अध्याय 8 त्रिाकोणमिति का परिचय और उसके अनुप्रयोग ;।द्ध मुख्य अवधरणाएँ और परिणाम ऽ एक त्रिाभुज।ठब्ए जिसका कोण ठ समकोण है, कोण । के त्रिाकोणमितीय अनुुुपात इस प्रकारपरिभाष्िात किए जाते हैंः ∠। कीसम्मख्ुाभजुा ठब् ∠। का ेपदम ;साइन द्धत्र ेपद ।त्र त्र कणर् ।ब् ∠। कीआसन्न भजुा ।ठ ∠। का बवेपदम ;कोसाइनद्धत्र बवे ।त्र त्र कणर् ।ब् ∠। कीसम्मुखभजुा ठब् त्र∠। का जंदहमदज ;टैनजेंटद्ध त्र जंद । त्र ∠। कीआसन्न भुजा ।ठ 1 ।ब् ∠। का बवेमबंदज ;कोसीकेंटद्धत्र बवेमब ।त्र त्र ेपद । ठब् ∠। का ेमबंदज ;सीकेंटद्ध त्र ेमब । 1 बवे । त्र त्र ।ब् ।ठ 1 ।ठ ∠। का बवजंदहमदज ;कोटैंजेंटद्ध त्र बवज । त्र जंद । ठब् ेपद। बवे। जंद । त्र बवे। ए बवज । त्र ेपद । ऽ यदि कोण वही रहे, तो एक कोण के त्रिाकोणमितीय अनुपात त्रिाभुज की भुजाओं की लंबाइयों केसाथ बदलते ;विचरितद्ध नहीं हैं। ऽ यदि किसी कोण का एक त्रिाकोणमितीय अनुपात दिया हो, तो उसके अन्य त्रिाकोणमितीय अनुपात निधर्रित किए जा सकते हैं।ऽ कोणों 0°ए 30°ए 45°ए 60° और 90° के त्रिाकोणमितीय अनुपात: ऽ ेपद ।या बवे । का मान 1 से अध्िक कभी नहीं होता हैए जबकि बवेमब । या ेमब । का मान सदैव 1 से बड़ा या उसके बराबर होता है।ऽ पूरक कोेणों के त्रिाकोणमितीय अनुपातः । 0° 30° 45° 60° 90° ेपद । 0 1 2 1 2 3 2 1 बवे । 1 3 2 1 2 1 2 0 जंद । 0 1 3 1 3 परिभाष्िात नहीं बवेमब । परिभाष्िात नहीं 2 2 2 3 1 ेमब । 1 2 3 2 2 परिभाष्िात नहीं बवज । परिभाष्िात नहीं 3 1 1 3 0 ेपद ;90° दृ ।द्ध त्र बवे ।ए बवे ;90° दृ।द्ध त्र ेपद । जंद ;90° दृ।द्ध त्र बवज ।ए बवज ;90° दृ ।द्ध त्र जंद । ेमब ;90° दृ ।द्ध त्र बवेमब ।ए बवेमब ;90° दृ ।द्ध त्र ेमब । ऽ त्रिाकोणमितीय सवर्समिकाएँ रू बवे2। ़ ेपद2। त्र 1 1 ़ जंद2। त्र ेमब2। बवज2 । ़ 1 त्र बवेमब2 । ऽ किसी प्रेक्षक की आँख से उस वस्तु के बिंदु तक की रेखा जिसे प्रेक्षक देखता हैष्दृष्िट रेखाष् कहलाती है।ऽ देखी जाने वाली वस्तु काष्उन्नयन कोणष् वह कोण है जो दृष्िट रेखा क्षैतिज रेखा से बनाती है,जबकि वह वस्तु क्षैतिज स्तर रेखा से ऊपर होती है।ऽ देखी जाने वाली वस्तु का श्अवनमन कोणश् वह कोण है जो दृष्िट रेखा क्षैतिज रेखा से बनाती है,जबकि वह वस्तु क्षैतिज स्तर ;रेखाद्ध से नीचे होती है। ऽ किसी वस्तु की ऊँचाइर् या लंबाइर् अथवा दो भ्िान्न वस्तुओं के बीच की दूरी त्रिाकोणमितीय अनुपातोंकी सहायता से निधर्रित की जा सकती है। ;ठद्ध बहु विकल्पीय प्रश्न दिए हुए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए: प्रतिदशर् प्रश्न 1 रू ;ेपद30° ़ बवे30°द्ध दृ ;ेपद60° ़ बवे60°द्ध का मान है ;।