अध्याय 4 द्विघात समीकरण ;।द्ध मुख्य अवधरणाएँ और परिणाम ऽ द्विघात समीकरणरू चर ग में एक द्विघात समीकरणंग2 ़ इग ़ ब त्र 0 के रूप की होती है, जहाँ ंए इए और ब वास्तविक संख्याएँ हैं तथा ं ≠ 0 है। ऽ द्विघात समीकरण के मूल रू एक वास्तविक संख्या α द्विघात समीकरण ंग2 ़ इग ़ ब त्र 0 का एक मूल कहलाती हैए यदि ंα2 ़ इα ़ ब त्र 0 हो। ऽ द्विघात समीकरण ंग2 ़ इग ़ ब त्र 0 के मूल वही होते हैं, जो द्विघात बहुपद ंग2 ़ इग ़ ब के शून्यक होते हैं। ऽ गुणनखंडन की विध्ि द्वारा एक द्विघात समीकरण के मूल ज्ञात करनाः यदि हम एक द्विघात बहुपद ंग2 ़ इग ़ ब के गुणनखंड कर लेते हैंए तो ंग2 ़ इग ़ ब के रैख्िाक गुणनखंडों को शून्य के बराबर करके द्विघात समीकरण ंग2 ़ इग ़ ब त्र 0 के मूल ज्ञात किए जा सकते हैं। ऽ पूणर् वगर् बनाने की विध्ि द्वारा द्विघात समीकरण के मूल ज्ञात करनाः एक उपयुक्त अचर को जोड़ कर और घटा कर उसे हमग2 और ग के पदों के साथ मिलाते हैं, ताकि एक पूणर् वगर् बन जाए और पिफर उन्हें ग के लिए हल करते हैं। ऽ द्विघात सूत्रारू यदि इ2 दृ 4ंब ≥ 0 होए तो द्विघात समीकरण ंग2 ़ इग ़ ब त्र 0 के वास्तविक मूल प्राप्त होते हैं।2ं 2ंऽ व्यंजक इ2 दृ 4ंब द्विघात समीकरण का विविक्तकर कहलाता है। ऽ एक द्विघात समीकरण के मूलों का अस्ितत्व: एक द्विघात समीकरण ंग2़इग़बत्र0 के ;पद्ध दो भ्िान्न वास्तविक मूल होते हैं, यदि इ2 दृ 4ंब झ 0 है। ;पपद्ध दो बराबर वास्तविक मूल होते हैं, यदि इ2 दृ 4ंब त्र 0 है। ;पपपद्ध कोइर् वास्तविक मूल नहीं होते हैं, यदि इ2 दृ 4ंब ढ 0 है। ;ठद्ध बहु विकल्पीय प्रश्न दिए हुए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिएरू प्रतिदशर् प्रश्न 1रू निम्नलिख्िात में से कौन एक द्विघात समीकरण नहीं हैघ् ;।द्ध ;ग ़ 2द्ध2 त्र 2;ग ़ 3द्ध ;ठद्ध ग2 ़ 3ग त्र ;दृ1द्ध ;1 दृ 3गद्ध2 ;ब्द्ध ;ग ़ 2द्ध ;ग दृ 1द्ध त्र ग2 दृ 2ग दृ 3 ;क्द्ध ग3 दृ ग2 ़ 2ग ़ 1 त्र ;ग ़ 1द्ध3 हल रू उत्तर ;ब्द्ध प्रतिदशर् प्रश्न2रू पूणर् वगर् बनाने की विध्ि द्वारा द्विघात समीकरण4ग23ग50 को हल करने के लिए, इसमें किस अचर को जोड़ना और घटाना चाहिएघ् 9 33;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध16164 4 हल रू उत्तर ;ठद्ध प्रश्नावली 4ण्1 दिए हुए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए रू 1ण् निम्नलिख्िात में से कौन द्विघात समीकरण हैघ् ⎛ 2 ⎞;।