प्रश्न 1 आपको तीन परखनलियाँ दी गइर् हैं। इनमें से एक में आसवित जल एवं शेष दो में से एक में अम्लीय विलयन तथा दूसरे में क्षारीय विलयन है। यदि आपको केवल लाल लिटमस पत्रा दिया जाता है तो आप प्रत्येक परखनली में रखे गए पदाथो± की पहचान वैफसे करेंगेे? घ् ऽ अपने प्रेक्षणों को लिख्िाए। ऽ अब थोड़ा तनु वैनिला एवं लौंग का तेल लीजिए तथा इनवफी गंधों की जाँच कीजिए। ऽ एक परखनली में तनु भ्ब्स विलयन एवं दूसरी में तनु छंव्भ् का विलयन लीजिए। दोनों में तनु वैनिला एसेंस की कुछ बूँदें डालकर उसे हिलाइए। उसवफी गंध की पुनः जाँच कीजिए। यदि गंध में कोइर् बदलाव है तो उसे दज़र् कीजिए। ऽ इसी प्रकार तनु भ्ब्स एवं तनु छंव्भ् के साथ लौंग के तेल ;बसवअम वपसद्ध वफी गंध् में आए परिवतर्न की जाँच कर अपने प्रेक्षण को दज़र् कीजिए। आपके प्रेक्षण के आधार पर वैनिला, प्याज एवं लौंग के तेल में से किसे गंधीय ;वसंिबजवतलद्धसूचक की तरह उपयोग किया जा सकता है? अम्ल एवं क्षारक के रासायनिक गुणधमो± को समझने के लिए आइए कुछ और ियाकलाप करते हैं। 2ण्1ण्2 अम्ल एवं क्षारक धातु के साथ वैफसे अभ्िािया करते हैं? ियाकलाप 2.3 ऽ चित्रा 2.1 के अनुसार उपकरण व्यवस्िथत कीजिए। ऽ एक परखनली में लगभग 5 उस् तनु सल्फ्ऱ यूरिक अम्ल लीजिए एवं इसमें दानेदार ¯जक के टुकड़े डालिए। ऽ दानेदार जिंक के टुकड़ों की सतह पर आप क्या देखते हैं? ऽ उत्सजिर्त गैस को साबुन के विलयन से प्रवाहित कीजिए। ऽ साबुन के विलयन में बुलबुले क्यों बनते हैं? ऽ जलती हुइर् मोमबत्ती को गैस वाले बुलबुले के पास ले जाइए। ऽ आप क्या प्रेक्षण करते हैं? ऽ कुछ अन्य अम्ल जैसे भ्ब्सए भ्छव्3एवं ब्भ् 3ब्व्व्भ् के साथ यह ियाकलाप दोहराइए। ऽ प्रत्येक स्िथति में आपका प्रेक्षण समान है या भ्िान्न? प्रवाह नली स्टैंड पफट - पफट की ध्वनि के साथ हाइड्रोजन गैस का दहन मोमबत्तीपरखनली हाइड्रोजनतनु सल्फ्ऱयूरिक अम्ल गैस के बुलबुले हाइड्रोजन से भरे साबुनदानेदार ¯जक के टुकड़े के बुलबुले साबुन का विलयन चित्रा 2.1 दानेदार ¯जक के टुकड़ों के साथ तनु सल्फ्ऱयूरिक की अभ्िािया एवं ज्वलन द्वारा हाइड्रोजन गैस की जाँच अम्ल, क्षारक एवं लवण थ्िासेल पफनेल ;कीपद्ध स्टैण्ड काॅकर्काबर्न डाइआॅक्साइड गैस तनुकृत हाइड्रोक्लोरिक अम्लचित्रा 2.2 वैफल्िसयम हाइड्राॅक्साइड में से काबर्न डाइआॅक्साइड गैस को गुज़ारना ध्यान दीजिए कि ऊपर दी गइर् अभ्िाियाओं में धातु, अम्लों से हाइड्रोजन का विस्थापन करता है। हाइड्रोजन गैस के निकलने से यह पता चलता है। अम्ल के अवश्िाष्टों के साथ मिलकर धातु एक यौगिक बनाता है