द्ध दृ 1 ;ठद्ध0 ;ब्द्ध1 ;क्द्ध 2 हल रू उत्तर ;ठद्ध जंद 30 प्रतिदशर् प्रश्न 2 रू का मान हैबवज 60 1 1 ;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध 3 ;क्द्ध12 3 हल रू उत्तर ;क्द्ध प्रतिदशर् प्रश्न 3 रू ;ेपद 45° ़ बवे 45°द्ध का मान है 1 3;।द्ध ;ठद्ध 2 ;ब्द्ध ;क्द्ध 12 2 हल रू उत्तर ;ठद्ध प्रश्नावली 8ण्1 दिए हुए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए: 1ण् यदि बवे ।त्र 4 हैए तो जंद । का मान है5 334 5 ;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध543 3 1 2ण् यदि ेपद ।त्र हैए तो बवज । का मान है2 13;।द्ध 3 ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध 132 3ण् व्यंजक ख्बवेमब ;75° ़ θद्ध दृ ेमब ;15° दृ θद्ध दृ जंद ;55° ़ θद्ध ़ बवज ;35° दृ θद्ध, का मान है 3 ;।द्ध दृ 1 ;ठद्ध0 ;ब्द्ध1 ;क्द्ध 2 ं 4ण् यदि ेपद θ त्र दिया हैए तो बवे θ बराबर हैइइ 22 ंइइ दृ ं;।द्ध 2 2;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध 22इ दृ ं इइ दृ ं 5ण् यदि बवे ;α ़ βद्ध त्र 0 होए तो ेपद ;α दृ βद्ध को निम्नलिख्िात के रूप में बदला जा सकता है ;।द्ध बवे β ;ठद्ध बवे 2β ;ब्द्ध ेपद α ;क्द्ध ेपद 2α 6ण् ;जंद1° जंद2° जंद3° ण्ण्ण् जंद89°द्ध का मान है 1 ;।द्ध 0 ;ठद्ध1 ;ब्द्ध2 ;क्द्ध 2 7ण् यदि बवे 9α त्र ेपदα है और 9α ढ 90° हैए तो जंद 5α का मान है 1 ;।द्ध ;ठद्ध 3 ;ब्द्ध1 ;क्द्ध 03 8ण् यदि Δ।ठब् एक समकोण त्रिाभुज है जिसमें कोण ब् समकोण हैए तो बवे ;। ़ठद्ध का मान है 1 ;।द्ध 0 ;ठद्ध1 ;ब्द्ध ;क्द्ध22 9ण् यदि ेपद। ़ ेपद2। त्र 1 हैए तो व्यंजक ;बवे2। ़ बवे4।द्ध का मान है 1;।द्ध1 ;ठद्ध ;ब्द्ध2 ;क्द्ध 32 11 10ण् यदि ेपदα त्र और बवेβ त्र दिया हैए तो;α ़ βद्ध का मान है22;।द्ध 0° ;ठद्ध 30° ;ब्द्ध 60° ;क्द्ध 90° ⎡ ेपद 2 22 °़ेपद 2 68 ° 211ण्व्यंजक ⎢़ेपद 63 °़ 22बवे 22 °़बवे 68 ° ⎣ ;।द्ध 3 ;ठद्ध2 ⎛4ेपद θ−बवे θ⎞ ⎤बवे 63 ेपद 27 °⎥ का मान है° ⎦ ;ब्द्ध1 ;क्द्ध 0 12ण् यदि 4 जंदθ त्र 3 हैए तो ⎜⎟ बराबर है⎝4ेपद θ़बवे θ⎠;।