द्ध ग2 ़ 2ग ़ 1 त्र ;4 दृ गद्ध2 ़ 3 ;ठद्ध दृ2ग2 त्र ;5 दृ गद्ध ⎜2ग −⎟⎝ 5 ⎠ 3 ;ब्द्ध ;ा ़ 1द्धग2 ़ ग त्र 7ए जहाँ ा त्र दृ1 ;क्द्ध ग3 दृ ग2 त्र ;ग दृ 1द्ध3 2 2ण् निम्नलिख्िात में से कौन द्विघात समीकरण नहीं हैघ् ;।द्ध2;ग दृ 1द्ध2 त्र 4ग2 दृ 2ग ़ 1 ;ठद्ध 2ग दृ ग2 त्र ग2 ़ 5 ;ब्द्ध ;2ग 3द्ध 2 ग23ग2 5ग ;क्द्ध ;ग2 ़ 2गद्ध2 त्र ग4 ़ 3 ़ 4ग3 3ण् निम्नलिख्िात में से किस समीकरण का एक मूल 2 हैघ् ;।द्ध ग2 दृ 4ग ़ 5 त्र 0 ;ठद्ध ग2 ़ 3ग दृ 12 त्र 0 ;ब्द्ध2ग2 दृ 7ग ़ 6 त्र 0 ;क्द्ध 3ग2 दृ 6ग दृ 2 त्र 0 4ण् यदि समीकरण ग2 ़ ाग दृ 5 त्र 0 का एक मूल 1 हैए तो ा का मान है4 211 ;।द्ध 2 ;ठद्ध दृ 2 ;ब्द्ध ;क्द्ध42 5ण् निम्नलिख्िात में से किस समीकरण के मूलों का योग 3 हैघ् ;।द्ध 2ग2 दृ 3ग ़ 6 त्र 0 ;ठद्ध दृग2 ़ 3ग दृ 3 त्र 0 2 ग ग;ब्द्ध 232 10 ;क्द्ध 3ग2 दृ 3ग ़ 3 त्र 0 6ण् ा के वे मान, जिनके लिए द्विघात समीकरण 2ग2 दृ ाग ़ ा त्र 0 के मूल बराबर होंगे, निम्नलिख्िात हैं ;।द्ध केवल 0 ;ठद्ध 4 ;ब्द्ध केवल 8 ;क्द्ध 0ए 8 3 7ण् पूणर् वगर् बनाने की विध्ि द्वारा द्विघात समीकरण 9ग2 ़ ग दृ 2 त्र 0 को हल करने के लिए,4 इसमें किस अचर को जोड़ना और घटाना चाहिएघ् 1 119;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध8 644 64 8ण् द्विघात समीकरण 2ग2 दृ 5ग ़ 1 त्र 0 के ;।द्ध दो भ्िान्न वास्तविक मूल हैं ;ठद्ध दो बराबर वास्तविक मूल हैं ;ब्द्ध कोइर् वास्तविक मूल नहीं हैं ;क्द्ध दो से अध्िक वास्तविक मूल हैं 9ण् निम्नलिख्िात में से किस समीकरण के दो भ्िान्न वास्तविक मूल हैंघ् 9;।द्ध 2ग2 दृ 32 ग त्र 0 ;ठद्ध ग2 ़ ग दृ 5 त्र 04 ;ब्द्ध ग2 ़ 3ग ़ 22त्र 0 ;क्द्ध 5ग2 दृ 3ग ़ 1 त्र 0 10ण् निम्नलिख्िात में से किस समीकरण के कोइर् वास्तविक मूल नहीं हैंघ् ;।द्ध ग2 दृ 4ग ़ 32त्र 0 ;ठद्ध ग2 ़ 4गदृ 32त्र 0 ;ब्द्ध ग2 दृ 4ग दृ 32 त्र 0 ;क्द्ध 3ग2 ़ 43 ग ़ 4 त्र 0 11ण् समीकरण ;ग2 ़ 1द्ध2 दृ ग2 त्र 0 ;।द्ध के चार वास्तविक मूल हैं ;ठद्ध के दो वास्तविक मूल हैं ;ब्द्ध के कोइर् वास्तविक मूल नहीं हैं ;क्द्ध का एक वास्तविक मूल है ;ब्द्ध तवर्फ के साथ संक्ष्िाप्त उत्तरीय प्रश्न प्रतिदशर् प्रश्न 1रू क्या;ग दृ 1द्ध2 ़ 2;ग ़ 1द्ध त्र 0 का कोइर् वास्तविक मूल हैघ् अपने उत्तर का औचित्य दीजिए। हलरू नहीं, क्योंकि यह समीकरण सरल करने पर ग2 ़ 3 त्र 0 रह जाती है, जिसका विविक्तकर दृ12 है। प्रतिदशर् प्रश्न 2रू क्या निम्नलिख्िात कथन सत्य है या असत्य। अपने