जिसे लवण कहते हैं। अम्ल के साथ धातु की अभ्िािया को इस प्रकार व्यक्त कर सकते हैंः अम्ल ़ धातु → लवण ़ हाइड्रोजन गैस आपने जिन अभ्िाियाओं का प्रेक्षण किया है, क्या आप उनका समीकरण लिख सकते हैं? ियाकलाप 2.4 ऽ एक परखनली में ¯जक के कुछ दानेदार टुकड़े रख्िाए। ऽ उसमें 2 उस् सोडियम हाइड्राॅक्साइड का घोल मिला कर उसे गमर् कीजिए। ऽ तत्पश्चात, ियाकलाप 2.3 के अनुसार ियाओं को दोहराइए एवं अपने प्रेक्षण को लिख्िाए। इस अभ्िािया को निम्न प्रकार से लिख सकते हैंः 2छंव्भ् ़ र्द → छं र्दव् ़ भ् 22 2 ;साडियम ¯ ेद्धे जवफट आप देखेंगे कि अभ्िािया में पुनः हाइड्रोजन बनता है। ¯कतु ऐसी अभ्िाियाएँ सभी धातुओं के साथ संभव नहीं हैं। 2ण्1ण्3 धातु काबोर्नेट तथा धातु हाइड्रोजनकाबोर्नेट अम्ल के साथ वैफसे अभ्िािया करते हैं? ियाकलाप 2.5 निकास नली ऽ दो परखनलियाँ लीजिए। उन्हें ‘।’ एवं ‘ठ’ से परखनली नामांकित कीजिए। ऽ परखनली ‘।’ में लगभग 0.5 ह सोडियम काबोर्नेट ;छं2ब्व्3द्ध लीजिए एवं परखनली ‘ठ’ में 0.5 ह परखनली वैफल्िसयम सोडियम हाइड्रोजनकाबोर्नेट ;छंभ्ब्व्3द्ध लीजिए। हाइड्राॅक्साइड ऽ दोनों परखनलियों में लगभग 2 उस् तनु भ्ब्स मिलाइए।का विलयनसोडियम ऽ आपने क्या निरीक्षण किया? काबोर्नेट ऽ चित्रा 2.2 के अनुसार प्रत्येक स्िथति में उत्पादित गैस को चूने के पानी ;वैफल्िसयम हाइड्राॅक्साइड का विलयनद्ध से प्रवाहित कीजिए एवं अपने निरीक्षणों को अभ्िालिख्िात कीजिए। उपरोक्त ियाकलाप में होने वाली अभ्िाियाओं को इस प्रकार लिखा जाता हैः परखनली ‘।’: छं ब्व् ;ेद्ध ़ 2भ्ब्स;ंुद्ध → 2छं ब्स;ंुद्ध ़ भ् व्;सद्ध ़ ब्व् ;हद्ध 23 22 परखनली ‘ठ’: छंभ्ब्व् 3;ेद्ध ़ भ्ब्स;ंुद्ध → छं ब्स;ंुद्ध ़ भ् व्;सद्ध ़ ब्व् 2 2;हद्ध 22 विज्ञान बल्ब6 वोल्ट की बैटरी ऽ चित्रा 2.3 के अनुसार कीलों को 6 वोल्ट की एक बैटरी के दोनों स्िवचटमिर्नलों के साथ एक बल्ब तथा स्िवच के माध्यम से जोड़ दीजिए। ऽ अब बीकर में थोड़ा तनु भ्ब्स डालकर विद्युत धारा प्रवाहित कीजिए। बीकर ऽ इसी िया को तनु सल्फ्रयूरिक अम्ल के साथ दोहराइए। ऽ आपने क्या प्रेक्षण किया? कीलतनुकृत अम्लीय विलयनऽ इन परीक्षणों को ग्लूकोज़ एवं ऐल्कोहाॅल के विलयनों के साथ अलग - अलग दोहराइए। अब आपने क्या प्रेक्षण किया? रबर का काॅकर् ऽ बल्ब क्या प्रत्येक स्िथति में जलता है? चित्रा 2.3 जल में अम्ल का विलयन विद्युतअम्ल की स्िथति में बल्ब जलने लगता है जैसा कि चित्रा 2.3 में दिखाया गया है। चालन करता हैपरंतु आप यह देखेंगे कि ग्लूकोश एवं ऐल्कोहाॅल का विलयन विद्युत का चालन नहीं करते