द्ध 2 3 ;ठद्ध 1 3 ;ब्द्ध 1 2 ;क्द्ध 3 4 13ण् यदि ेपदθ दृ बवेθ त्र 0 हैए तो ;ेपद4θ ़ बवे4θद्ध का मान है ;।द्ध 1 ;ठद्ध 3 4 ;ब्द्ध 1 2 ;क्द्ध 1 4 14ण् ेपद ;45° ़ θद्ध दृ बवे ;45° दृ θद्ध बराबर है ;।द्ध 2 बवेθ ;ठद्ध 0 ;ब्द्ध 2 ेपदθ ;क्द्ध 1 15ण् 6उ ऊँचे एक खंभे की छाया भूमि पर23उ लंबी है। तब, उस समय सूयर् का उन्नयन कोण है ;।द्ध 60° ;ठद्ध 45° ;ब्द्ध 30° ;ब्द्ध तकर् के साथ संक्ष्िाप्त उत्तरीय प्रश्न सत्य या असत्य लिख्िाए और अपने उत्तर का औचित्य दीजिए: प्रतिदशर् प्रश्न 1 रू ेपदθ ़ बवेθ का मान सदैव 1 से बड़ा होता है। हलरू असत्य। θ त्र 0° के लिए ;ेपदθ ़ बवेθद्ध का मान 1 है। प्रतिदशर् प्रश्न 2 रू जंदθ का मान ;θ ढ 90°द्ध बढ़ता है, जब θ बढ़ता है हल रू सत्य। आकृति 8ण्2 मेंए जैसे - जैसे बिंदु ठ भुजा ठब् के अनुदिश ब् के निकट आता जाता है, वैसे - वैसे ;पद्ध θ बढ़ता जाता है ; θ1 झ θए θ2 झ θ1ए ण्ण्ण्द्ध तथा ;क्द्ध 90° आवृफति 8.2 प्रश्न प्रदश्िार्का ;पपद्ध ठब् घटता जाता है ;ठ1ब् ढ ठब्ए ठ2ब् ढ ठ1ब्ए ण्ण्ण्द्ध इस प्रकार, लंब ।ब् स्िथर रहता है तथा आधर ठब् घटता जाता है। अतःजंदθ बढ़ता जाता है, जब θ बढ़ता जाता है। प्रतिदशर् प्रश्न 3 रू जब θ बढ़ता जाता है, ेपदθ की तुलना में जंदθ तीव्र गति से बढ़ता है। हलरू सत्य। हम जानते हैं कि जब θ बढ़ता है तो ेपदθ बढ़ता है, परंतु बवेθ घटता जाता है। ेपद θहमें प्राप्त हैः जंद θत्र बवे θ अब जबθ बढ़ता हैए तोेपदθ बढ़ता है परंतु बवेθ घटता जाता है। अतःजंदθ की स्िथति में अंश बढ़ता ेपद θजाता हैए परंतु हर घटता जाता है। परंतु ेपदθ की स्िथति में, जिसे के रूप में लिखा जा सकता1 हैए अथार्त् 1 रहता है। अतः जब θ बढ़ता है, तो ेपदθ की तुलना में जंदθ तीव्र गति से बढ़ता है। 1 प्रतिदशर् प्रश्न 4 रू ेपदθ का मान ं है, जहाँ ष्ंष् एक ध्नात्मक संख्या है।ं हलरू असत्य। 12 1हम जानते हैं कि ं 0 अथार्त्, ं 2 हैए परंतु ेपदθ का मान 1 से बड़ा नहीं होतांहै। वैकल्िपक रूप सेए यहाँ तीन संभावनाएँ हैंः स्िथति 1ण् यदि ं ढ 1 हैए तो ं 11 ं 1 स्िथति 2ण् यदि ं त्र 1 हैए तो ं 1 ं 1स्िथति 3ण् यदि ं झ 1 हैए तो ं 1 ं परंतु ेपद θ का मान 1 से बड़ा नहीं हो सकता। प्रश्नावली 8ण्2 निम्नलिख्िात में से प्रत्येक में, ष्सत्यष् या ष्असत्यष् लिख्िाए तथा अपने उत्तर का औचित्य दीजिएः जंद 47 ° 1ण् त्र1है।बवज 43 ° 2ण् व्यंजक ;बवे2 23° दृ ेपद2 67°द्ध का मान ध्नात्मक है। 