेतन का भुगतान 20ए000 ;अपपपद्ध वरुण से नकद पूणर् नकद की प्राप्ित 59ए000 ;पगद्ध बकाया किराया 3ए000 ;गद्ध पूवर्दत्त बीमा 2ए000 ;गपद्ध उसके द्वारा प्राप्त कमीशन 13ए000 ;गपपद्ध व्यक्ितगत उपयोग के लिए आहरित राश्िा 20ए000 ;गपपपद्ध भवन पर ”ास 10ए000 ;गपअद्ध नइर् पूँजी निवेश 50ए000 ;गअद्ध राखी से माल खरीदा 6ए000 ;उत्तरः परिसंपिायाँ त्र रोकड़ 2ए42ए000 रु.़ माल 1ए43ए000 रु.़ भवन 1ए90ए000 रु ़ पूवर्दत्त बीमा 2ए000 रु.त्र 5ए77ए000 रु.ऋ देयताएँ त्र बकाया किराया 3ए000 रु.़ लेनदार 10ए000 रु.़ पूँजी 5ए64ए000 रु.त्र 5ए77ए000 रु.द्ध 9ण् मै. विपिन टेªडसर् के सौदे निम्नलिख्िात हैं - लेखांकन समीकरण की सहायता से सौदों का प्रभाव परिसंपिायों, देयताओं एवं पूँजी पर दिखाएं। रु;पद्ध रोकड़ ध्नराश्िा से व्यवसाय आरम्भ किया 1ए25ए000 ;पपद्ध नकद पर माल खरीदा 50ए000 ;पपपद्ध आर. के. पफनीर्चर से पफनीर्चर खरीदा 10ए000 ;पअद्ध पारूल ट्रेडर को माल क्रय किया ;बिल नं.5674 के अनुसार 9ए000 लागत मूल्य 7ए000 रु.द्ध ;अद्ध ढुलाइर् का भुगतान;अपद्ध आर. के पफनिर्चर को रोकड़ का पूणर् भुगतान 9ए700 ;अपपद्ध नकद विक्रय ;लागत मूल्य 10ए000 रु.द्ध 12ए000 ;अपपपद्ध किराया प्राप्ित 4ए000 ;पगद्ध व्यक्ितगत उपयोग के लिए आहरित नकद आहरण 3ए000 ;उत्तरः परिसंपिायाँ त्र रोकड़ 78ए200 रु.़ माल 33ए000 रु.़ पफनीर्चर 10ए000 रु.देनदार 9ए000 रु.त्र 1ए30ए200 रु.ऋ देयताएँ त्र पूँजी1ए30ए200 रु.द्ध 10ण् बाॅबी ने एक परामशर् पफमर् आरंम्भ की और उसने नवंबर 2005 के दौरान निम्नलिख्िात लेन - देनों को पूरा कियाः ;पद्ध बाॅबी कन्सल्िटंग नामक व्यवसाय में 4ए00ए000 रु. की ध्नराश्िा और 1ए50ए000 रु. के उपकरणों का निवेश किया;पपद्ध भूमि एवं लघु कायार्लय भवन का क्रय भूमि की कीमत 1ए50ए000 रु. तथा भवन की कीमत 3ए50ए000 रु. है। क्रय का भुगतान 2 लाख रु. नकद और 8ए00ए000 लाख रुके दीघर् कालीन देय विपत्रा के रूप में किया गया। ;पपपद्ध उधर पर 12ए000 रु. की कायार्लय आपूतिर् खरीदी। ;पअद्ध बाॅबी ने अपनी कार को व्यवसाय के नाम हस्तांतरित कर दिया जिसकी कीमत 90ए000 रु.थी। ;अद्ध उधर पर 30ए000 रु. के अतिरिक्त कायार्लय उपकरण खरीदे। ;अपद्ध कायार्लय प्रबंध्क को 7ए500 रु. का भुगतान किया। ;अपपद्ध ग्राहक को सेवाएं प्रदान करने पर 30ए000 रु. प्राप्त किए। ;अपपपद्ध माह के विविध् व्ययों के लिए 4ए000 रु. का भुगतान। ;पगद्ध लेन - देन ष्पपपष् के आपूतिर्दाता को भुगतान। ;गद्ध 7ए000 रु. की अभ्िालिख्िात राश्िा के पुराने उपकरण के विनिमय और 93ए000 रु. की नकद राश्िा के भुगतान पर नये कायार्लय उपकरण का क्रय। ;गपद्ध 26ए000 रु. की सेवाएं ग्राहक को प्रदान की गइर् जिसका भुगतान 30 दिनों के अन्दर किया