हैं। बल्ब के जलने से यह पता चलता है कि इस विलयन से विद्युत का प्रवाह हो रहा है। विलयन में विद्युत धारा का प्रवाह आयनों द्वारा होता है। चूँकि अम्ल में उपस्िथत धनायन भ़् है, इससे ज्ञात होता है कि अम्ल विलयन में हाइड्रोजन आयन भ़् ;ंुद्ध उत्पन्न करता है, तथा इसी कारण उनका गुणध्मर् अम्लीय होता है। सोडियम हाइड्राॅक्साइड, वैफल्िसयम हाइड्राॅक्साइड आदि जैसे क्षारकों का उपयोग करके इस ियाकलाप को दोहराइए। इस ियाकलाप के परिणामों से आप क्या निष्कषर् निकाल सकते हैं? 2ण्2ण्1 जलीय विलयन में अम्ल या क्षारक का क्या होता है? क्या अम्ल केवल जलीय विलयन में ही आयन उत्पन्न करते हैं? आइए इसकी जाँच करें। ियाकलाप 2.9 आद्रर् लिटमस पत्रा ऽ एक स्वच्छ एवं शुष्क परखनली में लगभग 1 ह ठोस छंब्स निकास नलीकाॅवर्फलीजिए तथा चित्रा 2.4 के अनुसार उपकरण व्यवस्िथत कीजिए। भ्2ैव्4सांद्र वाला परखनली ऽ परखनली में कुछ मात्रा में सांद्र सल्फ्रयूरिक अम्ल डालिए। शंक्वाकार फ्रलास्क ऽ आपने क्या प्रेक्षण किया? क्या निकास नली से कोइर् गैस बाहर परखनलीआ रही है? सोडियम ऽ इस प्रकार उत्सजिर्त गैस की सूखे तथा नम नीले लिटमस पत्रा ऽ किस स्िथति में लिटमस पत्रा का रंग परिवतिर्त होता है? क्लोराइड द्वारा जाँच कीजिए। वैफल्िसयम क्लोराइड ऽ उपरोक्त ियाकलाप के आधार पर आप निम्न के अम्लीय वाली रक्षक नली गुण के बारे में क्या निष्कषर् निकाल सकते हैंः चित्रा 2.4भ्ब्सगैस का निमार्ण ;पद्ध शुष्क भ्ब्स गैस ;पपद्धभ्ब्स विलयन? अध्यापकों के लिए निदेर्शः यदि जलवायु अत्यिाक आद्रर् हो तो गैस को शुष्क करने के लिए आपको वैफल्िसयम क्लोराइड वाली शुष्क नली से गैस प्रवाहित करना होगा। अम्ल, क्षारक एवं लवण इस प्रयोग से यह स्पष्ट होता है कि जल की उपस्िथति मेंभ्ब्समें हाइड्रोजन आयन उत्पन्न होते हैं। जल की अनुपस्िथति मेंभ्ब्सअणुओं से भ़्आयन पृथक नहीं हो सकते हैं। भ्ब्स ़ भ्2व् → भ्3व़् ़ ब्सदृ हाइड्रोजन आयन स्वतंत्रा रूप में नहीं रह सकते लेकिन ये जल के अणुओं के साथ मिलकर रह सकते हैं। इसलिए हाइड्रोजन आयन को सदैवभ़्;ंुद्धया हाइड्रोनियम आयन ;भ्3व़्द्धसे दशार्ना चाहिए। भ़् ़ भ् व् → भ् व़् 23 हमने देखा कि अम्ल जल में भ्3व़्अथवाभ़्;ंुद्धआयन प्रदान करता है। आइए देखें कि किसी क्षारक को जल में घोलने पर क्या होता हैः भ्व़् 2छंव्भ्;ेद्ध ⎯→छं ;ंुद्ध़व्भ् ;ंुद्ध ⎯⎯⎯ ⎯⎯⎯ ़ दृ 2ज्ञव्भ्;ेद्ध ⎯ भ्व्→ज्ञ ;ंुद्ध़ व्भ् ;ंुद्ध भ्व्2़ 2डह;व्भ्द्ध ;ेद्ध ⎯→डह ;ंुद्ध़ व्भ्2 ⎯⎯⎯ 2 ;ंुद्ध क्षारक जल में हाइड्राॅक्साइड;व्भ्दृद्धआयन उत्पन्न करते हैं। जल में घुलनशील क्षारक को क्षार कहते हैं। सभी क्षारक जल में घुलनशील नहीं होते हैं। जल में घुलनशील क्षारक को क्षार कहते हैं। इनका स्पशर् साबुन की तरह, स्वाद कड़वा होता है तथा प्रकृति संक्षारक होती है। इन्हें कभी भी छूना या चखना नहीं चाहिए क्योंकि ये हानिकारक होते हैं। सारणी 2.1 में कौन से क्षारक, क्षार हैं? .