3ण् व्यंजक ;ेपद 80° दृ बवे 80°द्ध का मान )णात्मक है। 5ण् यदि बवे। ़ बवे2। त्र 1 हैए तो ेपद2। ़ ेपद4। त्र 1है। 6ण् ;जंद θ ़ 2द्ध ;2 जंद θ ़ 1द्ध त्र 5 जंद θ ़ ेमब2θ है। 7ण् यदि एक मीनार की छाया की लंबाइर् बढ़ रही है, तो सूयर् का उन्नयन कोण भी बढ़ रहा है। 8ण् यदि एक झील की सतह से 3 मीटर ऊपर एक प्लेटपफामर् पर खड़ा एक व्यक्ित किसी बादल और झील में उसके परावतर्न को देखता है, तो उस बादल का उन्नयन कोण उसके परावतर्न के अवनमन कोण के बराबर होता है। 9ण् 2ेपदθ का मान ं हो सकता हैए जहाँ ं एक ध्नात्मक संख्या है और ं ≠ 1है।1 ं ं2 इ2 10ण् बवे θ त्र हैए जहाँ ं और इ ऐसी दो भ्िान्न संख्याएँ हैं कि ंइ झ 0 है।2 ंइ11ण् किसी मीनार की चोटी का उन्नयन कोण 30° है।यदि मीनार की ऊँचाइर् दुगुनी हो जाए, तो इसकी चोटी का उन्नयन कोण भी दुगुना हो जाएगा। 12ण्यदि एक मीनार की ऊँचाइर् तथा उसके आधर से प्रेक्षण बिंदु की दूरी दोनों ही 10ः बढ़ जाते हैंए तो चोटी का उन्नयन कोण वही रहता है। ;क्द्ध संक्ष्िाप्त उत्तरीय प्रश्न प्रतिदशर् प्रश्न 1 रू सि( कीजिए कि ेपद6θ ़ बवे6θ ़ 3ेपद2 θ बवे2θ त्र 1 है। हलरू हम जानते हैं कि ेपद2θ ़ बवे2θ त्र 1 अतःए ;ेपद2θ ़ बवे2θद्ध3 त्र 1 याए ;ेपद2θद्ध3 ़ ;बवे2θद्ध3 ़ 3ेपद2θ बवे2θ ;ेपद2θ ़ बवे2θद्ध त्र 1 याए ेपद6 θ ़ बवे6 θ ़ 3ेपद2θ बवे2θ त्र 1 प्रश्न प्रदश्िार्का प्रतिदशर् प्रश्न 2 रू सि( कीजिए कि ;ेपद4θ दृ बवे4θ ़1द्ध बवेमब2θ त्र 2 है। हल रू बायाँ पक्ष त्र ;ेपद4θ दृ बवे4θ ़1द्ध बवेमब2θ त्र ख्;ेपद2θ दृ बवे2θद्ध ;ेपद2 θ ़ बवे2θद्ध ़ 1, बवेमब2θ त्र ;ेपद2θ दृ बवे2θ ़ 1द्ध बवेमब2θ ख्क्योंकिेपद 2θ ़ बवे2θ त्र1, त्र 2ेपद2θ बवेमब2θ ख्क्योंकि 1दृ बवे 2θ त्र ेपद2θ , त्र 2 त्र दायाँ पक्ष प्रतिदशर् प्रश्न 3 रू यदि α ़ β त्र 90° दिया हैए तो दशार्इए कि हलरू बवे αबवेमब β दृ बवे αेपद βत्र बवे αबवेमब;90 °−α द्ध दृ बवे αेपद ;90 °−α द्ध ख् α ़ β त्र 90° दिया है,त्र बवे αेमब α दृ बवे αबवे αत्र 1बवे2त्र ेपद α प्रतिदशर् प्रश्न 4 रू यदि ेपद θ ़ बवे θ त्र 3 हैए तो सि( कीजिए कि जंद θ ़ बवज θ त्र 1 है। हलरू ेपद θ ़ बवे θ त्र 3 ;दिया हैद्ध या, ;ेपद θ ़ बवे θद्ध2 त्र 3 या, ेपद2 θ ़ बवे2θ ़ 2ेपदθ बवेθ त्र 3 2ेपदθ बवेθ त्र 2 ख्ेपद2 θ ़ बवे2θ त्र 1, या, ेपद θ बवेθ त्र 1 त्र ेपद2 θ ़ बवे2θ ेपद 2 बवे 2 या, 1 ेपद बवे अतः, जंदθ ़ बवजθ त्र 1 प्रश्नावली 8ण्3 निम्नलिख्िात को सि( कीजिए ;प्रश्न 1 सेप्रश्न 7 तकद्धरू ेपद θ 1़ बवे θ़त्र 2बवेमब θ1ण् 1बवे θ ेपद ़θ जंद। जंद। 