उत्तर का औचित्य दीजिए। यदि एक द्विघात समीकरण में ग का गुणांक शून्य हो, तो उस द्विघात समीकरण का कोइर् वास्तविक मूल नहीं होता। हलरू असत्यएक्योंकि इस स्िथति में विविक्तकर दृ 4ंब होता है, जो )णेतर हो सकता है, यदि ं और ब विपरीत चिन्हों के हों अथवा ं और ब में से कोइर् एक शून्य हो। प्रश्नावली 4ण्2 1ण् बताइए कि क्या निम्नलिख्िात द्विघात समीकरणों के दो भ्िान्न वास्तविक मूल हैं। अपने उत्तर का औचित्य दीजिए। ;पद्ध ग2 दृ 3ग ़ 4 त्र 0 ;पपद्ध 2ग2 ़ ग दृ 1 त्र 0 9 ;पपपद्ध 2ग2 दृ 6ग ़ त्र 0 ;पअद्ध 3ग2 दृ 4ग ़ 1 त्र 02;पगद्ध ;ग दृ 1द्ध ;ग ़ 2द्ध ़ 2 त्र 0 ;गद्ध ;ग ़ 1द्ध ;ग दृ 2द्ध ़ ग त्र 0 2ण् लिख्िाए कि निम्नलिख्िात कथन सत्य हैं या असत्य। अपने उत्तरों का औचित्य दीजिए। ;पद्ध प्रत्येक द्विघात समीकरण का ठीक एक मूल होता है। ;पपद्ध प्रत्येक द्विघात समीकरण का न्यूनतम एक वास्तविक मूल होता है। ;पपपद्ध प्रत्येक द्विघात समीकरण के न्यूनतम दो मूल होते हंै। ;पअद्ध प्रत्येक द्विघात समीकरण के अध्िकतम दो मूल होते हंै। ;अद्ध यदि किसी द्विघात समीकरण में,ग2 का गुणांक और अचर पद विपरीत चिन्हों के हों तो उस द्विघात समीकरण के वास्तविक मूल होते हैं। ;अपद्ध यदि किसी द्विघात समीकरण में, ग2 का गुणांक और अचर पद एक चिन्ह के हों तथा ग का गुणांक शून्य हो, तो उस द्विघात समीकरण का कोइर् वास्तविक मूल नहीं होता हैं। 3ण् पूणार्ंकीय गुणांकों वाली एक द्विघात समीकरण के पूणार्ंकीय मूल होते हैं। अपने उत्तर का औचित्य दीजिए। 4ण् क्या किसी ऐसी द्विघात समीकरण का अस्ितत्व है, जिसके सभी गुणांक परिमेय संख्याएँ हैं, परंतुदोनों मूल अपरिमेय हैं? अपने उत्तर का औचित्य दीजिए। 5ण् क्या किसी ऐसी द्विघात समीकरण का अस्ितत्व है, जिसके सभी गुणांक भ्िान्न μ भ्िान्न अपरिमेय संख्याएँ हैं, परंतु दोनों मूल परिमेय हैं? क्यों? 6ण् क्या समीकरण ग2 दृ 0ण्4 त्र 0 का एक मूल 0.2 हैघ् औचित्य दीजिए। 7ण् यदि इ त्र 0ए ब ढ 0 हैए तो क्या यह सत्य है कि ग2 ़ इग ़ ब त्र 0 के मूल संख्यात्मक रूप सेबराबर परंतु विपरीत चिन्हों के होंगे? अपने उत्तर का औचित्य दीजिए। ;क्द्ध संक्ष्िाप्त उत्तरीय प्रश्न प्रतिदशर् प्रश्न 1रू द्विघात सूत्रा का प्रयोग करते हुए, द्विघात समीकरण 2ग2 दृ 5ग दृ 2 त्र 0 के मूल ज्ञात कीजिए। हल रू इ2 दृ 4ंब त्र 5 दृ 4 × 2 × ;दृ2द्ध त्र 21 5 ± 21 5 ़ 21 5 − 21 अतःए मूल हैंः एअथार्त्ए और4 44 प्रतिदशर् प्रश्न 2रू 6ग2दृ 