अध्याय 2 बहुपद ;।द्ध मुख्य अवधरणाएँ और परिणाम ऽ बहुपद के शून्यकों का ज्यामितीय अथर्: किसी बहुपद च;गद्ध के शून्यक परिशु( रूप से उन बिंदुओं के ग.निदेर्शांक होते हैं, जहाँ ल त्र च;गद्ध का आलेख ग.अक्ष को प्रतिच्छेद करता है। ऽ एक बहुपद के शून्यकों और गुणांकों में संबंध्: यदि α और β एक द्विघात बहुपद इब ंग2 ़ इग ़ ब के शून्यक हैं, तो α ़ β दृ और αβ होता है।ं ऽ यदि αए β और γ किसी त्रिाघात बहुपद ंग3 ़ इग2 ़ बग ़ क के शून्यक हैं, इ बदृकतो α ़ β ़ γ दृ ए α β ़ β γ ़ γ α और α β γ होता है।ं ं ऽ विभाजन एल्गोरिथ्म कहती है कि एक बहुपद च;गद्ध और एक शून्येतर बहुपद ह;गद्ध दिए रहने पर, दो बहुपद ु;गद्ध और त;गद्ध ऐसे होते हैं कि च;गद्ध त्र ह;गद्ध ु;गद्ध ़ त;गद्ध हो, जहाँ त;गद्ध त्र 0 या घात त;गद्ध ढ घात ह;गद्ध है। ;ठद्ध बहु विकल्पीय प्रश्न दिए हुए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए: प्रतिदशर् प्रश्न 1रू यदि द्विघात बहुपद ग2 ़ 3ग ़ ा का एक शून्यक 2 है, तो ा का मान है ;।द्ध 10 ;ठद्ध दृ10 ;ब्द्ध 5 ;क्द्ध दृ5 हल रू उत्तर ;ठद्ध हलरू उत्तर;।द्ध ख्संकेतरूक्योंकि यदि तीसरा शून्यक α है, तो शून्यकों का योग है।, ;।द्ध दृइ ं ;ठद्ध इ ं ;ब्द्ध ब ं ;क्द्ध दृ क ं दृइ त्र α ़ 0 ़ 0 त्र ं प्रश्नावली 2ण्1 निम्नलिख्िात प्रश्नों में दिए हुए चार विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए: 1ण् यदि द्विघात बहुपद ;ादृ1द्ध ग2 ़ ा ग ़ 1 के शून्यकों में से एक शून्यक दृ3 है, तो ा का मान है 4 दृ42 दृ2 ;।द्ध ;ठद्ध ;ब्द्ध ;क्द्ध333 3 2ण् शून्यक दृ3 और 4 वाला द्विघात बहुपद है ;।द्ध ग2 दृ ग ़ 12 ;ठद्ध ग2 ़ ग ़ 12 2गग;ब्द्ध दृदृ6 ;क्द्ध2ग2 ़ 2ग दृ2422 3ण् यदि द्विघात बहुपद ग2 ़ ;ं ़ 1द्ध ग ़ इ के शून्यक 2 और दृ3 हैं, तो ;।द्ध ं त्र दृ7ए इ त्र दृ1 ;ठद्ध ं त्र 5ए इ त्र दृ1 ;ब्द्ध ं त्र 2ए इ त्र दृ 6 ;क्द्ध ं त्र 0ए इ त्र दृ 6 4 ण् शून्यक दृ2 और 5 वाले बहुपदों की संख्या है ;।द्ध1 ;ठद्ध 2 ;ब्द्ध 3 ;क्द्ध 3 से अध्िक 5ण् त्रिाघात बहुपद ंग3 ़ इग2 ़ बग ़ क का एक शून्यक 0 दिया हुआ है। अन्य दोनों शून्यकों का गुणनपफल है बब इ ;।द्धदृ ;ठद्ध ;ब्द्ध 0 ;क्द्ध दृ ं ं 6ण् यदि त्रिाघात बहुपद ग3 ़ ंग2 ़ इग ़ब का एक शून्यक दृ1 हैए तो अन्य दोनों शून्यकों का गुणनपफल है ;।द्ध इ दृ ं ़ 1 ;ठद्ध इ दृ ं दृ 1 ;ब्द्ध ं दृ इ ़ 1 ;क्द्ध ं दृ इ दृ1 7ण् द्विघात बहुपद ग2 ़ 99ग ़ 127 के शून्यक हैं ;।