2बवेमब । 2ण् 1ेमब। 1 ेमब। 3 12 3ण् यदि जंद । त्र हैए तो ेपद। बवे। त्र है।4 25 4ण् ;ेपद α ़ बवे αद्ध ;जंद α ़ बवज αद्ध त्र ेमब α ़ बवेमब α 5ण् 31 ;3 दृ बवज 30°द्ध त्र जंद3 60° दृ 2 ेपद 60° बवज2 α1 ़त्र बवेमब α6ण् 1बवेमब α़ 7ण् जंद θ ़ जंद ;90° दृ θद्ध त्र ेमब θ ेमब ;90° दृ θद्ध 8ण् सूयर् का उस समय उन्नयन कोण ज्ञात कीजिए, जब ी मीटर ऊँचे एक खंभे की छाया की लंबाइर् 3 ी मीटर है। 9ण् यदि 3 जंद θ त्र 1 हैए तो ेपद2θ दृ बवे2 θ का मान ज्ञात कीजिए। 10ण् 15 मीटर लंबी एक सीढ़ी एक ऊध्वार्ध्र दीवार के ठीक ऊपरी सिरे पर पहुँच पाती है। यदि सीढ़ी इस समय दीवार से 60° का कोण बनाती है, तो दीवार की ऊँचाइर् ज्ञात कीजिए। 11ण् ;1 ़ जंद2 θद्ध ;1 दृ ेपदθद्ध ;1 ़ ेपदθद्ध को सरल कीजिए। 12ण् यदि 2ेपद2θ दृ बवे2θ त्र 2 हैए तो θ का मान ज्ञात कीजिए। बवे 2 ;45 °़θ ़ 2 °दृद्ध बवे ;45 θद्ध13ण् दशार्इए कि त्र 1 है।जंद ;60 °़θ द्ध जंद ;30 °−θ द्ध 14ण् 1ण्5 मीटर ऊँचाइर् वाला एक प्रेक्षक 22 मीटर ऊँची एक मीनार से 20ण्5 मीटर की दूरी पर खड़ा है। प्रेक्षक की आँख से मीनार की चोटी का उन्नयन कोण निधर्रित कीजिए। 15ण् दशार्इए कि जंद4θ ़ जंद2θ त्र ेमब4θ दृ ेमब2 θ है। ;म्द्ध दीघर् उत्तरीय प्रश्न प्रतिदशर् प्रश्न 1 रूत्रिाज्या त का एक गोलाकार गुब्बारा एक प्रेक्षक की आँख पर कोण θ अंतरित करता है। यदि इसके केंद्र का उन्नयन कोण φ है, तो गुब्बारे के वेंफद्र की ऊँचाइर् ज्ञात कीजिए। हल रू आकृति 8ण्3 मेंए व् गुब्बारे का वेंफद्र है, जिसकी त्रिाज्या व्च् त्र त और ∠च्।फ त्र θ है। साथ ही, ∠व्।ठ त्र φ है। आवृफति 8.3 मान लीजिए कि गुब्बारे के वेंफद्र की ऊँचाइर् ी है। इस प्रकार, व्ठ त्र ी है। तअब,Δव्।च् सेए ेपद त्र ए जहाँ व्। त्र क है। ण्ण्ण्;1द्ध2क साथ हीΔव्।ठ सेए ेपद φ त्र ी है। ण्ण्ण्;2द्धकी ेपद φ ीकत्रत्र ;1द्ध और ;2द्ध सेए हमें प्राप्त होता हैः θ ततेपद 2 क θया ी त्र त ेपद φ बवेमब ण्2 प्रतिदशर् प्रश्न 2रू एक सीध्ी सड़क के ऊध्वार्ध्र ऊपर एक गुब्बारे से, किसी क्षण पर दो कारों के अवनमन कोण 45° और 60° प्राप्त किए गए हैं।