अब तक हम जान चुके हैं कि सभी अम्ल भ़्;ंुद्ध तथा सभी क्षारक व्भ् ;ंुद्ध उत्पन्न करते हैं, अतः अब हम उदासीनीकरण अभ्िािया को निम्नलिख्िात रूप में व्यक्त कर सकते हैंं। अम्ल ़ क्षारक→ लवण ़ जल भ् ग् ़ ड व्भ्→डग् ़ भ्व्भ् भ़्;ंुद्ध ़ व्भ्दृ ;ंुद्ध→भ्2व्;सद्ध आइए देखें कि अम्ल या क्षारक में जल मिलाने पर क्या होता है ियाकलाप 2.10 ऽ एक बीकर में 10 उस् जल लीजिए। ऽ इसमें कुछ बूँदें सांद्र सल्फ्रयूरिक अम्ल ;भ्2ैव्4द्ध की डालकर बीकर धीरे - धीरे घुमाइए। ऽ बीकर के आधार को स्पशर् कीजिए। ऽ क्या तापमान में कोइर् परिवतर्न आया?चित्रा 2.5 ऽ यह प्रिया क्या उष्माक्षेपी अथवा ऊष्माशोषी है?सांद्र अम्ल तथा क्षारक वाले बतर्नों में ऽ उपयुर्क्त ियाकलाप को सोडियम हाइड्राॅक्साइड के साथ दोहराइए एवं अपनेलगे चेतावनी के चिÉ प्रेक्षण को लिख्िाए। क्या आपजानते हैं?26 विज्ञान ;अिाक अम्लताद्ध से चैदह ;अिाक क्षारीयद्ध तक चभ् को ज्ञात कर सकते हैं। साधारण भाषा चभ् को एक ऐसी संख्या के रूप में देखना चाहिए जो किसी विलयन की अम्लता अथवा क्षारकीयता को दशार्ते हैं। हाइड्रोनियम आयन की संाद्रता जितनी अिाक होगी उसका चभ् उतना ही कम होगा। किसी भी उदासीन विलयन के चभ् का मान 7 होगा। यदि चभ् स्केल में किसी विलयन का मान 7 से कम है तो यह अम्लीय विलयन होगा एवं यदि चभ् मान 7 से 14 तक बढ़ता है तो वह विलयन में व्भ्.की संाद्रता में वृि को दशार्ता है, अथार्त यहाँ क्षार की शक्ित बढ़ रही है ;चित्रा 2.6द्ध। सामान्यतः चभ् सावर्त्रिाक सूचक अंतभार्रित पेपर द्वारा ज्ञात किया जाता है। उदासीनबढ़ती हुइर् अम्लीय प्रकृति बढ़ती हुइर् क्षारक प्रकृति भ़्भ़् आयन की सांद्रता में वृि आयन की सांद्रता में कमी चित्रा 2.6 भ़्;ंुद्ध एवं व्भ्दृ;ंुद्ध की सांद्रता परिवतर्न के साथ चभ् की विभ्िान्नता सारणी 2.2 विलयन चभ् पत्रा लगभग पदाथर् कीियाकलाप 2.11 क्रमसंख्या का रंग चभ् मान प्रकृति ऽ दी गइर् सारणी 2.2 में विलयन 1 लार;खाना खाने के पहलेद्धके चभ् मानों की जाँच कीजिए। लार ;खाना खाने के बादद्धऽ अपने प्रेक्षणों को लिख्िाए। 2 ऽ आपके प्रेक्षणों के आधार पर 3 नींबू का रस प्रत्येक पदाथर् की प्रकृति क्या 4 रंगरहित वातित पेय है? 