द्ध दोनों ध्नात्मक ;ठद्ध दोनों )णात्मक ;ब्द्ध एक ध्नात्मक और एक )णात्मक ;क्द्ध दोनों बराबर 8ण् द्विघात बहुपद ग2 ़ ाग ़ ाए ा ≠ 0 के शून्यक ;।द्ध दोनों ध्नात्मक नहीं हो सकते ;ठद्ध दोनों )णात्मक नहीं हो सकते ;ब्द्ध सदैव असमान होते हैं ;क्द्ध सदैव बराबर होते हैं 9ण् यदि द्विघात बहुपद ंग2 ़ इग ़ बए ब ≠ 0 के शून्यक बराबर हैं, तो ;।द्ध ब और ं विपरीत चिन्हों के हैं ;ठद्ध ब और इ विपरीत चिन्हों के हैं ;ब्द्ध ब और ं एक ही चिन्ह के हैं ;क्द्ध ब और इ एक ही चिन्ह के हैं 10ण् यदि ग2़ंग ़ इ के रूप के एक द्विघात बहुपद का एक शून्यक दूसरे शून्यक का )णात्मक हो, तो ;।द्ध इसमें कोइर् रैख्िाक पद नहीं होता तथा अचर पद )णात्मक होता है ;ठद्ध इसमें कोइर् रैख्िाक पद नहीं होता तथा अचर पद ध्नात्मक होता है ;ब्द्ध इसका रैख्िाक पद हो सकता है, परंतु अचर पद )णात्मक होता है ;क्द्ध इसका रैख्िाक पद हो सकता है, परंतु अचर पद ध्नात्मक होता है 11ण् निम्नलिख्िात में से कौन एक द्विघात बहुपद का आलेख नहीं है? ;।द्ध;ठद्ध ;ब्द्ध;क्द्ध ;ब्द्ध तवर्फ के साथ संक्ष्िाप्त उत्तरीय प्रश्न प्रतिदशर् प्रश्न 1रू क्या बहुपद च ;गद्ध को2ग ़ 3 से भाग देने पर शेषपफल ग दृ 1 हो सकता है? अपनेउत्तर का औचित्य दीजिए। हल रू नहीं, क्योंकि घात;ग दृ 1द्ध त्र 1 त्र घात ;2ग ़ 3द्ध प्रतिदशर् प्रश्न 2रू क्या निम्नलिख्िात कथन सत्य है या असत्य? अपने उत्तर का औचित्य दीजिए। यदि एक द्विघात बहुपद ंग2 ़ इग ़ ब के दोनों शून्यक )णात्मक हैं, तो ंए इ औरब में से प्रत्येक का एक ही चिन्ह होता है। इ इ हलरू सत्य, क्योंकि दृ त्र शून्यकों का योग ढ 0ए इसलिए झ 0 है। साथ ही, शून्यकों का गुणनपफलंब त्र झ 0 है।ंप्रश्नावली 2ण्2 1ण् निम्नलिख्िात प्रश्नों के उत्तर दीजिए और उनका औचित्य दीजिए: ;पद्ध क्या ग6 ़ 2ग3 ़ ग दृ 1 को ग में घात 5 के एक बहुपद से भाग देने पर भागपफल ग2 दृ 1 हो सकता हैघ् ;पपद्ध ंग2 ़ इग ़ ब कोचग3 ़ ुग2 ़ तग ़ ेए च ≠ 0 से भाग देने पर भागपफल और शेषपफल क्या होंगेघ् ;पपपद्ध यदि बहुपद च ;गद्ध को बहुपद ह ;गद्ध से भाग देने पर भागपफल शून्य हो, तो च ;गद्ध और ह ;गद्ध की घातों में क्या संबंध् हैघ् ;पअद्ध यदि एक शून्येतर बहुपद च ;गद्ध को एक बहुपद ह ;गद्ध से भाग देने पर शेषपफल 0 हो, तो च ;गद्ध और ह ;गद्ध की घातों में क्या संबंध् हैघ् ;अद्ध क्या किसी