यदि कारों के बीच की दूरी 100 उ है, तो गुब्बारे कीऊँचाइर् ज्ञात कीजिए। हलरू मान लीजिए कि गुब्बारे की ऊँचाइर् ी मीटर है तथा । और ठ दो कारें हैं ;देख्िाए आकृति 8ण्4द्ध। इस प्रकार, ।ठ त्र 100 उ है। Δच्।फ सेए।फ त्र च्फ त्र ी है। च् । 100उ ठ फ िआवृफति 8.4 आवृफति 8.4 च्फ ीअब, Δच्ठफ सेएठफत्र जंद 60° त्र 3 या त्र 3 ी दृ100 या ी त्र 3;ी दृ100द्ध 100 3 अतःए ी त्र त्र 50 ;3 ़ 3द्ध3दृ1 अतः, गुब्बारे की ऊँचाइर् 50 ;3 ़ 3द्ध उ है। प्रतिदशर् प्रश्न 3 रू किसी झील की सतह से ी मीटर की ऊँचाइर् पर स्िथत एक बिंदु से एक बादल का उन्नयन कोण θ है तथा इसी बिंदु से झील में बादल के परावतर्न का अवनमन कोण φ है। सि( ⎛ जंद φ़ जंद θ⎞कीजिए कि झील की सतह के उफपर बादल की उँफचाइर् ी⎜⎟ है।⎝ जंद φ− जंद θ⎠ हलरू मान लीजिए कि च् बादल है और फ झील में बादल का परावतर्न है ;देख्िाए आकृति 8ण्5द्ध। मान लीजिए कि । प्रेक्षण का बिंदु इस प्रकार है कि ।ठ त्र ीहै। आवृफति 8.5 मान लीजिए कि झील के ऊपर बादल की ऊँचाइर् गहै। मान लीजिए कि ।स् त्र कहै। ग−ीअब, Δच्।स् सेए त्र जंद θ ण्ण्ण्;1द्धक ग़ी Δफ।स् सेए त्र जंदφ ण्ण्ण्;2द्धक ;1द्ध और ;2द्ध सेए हमें प्राप्त होता है: गी जंद φ़ त्र गदृ ी जंद θ 2ग जंद φ़जंद θया त्र 2ी जंद φ−जंद θ ⎛जंद φ़जंद θ⎞अतःए ग त्र ी ण्⎜⎟⎝जंद φ−जंद θ⎠ प्रश्नावली 8ण्4 च2 −1 1ण् यदि बवेमबθ ़ बवजθ त्र च हैए तो सि( कीजिए कि बवेθ त्र 2 है।च ़1 2ण् सि( कीजिए कि ेमब 2 θ़बवेमब 2θत्र जंद θ़ बवज θ है। 3ण् किसी बिंदु से, एक मीनार की चोटी का उन्नयन कोण 30° है। यदि प्रेक्षक दीवार की ओर 20 मीटर चलता है, तो उन्नयन कोण में 15° की वृि हो जाती है। मीनार की ऊँचाइर् ज्ञात कीजिए। 4ण् यदि 1 ़ ेपद2θ त्र 3ेपदθ बवेθ हैए तो सि( कीजिए कि जंदθ त्र 1 या 1 है।2 5ण् यदि ेपदθ ़ 2बवेθ त्र 1 दिया हैए तो सि( कीजिए कि 2ेपदθ दृ बवेθ त्र 2 है। 6ण् किसी मीनार के आधर से े और ज की दूरियों पर स्िथत दो बिंदुओं से मीनार की चोटी के उन्नयन कोण परस्पर पूरक हैं। सि( कीजिए कि मीनार की ऊँचाइर् 7ण् एक समतल भूमि पर खड़ी मीनार की छाया की उस समय की लंबाइर् जब सूयर् का उन्नयन कोण 30° है, उस समय की लंबाइर् से 50 उ अध्िक है जब सूयर् का उन्नयन कोण 60° था। मीनारकी ऊँचाइर् ज्ञात कीजिए। 