2 ग दृ 2 त्र 0 के मूल संगत द्विघात बहुपद के गुणनखंड करके ज्ञात कीजिए। हलरू 6ग2 दृ 2ग दृ 2 त्र6ग2 दृ 32 ग ़ 22 ग दृ 2 त्र3ग ;2गदृ 2द्ध ़ 2 ;2ग दृ 2द्ध त्र;3ग ़ 2द्ध ;2ग दृ 2द्ध अबए 6ग2 दृ 2 ग दृ 2 त्र 0 से ;3ग ़ 2द्ध ;2ग दृ 2द्ध त्र 0 प्राप्त होता है। अथार्त् 3ग़ 2त्र0 या 2ग दृ 2त्र 0 अतः, वाँछित मूल हैंः 2 और 2 32 प्रश्नावली 4ण्3 1ण् निम्नलिख्िात में से प्रत्येक में, द्विघात सूत्रा का प्रयोग करते हुए, द्विघात समीकरण के मूल ज्ञात कीजिएरू ;पद्ध 2ग2 दृ 3ग दृ 5 त्र 0 ;पपद्ध 5ग2 ़ 13ग ़ 8 त्र 0 ;पपपद्ध दृ3ग2 ़ 5ग ़ 12 त्र 0 ;पअद्ध दृग2 ़ 7ग दृ 10 त्र 0 ;अद्ध ग2 ़ 22 ग दृ 6 त्र 0 ;अपद्ध ग2 दृ 35 ग ़ 10 त्र 0 1 2;अपपद्ध ग दृ 11 ग ़ 1 त्र 02 2ण् गुणनखंडन विध्ि से निम्नलिख्िात द्विघात समीकरणों के मूल ज्ञात कीजिएः 5 223 ;पद्ध 2ग2 ़ ग दृ 2 त्र 0 ;पपद्ध ग दृ ग दृ त्र 03 55;पपपद्ध 32 ग2 दृ 5ग दृ 2 त्र 0 ;पअद्ध 3ग2 ़ 55ग दृ 10 त्र 0 1 ;अद्ध 21ग2 दृ 2ग ़ त्र 021;म्द्ध दीघर् उत्तरीय प्रश्न प्रतिदशर् प्रश्न 1रू जाँच कीजिए कि क्या समीकरण 6ग2 दृ 7ग ़ 2 त्र 0 के मूल वास्तविक हैं। यदि हैं, तो उन्हें पूणर् वगर् बनाने की विध्ि द्वारा ज्ञात कीजिए। हल रू विविक्तकर त्र इ2 दृ 4ंब त्र 49 दृ 4 × 6 × 2 त्र 1 झ 0 है। अतः, दी हुइर् समीकरण के दो भ्िान्न वास्तविक मूल हैं। अबए6ग2 दृ 7ग ़ 2 त्र 0 72 49अथार्त् 6ग ़ 12 दृ त्र 02422 2271 ⎛ 7 ⎞⎛ 1 ⎞6दृ त्र 22 ⎝ 2 ⎠⎝ 2 ⎠ अथार्त् 6ग दृ त्र 0 या ⎜ ग ⎟ ⎜⎟ 71इसलिए मूल 6ग 22 से प्राप्त होंगे। अथार्त् 6ग त्र 4ए 3 21अथार्त् ग त्रए32 प्रतिदशर् प्रश्न 2रू यदि अजिता ने अपने गण्िात के टेस्ट में 30 अंकों में से प्राप्त किए गए अंकों से 10 अंक अध्िक प्राप्त किए होते, तो इन अंकों का 9 गुना उसके द्वारा वास्तव में प्राप्त किए गए अंकों का वगर् होता। उसने टेस्ट में कितने अंक प्राप्त किए थे? हलरू मान लीजिए कि उसके वास्तविक अंक ग थे। अतः 9 ;ग ़10द्ध त्र ग2 या ग2 दृ 9ग दृ 90 त्र 0 अथार्त् ग2 दृ 15ग ़ 6ग दृ 90 त्र 0 अथार्त् ग;ग दृ 15द्ध ़ 6;ग दृ15द्ध त्र 0 अथार्त् ;ग ़ 6द्ध ;ग दृ15द्ध त्र 0 अतः ग त्र दृ 6 या ग त्र15 क्योंकि ग प्राप्त किए गए अंक हैंए इसलिएग ≠ दृ 6 है। अतः,ग त्र 15 है। इस प्रकार, अजिता ने गण्िात टेस्ट में 15 अंक प्राप्त किए थे। प्रतिदशर् प्रश्न 3 रू एक रेलगाड़ी 63 ाउ की दूरी किसी निश्िचत औसत चाल से तय करती है और पिफर 72 ाउ की दूरी प्रारंभ्िाक चाल से 6 ाउध्ी अध्िक औसत चाल से तय करती है। यदि यह पूरी यात्रा 3 घंटे में तय की गइर् है, तो प्रारंभ्िाक औसत चाल क्या थी? 