5 गाजर का रस 6 काॅपफी 7 टमाटर का रस 8 नल का जल 9 1ड छंव्भ् 10 1ड भ्ब्सजठर रस नींबू का रस शु( जल ;7द्ध मिल्क आॅपफ मैग्नीश्िाया सोडियम हाइड्राॅक्साइड ;लगभग 1.2द्ध ;लगभग 2.2द्ध रक्त ;7.4द्ध ;10द्ध विलयन ;लगभग 14द्ध चित्रा 2.7 कुछ सामान्य पदाथो± के चभ् को चभ् पत्रा पर दिखाया गया है ;रंग केवल रप़फ मागर्दशर्न के लिए दिए गए हैंद्ध 28 विज्ञान क्या आप जानते हैं? हमारे पाचन तंत्रा का चभ् यह अत्यन्त रोचक है कि हमारा उदर हाइड्रोक्लोरिक अम्ल ;भ्लकतवबीसवतपब ंबपकद्ध उत्पन्न करता है। यह उदर को हानि पहुँचाए बिना भोजन के पाचन में सहायक होता है। अपच की स्िथति में उदर अत्यिाक मात्रा में अम्ल उत्पन्न करता है जिसके कारण उदर में ददर् एवं जलन का अनुभव होता है। इस ददर् से मुक्त होने के लिए ऐन्टैसिड ;ंदजंबपकद्ध जैसे क्षारकों का उपयोग किया जाता है। इस अध्याय के आरंभ में ऐसा ही एक उपचार आपने अवश्य सुझाया होगा। यह ऐन्टैसिड अम्ल की आध्िक्य मात्रा को उदासीन करता है। इसके लिए मैग्नीश्िायम हाइड्राॅक्साइड ;मिल्क आॅपफ मैगनीश्िायाद्ध जैसे दुबर्ल क्षारक का उपयोेग किया जाता है। चभ् परिवतर्न के कारण दंत - क्षय मुँह के चभ् का मान 5.5 से कम होने पर दाँतों का क्षय प्रारंभ हो जाता है। दाँतों का इनैमल ;दत्तवल्कद्ध वैफल्िसयम पफाॅस्पफेट से बना होता है जो कि शरीर का सबसे कठोर पदाथर् है। यह जल में नहीं घुलता लेकिन मुँह की चभ् का मान 5.5 से कम होने पर यह संक्षारित हो जाता है। मुँह में उपस्िथत बैक्टीरिया, भोजन के पश्चात मुँह में अवश्िाष्ट शवर्फरा एवं खाद्य पदाथो± का निम्नीकरण करके अम्ल उत्पन्न करते हैं। भोजन के बाद मुँह साप़फ करने से इससे बचाव किया जा सकता है। मुँह की सप़फाइर् के लिए क्षारकीय दंत - मंजन का उपयोग करने से अम्ल की आध्िक्य मात्रा को उदासीन किया जा सकता है जिसके परिणामस्वरूप दंत क्षय को रोका जा सकता है। पशुओं एवं पौधों द्वारा उत्पन्न रसायनों से आत्मरक्षा क्या कभी आपको मधुमक्खी ने डंक मारा है? मधुमक्खी का डंक एक अम्ल छोड़ता है जिसके कारण ददर् एवं जलन का अनुभव होता है। डंक मारे गए अंग में बे¯कग सोडा जैसे दुबर्ल क्षारक के उपयोग से आराम मिलता है। नेटल ;दमजजसमद्ध के डंक वाले बाल मेथैनाॅइक अम्ल छोड़ जाते हैं जिनके कारण जलन वाले ददर् का अनुभव होता है। प्रकृति उदासीनीकरण के विकल्प देती है नेटल एक शाकीय पादप है जो जंगलों में उपजता है। इसके पत्तों में डंकनुमा बाल होते हैं जो अगर गलती से छू जाएँ तो डंक जैसा ददर् होता है। इन बालों से मेथैनाॅइक अम्ल का स्राव होने के