जाएगा। ;गपपद्ध लेन - देन ष्गपष् अनुसार ग्राहक से 19ए500 रु. का भुगतान प्राप्त हुआ। ;गपपपद्ध बाॅबी ने व्यवसाय से 20ए000 रु. आहरित किए उपरोक्त लेन - देनांे का विश्लेषण करें और निम्नलिख्िात ष्ज्ष् खाते खोलेः रोकड़, ग्राहक, कायार्लय आपूतिर् मोटर कार, भवन, भूमि, दीघर् कालीन देय विपत्रा, आहरण, वेतन और विविध् व्यय। रोजनामचा प्रविष्िटयां 11ण् हिमांशु की पुस्तकों में निम्न लेन - देनों की रोजनामचा प्रविष्िट कीजिए - 1 दिसंबर 2005 रोकड़ से व्यापार आरम्भ किया 75ए000 रु7 दिसंबर नकद माल खरीदा 10ए000 रु9 दिसंबर स्वाति को माल बेचा 5ए000 रु12 दिसंबर पफनीर्चर खरीदा 3ए000 रु18 दिसंबर स्वाति से पूणर् भुगतान के रूप में प्राप्त किए 4ए000 रु25 दिसंबर किराया चुकाया 1ए000 रु30 दिसंबर वेतन का भुगतान किया 1ए500 रु12ण् मुदित के रोजनामचे में निम्न लेन - देनों की प्रविष्िट कीजिए - 1 जनवरी, 2006 से 1ए75ए000 रु. रोकड़ व 1ए00ए000 रु. के भवन से व्यापार प्रारंभ किया 2 जनवरी नकद माल खरीदा 75ए000 रु3 जनवरी रमेश को माल बेचा 30ए000 रु4 जनवरी मजदूरी का भुगतान किया 500 रु6 जनवरी नकद माल बेचा 10ए000 रु10 जनवरी व्यापार व्ययों का भुगतान किया 700 रु12 जनवरी रमेश से नकद प्राप्त किया 29ए500 रु.बट्टा दिया 500 रु14 जनवरी सुध्ीर से माल खरीदा 27ए000 रु18 जनवरी माल की ढुलाइर् दी 1ए000 रु20 जनवरी व्यक्ितगत प्रयोग के लिए रोकड़ निकाली 5ए000 रु22 जनवरी घरेलू उपयोग के लिए वस्तुएं लीं 2ए000 रु25 जनवरी सुध्ीर को भुगतान किया 26ए700 रु.बट्टा दिया 300 रु13ण् निम्न लेन - देनों की रोजनामचा प्रविष्िटयां कीजिए 1 दिसंबर, 2005 हेमा ने रोकड़ से व्यापार आरंभ किया 1ए00ए000 रु2 दिसंबर भारतीय स्टेट बैंक में खाता खोला 30ए000 रु4 दिसंबर आशु से माल खरीदा 20ए000 रु6 दिसंबर राहुल को नकद माल बेचा 15ए000 रु10 दिसंबर तारा से नकद माल खरीदा 40ए000 रु13 दिसंबर सुमन को माल बेचा 20ए000 रु16 दिसंबर सुमन से भुगतान का चेक प्राप्त किया 19ए500 रु.बट्टा 500 रु20 दिसंबर आशु को भुगतान का चेक जारी किया 10ए000 रु22 दिसंबर किराये का भुगतान चेक द्वारा किया 2ए000 रु23 दिसंबर बैंक में जमा कराए 16ए000 रु25 दिसंबर प्रज्ञा से मशीन खरीदी 10ए000 रु26 दिसंबर व्यापारिक खचेर् 2ए000 रु28 दिसंबर प्रज्ञा को चेक द्वारा भुगतान किया 10ए000 रु29 दिसंबर टेलिपफोन व्यय के लिए चेक दिया 1ए200 रु31 दिसंबर वेतन का भुगतान किया 4ए500 रु14ण्हरप्रीत ब्रदसर् की पुस्तकों में रोजनामचे की प्रविष्िटयां कीजिए पद्ध 1ए000 रु. जिनका भुगतान रोहित को करना था अब डूबत ट्टण हैं। पपद्ध 2ए000 रु. मूल्य के माल का उपयोग स्वामी ने अपने लिए किया। पपपद्ध 30ए000 रु. की मशीन पर 10» की दर से दो माह के लिए मूल्य ”ास की गणना कर प्रविष्िट करें। पअद्ध 1ए50ए000 रु. की पूँजी पर 6» की दर से व महीने के ब्याज की गणना कर प्रविष्िट करें। अद्ध राहुल जिस पर 2ए000 रु. बकाया थे दिवालिया हो गया उससे केवल रु. में 60 पैसे ही प्राप्त हुए 15ण् नीचे दिए गए लेन - देनों से रोजनामचा तैयार करें पद्ध मशीन की स्थापना के लिए किया गया नकद व्यय 500 रु;पपद्ध माल दान में दिया 2ए000 रु;पपपद्ध 70ए000 रु. की पूँजी पर 7» की दर से लगाया गया ब्याज ;पअद्ध 1ए200 रु. का डूबत ट्टण जिसे पिछले वषर् अप्राप्य मान कर समाप्त कर दिया गया था प्राप्त हुआ ;अद्ध आग से 2ए000 रु. का माल क्षति ग्रस्त हुआ ;अपद्ध बकाया किराया 1ए000 रु;अपपद्ध आहरण पर ब्याज 900 रु;अपपपद्ध सुध्ीर कुमार जिसने हमें 3ए000 रु. का उधर चुकाना था अब इस स्िथति में नही है। वह रुपये में केवल 45 पैसे का ही भुगतान कर पाया। ;पगद्ध पूवर्दत्त/कमीशन प्राप्त 7ण्000 रुखतौनी 16ण् निम्न लेन - देनों की रोजनामचे में प्रविष्िट कर खाते में खतौनी कीजिए - 1 नवंबर, 2005 को रोकड़ 1ए50ए000 रु. व 50ए000 रु. के माल से व्यापार आरंभ किया 3 नवंबर हरीश से माल खरीदा 30ए000 रु5 नवंबर नकद माल बेचा 12ए000 रु8 नवंबर नकद पफनीर्चर खरीदा 5ए000 रु10 नवंबर हरीश को नकद भुगतान किया 15ए000 रु13 नवंबर विविध् व्ययों का भुगताान किया 200 रु15 नवंबर नकद बिक्री 15ए000 रु18 नवंबर बैंक खाते में जमा करवाए 5ए000 रु20 नवंबर व्यक्ितगत प्रयोग के लिए रोकड़ निकाली 1ए000 रु22 नवंबर हरीश को अंतिम भुगतान किया 14ए700 रु25 नवंबर नीतिश को माल बेचा 7ए000 रु26 नवंबर माल की ढुलाइर् दी 200 रु27 नवंबर किराए का भुगतान किया 1ए500 रु29 नवंबर नीतीश ने भुगतान किया 6ए800 रु.बट्टा दिया 200 रु30 नवंबर वेतन का भुगतान किया 3ए000 रु17ण् मै. गोयल ब्रदसर् के निम्न लेन - देनों की प्रविष्िट रोजनामचे में कर उसकी खतौनी खाताबही में करें - 1 जनवरी, 2006 रोकड़ से व्यापार आरंभ किया 1ए65ए000 रु2 जनवरी पी. एन. बी. में बैंक खाता खोला 80ए000 रु4 जनवरी तारा से माल खरीदा 22ए000 रु5 जनवरी नकद माल खरीदा 30ए000 रु8 जनवरी नमन को माल बेचा 12ए000 रु10 जनवरी तारा को नकद भुगतान किया 22ए000 रु15 जनवरी नमन से रोकड़ प्राप्त किया 11ए700 रु.बट्टा दिया 300 रु16 जनवरी मजदूरी का भुगतान किया 200 रु18 जनवरी आॅपिफस में प्रयोग के लिए पफनीर्चर खरीदा 5ए000 रु20 जनवरी बैंक से व्यक्ितगत उपयोग के लिए राश्िा आहरित की 4ए000 रु22 जनवरी चेक द्वारा किराये का भुगतान किया 3ए000 रु23 जनवरी घरेलू उपयोग के लिए माल व्यापार से निकाला 2ए000 रु24 जनवरी आॅपिफस उपयोग के लिए बैंक से राश्िा आहरित की 6ए000 रु26 जनवरी कमीशन प्राप्त की 1ए000 रु26 जनवरी बैंक खचेर् 200 रु28 जनवरी बीमा