विषम पूणा±क ा झ 1 के लिए, द्विघात बहुपद ग2 ़ ाग ़ ा के बराबर शून्यक हो सकते हैंघ् 2ण् क्या निम्नलिख्िात कथन सत्य हैं या असत्य? अपने उत्तरों के लिए औचित्य दीजिए। ;पद्ध यदि एक द्विघात बहुपद ंग2 ़ इग ़ ब के दोनों शून्यक ध्नात्मक हैं, तो ंए इ और ब में से सभी का समान चिन्ह होता है। ;पपद्ध यदि एक बहुपद का आलेख ग.अक्ष को केवल एक ही बिंदु पर प्रतिच्छेद करे, तो यह एक द्विघात बहुपद नहीं हो सकता। ;पपपद्ध यदि एक बहुपद का आलेख ग.अक्ष को ठीक दो बिंदुओं पर प्रतिच्छेद करता है, तो यह आवश्यक नहीं है कि वह एक द्विघात बहुपद हो। ;पअद्ध यदि एक त्रिाघात बहुपद के दो शून्यकों में से प्रत्येक शून्य है, तो इसके रैख्िाक और अचर पद नहीं हो सकते। ;अद्ध यदि एक त्रिाघात बहुपद के सभी शून्यक )णात्मक हैं, तो इस बहुपद के सभी गुणांक औरअचर पद एक ही चिÉ के होते हैं। ;अपद्ध यदि एक त्रिाघात बहुपद ग3 ़ ंग2 दृ इग ़ ब के तीनों शून्यक ध्नात्मक हैं, तो ंए इ और ब में से कम से कम एक अवश्य ही )णेतर होगा। ;अपपद्ध ा का केवल वह मान जिसके लिए द्विघात बहुपद ाग2 ़ ग ़ ा के शून्यक बराबर हैं 1शून्यक 2 है। ;क्द्ध संक्ष्िाप्त उत्तरीय प्रश्न 1 प्रतिदशर् प्रश्न 1रूबहुपद ग2 ़ ग दृ 2 के शून्यक ज्ञात कीजिए तथा इस बहुपद के गुणांकों और6 शून्यकों के बीच के संबंधें का सत्यापन कीजिए। 11 1 हल रू ग2 ़ ग दृ 2 त्र ;6ग2 ़ ग दृ 12द्ध त्र ख्6ग2 ़ 9ग दृ 8ग दृ 12,66 61 1 त्र ख्3ग ;2ग ़ 3द्ध दृ 4 ;2ग ़ 3द्ध, त्र ;3ग दृ 4द्ध ;2ग ़ 3द्ध6 643अतः, दिए हुए बहुपद के शून्यक और दृ हैं।32 1दिया हुआ बहुपद ग2 ़ ग दृ 2 है।6 4 3दृ1 ग का गण्ुाांकशून्यकों का योग त्र ़ दृ त्र दृ2 तथा3 26 ग का गण्ुााकं 4 दृ3 अचर पद शून्यकों का गुणनपफल त्र दृ2 त्र 232ग का गण्ु ााकं प्रश्नावली 2ण्3 गुणनखंडन द्वारा निम्नलिख्िात बहुपदों के शून्यक ज्ञात कीजिए तथा इन बहुपदों के गुणांकों और शून्यकों के बीच के संबंधें को सत्यापित कीजिएः 1ण् 4ग2 दृ 3ग दृ 1 2ण् 3ग2 ़ 4ग दृ 4 3ण् 5ज2 ़ 12ज ़ 7 4ण् ज3 दृ 2ज2 दृ 15ज 73 5ण् 2ग2 ़ ग ़ 6ण् 4ग2 ़ 52 ग दृ 324 7ण् 2े2 दृ ;1 ़ 22द्धे ़ 2 8ण् अ2 ़ 43 अ दृ 15 3 11 2 9ण् ल2 ़ 5 ल दृ 5 10ण् 7ल2 दृ ल दृ 2 33 ;म्द्ध दीघर् उत्तरीय प्रश्न प्रतिदशर् प्रश्न 1रू वह द्विघात बहुपद ज्ञात कीजिए जिसके शून्यकों के योग और गुणनपफल 3 क्रमशः दृ हैं। इसके शून्यक भी ज्ञात कीजिए।