कारण यह ददर् होता है। पारंपरिक तौर पर इसका इलाज डंक वाले स्थान पर डाॅक पौधे की पत्ती रगड़कर किया जाता है। ये पौधे अिाकतर नेटल के पास ही पैदा होते हैं। क्या आप डाॅक पौधे की प्रकृति का अनुमान लगा सकते हैं? आप अब जान गए होंगे कि अगली बार पहाड़ों पर चढ़ते हुए गलती से नेटल पौधे के छू जाने पर आपको क्या करना होगा? क्या आप ऐसे ही पारंपरिक इलाज जानते हैं जो डंक लगने पर प्रभावी हों? 30 विज्ञान प्रश्न 1234 आपके पास दो विलयन ‘।’ एवं ‘ठ’ हैं। विलयन ‘।’ के चभ् का मान 6 है एवं विलयन ‘ठ’ के चभ् का मान 8 है। किस विलयन में हाइड्रोजन आयन की सांद्रता अिाक है? इनमें से कौन अम्लीय है तथा कौन क्षारकीय? भ़्;ंुद्ध आयन की सांद्रता का विलयन की प्रकृति पर क्या प्रभाव पड़ता है? क्या क्षारकीय विलयन में भ़्;ंुद्ध आयन होते हैं? अगर हाँ, तो यह क्षारकीय क्यों होते हैं? कोइर् किसान खेत की मृदा की किस परिस्िथति में बिना बुझा हुआ चूना ;वैफल्िसयम आॅक्साइडद्ध, बुझा हुआ चूना ;वैफल्िसयम हाइड्राॅक्साइडद्ध या चाॅक ;वैफल्िसयम काबोर्नेटद्ध का उपयोग करेगा? घ् साधारण नमक - रसायनों का कच्चा पदाथर् इस प्रकार प्राप्त साधारण नमक हमारे दैनिक उपयोग के कइर् पदाथो±ऋ जैसे - सोडियम हाइड्राॅक्साइड, बे¯कग सोडा, वा¯शग सोडा, विरंजक चूणर् आदि के लिए एक महत्वपूणर् कच्चा पदाथर् है। आइए देखते हंै कि वैफसे एक पदाथर् का उपयोग विभ्िान्न पदाथर् बनाने के लिए करते हैं। सोडियम हाइड्राॅक्साइड सोडियम क्लोराइड के जलीय विलयन ;लवण जलद्ध से विद्युत प्रवाहित करने पर यह वियोजित होकर सोडियम हाइड्राॅक्साइड उत्पन्न करता है। इस प्रिया को क्लोर - क्षार प्रिया कहते हंैं क्योंकि इससे निमिर्त उत्पाद - क्लोरीन ;क्लोरद्ध एवं सोडियम हाइड्राॅक्साइड ;क्षारद्ध होते हैं। 2छंब्स;ंुद्ध ़ 2भ्2व्;सद्ध → 2छंव्भ्;ंुद्ध ़ ब्स2;हद्ध ़ भ्2;हद्ध क्लोरीन गैस ऐनोड पर मुक्त होती है एवं हाइड्रोजन गैस वैफथोड पर। वैफथोड पर सोडियम हाइड्राॅक्साइड विलयन का निमार्ण भी होता है। इस प्रिया से उत्पन्न हुए तीनों उत्पाद उपयोगी हैं। चित्रा 2.8 इन उत्पादों के विभ्िान्न उपयोगों को दशार्ता है। ऐनोड परवैफथोड पर ईंधन, मागर्रीन, खाद के लिए जल की स्वच्छता, स्वीमिंग पूल, धातुओं से ग्रीज़ हटाने के लिए, साबुन अमोनिया पी.वी.सी., रोगाणुनाशक, सी.एपफ.