प्रीमियम के भुगतान के लिए चेक जारी किया 3ए000 रु29 जनवरी वेतन का भुगतान किया 7ए000 रु30 जनवरी नकद विक्रय 10ए000 रु18ण् मै. मोहित टेªडसर् के लिए रोजनामचे में प्रविष्िटयाँ कर खाता बही में खतौनी कीजिए - 1 अगस्त, 2005 रोकड़ से व्यापार आरंभ किया 1ए10ए000 रु2 अगस्त एच. डी. एपफ. सी. बैंक में खाता खोला 50ए000 रु3 अगस्त पफनीर्चर खरीदा 20ए000 रु7 अगस्त रूपा टेªडसर् से नकद माल खरीदा 30ए000 रु8 अगस्त मै. हेमा टेªडसर् को माल बेचा 42ए000 रु10 अगस्त रोकड़ माल बेचा 30ए000 रु14 अगस्त मै. गुप्ता टेªडसर् को उधर माल बेचा 12ए000 रु16 अगस्त किराए का भुगतान किया 4ए000 रु18 अगस्त व्यापारिक खचोर् का भुगतान किया 1ए000 रु20 अगस्त गुप्ता ट्रेडसर् से नकद प्राप्त किया 12ए000 रु22 अगस्त हेमा टेªडसर् का खरीदा माल वापिस किया 2ए000 रु23 अगस्त हेमा टेªडसर् को नकद भुगतान किया 40ए000 रु25 अगस्त डाक टिकटें खरीदी 100 रु30 अगस्त ट्टषभ को वेतन दिया 4ए000 रु19ण् मै. भानु टेªडसर् की पुस्तकों में रोजनामचा प्रविष्िट कर उनकी खतौनी खाता बही में करें 1 दिसंबर 2005 रोकड़ से व्यापार आरंभ किया 92ए000 रु2 दिसंबर बैंक में रोकड़ जमा किया 60ए000 रु4 दिसंबर हिमानी से उधर माल खरीदा 40ए000 रु6 दिसंबर नकद माल खरीदा 20ए000 रु8 दिसंबर हिमानी को माल वापसी की 4ए000 रु10 दिसंबर नकद माल बेचा 20ए000 रु14 दिसंबर हिमानी को चेक जारी किया 3ए600 रु17 दिसंबर मैं. गोयल टेªडसर् को माल बेचा 3ए50ए000 रु19 दिसंबर व्यक्ितगत उपयोग के लिये बैंक से कैश निकाला 2ए000 रु21 दिसंबर गोयल टेªडसर् ने माल वापस किया 3ए500 रु22 दिसंबर बैंक में कैश जमा किया 20ए000 रु26 दिसंबर गोयल टेªडसर् से चेक प्राप्त किया 31ए500 रु28 दिसंबर माल दान में दिया 2ए000 रु29 दिसंबर किराया दिया 3ए000 रु30 दिसंबर वेतन का भुगतान किया 7ए000 रु31 दिसंबर कायार्लय के लिये मशीन नकद खरीदी 3ए000 रु20ण् मै. ब्यूटी टेªडसर् की पुस्तकों में रोजनामचे की प्रविष्िटयां कर उनकी खाता बही में खतौनी कीजिए - 1 दिसंबर, 2005 रोकड़ से व्यापार आरंभ किया 2ए00ए000 रु2 दिसंबर आॅपिफस के लिए पफनीर्चर खरीदा 30ए000 रु3 दिसंबर बैंक में चालू खाता खोला 1ण्00ण्000 रु5 दिसंबर चेक द्वारा भुगतान कर कंप्यूटर खरीदा 2ए50ए000 रु6 दिसंबर रितिका से उधर माल खरीदा 60ए000 रु8 दिसंबर नकद बिक्री 30ए000 रु9 दिसंबर कृष्णा को माल उधर बेचा 25ए000 रु12 दिसंबर मानसी को नकद भुगतान किया 30ए000 रु14 दिसंबर रितिका को माल वापिस किया 2ए000 रु15 दिसंबर नकद भुगतान कर स्टेशनरी खरीदी 3ए000 रु16 दिसंबर मजदूरी का भ्ुागतान किया 1ए000 रु18 दिसंबर कृष्णा ने माल वापिस किया 2ए000 रु20 दिसंबर रितिका को चेक द्वारा भुगतान किया 28ए000 रु22 दिसंबर कृष्णा