8ण् एक ऊध्वार्घर मीनार एक क्षैतिज समतल पर खड़ी है तथा उस पर ी ऊँचाइर् का एक ऊध्वार्ध्रध्वज - दंड लगा हुआ है। समतल के किसी बिंदु से ध्वज - दंड के निचले और ऊपरी सिरों के ⎛ ी जंद α⎞ उन्नयन कोण क्रमशः α और β हैं। सि( कीजिए कि मीनार की ऊँचाइर् ⎜⎟ है।⎝जंद β−जंद α⎠ स2 ़19ण् यदि जंदθ ़ ेमबθ त्र स हैए तो सि( कीजिए कि ेमबθ त्र है।2स 10ण् यदि ेपदθ ़ बवेθ त्र च और ेमबθ ़ बवेमबθ त्र ु हैए तो सि( कीजिए किु ;च2 दृ 1द्ध त्र 2च है। 11ण् यदि ं ेपदθ ़ इ बवेθ त्र ब हैए तो सि( कीजिए कि ं बवेθ दृ इ ेपदθ त्र 1़ ेमब θदृ जंद θ 1दृेपद θ12ण् सि( कीजिए कि θ त्र है।1ेमब ़ θ़ जंद बवे θ 13ण् 30 उ उँफची एक मीनार की चोटी का उसी समतल भूमि पर खड़ी मीनार के आधर से उन्नयन कोण 60° है तथा दूसरी मीनार की चोटी का पहली मीनार के आधर से उन्नयन कोण 30° है।दोनों मीनारों के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए तथा दूसरी मीनार की ऊँचाइर् भी ज्ञात कीजिए। 14ण् ी उफँचाइर् की किसी मीनार की चोटी से दो वस्तुओं, जो मीनार के आधर वाली रेखा में स्िथत हैं, के अवनमन कोण α और β ;β झ αद्ध हैं। दोनों वस्तुओं के बीच की दूरी ज्ञात कीजिए। 15ण् एक सीढ़ी एक उफध्वार्ध्र दीवार के सहारे टिकी हुइर् है तथा क्षैतिज से α कोण बनाती है। इसके निचले सिरे को दीवार से च दूरी अध्िक पर कर दिया जाता है, जिससे सीढ़ी का उफपरी सिरा दीवार पर ु दूरी नीचे ख्िासक जाता है तथा उस समय सीढ़ी क्षैतिज से कोण β बनाती है। दशार्इए च बवे β दृ बवे α त्रकि है।ु ेपद α दृ ेपद β 16ण् किसी उफध्वार्ध्र मीनार की चोटी का भूमि पर स्िथत किसी बिंदु से उन्नयन कोण 60व है। पहले बिंदु से 10 उ उध्वार्ध्रतः उफपर एक अन्य बिंदु पर उसका उन्नयन कोण 45व है। मीनार की उँचाइर् ज्ञात कीजिए। 17ण् किसी मकान की ख्िाड़की भूमि से ी उ की उँफचाइर् पर है। इस ख्िाड़की से, सड़क के दूसरी ओर स्िथत एक अन्य मकान के श्िाखर और आधर के क्रमशः उन्नयन और अवनमन कोण α और β पाए जाते हैं। सि( कीजिए कि दूसरे मकान की उफँचाइर् ी ; 1 ़ जंद α बवज β द्ध मीटर है। 18ण् किसी मकान की निचली ख्िाड़की भूमि से 2 उ की उफँचाइर् पर है तथा उसकी उफपरी ख्िाड़की निचली ख्िाड़की से उफध्वार्ध्रतः 4 उ उफपर है। किसी क्षण इन ख्िाड़कियों से एक गुब्बारे के उन्नयन कोण क्रमशः 60व और30व प्रेक्ष्िात किए गए। भूमि के उफपर गुब्बारे की उफँचाइर् ज्ञात कीजिए।

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