सी., तथा अपमाजर्क, कागज़ बनाने के लिए, कीटनाशक कृत्रिाम पफाइबर हाइड्रोक्लोरिक अम्ल विरंजक चूणर् इस्पात की सपफाइर्, अमोनियम क्लोराइड, घरेलू विरंजन, वस्त्रा विरंजन के लिए औषध्ियाँ, सौंदयर् प्रसाध्न के लिए चित्रा 2.8क्लोर - क्षार प्रिया के महत्वपूणर् उत्पाद अम्ल, क्षारक एवं लवण इस अभ्िािया से उत्पन्न काबर्न डाइआॅक्साइड के कारण पावरोटी या केक में खमीर उठ ;पूफल/उभरद्ध जाता है तथा इससे यह मुुलायम एवं स्पंजी हो जाता है। ;पपद्ध सोडियम हाइड्रोजनकाबोर्नेट भी ऐन्टैसिड का एक संघटक है। क्षारीय होने के कारण यह पेट में अम्ल की अिाकता को उदासीन करके राहत पहुँचाता है। ;पपपद्ध इसका उपयोग सोडा - अम्ल अग्िनशामक में भी किया जाता है। धोने का सोडा छं2ब्व्3ण्10भ्2 व्;धोने का सोडाद्ध एक अन्य रसायन जिसे सोडियम क्लोराइड से प्राप्त किया जा सकता है। आप ऊपर देख चुके हैं कि बे¯कग सोडा को गमर् करके सोडियम काबोर्नेट प्राप्त किया जा सकता है। सोडियम काबोर्नेट के पुनः िस्टलीकरण से धोने का सोडा प्राप्त होता है। यह भी एक क्षारकीय लवण है। छं ब्व् ़ 10 भ् व् → छंब्व् ण्10 भ् व् 23 2 232 ;सोडियम काबोर्नेटद्ध 10भ् व् क्या दशार्ता है? क्या यह छं ब्व्को आद्रर् बनाता है? हम इसका जबाब2 23अगले भाग में पढ़ेंगे। सोडियम काबोर्नेट एवं सोडियम हाइड्रोजनकाबोर्नेट, कइर् औद्योगिक प्रियाओं के लिए भी उपयोगी रसायन है। धोने के सोडे के उपयोग ;पद्ध सोडियम काबोर्नेट का उपयोग काँच, साबुन एवं कागज़ उद्योगों में होता है। ;पपद्ध इसका उपयोग बोरेक्स जैसे सोडियम यौगिक के उत्पादन में होता है। ;पपपद्ध सोडियम काबोर्नेट का उपयोग घरों में साप़फ - सप़फाइर् के लिए होता हैै। ;पअद्ध जल की स्थायी कठोरता को हटाने के लिए इसका उपयोग होता है। 2ण्4ण्4 क्या लवण के िस्टल वास्तव में शुष्क हैं? ियाकलाप 2.15 ऽ काॅपर सल्प़ेफट के कुछ िस्टल को शुष्क क्वथन नली में गमर् कीजिए। ऽ गमर् करने के बाद काॅपर सल्प़ेफट का रंग क्या है? ऽ क्वथन नली में क्या जल की बूँदें नज़र आती हैं? ये कहाँ से आईं? ऽ गमर् करने के बाद प्राप्त काॅपर सल्प़ेफट के नमूने में जल की 2 - 3 बूँदें डालिए। ऽ आप क्या प्रेक्षण करते हैं? क्या काॅपर सल्प़ेफट का नीला रंग वापस आ जाता है? परखनली पकड़ने वाला क्वथन नली जल की बँूदें काॅपर सल्प़ेफट के िस्टल बनर्र चित्रा 2.9 िस्टलन का जल हटाना अम्ल, क्षारक एवं लवण ऽ इसे एक जलती हुइर् मोमबत्ती की ओर लाइए। क्या होता है? नोज़ल ;तुंडद्ध बुदबुदाहट धागा धावन बोतल ज्वलन नली तनु सल्फ्ऱयूरिक अम्ल सोडियम हाइड्रोजनकाबोर्नेट ;ंद्ध ;इद्ध चित्रा 2.10;ंद्धसोडियम हाइड्रोजनकाबोर्नेट वाली धावन बोतल में लटकी हुइर् तनु सल्फ्ऱयूरिक अम्ल वाली ज्वलननली ;इद्धनोज़ल से बाहर आता बुदबुदाहट 40 विज्ञान

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