से रोकड़ प्राप्त की 15ए000 रु24 दिसंबर चेक द्वारा बीमें के प्रीमियम का भुगतान किया 4ए000 रु26 दिसंबर कृष्णा से चेक प्राप्त किया 8ए000 रु28 दिसंबर चेक द्वारा किराये का भुगतान किया 3ए000 रु29 दिसंबर मीना टेªडसर् से उधर माल खरीदा 20ए000 रु30 दिसंबर नकद बिक्री 14ए000 रु21ण् संजना के लिए रोजनामचा तैयार कर खाता बही में खतौनी कीजिए - 1ण् हस्तस्थ रोकड़ 6ए000 रुबैकस्थ रोकड़ 55ए000 रुमाल का स्टाॅक 40ए000 रुरोहन से उधर 6ए000 रुतरुण पर उधर 10ए000 रु3ण् करुणा को माल की बिक्री 15ए000 रु4ण् नकद बिक्री 10ए000 रु6 हिना को माल की बिक्री 5ए000 रु8 रूपाली से माल की वापसी 30ए000 रु10ण् करुणा को माल की वापसी 2ए000 रु14 करुणा से रोकड़ की प्राप्ित 13ए000 रु15ण् रोहन को चेक से भुगतान 6ए000 रु16ण् हिना से नकद की प्रप्ित 3ए000 रु20ण् तरुण से चेक की प्राप्ित 10ए000 रु22ण् हिना से चेक की प्राप्ित 2ए000 रु25ण् रूपाली को नकद भुगतान 18ए000 रु26ण् माल की ढुलाइर् का भुगतान 1ए000 रु27ण् वेतन का भुगतान 8ए000 रु28ण् नकद विक्रय 7ए000 रु29ण् रूपाली को चेक द्वारा भुगतान 12ए000 रु30ण् संजना द्वारा व्यक्ितगत प्रयोग के लिए माल लेना 4ए000 रु.31ण् समान्य खचोर् का भुगतान 500 रुस्वयं जाँचिए की जाँच सूची स्वयं जांचिए - 1ण् 1ण् स.2ण् शु( पूंजी व नइर् पूँजी के निवेश पर पूँजी खाते में वृि होगी तथा शु( हानि व आहरण द्वारा कमी 3ण् नही 4ण् बस्वयं जाँचिए - 2ण् पण् रोकड़ खाता व पूंजी खाता, परिसंपिायां व पूंजी, परिसंपिायों तथा पूँजी में वृि पपण् क्रय खाता व रमेश खाता परिसंपिा व देयता, परिसंपिायों व देयताओं में वृि पपपण् रोकड़ खाता व विक्रय खाता, परिसंपिा व आमद, परिसम्पिायों व आमद में वृि पअण् वेतन खाता व रोकड़ खाता व्यय व परिसंपिायां व्यय में वृि व परिसम्पिा में कमी अण् पफनीर्चर व रोकड़ खाता, परिसंपिायां एक परिसंपिा में वृि व दूसरी परिसंपिा में कमी अपण् ट्टण खाता व बैंक खाता देयता व परिसंपिा देयता में वृि तथा परिसंपिा में कमी अपपण् सरिता का खाता व बिक्री खाता, परिसंपिा व आमद, परिसंपिा व आगम दोनों में कमी आइर् अपपपण् रमेश का खाता व रोकड़ खाता, देयता व परिसंपिा, देयता में कमी तथा परिसंपिा में वृि पगण् वेतन खाता व रोकड़ खाता, व्यय व परिसम्पिा, व्यय में वृि व परिसंपिा में कमी स्वयं जांचिए - 3 1ण् ;दद्ध 2ण् ;दद्ध 3ण् ;बद्ध 4ण् ;बद्ध 5ण् ;दद्ध 6ण् ;सद्ध 7ण् ;अद्ध स्वयं जाँचिए - 4 1ण् किराया 2ण् देनदार 3ण् रोकड़ 4ण् मशीन 5ण् लेनदार 6ण् आॅपिफस स्टेशनरी 7ण् देनदार स्वयं जांचिए - 5 1ण् ;दद्ध 2ण् ;अद्ध 3ण् ;अद्ध 4ण् ;बद्ध 5ण् ;सद्ध 6ण् ;दद्ध 7ण् ;दद्ध 8ण् ;दद्ध 9ण् ;सद्ध

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