63 72 ़त्र3 गग़6 7 8 31़ त्रत्रअथार्त् गग़693 7; ग6द्ध 8ग1़़ त्रअथार्त् गग;द्ध 3़6 अथार्त् 21 ;ग़ 6द्ध ़ 24गत्र ग;ग़ 6द्ध अथार्त् 21ग़ 126 ़ 24गत्र ग2 ़ 6ग अथार्त् ग2 दृ 39गदृ 126 त्र 0 अथार्त् ;ग़ 3द्ध ;गदृ 42द्ध त्र 0 अथार्त् गत्र दृ 3 या गत्र 42 क्योंकि गरेलगाड़ी की औसत चाल है, इसलिए यह )णात्मक नहीं हो सकती। अतःए रेलगाड़ी की प्रारंभ्िाक औसत चाल 42ाउध्ी थी। प्रश्नावली 4ण्41ण् ज्ञात कीजिए कि क्या निम्नलिख्िात समीकरणों के वास्तविक मूल हैं। यदि वास्तविक मूल हैं, तो उन्हें ज्ञात कीजिए। ;पद्ध 8ग2 ़ 2गदृ 3 त्र 0 ;पपद्ध दृ2ग2 ़ 3ग़ 2 त्र 0 11 3 ;पपपद्ध 5ग2 दृ 2गदृ 10 त्र 0 ;पअद्ध ़त्र1ए ग≠ए5 2ग−3 ग−52 ;अद्ध ग2 ़ 55 गदृ 70 त्र 0 2ण् एक ऐसी प्राकृत संख्या ज्ञात कीजिए जिसके वगर् में से 84 कम करने पर वह दी हुइर् संख्या से 8 अध्िक संख्या के तिगुने के बराबर हो। 3ण् एक प्राकृत संख्या में जब 12 की वृि की जाती हैए तो वह अपने व्युत्क्रम के 160 गुने के बराबर हो जाती है। वह संख्या ज्ञात कीजिए। 4ण् एक रेलगाड़ी 360 ाउकी दूरी एक - समान चाल के साथ तय करती है। यदि रेलगाड़ी यही दूरी 5 ाउध्ी अध्िक चाल से तय करती, तो यात्रा में 48 मिनट कम समय लगता। रेलगाड़ी की प्रारंभ्िाक चाल ज्ञात कीजिए। 5ण् यदि शेबा अपनी वास्तविक आयु से 5 वषर् छोटी होती, तो उसकी आयु ;वषोर् मेंद्धका वगर् उसकी वास्तविक आयु के पाँच गुने से 11 वषर् अध्िक होता। उसकी वतर्मान आयु क्या है?6ण् आशा की वतर्मात आयु ;वषोर् मेंद्धअपनी पुत्राी निशा की आयु के वगर् से 2 अध्िक है। जब निशा अपनी माँ की वतर्मान आयु के बराबर होगी, तो आशा की आयु निशा की वतर्मान आयु के 10 गुने से 1 वषर् कम होगी। आशा और निशा की वतर्मान आयु ज्ञात कीजिए। 7ण् विमाओं 50 उ × 40 उ वाले एक आयताकार लाॅन के बीचो - बीच में एक आयताकार तालाब इस प्रकार बनाया जाना है कि तालाब के चारों ओर लगी घास वाले भाग का क्षेत्रापफल 1184 उ2 होख्देख्िाए आकृति 4ण्1,। तालाब की लंबाइर् और चैड़ाइर् ज्ञात कीजिए।आवृफति 4.1 8ण् यह ज्ञात हुआ है कि सायं 2 बजकर ज मिनट पर किसी घड़ी की मिनट वाली सुइर् को सायं 3 बजे का समय दशार्ने के लिए ज2 मिनट से 3 मिनट कम समय की आवश्यकता है। ज ज्ञात4 कीजिए।

RELOAD if chapter isn't visible.