23 हल रू वह द्विघात बहुपद जिसके शून्यकों के योग और गुणनपफल क्रमशः 2 और दृ2 हैं, 3 ग2 दृ 2 ग दृ है।2 31 ग2 दृ 2 ग दृ त्र 2 ख्2ग2 दृ 22 ग दृ 3,21 त्र 2 ख्2ग2 ़ 2 ग दृ 3 2 ग दृ 3, 1 त्र 2 ख् 2 ग ;2 ग ़ 1द्ध दृ 3 ; 2 ग ़ 1द्ध, 1 त्र 2 ख् 2 ग ़ 1, ख् 2 ग दृ 3, 13 अतः, वाँछित शून्यक दृ और हैं।22 प्रतिदशर् प्रश्न 2रू यदि ग3 ़ 2ग2 ़ ाग ़3 को ग दृ 3 से भाग देने पर शेषपफल 21 प्राप्त होता हैए तो ा का मान और भागपफल ज्ञात कीजिए। इसके बाद, त्रिाघात बहुपद ग3 ़ 2ग2 ़ ाग दृ 18 के शून्यक ज्ञात कीजिए। हल रू मान लीजिए कि च;गद्ध त्र ग3 ़ 2ग2 ़ ाग ़ 3 है। तबए च;3द्ध त्र 33 ़ 2 × 32 ़ 3ा ़ 3 त्र 21 अथार्त् 3ा त्र दृ27 अथार्त् ा त्र दृ9 अतः दिया हुआ बहुपद ग3 ़ 2ग2 दृ 9ग ़ 3 होगा। अबए ग दृ 3द्ध ग3 ़ 2ग2 दृ 9ग ़3;ग2 ़ 5ग ़6 ग3 दृ 3ग2 5ग2 दृ 9ग ़3 5ग2 दृ 15ग 6ग ़ 3 6ग दृ 18 21 अतः, भागपफल त्र ग2 ़ 5ग ़ 6ए अब, ग3 ़ 2ग2 दृ 9ग ़ 3 त्र ;ग2 ़ 5ग ़ 6द्ध ;ग दृ 3द्ध ़ 21 अथार्त् ग3 ़ 2ग2 दृ 9ग दृ 18 त्र ;ग दृ 3द्ध ;ग2 ़ 5ग ़ 6द्धत्र ;ग दृ 3द्ध ;ग ़ 2द्ध ;ग ़ 3द्ध अतः, ग3 ़2ग2 ़ाग दृ18 के शून्यक 3ए दृ 2 और दृ 3 हैं। प्रश्नावली 2ण्4 1ण् निम्नलिख्िात में से प्रत्येक में बहुपद ज्ञात कीजिए, जिनके शून्यकों के क्रमशः योग और गुणनपफल दिए हुए हैं। साथ ही, गुणनखंडन द्वारा, इन बहुपदों के शून्यक भी ज्ञात कीजिए: दृ84 215 ;पद्ध 3ए ;पपद्ध 8ए3 16 दृ3 1 ;पपपद्ध दृ23एदृ9 ;पअद्ध 25ए दृ 2 2ण् दिया है कि त्रिाघात बहुपद ग3 दृ 6ग2 ़ 3ग ़ 10 के शून्यक ंए ं ़ इ और ं ़ 2इ के रूप के हैं, जहाँ ं और इए कोइर् वास्तविक संख्याएँ हैं। ं और इ के मान तथा साथ ही दिए हुए बहुपद के शून्यक ज्ञात कीजिए। 3ण् त्रिाघात बहुपद 6ग3 ़ 2 ग2 दृ 10ग दृ 4 2 का एक शून्यक 2 दिया है। इसके अन्य दो शून्यक ज्ञात कीजिए। 4ण् ा का ऐसा मान ज्ञात कीजिए कि ग2 ़ 2ग ़ ा बहुपद 2ग4 ़ ग3 दृ 14 ग2 ़ 5ग ़ 6 का एक गुणनखंड हो जाए। इन दोनों बहुपदों के सभी शून्यक भी ज्ञात कीजिए। 5ण् त्रिाघात बहुपद ग3 दृ 3 5ग2 ़ 13ग दृ 3 5 का एक गुणनखंड ग दृ5 दिया है। इस बहुपद के सभी शून्यक ज्ञात कीजिए। 6ण् ं और इ के किन मानों के लिएए ु;गद्ध त्र ग3 ़ 2ग2 ़ ं के शून्यक बहुपद च;गद्ध त्र ग5 दृ ग4 दृ 4ग3 ़ 3ग2 ़ 3ग ़ इ के भी शून्यक होंगेघ् च;गद्ध के कौन से शून्यक ु;गद्ध के शून्यक नहीं हैंघ्

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